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- बारिश के मौसम में पकौड़े खाने की क्रेविंग हर किसी को होती है। उसमें भी गोभी के पकौड़े हों, तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है। वैसे तो गोभी के पकौड़े बनाना सिंपल होता है, लेकिन इनमें वो कुरकुरापन कई बार नहीं आ पाता, जो हलवाई वाले पकौड़ों में आता है। कई बार गोभी कच्ची रह जाती है या फिर पकौड़े सॉगी बनते हैं। अब सवाल है कि हलवाई पकौड़ों में ऐसा क्या डालते हैं, जिससे वो परफेक्ट कुरकुरापन आता है? तो चलिए आज जानते हैं ऐसे ही कुछ सीक्रेट। बस आपको कुछ बेसन में कुछ चीजें एड करनी हैं, साथ ही पकौड़े बनाते हुए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना है। बिल्कुल क्रिस्पी-करारे पकौड़े बनेंगे और ज्यादा तेल भी नहीं पीएंगे।सबसे पहले गोभी को बॉयल जरूर करेंगोभी के पकौड़े बनाने से पहले आपको एक बार गोभी को हल्का सा बॉयल जरूर कर लेना चाहिए। इससे गोभी का कच्चा टेस्ट निकल जाता है। खासकर बरसात के मौसम में तो गोभी में छिपे कीड़ों का भी डर रहता है। ऐसे में ये स्टेप जरूर करें। सबसे पहले गोभी को छोटे टुकड़ों में काट लें, फिर पानी में थोड़ा सा नमक और हल्दी डालकर गोभी को बॉयल होने के लिए रख दें। बहुत ज्यादा नहीं, बस दो से तीन मिनट के लिए आपको गोभी को पानी में उबाल लेना है।बेसन में थोड़ा सा चावल का आटा जरूर मिलाएंहलवाइयों के पकौड़े काफी कुरकुरे बनते हैं, कभी सोचा है क्यों? दरअसल वो बेसन में थोड़ा सा चावल का आटा भी जरूर मिक्स करते हैं। चावल का आटा मिलाने से पकौड़े क्रिस्पी तो होते ही हैं, साथ ही तेल भी ज्यादा नहीं पीते। ये पकौड़े एक बार ठंडे भी हो जाएं तो इनका कुरकुरापन बना रहता है। सही रेशियो की बात करें तो अगर एक कप बेसन है, तो उसमें आधा कप के करीब चावल का आटा एड कर सकते हैं। यही आधा बेसन लें और आधा चावल का आटा।ये मसाले डालकर बढ़ेगा गोभी के पकौड़ों का स्वादगोभी के पकौड़े टेस्टी बनाने के लिए एक खास मसाला कूटकर तैयार करें। इसके लिए 1 चम्मच भुना हुआ जीरा, आधा चम्मच सौंफ, 1 चम्मच धनिया के बीज, अदरक और हरी मिर्च को साथ में कूट लें। अब बेसन में अजवाइन, नमक, हल्दी और ये कुटा हुआ मसाला डालकर मिक्स कर लें।साथ में थोड़ा सा बारीक कटा हुआ धनिया भी एड कर सकते हैं।दो बार करें बेसन की कोटिंगसबसे पहले उबली हुई गोभी को एक बार बेसन में कोट कर लें। फिर इन्हें किसी दूसरे बर्तन में निकालें और थोड़ा सा पानी इनपर छिड़क दें। इसके बाद दोबारा से इन्हें बेसन में कोट कर लें। इस तरह से दो बार कोट करने से बेसन गोभी पर अच्छे से लगता है और पकौड़े काफी क्रिस्पी और टेस्टी बनते हैं।
- भरवां करेला भारतीय रसोई की उन पारंपरिक सब्जियों में से एक है, जिसे हर घर में अलग अंदाज से बनाया जाता है। कुछ लोग इसे तीखा पसंद करते हैं, तो कुछ हल्की मिठास के साथ। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दादी-नानी के हाथों बने भरवां करेले का स्वाद इतना खास क्यों होता था? इसका राज सिर्फ मसालों में नहीं, बल्कि एक छोटी-सी सामग्री में छिपा है, वो है गुड़।कई लोग करेले की कड़वाहट कम करने के लिए सिर्फ नमक लगाकर छोड़ देते हैं, लेकिन पारंपरिक रेसिपी में मसाले तैयार करते समय थोड़ा-सा गुड़ मिलाया जाता है। गुड़ न केवल करेले की कड़वाहट को संतुलित करता है, बल्कि मसाले में हल्की मिठास और गहराई भी जोड़ता है। इससे स्वाद अधिक संतुलित और पारंपरिक लगता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि करेला मीठा हो जाता है, सही मात्रा में डाला गया गुड़ केवल फ्लेवर को बेहतर बनाने का काम करता है।अगर आप भी चाहते हैं कि घर पर बने भरवां करेले का स्वाद बिल्कुल पुराने जमाने जैसा आए, तो इस आसान रेसिपी में गुड़ का छोटा-सा लेकिन खास ट्विस्ट जरूर आजमाएं।भरवां करेला बनाने के लिए सामग्री6-8 छोटे करेले2 बड़े प्याज (बारीक कटे)2-3 बड़े चम्मच सरसों का तेल1 छोटा चम्मच सौंफ (दरदरी)1 छोटा चम्मच धनिया पाउडरआधा छोटा चम्मच हल्दी1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडरआधा छोटा चम्मच अमचूर पाउडर1-2 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ गुड़नमक स्वादानुसारथोड़ा-सा बेसन (वैकल्पिक, मसाला बांधने के लिए)करेले की कड़वाहट कैसे दूर करें?---स्टेप 1- करेले को अच्छी तरह धोकर हल्का छील लें।स्टेप 2- बीच में चीरा लगाकर बीज निकाल दें।स्टेप 3- नमक लगाकर 30-40 मिनट के लिए छोड़ दें।स्टेप 4- बाद में धोकर हल्का निचोड़ लें।करेला मसाला तैयार करें---स्टेप 1 -कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें।स्टेप 2-अब इसमें प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।स्टेप 3- फिर सौंफ, धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च और अमचूर मिलाएं।स्टेप 4- जब मसाला अच्छी तरह भुन जाए, तब आखिर में कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें और 1-2 मिनट तक चलाएं।यही छोटा-सा कदम मसाले का स्वाद संतुलित करता है और भरवां करेले को पारंपरिक स्वाद देता है।भरवां करेला की रेसिपी--स्टेप 1-तैयार मसाला करेले के अंदर भर दें।स्टेप 2- जरूरत हो तो धागे से बांध लें। (वैकल्पिक है)स्टेप 3- पैन में थोड़ा तेल डालकर धीमी आंच पर ढककर 20–25 मिनट पकाएं।स्टेप 4- बीच-बीच में पलटते रहें ताकि सभी तरफ से समान रूप से पक जाए।धीमी आंच पर पकाने से मसाले का स्वाद करेले के अंदर अच्छी तरह समा जाता है।
- बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम पकौड़ियां खाने की क्रेविंग ना हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है। शाम होते ही चाय के साथ पकौड़ी खाने का मन करने लगता है। ऐसे में अगर आप आलू-प्याज से हटकर कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो पालक के पत्तों की पकौड़ी एक अच्छा ऑप्शन हो सकती हैं। हालांकि अक्सर गृहणियां शिकायत करती हैं कि पालक के पत्तों की पकौड़ी खूब सारा तेल पी लेती हैं या फिर कुरकुरी नहीं बनती। ये तेल सोखने वाली प्रॉब्लम तो काफी ज्यादा कॉमन है। यही वजह है कि कई लोग पालक की पकौड़ी अलग से बनाना पसंद नहीं करते, उसे किसी और सब्जी के साथ मिक्स कर देते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आज की ये टिप्स आपके बड़े काम आने वाली हैं। ये छोटी छोटी बातें नोट कर लेंगे तो पालक की पकौड़ी एकदम क्रिस्पी बनेंगी, बिना ऑयल सोक किए।कम तेल वाले पालक के पत्तों के पकौड़े कैसे बनाएं?टिप 1: ड्राई होने चाहिए पालक के पत्तेजब भी पालक के पत्तों के पकौड़े बनाने हों, तो सबसे पहले उन्हें अच्छी तरह वॉश कर लें। फिर किसी कपड़े पर फैलाकर पंखे के नीचे सूखने के लिए रख दें। अगर पत्तों में नमी रहेगी तो ये ज्यादा ऑयल एब्जॉर्ब करेंगे और क्रिस्पी भी नहीं बनेंगे।टिप 2: बेसन में ये 1 चीज मिलाने से क्रिस्पी बनेंगे पकौड़ेपकौड़ों में कुरकुरापन चाहिए तो बेसन में थोड़ा सा चावल का आटा जरूर एड करें। अगर एक कप के करीब बेसन लिया है, तो उसमें 3-4 चम्मच चावल का आटा मिलाना चाहिए। चावल के आटे से पकौड़े क्रिस्पी भी बनते हैं और ज्यादा तेल भी नहीं सोखते।टिप 3: बेसन के बैटर में मिलाएं ये मसालेपकौड़े टेस्टी बनाने का सीक्रेट छिपा है बेसन के बैटर में। इसलिए इसमें कुछ मसाले एड किए जाते हैं। जैसे- लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, स्वादानुसार नमक, थोड़ा सा जीरा और हाथों से मसलकर अजवाइन। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक घोल तैयार कर लें। आप चाहें तो हरी मिर्च, लहसुन और अदरक का पेस्ट भी एड कर सकते हैं। इससे काफी अच्छी खुशबू और फ्लेवर आता है।टिप 4: लास्ट में ये बेकिंग सोडा और गर्म तेल एड करेंबेसन का बैटर तैयार होने के बाद, उसमें थोड़ा सा बेकिंग सोडा और एक चम्मच गर्म तेल मिलाकर अच्छे से मिक्स करें। इससे बैटर हल्का और फूला हुआ बनता है, जिस वजह से पकौड़े बाहर से खूब क्रिस्पी बनते हैं और तलने के बाद ज्यादा तेल भी नहीं सोखते।टिप 5: गर्म तेल में फ्राई करें पालक के पकौड़ेबैटर तैयार होने के बाद पालक के पत्तों को इसमें अच्छी तरह कोट कर लें। अब कड़ाही में तेल गर्म होने दें, फिर पकौड़ों को फ्राई करने के लिए डालें। तेल ठंडा होगा तो पकौड़े तेल सोख लेंगे, वहीं ज्यादा गर्म होने पर जलने का डर रहता है। इसलिए मीडियम गर्म तेल में इन्हें गोल्डन होने तक फ्राई कर लें। पालक के पत्तों के क्रिस्पी पकौड़े बनकर तैयार हैं।
- ग्लोइंग स्किन के लिए हमेशा महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। कुछ सिंपल होम रेमेडीज ऐसी भी हैं, जो काफी इफेक्टिव होती हैं। ऐसा ही एक इंग्रेडिएंट है गुड़, जिसे ज्यादातर लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इसे आप अपने स्किन केयर में भी शामिल कर सकते हैं? टैनिंग से स्किन का रंग डल पड़ गया हो तो गुड़ स्किन ब्राइटनिंग में काफी मदद कर सकता है। आयुर्वेदिक कंसल्टेंट इनाया गंभीर ने एक गुड़ वाली फेसपैक शेयर की है, जो आपकी स्किन को ब्राइटन करने में मदद करती है। चेहरे का निखार चला गया हो तो एक बार घर पर बनी ये पैक जरूर ट्राई करें, एक हफ्ते में ही काफी अच्छा रिजल्ट देखने को मिलेगा।स्किन को ब्राइट बनाने में मदद करेगा गुड़अगर आपके फेस की चमक गायब हो गई है या धूप की वजह से रंग डल हो गया है, तो ये सिंपल सा गुड़ वाला नुस्खा आपको जरूर ट्राई करना चाहिए। इसके लिए गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, फिर एक नींबू के रस में इसे मिक्स कर के एक पेस्ट बना लें। आप गुड़ का पाउडर भी ले सकते हैं, इससे पेस्ट स्मूदली बन जाएगा। बस आपकी गुड़ वाली फेसपैक रेडी है।कैसे इस्तेमाल करनी है ये फेसपैकइस फेसपैक को इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने चेहरे को अच्छी तरह क्लीन करें। अब एक कॉटन पैड को कच्चे दूध में डिप करें और अपने चेहरे को साफ करें। इससे फेस की डीप क्लीनिंग हो जाएगी और जितनी भी गंदगी है वो रिमूव हो जाएगी। इसके बाद इस गुड़ वाली फेसपैक चेहरे पर अप्लाई करें, इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें फिर साफ पानी से वॉश कर लें। इसके बाद एक अच्छा मॉइश्चराइजर लगाना बिल्कुल ना भूलें और धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन भी जरूर अप्लाई करें।कितने दिन इस्तेमाल करनी है पैक?ये स्किन ब्राइटनिंग फेस पैक आपको लगातार एक हफ्ते तक लगानी है। इन सात दिनों में ही आपका फेस काफी साफ दिखने लगेगा। टैनिंग की वजह से या पिगमेंटेशन से जो कालापन चेहरे पर आ गया है, वो काफी हद तक कम हो जाएगा। चेहरे की चमक गायब हो गई है, तो वो भी वापस आना शुरू हो जाएगी। फेस पर दाग-धब्बों के जो निशान हैं, वो भी धीरे-धीरे कम होना शुरू हो जाएंगे।ध्यान रखने वाली जरूरी बातेंये फेसपैक नेचुरल है, लेकिन जरूरी नहीं कि हर स्किन को सूट करे। खासकर अगर आपकी स्किन ज्यादा सेंसेटिव है तो नींबू की वजह से इरीटेशन हो सकती है। इसलिए नींबू की मात्रा हमेशा कम रखें और इस्तेमाल से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर करें। अगर किसी तरह की खुजली, जलन, रेडनेस या एलर्जी दिख रही है तो इस्तेमाल तुरंत बंद दें।--
- गेंदे का फूल सिर्फ पूजा और सजावट के लिए ही नहीं बल्कि स्किन केयर में भी काफी इस्तेमाल किया जाता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और स्किन-फ्रेंडली गुण त्वचा को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं। गर्मियों में धूल, पसीना और धूप की वजह से स्किन डल और ऑयली दिखने लगती है। ऐसे में गेंदे के फूल से बना फेस पैक त्वचा को फ्रेश और साफ महसूस कराने में मदद करता है। इसे दही, शहद और गुलाब जल जैसी चीजों के साथ मिलाकर आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है।फेस पैक बनाने के लिए जरूरी चीजें2–3 ताजे गेंदे के फूल1 चम्मच दही1 चम्मच शहदथोड़ा गुलाब जलफेस पैक बनाने की विधिफूलों को साफ करें: सबसे पहले 2–3 ताजे गेंदे के फूल लें और उन्हें अच्छी तरह धो लें। अब सिर्फ उनकी पंखुड़ियां अलग कर लें।पेस्ट तैयार करें: पंखुड़ियों को मिक्सी में डालें। इसमें 1 चम्मच दही, 1 चम्मच शहद और थोड़ा गुलाब जल मिलाकर स्मूद पेस्ट बना लें।चेहरे पर लगाएं: चेहरे को साफ पानी से धोने के बाद यह फेस पैक पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। आंखों के आसपास लगाने से बचें।कुछ देर सूखने दें: फेस पैक को 15–20 मिनट तक लगा रहने दें ताकि स्किन इसे अच्छे से एब्जॉर्ब कर सके।चेहरा धो लें: अब चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धो लें और साफ तौलिए से पोंछ लें। इसके बाद स्किन ज्यादा फ्रेश और सॉफ्ट महसूस होगी।गेंदे के फूल के फेस पैक के फायदेस्किन को फ्रेश फील करवाए: गेंदे का फेस पैक त्वचा को साफ और फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकता है।ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद: यह स्किन पर जमा एक्सट्रा कम करने में मदद करता है जिससे चेहरा कम ग्रीसी लगता है।स्किन ग्लो: नियमित इस्तेमाल से त्वचा ज्यादा हेल्दी और ग्लोइंग बनती है।गर्मियों में स्किन को आराम: धूप और गर्मी से थकी हुई स्किन को सूदिंग इफेक्ट मिल सकता है।स्किन को सॉफ्ट बनाने में मदद: दही और शहद के साथ मिलाकर लगाने से त्वचा ज्यादा मुलायम होती है।फेस पैक इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?हमेशा ताजे फूल का इस्तेमाल करें।केमिकल वाले फूल चेहरे पर ना लगाएं।फेस पैक लगाने से पहले चेहरा साफ रखें।हफ्ते में 1–2 बार से ज्यादा इस्तेमाल ना करें।जलन या खुजली महसूस हो तो तुरंत धो लें।क्या सिर्फ फेस पैक से स्किन ग्लो करने लगेगी?सिर्फ फेस पैक लगाने से स्किन रातों-रात ग्लोइंग नहीं बनती। हेल्दी डाइट, अच्छी नींद, पानी पीना और सही स्किन केयर रूटीन भी जरूरी है। इसके अलावा लगाने से पहले पैच टेस्ट करें और इनमें से किसी भी चीज से एलर्जिक हों, तो एक्सपर्ट से सलाह लेहना बेहतर है।
- बच्चों से ले कर बड़ों को चिली पोटैटो का तीखा, चटपटा और हल्का मीठा स्वाद खूब पसंद आता है। फूड स्टॉल्स या शादी-पार्टी में सबसे ज्यादा लोग चिली पोटैटो खाते ही नजर आते हैं। अगर आपको भी चिली पोटैटो पसंद हैं, तो इन्हें घर पर भी बड़ी आसानी से बनाया जा सकता है। हालांकि कई लोग घर पर इन्हें ट्राई तो करते हैं, लेकिन कई बार आलू नर्म पड़ जाते हैं या सॉस में ठीक फ्लेवर नहीं आ पाता। दरअसल चिली पोटैटो बनाना तो आसान है, लेकिन कुछ छोटी-छोटी बातें ध्यान में रखनी पड़ती हैं, तभी वो मार्केट वाला स्वाद आता है। इन्हें बनाने में बहुत ज्यादा टाइम भी नहीं लगता और एकदम क्रिस्पी बनकर तैयार होते हैं। तो चलिए आज चिली पोटैटो की परफेक्ट रेसिपी जान लेते हैं, साथ में कुछ जरूरी टिप्स एंड ट्रिक्स भी।चिली पोटैटो बनाने के लिए सामग्रीमार्केट जैसे चिली पोटैटो घर पर बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं- दो बड़े साइज के आलू, 1 शिमला मिर्च, 1 प्याज, लहसुन की कलियां (6-7), कॉर्न फ्लोर (4 चम्मच), स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, सफेद सिरका, 1 सूखी लाल मिर्च, ग्रीन चिली सॉस, डार्क सोया सॉस, रेड चिली सॉस और टोमैटो केचअप।मार्केट जैसे चिली पोटैटो घर पर बनाएं, रेसिपीमार्केट या शादी-पार्टी में मिलने वाले क्रिस्पी, तीखे-चटपटे और हल्की सी मिठास वाले चिली पोटैटो आप घर पर आराम से बना सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आलू को धो कर छील लें और लंबा-लंबा काट लें, जैसे फ्रेंच फ्राइज के लिए काटे जाते हैं। इन्हें लगभग 5 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें, इससे आलू का एक्स्ट्रा स्टार्च निकल जाएगा और ये एकदम क्रिस्पी बनेंगे।इसके बाद खौलते हुए पानी में आलू को सिर्फ 5 मिनट के लिए बॉयल होने दें। इन्हें ज्यादा नहीं पकाना है, बस हल्का सा कच्चापन निकालना है।अब एक छलनी की मदद से इनका सारा पानी निकाल दें। फिर आलू में दो चम्मच कॉर्न फ्लोर, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा सफेद सिरका यानी विनेगर मिलाएं। इन्हें अच्छे से मिक्स करें, फिर गरमा-गरम तेल में गोल्डन और क्रिस्पी होने तक आलू को फ्राई कर लें।ऐसे तैयार करें सॉससबसे पहले शिमला मिर्च, प्याज और लहसुन की कलियां काटकर रख लें। एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें, इसमें साबुत लाल मिर्च और बारीक कटे हुए लहसुन, प्याज और शिमला मिर्च डालें। 1-2 मिनट फ्राई करें, फिर नमक और लाल मिर्च पाउडर एड करें। एक कटोरी में 1 चम्मच कॉर्न फ्लोर और 4 चम्मच पानी मिलाकर एक घोल तैयार करें। इस घोल को सब्जियों में एड करें। अब इसमें ग्रीन चिली सॉस, डार्क सोया सॉस, रेड चिली सॉस और टोमैटो केचअप डालें और सभी को अच्छे से मिक्स करें। सॉस तैयार है। इसमें फ्राई करे हुए आलू डालकर मिक्स करें और क्रिस्पी, चटपटे चिली पोटैटो का मजा लें।
- ऑफिस जाने की जल्दी में अक्सर लोगों का नाश्ता छूट जाता है। कभी लेट सोकर उठे या कभी जल्दी ऑफिस जाना है, ऐसे में बिना कुछ खाए घर से निकलना सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है। अगर आप भी अक्सर ऑफिस टाइम पर पहुंचने के लिए अपना नाश्ता स्किप कर देते हैं, तो हम आपको 10 क्विक ब्रेकफास्ट ऑप्शन बताने जा रहे हैं। ये नाश्ते जल्दी बनकर तैयार हो जाएंगे और टाइम के साथ सेहत के लिए भी परफेक्ट रहेंगे। तो चलिए आपको बताते हैं इन झटपट ऑप्शन के बारे में-1- रवा का चीलारवा का चीला आप 10 मिनट में बना सकते हैं। रवा-दही को मिक्स करके रात में फ्रिज में रखें। सुबह इसमें टमाटर-धनिया-प्याज बारीक काटकर डालें और नमक के साथ घोल मिक्स करें। बस नॉन-स्टिक पैन पर घी के साथ चीला बना लें। रवा से पेट भरेगा और हेल्दी भी रहेगा।2- पीनट बटर-ब्रेडब्रेड लेनी है, इसमें पीनट बटर लगाना है और इसे एक फोल्ड करते हुए फॉइल पेपर में लपेटकर रख लें। रास्ते में खाते हुए जाएं, ये ऑप्शन प्रोटीन युक्त और क्विक रहेगा।3- एग फ्राई2 अंडे लें और उन्हें फटाफट नॉन-स्टिक तवे पर हल्का सा घी डालकर फोड़ें। काला नमक-चाट मसाला डालकर हाफ फ्राई खाएं। हेल्दी के साथ ये टेस्टी होगा और पेट भी भरेगा।4- पोहा मूंगफली वालापोहा पानी में 1 मिनट के लिए भिगो दें और कढ़ाही में घी डालकर तड़का लगाएं। राई, जीरा, करी पत्ता, हरी मिर्च, प्याज, हल्दी, नमक, मैजिक मसाला, भूनी मूंगफली और फिर पोहा डालकर चलाएं। बस पोहा तैयार है।5- बेसन का चीलाकुछ समझ न आए तो बेसन का चीला बनाएं। बेसन का चीला बनाने के लिए आपको बेसन घोलना है, उसमें हल्दी, नमक, अजवायन डालना है और बस पैन पर घी डालकर चीला बना लेना है। अगर थोड़ा समय हो तो बैटर में प्याज भी काटकर डाल सकते हैं।6- वेज सैंडविचखीरा, टमाटर आप रात में काटकर रख दें फ्रिज में। सुबह बस प्याज को गोल काट लें और ब्रेड में मक्खन लगाएं। इस पर खीरा, टमाटर, प्याज सजाएं, काला नमक, चाट मसाला डालकर चीज लगाते हुए दूसरी स्लाइस ब्रेड से सैंडविच को बंद करें। फिर मक्खन में ही तवे पर दोनों साइड से सेंक लें। 1 सैंडविच की पेट भर देगी।7- ब्रेड पोहाब्रेड को टुकड़ों में तोड़ लें और आलू को रात में ही उबालकर रखें। सुबह घी में जीरा, प्याज का तड़का लगाएं। प्याज लाल होने पर आलू डालें और फिर ब्रेड, नमक-मिर्च-खटाई डालकर चलाएं। आपका ब्रेड पोहा बनकर तैयार हो जाएगा।8- ऑमलेटकुछ समझ नहीं आ रहा है, तो सिंपल सा ऑमलेट बनाकर खाएं। 2 अंडे कटोरी में फोड़कर फेंट लें और इसमें नमक-मिर्च मिक्स करें। समय हो तो प्याज-धनिया भी मिलाएं। बस फिर घी डालकर पैन में ऑमलेट बना लें।9- मूंग दाल चीलामूंग की दाल को 1 दिन पहले भिगोएं और फिर पीसकर फ्रिज में स्टोर करें। सुबह इसमें नमक-मिर्च मिलाकर पैन में चीला फटाफट बना लें। मूंग दाल का चीला प्रोटीन युक्त होगा और क्विक बनेगा भी।10- चना-मूंग चाटचना-मूंग को एक साथ रात में भिगोकर रख दें। सुबह कढ़ाही में तेल डालें, प्याज-टमाटर डालकर भूनें। नमक स्वादानुसार डालते हुए इसमें चना-मूंग डाल दें। अब ऊपर से मैजिक मसाला डालें और 2 मिनट भाप से पकाएं। बस ये नाश्ता चपपटा, हेल्दी और टेस्टी होगा।
- 2 की भूख में 4 रोटियां खा लेंगे घरवाले!गर्मियों में कुछ ऐसा खाने का मन करता है, जो हल्का-फुल्का हो और शरीर को भी ठंडक दे। ऐसे में रायता एक परफेक्ट ऑप्शन रहता है। खास कुछ बनाने का मन ना हो तो फटाफट से रायता बना लो, इसके साथ ही आराम से रोटी या पराठे खा सकते हैं। खैर, गर्मियों में लौकी का रायता सबसे बेस्ट रहता है। ये आसानी से पचता भी है और सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। अब एक तरीका तो ये है कि आप सिंपल सा लौकी का रायता बना लें, लेकिन अगर थोड़ा चटपटा पसंद करती हैं तो आज वाली रेसिपी आपको जरूर ट्राई करनी चाहिए। स्पेशल तड़का और कुछ मसाले मिलाकर इतना टेस्टी लौकी का रायता बनता है कि दो की भूख में चार रोटी खाई जा सकती हैं। बच्चे जो अक्सर लौकी देखते ही मुंह बनाते हैं, उन्हें भी ये चटपटा रायता खूब पसंद आने वाला है। तो चलिए फटाफट से ये गर्मियों की स्पेशल रेसिपी देख लेते हैं।लौकी का चटपटा सा रायता कैसे बनाएं?लौकी का रायता बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं - लौकी (1 मीडियम साइज), साबुत लाल मिर्च (3-4), लहसुन की कलियां (2-3), हरा धनिया पत्ता, गाढ़ी दही (1 कप), नमक (स्वादानुसार), भुना जीरा पाउडर, काली मिर्च पाउडर, जीरा और सरसों का तेल।लौकी का रायता बनाने की रेसिपीगर्मियों में कुछ हल्का-फुल्का और चटपटा सा खाने का मन है तो लौकी का रायता बना सकती हैं। इसे बनाना भी आसान है और ये कुछ ही मिनटों में बन भी जाता है। इसके लिए सबसे पहले लौकी को छीलकर मोटे-मोटे टुकड़ों में काट लें। अब लौकी को प्रेशर कुकर में डालें और साथ ही पानी भी मिलाएं। आपको लौकी को अच्छी तरह उबालने के लिए रख देना है, ताकि ये बिल्कुल सॉफ्ट हो जाए।तब तक मुट्ठीभर ताजा हरा धनिया, साबुत लाल मिर्च और लहसुन की कलियां लें और थोड़ा सा पानी मिलाकर किसी खलबट्टे में अच्छी तरह कूटकर दरदरा सा पेस्ट बना लें। अगर आप लहसुन नहीं खाते हैं तो स्किप कर सकते हैं। अब उबली हुई लौकी को भी खलबट्टे में दरदरा सा पीस लें। एक पतला सा पेस्ट बन जाएगा।अब एक बाउल में फ्रेश दही लें और उसे अच्छी तरह फेंट लें। इसमें लौकी का पेस्ट मिलाएं और साथ ही धनिया, लाल मिर्च और लहसुन का जो पेस्ट आपने बनाया था, उसे भी एड कर दें। स्वादानुसार नमक, भुना जीरा पाउडर और काली मिर्च का पाउडर एड करें। सभी चीजों को आपस में अच्छी तरह मिक्स कर लें। तड़के के लिए थोड़ा सा सरसों का तेल गर्म करें, उसमें जीरा और चुटकी भर हींग डालें। रायते में इसका तड़का लगा लें, बहुत ही चटपटा और टेस्टी सा लौकी का रायता बनकर रेडी हो जाएगा।
- हम अक्सर किचन में फल और सब्जियों को एक साथ रख देते हैं, लेकिन यह आदत आपके खाने को जल्दी खराब कर सकती है। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जिससे आसपास रखी चीजें जल्दी सड़ने लगती हैं।छोटी-सी स्टोरेज गलती आपके खाने को खराब कर सकती है और सेहत पर असर डाल सकती है। सही तरीके से फल और सब्जियों को स्टोर करके आप न केवल पैसे बचा सकते हैं, बल्कि स्वस्थ भी रह सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका खाना ज्यादा समय तक ताजा रहे, तो इन कॉम्बिनेशन से बचना बेहद जरूरी है।आइए जानते हैं कि चीजों को साथ रखें और किन चीजों को अलग रखें ताकि सामान खराब न हो।टमाटर और गाजरटमाटर और गाजर को कभी साथ न रखें। टमाटर एथिलीन गैस छोड़ता है, जिससे गाजर जल्दी नरम और खराब हो जाती है।आलू और प्याजये सबसे आम गलती है। प्याज की नमी और गैस आलू को जल्दी सड़ा देती है और अंकुरण शुरू हो जाता है।सेब और केलादोनों ही एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जिससे ये एक-दूसरे को तेजी से खराब करते हैं।ब्रोकली और टमाटरटमाटर को ब्रोकली के साथ भी कभी नहीं रखना चाहिए। टमाटर की गैस ब्रोकली को जल्दी पीला और खराब बना देती है।एवोकाडो और केलाएवोकाडो और केले दोनों के पकने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और दोनों जल्दी खराब हो जाते हैं।टमाटर और खीराखीरा जल्दी खराब हो जाता है क्योंकि टमाटर से निकलने वाली गैस उसे प्रभावित करती है।क्यों होता है ऐसा?कुछ फल और सब्जियां एथिलीन गैस छोड़ती हैं, जो एक प्राकृतिक हार्मोन है। यह गैस पकने की प्रक्रिया को तेज करती है। लेकिन जब यह गैस अन्य सब्जियों के संपर्क में आती है, तो वे जल्दी खराब होने लगती हैं।सही स्टोरेज टिप्सकेले, सेब, टमाटर को अलग रखें।आलू और प्याज को कभी साथ न रखें।फ्रिज में रखने से पहले खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखें।सूखी और ठंडी जगह का उपयोग करें।
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0 अपनाएं ये 2 तरीके और लंबे समय तक करें इस्तेमाल
आम का अचार गर्मियों में घर-घर में हर साल बनता है और खूब मजे से खाया भी जाता है। वैसे तो आम का अचार लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है लेकिन कई बार इसमें सफेद रंग की फंगस लग जाती है, जिसे आम भाषा में फफूंदी भी कहा जाता है। ज्यादा गर्मी या फिर अचार में नमी पहुंचने पर अक्सर फंगस लग जाती है। फफूंदी लगने पर अक्सर लोग अचार को खराब समझकर फेंक देते हैं। अगर आप भी ऐसा ही करते हैं, तो थोड़ा रुक जाइये। फफूंदी वाला अचार फेंकने के बजाय उसे सही करने की कोशिश कर लीजिए। आज हम आपको 2 ऐसे तरीके बताएंगे, जिससे आपका फफूंदी लगा आम का अचार फिर से खाने लायक हो जाएगा और सालों तक सुरक्षित बना रहेगा। तो चलिए आपको ये आसान हैक्स बताते हैं।आम के अचार से फंगस कैसे हटाएं--सबसे पहले तो साफ और सूखा हुआ चम्मच लें, उसकी मदद से आम के अचार में जहां-जहां फंगस लगी है, उसे निकाल लें। फंगस अगर जरा सी भी दिख रही है, तो उसे भी निकाल दें। जब अचार से फंगस को पूरी तरह से निकाल लें, तब बर्नी या फिर डिब्बे को हिलाकर अचार को ऊपर-नीचे की ओर हिलाएं। हिलाने के दौरान पता चल जाएगा कि फंगस और कही तो नहीं लगा और बाकि अचार सही है या नहीं।फफूंदी से बचाने के 2 आसान तरीके--धूप में रख दें डिब्बाआपने बर्नी या डिब्बे, जिसमें भी अचार रखा हो, उसे करीब 5-6 घंटे के लिए धूप दिखाएं। धूप दिखाने से अचार के अंदर मौजूद नमी खत्म हो जाएगी और दोबारा फंगस लगने का खतरा नहीं रहेगा। आपको करीब 4-5 दिन लगातार धूप में डिब्बे को रखना पड़ेगा।सरसों का तेल डालें--सरसों का तेल कढ़ाही में गरम करें और फिर हल्का ठंडा होने दें। फिर इस तेल को अचार वाले डिब्बे में डालकर हिला दें। ऐसा करने से अचार में तेल अच्छे से मिल जाएगा। साथ ही 2 चम्मच सफेद सिरका भी डालें। इससे अचार खट्टा भी बना रहेगा और दोबारा फफूंदी नहीं लगेगी।खास टिप्स- अगर आपका अचार 2-3 साल पुराना है और उसमें फफूंदी लगी है, तो उसे आप सूंघकर महक चेक करें। अगर अजीब सी दुर्गंध आ रही है, तो अचार खाने लायक नहीं बचा है। तब ये तरीके न अपनाएं और अचार को फेंक सकते हैं। कुछ महीनों पहले बने अचार में ऐसा हुआ है, तब आप ये ट्रिक्स ट्राई करें। इन तरीकों के अलावा अचार को फंगस से बचाने के लिए प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। करीब 1-2 किलो अचार में 1-2 ग्राम प्रिजर्वेटिव मिला दें। इससे भी अचार खराब नहीं होगा और लंबे समय तक खा सकेंगे। - बाजार में लीची का मौसम कुछ ही हफ्तों के लिए आता है, इसलिए इसका मजा भी भरपूर लेना चाहिए। इस बार सिर्फ लीची खाने की बजाय उससे एक ऐसी ड्रिंक बनाकर देखें जिससे ताजगी और ठंडक दोनों मिलें। यह ड्रिंक उन दिनों के लिए बिल्कुल परफेक्ट है जब गर्मी सिर चढ़कर बोल रही हो और मन कुछ ठंडा, मीठा और अलग पीने का कर रहा हो।खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी अलग सामग्री या ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ लीची, थोड़ा पुदीना, नींबू और कुछ मिनट का समय... बस इतना ही। तैयार होने के बाद इसका स्वाद किसी महंगे कैफे में मिलने वाली ड्रिंक जैसा लगता है। गर्मियों में यह ना सिर्फ ताजगी देती है, बल्कि मौसम के सबसे पसंदीदा फल का मजा भी नए अंदाज में दिलाती है।लीची की ठंडी ड्रिंक बनाने के लिए सामग्रीपांच से छह लीचीचार से पांच पुदीने की पत्तियांआधा नींबूएक चौथाई छोटा चम्मच नमकआधा छोटा चम्मच चीनीजरूरत अनुसार सोडा वाला पानीजरूरत अनुसार बर्फसजावट के लिए नींबू के टुकड़े और पुदीने की पत्तियांस्टेप-बाय-स्टेप रेसिपीसबसे पहले लीची तैयार करें: लीची का छिलका हटाकर उसके बीज निकाल लें। अब गूदे को एक बर्तन में रख लें ताकि आगे की प्रक्रिया आसान हो जाए।स्वाद का आधार तैयार करें: मिक्सर में लीची का गूदा, पुदीने की पत्तियां, नमक, चीनी और नींबू का रस डालें। इसे अच्छी तरह पीस लें ताकि एक मुलायम मिश्रण तैयार हो जाए।गिलास में बर्फ डालें: अब एक बड़ा गिलास लें और उसमें बर्फ के टुकड़े डाल दें। ठंडी ड्रिंक का असली मजा तभी आता है जब वह अच्छी तरह ठंडी हो।तैयार मिश्रण डालें: पीसा हुआ लीची वाला मिश्रण गिलास में डालें। अगर आपको ड्रिंक ज्यादा मुलायम पसंद है, तो मिश्रण को छान भी सकते हैं।ऊपर से सोडा वाला पानी मिलाएं: अब गिलास में धीरे-धीरे सोडा वाला पानी डालें। इससे ड्रिंक में हल्का झाग और ताजगी भरा स्वाद आएगा।सजाकर करें परोसें: ऊपर से नींबू का एक टुकड़ा और कुछ पुदीने की पत्तियां डालकर सजाएं। इससे ड्रिंक देखने में भी आकर्षक लगेगी और स्वाद भी बढ़ जाएगा।स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये सिंपल टिप्सज्यादा ठंडक के लिए बर्फ थोड़ी अधिक डाल सकते हैं।हल्का मीठा पसंद हो तो चीनी की मात्रा बढ़ा सकते हैं।पुदीने की पत्तियां ताजी हों तो स्वाद और बेहतर आता है।-ड्रिंक बनाने के तुरंत बाद परोसें ताकि झाग और ताजगी बनी रहे।
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लौकी की सब्जी या फिर कोफ्ता कई लोगों को खाना पसंद होता है लेकिन क्या आपने इसकी मिठाई खाई है। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मियों मे लौकी की मिठाई जरूर बनाई जाती है और मेहमानों को पानी के साथ ये दी जाती है। वैसे तो लौकी कई लोगों को पसंद भी नहीं होती लेकिन इससे बनी मिठाई जरूर पसंद आएगी। लौकी की मिठाई बनाना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है और इसे आप प्रेशर कुकर में फटाफट बना सकती हैं। अगर डायबिटीज के मरीज घर पर हैं, तो बिना चीनी और गुड़ के इसे तैयार कर सकते हैं। आपकी मिठाई ऐसे बनकर तैयार हो जाएगी कि मुंह में जाते ही इसकी मिठास घुल जाएगी। तो चलिए आपको लौकी की मिठाई की स्पेशल रेसिपी बताते हैं।लौकी की मिठाई बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए-लौकी- 1 किलो (छिली और कद्दूकस की हुई)दूध- 500 मिलीलीटरखजूर- 100 ग्रामदेसी घी- 2 बड़े चम्मचइलायची पाउडर- 1 छोटा चम्मचकाजू- 10 से 12 (कटे हुए)बादाम- 10 से 12 (कटे हुए)पिस्ता- 1 बड़ा चम्मच (बारीक कटा हुआ)किशमिश- 1 बड़ा चम्मचखोया (मावा)- 100 ग्राम (ऑप्शनल)लौकी तैयार कर लेंसबसे पहले आपको लौकी को धोकर धीलकर कद्दूकस कर लेना है। अगर लौकी में बीज ज्यादा हो, तो उन्हें बाहर निकाल दें। कद्दूकस की हुई लौकी को निचोड़कर पानी निकाल दें।कुकर में तैयार करें लौकीकुकर में कद्दूकस की हुई लौकी और दूध डालें। अगर आप मावा डाल रहे हैं, तो उसे अलग कढ़ाई में भून लें। फिर इसी में मिलाकर अच्छे से भूनना है। लौकी-मावा-दूध को तब तक भून लें, जब तक हल्का सा लाल न दिखे लगे। फिर कुकर का ढक्कन लगाकर उसमें 1 सीटी लगाएं। जब प्रेशर खत्म हो जाए, तब इसे किसी बर्तन में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें।मिठास के लिए क्या करेंआपको खजूर के बीज हटाकर दूध में डालकर मिक्सर में पीस लेना है। लौकी वाले बैटर में खजूर वाले दूध को डालकर अच्छे से मिला दें। एक पैन में सभी कटे हुए ड्राई फ्रूट्स को घी में रोस्ट करें और उसे भी तैयार लौकी में मिक्स कर लें। कुछ ड्राई फ्रूट्स को गार्निशिंग के लिए बचाकर रख लें।मिठाई कैसे बनाएंएक थाली लें और उसमें हलवे वाला बैटर फैलाकर रख दें। अब बचे हुए ड्राई फ्रूट्स से इसे गार्निश करें और सेट होने के लिए फ्रिज में करीब आधे घंटे के लिए रख दें। आधे घंटे बाद आप देखेंगे कि लौकी की मिठाई जमकर रेडी है, अब बस इसे चाकू से चौकोर शेप में काटकर किसी डिब्बे या बर्तन में रख लें। बस आपकी लौकी की मिठाई बनकर तैयार है, इसे पानी के साथ आप डेली खा सकते हैं। इसमें गुड़-चीनी नहीं है, तो ये हेल्दी भी है। लौकी वैसे ही सेहत के लिए फायदेमंद होती है। - बारिश का मौसम लोगों को गर्मी से राहत देने वाला होता है। लेकिन इस मौसम में हवा में नमी भी ज्यादा हो जाती है। गर्मी की तरह ही बारिश के मौसम में भी लोगों को कमरे में ठंडक करने के लिए एसी चलाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि AC को 18 या 20 डिग्री पर चलाने से कमरा जल्दी ठंडा हो जाएगा। रिसर्च बताती है कि बारिश के दिनों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस ही रहना चाहिए। इससे कमरे का तापमान थर्मल कम्फर्ट बनाए रखने में मददगार होता है। साथ ही, कमरे के अंदर की हवा की नमी भी बरकरार रहती है। बारिश के मौसम में जब हवा में नमी ज्यादा होती है तब कमरे को भी कम ठंडक की जरूरत होती है। इसलिए कमरे के एसी का तापमान उतना होना चाहिए, जिससे नमी और ठंडक दोनों ही बनीं रहे। इसलिए बारिश के दिनों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना चाहिए। इस तापमान पर कमरा पर्याप्त ठंडा रहता है, शरीर को तापमान का बड़ा झटका नहीं लगता और बिजली की खपत भी कम होती है। डॉक्टर यह भी बताते हैं कि बारिश के दिनों में AC को ड्राई मोड पर चलाना चाहिए। ताकि कमरे के अंदर की हवा में जो नमी है उसे कम किया जा सके।अगर AC में Dry Mode है, तो बारिश में उसका इस्तेमाल करें। हर 15 से 20 दिन में AC का फिल्टर साफ करें। ताकि हवा साफ हो सके । कमरे को पूरी तरह बंद न रखें, दिन में कुछ समय खिड़कियां खोलकर ताजी हवा आने दें।बारिश के मौसम में सिर्फ तापमान नहीं बल्कि हवा की नमी भी बड़ी वजह है जिसे एसी के जरिए कंट्रोल करना चाहिए। इन दिनों जब हवा में नमी ज्यादा होती है, तो पसीना जल्दी नहीं सूखता। इससे चिपचिपाहट, बेचैनी और थकान महसूस होती है। ऐसे में AC का Dry Mode या Dehumidification Mode कमरे की अतिरिक्त नमी कम करने में मदद करता है।
- साउथ इंडिया की फेमस इडली अब वहीं तक सीमित नहीं रही। आज ये एक पॉपुलर इंडियन ब्रेकफास्ट बन चुकी है, जिसका स्वाद भी लाजवाब होता है और ये काफी हेल्दी भी होती है। आमतौर पर लोग घर पर ही इडली बनाना प्रिफर करते हैं। इसकी रेसिपी भी सिंपल है, लेकिन अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि घर पर इडली सॉफ्ट क्यों नहीं बनती। दरअसल सारा खेल इसके बैटर में छिपा है। अगर इडली का बैटर एक बार आप ठीक तरीके से बनाना सीख लें तो हर बार ये एकदम रुई जैसी सॉफ्ट बनेंगी। इंस्टाग्राम पर शेफ सागर ने इसी से जुड़ी कुछ टिप्स साझा की हैं। इडली का बैटर बनाते हुए ये छोटी-छोटी बातें ध्यान में रखेंगे तो बिल्कुल रुई जैसी सॉफ्ट और टेस्टी इडली बनकर तैयार होंगी।चावल और दाल का सही अनुपात क्या रखें?पारंपरिक रूप से इडली बनाते हुए दाल चावल की मात्रा अलग रखी जाती है। हालांकि अगर आप पहली बार में ही बिल्कुल सॉफ्ट और स्पंजी इडली बनाना चाहते हैं, तो शेफ का बताया हुआ रेशियो फॉलो कर सकते हैं। इसके लिए अगर आप डेढ़ कप कच्चे चावल ले रहे हैं, तो उसमें सिर्फ दो चम्मच उड़द की धुली हुई दाल डालें। इन्हें अच्छे से 3-4 बार धो लें, फिर लगभग चार से पांच घंटे के लिए भिगोकर रख दें।स्वाद की टिप: इडली बनाने के लिए इडली राइस इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे इडली ज्यादा सॉफ्ट और स्पंजी बनती है।पापड़ वाली ट्रिक से सॉफ्ट बनेगी इडलीइडली को सॉफ्ट और स्पंजी बनाने के लिए शेफ बैटर में थोड़ा सा पापड़ मिलाने की भी सलाह देते हैं। इसके लिए आप किसी भी ब्रांड के दो से तीन उड़द दाल पापड़ ले सकते हैं। जब दाल-चावल भिगोकर रख रहे हैं, उसी समय पापड़ को भी अलग से किसी बर्तन में भिगोकर रख दें। इन्हें छोटे टुकड़ों में तोड़ लें, ताकि ये अच्छे से भीग जाएं। दरअसल पापड़ में पापड़खार जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो बैटर को हल्का बनाने में मदद करते हैं।बासी चावल डालकर इस तरह बनाएं इडली का बैटरइडली का बैटर बनाने के लिए एक मिक्सर में भिगोकर रखे हुए दाल-चावल डालें। साथ में एक कप बासी चावल भी एड करें। बासी चावल मिलाने से बैटर काफी फ्लफी बनता है। अब इसमें एक चम्मच चीनी, आधा चम्मच यीस्ट पाउडर (खमीर) और नमक डालें। साथ ही जो पापड़ आपने भिगोकर रखे हुए थे, उन्हें भी मिक्सर में डाल दें। सभी चीजों को पीसकर एक फाइन सा बैटर बनाकर तैयार कर लें।कितनी देर रखना है इडली का बैटर?बैटर अच्छी तरह फर्मेंट हो जाए, इसके लिए इसे कुछ देर रखना होता है। इस तरह अगर आपने इडली बैटर बनाया है, तो इसे ढककर लगभग 4-5 घंटे के लिए रख दें। आप देखेंगे कि बैटर पूरी तरह फूलकर ऊपर की तरफ उठने लगा है। ये परफेक्ट इडली बैटर की निशानी है। अब इसे इडली मोल्ड में भरें और सॉफ्ट-सॉफ्ट इडली बनाकर तैयार कर लें। महज 6-7 मिनट की स्टीम में ही इडली बनकर तैयार हो जाती है।
- सोने के मंगलसूत्र डेली पहनना महंगा पड़ सकता है। ऊपर से इनके चोरी होने और छिनैती का भी डर रहता है। ऐसे में ये सिल्वर मंगलसूत्र ना केवल आपके ट्रेडिशन को बनाकर रखेंगे बल्कि यूनिक और ट्रेंडी लुक भी देंगे। बजट कम है या फिर शहर में स्नेचिंग बहुत होती है तो इन सिल्वर के बने मंगलसूत्र बनवाकर पहनें। यहां देख लें ट्रेंडी डिजाइंस....मार्केट में आजकल चांदी के काफी ज्यादा ज्वैलरी और डिजाइन मिलने लगे हैं। आप इन्हें दिखाकर अपने बजट के मुताबिक इसे बनवा सकती हैं। ये काली मोतियों के साथ पिरोकर बना मंगलसूत्र काफी अट्रैक्टिव है।ट्रेंडी लुक में डेली वियर मंगलसूत्र चाहती हैं क्योंकि आप वर्किंग लेडी हैं तो ये काली मोतियों के साथ सिल्वर चेन में बना मंगलसूत्र ब्यूटीफुल दिखेगा। आप चाहें तो नजर वाले लॉकेट को चेंज कर सकती हैं।गले में पड़ा ये छोटा सा डिजाइन वाला मंगलसूत्र हर किसी का ध्यान खींच लेगा। स्लीक और चमकते चांदी से तैयार इस तरह की डिजाइन आपके गले की खूबसूरती को बढ़ा देगा। अपने पति से सस्ता और टिकाऊ ये डिजाइन बनवाकर जरूर पहनें, सारी लेडीज इसे देखती ही रह जाएंगी।चांदी के दो छोटे लॉकेट बनवाकर उसे काली मोतियों में पिरो लें। कम बजट है फिर ये डिजाइन आपको ट्रेंडी और अट्रैक्टिव लुक ही देगा।सिंपल काली-पीली मोतियों की लड़ी में ऐसा सिल्वर लॉकेट बनवाकर डालें और पहनें। किसी भी एज ग्रुप की महिला इसे पहनकर स्टनिंग लुक पा जाएगी।चांदी की चेन में काली मोतियों को पिरोकर ये मंगलसूत्र बनाया गया है। जिसकी रेंज काफी कम होगी और आपके बजट में भी फिट बैठेगी। डेली वियर के लिए ये मंगलसूत्र परफेक्ट दिखेगा।सिल्वर बॉल चेन मंगलसूत्र काफी खूबसूरत है और महाराष्ट्रियन डिजाइन दिख रहा। इस तरह के मंगलसूत्र को भी आप बनवाकर पहन सकती हैं।
- चुकंदर को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें आयरन, फोलेट, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि कई लोग हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए नियमित रूप से चुकंदर का सेवन करते हैं।पर, बहुत कम लोग जानते हैं कि चुकंदर खाने का सही तरीका और सही समय भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना इसका सेवन करना। गलत तरीके से या जरूरत से ज्यादा चुकंदर खाने पर कुछ लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं, ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव या अन्य स्वास्थ्य परेशानियां हो सकती हैं।ऐसे में यह जानना जरूरी है कि चुकंदर का सेवन किस रूप में, कितनी मात्रा में और किस समय करना चाहिए ताकि शरीर को इसका पूरा लाभ मिल सके। आइए जानते हैं चुकंदर खाने का सही तरीका और इससे जुड़ी जरूरी बातें।चुकंदर खाने का सही तरीका1. सुबह खाली पेट करें सेवनचुकंदर का सेवन सुबह खाली पेट करने से शरीर इसके पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है।इससे ऊर्जा बढ़ती है और शरीर को दिनभर एक्टिव रहने में मदद मिलती है।2. जूस की बजाय सलाद में खाएंविशेषज्ञों के अनुसार चुकंदर को सलाद के रूप में खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।इससे फाइबर भी मिलता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है।3. गाजर और आंवला के साथ लेंचुकंदर को गाजर और आंवला के साथ मिलाकर खाने से शरीर को अतिरिक्त विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं।यह खून बढ़ाने और इम्यूनिटी मजबूत करने में मददगार हो सकता है।4. सीमित मात्रा में सेवन करेंरोजाना 1 मध्यम आकार का चुकंदर या 150-200 मिलीलीटर चुकंदर का जूस पर्याप्त माना जाता है।अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों को पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।
- बारिश की हल्की फुहार, गरमा-गरम चाय और साथ में प्याज के करारे पकौड़े... यह सुनते ही ज्यादातर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन कई बार घर पर पकौड़े बनाते समय एक आम समस्या सामने आती है। पकौड़े बाहर से तो सुनहरे और कुरकुरे दिखते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें तोड़कर देखते हैं, अंदर बेसन कच्चा रह जाता है। ऐसे पकौड़ों का स्वाद भी बिगड़ता है और खाने का मजा भी आधा रह जाता है।अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप इस परेशानी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर पकौड़े अंदर से कच्चे क्यों रह जाते हैं और उन्हें एकदम करारा और अच्छी तरह पका हुआ कैसे बना सकते हैं।पकौड़े अंदर से कच्चे क्यों रह जाते हैं?अक्सर लोग तेज आंच पर पकौड़े तलने लगते हैं। इससे पकौड़े बाहर से जल्दी सुनहरे हो जाते हैं, लेकिन अंदर का बेसन पूरी तरह नहीं पक पाता। इसके अलावा बहुत ज्यादा गाढ़ा घोल भी इस समस्या की वजह बन सकता है।सबसे जरूरी ट्रिक, प्याज में पहले नमक मिलाएंप्याज काटने के बाद उसमें थोड़ा नमक डालकर दस से पंद्रह मिनट के लिए छोड़ दें। ऐसा करने से प्याज अपना पानी छोड़ने लगती है।अब इसमें बेसन मिलाएं। इस तरीके से घोल बहुत ज्यादा गाढ़ा नहीं बनेगा और पकौड़े हल्के और कुरकुरे बनेंगे।प्याज के पकौड़ेघोल ज्यादा गाढ़ा ना रखेंकई लोग पकौड़ों को ज्यादा कुरकुरा बनाने के लिए बहुत ज्यादा बेसन डाल देते हैं।लेकिन इससे पकौड़ों में बेसन की मोटी परत बन जाती है, जो अंदर से कच्ची रह सकती है। ध्यान रखें कि बेसन सिर्फ प्याज को हल्के से लपेटे।तेल का तापमान सही होना चाहिएअगर तेल बहुत ज्यादा गर्म होगा, तो पकौड़े बाहर से जल सकते हैं। वहीं अगर तेल ठंडा होगा, तो पकौड़े बहुत ज्यादा तेल सोख लेंगे।मध्यम आंच पर पकौड़े तलना सबसे सही माना जाता है। इससे पकौड़े धीरे-धीरे अंदर तक पकते हैं।प्याज के पकौड़ेएक साथ बहुत ज्यादा पकौड़े ना डालेंकड़ाही में जरूरत से ज्यादा पकौड़े डालने से तेल का तापमान अचानक कम हो जाता है। इससे पकौड़े ठीक तरह से नहीं पकते। हमेशा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पकौड़े तलें।करारे पकौड़ों के लिए अपनाएं ये आसान उपायचावल का आटा: बेसन में थोड़ा चावल का आटा मिलाने से पकौड़े ज्यादा करारे बनते हैं।घोल को ज्यादा देर तक ना रखें: बैटर तैयार करने के तुरंत बाद पकौड़े बनाना बेहतर रहता है।पकौड़ों को दो बार ना तलें: बार-बार तलने से स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो सकते हैं।प्याज के पकौड़ेस्वाद बढ़ाने के लिए क्या मिलाएं?प्याज और बेसन के साथ आप हरी मिर्च, धनिया पत्ती, अजवाइन, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और सौंफ जैसी चीजें भी मिला सकते हैं। इससे पकौड़ों का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ते हैं।गरमा-गरम पकौड़ों का मजा दोगुना कैसे करें?पकौड़ों को तलने के बाद कुछ मिनट के लिए जाली वाली प्लेट पर रखें। इससे एक्सट्रा तेल निकल जाएगा और पकौड़े ज्यादा समय तक करारे बने रहेंगे।
- चाय के साथ गरमा-गरम समोसे खाने को मिल जाएं तो मजा आ जाता है। अब तो वैसे भी बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे में क्रिस्पी समोसे खाने की क्रेविंग सभी को होने लगती है। लेकिन हर बार मार्केट वाले समोसे खाना भी सही नहीं है। एक तो वहां ठीक तेल यूज नहीं होता और ऊपर से मैदा वाले समोसे हेल्दी भी नहीं होते। बेस्ट रहता है कि आप इन्हें घर में बना लें और मैदा को आटे से रिप्लेस कर लें। जी हां, गेहूं के आटे से भी काफी खस्ता और कुरकुरे हलवाई जैसी समोसे बन सकते हैं। बस आपको डो लगाते हुए कुछ छोटी-छोटी टिप्स फॉलो करनी हैं। आज हम आपको समोसे का परफेक्ट आटा लगाने का तरीका बता रहे हैं, ताकि बिना मैदा आप एकदम क्रिस्पी समोसे बना पाएं।गेहूं के आटे से बनाएं खस्ता हलवाई जैसे समोसेअगर आप मैदा खाना अवॉइड करते हैं, तो गेहूं से आटे से भी बिल्कुल हलवाई जैसे खस्ता और कुरकुरे समोसे बनाकर तैयार कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको आटा ठीक से लगाना आना चाहिए। उसमें कुछ इंग्रेडिएंट्स एड करने से एकदम परफेक्ट खस्तापन आएगा, जैसा मार्केट वाले समोसे में आता है। आइए जानते हैं समोसे का आटा कैसे लगाएं और उसमें क्या-क्या चीजें एड करें।आटे में ये 1 चीज मिलाने से क्रिस्पी बनेंगे समोसेसमोसे क्रिस्पी बनें इसके लिए आप आटे में थोड़ी सी सूजी मिला सकते हैं। अगर एक कप के करीब गेहूं का आटा ले रहे हैं तो उसमें दो चम्मच बारीक सूजी मिला दें। बारीक वाली सूजी नहीं है तो दानेदार सूजी को ही आप मिक्सर में ग्राइंड कर के मिला सकते हैं। गेहूं के आटे में खस्तापन एड करने का काम सूजी ही करती है, इसलिए इसे जरूर मिलाएं।स्वाद के लिए आटे में मिलाएं ये चीजेंसमोसे की स्टफिंग के साथ-साथ इसकी बाहर वाली लेयर भी टेस्टी होना जरूरी है। इसके लिए आप हाथों से क्रश कर के थोड़ा सा अजवाइन एड कर सकते हैं। अजवाइन से बहुत ही अच्छी खुशबू और फ्लेवर एड हो जाता है। इसके अलावा स्वादानुसार नमक जरूर मिला दें, ताकि बाहरी परत खाने में फीकी ना लगे।कितना और कौन सा मोयन लगाएं?समोसे की खस्ता परत के लिए मोयन सबसे जरूरी चीज होता है। अब सवाल है कि मोयन तेल का लगाएं या घी का। ये पूरी तरह आप पर निर्भर है, लेकिन स्वाद के लिहाज से देखें तो घी का मोयन ज्यादा बेहतर होता है। इससे समोसे खस्ता भी ज्यादा बनते हैं और उनकी खुशबू भी काफी अच्छी आती है। मात्रा की बात करें तो अगर एक कप गेहूं का आटा है, तो उसमें करीब दो बड़े चम्मच देसी घी का मोयन काफी रहेगा।काम की टिप: मोयन मिलाने के बाद आटे को मुट्ठी में दबाकर देखें। अगर ये लड्डू की तरह बंध रहा है तो समझ लें, आपने परफेक्ट मोयन लगाया है।आटा गूंथने का सही तरीका है जरूरीमोयन लगाने के बाद आटे में थोड़ा थोड़ा पानी डालकर एक सख्त सा डो लगा लें। जैसा आटा आप पूड़ी के लिए लगाते हैं, उससे थोड़ा सा सख्त आटा समोसे के लिए लगेगा। फिर इसे ढककर कम से कम 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। ताकि इसमें मौजूद सूजी और मोयन अच्छी तरह सेट हो जाए। अब आप इसके समोसे बनाकर तैयार कर सकते हैं। बिल्कुल मैदा जैसे खस्ता बनेंगे।
- पपीते के पत्तों में बस ये 2 चीजें मिलाकर लगाएंचेहरे पर पिंपल्स, कालापन, टैनिंग गर्मियों के सीजन में होना आम बात है। इससे निपटने के लिए कई महंगी क्रीम और फेस वॉश आप अपनाकर देख चुकी होंगी लेकिन खास असर नहीं पड़ा होगा। आजकल एक नहीं हजारों ब्रांड्स के क्रीम, फेस वॉश, क्लींजर, मॉइश्चराइजर मार्केट में मौजूद है, जिन्हें लेकर अक्सर कन्फ्यूजन हो जाता है कि आखिर कौन सा सूट करेगा? लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पहले हमारी दादी-नानी त्वचा से जुड़ी इन समस्याओं से कैसे निपटती थीं। आज हम आपको नानी-दादी के समय के कुछ स्किन केयर टिप्स बताने जा रहे हैं, जिससे आपकी त्वचा से कालापन, टैनिंग, मुंहासे सबकुछ गायब हो जाएंगे और रंगत भी सुधर जाएगी।पपीते के पत्तेपपीता कच्चा हो या पका हुआ दोनों ही तरीकों से फायदेमंद माना जाता है। इसे लोग कच्चा भी खाते हैं पकाकर भी। वहीं पपीते की पत्तियों का जूस प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने में मदद करती है। इसकी पत्तियों में विटामिन A, C और E, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लेवोनॉयड्स और टैनिन, पपेन (Papain) एंजाइम, फाइबर, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की थोड़ी मात्रा होती है। ये सभी चीजें न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि स्किन के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं होती।चेहरे पर कैसे लगाएंसिंपली शीबा ने पपीते के पत्ते से फेस पैक बनाने का तरीका बताया है और कहा है कि आप इसे लगाकर कई स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा पा सकते हैं। अब आपको करना क्या है पपीते की कुछ पत्तियां लेनी है और उसे ग्राइंग करके महीन पीस लें। फिर इसमें थोड़ा सा 1 चम्मच बेसन, आधा चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को चेहरे पर 10-15 मिनट तक लगा रहने दें, सूखने पर रगड़कर छुड़ाएं और फिर पानी से फेस क्लीन करें।कौन और कितनी बार लगा सकते हैंबता दें, पपीता लीफ फेस पैक को ऑयली स्किन, एक्ने-प्रोन और ड्राई स्किन वाले लोग ही लगाएं। ड्राई स्किन की समस्या से परेशान लोग इसमें दही या शहद जरूर मिक्स करें। सेंसिटिव स्किन वाले लोग इसे बिल्कुल न लगाएं। इस पैक को हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल करें, लगातार 3-4 हफ्ते तक इस्तेमाल करने पर फर्क नजर आएगा।स्किन के लिए फायदे क्या हैंत्वचा की गंदगी और एक्स्ट्रा तेल सोख लेता हैपिंपल और एक्ने कम करने में मददगारत्वचा को चमकदार और फ्रेश बनानाकोलेजन बूस्ट करता है, जिससे टाइटनिंग आएगीखुजली और हल्की सूजन में राहत देनास्किन को हाइड्रेट और मुलायम बनाए रखनादाग-धब्बों को हल्का करने में सहायकटैनिंग-कालापन को हटाने में मदद करेगाकैसे काम करता हैपपीता की पत्तियों में पपेन एंजाइम और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होता है, जो डेड स्किन हटाने, पोर्स साफ करने और एक्स्ट्रा ऑयल कंट्रोल करने में मदद करते हैं। वहीं विटामिन C और अन्य पोषक तत्व त्वचा को ग्लोइंग, टाइट और हेल्दी बनाने में मददगार हो सकते हैं। इसलिए पपीता की पत्तियों का फेस पैक इन दिनों लोग ट्राई कर रहे हैं। पपीता के पेड़ कई जगहों पर आपको आसानी से मिल जाएंगे वरना इसकी पत्तियां खरीद भी सकते हैं।पैच टेस्ट- सभी की स्किन टाइप अलग या सेंसिटिव हो सकती है। पपीते की पत्तियों में एक्टिव एंजाइम होते हैं, इसलिए पहले हाथ या कान के पीछे लगाकर पैच टेस्ट करें। अगर आपको जलन या खुजली हो तो इसे ना लगाएं।
- उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर हल्की रेखाएं और झुर्रियां दिखना आम बात है। तेज धूप, तनाव, कम नींद और त्वचा की सही देखभाल ना होने की वजह से भी चेहरा समय से पहले थका और बेजान दिखने लगता है। ऐसे में कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन घर की कुछ आसान चीजों से त्वचा की देखभाल कर सकते हैं।चावल का पानी, एलोवेरा और विटामिन ई जैसी चीजें त्वचा को नरम और चमकदार बनाए रखने में मददगार होती हैं। इन तीन चीजों से तैयार यह आसान घरेलू सीरम रात में चेहरे पर लगा सकते हैं। नियमित इस्तेमाल से त्वचा को ताजगी और नमी महसूस होगी।झुर्रियों के लिए घरेलू मिश्रण बनाने के लिए जरूरी चीजें2 चम्मच चावल का पानी2 चम्मच एलोवेरा जेल2 विटामिन ई कैप्सूलचावल का पानी कैसे तैयार करें?चावल भिगो लें: सबसे पहले 2 चम्मच कच्चे चावल आधा कप पानी में लगभग आधे घंटे के लिए भिगो दें।पानी छान लें: अब चावल को हाथ से हल्का चलाएं और पानी छान लें। यही पानी इस्तेमाल किया जाएगा।सीरम बनाने के लिएचावल का पानी और एलोवेरा मिलाएं: एक साफ कटोरी में 2 चम्मच चावल का पानी और 2 चम्मच एलोवेरा जेल डालकर अच्छी तरह मिला लें।विटामिन ई मिलाएं: अब विटामिन ई कैप्सूल को काटकर उसका तेल मिश्रण में डालें।अच्छे से मिलाएं: सभी चीजों को तब तक मिलाएं जब तक हल्का और मुलायम मिश्रण तैयार ना हो जाए।शीशी में भर लें: अब इसे एक छोटी साफ कांच की शीशी में भरकर रख लें।इस मिश्रण को कैसे लगाएं?चेहरा साफ करें: रात में सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह धो लें।हल्के हाथों से लगाएं: अब चेहरे और गर्दन पर इस मिश्रण की 2-3 बूंदें लगाकर धीरे-धीरे मालिश करें।रातभर लगा रहने दें: इसे रातभर चेहरे पर लगा रहने दें और सुबह साफ पानी से चेहरा धो लें।इस घरेलू मिश्रण से क्या फायदे हो सकते हैं?त्वचा को नमी: एलोवेरा और विटामिन ई त्वचा को मुलायम रखने में मदद करते हैं।स्किन फ्रेश लगेगी: चावल का पानी त्वचा को साफ और चमकदार बनाता है।रूखापन कम करने में मदद: नियमित इस्तेमाल से त्वचा का रूखापन कम होगा।इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?हमेशा साफ चेहरे पर ही लगाएं।बहुत ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल ना करें।अगर त्वचा पर जलन महसूस हो, तो इस्तेमाल रोक दें। पहले हाथ पर थोड़ा लगाकर जांच कर सकते हैं।
- सफेद बालों का देसी इलाजआजकल कम उम्र में बाल सफेद होना एक आम परेशानी बनती जा रही है। धूल, तनाव, गलत खानपान और केमिकल प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल बालों को कमजोर और बेजान बना सकता है। ऐसे में कई लोग नेचुरल तरीकों की तरफ ध्यान देने लगे हैं। गुड़हल का फूल, प्याज और प्याज के छिलके जैसी चीजें बालों की देखभाल के लिए काफी समय से इस्तेमाल की जा रही हैं। इन चीजों से तैयार घरेलू तेल बालों को पोषण देने और उन्हें ज्यादा चमकदार दिखाने में मदद कर सकता है। खास बात यह है कि इसे घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं। नियमित इस्तेमाल से बाल नरम और स्वस्थ बनेंगे।काला तेल बनाने के लिए जरूरी चीजेंगुड़हल के फूलगुड़हल की पत्तियांप्याजप्याज के छिलकेनारियल का तेलकाला तेल बनाने का आसान तरीकासभी चीजों को सुखाएं: सबसे पहले गुड़हल के फूल, पत्तियां, प्याज और प्याज के छिलकों को अच्छी तरह साफ कर लें। अब इन्हें धूप में सुखा लें।काला होने तक पकाएं: अब इन सभी चीजों को हल्की आंच पर तब तक गर्म करें जब तक इनका रंग गहरा काला ना दिखने लगे।पीसकर चूर्ण बना लें: ठंडा होने के बाद इन चीजों को पीसकर महीन पाउडर तैयार कर लें।नारियल तेल में मिलाएं: अब इस चूर्ण को नारियल के तेल में अच्छी तरह मिला लें।तेल को स्टोर करें: तैयार तेल को साफ शीशी में भरकर रख लें।बालों में इस तेल को कैसे लगाएं?जड़ों में लगाएं: तेल को बालों की जड़ों और पूरे बालों में हल्के हाथों से लगाएं।हल्की मालिश करें: कुछ मिनट तक सिर की हल्की मालिश करें ताकि तेल अच्छी तरह बालों तक पहुंच सके।कुछ घंटों तक लगा रहने दें: तेल को कुछ घंटों या रातभर बालों में लगा रहने दें। इसके बाद हल्के शैंपू से बाल धो लें।इस घरेलू तेल से क्या फायदे हो सकते हैं?गुड़हल और नारियल तेल बालों को नरम और मजबूत बनाने में मदद करते हैं।नियमित इस्तेमाल से बालों की चमक बेहतर होती है।यह तेल बालों का सूखापन कम करने में मददगार है।तेल लगाने से बाल ज्यादा मुलायम और संभालने में आसान महसूस होते हैं।तेल लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें?तेल हमेशा साफ बालों में लगाएं और बहुत ज्यादा मात्रा में ना लें। अगर सिर में जलन महसूस हो, तो इस्तेमाल रोक दें। इसके अलावा इनमें से किसी चीज से एलर्जिक हैं या कोई हेयर ट्रीटमेंट ले रहे हैं तो पहले एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं।--
- मूंग दाल वाले पापड़ हो या फिर आलू के पापड़ ये चाय से लेकर खाने के साथ काफी सारे लोग पसंद करते हैं। पापड़ से बनी सब्जी से लेकर चाट तक लोग जमकर खाते हैं और इनके टेस्ट को काफी पसंद करते हैं। लेकिन तेल में तले फूड खाने से डॉक्टर ने मना किया है तो आप इन पापड़ों को रोस्ट करके भी खा सकते हैं। लेकिन पापड़ों को रोस्ट करना ट्रिकी काम लगता है, अक्सर इसमे गड़बड़ हो जाती है और पापड़ जल जाते हैं या कई बार कच्चे ही रह जाते हैं। अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा ही होता है और ओवन आपके पास नहीं है तो इस ट्रिक से पापड़ों को सेंके। एक भी पापड़ कच्चा नहीं रहेगा और ना ही जलेगा।पापड़ को बगैर तेल रोस्ट करने की ट्रिकपापड़ रोस्ट करने के लिए आप लोहे या स्टील की जाली लें।डायरेक्ट गैस की फ्लेम पर पापड़ों को भूनने की गलती ना करें।अगर लोहे की जाली पर सेंक रहीं तो गैस की फ्लेम को बिल्कुल धीमा रखें।चिमटे की मदद से पापड़ को पकड़ें और तेजी से पलट कर सेंके। एक बार में 10 सेकेंड से ज्यादा गैस की आंच ना लगने दें।इस दौरान ध्यान रखें कि कौन सा साइड अच्छी तरह से सिंक चुका है।तीन से चार बार अलट-पलट कर पापड़ों को अच्छी तरह से रोस्ट किया जा सकता है।फौरन खाने की बजाय 2 मिनट ठंडा करें, जिससे पापड़ पूरी तरह से क्रिस्पी हो जाएं।तवे पर पापड़ रोस्ट करने की ट्रिकस्टील या लोहे की जाली नहीं है तो सिंपल लोहे का तवा ले सकती हैं।एक बार तवे को अच्छी तरह से गर्म हो जाने दें। फिर गैस की आंच को धीमा कर दें। जिससे पापड़ जले नहीं।पापड़ को तवे पर रखें और गर्माहट से थोड़ा नर्म हो जाने दें।एक बार पापड़ नर्म हो जाए तो करछूल से दबाकर अच्छी रह से सेंक लें।दोनों तरफ पलटकर सेंके और ध्यान रखें कि पापड़ जलने ना पाएं।अगर ज्यादा देर एक साइड पापड़ को छोड़ दिया तो फौरन जल जाएंगे।जलने के बाद पापड़ों का टेस्ट कड़वा हो जाता है। तो इन छोटी ट्रिक को ध्यान में रखकर ही पापड़ रोस्ट करें।सबसे आखिर में रोस्टेड पापड़ को दो मिनट के लिए ठंडा हो जाने दें। जिससे ये पूरी तरह से खाने में क्रिस्पी बना रहे।
- रोजाना क्या खाएं इसे लेकर अगर आप भी कंफ्यूज रहती हैं तो इस बार कुछ नया ट्राई करें। रागी और सत्तू दोनों ही सेहत के लिए काफी अच्छे होते हैं। इन दोनों चीजों को खासतौर से गर्मी के दिनों में खाया जाता है। रागी और सत्तू दोनों ही इंडियन खान-पान के ऐसे सुपरफूड्स हैं जो पोषण का खजाना हैं। ये दोनों शरीर को अलग-अलग तरह से फायदा पहुंचाते हैं। अगर आप कुछ हेल्दी और टेस्टी खाना चाहते हैं तो रागी के आटे और सत्तू की स्टफिंग से टेस्टी पराठा तैयार करें। सीखिए, बनाने का तरीका-सत्तू भरा रागी पराठारागी का आटा लगाने के लिए आपको चाहिए 1 कप पानी, आधा छोटा चम्मच तेल, आधा छोटा चम्मच नमक, एक कप रागी का आटा। इसके अलावा सत्तू की स्टफिंग के लिए आपको चाहिए एक कप सत्तू, एक छोटा चम्मच कटी हरी मिर्च, एक इंच कटा अदरक, एक छोटा चम्मच कटा लहसुन, 1/4 कप कटा प्याज, दो छोटे चम्मच कटा कच्चा आम, एक छोटा चम्मच जीरा, एक छोटा चम्मच नमक, आधा छोटा चम्मच कलौंजी, एक छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर, कटा हरा हरा धनिया दो छोटे चम्मच आम अचार का तेल या मसाला, एक छोटा चम्मच नींबू का रस।कैसे बनाएं सत्ती वाल रागी का पराठाइस पराठा को बनाने के लिए सबसे पहले आटा तैयार करें। इसके लिए पानी को उबाल लें और फिर इसमें नमक और तेल के साथ रागी का आटा डालकर अच्छे से मिलाते हुए मिक्स कर लें। जब तक ये आटा ठंडा हो रहा है तब तक सत्तू की स्टफिंग तैयार कर लें। इसके लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सत्तू निकालें और फिर इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस या कटा हुआ अदरक, बारीक कटा लहसुन, बारीक कटी प्याज, कटा हुआ कच्चा आम, जीरा, नमक, कलौंजी, भुना जीरा पाउडर, हरा धनिया, आम अचार का तेल या मसाला, नींबू का रस डालकर अच्छे से मिलाएं और इसे एक तरफ रख दें।अब ठंडे हो चुके आटे को एक बर्तन में निकालें और हाथों से अच्छे से मथने के बाद एक स्मूद डो बनाकर तैयार करें। इस आटे की छोटी-छोटी लोई बनाएं और फिर इसे हाथों से पतला करें और बीच में सत्तू की स्टफिंग भरें। अब अच्छे से चारों तरफ से इसे बंद करें और फिर हल्के हाथों से बेलन का इस्तेमाल करते हुए पराठा बनाएं। पराठा तैयार होने के बाद इसे गर्म तवे पर घी डालकर सेक लें। तैयार पराठे को टमाटर की चटनी के साथ सर्व करें।
- बच्चों को मीठा और ठंडा खाना अक्सर काफी पसंद आता है। ऐसे में अगर घर पर कम समय में कोई आसान और टेस्टी डिश बनानी हो, तो ओरियो सैंडविच एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस रेसिपी की खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ आसान चीजों की मदद से मिनटों में एक ऐसी डिश तैयार की जा सकती है, जिसे बच्चे बड़े मजे से खा सकते हैं।गर्मियों में यह ठंडी और क्रीमी मिठाई बच्चों को काफी पसंद आएगी। पार्टी, छुट्टियों या शाम के स्नैक के लिए भी यह रेसिपी एकदम बढ़िया है। ऊपर से इसका स्वाद बच्चों को बार-बार खाने का मन कराता है।ओरियो सैंडविच बनाने के लिए जरूरी चीजेंओरियो बिस्कुटबटरवनीला आइसक्रीमएक फ्लैट कंटेनरओरियो सैंडविच बनाने का आसान तरीकाबिस्कुट को क्रश करें: सबसे पहले ओरियो बिस्कुट को अच्छे से क्रश कर लें। ध्यान रखें कि उसका पाउडर थोड़ा दरदरा रहे ताकि खाने में अच्छा स्वाद आए।बटर मिलाएं: अब क्रश किए हुए बिस्कुट में थोड़ा बटर डालें और अच्छी तरह मिला लें। इससे मिश्रण आसानी से सेट होता है।पहली लेयर तैयार करें: अब इस मिश्रण का आधा हिस्सा एक फ्लैट कंटेनर में फैलाएं। चम्मच से हल्के हाथों से दबाकर बराबर कर लें।आइसक्रीम की लेयर डालें: इसके ऊपर वनीला आइसक्रीम की मोटी लेयर डालें। इसे अच्छी तरह फैलाएं ताकि हर हिस्से में स्वाद आए।ऊपर से फिर बिस्कुट डालें: अब बचे हुए ओरियो मिश्रण से आइसक्रीम की लेयर को कवर कर दें। हल्के हाथों से दबाएं ताकि सैंडविच अच्छी तरह सेट हो जाए।फ्रिज में सेट करें: अब कंटेनर को कुछ देर फ्रिज में रख दें। इससे आइसक्रीम और बिस्कुट अच्छी तरह सेट हो जाएंगे।मनपसंद शेप में काटें: जब मिश्रण अच्छी तरह सेट हो जाए, तो इसे बाहर निकालें और मनचाहे आकार में काट लें।ओरियो सैंडविचरेसिपी को और मजेदार कैसे बनाएं?ऊपर से चॉकलेट सिरप डाल सकते हैं।रंग-बिरंगे sprinkle इस्तेमाल कर सकते हैं।अलग-अलग फ्लेवर (चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी या फिर कोई और) की आइसक्रीम भी ट्राई कर सकते हैं।बच्चों को क्यों पसंद आती है ये रेसिपी?बिस्कुट और आइसक्रीम का मजेदार कॉम्बो: ज्यादातर बच्चों को चॉकलेट वाले बिस्कुट और आइसक्रीम दोनों ही काफी पसंद होते हैं। ऐसे में जब ये दोनों चीजें एक साथ मिलती हैं, तो स्वाद और भी मजेदार लगता है।पार्टी और छुट्टियों के लिए बढ़िया ऑप्शन: बर्थडे पार्टी, समर वेकेशन या वीकेंड पर बच्चों के लिए यह आसान और मजेदार डेजर्ट बन सकती है। इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सर्व करना भी आसान रहता है।
- सुबह के नाश्ते में झटपट कुछ बनाना हो या शाम की हल्की भूख हो; सैंडविच से परफेक्ट ऑप्शन शायद ही कुछ हो। ये जल्दी भी बन जाता है और पेट भी भर देता है। खासकर अगर चटनी सैंडविच की बात करें, तो उसका देसी स्वाद भला किसे पसंद नहीं आता। हरी चटनी और उबले हुए आलू की फिलिंग वाला ये चटपटा सैंडविच छोटी-मोटी भूख के लिए परफेक्ट है। घर में सभी का कुछ अलग सा खाने का मन हो तो आप फटाफट से इसे बना सकती हैं। बच्चों के टिफिन के लिए भी आप ये सैंडविच ट्राई कर सकती हैं, उन्हें बहुत ज्यादा पसंद आएगा। तो अब अगर आप भी एक जैसे नाश्ते से बोर हो गई हैं और कुछ अलग सा टेस्टी सा ट्राई करना चाहती हैं, तो ये क्लासिक चटनी सैंडविच एक बार जरूर ट्राई करें।चटनी सैंडविच बनाने के लिए सामग्रीचटनी सैंडविच बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं - ब्रेड स्लाइसेज, हरा धनिया, अदरक का टुकड़ा, लहसुन की कलियां, हरी मिर्च, नमक, जीरा, दही, उबले हुए आलू (2-3), कटा हुआ प्याज, जीरा पाउडर, चाट मसाला, चीज (ऑप्शनल), खीरा, टमाटर, टोमैटो केचअप और बटर।स्ट्रीट स्टाइल चटनी सैंडविच बनाने की विधिस्ट्रीट स्टाइल चटपटा सा चटनी सैंडविच बनाने के लिए सबसे पहले आपको इसकी हरी चटनी तैयार कर लेनी है। ये बेसिक वाली चटनी है, जो आमतौर पर पकौड़े या स्नैक्स के साथ सर्व की जाती है। इसके लिए एक मिक्सर ग्राइंडर में थोड़ा सा ताजा हरा धनिया, अदरक का टुकड़ा, लहसुन की कलियां, हरी मिर्च, साबुत जीरा और स्वादानुसार नमक डालें। अब इसमें थोड़ी सी गाढ़ी दही एड करें और पानी मिलाकर चटनी पीस लें। चटनी आपको ज्यादा पतली नहीं रखनी है, इसकी कंसिस्टेंसी मीडियम होनी चाहिए।अब सैंडविच के लिए आलू की फिलिंग बनाकर तैयार करें। इसके लिए उबले हुए आलू छीलकर मैश या कद्दूकस कर लें। इनमें बारीक कटी हुई प्याज, हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक, जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर अच्छे से मिक्स कर दें। अब अगर आप सैंडविच को चीजी ट्विस्ट देना चाहती हैं, तो थोड़ा सा चीज इसमें घिसकर डाल दें। आलू की चटपटी सी फिलिंग बनकर तैयार है।अब ब्रेड की एक स्लाइस पर थोड़ा सा बटर या घी लगाएं, फिर हरी वाली चटनी की लेयर लगाएं। इसपर आलू वाली फिलिंग रखें, साथ ही गोल कटे हुए टमाटर, प्याज और खीरे की स्लाइसेज रखें। अब दूसरा ब्रेड लें और उसपर टोमैटो केचअप लगाएं और सैंडविच को बंद कर दें। एक पैन में थोड़ा सा बटर गर्म करें, इसमें सैंडविच को क्रिस्पी होने तक सेंक लें। आपका स्ट्रीट स्टाइल टेस्टी सा चटनी सैंडविच बनकर तैयार है।























