<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>छत्तीसगढ़ - Chhattisgarh Aaj Feed</title><link>https://chhattisgarhaaj.com</link><description>Chhattisgarh Aaj Feed Description</description><item><title>रायपुर पश्चिम विधानसभा में सेवा सेतु बना जनसेवा का माध्यम, 4265 हितग्राही लाभान्वित</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39104</link><description>बाढ़ प्रभावित 155 हितग्राहियों को 5-5 हजार रुपए की सहायता, प्रधानमंत्री आवास के 210 हितग्राहियों को मिली भवन अनुज्ञा
1032 आयुष्मान कार्ड, 157 राशन कार्ड और 344 हितग्राहियों को पीएम सूर्य घर योजना के सोलर प्रमाण-पत्र प्रदान
राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और विधायक श्री राजेश मूणत ने किया विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण
रायपुर/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक सहजता से पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा स्तरीय सेवा सेतुसरकार आपके द्वार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से कुल 4265 हितग्राही लाभान्वित हुए।
शिविर में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में पहुंचे नागरिकों से संवाद कर उन्हें मिल रहे योजनाओं के लाभ और सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिले और प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। राजस्व विभाग द्वारा आपदा राहत के अंतर्गत 155 बाढ़ प्रभावित हितग्राहियों को 5-5 हजार रुपए की सहायता राशि के धनादेश प्रदान किए गए। जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों को सहायता राशि के धनादेश सौंपे।
210 हितग्राहियों के आवास निर्माण की राह हुई आसान
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 210 पात्र हितग्राहियों को मकान निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
शिविर में खाद्य विभाग द्वारा 157 नागरिकों को राशन कार्ड तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1032 नागरिकों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही 103 हितग्राहियों को आय प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 344 हितग्राहियों को सोलर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग द्वारा नोनी सशक्तीकरण योजना तथा नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से संबंधित प्रकरणों को शिविर स्थल पर ही स्वीकृत कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
एक ही स्थान पर मिली विभिन्न विभागों की सेवाएं
सेवा सेतु शिविर में विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्रता के अनुसार योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। 
राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और विधायक श्री राजेश मूणत, छत्तीसगढ़ राज्य लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया।
उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों को दिए जा रहे लाभ की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु शिविर शासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल है। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को सुविधा मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को शेष प्रकरणों का परीक्षण कर पात्रता के अनुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।</description><guid>39104</guid><pubDate>05-Oct-2026 12:08:23 am</pubDate></item><item><title>आरंग में विधानसभा स्तरीय सेवा सेतु शिविर संपन्न</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39103</link><description>2 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ
कैबिनेट मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब ने सेना के शौर्य को किया नमन, कहादेश की एकता और अखंडता अभेद्य
विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाओं का लाभमंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब
रायपुर/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आरंग के टाउन हॉल में विधानसभा स्तरीय सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया। शिविर में लगभग पांच हजार हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब ने जनसमूह को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश के वीर सैनिकों के त्याग, समर्पण और अदम्य साहस के कारण हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं। भारत की एकता और अखंडता अभेद्य है और इसे कोई भी बाहरी या आंतरिक ताकत कमजोर नहीं कर सकती।
मंत्री श्री साहेब ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में ऐसे जनसेवा अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शासन की योजनाओं का लाभ जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा, तभी समावेशी विकास के साथ सशक्त और विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं को एक ही स्थान पर आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी संभव हो रहा है।
स्वामित्व पट्टे से लेकर आवास तक, मौके पर मिला योजनाओं का लाभ
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 1,979 हितग्राहियों को स्वामित्व पट्टे तथा 229 हितग्राहियों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही बाढ़ से हुई क्षति के लिए 667 हितग्राहियों को क्षतिपूर्ति सहायता प्रदान की गई।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 70 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 17 शौचालयों की स्वीकृति प्रदान की गई। बिहान योजना के अंतर्गत चार समूहों को 60 लाख रुपये तथा आठ समूहों को 4 लाख 80 हजार रुपये की सहायता/स्वीकृति दी गई। इंटरप्राइजेज गतिविधियों के लिए भी 8 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
दिव्यांगजन, श्रमिक, किसान और वरिष्ठजन भी हुए लाभान्वित
समाज कल्याण विभाग द्वारा छह हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, छह को छड़ी, 10 हितग्राहियों को वृद्धावस्था पेंशन तथा पांच हितग्राहियों को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना का लाभ प्रदान किया गया। मत्स्य विभाग द्वारा लगभग 20 हितग्राहियों को पंजीयन प्रमाण-पत्र दिए गए।
श्रम विभाग द्वारा 50 श्रम कार्ड प्रदान किए गए। इसके अलावा 20 हितग्राहियों को मिनीमाता महतारी जतन योजना, 20 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री सियान सहायता तथा 50 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना का लाभ दिया गया।
योजना एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा लगभग 30 जन्म प्रमाण-पत्र, 21 मृत्यु प्रमाण-पत्र और पांच विवाह प्रमाण-पत्र से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं। कृषि विभाग द्वारा 52 हितग्राहियों को स्प्रेयर वितरित किए गए और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सेवाएं प्रदान कीं। अन्य विभागों ने भी अपने विभाग से संबंधित योजनाओं और सेवाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद आरंग के अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती टाकेश्वरी मुरली साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती तारिणी दीपक चंद्राकर, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम आरंग श्री रवि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।</description><guid>39103</guid><pubDate>05-Oct-2026 12:06:14 am</pubDate></item><item><title> सेवा की कहानी: इलाज के खर्च की चिंता हुई कम, आयुष्मान कार्ड से विजय पंडो के परिवार को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39102</link><description>-आर्थिक तंगी के कारण उपचार कराने में आती थी परेशानी, अब पात्रता अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा
-विजय के साथ बेटियों भारती और आरती का भी बना आयुष्मान कार्ड, पूरे परिवार को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा
रायपुर / बीमारी के समय इलाज का खर्च आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाता है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत लोसंगी के पंडरीपानी निवासी श्री विजय कुमार पंडो का परिवार भी पहले इसी परेशानी से जूझता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण परिवार में किसी सदस्य के बीमार होने पर उपचार का खर्च जुटाना मुश्किल होता था। अब विजय कुमार पंडो के साथ उनकी बेटियों भारती पंडो और आरती पंडो का भी आयुष्मान कार्ड बन जाने से परिवार को जरूरत के समय उपचार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल मिला है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई विजय पंडो के परिवार की यह सेवा की कहानी बताती है कि आयुष्मान कार्ड जरूरतमंद परिवारों के लिए बीमारी के समय इलाज के खर्च की चिंता को कम करने में सहायक बन रहा है। पात्रता अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलने से परिवार को भरोसा है कि आर्थिक तंगी अब बेहतर उपचार की राह में पहले जैसी बाधा नहीं बनेगी।
विजय कुमार पंडो बताते हैं कि पहले परिवार के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। ऐसे में परिवार के किसी सदस्य के बीमार होने पर अस्पताल में इलाज का खर्च स्वयं उठाना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अचानक आने वाला चिकित्सा खर्च परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन जाता था।
कई बार पैसों की कमी के कारण बेहतर उपचार कराने में भी कठिनाई होती थी। अब आयुष्मान कार्ड बनने से परिवार को जरूरत के समय निःशुल्क उपचार की सुविधा का भरोसा मिला है।
विजय के लिए यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके साथ उनकी दोनों बेटियों भारती और आरती का भी आयुष्मान कार्ड बन गया है। परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ने के बाद बीमारी अथवा उपचार की आवश्यकता होने पर इलाज के खर्च को लेकर उनकी चिंता कम हुई है।विजय बताते हैं कि आर्थिक कमी के कारण पहले अस्पताल में ठीक ढंग से इलाज कराने में दिक्कत होती थी। अब कार्ड बनने से जरूरत के समय उपचार कराने में परिवार को बड़ी सहायता मिलेगी।
विजय पंडो के परिवार के लिए आयुष्मान कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि बीमारी की स्थिति में उपचार और आर्थिक सुरक्षा का भरोसा बन गया है। पात्रता अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा परिवार को स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक खर्च से राहत देने में मददगार होगी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विजय पंडो के परिवार की यह कहानी बताती है कि स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं की पहुंच जरूरतमंद परिवारों तक होने से इलाज की राह में आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिल रही है। आयुष्मान कार्ड मिलने पर श्री विजय कुमार पंडो ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा से उनके परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल मिला है और जरूरत के समय इलाज कराने में बड़ी मदद मिलेगी।</description><guid>39102</guid><pubDate>05-Oct-2026 11:11:11 pm</pubDate></item><item><title> परिवहन सेवाओं का हो रहा आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं से लोगों के काम होंगे आसान: मंत्री केदार कश्यप</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39101</link><description>-बलौदाबाजार-भाटापारा में 1.74 करोड़ रुपए से निर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण
-सोनबरसा जंगल सफारी के लिए चार नई जिप्सी और डेढ़ करोड़ रुपए के विकास कार्यों की स्वीकृति
रायपुर । परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए परिवहन कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। परिवहन सेवाओं को डिजिटल बनाने से लोगों को घर बैठे काम कराने की सुविधा मिलेगी। श्री कश्यप बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की ग्राम पंचायत परसाभदेर में 1 करोड़ 74 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने सोनबरसा जंगल सफारी के लिए चार नई जिप्सी तथा सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पांच पैक्स में परिवहन सुविधा केंद्रों के संचालन हो रहा है और इनके माध्यम से 572 लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पैक्स अब धान खरीदी के साथ अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराएंगे। श्री कश्यप ने सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए अभिभावकों से बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के प्रति अभिभावकों को सजग रहना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जिले में परिवहन सुविधाओं को विस्तार देते हुए सर्वसुविधायुक्त कार्यालय भवन का निर्माण पूरा हुआ है। परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण और डिजिटल सुविधाओं से वाहन स्वामियों को राहत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों से गांवों तक विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम में वाहन चालकों को लाइसेंस, सुरक्षित यातायात के लिए हेलमेट तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के दस बुजुर्गों को निःशुल्क बस पास वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एक पेड़ मां के नाम पहल के तहत परिवहन मंत्री श्री कश्यप व राजस्व मंत्री श्री वर्मा द्वारा कार्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा और श्री प्रमोद कुमार शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।</description><guid>39101</guid><pubDate>05-Oct-2026 10:57:40 pm</pubDate></item><item><title> जल की हर बूंद सहेजने की मुहिम, ग्रामीणों को मिल रहा स्थानीय रोजगार</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39100</link><description>-मनोरा के ओरडीह और आराकोना में जल संरक्षण कार्यों को मिली गति, 3800 कंटूर ट्रेंच का निर्माण
-आजीविका डबरी, गैबियन, एलबीसीडी और बोल्डर चेकडैम से जल संवर्धन के साथ मजबूत हो रही ग्रामीण आजीविका
रायपुर / जशपुर जिले में वर्षा जल को सहेजने, भू-जल संवर्धन और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है। वी बी जी राम जी योजना के अंतर्गत मनोरा जनपद की ग्राम पंचायत ओरडीह एवं आश्रित ग्राम आराकोना में जल संरक्षण की विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
इन कार्यों के माध्यम से वर्षा के पानी को गांव में ही अधिक से अधिक रोकने, पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने, मिट्टी के कटाव को कम करने और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से कृषि एवं आजीविका गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना के साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।
जल संरक्षण की दिशा में आराकोना में 1700 और ओरडीह में 2100 सहित कुल 3800 कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही 5 आजीविका डबरी और 10 गैबियन संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है। ओरडीह में 10 एलबीसीडी का कार्य भी पूर्ण हो गया है।
 लोहड़ा नाला में 10 बोल्डर चेकडैम बनाए जाने हैं, जिनमें से 6 का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगतिरत हैं। अलग-अलग प्रकृति की इन जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप वर्षा जल को रोकने और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
कंटूर ट्रेंच, गैबियन और बोल्डर चेकडैम जैसी संरचनाएं वर्षा जल के बहाव की गति को कम कर पानी को स्थानीय स्तर पर रोकने में सहायक होती हैं। इससे मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने के साथ भू-जल पुनर्भरण और आसपास के क्षेत्रों में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है। इसका लाभ आगे चलकर खेती और अन्य आजीविका गतिविधियों में भी मिल सकता है।
वहीं आजीविका डबरी ग्रामीण परिवारों के लिए जल संरक्षण के साथ सिंचाई, मछलीपालन एवं अन्य आयमूलक गतिविधियों का आधार बन सकती है। इस तरह जल संरक्षण के लिए तैयार की जा रही संरचनाएं प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ा रही हैं।
जल संवर्धन के इन कार्यों की एक महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी है। जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में ग्रामीणों की भागीदारी से उन्हें गांव में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इससे एक ओर वर्षा जल को सहेजने के लिए स्थायी परिसंपत्तियां तैयार हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों की आजीविका को भी सहारा मिल रहा है।
जिले में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप जल संरक्षण कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। ओरडीह और आराकोना में किए जा रहे ये प्रयास वर्षा जल की हर बूंद को सहेजकर गांवों को जल की दृष्टि से अधिक सक्षम बनाने तथा जल संरक्षण को रोजगार और आजीविका से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।</description><guid>39100</guid><pubDate>05-Oct-2026 10:54:32 pm</pubDate></item><item><title> रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए नहीं लगाने पड़े चक्कर, गौतम सिंह को मिली बड़ी राहत</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39099</link><description>-ऑटो म्यूटेशन से बचा समय और खर्च, हितग्राही ने करीब 10 हजार रुपये की बचत का अनुभव किया साझा
-आधार आधारित ई-केवाईसी और व्हाट्सऐप सुविधा से आसान और पारदर्शी हो रही पंजीयन प्रक्रिया
रायपुर । जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील और पटवारी कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। बलरामपुर निवासी श्री गौतम सिंह ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पंजीयन विभाग की ऑटो म्यूटेशन सुविधा से रजिस्ट्री के बाद उनके नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ी। इससे उन्हें अलग से तहसील और पटवारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ी। श्री सिंह के अनुसार इस व्यवस्था से उनका समय बचा और आने-जाने सहित अन्य खर्चों को मिलाकर करीब 10 हजार रुपये की बचत भी हुई। सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को जोड़ने, आधार आधारित ई-केवाईसी से पहचान सत्यापन और व्हाट्सऐप के माध्यम से पंजीयन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं से नागरिकों की अनावश्यक दौड़भाग कम करने का प्रयास किया जा रहा है। श्री गौतम सिंह ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील और पटवारी कार्यालय जाना पड़ता था। प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बार-बार आने-जाने में समय लगता था और अतिरिक्त खर्च भी होता था। ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था ने उन्हें इस परेशानी से राहत दी है।
श्री सिंह ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, पहले पंजीयन के बाद तहसील और पटवारी के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सीधे रजिस्ट्री कार्यालय से ऑटो म्यूटेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ जाती है। इससे समय एवं धन दोनों की बचत हुई है। उनके अनुसार कार्यालयों की दौड़भाग कम होने से उन्हें करीब 10 हजार रुपये की बचत का अनुभव हुआ। इस सुविधा ने रजिस्ट्री के बाद नामांतरण को लेकर उनकी चिंता भी कम की।
पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से पक्षकारों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और गलत पहचान के आधार पर होने वाली गड़बड़ी की आशंका को कम करने में मदद मिल रही है।
श्री गौतम सिंह ने भी तकनीक आधारित इन सुधारों को सुविधाजनक बताया। उनका कहना है कि पहचान सत्यापन की डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रिया के प्रति भरोसा बढ़ा है और पंजीयन का काम अधिक सहज हुआ है।
नागरिकों की सुविधा के लिए पंजीयन के विभिन्न चरणों, अपॉइंटमेंट और पंजीकृत दस्तावेजों से संबंधित जानकारी व्हाट्सऐप के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे सामान्य जानकारी और दस्तावेज के लिए बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हो रही है।
श्री गौतम सिंह का अनुभव बताता है कि पंजीयन और नामांतरण की प्रक्रियाओं के बीच तकनीकी समन्वय नागरिकों को व्यावहारिक राहत दे रहा है। उनके लिए ऑटो म्यूटेशन का अर्थ केवल एक डिजिटल सुविधा नहीं, बल्कि तहसील और पटवारी कार्यालय की दौड़भाग से राहत, समय की बचत और आने-जाने सहित अन्य खर्चों में कमी है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन सुधारों के जमीनी प्रभाव, अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है। गौतम सिंह की कहानी इसी बदलाव की तस्वीर हैजहां तकनीक से प्रक्रिया छोटी हो रही है और नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से लेकर नामांतरण तक का सफर अधिक सहज बन रहा है।</description><guid>39099</guid><pubDate>05-Oct-2026 10:25:29 pm</pubDate></item><item><title> मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से हो रहा समस्याओं का त्वरित समाधान</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39098</link><description>-एक फोन से तपकरा में बहाल हुई जलापूर्ति,करीब 200 परिवारों को मिली राहत
रायपुर / आम नागरिकों की समस्याओं को शासन- प्रशासन तक पहुंचाने और उनके त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रभावी माध्यम बन रही है। हेल्पलाइन के जरिए दर्ज शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम तपकरा में पेयजल की समस्या का समाधान इसका उदाहरण है।
ग्राम तपकरा निवासी श्री ओम प्रकाश ने 26 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 पर गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत में बताया था कि लगभग 15 दिनों से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। मोटर एवं पाइपलाइन में खराबी के कारण जलापूर्ति प्रभावित होने से गांव के करीब 200 घर-परिवारों को पेयजल की परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद मामले को संबंधित विभाग एवं स्थानीय अमले के संज्ञान में लाया गया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ग्राम तपकरा में संचालित रेट्रो जल प्रदाय योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा नया मोटर लगाया गया। नया मोटर लगाए जाने के बाद गांव में जलापूर्ति पुनः बहाल हो गई और लंबे समय से पेयजल की समस्या से परेशान करीब 200 परिवारों को राहत मिली।शिकायत के निराकरण के बाद शिकायतकर्ता श्री ओम प्रकाश से संपर्क कर समाधान के संबंध में उनकी संतुष्टि की भी पुष्टि की गई। इस व्यवस्था से न केवल नागरिकों की समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया को गति मिल रही है, बल्कि समाधान के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लिए जाने से व्यवस्था की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आम नागरिक और शासन-प्रशासन के बीच सीधे संवाद का माध्यम बन रही है। नागरिक एक फोन कॉल के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं, जिसके बाद शिकायत संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाकर उसके निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। तपकरा में पेयजल आपूर्ति बहाल होने से यह व्यवस्था नागरिक समस्याओं के समाधान में उपयोगी साबित हुई है।</description><guid>39098</guid><pubDate>05-Oct-2026 10:23:53 pm</pubDate></item><item><title>धान की पारंपरिक खेती से आगे बढ़े आशीष, मिश्रित खेती से पहले ही वर्ष कमाए 3.65 लाख रुपये</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39097</link><description>-एक हेक्टेयर में फलदार पौधों के साथ अंतरवर्तीय खेती, एक ही खेत से तैयार किए आमदनी के कई स्रोत
-हल्दी और मुनगा का पाउडर बनाकर किया मूल्य संवर्धन, 1.10 लाख रुपये की हुई अतिरिक्त आय
-समेकित उद्यानिकी विकास योजना से मिली नई राह, फेंसिंग, बोर, वर्मीटांका और अंतरवर्तीय फसलों के लिए मिला सहयोग
रायपुर । पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, अंतरवर्तीय खेती और कृषि उपज के प्रसंस्करण को अपनाकर जांजगीर-चांपा जिले के किसान श्री आशीष राठौर ने अपनी आमदनी बढ़ाने की नई राह बनाई है। नवागढ़ विकासखंड के ग्राम महंत निवासी श्री राठौर ने समेकित उद्यानिकी विकास योजना और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से एक हेक्टेयर भूमि में फलदार पौधों के साथ विभिन्न अंतरवर्तीय फसलों की खेती की। इस नवाचार से उन्होंने पहले ही वर्ष लगभग 3.65 लाख रुपये की शुद्ध आमदनी अर्जित की।
श्री आशीष राठौर, पिता श्री द्वारिका प्रसाद, पहले पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे। उद्यानिकी विभाग से मिले मार्गदर्शन के बाद उन्होंने अपनी एक हेक्टेयर भूमि में मिश्रित फलदार पौधों की खेती शुरू की। खेत में अमरूद, नींबू, आम, मुनगा और पपीता के पौधे लगाए। फलदार पौधों के बीच खाली स्थान का बेहतर उपयोग करते हुए हल्दी, अदरक, टमाटर, आलू, भिंडी और जिमीकंद जैसी अंतरवर्तीय फसलें भी लीं। इससे एक ही खेत में अलग-अलग फसलों के माध्यम से आमदनी के कई स्रोत तैयार हुए।
मिश्रित खेती का लाभ श्री राठौर को पहले ही वर्ष मिलने लगा। अंतरवर्तीय फसलों के उत्पादन से उन्हें लगभग 2 से 2.55 लाख रुपये तक की आमदनी प्राप्त हुई। इसके साथ ही उन्होंने केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहते हुए कृषि उपज के मूल्य संवर्धन की दिशा में भी कदम बढ़ाया। श्री राठौर ने खेत में उत्पादित हल्दी और मुनगा का पाउडर तैयार कर उसका विक्रय किया। इससे उन्हें करीब 1.10 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हुई। फसल विविधीकरण, अंतरवर्तीय खेती और मूल्य संवर्धन को एक साथ अपनाने से उन्हें कुल मिलाकर लगभग 3.65 लाख रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई।
समेकित उद्यानिकी विकास योजना के अंतर्गत श्री राठौर को फेंसिंग, बोर, वर्मीटांका तथा अंतरवर्तीय फसल के लिए अनुदान के रूप में विभागीय सहयोग मिला। तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता ने उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मिश्रित एवं लाभकारी खेती अपनाने में मदद की।
सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई आशीष राठौर की यह सेवा की कहानी बताती है कि सीमित कृषि भूमि में भी फसल विविधीकरण, अंतरवर्तीय खेती और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को अपनाकर आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उनकी पहल दूसरे किसानों के लिए भी खेती में नवाचार और आय के विविध स्रोत विकसित करने का प्रेरक उदाहरण है। श्री राठौर ने मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।</description><guid>39097</guid><pubDate>05-Oct-2026 9:46:36 pm</pubDate></item><item><title> बस्तर अंचल नक्सली हिंसा के दौर से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा में अग्रसर - मुख्यमंत्री  </title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39096</link><description>-आईईडी विस्फोटों के शिकार हर नागरिक को पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी को मिटाना - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
-बस्तर में उम्मीदों की नई उड़ान, दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय हेतु वृहद शिविर का आयोजन
-संभाग के चार जिलों के साढ़े तीन हजार से अधिक दिव्यांगजनों के पुनर्वास का महाअभियान
-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिविर का वर्चुअल शुभारंभ कर कहा दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने संवेदनशील होकर कर सरकार कर रही पहल
रायपुर/ लंबे समय तक नक्सल हिंसा और बारूदी सुरंगों की विभीषिका झेलने वाला बस्तर अब अंधकार से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क दिव्यांगजन सहायता एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर ने पीड़ितों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जारी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं कांकेर जिले से 3,800 से अधिक जरूरतमंदों का पंजीयन हुआ है, जिसके माध्यम से नक्सल विस्फोटों, सड़क दुर्घटनाओं व अन्य कारणों से अपने अंग गंवा चुके नागरिकों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
शिविर को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सली हिंसा के दंश से जूझा है, लेकिन अब यह अंचल उस दौर से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल उपकरणों के वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। उन्होंने हिंसा में अपने अंग गंवा चुके पीड़ितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे खुद को कभी भी अकेला न समझें, पूरी सरकार और समाज पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार का लक्ष्य केवल बस्तर को हिंसा से मुक्त कराना नहीं, बल्कि एक शांत, सशक्त और 'विकसित बस्तर' का निर्माण करना है।
 कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बारूदी सुरंगों और आईईडी विस्फोटों का शिकार होकर अपने अंग गंवाने वाले हर नागरिक को पुनः संबल देकर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी को मिटाना है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि नक्सलियों ने भले ही धमाकों से लोगों के पैर छीने हों, लेकिन बस्तर की जनता के आत्मबल और मां दंतेश्वरी की कृपा से आज वही लोग कृत्रिम अंगों के सहारे स्वाभिमान से आगे बढ़ रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने आईईडी ब्लास्ट के शिकार ग्रामीण संतोष पोयाम सहित कर्तव्य के दौरान घायल हुए पुलिस जवान राकेश कुमार यादव और घासीराम मांझी की जीवटता का विशेष उल्लेख किया, जो अब कृत्रिम अंगों की मदद से बिना किसी सहारे के चलने के लिए तैयार हैं।
यह पुनीत अभियान जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से 'जयपुर फुट' के लिए विख्यात भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर एनएसई फाउंडेशन और भारतीय जैन संघटना के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। शिविर की खासियत यह है कि यहां ऑन-साइट आधुनिक कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांगजनों का व्यक्तिगत नाप लेकर मौके पर ही आधुनिक कृत्रिम हाथ, पैर, कैलिपर्स तैयार कर लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले ही दिन 70 से अधिक हितग्राहियों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही जरूरतमंदों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, कैलिपर्स, बैसाखी और श्रवण यंत्र पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम शिविर स्थल पर ही परीक्षण कर दिव्यांगजनों को मेडिकल सर्टिफिकेट सौंप रही है और हितग्राहियों को मौके पर ही शत-प्रतिशत दिव्यांग पेंशन व अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें भविष्य में दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
 इस महाशिविर के व्यापक विस्तार की जानकारी देते हुए भारतीय जैन संघटना के डॉ. अतुल जैन ने बताया कि पूर्व में यह शिविर कवर्धा के लिए प्रस्तावित था, किंतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संवेदनशील सुझाव पर बस्तर के पीड़ितों को प्राथमिकता देते हुए इसे यहां आयोजित किया गया। शिविर की रूपरेखा दो चरणों में तय की गई है, जिसके प्रथम चरण में 5 से 7 अक्टूबर तक बस्तर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिसमें अकेले बस्तर जिले के 1,570 हितग्राही शामिल हैं। इसके पश्चात संभाग के शेष जिलोंदंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के लिए 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में दूसरे चरण का शिविर आयोजित होगा।
 उद्घाटन अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा ही सबसे बड़ी ईश्वर आराधना है। वहीं चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त करने के संकल्प के साथ पीड़ितों के संपूर्ण पुनर्वास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। इस अवसर पर रायपुर से वर्चुअल जुड़े जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।</description><guid>39096</guid><pubDate>05-Oct-2026 9:44:35 pm</pubDate></item><item><title>सेवा सेतु से आसान हुई प्रमाण पत्र की राह, हीरालाल को दोनों बच्चों के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र मिले सहजता से</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39095</link><description>-मोबाइल पर मिली पीडीएफ, समय पर हार्ड कॉपी भी हुई उपलब्ध
-बेटे के प्रमाण पत्र आसानी से मिले तो बेटी के लिए भी किया आवेदन, नियत समय में पूरी हुई प्रक्रिया
रायपुर। सरकारी सेवाएं जब सरल और समयबद्ध तरीके से नागरिकों तक पहुंचती हैं, तो उनका समय और मेहनत दोनों बचते हैं। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम नवागढ़ निवासी श्री हीरालाल के लिए सेवा सेतु केन्द्र ऐसी ही सुविधाजनक व्यवस्था साबित हुआ। उन्होंने अपने पुत्र शौर्य कुमार के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया और कुछ ही दिनों में तीनों प्रमाण पत्रों की पीडीएफ उनके मोबाइल पर पहुंच गई। इसके साथ ही प्रमाण पत्रों की हार्ड कॉपी भी शीघ्र उपलब्ध हो गई।श्री हीरालाल अपने पुत्र शौर्य कुमार के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय नवागढ़ स्थित सेवा सेतु केन्द्र पहुंचे थे। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करने पर केन्द्र में दस्तावेजों की जांच कर आवेदन स्वीकार किया गया और प्रमाण पत्र मिलने की नियत तिथि की जानकारी दी गई।
पुत्र के तीनों प्रमाण पत्र सहजता से मिलने के बाद श्री हीरालाल ने अपनी पुत्री श्रेया के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के लिए भी सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया। इस बार भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें नियत समय में प्रमाण पत्र प्राप्त हो गए। मोबाइल पर प्रमाण पत्रों की पीडीएफ उपलब्ध होने के साथ हार्ड कॉपी मिलने से पूरी प्रक्रिया उनके लिए सुविधाजनक रही।
श्री हीरालाल ने बताया कि सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से अपने बच्चों के प्रमाण पत्र बनवाने में उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त होने तक की प्रक्रिया सहज रही। उन्होंने इस सुविधाजनक सेवा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई श्री हीरालाल की यह सेवा की कहानी बताती है कि शासकीय सेवाओं की सरल और समयबद्ध उपलब्धता नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बना रही है। एक ही केन्द्र से दोनों बच्चों के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र सहजता से मिलने से उनके लिए जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने की राह आसान हुई।</description><guid>39095</guid><pubDate>05-Oct-2026 9:42:45 pm</pubDate></item><item><title>   उप मुख्यमंत्री अरुण साव सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर में हुए शामिल</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39094</link><description>-विभिन्न राज्यों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता भूमि अधिग्रहण में तेजी, परियोजना क्रियान्वयन, सुरक्षित डिजाइन और गुणवत्ता पर करे रहे मंथन
-केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गुजरात के नर्मदा में दो दिवसीय आयोजन
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव गुजरात के नर्मदा में आज से शुरू हुए सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गतिशक्ति से प्रगति थीम पर इसका आयोजन किया गया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा भी इस दौरान मौजूद थे।
देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप भी चिंतन शिविर में हिस्सा ले रहे हैं।
चिंतन शिविर में भाग ले रहे विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं नीति निर्माताओं ने आज तीन सत्रों में भविष्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, रोड सेफ्टी और परियोजना प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में रायपुर से जगदलपुर, बिलासपुर से रायगढ़, कटघोरा से अंबिकापुर और रायपुर से सारंगढ़ तक फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। चिंतन शिविर में निर्धारित किए जाने वाले फ्रेमवर्क्स से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर के पहले दिन आज विभिन्न सत्रों में पीएम गतिशक्तिकृसमन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन, भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग तथा सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क पर गहन विचार-विमर्श किया गया। चिंतन शिविर के दूसरे दिन 6 अक्टूबर को सुरक्षित राजमार्गों का डिजाइनकृमानकों से क्रियान्वयन तक और गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना मॉनिटरिंग पर मंथन किया जाएगा।</description><guid>39094</guid><pubDate>05-Oct-2026 9:38:34 pm</pubDate></item><item><title>   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबके लिए आवास के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता से कर रहा साकार - मुख्यमंत्री  </title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39093</link><description>-जमीन से लेकर किफायती घर तक प्रभावी व्यवस्था खड़ी करने के प्रयासों को मिला सम्मान - उप मुख्यमंत्री अरुण साव
-ईडब्ल्यूएस-एलआईजी के लिए भूमि आरक्षण और किफायती आवास उपलब्ध कराने मंछ छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय सम्मान
-विश्व पर्यावास दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ पुरस्कृत
-प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की बेस्ट प्रैक्टिस को मिली राष्ट्रीय पहचान
-निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से 25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के उपलब्ध हुई जमीन
रायपुर । आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को किफायती एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है।ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी (Affordable Housing in Partnership) के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली (Best Practice) के लिए भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया है।
विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) श्री सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा आवासीय परियोजनाओं की स्वीकृति, भूमि की उपलब्धता, निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA तथा नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की हमारी पहल को मिली यह पहचान राज्य सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सबके लिए आवास के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि एक परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध हो।
शहरी क्षेत्रों में गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण की सबसे बड़ी चुनौतियों में भूमि की उपलब्धता प्रमुख रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती के समाधान के लिए निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू किया है।इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप राज्य में 25 हजार 413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत 17 हजार 790 और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 7 हजार 623 आवास शामिल हैं।
इस पहल की विशेषता यह है कि कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास केवल शहरों के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर नियोजित कॉलोनियों और विकसित शहरी क्षेत्रों का हिस्सा बन रहे हैं। इससे लाभार्थी परिवारों को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एएचपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की नियमित निगरानी की जा रही है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा SUDA द्वारा नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शहरी गरीब परिवारों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता को गति मिली है। इसी समग्र कार्यप्रणाली को भारत सरकार ने बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की पहचान है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शहरी गरीबों के आवास के लिए केवल योजना बनाने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है। ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी मॉडल को राष्ट्रीय सम्मान मिलना इसी कार्य का परिणाम है।श्री साव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि शहरों में जरूरतमंद परिवारों को तेजी से सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध हों। यह राष्ट्रीय सम्मान पूरी टीम को और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करने के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ाता है।
राज्य सरकार की इस पहल से 25 हजार से अधिक शहरी गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन ने एक ओर आवास निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता की बड़ी चुनौती का समाधान किया है, वहीं दूसरी ओर समाज के कमजोर वर्गों को विकसित शहरी क्षेत्रों और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जोड़ने का रास्ता भी बनाया है।
विश्व पर्यावास दिवस पर मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबके लिए आवास के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता, नवाचार और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली की राष्ट्रीय पहचान है।</description><guid>39093</guid><pubDate>05-Oct-2026 9:37:38 pm</pubDate></item><item><title>रायपुर उत्तर विस क्षेत्र अंतर्गत सेवा सेतु शिविर में नागरिकों से प्राप्त हुए 105 आवेदन</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39092</link><description>-19 आवेदनों का किया गया त्वरित निराकरण, 81 नागरिकों काशिविर में किया गया स्वास्थ्य परीक्षण
रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने निगम सभापति सूर्यकान्त राठौड़, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, आयुक्त संबित मिश्रा, एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, पार्षदों, एल्डरमैनों सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र 69 हितग्राहियों को प्रमाणपत्र किये प्रदत्त
रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन की अत्यन्त महत्वपूर्ण योजना सेवा सेतु शिविर का विधानसभा स्तरीय शिविर रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 50 के अंतर्गत आयोजन किया गया ।सेवा सेतु शिविर में रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथलेश चौधरी, पार्षद एवं प्रभारी सेवा सेतु रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, एमआईसी सदस्य श्री महेन्द्र खोडियार, श्री संतोष साहू, जोन 3 जोन अध्यक्ष श्रीमती साधना साहू, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, पार्षद श्री कैलाश बेहरा, श्रीमती पुष्पा साहू, श्री प्रदीप वर्मा,एल्डरमैन श्री राजू राघवानी, श्री गोपाल सोना, पूर्व पार्षद श्री प्रमोद साहू, श्री रोहित साहू, मण्डल अध्यक्ष श्री दलविंदर सिंह बेदी, मण्डल के पूर्व उपाध्यक्ष श्री देवदत्त साहू पूर्व उपाध्यक्ष , सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री राम प्रजापति, रायपुर नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह, जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी सहित रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित अधिकारीगण, कर्मचारीगण नगर निगम जोन क्रमांक 2, 3 एवं 4 के कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप-अभियंता एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारीगणों की उपस्थिति सेवा सेतु शिविर के दौरान रही ।
सेवा सेतु शिविर में कुल 105 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा 81 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और सेवा सेतु शिविर में प्राप्त 19 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया एवं शेष 5 (स्वच्छता 1 एवं खाद्य विभाग-4) आवेदन निराकरण हेतु नियमानुसार प्रक्रियाधीन है एवं अन्य विभागों से विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र 69 हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा द्वारा रायपुर नगर निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, छग राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव सहित नगर निगम के एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, पार्षदों सहित मंच पर प्रदत्त किये गए. सेवा सेतु शिविर में मंच का संचालन नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय एवं अंत में आभार प्रदर्शन नगर निगम के एमआईसी सदस्य श्री संतोष साहू द्वारा किया गया।</description><guid>39092</guid><pubDate>04-Oct-2026 12:28:08 am</pubDate></item><item><title>विकसित भारत के निर्माण में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण - सांसद बघेल</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39091</link><description>- वरिष्ठजनों का वृहद अनुभव सही निर्णय लेने में सबसे अधिक मददगार साबित होता है - कलेक्टर श्री सिंह
- अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सांसद श्री बघेल ने वरिष्ठजनों को किया सम्मानित
दुर्ग/ अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन आज स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री विजय बघेल ने वरिष्ठजनों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने मनमोहक गीत और गायन की प्रस्तुतियां भी दी। 
सांसद श्री विजय बघेल ने समाज के वरिष्ठ जनों एवं विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनसेवा का सफर गुजरात से शुरू हुआ। गुजरात में उत्कृष्ट असैनिक व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी एवं औद्योगिक विकास के बल पर राज्य को देश में एक अलग पहचान मिली। इसके बाद वर्ष 2014 में देश की जनता के भारी समर्थन और आशीर्वाद से उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली। 2014 में भारत विश्व अर्थव्यवस्था में 11वें स्थान पर था, जो आज 4 - 5वें स्थान की ओर अग्रसर होकर मजबूती से खड़ा है। कोरोना महामारी और अन्य वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब दुनिया के बड़े-बड़े देश संकट के सामने नतमस्तक हो गए थे, तब भारत ने स्वदेशी तकनीक और वैक्सीन के निर्माण से न केवल देशवासियों की रक्षा की।
सांसद श्री बघेल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों के अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री ने बिना किसी अवकाश के निरंतर देश हित में कार्य किया है। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ जनों के अनुभव और जीवन भर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय जिन महापुरुषों ने सपने देखे थे, उन्हीं सपनों को साकार करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सभी नागरिकों और वरिष्ठ जनों को अपनी भूमिका निभानी होगी। वरिष्ठ जनों ने अपने जीवन का लंबा समय समाज और देश की सेवा में लगाया है। उनके जीवन का निचोड़ और अनुभव आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत का काम करेगा। उन्होंने उपस्थित सभी बुजुर्गों का विनम्रतापूर्वक नमन और अभिनंदन किया। 
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सभी बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठ जनों के पास लंबा अनुभव होता है और वे हमेशा समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी लोगों ने अपने जीवन में उत्कृष्ट कार्य किया है और समाज का मार्गदर्शन किया है। कई शिक्षक रहे होंगे जिन्होंने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर सफलता के शिखर तक पहुँचाया, वहीं कई सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी हैं जिन्होंने अपने-अपने विभागों में निष्ठापूर्वक सेवाएं दी हैं। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में जब भी उन्होंने अपने घर या समाज के बुजुर्गों से सलाह ली, तो उन्हें ऐसे दूरदर्शी विचार और समाधान मिले जिन्हें वे स्वयं नहीं सोच सकते थे। युवाओं को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि जब भी जीवन में मार्गदर्शन की कमी महसूस हो, तो अपने वरिष्ठों से सलाह अवश्य लें, क्योंकि उनका वृहद अनुभव सही निर्णय लेने में सबसे अधिक मददगार साबित होता है। इस अवसर पर नागरिक संघ अध्यक्ष श्री सी.एस.पाण्डेय, श्री राधेश्याम साहू, श्री जोसफ, श्री अरूण अग्रवाल, पुरूषोत्तम साहू, पार्षद योगेश्वरी ठाकुर, गणेश निर्मलकर, एल्डरमेन श्री मदन, श्री गजानंद, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी श्री आनंद प्रताप गौतम, श्री जयंत ठाकुर सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।</description><guid>39091</guid><pubDate>04-Oct-2026 12:19:29 am</pubDate></item><item><title>बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का बालोद दौरा </title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39090</link><description>पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का निरीक्षण कर बालिकाओं को दिया स्नेहिल मार्गदर्शन
बालोद/ छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालोद जिले के प्रवास के दौरान शासकीय पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास बालोद का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की 58 बालिकाओं की आवासीय व्यवस्था, सुरक्षा, खान-पान और दैनिक सुविधाओं का बेहद बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने सभी बालिकाओं के बीच बैठकर अत्यंत आत्मीयता और वात्सल्य भाव से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि बेटियाँ यदि सुरक्षित, अनुशासित और सशक्त परिवेश में आगे बढ़ें, तो वे अपनी मेहनत और लगन से हर मुकाम को हासिल कर सकती हैं। उन्होंने बालिकाओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और स्वावलंबन के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भविष्य की हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
 अध्यक्ष डा. शर्मा ने छात्रावास परिसर में बालिकाओं की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए साथ ही, नियमित सुरक्षा, निगरानी और आपातकालीन हेल्पलाइन व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया। उन्होने छात्राओं के नियमित अध्ययन, करियर काउंसलिंग और व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुविधाओं की समीक्षा की ताकि वे आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह सक्षम बन सकें। उन्होंने छात्रावास प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए, कि सभी बालिकाओं को निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक भोजन, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा बिना किसी कोताही के निरंतर मिलनी चाहिए।
डॉ. शर्मा ने छात्रावास अधीक्षिका और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बालिकाओं की देखभाल और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस सकारात्मक और प्रेरणादायी दौरे से छात्रावास की बालिकाओं में भारी उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू, संरक्षण अधिकारी श्री नरेंद्र साहू, चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक श्री वेदप्रकाश साहू, सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती रेखा देवांगन, प्रधान आरक्षक श्रीमती जागृति ठाकुर, चाइल्ड लाइन केस वर्कर श्री कैलाश कुमार निषाद, श्री जितेंद्र साहू, श्री चुरामण पटेल सहित अन्य उपस्थित रहे।</description><guid>39090</guid><pubDate>04-Oct-2026 12:05:03 am</pubDate></item><item><title>राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने किया बालोद चाइल्ड हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39089</link><description>बालोद/ छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने सिवनी स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के नवनिर्मित शासकीय भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में बच्चों के संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास के लिए उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। हाल ही में अपने स्वयं के शासकीय भवन में स्थानांतरित हुआ यह केंद्र पूरी तरह से बाल-सुलभ वातावरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। परिसर में बच्चों के मानसिक तनाव को दूर करने और उन्हें सहज महसूस कराने के लिए दीवारों को आकर्षक एवं बाल-केंद्रित चित्रकला से सुसज्जित किया गया है। इसके साथ ही केंद्र में एक सुव्यवस्थित परामर्श कक्ष और सुरक्षित अस्थायी आश्रय कक्ष की उत्तम व्यवस्था की गई है। अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि बालोद का यह चाइल्ड हेल्पलाइन भवन राज्य का पहला ऐसा मॉडल केंद्र है, जो बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के अनुकूल अत्यंत सुरक्षित और संवेदनशील परिवेश प्रदान करता है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंद व संकटग्रस्त बच्चों की सहायता करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू, संरक्षण अधिकारी श्री नरेंद्र साहू, चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक श्री वेदप्रकाश साहू आदि उपस्थित थे।</description><guid>39089</guid><pubDate>04-Oct-2026 12:02:11 am</pubDate></item><item><title>पलारी में 5 अक्टूबर को लगेगा सेवा सेतु शिविर</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39088</link><description>सेवा संकल्प अभियान...शासकीय योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
बालोद /संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुँचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में नगर पंचायत पलारी में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
यह 'सेवा सेतु शिविर' नगर पंचायत पलारी के वार्ड क्रमांक 05 स्थित साहू समाज भवन में दिनांक 05 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक आयोजित होगा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य
सरकार आपके द्वार की अवधारणा के तहत पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ना और मौके पर ही प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करना है। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृति एवं भवन अनुज्ञा से जुड़ी प्रक्रियाओं का भी त्वरित निपटारा किया जाएगा।
व्यवस्था के लिए अधिकारियों/कर्मचारियों को दी गई जिम्मेदारी
शिविर को सुचारू और सफल बनाने के लिए नगर पंचायत पलारी द्वारा अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 
मंच संचालन
श्री तामेश्वर लाल साहू (सहायक शिक्षक)
संपूर्ण व्यवस्था 
श्री सेवंत कुमार साहू
पंजीयन व हितग्राही समन्वय
श्रीमती अमिता कुर्रे
स्टॉल व टेंट/माइक व्यवस्था
श्री हेमंत कुमार साहू
सफाई एवं पेयजल व्यवस्था
श्री तिलेश्वर साहू
फोटोग्राफी व पूजन सामग्री
श्री आयुषनाथ योगी
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) संबंधित कार्य
श्री अभिषेक सरागे एवं श्री दयाल कुंभकार (सर्वेयर) द्वारा किए जाएंगे।
नगर पंचायत प्रशासन ने समस्त पात्र नागरिकों एवं हितग्राहियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस शिविर का लाभ उठाएं।</description><guid>39088</guid><pubDate>04-Oct-2026 12:00:06 am</pubDate></item><item><title> छत्तीसगढ़ के शहरी गरीबों के पक्के आवास अभियान को राष्ट्रीय पहचान</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39087</link><description>-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में पीएम आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन को मिली पहचान
-नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) पुरस्कार-2026 में सम्मान ग्रहण करने छत्तीसगढ़ को आमंत्रण
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार शहरी गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के अपने पक्के घर के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री श्री अरुण साव के सतत मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य के आवास प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) पुरस्कार-2026 समारोह में सम्मान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) पुरस्कार-2026 समारोह 5 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, पीएमएवाई (शहरी) श्री सुमित अग्रवाल छत्तीसगढ़ की ओर से इसमें सहभागिता करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरी विकास योजनाओं को जनकल्याण से जोड़ते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा शहरी गरीबों के आवास निर्माण को गति देने, लंबित आवासों को पूरा कराने तथा हितग्राहियों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए सतत अनुश्रवण किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर योजना का जमीनी क्रियान्वयन सुदृढ़ किया गया है। आवास स्वीकृति से लेकर निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता, हितग्राही-केंद्रित प्रक्रिया और समयबद्ध पूर्णता तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी की जा रही है। इससे योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाने और उनके जीवन में स्थायी बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि शहरी गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य देने का व्यापक अभियान है। पक्के आवास से परिवारों को सुरक्षित जीवन, सामाजिक गरिमा और बच्चों की शिक्षा तथा स्वास्थ्य के लिए बेहतर वातावरण मिलता है। छत्तीसगढ़ में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के पीछे नगरीय निकायों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, तकनीकी अमले और हितग्राहियों की साझा भागीदारी रही है।
भारत सरकार द्वारा प्राप्त आमंत्रण राज्य के सामूहिक प्रयासों और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रति छत्तीसगढ़ की गंभीर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन-केंद्रित विजन तथा उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में शहरी विकास और आवास क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक, परिणामोन्मुख कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करती है। समारोह में राज्य की सहभागिता से छत्तीसगढ़ के शहरी आवास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी।</description><guid>39087</guid><pubDate>04-Oct-2026 11:10:00 pm</pubDate></item><item><title> नारायणपुर में सेवा संकल्प की अनूठी मिसाल: छोटेडोंगर और कोहकामेटा के सेवा सेतु शिविरों में 331 ग्रामीण हुए लाभान्वित</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39086</link><description>-​एक ही छत के नीचे मिलीं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं
-35 परिवारों को मिलीं पक्के आवास की चाबियां; स्वास्थ्य जांच, गोद भराई एवं अन्नप्राशन के गरिमामय आयोजन
-नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को किया गया जागरूक; जनप्रतिनिधियों ने साय सरकार के सुशासन को सराहा
​रायपुर । ​छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं आकांक्षी जिले नारायणपुर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत प्रशासनिक मुस्तैदी का एक सशक्त और सराहनीय रूप देखने को मिला। कलेक्टर के संवेदनशील मार्गदर्शन में जिले के छोटेडोंगर और कोहकामेटा में ब्लॉक स्तरीय 'सेवा सेतु शिविरों' का आयोजन संपन्न हुआ। ग्रामीणों को अपने छोटे-बड़े शासकीय कार्यों के लिए दूर न जाना पड़े, इसी सोच के साथ आयोजित इन शिविरों ने एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की सेवाओं का संगम स्थापित किया, जहाँ दिन भर में कुल 331 ग्रामीणों को सीधे लाभान्वित कर प्रमाण-पत्र और स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
   ​छोटेडोंगर में आयोजित शिविर में प्रशासनिक मुस्तैदी का माहौल रहा, जहाँ कुल 199 हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। यहाँ सबसे भावुक और खुशी का क्षण वह रहा जब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 35 परिवारों को उनके सपनों के पक्के मकान की चाबियां सौंपी गईं। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने 47 मामलों का निपटारा किया, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राशन कार्ड से जुड़े 39 प्रकरणों को हल करते हुए 18 पात्र वृद्धों व असहायों को पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किए। कृषि विभाग ने फसल बीमा से जुड़े 11 किसानों को प्रमाण-पत्र सौंपे, श्रम विभाग ने 5 श्रमिकों को उनके कार्ड दिए और उद्यानिकी विभाग ने भी हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट सेवा देने वाली 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रशस्ति-पत्र देकर उनका सम्मान भी किया गया।
     ​दूसरी ओर, कोहकामेटा के विकासखंड स्तरीय शिविर में स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर रहा, जहाँ कुल 132 ग्रामीणों को त्वरित राहत मिली। यहाँ अकेले स्वास्थ्य विभाग ने शिविर में पहुंचे 87 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर उपचार व दवाइयां उपलब्ध कराईं। साथ ही आयुष्मान योजना, श्रम, समाज कल्याण और पंचायत विभाग के लाभ वितरित किए गए तथा आय, जाति एवं निवास जैसे आवश्यक शासकीय प्रमाण-पत्रों का मौके पर ही वितरण किया गया।
    ​दोनों ही शिविरों में विभागीय प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ हमारी समृद्ध सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर सम्मिश्रण देखने को मिला। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अत्यंत गरिमामय वातावरण में 'गोद भराई' और 'अन्नप्राशन' के संस्कार संपन्न कराए गए। इस दौरान विभागीय कार्यकर्ताओं ने गर्भवती माताओं और शिशुवती महिलाओं को संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल और शिशु पोषण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
     ​जन-जागरूकता को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कोहकामेटा में 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना पर आधारित एक जीवंत नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। कलाकारों ने अपने रोचक संवादों और अभिनय से ग्रामीणों को जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान और आवास योजनाओं के लाभ तथा जनभागीदारी के महत्व को समझाया।
    ​शिविर में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने भी इस प्रशासनिक पहल की जमकर सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश का चौमुखी विकास हो रहा है, जहाँ जल जीवन और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से उन्हें आर्थिक सम्बल और आत्मसम्मान मिल रहा है। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्य, जनपद उपाध्यक्ष, स्थानीय सरपंच और जनपद सीईओ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।</description><guid>39086</guid><pubDate>04-Oct-2026 11:08:41 pm</pubDate></item><item><title> आंगन मिलन समारोह में पहुंचे मंत्री टंक राम वर्मा और गजेंद्र यादव गर्भवती माताओं की गोदभराई कर बांटे पोषण किट</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39085</link><description>​रायपुर । ​सेवा संकल्प अभियान के तहत सारंगढ़ के झारियापारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित 'आंगन मिलन सेवा समारोह' मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सुपोषण और सामाजिक सरोकार के अनूठे रंगों में रंगा नजर आया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने विशेष रूप से शिरकत कर आंगनबाड़ी के बच्चों और माताओं के बीच आत्मीय समय बिताया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों का जायजा लिया और समुदाय को स्वास्थ्य व सुपोषण के प्रति जागरूक किया।
   ​समारोह के दौरान जब परंपरागत रीति-रिवाज से गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म निभाई गई, तो माहौल मंगलमय हो उठा।मंत्री श्री वर्मा और मंत्री श्री यादव ने स्वयं गोदभराई की रस्म में शामिल होकर माताओं को शुभकामनाएं दीं और उन्हें पोषण किट भेंट किए। मंत्रियों ने उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान स्वयं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना और शिशु के जन्म के बाद उसके समुचित पोषण की देखभाल करना पूरे परिवार की जिम्मेदारी है।
   ​कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों की मौजूदगी ने हर किसी का दिल जीत लिया। दोनों मंत्रियों ने बच्चों के बीच बैठकर उनसे पढ़ाई, खेल-कूद और आंगनबाड़ी की दैनिक गतिविधियों के बारे में सहजता से बातचीत की। बच्चों ने भी उत्साह के साथ अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरे आंगनबाड़ी केंद्र का वातावरण आनंदमयी और आत्मीयता से भर उठा। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य सामग्रियों और पारंपरिक व्यंजनों की एक आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका मंत्रियों ने अवलोकन कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य की जानकारी ली।
   ​'आंगन मिलन सेवा समारोह' का मुख्य उद्देश्य केवल शासकीय योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों और स्थानीय समुदाय के बीच जीवंत संबंध स्थापित करना रहा। इसके माध्यम से महिलाओं को संतुलित आहार, गर्भावस्था के दौरान सही देखभाल और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास में पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
    ​इस अवसर पर रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, परियोजना अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, हितग्राही महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।</description><guid>39085</guid><pubDate>04-Oct-2026 11:06:29 pm</pubDate></item><item><title> सेवा की कहानी : मछली पालन से पीलाराम को मिला आय का सशक्त जरिया, हुए आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39084</link><description>-सेवा सेतु शिविर में वनमंत्री ने सौंपा एक लाख रुपए की अनुदान राशि का चेक
रायपुर। कोंडागांव जिले के ग्राम लखापुरी निवासी श्री पीलाराम वट्टी पहले खेती-किसानी के माध्यम से सीमित आमदनी के जैसे तैसे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। इसी दौरान आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने खेती के साथ-साथ मछली पालन को अतिरिक्त आय के साधन के रूप में अपनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने मछली पालन के लिए तालाब निर्माण हेतु विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया। पीला राम के आवेदन पर मछली पालन विभाग द्वारा एक एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने अपने खेत में एक एकड़ क्षेत्र में तालाब का निर्माण कराया। तालाब निर्माण पूर्ण होने के बाद सेवा संकल्प अभियान के तहत मर्दापाल में आयोजित सेवा सेतु शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 01 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान की गई।
मर्दापाल में आयोजित सेवा सेतु शिविर में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने पीला राम वट्टी को अनुदान राशि के साथ मछली पकड़ने का जाल भी प्रदान किया। जाल मिलने से अब उन्हें तालाब में मछली पालन और मछली पकड़ने के कार्य में सुविधा मिलेगी। इससे वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मछली पालन को अपनी आजीविका से जोड़ सकेंगे।पीला राम ने बताया कि खेती के साथ मछली पालन शुरू करने की इच्छा से उन्होंने विभाग में तालाब निर्माण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। विभाग से एक एकड़ में तालाब निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने तालाब का निर्माण कराया। तालाब निर्माण पूर्ण होने के बाद मर्दापाल के सेवा सेतु शिविर में वन मंत्री श्री कश्यप के हाथों उन्हें एक लाख रुपए की अनुदान राशि और एक नग जाल प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि जाल मिलने से मछली पालन के कार्य में सुविधा होगी और इसे अतिरिक्त आय के साधन के रूप में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
खेती के साथ मछली पालन शुरू होने से पीला राम को अतिरिक्त आय का स्रोत प्राप्त होगा। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उनकी आत्मनिर्भरता की राह भी आसान होगी। शासन की योजनाओं से मिले सहयोग और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से वे अपनी आजीविका को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हितग्राही श्री पीलाराम ने योजना का लाभ और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु शिविर के माध्यम से उन्हें योजना का लाभ अपने क्षेत्र में ही प्राप्त हुआ, जिससे मछली पालन को आगे बढ़ाने में उन्हें आर्थिक और व्यावहारिक सहयोग मिला है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं और सुविधाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।</description><guid>39084</guid><pubDate>04-Oct-2026 11:03:47 pm</pubDate></item><item><title>   अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39083</link><description>-राष्ट्रीय अधिवेशन में सामाजिक एकजुटता और समाज हित पर हुआ मंथन
रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव महाराष्ट्र के बीड में आयोजित अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक और सामान्य सभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देशभर से आए पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय अधिवेशन में समाज के विकास और सामाजिक हित पर चर्चा की। श्री साव ने वहां काकू स्मृति स्थल में स्वर्गीय केशरबाई क्षीरसागर केशर काकू को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में समाज हित के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। संगठन की गतिविधियों और सामाजिक हित से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। श्री साव ने कहा कि तैलिक समाज अपने परिश्रम और ईमानदारी की वजह से देश का प्रतिष्ठित और व्यापक समाज है। हमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शिक्षा के क्षेत्र में समाज को प्रभावी रूप से जोर देना चाहिए। इस तरह के मंच संवाद और सहभागिता को मजबूत करते हैं।
 सोनाजीराव क्षीरसागर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज परिसर में श्री साव ने स्वर्गीय केशरबाई क्षीरसागर श्केशर काकूश् के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
 श्री साव ने ष्केशर काकूष् को समाज के नींव के रूप में स्मरण किया। केशर काकू महाराष्ट्र विधानसभा में विधायक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। तैलिक समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के दायित्व के दौरान उन्होंने देशभर की इकाईयों को एक छत के नीचे एकजुट कर समाज के उत्थान में हर वर्ग को किस तरह अपनी भूमिका निभानी चाहिए, इस पर जोर दिया। समाज की महिलाओं को सभी क्षेत्रों में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर समाज के हित में कार्य करने प्रेरित किया। श्री साव ने श्केशर काकूश् की स्मृति में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।
 श्री साव ने कहा कि महासभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशर काकू ने संगठन को मजबूत बनाने में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इससे सभी पदाधिकारियों को सीखना चाहिए। वर्तमान में उनके सुपुत्र महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री श्री जयदत्त क्षीरसागर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका  निभाते हुए समाज को एकजुट कर बेहतर कार्य कर रहे हैं। केशर काकू के कार्यों और संकल्पों को पूरा करने का कार्य श्री जयदत्त क्षीरसागर कर रहे हैं।
अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा की सामान्य सभा में श्री साव ने वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ सहभागिता की। इस दौरान समाज के विकास और सामाजिक हित के विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। साथ ही सामाजिक एकजुटता और समाज के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने पर विचार मंथन किया गया।</description><guid>39083</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:48:11 pm</pubDate></item><item><title>सेवा की कहानी: मातृत्व वंदना से ममता को मिला पोषण और स्वास्थ्य का संबल, मां-बच्चे की देखभाल में बनी मददगार</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39082</link><description>-पहली गर्भावस्था में दो किश्तों में मिले 5 हजार रुपये, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों में किया उपयोग
-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन से योजना से जुड़ीं ममता, रेडी-टू-ईट फूड से पोषण में भी मिला सहयोग
-आर्थिक सहायता और आंगनबाड़ी सेवाओं ने मातृत्व के शुरुआती दौर में दिया सहारा
रायपुर । पहली बार मां बनने का अनुभव खुशियों के साथ अपने स्वास्थ्य और गर्भस्थ शिशु की बेहतर देखभाल की जिम्मेदारी भी लेकर आता है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत सकालो निवासी श्रीमती ममता बनवासी के लिए गर्भावस्था के इस महत्वपूर्ण समय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली आर्थिक सहायता और आंगनबाड़ी केंद्र की पोषण सेवाएं उपयोगी सहारा बनीं। योजना के तहत उन्हें दो किश्तों में कुल 5 हजार रुपये मिले, जिसका उपयोग उन्होंने स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों में किया।
 सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई ममता की यह सेवा की कहानी बताती है कि योजना की आर्थिक सहायता के साथ आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाला पोषण और मार्गदर्शन गर्भवती महिलाओं के लिए मातृत्व के दौरान जरूरी देखभाल में सहयोगी बन रहा है। ममता बताती हैं कि पहली बार गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी। कार्यकर्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने आवेदन किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद योजना के तहत उन्हें दो किश्तों में कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई।
 ममता ने इस राशि का उपयोग गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थ्य, पोषण और बच्चे की देखभाल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किया। आर्थिक सहायता मिलने से इस महत्वपूर्ण समय में जरूरी खर्चों को पूरा करने में उन्हें सहूलियत मिली। आर्थिक सहायता के साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी ममता के लिए सहयोग का माध्यम बना। केंद्र से उन्हें रेडी-टू-ईट फूड मिला, जिसका उपयोग उन्होंने अपने खानपान और पोषण के लिए किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने योजना से जोड़ने के साथ गर्भावस्था और बच्चे की देखभाल से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी।
ममता बताती हैं कि योजना और आंगनबाड़ी केंद्र से मिली सुविधाओं से उन्हें गर्भावस्था के दौरान अपनी देखभाल करने में मदद मिली। वर्तमान में वे और उनका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली राशि ममता के लिए मातृत्व के शुरुआती दौर में आर्थिक सहयोग का माध्यम बनी। सहायता राशि से उन्हें अपने स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली, वहीं आंगनबाड़ी केंद्र से मिली सेवाओं ने पोषण और जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया।
 सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ममता की कहानी योजना और आंगनबाड़ी सेवाओं की जमीनी पहुंच की तस्वीर पेश करती है। आर्थिक सहायता, पोषण और जरूरी जानकारी मिलने से मातृत्व के दौरान उन्हें अपने और बच्चे की देखभाल में सहयोग मिला।
 योजना से मिले लाभ पर श्रीमती ममता बनवासी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं से उन्हें विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल रहा है और मातृ वंदना योजना से मिली सहायता उनके तथा बच्चे की देखभाल में मददगार बनी है।</description><guid>39082</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:46:57 pm</pubDate></item><item><title>  सेवा की कहानी: बहकर जाने वाला बरसाती पानी बना आजीविका का साधन, डबरी से मछली पालन और सब्जी उत्पादन को मिला सहारा</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39081</link><description>-ग्रामीण रोजगार योजना से बनी आजीविका डबरी में सहेजा जा रहा बारिश का पानी, 9 किलो मछली बीज डालकर शुरू किया मछली पालन
-डबरी के पानी से सब्जी-भाजी की खेती भी कर रहा परिवार, एक ही संसाधन से आजीविका के दो अवसर
-जल संरक्षण को आजीविका से जोड़ा, मछलियों की बिक्री से अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद
रायपुर । बारिश का जो पानी पहले बहकर निकल जाता था, अब वही पानी डबरी में सहेजा जा रहा है और परिवार की आजीविका का आधार बन रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत लोसगा में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत समय लाल बड़ा के नाम से निर्मित आजीविका डबरी ने परिवार के लिए मछली पालन के साथ सब्जी उत्पादन की राह भी खोली है। डबरी में 9 किलो मछली बीज डालकर मछली पालन शुरू किया गया है, वहीं इसमें संचित पानी का उपयोग सब्जी-भाजी की खेती में भी किया जा रहा है।
 सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह सेवा की कहानी बताती है कि जल संरक्षण के लिए तैयार छोटी परिसंपत्ति को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उसका बहुउपयोग किया जा सकता है। डबरी से परिवार को पानी सहेजने की सुविधा मिली है और अब इसी पानी से मछली पालन तथा सब्जी उत्पादन के रूप में आय के दो अवसर तैयार हुए हैं। ग्राम लोसगा निवासी कनी लाल बड़ा बताते हैं कि उनके पिता समय लाल बड़ा के नाम से ग्रामीण रोजगार योजना के तहत आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया है। डबरी तैयार होने के बाद परिवार ने इसमें 9 किलो मछली बीज डालकर मछली पालन शुरू किया है।
मछलियां अभी तैयार हो रही हैं। परिवार को उम्मीद है कि मछलियों के बड़े होने के बाद उन्हें बाजार में बेचकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इससे खेती के साथ परिवार को आजीविका का एक और साधन मिलेगा।
कनी लाल बताते हैं कि पहले बरसात का पानी बिना उपयोग के बह जाता था। डबरी बनने के बाद वर्षाजल इसमें एकत्रित होने लगा है। अब परिवार इसी संचित पानी का उपयोग सब्जी-भाजी की खेती और सिंचाई के लिए कर रहा है। इस तरह डबरी केवल मछली पालन तक सीमित नहीं है। इसमें उपलब्ध पानी ने खेती के लिए भी सुविधा विकसित की है। एक ही जल संरचना से मछली पालन और सब्जी उत्पादन को जोड़कर परिवार उपलब्ध संसाधन का बेहतर उपयोग कर रहा है। मछली पालन और सब्जी उत्पादन को एक साथ जोड़ने से परिवार के लिए आय के दो संभावित स्रोत तैयार हुए हैं। मछलियां तैयार होने पर उनकी बिक्री से अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद है, जबकि डबरी के पानी से सब्जी उत्पादन में मदद मिलने से खेती को भी सहारा मिला है।
बरसाती पानी को सहेजकर उसका उत्पादक उपयोग किए जाने से डबरी जल संरक्षण के साथ आजीविका संवर्धन का माध्यम बन रही है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत समय लाल बड़ा के परिवार की यह कहानी बताती है कि ग्रामीण रोजगार योजना के तहत निर्मित जल संरक्षण परिसंपत्तियों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण परिवारों के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। बरसाती पानी का संरक्षण, मछली पालन और सब्जी उत्पादन जैसी गतिविधियां परिवार को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद कर रही हैं।
 कनी लाल बड़ा ने डबरी निर्माण से मिली सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डबरी बनने से परिवार को मछली पालन के साथ सब्जी-भाजी उत्पादन की सुविधा मिली है और आने वाले समय में इससे आय बढ़ने की भी उम्मीद है।</description><guid>39081</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:44:50 pm</pubDate></item><item><title> सेवा की कहानी: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से आधा हुआ अमोली का मंडी आने-जाने का किराया</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39080</link><description>-पहले ऑटो से सफर में लगते थे 50 से 60 रुपये, अब करीब 30 रुपये में बस से पहुंच रहे मंडी
-कम परिवहन खर्च से सब्जी व्यवसाय में मिली राहत, मंडी से सब्जियां और अन्य सामान लाना भी हुआ आसान
-छोटे व्यवसायी की कमाई में बचत का सहारा बनी ग्रामीण बस सेवा
रायपुर। मंडी तक आने-जाने में होने वाला खर्च किसी छोटे सब्जी विक्रेता की रोज की कमाई को सीधे प्रभावित करता है। सरगुजा जिले के कल्याणपुर क्षेत्र में सब्जी बेचकर परिवार की आजीविका चलाने वाले श्री अमोली के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना इसी खर्च को कम करने का माध्यम बनी है। पहले मंडी जाने के लिए उन्हें ऑटो में 50 से 60 रुपये तक किराया देना पड़ता था, अब ग्रामीण बस सेवा से यही सफर करीब 30 रुपये में पूरा हो रहा है। किराये में हुई इस बचत से उनके सब्जी व्यवसाय के रोजमर्रा के खर्च में राहत मिली है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई अमोली की यह सेवा की कहानी बताती है कि ग्रामीण परिवहन की सुविधा केवल गांव से बाजार तक पहुंच आसान नहीं करती, बल्कि छोटे व्यवसायियों के परिवहन खर्च को कम कर उनकी आजीविका में भी सहयोगी बन सकती है। श्री अमोली कल्याणपुर में फूलझर नाला के पास सब्जी बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। व्यवसाय के लिए उन्हें नियमित रूप से मंडी जाकर सब्जियां और अन्य जरूरी सामान लाना पड़ता है। पहले मंडी तक पहुंचने के लिए वे ऑटो पर निर्भर थे। अधिक किराया लगने के कारण उनकी कमाई का एक हिस्सा आने-जाने में ही खर्च हो जाता था।
मंडी से सामान लेकर वापस लौटने में भी परिवहन खर्च होता था। ऐसे में छोटे स्तर पर सब्जी व्यवसाय करने वाले अमोली के लिए किराये पर होने वाला खर्च महत्वपूर्ण था। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू होने के बाद अमोली को मंडी आने-जाने में राहत मिली है। वे बताते हैं कि अब करीब 30 रुपये किराया देकर बस से मंडी पहुंच जाते हैं। मंडी से सब्जियां और अन्य सामान लेकर वापस आने में भी सुविधा हुई है।
 परिवहन पर कम राशि खर्च होने से व्यवसाय की लागत घटाने में मदद मिल रही है। अमोली बताते हैं कि कई बार बाजार में सब्जियों का भाव कम मिलने के कारण अपेक्षित कमाई नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में आने-जाने के किराये में होने वाली बचत उनके लिए मायने रखती है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से मिली सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए अमोली कहते हैं, पहले ऑटो में किराया ज्यादा लगता था। अब बस में करीब 30 रुपये किराया लगता है। मंडी से सब्जी और सामान लाने में भी सुविधा हो गई है।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बस सेवा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर अमोली का अनुभव ग्रामीण परिवहन सुविधा के आजीविका से जुड़े प्रभाव को सामने लाता है। उनके लिए बस केवल मंडी तक पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि रोजमर्रा के व्यावसायिक खर्च में बचत का माध्यम भी बनी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत अमोली की यह कहानी बताती है कि गांवों को बाजार और मंडियों से बेहतर परिवहन सुविधा के माध्यम से जोड़ने से छोटे व्यवसायियों के लिए आवागमन आसान होने के साथ उनकी आजीविका के खर्च को कम करने में भी मदद मिल रही है।</description><guid>39080</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:42:05 pm</pubDate></item><item><title> अबूझमाड़ में बदलाव की नई इबारत: जहां 15 साल रहा सुरक्षा कैंप, अब वहीं संवर रहा आदिवासी बच्चों का भविष्य</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39079</link><description>-बस्तर संभाग में अपनी तरह की पहली पहल, भाटपाल के पूर्व सुरक्षा कैंप को बनाया गया जनजातीय विद्यार्थियों का छात्रावास
-जहां कभी सुरक्षा बलों की तैनाती थी, वहां अब गूंज रही बच्चों की पढ़ाई की आवाज; दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों को मिली शिक्षा और सुरक्षित आवास की सुविधा
रायपुर। नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में बदलाव की एक नई और उम्मीद जगाने वाली तस्वीर सामने आई है। नारायणपुर जिले के भाटपाल में जिस परिसर में करीब 15 वर्षों तक सुरक्षा बलों का कैंप संचालित होता रहा, आज उसी परिसर में दूरस्थ आदिवासी गांवों के बच्चे रहकर अपने बेहतर भविष्य की तैयारी कर रहे हैं।
बस्तर संभाग में अपनी तरह की इस पहली पहल के तहत पुराने सुरक्षा कैंप को जनजातीय विद्यार्थियों के छात्रावास और शिक्षा से जुड़े केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। कभी सुरक्षा और शांति की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला यह परिसर अब शिक्षा, अवसर और नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण का आधार बन गया है।
यह केवल किसी पुराने भवन का नया उपयोग नहीं, बल्कि उस बदलते अबूझमाड़ की कहानी है, जहां विकास की प्राथमिकताएं सुरक्षा से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आजीविका और नई पीढ़ी के लिए अवसरों के विस्तार तक पहुंच रही हैं। नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर भाटपाल का यह परिसर लंबे समय तक सुरक्षा बलों का महत्वपूर्ण ठिकाना रहा। करीब 15 वर्षों तक यहां सुरक्षा बल तैनात रहे। क्षेत्र में परिस्थितियां बदलने के बाद परिसर खाली हुआ तो जिला प्रशासन ने इसे अनुपयोगी छोड़ने के बजाय बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का निर्णय लिया।
कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन की पहल पर इस परिसर को उन जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास के रूप में विकसित किया गया, जो दूरस्थ और दुर्गम गांवों से पढ़ने आते हैं। लंबी दूरी और आवास की सुविधा नहीं होने के कारण ऐसे विद्यार्थियों के लिए नियमित पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था। 11 अगस्त 2026 से यहां विद्यार्थियों के लिए आवासीय व्यवस्था शुरू की गई। इसके साथ ही जिस परिसर की पहचान कभी सुरक्षा कैंप के रूप में थी, उसकी भूमिका पूरी तरह बदल गई।
 भाटपाल के पूर्व सुरक्षा कैंप परिसर में वर्तमान में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए दो छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में कक्षा 6वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 100 सीटें स्वीकृत हैं। वर्तमान में यहां 114 विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले इन बच्चों को विद्यालय के समीप सुरक्षित आवास मिलने से उनकी नियमित शिक्षा की राह आसान हुई है। इसी परिसर में पोस्ट-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भी संचालित किया जा रहा है। इसमें कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 50 सीटें स्वीकृत हैं और वर्तमान में 39 विद्यार्थी निवासरत हैं। यह व्यवस्था एजुकेशन सिटी कुतुल से संबद्ध विद्यार्थियों की आवासीय आवश्यकता को भी पूरा कर रही है।
 विशेष रूप से पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की शुरुआत उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जिन्हें दसवीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए विद्यालय के आसपास निजी आवास तलाशना पड़ता था। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। अब छात्रावास मिलने से उन्हें सुरक्षित आवास के साथ पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण भी मिल रहा है।
 दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की राह में केवल स्कूल में प्रवेश लेना ही चुनौती नहीं होती। लंबी दूरी, परिवहन और रहने की व्यवस्था भी उनकी नियमित पढ़ाई को प्रभावित करती है।
 भाटपाल की नई व्यवस्था ने इस समस्या का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भाटपाल छात्रावास से महज 50 मीटर की दूरी पर है। इससे विद्यार्थियों को रोज लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे अपना अधिक समय पढ़ाई में लगा पा रहे हैं। प्री-मैट्रिक से पोस्ट-मैट्रिक तक आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों की पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। प्रशासन का प्रयास है कि बच्चे केवल स्कूल में दाखिला ही न लें, बल्कि उच्च कक्षाओं तक अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
 इस बदलाव का वास्तविक अर्थ यहां रहने वाले बच्चों के अनुभवों में दिखाई देता है। हलामीमुंजमेटा से आने वाले कक्षा 9वीं के विद्यार्थी रितेश सोनी बताते हैं कि नए परिसर में आने के बाद विद्यार्थी काफी खुश हैं। सुरक्षित वातावरण में रहना, स्कूल का पास होना और साथियों के साथ पढ़ाई करना उनके लिए सुविधाजनक हो गया है।
 राजबेड़ा के रहने वाले कक्षा 12वीं के विद्यार्थी कोमेंद्र करीब 22 किलोमीटर दूर से आते हैं। छात्रावास शुरू होने से पहले विद्यालय के पास रहने के लिए उन्हें अलग से आवास की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इससे परिवार पर अतिरिक्त खर्च भी आता था। अब छात्रावास में सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलने से उनकी यह चिंता दूर हुई है। कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने भाटपाल पहुंचकर छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों के कमरों, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा बच्चों से सीधे संवाद किया।
 विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी आवश्यकताओं और समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। श्रीमती जैन ने उनकी जायज मांगों पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने बच्चों को छात्रावास परिसर और अपने कमरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण विद्यार्थियों को पढ़ाई पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास के किचन में पहुंचकर बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन का भी जायजा लिया। उन्होंने चावल एवं सब्जी की गुणवत्ता देखी तथा स्वच्छता और निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भाटपाल का यह परिवर्तन अबूझमाड़ और नारायणपुर की बदलती विकास यात्रा की एक महत्वपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत करता है।
लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब विकास की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों में शिक्षा भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रही है। दूरस्थ गांवों के बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने के साथ उन्हें वहीं बनाए रखने और उच्च कक्षाओं तक शिक्षा जारी रखने के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
 जिस परिसर में कभी सुरक्षा बलों की गतिविधियां इसकी पहचान हुआ करती थीं, आज उसी परिसर में स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चे किताबों के साथ अपने भविष्य की तैयारी कर रहे हैं।
करीब 15 वर्षों तक सुरक्षा का केंद्र रहा यह परिसर अब शिक्षा का सहारा बन गया है। सुरक्षा के लिए खड़ी की गई अधोसंरचना आज नई पीढ़ी को अवसर देने के काम आ रही है। भाटपाल की कहानी बदलते अबूझमाड़ की उस तस्वीर को सामने लाती है, जहां बदलाव का अर्थ केवल सड़क, भवन और दूसरी अधोसंरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि दूरस्थ गांवों के बच्चों के लिए शिक्षा और बेहतर भविष्य के नए रास्ते खोलना भी है।
जहां कभी सुरक्षा कैंप था, वहां आज बच्चों का छात्रावास है। जहां सुरक्षा बलों की मौजूदगी परिसर की पहचान थी, वहां अब विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य के सपने नई पहचान बन रहे हैं।
 सुरक्षा से शिक्षा तक का भाटपाल का यह सफर बदलते अबूझमाड़ की कहानी को एक नई भाषा दे रहा है।</description><guid>39079</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:39:41 pm</pubDate></item><item><title> रजिस्ट्री के साथ नामांतरण ने बचाया समय, किसान चंद्रशेखर को नहीं लगाने पड़े अलग से कार्यालय के चक्कर</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39078</link><description>-ऑटोम्यूटेशन से आसान हुई नामांतरण प्रक्रिया, पंजीयन के बाद स्वतः राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुआ नाम
-तकनीक आधारित सुधारों से सरल और पारदर्शी हो रही पंजीयन व्यवस्था, सेवा संकल्प अभियान में हितग्राही ने साझा किया अनुभव
रायपुर / संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन, इंतजार और कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो जाए, तो नागरिकों के लिए पूरी प्रक्रिया कहीं अधिक सहज हो जाती है। कांकेर जिले के अभनपुर-सरोना निवासी किसान श्री चंद्रशेखर निषाद ने पंजीयन व्यवस्था में आए इसी बदलाव को महसूस किया। संपत्ति का पंजीयन होने के बाद ऑटोम्यूटेशन के माध्यम से नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ी और उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। इससे उनका समय बचा और नामांतरण के लिए अलग से कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ी। सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री से लेकर नामांतरण तक की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने, पहचान सत्यापन को मजबूत करने और ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों के समय और अनावश्यक दौड़भाग को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन सुधारों से जुड़े उनके अनुभव और सुझाव भी संकलित कर रहा है।
श्री चंद्रशेखर निषाद ने बताया कि पहले संपत्ति के पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। इसके लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इस बार ऑटोम्यूटेशन की सुविधा से रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ी और उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया।उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, मेरा नामांतरण तुरंत हो गया। इससे मेरे समय की बहुत बचत हुई और मुझे अलग से कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ने से नागरिकों को अलग से आवेदन करने और संबंधित कार्यालयों में जाकर प्रक्रिया पूरी कराने की आवश्यकता कम हो रही है। किसानों और आम नागरिकों के लिए यह सुविधा संपत्ति संबंधी कार्यों को अधिक सहज बनाने में सहायक है।
पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान के सत्यापन की व्यवस्था की गई है। इससे पक्षकारों की पहचान सुनिश्चित करने और गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका को कम करने में मदद मिलती है।इसके साथ ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाएं भी पंजीयन प्रक्रिया को आसान बना रही हैं। नागरिक नेट बैंकिंग और यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों से पंजीयन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इन सुविधाओं से पंजीयन प्रक्रिया में समय की बचत के साथ पारदर्शिता और सुविधा भी बढ़ी है।
श्री चंद्रशेखर निषाद का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में किए गए तकनीकी सुधारों का लाभ केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया भी आसान हो रही है। ऑटोम्यूटेशन के माध्यम से नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से नागरिकों को अलग से इंतजार और कार्यालयीन दौड़भाग से राहत मिल रही है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई चंद्रशेखर की कहानी पंजीयन सेवाओं में आ रहे बदलाव की जमीनी तस्वीर प्रस्तुत करती है। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों का समय बच रहा है और संपत्ति से जुड़े कार्य अधिक सहज हो रहे हैं।</description><guid>39078</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:21:34 pm</pubDate></item><item><title>अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री पर प्रेमलता को मिली आर्थिक राहत, ऑनलाइन सुविधाओं से समय भी बचा</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39077</link><description>-महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट, गरियाबंद की प्रेमलता गिरी को हुई करीब 2,430 रुपये की बचत
-सुगम एप से जमीन की पहचान हुई सुनिश्चित, व्हाट्सएप पर मिला पंजीकृत दस्तावेज
रायपुर, / अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचीं गरियाबंद जिले के पारागांव निवासी श्रीमती प्रेमलता गिरी को पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों से दोहरा लाभ मिला। महिला क्रेता होने के कारण पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट से उन्हें करीब 2,430 रुपये की आर्थिक राहत मिली, वहीं ऑनलाइन और डिजिटल सुविधाओं के कारण उनका समय भी बचा। रजिस्ट्री से पहले ही संपत्ति के बाजार मूल्य और लगने वाले शुल्क की जानकारी मिली, सुगम एप से जमीन की पहचान सुनिश्चित हुई और पंजीयन के बाद दस्तावेज भी व्हाट्सएप पर प्राप्त हो गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने इन सुविधाओं से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व को प्रोत्साहित करने के साथ पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न सुधार लागू किए गए हैं। महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इस प्रकार महिला क्रेताओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की राहत मिल रही है।
श्रीमती प्रेमलता गिरी ने बताया कि पंजीयन से पहले ही संपत्ति के बाजार मूल्य और लगने वाले विभिन्न शुल्कों की जानकारी उपलब्ध होने से उन्हें पूरी प्रक्रिया और खर्च को समझने में आसानी हुई। अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर महिला क्रेता के रूप में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिली, जिससे उन्हें करीब 2,430 रुपये की बचत हुई।यह आर्थिक राहत उनके लिए सीधे तौर पर उपयोगी साबित हुई। श्रीमती गिरी ने महिलाओं के नाम संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहित करने वाली इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शुल्क में कमी से महिलाओं के लिए अपने नाम संपत्ति का पंजीयन कराना अधिक किफायती हुआ है।
पंजीयन प्रक्रिया में डिजिटल सुविधाओं का लाभ भी श्रीमती प्रेमलता गिरी को मिला। ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने, आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं से रजिस्ट्री की प्रक्रिया अधिक सहज हुई। आवश्यक जानकारी पहले से उपलब्ध होने और प्रक्रियाओं के ऑनलाइन होने से उनका समय बचा तथा कार्यालय के अनावश्यक चक्कर भी कम हुए। सुगम एप के माध्यम से पंजीकृत की जा रही जमीन की पहचान सुनिश्चित करने में भी सुविधा मिली। इससे संपत्ति से संबंधित जानकारी को अधिक स्पष्टता के साथ सत्यापित किया जा सका।
श्रीमती गिरी के लिए एक और महत्वपूर्ण सुविधा पंजीयन के बाद दस्तावेज का डिजिटल माध्यम से मिलना रही। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद पंजीकृत दस्तावेज उन्हें व्हाट्सएप पर प्राप्त हुआ। इससे दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अलग से कार्यालय जाने की जरूरत कम हुई और पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनी।श्रीमती प्रेमलता गिरी ने पंजीयन शुल्क में राहत और डिजिटल सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी तथा पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत से रजिस्ट्री का खर्च कम होने के साथ उनके नाम संपत्ति के पंजीयन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आया श्रीमती प्रेमलता गिरी का अनुभव बताता है कि शुल्क में राहत और तकनीक आधारित सुविधाएं मिलकर पंजीयन प्रक्रिया को कम खर्चीला और अधिक सुविधाजनक बना रही हैं। करीब 2,430 रुपये की बचत, सुगम एप से जमीन की पहचान और व्हाट्सएप पर पंजीकृत दस्तावेज मिलने जैसी सुविधाओं ने उनके लिए रजिस्ट्री के अनुभव को आसान बनाया है।</description><guid>39077</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:19:40 pm</pubDate></item><item><title> हार से सीखें और जीत का अहंकार न करें, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती - टंक राम वर्मा</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39076</link><description>-​सारंगढ़ को दो बड़ी सौगातें: शहर में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड और डाइट कॉलेज
-26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का सारंगढ़ में रंगारंग आगाज
- 5 संभागों के 330 खिलाड़ी दिखा रहे अपना दम
-​शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर घोषणाएं; नवोदय व केंद्रीय विद्यालय का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन
रायपुर । सारंगढ़ की पावन धरा पर रविवार को खेल, उत्साह और राज्य स्तरीय खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। मौका था 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026 के भव्य शुभारंभ का। इस गरिमामय अवसर पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में दो बड़ी सौगातें देते हुए जिले में सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड तथा डाइट (DIET) कॉलेज प्रारंभ करने की ऐतिहासिक घोषणा की।
   ​इसके साथ ही उन्होंने अवगत कराया कि जिले में नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया में हैं, और राज्य सरकार स्कूल अधोसंरचना के विकास व आवश्यक जीर्णोद्धार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिले के प्रभारी एवं राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने खिलाड़ियों में नया जोश भरते हुए कहा कि खेलोगे तो जीतोगे, खेलोगे तो हारोगे, लेकिन नहीं खेलोगे तो केवल दर्शक बनकर रह जाओगे। हार से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए और विजेता खिलाड़ियों को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास जारी रखने वाले ही जीवन में नई ऊंचाइयों को छूते हैं।
 ​खेलभांठा मैदान सारंगढ़ में 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के पाँचों संभागोंबिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजासे आए 330 बाल-खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर रहे हैं।​आयोजन के पहले दिन फुटबॉल (बालक 14 वर्ष), सॉफ्टबॉल (बालक एवं बालिका 17 वर्ष) और क्रिकेट (बालिका 17 वर्ष) की प्रतिस्पर्धाओं के साथ रोमांचक मुकाबलों की शुरुआत हुई।
 ​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि जीतने के लिए सबसे पहले मैदान में उतरना जरूरी है। खेल केवल शारीरिक विकास नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और बौद्धिक क्षमता को भी निखारता है। छत्तीसगढ़ की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता ही हमारी ताकत है, और खेल इस विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का सबसे सशक्त माध्यम है। ​​कलेक्टर ने स्वागत भाषण में खिलाड़ियों के रहने, भोजन व सुरक्षा की सुव्यवस्थित व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम शानदार रहा है और तीन विद्यार्थियों ने राज्य की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान बनाया है।
    ​उन्होंने जिले में शिक्षा के आधुनिक रुझानों का जिक्र करते हुए कहा कि कक्षा 11वीं एवं 12वीं के छात्रों के लिए नीट (NEET) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग सुविधा शुरू की जा रही है।विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कक्षाएं, रोबोटिक्स लैब्स और अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की जा रही है।
   ​उद्घाटन समारोह में सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष समेत अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे।</description><guid>39076</guid><pubDate>04-Oct-2026 10:17:41 pm</pubDate></item><item><title> शिक्षा मंत्री की पहल पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39075</link><description>-लोक सेवा गारंटी के दायरे में आई माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाएं
-डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र सहित कई सेवाओं के लिए 60 दिवस की समय-सीमा
रायपुर / विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से अब राहत मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध किया गया है। इससे विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा में उपलब्ध हो सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ा गया है। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसी तरह उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी से संबंधित सेवाएं भी निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 60 दिवस की समय-सीमा में प्रदान की जाएंगी।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए परेशान होना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यों के लिए समय पर दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक है। इसलिए विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक विद्यार्थीकेंद्रित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई और भविष्य निर्माण में लगाएं, न कि जरूरी दस्तावेजों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में। लोक सेवा गारंटी के दायरे में इन सेवाओं को शामिल किए जाने से व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को दस्तावेज प्राप्त करने अथवा परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
इस व्यवस्था का विशेष लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र या उत्तरपुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता होती है। समय-सीमा तय होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को उनके आवेदनों के निराकरण को लेकर स्पष्टता मिलेगी और अनावश्यक विलंब पर भी अंकुश लगेगा।</description><guid>39075</guid><pubDate>04-Oct-2026 7:19:29 pm</pubDate></item><item><title>  सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्य और नवाचार से ही जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है: राज्यपाल श्री डेका</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39074</link><description>रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका आज रोल- बोल सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित रोल बोल यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्यों, नवाचार और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को जीवन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल श्री डेका ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि जीवन में सकारात्मकता बहुत आवश्यक है। हमें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करना कठिन है। उन्होंने कहा कि रोल-बोल-रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने और अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने की सोच का संदेश देता है।उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो हो गया, उसे पीछे छोड़कर और भविष्य की अनावश्यक चिंता किए बिना वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमारे जीवन की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इस बात से भी जुड़ी है कि हमने कितने अच्छे संबंध बनाए हैं और परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध कैसे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हार को भी स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि हार हमें कठिन परिश्रम करने और अगली बार बेहतर प्रदर्शन कर जीत हासिल करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट और तकनीक ने पूरी दुनिया को हमारी पहुंच में ला दिया है। गूगल के माध्यम से बहुत-सी जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, लेकिन युवाओं में मौलिक सोच, मानसिक अभ्यास और स्वयं खोज करने की क्षमता विकसित होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई खोज, नवाचार और नई संभावनाओं को तलाशने की क्षमता मानव जीवन की विशेषता है। विज्ञान और तकनीक ने जीवनशैली में व्यापक परिवर्तन किए हैं और इसका प्रमुख आधार निरंतर नवाचार है। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाना भी है। तकनीक का विकास निरंतर जारी रहेगा, लेकिन उसका उपयोग समाज और मानवता के हित में होना चाहिए।
राज्यपाल श्री डेका ने युवाओं से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ करें। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, भ्रामक सामग्री और डीपफेक जैसी चुनौतियों से स्वयं को और समाज को सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मशीन बुद्धिमान हो सकती है, लेकिन मानवता मनुष्य के भीतर ही रहती है। तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए, वह मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि जीवन में चरित्र का बहुत महत्व है। हमें अपने संबंधों को सहेजकर रखना चाहिए और सफलता मिलने पर भी विनम्र बने रहना चाहिए। ज्ञान लीजिए, ज्ञान दीजिए और इसका दान करिए यही सच्ची मानवीय परंपरा है।
राज्यपाल ने कहा कि मानव का बौद्धिक गुण सर्वाेपरि है। तकनीक का उपयोग रचनात्मक कार्यों और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा एक सकारात्मक संदेश लेकर जाएंगे। कार्यक्रम में कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहिब, बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, रोल-बोल संस्था के पदाधिकारी तथा राजनीति, मीडिया, उद्योग और सिनेमा से जुड़े विशिष्टजन उपस्थित थे।</description><guid>39074</guid><pubDate>04-Oct-2026 7:15:34 pm</pubDate></item><item><title> सेवा संकल्प अभियान में जनसंवाद के जरिए जनभागीदारी को बढ़ावा दे रहीं मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39073</link><description>-गोरखनाथपुर और कमलापुर में ग्रामीणों से जानीं समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश
-मुनगा रोपकर पोषण के प्रति किया जागरूक, कुमदा बस्ती में नशामुक्ति की शपथ दिलाई
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत गोरखनाथपुर और कमलापुर में ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और गांव की आवश्यकताएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। जनसंवाद के दौरान मंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया।
ग्रामीणों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े के समक्ष स्थानीय समस्याएं और अपनी जरूरतें रखीं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रत्येक विषय को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता इस बात से तय होती है कि उनका लाभ जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है। इसके लिए जरूरी है कि अधिकारी आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें और उनके निराकरण के लिए समयबद्ध प्रयास करें। उन्होंने अधिकारियों से मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देने और लोगों को उनकी पात्रता के अनुसार लाभ दिलाने को कहा।
जनसंवाद के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने मुनगा का पौधा रोपकर पोषण जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपने घर-आंगन में मुनगा लगाने और स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों को परिवार के भोजन में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार और समुदाय के छोटे-छोटे प्रयास बच्चों तथा माताओं के पोषण को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि कुपोषण और एनीमिया के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की अहम भूमिका है। परिवार पौष्टिक भोजन के महत्व को समझें और बच्चों में भी अच्छी खानपान की आदतों को प्रोत्साहित करें।
  ग्राम कुमदा बस्ती में नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने युवाओं और नागरिकों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से अपने स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि नशे की आदत व्यक्ति की सेहत, परिवार की खुशहाली और उसकी प्रगति को प्रभावित करती है। उन्होंने नागरिकों से नशे के दुष्परिणामों के बारे में आसपास के लोगों को जागरूक करने और परिवार तथा समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने में सहयोग देने का आग्रह किया।
  सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों में जनसंवाद, पोषण जागरूकता और नशामुक्ति का संदेश एक साथ सामने आया। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।</description><guid>39073</guid><pubDate>04-Oct-2026 7:14:03 pm</pubDate></item><item><title>  सेवा संकल्प और सेवा सेतु अभियान से बस्तर में सेवा, समाधान और जनजागरूकता का संदेश</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39072</link><description>-सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स के 600 नव आरक्षकों ने चलाया सघन स्वच्छता अभियान
-माड़पाल सेवा सेतु शिविर में सभी 310 आवेदनों का मौके पर निराकरण, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ
-स्कूली बच्चों की नमो सेवा गाथा बनी आकर्षण का केंद्र, नुक्कड़ नाटक से योजनाओं और बदलाव की कहानी पहुंची जन-जन तक
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान और सेवा सेतु अभियान के माध्यम से बस्तर में सेवा, स्वच्छता, जनजागरूकता और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान की प्रभावी तस्वीर सामने आई है। बस्तर जिले के जिला मुख्यालय जगदलपुर में एक ओर बस्तर फाइटर्स के 600 नव आरक्षकों ने वृहद स्वच्छता अभियान चलाकर सेवा और श्रमदान का संदेश दिया, वहीं ग्राम पंचायत माड़पाल में आयोजित सेवा सेतु शिविर में प्राप्त सभी 310 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया। शिविर में स्कूली विद्यार्थियों की नमो सेवा गाथा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत लालबाग स्थित पुलिस प्रशिक्षण शाला से स्वच्छता अभियान की शुरुआत हुई। बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने अधिकारियों, जवानों और नागरिकों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने और इसके लिए व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर सांसद श्री कश्यप और सेनानी श्री एम.आर. मंडावी ने परिसर में पौधरोपण भी किया।
    इसके बाद सांसद श्री कश्यप के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स के 600 नव आरक्षकों ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ जगदलपुर के नया बस स्टैंड, ऐतिहासिक दलपत सागर, सिरहासार चौक और गंगामुण्डा सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर सघन सफाई अभियान चलाया। जवानों के श्रमदान ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में सेवा सेतु अभियान के तहत विकासखंड जगदलपुर की ग्राम पंचायत माड़पाल में आयोजित समाधान शिविर में सांसद श्री महेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में प्राप्त सभी 310 आवेदनों का मौके पर शत-प्रतिशत निराकरण कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की गई। सांसद श्री कश्यप ने कहा कि सेवा सेतु अभियान शासन और जनता के बीच की दूरी को कम कर रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का ध्येय है। प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। राजस्व विभाग द्वारा किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा प्रमाण-पत्र और स्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूर्ण हुए 2 आवासों की चाबियां भी हितग्राहियों को सौंपी गईं।
 सेवा सेतु शिविर का विशेष आकर्षण स्कूली विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक नमो सेवा गाथा रहा। विद्यार्थियों ने प्रभावी अभिनय के माध्यम से शासकीय योजनाओं, डिजिटल लेनदेन में यूपीआई की भूमिका और देश में आए विभिन्न बदलावों को सहज एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक में माओवाद की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण से जुड़े बदलावों को भी दर्शाया गया।
 नाट्य दल के लिए शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर और जगतू माहरा हायर सेकेंडरी स्कूल, जगदलपुर के लगभग 22 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। विद्यार्थियों को बादलकृबस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लैंग्वेजकृके प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। दल में एनसीसी कैडेट्स सहित अन्य विद्यार्थी भी शामिल हैं।
बाढ़ और मौसमी बीमारियों जैसी चुनौतियों के बावजूद विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपनी तैयारियां जारी रखीं। शिविर में उनकी प्रस्तुति की सांसद श्री महेश कश्यप, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सराहना की। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पदलाम नाग, जनपद सदस्य श्रीमती सरकी मीना राव, जनपद पंचायत जगदलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बीरेंद्र बहादुर सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।</description><guid>39072</guid><pubDate>04-Oct-2026 7:12:04 pm</pubDate></item><item><title>  आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर आएगा बस्तर, पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39071</link><description>-जगदलपुर में 5 से 7 अक्टूबर और दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक लगेगा निःशुल्क विशाल दिव्यांग सेवा शिविर
-आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को विशेष प्राथमिकता, जरूरत के अनुसार जयपुर फुट, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स आदि सहायक उपकरण भी
रायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि बस्तर अब आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर निकलने को तैयार है। वर्षों तक नक्सल हिंसा के दौर में बस्तर के अनेक इलाकों में सड़कों, नदी-तालाबों के किनारे और स्कूलों के आसपास लगाए गए आईईडी की चपेट में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ आम नागरिक और पशु भी आए। कई नागरिकों ने इन विस्फोटों में अपने हाथ-पैर गंवाए और आज भी दिव्यांगता के साथ कठिन जीवन जी रहे हैं। जिनकी वेदना को कम करने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और छत्तीसगढ़ शासन भी लगातार प्रयासरत है। ऐसे लोगों के जीवन की मुश्किलें कम करने के उद्देश्य से बस्तर संभाग में दो चरणों में विशाल निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
 पहला तीन दिवसीय शिविर 5, 6 और 7 अक्टूबर को बस्तर के जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित होगा। इसमें बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोण्डागांव जिले के दिव्यांगजन भी शामिल होंगे। दूसरा शिविर 15, 16 और 17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में आयोजित किया जाएगा, जिसमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। इन शिविरों में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के तकनीकी सहयोग से जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
शिविर की तैयारियां बड़े स्तर पर की जा रही हैं। उपलब्ध विभागीय विवरण के अनुसार जगदलपुर में आयोजित होने वाले शिविर के लिए चार जिलों में कुल 2,953 दिव्यांगजन चिन्हांकित किए गए हैं। इनमें बस्तर के 1,570, कोण्डागांव के 1,080, कांकेर के 236 और नारायणपुर के 67 दिव्यांगजन शामिल हैं।
 समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगों की अन्य सहायक उपकरण जैसे श्रवण यंत्र, वैशाखी, स्मार्ट छड़ी, वॉकिंग स्टिक, छड़ी, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, कैलिपर्स एवं दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी उपकरणों का भी वितरण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आईईडी किसी को पहचानता नहीं था। उसकी चपेट में कभी जवान आए, कभी आम नागरिक और कभी पशु। जिन नागरिकों ने विस्फोटों में अपने पैर या हाथ गंवाए, उनका जीवन बच तो गया, लेकिन उन्हें वर्षों से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। अब प्रयास है कि ऐसे प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी जरूरत के अनुरूप कृत्रिम अंग उपलब्ध कराया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद की समाप्ति के बाद ना सिर्फ बस्तर को आईईडी के भय से मुक्त कराने बल्कि आईईडी से प्रभावितों के साथ भी खड़ी है। शिविर में आईईडी विस्फोट से दिव्यांग हुए नागरिकों को विशेष रूप से चिन्हांकित कर उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम पैर (जयपुर फुट), कृत्रिम हाथ तथा अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोग भी शिविर का लाभ ले सकेंगे। विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण और नाप लेकर आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार करने तथा पुराने अथवा क्षतिग्रस्त कृत्रिम अंगों की मरम्मत की व्यवस्था भी शिविर में रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों और विशेष रूप से आईईडी विस्फोट पीड़ितों से शिविर में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हितग्राही अपने जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ग्राम सभाओं में भी ऐसे हितग्राहियों के नाम ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से पंजीयन कर जनपद और जिला पंचायत तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी कारणवश पूर्व पंजीयन नहीं हो पाया हो तो जरूरतमंद व्यक्ति सीधे शिविर में भी पहुंचें। शिविर में आने वाले हितग्राहियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।
    उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इन दोनों शिविरों के माध्यम से प्रयास है कि समूचे बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक सहायता पहुंचे और वर्षों से उनके जीवन से जुड़ी इस पीड़ा को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तर में आईईडी विस्फोट के इस दंश को समाप्त कर देना है।</description><guid>39071</guid><pubDate>04-Oct-2026 7:10:16 pm</pubDate></item><item><title> सेवा संकल्प अभियान: सोनकछार जलाशय में ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39070</link><description>-जल स्रोतों की साफ-सफाई के साथ जल जन चौपाल, पेयजल स्रोतों की जांच और जल सुरक्षा संवाद का आयोजन
-जनभागीदारी से जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और जल की हर बूंद के सदुपयोग का दिया संदेश
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के प्रति जन-जागरूकता के लिए लगातार गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में शनिवार को जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं पंचायत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत पिपरखुटी स्थित सोनकछार जलाशय में स्वच्छता एवं जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान ग्रामीणों की सहभागिता से सोनकछार जलाशय एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। जल जन चौपाल, ग्रामीण पेयजल स्रोतों की जांच और ग्राम जल सुरक्षा संवाद के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित जल के महत्व, वर्षा जल संचयन और उपलब्ध जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
जल जन चौपाल में बताया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों के स्वास्थ्य से भी सीधे जुड़ी है। तालाब, जलाशय और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों से वर्षा जल के संचयन और दैनिक जीवन में पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने का भी आग्रह किया गया।
 कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पिपरखुटी के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए जल की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह पहल जल स्रोतों की साफ-सफाई तक सीमित न रहकर ग्रामीणों को जल सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ने का माध्यम बनी। जनभागीदारी के जरिए स्वच्छ जल स्रोत-सुरक्षित भविष्य का संदेश देते हुए जल संरक्षण को जन-अभियान बनाने पर जोर दिया गया।</description><guid>39070</guid><pubDate>04-Oct-2026 7:06:49 pm</pubDate></item><item><title> पीएम सूर्य घर योजना से बिजली खर्च में राहत, सौर ऊर्जा बनी बचत का आधार</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39069</link><description>-श्री नंदलाल सिंह के बिजली बिल में आई राहत, केंद्र और राज्य से मिली 1.08 लाख रूपये की सहायता
रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने और बिजली खर्च घटाने का अवसर दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मिल रही अतिरिक्त सहायता से योजना का लाभ लेना आसान हुआ है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सूरजपुर जिले के ग्राम खोरमा निवासी श्री नंदलाल सिंह की कहानी योजना से मिली आर्थिक राहत को दर्शाती है।
जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरमा के निवासी श्री नंदलाल सिंह ने मार्च 2026 में अपने घर की छत पर तीन किलोवॉट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग तीन से चार हजार रुपये आता था। सोलर पैनल लगने के बाद अब बिल घटकर करीब 500 से 600 रुपये रह गया है। कभी-कभी बिल शून्य भी आता है। बिजली खर्च में आई कमी से परिवार को आर्थिक राहत मिली है।
श्री नंदलाल सिंह ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित कराने के लिए उन्हें बैंक से ऋण की सुविधा मिली। इसके साथ ही केंद्र सरकार से 78 हजार रूपये और राज्य सरकार से ₹30 हजार की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 1 लाख 8 हजार रूपये की सहायता से उनके लिए सौर संयंत्र लगाना आसान हुआ।अब उनके घर की छत बिजली उत्पादन का माध्यम बन गई है। बिजली बिल में बचत से परिवार की अन्य जरूरतों के लिए राशि उपलब्ध हो रही है। श्री नंदलाल सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अन्य नागरिकों से योजना की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाने की अपील की।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई यह सेवा की कहानी बताती है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और केंद्र तथा राज्य सरकार की सहायता से परिवार सौर ऊर्जा अपना सकते हैं और अपने बिजली खर्च में राहत पा सकते हैं।</description><guid>39069</guid><pubDate>04-Oct-2026 6:48:28 pm</pubDate></item><item><title> वन्यजीव सप्ताह: राम मंदिर से जंगल सफारी तक 25 किमी साइकिल रैली का हुआ आयोजन  </title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39068</link><description>रायपुर। वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप मार्गदर्शन और दिशा निर्देश पर रविवार को नवा रायपुर में साइकिल रैली निकाली गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता और युवाओं में वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। पूरे प्रदेश में वन्यजीव सप्ताह के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि समाज में प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सके।
यह साइकिल रैली वीआईपी रोड रायपुर के राम मंदिर से शुरू हुई और 25 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते हुए जंगल सफारी में समाप्त हुई। इस साइकिल रैली में 100 से अधिक साइक्लिस्ट ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और जंगल सफारी के संचालक ने भी खुद साइकिल चलाकर प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया।
​रैली के नंदनवन पहुंचने के बाद सभी प्रतिभागियों ने जंगल सफारी और जू का भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने विभिन्न वन्यजीवों को नज़दीक से देखा और उनके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।</description><guid>39068</guid><pubDate>04-Oct-2026 6:36:14 pm</pubDate></item><item><title>अब न टपकती छत की चिंता, न सीलन का डरजोहन सिंह के परिवार को मिला पक्का घर</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39067</link><description>-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी पहल और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन ने जीवन में भरी खुशियां
रायपुर। कभी बारिश की बूंदें ग्राम पंचायत कटरा निवासी जोहन सिंह और उनके परिवार के लिए चिंता का कारण बन जाती थीं। मिट्टी और खपरैल से बने कच्चे घर की छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और घर की लकड़ियों, कबेलू तथा खपरैल को समय-समय पर बदलना पड़ता था। सीमित संसाधनों के कारण अपने दम पर पक्का मकान बनाना परिवार के लिए आसान नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनकी इस चिंता को दूर कर पक्के और सुरक्षित घर के सपने को हकीकत में बदल दिया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जोहन सिंह जैसे जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आवास केवल चार दीवारों और छत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन का आधार बन रहा है।
ग्राम पंचायत कटरा निवासी जोहन सिंह का परिवार लंबे समय से कच्चे और मिट्टी के मकान में रह रहा था। बरसात शुरू होते ही परिवार की परेशानियां बढ़ जाती थीं। छत से पानी टपकने के साथ घर में सीलन हो जाती थी। कबेलू, खपरैल और लकड़ियों की मरम्मत पर बार-बार समय और पैसे खर्च करने पड़ते थे। मौसम की मार के बीच परिवार को घर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जोहन सिंह का आवास स्वीकृत होने के बाद परिवार की परिस्थितियां बदलने लगीं। योजना की सहायता से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है। अब परिवार को बारिश में छत टपकने, सीलन और बार-बार मरम्मत की चिंता से राहत मिली है। पक्के आवास ने परिवार को सुरक्षित वातावरण देने के साथ जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।
जोहन सिंह बताते हैं कि कच्चे घर में बरसात के दिनों में सबसे अधिक परेशानी होती थी। छत से पानी टपकने के कारण घर के भीतर सामान को सुरक्षित रखना भी मुश्किल होता था। मकान की लकड़ियों और खपरैल को समय-समय पर बदलना पड़ता था। अब पक्का मकान बन जाने से इन सभी परेशानियों से छुटकारा मिल गया है। परिवार अब सुरक्षित और सुखद वातावरण में रह रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जरूरतमंद परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। शासन की मंशा है कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और उनका जीवन स्तर बेहतर हो। इसी का परिणाम है कि गांवों में अनेक जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।
जोहन सिंह के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ केवल एक पक्का मकान मिलने तक सीमित नहीं है। यह उनके परिवार के जीवन में आए उस बदलाव की कहानी है, जिसमें असुरक्षित कच्चे मकान की चिंता की जगह अब सुरक्षित छत, सुकून और बेहतर भविष्य की उम्मीद ने ले ली है।
अपने परिवार को पक्का आशियाना मिलने से प्रसन्न जोहन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना से उनके परिवार का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना पूरा हुआ है। अब परिवार बिना किसी चिंता के सुरक्षित घर में रह रहा है।
जोहन सिंह की यह कहानी बताती है कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रभावी क्रियान्वयन से योजनाओं का लाभ धरातल पर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर आज जोहन सिंह के परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा और खुशहाल जीवन की नई पहचान बन गया है।</description><guid>39067</guid><pubDate>04-Oct-2026 6:35:01 pm</pubDate></item><item><title> सेवा की कहानी : बिहान से बदली जिंदगी की राह, बैंक सखी बनकर आत्मनिर्भर हुईं दीपिका</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39066</link><description>-बेटियों का भविष्य संवारने में मिल रही मदद
-ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और लखपति दीदी की संकल्पना को दे रहीं मजबूती
रायपुर। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर महिलाएं आज स्वरोजगार के साथ-साथ बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोण्डागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र के ग्राम ज्ञान हसलनार की रहने वाली दीपिका देवांगन ऐसी ही महिला हैं, जिन्होंने बिहान से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह में अपनी पहचान बनाई है।दीपिका वर्ष 2018 में किशोरी कन्या स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों के साथ आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर मिला। वर्ष 2019 से वे बैंकिंग सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराकर वे ग्रामीणों के लिए सुविधा का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हैं।
12 करोड़ रुपये से अधिक का किया लेन-देन
दीपिका अब तक बैंकिंग सखी के रूप में लगभग 12 करोड़ रुपये का लेन-देन कर चुकी हैं। उनके माध्यम से ग्रामीणों और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को गांव में ही राशि आहरण सहित बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंक तक आने-जाने में लगने वाले समय और खर्च से राहत मिली है।
बैंकिंग सेवाओं के साथ दीपिका ग्रामीणों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं वित्तीय सेवाओं की जानकारी और सुविधा भी उपलब्ध करा रही हैं। इस तरह वे स्वयं आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के साथ ग्रामीण परिवारों को भी वित्तीय रूप से जागरूक और सशक्त बनाने में योगदान दे रही हैं।
9 से 12 हजार रुपये मासिक आय से मजबूत हुआ परिवार
बैंकिंग सखी के रूप में कार्य करते हुए दीपिका को प्रतिमाह लगभग 9 से 12 हजार रुपये तक का कमीशन प्राप्त होता है। इस आय ने उन्हें अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने और अपनी बेटियों के भविष्य के लिए बचत करने का आत्मविश्वास दिया है। दीपिका अपनी दोनों बेटियों के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना के तहत प्रत्येक बेटी के लिए प्रतिमाह 3,500 रुपये जमा कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बेटियों के नाम पर 50 हजार रुपये की आरडी भी करवाई है। उनकी यह पहल बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाती है।
आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं दीपिका
वह बताती हैं कि बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है। समूह से जुड़ने और बैंकिंग सखी के रूप में कार्य करने से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला। आज वे परिवार की आजीविका में सहयोग देने के साथ-साथ गांव के लोगों को आवश्यक बैंकिंग और शासकीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयासों का दीपिका का सफर एक जीवंत उदाहरण है। उनकी मेहनत और निरंतर प्रयास लखपति दीदी की संकल्पना को मजबूत करते हुए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।</description><guid>39066</guid><pubDate>04-Oct-2026 6:26:38 pm</pubDate></item><item><title>सेवा सेतु से आसान हुई आय प्रमाण पत्र की प्रक्रिया, प्रेम सिंह को घर बैठे मिली सुविधा</title><link>https://chhattisgarhaaj.com/chhattisgarh.php?articleid=39065</link><description>सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी
बिलासपुर/शासन द्वारा नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ सहज और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु पोर्टल लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से नागरिक घर बैठे आवश्यक दस्तावेजों के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिससे समय और श्रम की बचत हो रही है।
इसी क्रम में उमरिया दादर निवासी श्री प्रेम सिंह ने अपने पुत्र के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी होने से उन्हें प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके पुत्र का आय प्रमाण पत्र तैयार कर उपलब्ध कराया गया।
प्रेम सिंह ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना काफी आसान और सुविधाजनक रहा। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से समय की बचत हुई और शासकीय सेवा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सरल हुई। उन्होंने नागरिकों के लिए ऐसी ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।</description><guid>39065</guid><pubDate>04-Oct-2026 3:28:38 pm</pubDate></item></channel></rss>