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- हम में से कई लोग फ्रूट्स खाना बहुत ही ज्यादा पसंद करते हैं। फ्रूट्स चाट तैयार करने के लिए हम कई तरह के फलों को मिलाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे फ्रूट्स कॉम्बिनेशन होते हैं, जिसका सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। अगर आप इ न फ्रूट्स कॉम्बिनेशन का सेवन करते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल सकती है। इससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है। साथ ही कई लोगों में एलर्जी की परेशानी बढ़ जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं किन फलों को एक साथ नहीं खाना चाहिए....तरबूजगर्मियों में तरबूज का सेवन काफी ज्यादा किया जाता है। यह एक ऐसा फल है, जिसमें पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। बाकि फलों की तुलना में इसे पचाना भी आसान होता है। लेकिन आपको बता दें कि तरबूज को हमेशा अकेले की खाना चाहिए। डायटीशियन का कहना है कि इसे किसी भी फल के साथ मिक्स करके न खाएं। अगर आप तरबूज को किसी फल के साथ मिक्स करके खाते हैं, तो यह आपका पाचन बिगाड़ सकता है। यही बात खरबूजे पर भी लागू होती है।संतरा और दूधसंतरा के साथ कभी भी दूध न लें। दूध और संतरा का एक साथ सेवन करने से आपको पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है। साथ ही संतरे में एसिड होता है, जो शरीर के एंजाइम को नष्ट कर सकता है। जिसका असर पाचन पर पड़ सकता है। इससे बगलम और कफ की समस्या हो सकती है। इसी तरह दूध के साथ अन्य खट्टे फल जैसे- अनानास, नींबू, अंगूर जैसे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए। हालांकि, आप मीठे फलों का सेवन दूध के साथ कर सकते हैं।नींबू और पपीताकामिनी कुमारी बताती हैं कि खट्टे फलों को कभी भी मीठे फलों के साथ नहीं खाना चाहिए। इतना ही नहीं, फ्रूट चाट बनाते समय अगर आप इसपर नींबू का रस छिड़कते हैं, तो यह आपका सेहत बिगाड़ सकते हैं। खासतौर पर अगर आप नींबू के साथ पपीता का सेवन करते हैं, तो यह आपके हीमोग्लोबिन पर बुरा असर डाल सकता है। साथ ही इसके कारण एनीमिया जैसी परेशानी हो सकती है।गाजर और संतराअगर आप फ्रूट चाट बनाते वक्त गाजर और संतरा को एक साथ मिलाकर खा रहे हैं, तो इससे आपके सेहत पर असर पड़ सकता है। गाजर और संतरा का एक साथ सेवन करने से किडनी पर इसका बुरा असर हो सकता है। यह कॉम्बिनेशन सीने में जलन और पित्त की समस्या को उत्पन्न कर सकता है। इसलिए कोशिश करें कि गाजर और संतरा का एक साथ सेवन न करें।केला और अमरुदकेला और अमरुद का भी एक साथ गलती से भी सेवन न करें। एक साथ केला और अमरुद के सेवन से पेट में गैस और एसिडिटी की परेशानी हो सकती है। साथ ही इसके कारण सिरदर्द को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसलिए कोशिश करें कि केला और अमरुद एक साथ न खाएं।खुबानी और अनारअगर आप फ्रूट चाट की प्लेट में अनार और खुबानी को एक साथ जोड़ रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। दरअसल, खुबानी और अनार दोनों ही प्रोटीन और शुगर का समृद्ध स्त्रोत होता है। ऐसे में दोनों का एक साथ सेवन करने से आपके पाचन से जुड़ी परेशानी को हो सकती है। साथ ही सीने में जलन, एसिडिटी जैसी समस्या हो सकती है।
- अनहेल्दी डाइट, स्ट्रेस या तनाव का असर हमारी सेहत के साथ ही बालों पर भी पड़ता है। हमेशा तनाव में रहने, खाने में पोषक तत्वों की कमी और कैमिकल बेस्ड हेयर प्रोडक्ट के इस्तेमाल से हेयर फॉल, ग्रे हेयर जैसी समस्याएं होने लगती हैं। बालों को मजबूत, घना, लंबा और चमकदार बनाने के लिए उन्हें भी पोषण की जरूरत होती है। बालों को पोषण देने के लिए हम नारियल का तेल, सरसों का तेल या बादाम का तेल लगाते हैं। आप चाहें तो बालों की समस्याएं दूर करने के लिए लौकी के तेल का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।लौकी की सब्जी के साथ ही लौकी का तेल भी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लौकी का तेल हमारे सिर, बालों और मस्तिष्क के लिए काफी फायदेमंद होता है। इस तेल को बालों पर लगाने से हेयर फॉल रुकता है। इसके अलावा लौकी का तेल लगाने से रूसी भी दूर होती है। दरअसल, लौकी के तेल में मैग्नीशियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम, विटामिन सी, जिंक, मैंगनीज और विटामिन बी कॉम्पलेक्स पाया जाता है। लौकी के तेल में मौजूद ये सभी तत्व बालों को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं।1. सफेद बालों से छुटकारा -आजकल अधिकतर लोग सफेद बालों की समस्या से परेशान हैं। कम उम्र में ही बाल सफेद नजर आने लगते हैं। इसे छिपाने के लिए लोग कलर डाई का सहारा लेते हैं। लेकिन अगर आप सफेद बालों से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो बालों पर लौकी का तेल लगा सकते हैं। इस तेल से बालों की मालिश करने से बाल काले होते हैं। सफेद बालों से छुटकारा मिलता है।2.डैंड्रफ हटाए- डैंडफ से छुटकारा पाने के लिए लौकी का तेल भी फायदेमंद है। इस तेल से मालिश करने से रूसी दूर होती है।3. बालों को मजबूत बनाए - नियमित रूप से लौकी का तेल बालों पर लगाने से बालों को पोषण मिलता है, जिससे बाल लंबे और मजबूत बनते हैं।4. ड्राय हेयर केयर- लौकी के तेल से बालों की मसाज करने से ड्राय हेयर से भी छुटकारा मिलता है।लौकी का तेल कैसे बनाएंलौकी के तेल को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। इसके लिए नारियल के तेल और लौकी की जरूरत होगी।-लौकी का तेल बनाने के लिए लौकी को छिलकों समेत काट लें।-अब लौकी के टुकड़ों को 4-5 दिनों तक धूप में सुखाने के लिए रख दें।-इसके बाद एक पैन लें। इसमें नारियल का तेल डालें।-नारियल का तेल गर्म होने के बाद इसमें लौकी के टुकड़े डाल दें।-इसे 15-20 मिनट तक पकाएं। जब लौकी अच्छी तरह पक जाए तो, गैस बंद कर दें।-अब इसे ठंडा होने दें। फिर इसे छान लें और कांच की बोतल में डाल दें।इस आप रात को बालों पर लगाकर सो सकते हैं। इसके लिए लौकी का तेल लें, बालों पर 10 मिनट तक मसाज करें। सुबह बालों को अच्छी तरह से धो लें। इससे बाल लंबे और मजबूत बनेंगे।
- लौकी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। वजन कम करने से लेकर शरीर की कई परेशानियों को दूर करने में लौकी फायदेमंद होती है। लेकिन क्या आपने कभी लौकी की पत्तियों का सेवन किया है? जी हां, लौकी की तरह लौकी की पत्तियां भी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हो सकती हंै। आज हम इस लेख में लौकी की पत्तियों को खाने के फायदे और इसकी कुछ स्वादिष्ट रेसिपीज के बारे में जानेंगे।100 ग्राम कच्ची लौकी की पत्तियों में मौजूद पोषक तत्व -एनर्जी - 39 कैलोरी, प्रोटीन - 2 ग्राम, फैट - 1 ग्राम, मिनरल - 2 ग्राम, फाइबर - 1 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट - 6 ग्राम, कैल्शियम - 80 एमजी, फास्फोरस - 59 एमजी।लौकी की पत्तियों के फायदेवजन कम करने में असरदारलौकी की पत्तियों का सेवन करने से शरीर का वजन कम हो सकता है। इसमें एनर्जी के साथ-साथ फाइबर की मात्रा भी होती है, जो आपके शरीर के वजन को कम करने में प्रभावी हो सकता है।इम्यूनिटी करे बूस्टलौकी की तरह लौकी की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से लौकी की पत्तियों का साग बनाकर खाने से बीमारियों से लडऩे की क्षमता बढ़ सकती है।हड्डियों को करे मजबूतलौकी की पत्तियों में कैल्शियम भरपूर रूप से होता है, जो शरीर की हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह मांसपेशियों के विकास में भी मददगार है।हेल्दी फैटलौकी में हेल्दी फैट होता है, जो शरीर के वजन को कम रखता है। साथ ही इससे शरीर को एनर्जी और कई अन्य पोषक तत्व मिलते हैं।डायबि़टीज रखे कंट्रोलडायबिटीज मरीजों के लिए भी लौकी की पत्तियों का सेवन लाभकारी हो सकता है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकता है। लौकी के जूस की तरह लौकी की पत्तियों के जूस का भी सेवन किया जा सकता है।दिल के लिए फायदेमंदलौकी की पत्तियां दिल के लिए काफी फायदेमंद हो सकती हैं। सप्ताह में कम से कम तीन बार इसका रस पीने से आपसे दिल से जुड़ी बीमारियां दूर हो सकती हैं। साथ ही यह रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।लौकी के पत्ते की रेसिपीजलौकी के पत्ते की चटनीआवश्यक सामग्री- लौकी की पत्तियां - 10, हरी मिर्च - 2 , सरसों तेल - 1 छोटी चम्मच , लहसुन की कली - 4-5सबसे पहले लौकी की पत्तियां, लहसुन, हरी मिर्च मिक्सर ग्राइंडर में डालकर पीस लें। इसके बाद इसमें इसे एक कटोरी में डाल लें। अब इसमें सरसों का तेल और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। लीजिए लौकी के पत्तों की चटनी तैयार है।लौकी के पत्ते का साग250 ग्राम लौकी की पत्तियां लें। अब इसे काट लें। इसके बाद कढ़ाई चढ़ाएं और इसमें सरसों का तेल डाल लें। इसके बाद इसमें हींग और हीरा डालें। अब इसमें लौकी की पत्तियों को डालकर अच्छी तरह भुन लें। जब पत्तियों में से पानी सूख जाए, तो इसमें नमक डाल लें। आप चाहें, तो ऊपर से कुछ हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।नोट- ध्यान रखें कि अगर आप पहले से किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह पह ही लौकी की पत्तियों का सेवन करें।
- लौकी पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है, इसका सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। लौकी में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और फाइबर अधिक मात्रा में होता है। लौकी में मौजूद तत्व शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। लौकी को जूस, सब्जी आदि के रूप में खाया जाता है, लेकिन आप चाहें तो लौकी का भर्ता बनाकर भी खा सकते हैं। लौकी का भरता स्वादिष्ट होने के साथ ही काफी पौष्टिक भी होता है। लौकी का भर्ता खाने से वजन को नियंत्रण में रखा जा सकता है, साथ ही शरीर में पानी की पूर्ति भी होती है। लौकी डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए भी उपयोगी होती है।लौकी का भर्ता खाने के फायदे1. स्ट्रेस कम होता हैलौकी खाने से स्ट्रेस कम होता है। लौकी में पानी अधिक मात्रा में होता है, इससे शरीर ठंडा रहता है। साथ ही लौकी में सेडेटिव प्रॉपर्टीज होती है, इससे शरीर रिलैक्स रहता है।2. वजन कम करेघीया या लौकी को वजन कम करने के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। वैसे तो वजन कम करने के लिए लौकी का जूस पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन आप चाहें तो लौकी का भरता भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। लौकी में फाइबर होता है, इसे खाने से जल्दी से भूख नहीं लगती है और वजन कंट्रोल में रहता है।3. डाइजेशन में फायदेमंदलौकी डाइजेशन में भी काफी फायदेमंद होता है। लौकी में मौजूद तत्व डाइजेशन में सहायक होता है। लौकी में फाइबर होती है, जो पाचन क्रिया में सुधार करता है। गैस, एसिडिटी और कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाता है। पाचन से जुड़ी समस्या होने पर आप लौकी के भरते का सेवन कर सकते हैं।4. स्किन के लिए फायदेमंदलौकी त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। लौकी खाने से शरीर में जमा गंदगी और टॉक्सिंस आसानी से निकल जाते हैं। इससे स्किन ग्लोइंग और खूबसूरत बनती है। साथ ही शरीर अंदर से साफ होता है।5. शरीर को ठंडा रखेलौकी का भर्ता शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। लौकी की तासीर ठंडी होती है, ऐसे में गर्मियों में इसका सेवन किया जा सकता है। लौकी का सेवन करने से शरीर ठंडा रहता है और पानी की पूर्ति होती है।लौकी का भर्ता कैसे बनता हैलौकी का भर्ता बनाने के लिए आप सबसे पहले लौकी को धोकर गैस पर छिलका समेत भून लें। लौकी के छिलके को अच्छे से काला होने दें। इसके बाद लौकी के काले छिलके को निकाल लें, छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सी में दरदरा पीस लें। अब एक गैस में तेल गर्म करें, इसमें लहसुन, जीरा और प्याज डालें। साथ में हरी मिर्च भी काटकर डाल दें। नमक डालकर प्याज को सुनहरा होने तक भून लें। फिर इसमें टमाटर, लाल मिर्च पाउडर और हल्दी पाउडर डालें। मसाले को अच्छी तरह से पकने दें। इसके बाद इसमें पिसी हुए लौकी डाल लें और 3-4 मिनट के लिए पकाएं। इसमें हरा धनिया, घी डालें और गर्मा-गर्म सर्व करें। घी से लौकी के भर्ता का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। आप भर्ता को रोटी के साथ खा सकते हैं।
- तरबूज और खरबूज गर्मियों में सबसे अधिक खाए जानें वाले फलों में से है। इन फलों के सेवन से शरीर की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। खरबूजे की बात कि जाए, तो यह गर्मी के सीजन में शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। साथ ही इससे कई अन्य फायदे होते हैं। इसमें कई तरह के पोषक तत्व जैसे- विटामिन ए, सी, ई, के, नियासिन, जिंक, मैग्नीशियम इत्यादि पाए जाते हैं। इन पोषक तत्वों से शरीर की कई समस्याएं दूर रहती हैं।खरबूजे के बीज खाने के फायदे1. इम्यूनिटी करे बूस्टखरबूजे के बीजों को अपने आहार में शामिल करने से आपके शरीर को भरपूर रूप से विटामिन सी प्राप्त होता है। दरअसल, इसका सेवन करने से ब्लड में व्हाइट ब्लड सेल्स की कोशिकाओं को बढ़ाया जा सकता है। ब्लड में व्हाइट ब्लड सेल्स बढऩे से इम्यूनिटी बेहतर हो सकती है।2. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंदखरबूजे के बीजों में फोलेट की अच्छी होती है, जो शरीर से अतिरिक्त सोडियम को हटा देती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं में वॉटर रिटेशन की समस्या कम हो सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए भी खरबूजे का बीज फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, गर्भावस्था में एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करें।3. ब्लड प्रेशर को करे कमखरबूजे के बीज में पोटैशियम भरपूर रूप से होता है। पोटैशियम युक्त आहार का सेवन करने से ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। साथ ही यह हृदय स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा होता है। खरबूजे के बीजों का सेवन करने से स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है।4. आंखों को रखे सुरक्षितखरबूजे के बीजों में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन की अधिकता होती है, जो आंखों के लिए काफी अच्छा माना जाता है। नियमित रूप से खरबूजे के बीजों का सेवन करने से मोतियाबिंद होने के खतरे को कम किया जा सकता है। साथ ही यह आंखों की रोशनी को प्रोटेक्ट करने में भी लाभकारी है।5. नाखून और बालों को रखे सुरक्षितबालों और नाखून के लिए भी खरबूजे का बीज फायदेमंद है। इसमें मौजूद हाई प्रोटीन, टिश्यूज के विकास में सहायक होते हैं। साथ ही यह बालों और नाखून की प्रोटीन को बढ़ावा देता है। नियमित रूप से खरबूजे के बीजों का सेवन करने से नाखून और बालों को सुरक्षित रखा जा सकता है।6. स्ट्रेस करे कमखरबूजे के बीजों का सेवन करने से मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो मस्तिष्क को शांत करता है। ऐसे में खरबूजे के बीजों का सेवन करने से स्ट्रेस फ्री की परेशानी दूर हो सकती है।7. एसिडिटी करे कमखरबूजे के बीजों में न्यूट्रल पीएच होता है। यह एसिड रिफ्लक्स या पेट की अन्य समस्याओं को दूर करने में प्रभावी हो सकता है। कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी समस्या को दूर करने के लिए खरबूजे के बीजों का सेवन किया जा सकता है।खरबूजे के बीज के नुकसानखरबूजे के बीजों का सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ हो सकते हैं। हालांकि, इससे शरीर को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट की सलाह पर ही इसका सेवन करें।लो ब्लड प्रेशर की समस्या - खरबूजे के बीजों का सेवन करने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। खासतौर पर ऐसे लोगों को जो पहले से ही ब्लड प्रेशर कम करने की दवा ले रहे हैं।यूरिन की समस्या - अधिक मात्रा में खरबूजे के बीजों का सेवन करने से बार-बार यूरिन पास करने की परेशानी हो सकती है।
- पिज्जा, बर्गर या कोई भी स्नैक्स या फास्ट फूड के साथ सर्व की जाने वाली टोमैटो सॉस अनहेल्दी होती है। टमाटर सॉस का ज्यादा सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक होता है, अगर आप ज्यादा सॉस खा लेंगे तो वजन बढ़ सकता है। बाजार में मिलने वाली टमाटर सॉस का ज्यादा सेवन करने से एक्ने या स्किन प्रॉब्लम्स शुरू हो सकती हैं। टमाटर सॉस में सोडियम, शुगर का इंटेक ज्यादा होता है जिससे आपकी सेहत बिगड़ सकती है इसलिए आपको टमाटर सॉस के हेल्दी विकल्प ढूंढ लेने चाहिए।1. घर पर बना सकते हैं टोमैटो सॉसआप घर पर भी टोमैटो सॉस तैयार कर सकते हैं। इसे बनाने का तरीका बेहद आसान है। आपको टमाटर, लहसुन, विनेगर, थोड़ा गुड़ और नमक मिलाना है और उसमें गरम मसाला मिलाकर पीस लेना है, ये टोमैटो सॉस का एक हेल्दी विकल्प है। ये टोमैटो सॉस बाजार में मिलने वाली सॉस से ज्यादा हेल्दी है क्योकि इसमें किसी तरह के प्रिजर्वेटिव मौजूद नहीं होते हैं और न ही एक्सट्रा शुगर मिलाई जाती है। कोशिश करें कि केचअप को आप हफ्ते भर में ही इस्तेमाल करके खत्म कर लें। घर की बनी सॉस में करीब 60 से 70 कैलोरीज हो सकती हैं।2. टमाटर चटनीआप सॉस या टोमैटो केचअप की जगह टमाटर चटनी का सेवन कर सकते हैं। टमाटर की चटनी को आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। टमाटर की चटनी को बनाने के लिए आप करी पत्ते, मिर्च, अदरक, लहसुन को एड करें और पीस लें। इस ऑप्शन को आप टोमैटो सॉस की जगह ट्राय कर सकते हैं। टमाटर की चटनी में आपको कैलोरीज की चिंता करने की जरूरत नहीं है, इसमें 30 से 40 कैलोरीज पर सर्विंग हो सकती है।3. टोमैटो सालसाऐसा नहीं है कि केवल बाजार में टोमैटो सालसा मिलता है, आप इसे घर पर भी तैयार कर सकते हैं। टोमैटो सालसा बनाने के लिए आप प्याज, मिर्च, लहसुन, नमक, काली मिर्च को रोस्टेड टमाटर के साथ मिक्सी में चलाएं, जो पेस्ट तैयार होगा उसे आप चिप्स, पकौड़े, रोटी, पराठा आदि के साथ खा सकते हैं। टोमैटो सालसा की कैलोरीज करीब 50 से 55 हो सकती है।4. टोमैटो हम्मसटमाटर से अच्छा हम्मस तैयार किया जा सकता है। आप लहसुन, काला, नींबू का रस, ऑलिव ऑयल और ड्राय टोमैटो को मिक्सी में डालें और जो पेस्ट तैयार होगा उसे हम हम्मस कहेंगे। इसे आप ज्यादातर सभी स्नैक्स के साथ खा सकते हैं। हम्मस में करीब 50 कैलौरीज होंगी। इस हम्मस में विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा है, इसे आप अपनी डाइट में आसानी से शामिल कर सकते हैं। इसकी कैलोरीज करीब 40 से 50 के बीच होगी।5. श्रीराचा सॉसआप टोमैटो सॉस की जगह श्रीराचा सॉस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। श्रीराचा एक तरह की चिली सॉस होती है जो चाइनीज डिशेज में डाली जाती है, आप इसे कम मिर्च में भी तैयार कर सकते हैं। श्रीराचा सॉस को मिर्च, लहसुन, विनेगर, टमाटर को मिला करके बनाया जाता है। इसकी कैलोरीज करीब 60 से 70 के बीच हो सकती है।
- पका हुआ पपीता आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है, उसी तरह कच्चे पपीता भी उपयोगी है. कच्चा पपीता भी पेट के रोगों को ठीक करता है. इसके अलावा जोड़ों की समस्याओं में भी कच्चा पपीते का यूज किया जाता है. वजन कम करने में भी आप कच्चे पपीते का उपयोग कर सकते हैं. बता दें कि कच्चे पपीते में पपैन नाम का पदार्थ होता है, जो आपकी बॉडी के लिए अच्छा होता है. कच्चा पपीता अगर सही मात्रा में खाएं तो ये पाचन के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. तो चलिए जानते हैं कि इसके अलावा कच्चे पपीते के क्या फायदे हैं.इस तरह करें कच्चे पपीते का उपयोगबता दें कि सुबह के समय फलों का सेवन अच्छा होता है. इसलिए पपीते का सेवन भी सुबह के समय करने से ज्यादा लाभ मिलता है. पपीता आपके पेट के लिए एक उपयोगी फल है. कोशिश करें कि खाली पेट आप कच्चे पपीते का सेवन करें. बता दें कि कई लोग कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर भी सेवन करते हैं.किसी भी घाव को भरने में मददगारकच्चे पपीते में मौजूद विटामिन और अन्य पोषक तत्व आपकी त्वचा को हेल्दी बनाते हैं. इसके सेवन से शरीर की किसी भी घाव या जख्म को भरने की क्षमता बढ़ जाती है. तो ऐसे लोग जिन्हें कच्चा पपीता नहीं पसंद वह इसको अपनी पसंद बना सकते हैं.
- जो आप खाते हैं उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है. बदलती लाइफस्टाइल और बिगड़े खान-पान के चलते लोगों की हेल्थ खराब होने लगती है. ऐसे में कई प्रकार की बीमारियां आपको घेरने लगती हैं. कोलेस्ट्रॉल का बिगड़ना भी बहुत बड़ी परेशानी है.बॉडी में होते हैं 2 तरह के कोलेस्ट्रॉलआपकी बॉडी में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं. पहला अच्छा और दूसरा खराब. अगर आपकी बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगे तो इससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में आपको कोलेस्ट्रॉल को संतुलित बनाए रखना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि ऐसे कौन-से ड्राई फ्रूट्स हैं, जिससे आप बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं.1. खाएं अखरोट'अखरोट' बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर सकता है. यह एक ऐसा ड्राई फ्रूट है, जो आपकी बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करता है. अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और मोनोसैचुरेटेड फैट भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है.2. बादाम खाने की आदत बनाएंआपने देखा होगा कि फिट रहने के लिए रोज बादाम खाने की सलाह दी जाती है. बता दें कि बादाम में एमिनो एसिड होता है, जिससे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है. रोज बादाम का सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से कम होता है.3. पिस्ता भी डाइट में शामिल करेंपिस्ता भी आपको रोज खाना चाहिए. रोज थोड़े से पिस्ता खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है4. सीड्स भी बैड कोलेस्ट्रॉल करता है कमसीड्स भी बॉडी से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद हैं. अगर आप अपनी डाइट में सीड्स शामिल करेंगे तो इससे आपको जरूर फायदा मिलेगा.
- कटहल की सब्जी टेस्ट के साथ-साथ हेल्दी भी होती है. इसको बनाने के कई तरीके होते हैं. कटहल में विटामिन A, C, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन कई बार कुछ लोग कटहल खाने के बाद ऐसी चीजें खा लेते हैं, जिससे तबीयत खराब हो जाती है. आइए जानते हैं कि कटहल खाने के बाद आपको कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए.पपीता न खाएंआपको कटहल की सब्जी खाने के बाद पपीता नहीं खाना चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे स्किन एलर्जी हो सकती हैं. साथ ही आपको लूज मोशन की समस्या हो सकती है.कटहल खाने के बाद न पिएं दूधकई लोग कटहल की सब्जी के बाद दूध पी लेते हैं, लेकिन ऐसा आपको कभी नहीं करना चाहिए. इससे पेट में सूजन आने के साथ आपको स्किन पर रेशैज हो सकते हैं. बता दें कि कई लोगों को सफेद दाग की परेशानी भी होने लगती है. ऐसे लोगों को इससे दूर रहना चाहिए.कभी न खाएं भिंडीभिंडी को भी आपको नहीं खाना चाहिए. अगर आप भी कटहल के बाद भिंडी खाते हैं तो आपको पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है. इसके अलावा एसिडिटी की समस्या का भी सामना कर सकते हैं.बिल्कुल न खाएं पानज्यादातर लोगों को खाना खाने के बाद पान खाने की आदत होती है. ऐसे में अगर आपने कटहल की सब्जी खाई हो उसके बाद पान कभी नहीं खाएं.
- ब्रेकफास्ट करना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार ब्रेकफास्ट हमारे पूरे दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन है। नाश्ता करने से आपको पूरे दिन अन्य कामों को करने लिए एनर्जी मिलती है दिन को ऊर्जा मिलती है, पाचन तंत्र में सुधार होता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम होता है। नाश्ता करने से आपका दिल स्वस्थ रहता है साथ ही साथ ही शरीर में ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है। वहीं, अगर आप ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं तो इससे आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।आयुर्वेद के अनुसार हमेशा नाश्ते में कुछ गर्म फूड्स का सेवन करना चाहिए क्योंकि नाश्ते में कुछ ठंडा खाना आपके पूरे दिन को खराब कर सकता है।सुबह के समय सूरज उगता है। सुबह के समय सूर्य अपनी इष्टतम क्षमता के अनुसार कार्य नहीं कर रहा होता है। ठीक ऐसा ही हमारी पाचन अग्नि के साथ होता है। इसलिए पूरे दिन भोजन को पचाने में सक्षम होने और हमारे पेट को तैयार करने के लिए, हल्का और गर्म नाश्ता करना सबसे अच्छा है क्योंकि यह पचाने में हल्का है,और आपके पेट पर ज्यादा दबाव नहीं डालता है। आयुर्वेद के अनुसार गर्म नाश्ता करना आपकी पाचन अग्नि और पेट के लिए एक वार्म-अप व्यायाम की तरह है, जिसे हम अपने शरीर को दोपहर के भोजन को पचाने के लिए तैयार करने के लिए करते हैं, जिसके लिए अधिक ताकत की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद दोपहर का भोजन 12 से 2 बजे के बीच करने का सुझाव देता है क्योंकि यही वह समय होता है जब सूर्य आकाश में अपने चरम पर होता है (सबसे शक्तिशाली) और हमारी पाचन क्षमता भी इसी तरह इष्टतम होती है।नाश्ते में ठंडी चीजें क्यों नहीं खानी चाहिएआयुर्वेद के अनुसार नाश्ते में ठंडी चीजों का सेवन करना जलती आग पर पानी डालने जैसा है। जो आपकी पाचन अग्रि को बढ़ाने के बजाए उल्टा इसके ठंडा करने का काम करता है। इसलिए आयुर्वेद सुझाव देता है कि नाश्ते में ताजा पका हुआ दलिया, उबले हुए फल (सेब या नाशपाती), अलग-अलग चीला (पेनकेक्स), उबली हुई फलियां (मूंग, छोले) या सिर्फ उबली हुई सब्जी का सूप जैसे गर्म और हल्के फूड्स का सेवन करें।आयुर्वेद के अनुसार नाश्ते में ठंडी चीजें खाने से पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, जैसे पेट में सूजन, ब्लोटिंग और ऐंठन, कब्ज। साथ ही आपके पेट में मौजूद आंत अत्यंत गर्मी के प्रति संवेदनशील है, ऐसे में जब आप ठंडी चीजों का सेवन करते हैं तो इससे पूरे शरीर को झटका लगता है। इसके चलते आपको पाचन संवेदनशीलता, थकान और साइनस संक्रमण जैसी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आयुर्वेद के अनुसार ठंडा नाश्ता केवल उच्च पित्त वाले लोगों के लिए है। दूसरों के लिए गर्म नाश्ता सबसे अच्छा है।
- शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रक्त यानी ब्लड की पर्याप्त मात्रा होनी बहुत जरूरी है। शरीर में मौजूद ब्लड में पायी जाने वाली लाल रक्त कणिकाएं यानी रेड ब्लड सेल्स की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए। ब्लड में रेड ब्लड सेल्स की कमी होने की वजह से आपके शरीर में एनीमिया की समस्या हो सकती है। शरीर में खून की कमी या एनीमिया की समस्या से बचने के लिए अच्छी लाइफस्टाइल और खानपान का हेल्दी होना बहुत जरूरी है। दरअसल रेड ब्लड सेल्स शरीर में मौजूद खून की सबसे आम कोशिकाएं हैं। ये कोशिकाएं शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन पहुँचाने में मदद करती हैं। शरीर की हड्डियों मौजूद अस्थिमज्जा या बोन मैरो रक्त कणों को बनाने के लिए बहुत जरूरी है। एक क्यूबिक मिलीलीटर में लगभग 50 लाख रक्त कणिकाएं मौजूद होती हैं। ये रक्त कणिकाएं अगर आप माइक्रोस्कोप से देखेंगे तो लाल रंग के मोटे-मोटे कण दिखाई देंगे। क्या आप जानते हैं कि स्वस्थ शरीर में रेड ब्लड सेल कितना होना चाहिए?शरीर में पायी जाने वाली रेड ब्लड सेल्स का निर्माण बोन मैरो में होता है। ब्लड की सबसे आम कोशिका के रूप में जानी जाने वाली रेड ब्लड सेल्स कणों के रूप में दिखाई देती हैं। हर व्यक्ति में रेड ब्लड सेल का काउंट अलग-अलग हो सकता है। व्यक्ति के खानपान और लाइफस्टाइल के साथ-साथ उसके स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियां इसके लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं। शरीर से कार्बन डाई ऑक्साइड को निकालने के लिए और शरीर के अलग-अलग अंगों में ऑक्सीजन की सप्लाई करने के लिए रेड ब्लड सेल्स बहुत जरूरी होती हैं। आमतौर पर इन कोशिकाओं का जीवनकाल या लाइफ 120 दिनों का होता है। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर समीर के मुताबिक एक एडल्ट और हेल्दी व्यक्ति में रेड ब्लड सेल्स का काउंट 4.50 लाख से लेकर 5.50 लाख तक होता है। इन रक्त कणिकाओं की संख्या शरीरिक स्थिति और इंसान के खानपान की वजह से कम या ज्यादा हो सकती है।शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी दूर करने के उपायशरीर में मौजूद रेड ब्लड सेल्स शरीर के अलग-अलग अंगों में ऑक्सीजन की सप्लाई करने का काम करती हैं। शरीर में खून की कमी के लक्षण दिखने पर आपको खून की जांच जरूर करानी चाहिए। आप जब खून की जांच कराते हैं तो इससे आपको शरीर में मौजूद ब्लड सेल्स के बारे में सटीक जानकारी हो सकती है शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी होने पर आप इन फूड्स का सेवन कर सकते हैं।1. आयरन की प्रचुर मात्रा वाले फूड्स का सेवन शरीर में रेड ब्लूस सेल्स की कमी को दूर करने का काम करते हैं। शरीर में खून की कमी होने पर आपको डॉक्टर भी आयरन से भरपूर फूड्स का सेवन करने की सलाह देते हैं। आयरन रिच फूड्स का सेवन करने के लिए रेड मीट, फलियां, अंडे, बीन्स और ड्राई फ्रूट्स को अपनी डाइट में शामिल करें।2. पालक में मौजूद गुण शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इसमें आयरन की भी प्रचुर मात्रा होती है जो आपके लिए बहुत फायदेमंद है। शरीर में रेड ब्लड सेल्स का काउंट बढ़ाने के लिए आप रोजाना पालक का सेवन कर सकते हैं।3. गाजर में मौजूद गुण शरीर में रेड ब्लड सेल्स और खून की कमी की समस्या को दूर करने में फायदेमंद होते हैं। आप अपनी डाइट में गाजर को कई तरीकों से शामिल कर सकते हैं।4. विटामिन सी का सेवन करने से आपके शरीर को आयरन के अवशोषण करने में फायदा मिलता है। विटामिन सी युक्त फूड्स का सेवन आपके शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ाने का काम करते हैं।5. विटामिन बी 12 से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाने में फायदा मिलता है। विटामिन बी 12 से भरपूर चीजें शरीर में खून बढ़ाने और हीमोग्लोबिन का निर्माण करने में मदद करती हैं।
- गर्मियों में त्वचा को अधिक देखभाल की जरूरत पड़ती है। नॉर्मल स्किन से लेकर कॉम्बिनेशन स्किन वाले लोगों तक के फेस पर एक्स्ट्रा ऑयल देखने को मिलता है। इसकी वजह से चेहरे का खिला रंग दब जाता है। ऐसे में सिर्फ क्लींजिंग, टोनिंग, और मॉइश्चराइजिंग करना काफी नहीं होगा। खास कर अगर आपकी स्किन ऑयली हो तो, क्योंकि इस स्किन टाइप के लोगों को कोई ना कोई परेशानी बनी ही रहती है।इसके साथ ही गर्मियों में तेज धूप, धूल-मिट्टी, और प्रदूषण के कारण हमारी त्वचा की रंगत खो जाती है। इस तरह की परेशानियों से निपटने के लिए लोग मौसमी फलों का इस्तेमाल करते हैं। खाने के अलावा इन फलों का इस्तेमाल अगर आप अपनी त्वचा को निखारने में करें, तो फायदा तुरंत देखने को मिल सकता है। वहीं मौसमी फलों में अंगूर स्किन के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।इसकी मदद से आप निखरी और जवां त्वचा पा सकती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लामेटरी गुण त्वचा को कमसिन और कोमल बनाए रखने में मदद करते हैं। तो चलिए जानते हैं कि गर्मियों में स्किन केयर के लिए इसका इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।सुबह उठने के बाद चेहरे पर बहुत सारा ऑयल देखने को मिलता है तो आप अंगूर का फेस पैक इस्तेमाल करें। इसके लिए अंगूर का पेस्ट बनाएं और उसमें 1 चम्मच दही मिक्स कर दें। दोनों इंग्रेडिएंट्स को थिक रखने की कोशिश करें। अब इसमें 2 से 3 बूंद नींबू का रस मिलाएं। अब इस फेस पैक को चेहरे पर लगा लें। जब यह सूखने लगे तो गुनगुने पानी से चेहरा धोएं। गर्मियों में इस फेस पैक को ऑयली स्किन और मुंहासों से राहत पाने के लिए रोजाना इस्तेमाल किया जा सकता है।इस तरह त्वचा को बनाएं चमकदारबढ़ती उम्र के लक्षण चेहरे पर ना दिखें, इसके लिए फेस मसाज फायदेमंद मानी जाती है। यह त्वचा को कोमल और चमकदार बनाती है। यही नहीं इससे झुर्रियां और फाइन लाइन्स की समस्या भी ठीक हो सकती है। इसके लिए अंगूर के रस में रोज एसेंशियल ऑयल मिक्स करें। इन दोनों इंग्रेडिएंट्स को मिक्स करने के बाद चेहरे पर अप्लाई करें। अब मसाज रोलर की मदद से मसाज करें। इससे काफी फर्क आएगा और आपकी त्वचा पहले से मुलायम और चमकदार नजर आएगी।डार्क सर्कल की समस्या होगी दूरअगर आपको डार्क सर्कल की समस्या है तो उसके लिए अंगूर के पल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए अंगूर का पेस्ट तैयार करें और उसमें अंगूर के बीज का तेल मिक्स करें। अब इस मिश्रण को आंखों के नीचे लगाएं। 20 से 30 मिनट तक इसे लगाए रखें और फिर ठंडे पानी से साफ कर लें। आप यह काम सोने से पहले या फिर सुबह उठने के बाद कर सकते हैं।ग्लोइंग स्किन के लिए बनाएं शीट मास्कगर्मियों के मौसम में फ्रेश और ग्लोइंग त्वचा चाहती हैं तो अंगूर के रस को शीट मास्क के साथ अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए अंगूर को अच्छी तरह ब्लेंड कर लें और उसका रस निकाल लें। अब इसमें लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की 1 बूंद मिक्स कर दें। इसके बाद एक ड्राई शीट मास्क लें और इस मिश्रण में डिप कर दें। अब इसे अपने चेहरे पर अप्लाई करें और 20 मिनट के लिए छोड़ दें। शीट मास्क हटाने के आधे घंटे बाद चेहरे को नॉर्मल पानी धोएं।
- हरी सब्जियों में भरपूर विटामिन्स होते हैं। हर सब्जी की एक खासियत होती है। आइए जाने किस सब्जी में क्या है?घीयाघीया यानी लौकी को बहुत से लोग पसंद नहीं करते हैं। इस सब्जी का नाम लेते ही ज्यादातर लोग मुंह बनाने लग जाते हैं। आप भी अगर इस सब्जी को पसंद नहीं करते, तो आप घीया के कोफ्ते, हलवा या फिर चने की दाल डालकर सब्जी बना सकते हैं। लौकी में कई प्रकार के पोषक तत्व पाऐ जाते हैं। प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन जैसे पोषक तत्वों के लिए आपको इसे जरूर खाना चाहिए।तोरईतोरई की सब्जी को भी बहुत से लोग देखना नहीं चाहते. ऐसे में इस सब्जी से डील करने का तरीका यह है कि आप इसमें चने की दाल या फिर काले चने डालकर बनाएं. आप इसे दही के साथ भी खा सकते हैं। इसमें कैल्शियम, कॉपर, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।कद्दूकद्दू की सब्जी को भी ज्यादातर लोग पसंद नहीं करते. कुछ लोगों को यह सब्जी इसलिए पसंद नहीं आती क्योंकि इसमें थोड़ी-सी मिठास होती है। आप कद्दू की सब्जी को पनीर के साथ बना सकते हैं। यह सब्जी चने की दाल के पराठे के साथ बहुत अच्छे लगते हैं। कद्दू में कैलोरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फाइबर, सोडियम व फोलेट जैसे पोषक तत्व भरपूर होते हैं।टिंडेटिंडे की सब्जी भी ऐसी ही सब्जियों की लिस्ट में आती है। आप अगर इस सब्जी को पसंद नहीं करते, तो आप भरवां टिंडे यानी स्टफ्ड टिंडे बना सकते हैं। पोषक तत्वों के मामले में टिंडा भी किसी से कम नहीं है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, थियामिन. नियासिन, रिबोफाल्विन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।बैंगनकई लोगों को बैगन जरा भी पसंद नहीं आता , तो कई लोग इसकी सब्जी और खासकर के भर्ता बड़े चाव से खाते हैं। बैंगन में विटामिन ए, सी, ई, बी-2, बी-6 के साथ-साथ आयरन और जिंक मौजूद होते हैं।
- भारत में नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। नवरात्रि में मां दुर्गा की नौ अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती है। इस बार चैत्र नवरात्र 2 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान लोग 9 दिनों का उपवास रखते हैं और देवी की पूजा करते हैं। कई लोग व्रत के दौरान खाली पेट में ऐसी चीजों का सेवन करते हैं, जिससे उन्हें गैस और पेट दर्द की परेशानी हो सकती है क्योंकि कुछ फूड्स ऐसे होते हैं, जिसका सेवन व्रत के दौरान आपको खाली पेट में नहीं करना चाहिए। कुछ ऐसे ही फूड्स के बारे में हमको बताने जा रहे हैं, जिसे आपको व्रत के दौरान खाली पेट में नहीं खाना चाहिए।खाली पेट इन चीजों का सेवन न करें1. चायकई लोगों को सुबह उठकर चाय पीने की आदत होती है। फिर चाहे व्रत का दिन ही क्यों न हो। वह सोचकर रखते हैं कि सुबह उठकर सबसे पहले चाय पीना है, लेकिन इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है। दरअसल सुबह खाली पेट में चाय पीने से एसिडिटी, पेट दर्द और जलन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा यह पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है और ब्लड शुगर जैसी तकलीफ भी हो सकती है। सबसे जरूरी बात की इसके सेवन से शरीर को किसी तरह का कोई पोषण नहीं मिलता है।2. दूध और दहीकई लोग सुबह खाली पेट में दूध और दही पीना सही मानते हैं कि दूध-दही तो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। ऐसा है भी कि दूध और दही एक अच्छा आहार है, लेकिन इसे व्रत के दौरान खाली पेट में न पीएंं क्योंकि यह शरीर में एसिड का स्तर बढ़ा सकता है। सुबह के समय संतृप्त वसा और प्रोटीन का विपरीत प्रभाव हो सकता है। साथ ही यह आंतों के एंजाइम को भी प्रभावित कर सकते हैं इसलिए सुबह के समय प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ लेने से बचें।3. केलाकेला सबसे अच्छे फलों में से एक होता है। इसका सेवन दिन के समय में किया जा सकता है, ं लेकिन सुबह खाली पेट नहीं क्योंकि एसिडिक चीजों के सेवन से अपच, सीने में जलन और गैस की दिक्कत आ सकती है। केले में मैग्नीशियम की भी प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिससे परेशानी हो सकती है। इसके अलावा अगर सर्दी-जुकाम की समस्या है, तो उस मामले में भी सुबह के समय केले का सेवन नहीं करना चाहिए।4. तले भूने खाद्य पदार्थव्रत के दौरान आपको किसी भी तरह के तले भूने पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे कई तरह की समस्या हो सकती है। हमेशा व्रत के दौरान उबला हुआ खाना खाने की कोशिश करें और स्वस्थ रहें।5. कच्ची सब्जियांव्रत के दौरान कई लोग कुछ सब्जियों भी लेते हैं। ऐसे में कच्ची सब्जियां आपके लिए सही विकल्प नहीं हो सकता है। कच्ची सब्जियां में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जिसका सुबह के समय सेवन करना आपके लिए सही नहीं हो सकता है इसलिए खाली पेट कच्ची सब्जियों का सेवन न करें। इससे पेट फूलने और दर्द की परेशानी भी हो सकती है।6. साइट्रस फलखट्टे फल अगर सही समय पर खाए जाएं तो ये हमेशा सेहतमंद होते हैं। खाली पेट खट्टे फल खाने से एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है। इसके अलावा, फलों में बहुत अधिक फाइबर और फ्रुक्टोज भी खाली पेट खाने पर आपके पाचन तंत्र को धीमा कर सकते हैं। आपको विशेष रूप से सुबह-सुबह अमरूद और संतरे जैसे सख्त रेशों वाले फल खाने से बचना चाहिए। इससे आपका पूरा दिन प्रभावित हो सकता है।इन बातों का रखें ध्यान1. व्रत के दौरान सुबह ही पूजा करके खाना खाने का प्रयास करें ताकि पेट अधिक देर तक खाली न रहे।2. पूरे दिन भरपूर मात्रा में पानी पिएं और हो सके तो जूस या स्मूदी भी ले सकते हैं।3. इसके अलावा बहुत अधिक भागदौड़ वाला काम करने से बचें। इससे ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।4. हालांकि इस दौरान आप कुछ खास वर्कआउट कर सकते हैं।5. दिन की शुरूआत में आप एलोवेरा का रस, आंवला का रस या भीगे हुए बादाम खा सकते हैं।
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फ्रूट्स खाना सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे भी फ्रूट्स हैं, जिनकी मदद से आप आपना वजन कम कर सकते हैं। वजन कम कर रहे लोगों को कुछ फ्रूट्स को अपना बेस्ट फ्रेंड बनाना होगा, जिससे आप अपना वजन आसानी कम कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि कौन-से फ्रूट्स हैं, जिससे वजन कम करने में आपकी मदद हो सकती है।
Grapefruit से कम होगा वजन
सबसे पहले बात करते हैं संतरे के जैसे दिखने वाले इस Grapefruit के बारे में। रिपोर्ट के मुताबिक, Grapefruit फ्रूट को खाना से आपका वजन कम हो सकता है। यदि आप भी इस फ्रूट को नहीं खाते हैं तो आज ही इसे अपनी डाइट में शामिल करें।
सेब खाने से भी वजन होगा कम
सभी सलाह देते हैं कि रोज एक सेब खाओ, डॉक्टर से दूर रहो। यह हकीकत में सही सलाह है। सेब में कैलोरी भी कम होती है और यह वजन घटाने में सहायक पाया गया है। इसमें लगभग 110 कैलोरी होती है और यह शरीर को एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करता है। यह आपके स्वास्थ्य पर भी अधिक प्रभाव डालता है। इससे आपका कोलेस्ट्रॉल सामान्य रहता है।
Berries भी अपनी डाइट में करें शामिल, वजन होगा कम
Berries खा कर भी आप अपना वजन कम कर सकते हैं। अगर अपने आहार में आधा कप Berries खाते हैं, तो यह आपको 42 कैलोरी प्रदान करता है। यह बहुत प्रभावी हो सकता है, क्योंकि यह शरीर में लगभग 12 प्रतिशत विटामिन-सी और मैंगनीज स्तर प्रदान करता है।
कीवी भी खाएं, वजन होगा कम
इसके अलावा माना जाता है कि कीवी से भी आप अपना वजन कम कर सकते हैं। चीकू जैसा दिखने वाला यह फल पौष्टिक होता है। यदि आप रोज इस फल को अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो आपको जरूर फायदा मिलेगा। -
हाई ब्लड प्रेशर के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में काफी संख्या में लोग इससे निपटने के लिए तमाम तरह के उपाय अपना रहे हैं, लेकिन ये बीमारी उनसे दूर नहीं हो पाती है। मजबूर होकर ऐसे लोगों को दवाइयों का सहारा लेना पड़ता है। आपने देखा होगा कि कई बार बीपी या Hypertension अचानक से बढ़ जाता है । ऐसे स्थिति में ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं। इससे निपटने के लिए आपको घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि अचानक से बीपी बढ़ने पर क्या करना चाहिए-----
1. एक्सरसाइज करने की बनाएं आदत
बता दें कि ब्लड प्रेशर बढ़ने पर मरीज को कई तरह की परेशानियां होती हैं, जैसे तेज सिरदर्द, छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, कन्फूजन और स्किन पर लाल रंग के चकत्ते दिखाई देते हैं । ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए एक्सरसाइज और डाइट दो सबसे जरूरी चीजें होती हैं। माना जाता है कि यदि आप ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो आपको एक्सरसाइज करने के साथ-साथ डाइट में पौष्टिक चीजें शामिल करनी चाहिए।
2. विटामिन-सी का सेवन करना चाहिए
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए विटामिन-सी का सेवन करना चाहिए। दरअसल, खट्टे फल विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट और मिनरल से भरपूर होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में असरदार साबित होते हैं। आप खट्टे फलों में अंगूर, संतरे और नींबू का सेवन कर सकते हैं।
3. बेरीज से भी बीपी होगा कंट्रोल
इसके अलावा बेरीज से भी बीपी को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके खाने से आपका बीपी कंट्रोल में रहता है। एंटीऑक्सिडेंट और फ्लेवोनोइड से भरपूर बेरीज ना सिर्फ सेहतमंद रखती हैं बल्कि दिल के रोगों का खतरा भी कम करती है। - शायद ही ऐसी कोई सब्जी हो, जिसको सेहत के लिहाज से अच्छा न माना जाता हो। कुछ सब्जियां साल के 12 महीने मिलती हैं। जबकि कुछ सब्जियां मौसमी होती हैं और उस खास मौसम में ही उनकी उपलब्धता रहती है। ऐसी ही एक मौसमी सब्जी है परवल । गर्मियों का मौसम आ गया है और परवल इस मौसम में सेहत का खजाना है। भले ही आपके घर में मौजूद छोटे बच्चे परवल की सब्जी को देखकर मुंह बनाते हों, लेकिन यह है छोटे से लेकर बड़ों तक की सेहत के लिए बहुत लाभदायक है। आज हम आपके लिए भरवां परवल की एक ऐसी स्पेशल रेसिपी लेकर आए हैं जिसका स्वाद आपको जरूर पसंद आएगा।जानिए क्यों खास हैं परवल ?परवल का बॉटनिकल नाम ट्राइकोसेन्थेस डायोइका रोक्सब है। एनसीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह साधारण सी सब्जी संक्रामक रोगों को ठीक करने के साथ-साथ आपके लीवर और पीलिया जैसी बड़ी बीमारियों को ठीक करने की भी क्षमता रखती है। इसकी वजह है परवल में मौजूद विटामिन ए, विटामिन b1, विटामिन b 2, विटामिन सी और कैल्शियम।वेट लॉस में फायदेमंद है परवलजो लोग अपनी वेट लॉस जर्नी पर हैं उनके लिए भी परवल का सेवन काफी ज्यादा लाभदायक हो सकता है। यह फाइबर से भरपूर है और कैलोरी में कम है। इसके अलावा यह मधुमेह और हाई कोलेस्ट्रोल जैसी गंभीर बीमारियों को नियंत्रण में रखने में सक्षम है।क्या कहता है आयुर्वेदआयुर्वेद में परवल के जूस को दिल के लिए टॉनिक का दर्जा दिया गया है। यह प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल है। इसका उपयोग कई प्रकार के संक्रमण के इलाज के लिए किया जा रहा है। जिसमें त्वचा के संक्रमण, बुखार और कब्ज की समस्या शामिल है। अब धीरे-धीरे पश्चिमी देशों के लोग भी इस सब्जी के लाभों को महसूस कर रहे हैं।भरवां परवल की स्पेशल रेसिपीसामग्री- ढाई सौ ग्राम परवल, कच्ची घानी का तेल दो चम्मच ( आप चाहे तो रिफाइंड का भी इस्तेमाल कर सकती हैं), जीरा, बारीक कटी हुई हरी मिर्च, हल्दी-धनिया पाउडर, सौंफ का पाउडर, लाल मिर्च, खटाई, गरम मसाला, हरा धनिया और नमक स्वाद अनुसार।भरावन के लिए मसालासबसे पहले परवल को छीलकर, उसमें बीच में चीरा लगा कर उसका गूदा बाहर कर लें। मध्यम आंच पर कढ़ाही चढ़ाएं और उसमें आधा चम्मच तेल गरम कर लें। तेल गरम होने के बाद जीरा डालें। अब उसमें परवल का गूदा, हल्दी, हरी मिर्च, सौंफ और धनिया का पाउडर डालकर 2 मिनट तक भूनें। उसके बाद उसमें गरम मसाला, खटाई और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इसके बाद फिर से 5 मिनट के लिए भूनें। अब गैस बंद कर दें और आपका परवल के अंदर भरने के लिए मसाला पूरी तरह से तैयार है। अब इस मसाले को परवल में भरें। अब एक कढ़ाही में तेल गरम करें। उसमें भरे हुए परवल डालें और 5 मिनट के लिए ढंक दें। 5 मिनट के बाद देखें और उनको पलट दें। पूरी तरह से पकने के बाद आपके भरवां परवल तैयार है। तो इस वीकेंड अपने परिवार के साथ इस स्वादिष्ट सब्जी का आनंद लें।
- मुंह के छाले दर्द और जलन तो देते ही हैं, साथी ही खाना भी दूभर कर देते हैं। न गले से कुछ निगला जाता है और न सही से बात की जाती है। ऐसे में जरूरी हैं इनसे जल्दी छुटकारा पाना, लेकिन इससे पहले ये समझना जरूरी है कि ये छाले होने का कारण क्या है। आपने देखा होगा, जब भी कभी आपका पेट खराब (कब्ज) होता है, तो मुंह में छाले हो जाते हैं, या फिर कई बार ऐसा भी होता है कि ज्यादा मसालेदार और तेल वाला खाना खाने से भी छाले हो सकते हैं। ऐसे में बड़े ही सिंपल से घरेलू उपायों से इनका इलाज किया जा सकता है।मुंह के छाले इन चीजों के जरिए करें दूर1. हरा धनियाछालों से जल्द निजात पानी है तो हरे धनिए को पानी में उबाल लें। इसके बाद इस छने हुए पानी को ठंडा होने के लिए रख दें। थोड़ी देर बाद इससे कुल्ला कर लें। छालों में आराम मिलेगा।2. बर्फकई बार ऐसा होता है कि पेट की गर्मी की वजह से मुंह में छाले हो जाते हैं। ऐसे में बर्फ लगाना सबसे कारगर माना जाता है। बस जीभ पर बर्फ का टुकड़ा हल्का-हल्का घिसते रहें और पानी मुंह में न जानें दे, बल्कि जो लार बने उसे बहने दें। छाले खत्म होने लगेंगे।3. एलोवेरा जेलछालों को एलोवेरा जेल की मदद से भी दूर किया जा सकता है। बस इस जेल को छालों पर लगा लें। इससे आपको ठंडक मिलेगी।4. हरी इलायचीहरी इलायची के दानों को पीस कर, उनमें शहद की कुछ बूंदें मिलाकर छालों पर लगाएं। इससे मुंह की गर्मी दूर होती है।5. नारियल पानीनारियल पानी आपको ठंडक पहुंचा सकता है। साथ ही, छालों में भी आराम दे सकता है। अगर आप इसे मुंह में छालों पर लगाएंगे, तो दर्द में आराम मिलेगा।6. हल्दीहल्दी का उपयेग भी मुंह के छाले खत्म करने में मदद करता है। इसके लिए आपको बस इतना करना होगा कि थोड़ी सी हल्दी को पानी में उबाल लें और उस पानी से सुबह-शाम गरारा कर लें। इससे छाले छूमंतर हो जाएंगे।
- फलों का राजा कहा जाना वाल आम यानी Mango भला किसे पसंद नहीं है. गर्मियों के शुरू होते ही मॉर्केट में ये फल दिखना शुरू हो जाता है. सभी लोग इस फल को बड़े ही चाव से खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके छिलके भी आपके सेहत लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. यदि आप Mango खाने के बाद इसके छिलके फेंक देते हैं तो यह गलती कभी न करें. तो चलिए जानते हैं कि Mango के छिलके हमारे लिए किस तरह फायदेमंद हो सकते हैं.क्या Mango के छिलके खाएं जा सकते हैं?मीठे और रसीले फल 'आम' का सेवन करने के दौरान आमतौर पर ज्यादातर लोग इसके छिलके फेंक देते हैं. उनका मानना होता है कि इसके खाने से मैंगो का टेस्ट खराब हो जाता है, लेकिन आप इसके खा सकते हैं. क्योंकि इसके खाने से आपको किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी.इन बीमारियों में है मददगाररिपोर्ट के मुताबिक, आम के छिलकों में एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं, जो हमें कैंसर से बचाता है, आम के छिलके लंग्स कैंसर, कोलन कैंसर, ब्रेन कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर से बचाने में भी उपयोगी है. बता दें कि आम का छिलका पौधों में पाए जाने वाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है.वजन कम करने में भी मददगार हैं आम के छिलकेइसके अलावा यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो आप भी आम के छिलके खा सकते हैं. माना जाता है कि वजन कम करने में भी इसके छिलके काफी उपयोगी हैं. यानी वजन कम करने में लगे लोग आम के छिलके को बिल्कुल भी न फेंके. क्योंकि इससे आपका बढ़ा हुआ वजन कम हो सकता है.
- अजवाइन किचन में आसानी से मिल जाता है, लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि अजवाइन की पत्तियां गठिया के रोग में भी आपकी मदद कर सकती हैं. यदि आपको भी गठिया यानी जोड़ों में दर्द की बहुत शिकायत है तो एक बार अजवाइन की पत्तियां जरूर ट्राई करनी चाहिए. इससे आपके दर्द में राहत मिलेगी. दरअसल, अजवाइन की पत्तियों में एटी-इंफ्लेमेटरी कंपनाउड जैसे गुण होते हैं. जो गठिया के रोग में आपकी मदद कर सकता है.पूराने से पूराना दर्द होगा कंट्रोलबता दें कि अजवाइन की पत्तियों में दर्द को दूर करने के गुण होते हैं, जो गठिया से पीड़ित लोगों को होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. तो चलिए जानते हैं कि गठिया के दर्द में अजवाइन की पत्तियां कैसी इस्तेमाल की जाती हैं और जोड़ों में दर्द में राहत दिलाने के अलावा इसके क्या-क्या फायदे हैं.शुगर कंट्रोल करने में मिलेगी मददजोड़ों के दर्द के अलावा शुगर लेवल कंट्रोल रखने में भी अजवाइन की पत्तियां कारगर हैं. यदि आपको भी हाई शुगर की दिक्कत हो जाती है तो आपको अजवाइन की पत्तियों का सेवन करना चाहिए. सभी जानते हैं कि देश में अधिकतर लोग डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में इन लोगों के लिए अजवाइन की पत्तियां उपयोगी हैं.ऐसे करें अजवाइन की पत्तियों का इस्तेमालअजवाइन की पत्तियों को पानी में गर्म करें और उस गर्म पानी में अपने दर्द वाले जोड़ों को डूबाएं और 5-10 मिनट तक उसी अवस्था में रहें. यह सूजन और दर्द को कम करेगा, जो आमतौर पर गठिया से पीड़ित लोगों में देखा जाता है.
- हमारे शरीर को फिट रखने के लिए सभी विटामिन्स का अहम योगदान होता है. सभी जानते हैं कि शरीर के विकास के लिए पोषण युक्त आहार देना बहुत जरूरी होता है. यदि आप अपने शरीर को सही मात्रा में प्रोटीन और विटामिन नहीं देते हैं तो आपको कई प्रकार की दिक्कतें होने लगती हैं. आपको कई प्रकार की बीमारियां घेरने लगती हैं. तो चलिए जानते हैं कि ऐसे कौन से विटामिन हैं, जो आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं.विटामिन- A शरीर के विकास के लिए है जरूरीविटामिन- ए हमारे शरीर की ग्रोथ के लिए जरूरी होता है. माना जाता है कि विटामिन-ए आंखों से लेकर, स्किन और दांतों के लिए भी फायदेमंद है. विटामिन-A गाजर, ऑरेंज और शकरकंदी में पाया जाता है.विटामिन- बी को अपने आहार में शामिल करेंशरीर के विकास के लिए विटामिन-बी बहुत जरूरी होता है. यदि आप इसे अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो आपको जरूर फायदा होगा. आपकी एनर्जी को बढ़ाने से लेकर शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने में विटामिन-बी का अहम योगदान होता है. विटामिन-बी केला, दाल, मिर्च, बीन्स और खमीर में पाया जाता है.विटामिन-सी की कमी पूरी करेंगी ये चीजेंइसके अलावा विटामिन-सी भी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है. विटामिन-सी शरीर को आयरन की कमी को पूरा करता है. इसके साथ ही रक्त वाहिकाओं को मजबूत करता है. विटामिन-सी आमतौर पर अमरूद, लाल और हरी मिर्च, कीवी, संतरा, अंगूर, स्ट्रॉबेरी आदि में पाया जाता है.
- क्या आप जानते हैं कि अश्वगंधा कितना फायदेमंद है। खासतौर पर पुरुषों के लिए यह बहुत फायदेमंद माना जाता है। इससे पुरुषों की कई परेशानियों को दूर किया जा सकता है। माना जाता है कि यदि पुरुष इसे खाते हैं तो इससे उनका सेक्सुअल हेल्थ भी अच्छा रहता है, क्योंकि इसके खाने से मेल हार्मोन को बढ़ाया जा सकता है। यदि आपको भी किसी भी प्रकार की हार्मोन से संबंधित दिक्कत होती है तो आपको अश्वगंधा जरूर ट्राई करना चाहिए।पुरुष को नहीं होगी ये परेशानीमाना जाता है कि अश्वगंधा से पुरुषों में होने वाली इनफर्टिलिटी की परेशानी दूर हो सकती है। साथ ही यह मेल हार्मोन को बढ़ाने में प्रभावी माना जाता है। यही वजह है कि पुरुषों के लिए अश्वंगधा काफी लाभकारी माना जाता है। इसलिए कई आयुर्वेदिक एक्सपर्ट नियमित रूप से पुरुषों को अश्वगंधा का सेवन करने की सलाह देते हैं।बढ़ेगा स्पर्म काउंटबदलते लाइफस्टाइल के चलते पुरुषों में स्पर्म काउंट गिरने की भी दिक्कत होती है। ऐसे में यदि आप अश्वगंधा को खाएंगे तो आपका स्पर्म काउंट भी बढ़ सकता है। बता दें कि ज्यादातर पुरुषों में स्पर्म काउंट के गिरने से इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ती है। ऐसे में उन्हें अश्वगंधा जरूर ट्राई करना चाहिए। इससे उनको इस प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।यौन इच्छा बढ़ाने में सहायकइसके अलावा यौन इच्छा बढ़ाने में भी अश्वगंधा काफी फायदेमंद है। माना जाता है कि इसके खाने से टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की कमी दूर होती है। जिससे पुरुषों में यौन इच्छाओं को बढ़ाया जा सकता है। यदि आपकी यौन इच्छाएं कम हो रही हैं तो डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से अश्वगंधा कैप्सूल और चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।
- हल्दी वाला दूध ही नहीं बल्कि हल्दी वाला पानी भी फायदेमंद हो सकता है. यदि आप भी हल्दी का पानी नहीं पीते हैं तो आज ही इसे अपनी आदत बना लीजिए क्योंकि इसके गजब के फायदे आपकी सेहत को फिट बना सकते हैं. इससे शरीर की कई परेशानियां दूर की जा सकती हैं. कहा जाता है कि हल्दी का सेवन दूध के साथ लाभकारी होता है, लेकिन क्या आपने कभी हल्दी के पानी का सेवन किया है. अगर नहीं किया है तो आज से ही इसे आपनी आदत में शुमार कर लीजिए.हर भारतीय किचन में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है. कई तरह की आयुर्वेदिक औषधियों में भी हल्दी का इस्तेमाल होता है. हल्दी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि यह शरीर की गंभीर से गंभीर परेशानियों को दूर करने में भी लाभकारी मानी जाती है. चाहे वह स्किन की खूबसूरती हो या फिर रोग प्रतिरोधक क्षमता, हर तरह से हल्दी का इस्तेमाल करना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है.हल्दी का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जाता है. अधिकतर लोग हल्दी का सेवन दूध में मिक्स करके करते हैं. दरअसल, हल्दी में छिपे एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की कई परेशानी को कम कर सकते हैं.आर्थराइटिस में भी है फायदेमंदइसके अलावा हल्दी का पानी घाव को भरने में आपके लिए लाभकारी हो सकता है. आर्थराइटिस में होने वाली समस्याएं जैसे- सूजन और जलन को कम करने में भी हल्दी का पानी प्रभावी है.
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सदाबाहर की पत्तियां डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है. माना जाता है कि अगर आपको अपना शुगर कंट्रोल में रखना हैं तो रोजाना सदाबहार की पत्तियां चबानी चाहिए. इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा. बता दें कि सदाबहार के फूल और पत्तियों में एल्कलॉइड नाम का तत्व पाया जाता है, जो पैंक्रियाज की बीटा सेल्स को शक्ति देता है.
शरीर में बनने लगता है इंसुलिन
इसको चबाने से शरीर में इंसुलिन बनने लगता है. बता दें कि खराब लाइफस्टाइल, खानपान के अलावा जेनेटिक कारणों से भी डायबिटीज की समस्या हो जाती है. किसी व्यक्ति के चेहरे, गर्दन या शरीर के दूसरे हिस्से में ब्लैक स्पॉट डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है. तो चलिए जानते हैं कि इससे बचने के लिए सदाबाहर की पत्तियां कितनी उपयोगी है.
रोज खाली पेट चबाएं 6-7 पत्तियां
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंसुलिन ब्लड में शुगर की मात्रा को कंट्रोल रखने में सदबाहर का फूल बेहद ही उपयोगी है. माना जाता है कि इस पौधे में करीब 100 से ज्यादा एल्कलॉइड हैं, जो कि बहुत ही फायदेमंद होते हैं. ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए मरीजों को रोज सुब खाली पेट 6-7 पत्तियां चबानी चाहिए.
सदाबहार का ऐसे करें इस्तेमाल
इसके अलावा इस फूलों और पत्तियों का जूस भी पी सकते हैं. स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें टमाटर, करेला, खीरा भी मिक्स कर सकते हैं. यानी ऐसे मरीज जिन्हें ये पत्ते कड़वे लगते हैं वह भी इसका इस्तेमाल इस तरीके से कर सकते हैं.
इन पत्तियों के खाने से पहले डॉक्टर से जरूर लें सलाह
चाहे तो आप सदाबहार पौधे की पत्तियां का भी उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए पत्तियां को पहले सूखाकर पाउडर बना लें. इसके बाद रोजाना इस पाउडर का सेवन पानी के साथ करें. हालांकि, सदाबहार के सेवन करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. - लैवेंडर आपने कई लोगों के घरों में देखा होगा, लोग वैसे तो इसे इसलिए रखते हैं क्योंकि इसकी खुशबू बेहतरीन होती है और ये घर में भीनी-खुशबू से आपका मन शांत कर देता है। इसकी ताजगी भरी फ्लोरल खुशबू में ताकत होती है बेचैन और अशांत मन को शांत करने की। लैवेंडर ऑयल को स्टीम डिस्टिलेशन प्रोसेस से तैयार किया जाता है। लैवेंडर तेल के कई सारे फायदे हैं ये न केवल माइंड रिलैक्स करती है बल्कि ये बॉडी की थकान को भी दूर करने में आपकी सहायता करता है। इतना ही नहीं इससे स्किन और बालों की कई सारी समस्या भी दूर हो जाती है।लैवेंडर ऑयल के फायदेलैवेंडर का इस्तेमाल वैसे तो लोग बतौर फ्रेशनेर के तौर पर करते हैं , लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की ये आपके स्वास्थ के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं आखिर लैवेंडर की मदद से हम किन किन चीजों से छुटकारा पा सकता है और आखिर आप इसका इस्तेमाल और किन चीजों के लिए कर सकते हैं।1. तनाव को करता है दूरलैवेंडर ऑयल में एंटी-एंग्जायटी और एंटी-डिप्रेसन्ट गुण होते हैं जो आपके दिमाग को शांत रखने में काफी हद तक मदद करता है। इसके अलावा अगर आप टी-ट्री ऑयल को मिलाकर जालएंगे तो इसका असर और बेहतरीन होता है। इसके जलाने से मन शांत और स्ट्रेसफ्री होता है।2. अच्छी नींद आती हैइस ऑयल में स्ट्रेस दूर करने की झमता है ऐसे में जाहिर है की जब आपका दिमाग शांत होगा और आप एक रिलेक्स जोन में होंगे तो आपकेो नींद अच्छी आएगी। . इसका इस्तेमाल अरोमाथेरेरी के लिए किया जाता है, इससे आपका पूरा शरीर रिलैक्स हो जाता है। आप चाहें तो अपने तकिए के दोनों तरफ 1 बूंद ऑयल डालें और उसके बाद सोएं आपको अच्छी नींद आएगी।3. सिरदर्द से आरामअगर आपके सिर में दर्द है तो आप लैवेंडर ऑयल की मदद से इससे छुटकारा पा सकते हैं। ये आपके तनाव को दूर करने में कई हद तक कारगर है। माइग्रेन से होने वाले दर्द में भी लैवेंडर ऑयल बहुत फायदेमंद है, बस इसे डिफ्यूज़र में डालकर जलाएं और आप कुछ ही देर में राहत महसूस करेंगे।4. स्किन के लिए फायदेमंदलैवेंडर ऑयर आपके स्किन के लिए बेहतर साबित होता है. लेकिन आप इसे सीधे कभी अपने स्किन पर ना लगाए। इसे हमेशा किसी कैरियर ऑयल या फिर मॉइश्चराइजर के साथ मिलाकर लगाए। इससे आपके चेहरे पर होने वाले पिंपल्स से आपको छुटकारा मिलेगा साथ ही ये एक नैचुरल टोनर के तौर पर भी काम करता है।5. बालों के लिए फायदेमंदअगर आपको स्कैल्प से जुड़ी कोई समस्या है तो आप इसे लैवेंडर ऑयल की मदद से हटा सकती हैं। इसके अलावा ऑलिव ऑयल में लैवेंडर की 2-3 बूंदे मिलाकर लगाएं और अपने स्कैल्प पर अच्छे से मसाज करें कम से कम 3 घंटे तक सिर में तेल लगे रहने दे उसके बाद एंटी-डैंड्रफ शैंपू से बाल धो ले। आपको डैंड्रफ से छुटकारा जल्द मिल जाएगा।










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