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देवास (मप्र) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही भारतीय जनता पार्टी की शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और पार्टी सेवा के मार्ग से कभी विचलित नहीं होगी। मोदी ने गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही 'सेवा संकल्प यात्रा' में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संवाद में यह बात कही। अलग-अलग राज्यों के युवाओं की भागीदारी वाली यह यात्रा मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित जनप्रतिनिधि के तौर पर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर निकाली जा रही है। यात्रा के प्रतिभागी फिलहाल देवास जिले में हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा,''गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही हमारी शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और जब शासन के मूल में सेवा का भाव होता है, तो हर नीति के केंद्र में नागरिक देवो भव का संकल्प होता है।'' मोदी ने कहा,''हमारे आचरण से लोगों को पता चले कि राजनीति में हमें कितनी ही बड़ी सत्ता क्यों न मिल जाए, लेकिन हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा। हम कभी भी सेवा के मार्ग से विचलित नहीं होंगे, भले ही हम कितने ही ऊंचे शिखर पर पहुंच जाएं।'' उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किए गए कामों को लोग याद रखते हैं और सेवा करने वाले व्यक्तियों को आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने कहा कि 'सेवा यात्रियों' से कहा कि लोगों की सेवा ही उनका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा,''लोगों की सेवा करके अपने आचरण से सेवा का संदेश दीजिए। सेवा परमो धर्मः, हम इस भाव के साथ आगे बढ़ेंगे।'' -
कोलकाता. अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बृहस्पतिवार को कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद उनका कार्यक्रम एक अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने तथा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश में सत्ता में आने के बाद पहलीबार बुधवार की रात कोलकाता पहुंचे अदाणी ने बृहस्पतिवार सुबह प्रसिद्ध काली मंदिर जाकर देवी का आशीर्वाद लिया और आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होने से पहले पूजा की। दिन में बाद में वह कोलकाता के पास न्यू टाउन के एक्शन एरिया-2 में बनने वाले 2,000 बिस्तरों वाले अदाणी आरोग्य मंदिर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि अस्पताल में आधे बिस्तर गरीब मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि अदाणी की मुख्यमंत्री के साथ दोपहर के भोजन पर बैठक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत पश्चिम बंगाल के लिए नए औद्योगिक परियोजनाओं का आधार बन सकती है और इससे राज्य में निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि बातचीत में राज्य में प्रस्तावित अन्य शहरी नवीनीकरण पहलों पर भी चर्चा हो सकती है, जिनमें कुमारतुली घाट का जारी पुनर्विकास और ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग का नवीनीकरण शामिल है। दिन में बाद में अदाणी एक उद्योग मंडल को संबोधित करने और उसके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने वाले हैं।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने बृहस्पतिवार को नीट-पीजी 2026 के नतीजे घोषित कर दिये। सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अर्हता 'कट-ऑफ' 262 अंक है, जो 50वें 'पर्सेंटाइल' के बराबर है। सामान्य श्रेणी के मानक दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए 'कट-ऑफ' 244 अंक (45वां 'पर्सेंटाइल) है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग उम्मीदवारों (इन श्रेणियों के मानक दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों सहित) के लिए 'कट-ऑफ' 226 अंक (40वां 'पर्सेंटाइल) है। एनबीईएमएस ने कहा कि राज्य कोटा सीटों के लिए अंतिम मेधा सूची और श्रेणीवार मेधा सूची संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उनकी पात्रता शर्तों, लागू दिशानिर्देशों और आरक्षण नीतियों के अनुसार तैयार की जाएंगी। उम्मीदवारों के व्यक्तिगत स्कोरकार्ड एक अक्टूबर से एनबीईएमएस की वेबसाइट पर डाउनलोड किये जाने के लिए उपलब्ध होंगे। एनबीईएमएस की वेबसाइट पर एक अक्टूबर या उसके बाद उत्तर कुंजी भी जारी की जाएगी, जिससे उम्मीदवार प्रश्न आईडी नंबर, सही उत्तर की आईडी, अपने दिए गए जवाब और हर सवाल के लिए मिले अंक को देख सकेंगे। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) 2026 परीक्षा पूरे देश में 30 अगस्त को आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 2,63,544 उम्मीदवार शामिल हुए थे। हालांकि, जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने की वजह से परीक्षा पूरी न कर पाने वाले उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 2,416 उम्मीदवार शामिल हुए थे।
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नोएडा. दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से एक महिला समेत नौ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 26 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि बस में करीब 35 यात्री सवार थे। बस कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी तभी ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में अचानक आग लग गयी। उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद बस में धुआं भर गया और कुछ यात्री बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के समय कुछ यात्री सो रहे थे। दमकल, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। बस के शीशे तोड़ने के साथ गैस कटर की मदद से उसके हिस्से काटकर फंसे यात्रियों और शवों को बाहर निकाला गया। कुछ मृतकों की पहचान हो गई है, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है और सभी मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए और मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। आदित्यनाथ ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
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भाजपा ने विभिन्न राज्यों के प्रभारी संगठन संयुक्त महासचिव नियुक्त किए
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की प्रदेश इकाइयों के लिए संगठन महासचिवों की बृहस्पतिवार को नियुक्ति की। नवीन ने भाजपा के कई राष्ट्रीय संयुक्त महासचिवों (संगठन) को अलग-अलग राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक मामलों का प्रभारी भी बनाया। भाजपा की ओर जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा में पार्टी के संगठनात्मक मामलों के प्रभारी होंगे। विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) सौदान सिंह को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पार्टी के संगठनात्मक मामलों का प्रभार सौंपा गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश पार्टी के अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चों के संगठनात्मक मामलों का प्रभार संभालेंगे। उन्हें पार्टी के संसद कार्यालय का प्रभारी भी बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि भाजपा नेता धर्मपाल को उत्तर प्रदेश में पार्टी का महासचिव, जबकि अजय जामवाल को महाराष्ट्र में महासचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि अमिताभ चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल में महासचिव (संगठन) का पद संभालेंगे, जबकि सतीश धोंड महाराष्ट्र में संयुक्त महासचिव (संगठन) के तौर पर काम करेंगे। इसमें कहा गया है कि नवीन ने पवन राणा को दिल्ली और हरियाणा के लिए पार्टी का महासचिव (संगठन) नियुक्त किया है। विज्ञप्ति के मुताबिक, भाजपा नेता मधुकर को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए पार्टी का महासचिव (संगठन) बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि रवींद्र राजू को असम और त्रिपुरा के लिए, जबकि भिखूभाई दलसानिया को बिहार के लिए पार्टी महासचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में कर्मवीर और मध्यप्रदेश में चंद्रशेखर को पार्टी का महासचिव (संगठन) नियुक्त किया है। इसमें कहा गया है कि मानस मोहंती को ओडिशा के लिए, जबकि मंत्री श्रीनिवासुलु को पंजाब और चंडीगढ़ के लिए पार्टी का महासचिव (संगठन) बनाया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पवन साय भाजपा की झारखंड इकाई के महासचिव (संगठन), जबकि सिद्धार्थन हिमाचल प्रदेश इकाई के महासचिव (संगठन) के रूप में काम करेंगे। इसमें कहा गया है कि दशरथ भाजपा की तेलंगाना इकाई के संयुक्त महासचिव (संगठन) के तौर पर सेवाएं देंगे।
विज्ञप्ति के मुताबिक, रत्नाकर गुजरात में भाजपा के महासचिव (संगठन), जबकि अरुण बिन्नाडी संयुक्त महासचिव (संगठन) का पद संभालेंगे। इसमें कहा गया है कि फणींद्रनाथ शर्मा को भाजपा की उत्तराखंड इकाई का महासचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है। -
नयी दिल्ली/रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) त्योहारों, धार्मिक कार्यक्रमों और बड़े सार्वजनिक समारोहों के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर भीड़-भाड़ वाली स्थिति का 2022 से एक डेटाबेस तैयार करेगा, ताकि ऐसे मौकों पर अधिक भीड़ के कारण भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते उपाय किये जा सकें। इन उपायों में, स्टेशन पर समय पर कर्मियों को तैनात करना, यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करना और राज्य पुलिस के साथ तालमेल बिठाना शामिल है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में त्योहार, धार्मिक समागम, मेले, परीक्षाएं, भर्ती अभियान, राजनीतिक कार्यक्रम, खेल-कूद के आयोजन, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम, बड़े सार्वजनिक समारोह और पर्यटकों के आगमन का महीना आदि शामिल हैं। 'ज्यादा भीड़-भाड़ के लिए आरपीएफ का डीएस-12 ई-अनुमान रजिस्टर' (ईएफआरआर) नाम की यह डिजिटल प्रणाली, अधिक भीड़-भाड़ वाले अवसरों के लिए पहले से अनुमान लगाने, निगरानी करने, उस समय तक की गई कार्रवाई और कार्यक्रम के बाद के मूल्यांकन के लिए एक ही डिजिटल भंडार के तौर पर काम करेगा।
आरपीएफ मुख्यालय ने 17 सितंबर 2026 को संबंधित वरिष्ठ जोनल सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ईएफआरआर को तत्काल प्रभाव से लागू करें और स्टेशनों पर अधिक भीड़ एकत्र होने की संभावना वाले आगामी त्योहारों/आयोजनों के लिए समय पर 'डेटा एंट्री' सुनिश्चित करें। इस आदेश से पहले, आरपीएफ के महानिदेशक ने ईएफआरआर के सभी पहलुओं, इसके उद्देश्य और इसे लागू करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए एक निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया, ''हाल ही में भीड़ से जुड़ी घटनाओं ने इस बात को रेखांकित किया है कि यात्रियों की अचानक बढ़ती संख्या का अनुमान लगाने और उन्हें संभालने के लिए एक व्यवस्थित, आधुनिक, आसूचना-आधारित और डेटा-संचालित प्रणाली अपनाने की जरूरत है।
निर्देश के अनुसार, ''इसमें होली, दिवाली, छठ, क्रिसमस, बड़े धार्मिक त्योहारों और हर साल नियमित रूप से होने वाले अन्य आयोजनों के लिए एक समय-सीमा दी गई है, ताकि प्रणाली में इनकी जानकारी पहले से ही रेखांकित की जा सके और ''बेहतर योजना बनाई जा सके, जो 60 दिन पहले भी की जा सकती है।'' इसमें कहा गया है, ''मेलों, खेल-कूद के कार्यक्रमों, परीक्षाओं, भर्ती परीक्षाओं, राजनीतिक रैलियों/सभाओं, स्थानीय त्योहारों, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और इस तरह के अन्य आयोजनों के लिए, जिनकी सूचना आमतौर पर पहले ही मिल जाती है, आरपीएफ की संबंधित विशेष इकाई को हरसंभव कोशिश करनी चाहिए कि यथासंभव कम से कम तीन हफ्ते पहले जानकारी मिल जाए।'' अधिकारियों ने कहा कि ईएफआरआर को भारतीय रेलवे में अधिक भीड़-भाड़ वाली स्थितियों का पहले से अंदाजा लगाने और उन्हें संभालने की आरपीएफ की क्षमता को मजबूत करने के लिए एक अहम संस्थागत तंत्र के तौर पर देखा जा रहा है।
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नयी दिल्ली। देश-विदेश में बुधवार को 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया, जिसका मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम नागपुर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में साक्ष्य आधारित शोध, नवाचार, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ से निपटने में आयुर्वेद की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। "स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद" विषय के तहत आयोजित समारोह में आयुष सेवा क्षेत्र पर पहली रिपोर्ट, आयुष दृष्टि 2030, औषधीय पौधों से संबंधित सुरक्षा डोजियर, त्वचा रोगों के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश और सीसीआरएएस-एजीएनआई आकलन पैमाना वेब पोर्टल जारी किया गया। कार्यक्रम में पढ़े गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश में कहा गया कि परंपरा से ज्ञान, साक्ष्य और नवाचार तक आयुर्वेद की यात्रा आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने में योगदान देगी। उन्होंने आयुर्वेद की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच का भी उल्लेख किया और कहा कि आयुष वीजा सुविधा के माध्यम से विदेशी नागरिक भारत में आयुष पद्धतियों के तहत उपचार करा सकते हैं। आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल जन आंदोलन बनना चाहिए। जाधव ने कहा कि आयुर्वेद स्वास्थ्य को बनाए रखने के साथ-साथ रोगों के उपचार पर भी जोर देता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) द्वारा तैयार आयुष सेवा क्षेत्र रिपोर्ट इस क्षेत्र का आकलन प्रस्तुत करती है, जबकि आयुष दृष्टि 2030 रिपोर्ट पारंपरिक चिकित्सा के विकास और वैश्विक विस्तार का खाका पेश करती है। नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में आयुर्वेद चिकित्सक, शोधकर्ता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और आयुष संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चाओं में साक्ष्य, शोध, नवाचार, गुणवत्ता और सामुदायिक कल्याण जैसे विषय प्रमुख रहे। कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय औषधीय पौधा प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले संस्थानों की पहल और उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। भारत के बाहर भी विभिन्न देशों में आयुर्वेद दिवस मनाया गया। मुख्य समारोह से पहले मंत्रालय ने बताया था कि 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 9,700 से अधिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 10 देशों और क्षेत्रों से भी भागीदारी दर्ज की गई।
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नयी दिल्ली/एड्रॉयट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को बोली के पहले ही दिन पूर्ण अभिदान मिल गया। इसमें खुदरा और गैर-संस्थागत निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ में 78,72,900 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 4,07,67,969 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जो 5.18 गुना बोलियों के बराबर है। खुदरा निवेशकों की श्रेणी को 7.24 गुना बोलियां प्राप्त हुई, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 7.20 गुना अभिदान मिला। पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के कोटा को पांच प्रतिशत बोलियां प्राप्त हुईं। एड्रॉयट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड का 151 करोड़ रुपये का निर्गम 25 सितंबर को बंद होगा। आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 126-134 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस आईपीओ में 98,97,000 इक्विटी शेयरों तक का ताजा निर्गम और 13,50,000 इक्विटी शेयरों तक की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है। एड्रा्रयट इंडस्ट्रीज की स्थापना 1966 में हुई थी।
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नयी दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 83 दिन की अवधि पूरी करने के बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी से विदा ली जो पिछले 14 वर्षों में दिल्ली में मानसून का सबसे छोटा दौर रहा। हालांकि देर से दस्तक देने के बावजूद, इस बार मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दो जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी थी और इसने 23 सितंबर को विदाई ली। यानी मानसून राष्ट्रीय राजधानी में 83 दिन रहा। इसके मुकाबले 2025 में यह 87 दिन, 2024 में 96 दिन और 2023 में 97 दिन रहा था। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इससे कम अवधि तक मानसून आखिरी बार 2012 में रहा था। उस साल मानसून ने सात जुलाई को दस्तक देने के बाद 25 सितंबर को विदाई ली थी। इस तरह 2012 में मानसून 80 दिन ही रहा था। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार भी दिल्ली में देर से दस्तक दी। वह दो जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा, जबकि इसके पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून है। पांच साल बाद ऐसा हुआ है, जब मानसून ने जुलाई में दिल्ली में दस्तक दी। इससे पहले 2021 में उसने 13 जुलाई को दस्तक दी थी। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो गया है। इस बार मानसून की विदाई सामान्य तारीख 25 सितंबर से दो दिन पहले हुई। पिछले साल मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से लौटा था।
वर्ष 1961 के बाद दिल्ली से मानसून की सबसे जल्दी विदाई 1982 में हुई थी, जब वह तीन सितंबर को ही लौट गया। इसके विपरीत 2013 में मानसून 17 अक्टूबर तक डेरा डाले रहा था। मानसून भले ही इस बार कम समय के लिए दिल्ली में ठहरा, लेकिन बारिश के मामले में उसने कोई कमी नहीं छोड़ी। पूरे मौसम में राजधानी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। शहर की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग में एक जून से 23 सितंबर तक 728.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 629.7 मिलीमीटर होती है। यानी इस बार बारिश सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक रही। आईएमडी के एक अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि सामान्य से अधिक बारिश के बावजूद इस साल बारिश का कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं बना। इसकी वजह यह है कि पिछले दो वर्षों में दिल्ली में 900 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, पूरी दिल्ली में बारिश का दौर एक जैसा नहीं रहा।
जुलाई में रिज क्षेत्र में 285.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 188.5 मिलीमीटर है। यानी यहां बारिश सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक रही। लोधी रोड में 274.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 201.9 मिलीमीटर की सामान्य बारिश से 36 प्रतिशत अधिक है। आयानगर में जुलाई के दौरान 210.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 178.5 मिलीमीटर है। यहां बारिश सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक रही। दूसरी ओर, पालम एकमात्र प्रमुख वेधशाला रहा, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। यहां 179.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 198.2 मिलीमीटर है। अगस्त मानसून का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा। सफदरजंग में इस माह सामान्य 222.9 मिलीमीटर की तुलना में 354.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई यानी सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक।
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अलग-अलग राय सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि उसके सभी आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध हैं तथा किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने अंग्रेजी दैनिक 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक खबर के बाद जारी एक बयान में यह टिप्पणी की है। खबर में कहा गया है कि देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विभिन्न राज्यों में नाम हटाए जाने सहित कई मुद्दों पर आपत्ति जताई थी। आयोग ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं में और सुधार के लिए थे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह भारतीय लोकतंत्र को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए पूरी निष्ठा के साथ अपने संवैधानिक दायित्वों को निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया है, ''आयोग द्वारा जारी सभी आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।'' बयान के अनुसार, ''मसौदा तैयार करने के चरण के दौरान आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए किसी भी प्रक्रियागत सवाल या दिए गए सुझाव मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से अपनाई जाने वाली सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं में और सुधार के लिए थे।'' बयान में कहा गया है, ''किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। अंतिम निर्णय लिए जाने से पहले वे निर्णय लेने की प्रक्रिया का ही हिस्सा होती हैं। केवल तीनों निर्वाचन आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी भी चुनावी व्यवस्था में सुधार के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह अधिकृत है। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ब्रिक्स देशों से अंतरराष्ट्रीय कराधान में संधि की व्याख्या और बहुपक्षीय वार्ताओं से जुड़े अपने अनुभव साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि 'ट्रांसफर प्राइसिंग' से जुड़े वैश्विक विवादों का विकासशील देशों पर असमान रूप से अधिक बोझ पड़ता है। सीतारमण ने ब्रिक्स देशों के कर प्राधिकरणों के प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय कराधान एवं ट्रांसफर प्राइसिंग तथा राजस्व आंकड़ों पर दो नए कार्यसमूह बनाने का प्रस्ताव रखा है। 'ट्रांसफर प्राइसिंग' संबंधित कंपनियों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं के लेनदेन की कीमत तय करने से जुड़ी व्यवस्था है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मामले में अलग-अलग देश यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि उनके अधिकार क्षेत्र में होने वाले मुनाफे के उचित हिस्से पर कर लगाया जाए। इस वजह से कर-योग्य आय के बंटवारे को लेकर करदाताओं एवं कर अधिकारियों तथा विभिन्न देशों के कर अधिकारियों के बीच विवाद हो सकते हैं। सीतारमण ने कहा कि ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाएं बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्थाएं हैं और अंतरराष्ट्रीय कर नियमों पर चल रही बातचीत में उनका दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ''ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े विवाद विकासशील देशों के कर प्रशासन पर असमान रूप से अधिक लागत डालते हैं।'' वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कर नियमों पर फिर से बातचीत चल रही है। इनमें 'अंतरराष्ट्रीय कर सहयोग पर संयुक्त राष्ट्र प्रारूप सम्मेलन' (यूएनएफसीआईटीसी) सहित कई बहुपक्षीय कर मुद्दों पर बातचीत सक्रिय रूप से जारी है। अगले कुछ वर्षों में इन प्रक्रियाओं में लिए जाने वाले फैसले आने वाली पीढ़ी के लिए सीमा-पार कराधान की व्यवस्था को प्रभावित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कार्यसमूह ब्रिक्स देशों के साझा अनुभव के आधार पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कर नियमों पर चल रही बातचीत और ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं के लिए कराधान में निष्पक्षता के संदर्भ में इन कार्यसमूहों का महत्व अधिक है। इसके साथ ही सीतारमण ने कहा कि दुनिया के कर प्रशासन कागज आधारित और व्यक्तिगत संपर्क पर निर्भर प्रक्रियाओं से अब डेटा आधारित और डिजिटल प्रणालियों की ओर बढ़ रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि ब्रिक्स देशों के कर विशेषज्ञों ने दो दिन तक प्रस्तावित कार्यसमूहों के काम के दायरे की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कराधान एवं ट्रांसफर प्राइसिंग कार्यसमूह संधि की व्याख्या, ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट, अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते (एपीए) और आपसी सहमति प्रक्रिया (एमएपी) जैसे विषयों पर अनुभव साझा करने के लिए स्थायी ब्रिक्स मंच उपलब्ध कराएगा। श्रीवास्तव ने कहा कि राजस्व आंकड़ों से जुड़ा कार्यसमूह ऐसा ढांचा तैयार करेगा जो ब्रिक्स देशों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजकोषीय प्रदर्शन को मापने में मदद करेगा।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को आयुष्मान भारत योजना के आठ साल पूरे होने की सराहना करते हुए कहा कि सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) की शुरुआत 23 सितंबर, 2018 को माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस कवरेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। यह व्यापक आयुष्मान भारत कार्यक्रम का वित्तीय सुरक्षा घटक है। इस कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है। इसके अलावा इसमें आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन भी शामिल हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना ने देशभर में नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक नया अध्याय खोला है। उन्होंने कहा, "आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के माध्यम से सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।" उन्होंने कहा कि देशभर में बने 1.86 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कारण 500 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं अपने आसपास ही उपलब्ध हो सकीं। नवीन ने कहा, "आयुष्मान भारत स्वस्थ नागरिक और मजबूत भारत के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।"
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि योजना के तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के इलाज के लिए भुगतान नहीं करना पड़ता है और उन्होंने इसे नरेन्द्र मोदी सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अस्पतालों में 13 करोड़ से अधिक भर्ती की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और दावा किया कि यह आंकड़ा "दुनिया में सबसे अधिक" है। भंडारी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "यह कल्याणकारी योजना है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रभाव है।" उन्होंने कहा कि योजना के तहत दो लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं और दावा किया कि यह मोदी सरकार की विकास पहलों के जमीनी प्रभाव को दर्शाता है। भंडारी ने पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था से इसकी तुलना करते हुए कहा कि पहले लोगों को इलाज के लिए भुगतान करना पड़ता था और उनके पास आयुष्मान कार्ड की सुविधा नहीं थी। उन्होंने कहा, "आज आयुष्मान भारत के आठ साल पूरे हो गए हैं। पांच लाख रुपये तक शून्य खर्च, पूरा स्वास्थ्य बीमा भारत सरकार की ओर से है।" भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुग ने कहा कि इस योजना ने करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच दी है और चिकित्सकीय आपात स्थिति के दौरान उन्हें वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराई है। चुग ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "इस संकल्प के साथ कि इलाज के खर्च को उठाने के लिए परिवारों को अपने घर गिरवी रखने या खेत बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बनकर उभरी है।" उन्होंने कहा कि योजना के तहत मिलने वाला स्वास्थ्य कवर जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान के साथ इलाज कराने के लिए मजबूत सहारा प्रदान कर रहा है। -
भाजपा ने प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पार्टी प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए जिनमें राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी गई, जबकि पार्टी उपाध्यक्ष राम माधव को तमिलनाडु का प्रभारी बनाया गया। इस फेरबदल के तहत, भाजपा ने अनिल बलूनी को अपने संचार विभाग का समन्वयक बनाया है। इस विभाग में पार्टी का राष्ट्रीय मीडिया प्रकोष्ठ और सोशल मीडिया इकाई शामिल हैं। आशीष उषा अग्रवाल, जिन्हें हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया विभाग का सह-संयोजक नियुक्त किया गया था, उन्हें पदोन्नत करके संयोजक बना दिया गया है। यह पद अब तक बलूनी के पास था। इन नियुक्तियों की घोषणा भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने की।
पार्टी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वरिष्ठ भाजपा नेता विनय सहस्रबुद्धे दिल्ली के प्रभारी होंगे, जबकि दर्शना जरदोश और जामयांग सेरिंग नामग्याल सह-प्रभारी होंगे। भाजपा महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जबकि जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और आनंद ओझा सह-प्रभारी होंगे। भाजपा उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा को महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया है, जबकि अमित मालवीय, सदानंद शेट तनावडे और कमलजीत सहरावत को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। - नयी दिल्ली. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने आम जनता, स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों, दवा विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को दर्द निवारक तथा एंटीबायोटिक दवाओं के बेहिसाब इस्तेमाल के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इनके अनुचित इस्तेमाल से गुर्दे की गंभीर बीमारी और इससे जुड़ी अन्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है। दवा नियामक ने 21 सितंबर को जारी एक परिपत्र में नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (एनएसएआईडी) और एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत, सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की अपील की। इसने डॉक्टर की पर्ची की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन करने और रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि देश में दवाओं का आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार होता है। सीडीएससीओ ने कहा कि एनएसएआईडी और एंटीबायोटिक समेत सभी दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी या विशेषज्ञ चिकित्सक की पर्ची पर ही बेची और वितरित की जा सकती हैं। सीडीएससीओ ने कहा कि संभावित जोखिमों को देखते हुए एनएसएआईडी और एंटीबायोटिक सहित विभिन्न दवाओं को औषधि नियमावली, 1945 की अनुसूची जी, एच, एच1 और एक्स के तहत रखा गया है, जिन्हें केवल उचित चिकित्सकीय देखरेख में ही लिया जाना चाहिए। नियामक ने कहा कि अधिकांश एंटीबायोटिक दवाएं अनुसूची एच1 में आती हैं और इन पर चेतावनी दर्ज होती है कि बिना चिकित्सकीय सलाह इनका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। सीडीएससीओ ने आम जनता को सलाह देते हुए कहा कि दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं को "बिना चिकित्सकीय सलाह के बिना सोचे समझे, बार-बार या लंबे समय तक" नहीं लिया जाना चाहिए। सीडीएससीओ ने दवा विक्रेताओं और वितरकों को अनुसूची एच और एच1 की दवाओं की बिक्री संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों को जागरुकता फैलाने तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
- नयी दिल्ली. विश्व हृदय दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक सम्मेलन में विशेषज्ञों ने हृदय संबंधी बीमारियों की रोकथाम के लिए रोग की समय पर पहचान, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समुदाय में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने प्रदूषण, तनाव और बदलती जीवनशैली को बढ़ती चिंताओं के रूप में रेखांकित किया। 'इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन' ने "स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ हृदय" विषय पर सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञों और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निवारक हृदय देखभाल, नियमित स्वास्थ्य जांच और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर चर्चा की। विश्व हृदय दिवस को 29 सितंबर को मनाया जाएगा। बीएलके-मैक्स हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष और विभागाध्यक्ष डॉ. टी. एस. क्लेर ने व्यवस्थित निवारक हृदय संबंधी कार्यक्रमों और समुदाय के स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि रोकथाम के प्रयासों में वायु और ध्वनि प्रदूषण, पराली जलाना, तनाव, काम करने के बदलते तौर-तरीकों और बदलती जीवनशैली जैसी पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़ी परिस्थितियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पीएसआरआई हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ. के. के. तलवार ने हृदय संबंधी आपात स्थिति के दौरान समुदाय के लोगों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का प्रशिक्षण देने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हर मिनट महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति उस समय पास में है, वही मायने रखता है।"मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 'कार्डियक साइंसेज और कार्डियक सर्जरी' (सीटीवीएस) के अध्यक्ष डॉ. गणेश कुमार मणि ने कहा कि निवारक हृदय चिकित्सा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है और लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "जागरूकता और निवारक कदमों के अलावा, हम सभी को संभवतः यह जानकारी भी होनी चाहिए कि पास में मौजूद व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण सीपीआर कैसे दिया जाए।" 'इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन' की सलाहकार परिषद के अध्यक्ष अनिल राजपूत ने कहा कि रोकथाम केवल बीमारी होने पर प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें खान-पान, शारीरिक गतिविधि, तनाव प्रबंधन और आराम से जुड़े रोजमर्रा के विकल्प भी शामिल हैं। सम्मेलन में रक्तचाप, रक्त शर्करा और लिपिड प्रोफाइल की निगरानी के साथ-साथ हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने में पोषण, फिटनेस, आयुर्वेद और ध्यान की भूमिका पर भी सत्र आयोजित किए गए।
- नयी दिल्ली. उत्तर पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दो बाइक पर आए हेलमेट पहने चार बदमाशों ने मंगलवार को एक व्यक्ति से कथित तौर पर 35 किलोग्राम चांदी लूट ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना अपराह्न करीब दो बजे शाह आलम बांध पिकेट के पास हुई। पुलिसकर्मियों ने पास में झगड़ा होते देखा और तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके मुताबिक, पीड़ित राजेश पटेल ने कहा कि वह चांदनी चौक के कूचा महाजनी बाजार स्थित 'यस ऑर्नामेंट' में कर्मचारी है और मोटरसाइकिल पर 35 किलोग्राम चांदी का पार्सल लेकर जा रहा था। इस चांदी की कीमत करीब 90 लाख रुपये है। उसने दावा किया कि इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार हेलमेट पहने चार लोगों ने उसे रोका, उसके साथ मारपीट की और चांदी से भरा काला बैग लूटकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और मामले में आगे की छानबीन जारी है।
- नयी दिल्ली. भारत में डिजिटल परिवहन की अगली लहर पारंपरिक मंच के दायरे से बाहर निकल रही है। अब बड़ी कंपनियों द्वारा ग्राहकों को नियंत्रित करने और प्रत्येक यात्रा पर कमीशन लेने वाले मॉडल की जगह 'सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस' (एसएएएस) मंच और खुले नेटवर्क ले रहे हैं। इससे स्वतंत्र चालकों और स्थानीय परिचालकों के लिए अपने वाहनों को ऑनलाइन जोड़ना सस्ता हो गया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव भारत के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इन शहरों में तिपहिया, टैक्सी और साझा वाहनों की मांग तो है, लेकिन पारंपरिक एग्रीगेटर कंपनियां अपने व्यापार मॉडल को व्यावहारिक बनाने के लिए जरूरी चालक और ग्राहक संख्या जुटाने के लिए संघर्ष करती रही हैं। प्रत्येक परिवहन व्यवसाय के लिए अपना अलग उपभोक्ता ऐप, मैपिंग, डिस्पैच, भुगतान और डेटा ढांचा तैयार करने के बजाय एसएएएस मंच स्थानीय बेड़े के मालिकों, स्वतंत्र टैक्सी तथा तिपहिया परिचालकों और सहकारी समितियों को पहले से तैयार डिजिटल प्रणालियों से जुड़ने की सुविधा देते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, इसके चलते एक नया मॉडल उभर रहा है जिसमें स्थानीय व्यवसायी वाहनों की आपूर्ति का स्वामित्व या प्रबंधन संभालते हैं, प्रौद्योगिकी कंपनियां डिजिटल बुनियादी ढांचा प्रदान करती हैं और खुले नेटवर्क उस आपूर्ति को ग्राहकों से जोड़ते हैं। इस मॉडल के सबसे बड़े उदाहरणों में से एक रैपिडो ने पारंपरिक कमीशन-आधारित व्यवस्था को छोड़ दिया है। कंपनी की नई व्यवस्था में चालक भागीदार यानी 'कैप्टन' मंच का उपयोग करने के लिए एक निश्चित शुल्क का भुगतान करते हैं और ग्राहकों से सीधे किराया लेते हैं। कंपनी के अनुसार, इसका सदस्यता शुल्क प्रतिदिन 19 रुपये या 29 रुपये तक हो सकता है। यह मॉडल उन चालकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाता, जो दिन भर में अधिक फेरे लगाते हैं। हालांकि, मंच के लिहाज से देखें तो इस बदलाव के कारण प्रति चालक होने वाली कमाई में भारी गिरावट आती है। ऐसे में इस मॉडल को व्यावहारिक बनाए रखने के लिए कंपनी को चालकों के बहुत बड़े आधार और यात्राओं की अधिक संख्या पर निर्भर रहना पड़ता है।
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मुंबई. अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की उम्र में मंगलवार दोपहर निधन हो गया। फिल्म निर्माण कंपनी यश राज फिल्म्स ने एक बयान में कहा, "अत्यंत दुखी मन से हम यह सूचित करना चाहते हैं कि रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी (75) का आज दोपहर निधन हो गया।" हालांकि, बयान में उनके निधन के कारण का खुलासा नहीं किया गया है।
बयान में कहा गया, ''परिवार आपके प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए दिल से आभारी है तथा दुख की इस घड़ी में सभी से निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है।'' कृष्णा मुखर्जी एक पार्श्व गायिका के रूप में जानी जाती थीं, जिन्होंने 'हैवान' (1977) और 'तीसरी आंख' (1982) जैसी फिल्मों के लिए गाने गाए थे। उन्होंने 1972 में फिल्म निर्माता राम मुखर्जी से शादी की थी और मार्च 1978 में उनकी बेटी रानी मुखर्जी का जन्म हुआ। रानी के पिता व निर्देशक राम मुखर्जी का 84 वर्ष की आयु में अक्टूबर 2017 में निधन हो गया था। -
मुजफ्फरनगर/मेरठ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को कहा कि जनता के विश्वास और समर्थन के आधार पर पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। नवीन ने मुजफ्फरनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद संवाददाताओं से कहा, ''जमीनी स्तर पर जो माहौल दिख रहा है, वह बहुत सकारात्मक है। हमें भरोसा है कि 2027 में भाजपा फिर जीतेगी।'' नवीन, सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करना है।
उन्होंने मेरठ से सहारनपुर तक सड़क मार्ग से यात्रा की और इस दौरान उनके साथ भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे। मुजफ्फरनगर में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल समेत भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नवीन का स्वागत किया। अग्रवाल ने कहा कि नवीन के दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह था।
भाजपा नेता ने सोमवार को मेरठ का दौरा किया था, जहां उन्होंने संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मेरठ से सड़क मार्ग से यात्रा के दौरान नवीन का काफिला मेरठ जिले के सिवाया टोल प्लाजा से गुजरा, जहां बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए जुटे थे। भाजपा नेता का काफिला हालांकि टोल प्लाजा पर नहीं रुका।
नवीन ने कार के अंदर से हाथ हिलाकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रियों की दो दिवसीय चिंतन बैठक बुधवार से शुरू होगी, जिसमें सुधारों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शासन और नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा और इसमें पूरी मंत्रिपरिषद शामिल होगी। सेवा तीर्थ में ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) स्थित है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रमों (योजनाओं) के समयबद्ध कार्यान्वयन और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित किये गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ मंत्री होंगे। ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में दी जाने वाली प्रस्तुतियों पर चर्चा की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है। प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं और उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, चिंतन बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।
मंत्रियों की प्रस्तुतियों में नीति-निर्माण की प्रक्रिया को अधिक असरदार और प्रभावकारी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसी तरह की एक चिंतन बैठक 21 अक्टूबर 2021 को भी हुई थी। उस समय बातचीत का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है। इसे शासन की समीक्षा करने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और सरकार का भविष्य का एजेंडा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था। -
अयोध्या. सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र ने अयोध्या में राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में सोमवार को औपचारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया। रविवार को अयोध्या पहुंचे मिश्र ने सोमवार सुबह राम मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिसके बाद वह पदभार ग्रहण करने मंदिर परिसर में नवनिर्मित कार्यालय पहुंचे। मिश्र अयोध्या पहुंचने के बाद रविवार रात रामकोट क्षेत्र स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में ठहरे। चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत 62 वर्षीय मिश्र को दो सितंबर को न्यास का प्रथम सीईओ नियुक्त किया गया था। मिश्र का चयन कई चरण की प्रक्रिया के बाद किया गया, जिसके लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। अयोध्या में 11 और 12 अगस्त को साक्षात्कार के लिए 16 उम्मीदवार छांटे गए थे। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी राजेश पांडेय के चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने के बाद न्यास ने पिछले हफ्ते स्पष्ट किया था कि मिश्र 11 अगस्त को साक्षात्कार के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे। हालांकि, पांडेय ने बाद में स्पष्ट किया था कि उन्होंने यह दावा नहीं किया था कि मिश्र साक्षात्कार के लिए उपस्थित नहीं हुए, बल्कि उन्होंने केवल यह कहा था कि साक्षात्कार के लिए दिए गए समय के दौरान मिश्र उन्हें साक्षात्कार स्थल पर नहीं दिखे थे।
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मेरठ (उत्तर प्रदेश) .केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रविवार को कहा कि पिछले एक दशक में भारत में रक्षा उत्पादन और निर्यात में काफी वृद्धि हुई है और अब कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात किए जा रहे हैं। यहां लगातार दूसरे दिन 'सूर्यकिरण' एयर शो देखने के बाद सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "स्वदेशी" और "आत्मनिर्भर भारत" दृष्टिकोण के अनुरूप देश की रक्षा क्षमताएं मजबूत की जा रही हैं। उन्होंने कहा, "भारत अब कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है और पिछले एक दशक के दौरान रक्षा उत्पादन तथा निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।" सेठ ने भारतीय वायु सेना की 'सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम' को देश की शान बताया और कहा कि यह एयर शो युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, "मेरठ के बच्चों को रक्षा क्षेत्र में करियर बनाने पर विचार करना चाहिए। इस कार्यक्रम के पीछे यही सोच है। जब युवा इन विमानों को देखेंगे, तो वे सोचेंगे कि मैं वायु सेना का पायलट क्यों नहीं बन सकता और मैं रक्षा सेवाओं में शामिल क्यों नहीं हो सकता?" सेठ ने 1857 के विद्रोह से मेरठ के जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह शहर वीरों की भूमि है और इस तरह के आयोजन युवाओं में देशभक्ति व सेवा की भावना पैदा करने में मदद करेंगे। इस बीच, सूर्यकिरण टीम के नौ 'हॉक एमके-132' विमानों ने एयर शो के दूसरे दिन लगभग 30 मिनट तक हवाई करतब दिखाए। आयोजकों के अनुसार, लगभग 50,000 लोगों ने यह प्रदर्शन देखा। विमान लगभग 100 फुट की ऊंचाई पर उड़े, उन्होंने दिल का आकार बनाया और राष्ट्रध्वज के रंगों में धुएं की लकीरें छोड़ीं। दो दिवसीय यह एयर शो 'न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप' में आयोजित किया गया था, जिसमें नौ विमानों ने गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस से उड़ान भरी थी। मेरठ के तीन पायलट सूर्यकिरण टीम का हिस्सा थे। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने विमान उड़ाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से शो का समन्वय किया।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ''ऐतिहासिक'' जीत की सराहना करते हुए इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुंह पर ''करारा तमाचा'' बताया और कहा कि उनकी ''झूठ की राजनीति'' पूरी तरह खारिज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि एबीवीपी की जीत सकारात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के भरोसे को दर्शाती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध एबीवीपी ने डूसू चुनाव में केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन पर जीत दर्ज की, जबकि एनएसयूआई का टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) केंद्रीय पैनल के चार पदों में से किसी पर भी जीत हासिल नहीं कर सका। एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की। यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने कहा, ''लंबे समय से राहुल गांधी एक भारत विरोधी एजेंडा बनाने का काम कर रहे थे। वह ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि देश के युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं और नयी पीढ़ी झूठ एवं साजिश की राजनीति को पसंद कर रही है।'' उन्होंने कहा, ''आज का परिणाम (डूसू चुनाव का) उनके मुंह पर करारा तमाचा है। डूसू के नतीजों ने उस विमर्श को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिसे कांग्रेस, वाम दल और उनका पूरा तंत्र खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।'' यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने गांधी की ''झूठ और नकारात्मक प्रचार'' की राजनीति को खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा, ''डूसू के नतीजे राहुल गांधी के खिलाफ 'जेन जी' का जनादेश हैं। यह उनकी रातों की नींद हराम कर देगा।'' भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डूसू के नतीजे देश के युवाओं के रुख को दर्शाते हैं और उन्होंने कांग्रेस तथा उसके नेता राहुल गांधी को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, ''दिल्ली विश्वविद्यालय एक तरह से लघु भारत है, जहां देश के सभी राज्यों से छात्र पढ़ाई करने आते हैं…...उन्होंने राहुल गांधी की झूठ और नकारात्मकता की राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दिया है।'' यादव ने कहा, ''राहुल गांधी कई जगहों पर 'झूठ की गूंज' सुनाने का काम कर रहे हैं। राहुल जी, क्या आपको छात्रों की ओर से उठ रही इस 'सच की हुंकार' की आवाज सुनाई दे रही है या नहीं?'' इससे पहले नवीन ने 'एक्स' पर कहा, ''डूसू चुनाव में एबीवीपी की ऐतिहासिक जीत पर दिल्ली विश्वविद्यालय के मेरे सभी युवा मित्रों को बधाई।'' उन्होंने कहा कि यह जीत 'राष्ट्र प्रथम' की भावना पर आधारित सकारात्मक और रचनात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के निरंतर भरोसे तथा 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण में योगदान देने के उनके मजबूत संकल्प को दर्शाती है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''मेरी शुभकामनाएं विजयी उम्मीदवारों और इस जीत को संभव बनाने के लिए अथक मेहनत करने वाले सभी लोगों के साथ हैं।
अध्यक्ष पद के चुनाव में 24,576 वोट हासिल करने वाले एबीवीपी के यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। शौकीन को एनएसयूआई ने टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। सचिव पद के लिए चुनाव में एबीवीपी उम्मीदवार रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि एनएसयूआई उम्मीदवार नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए, जबकि समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 वोट मिले। पिछले साल एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद हासिल किया था।
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आगर मालवा (मप्र). मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में शनिवार तड़के एक कार के बारिश के पानी से उफन रहे नाले में गिर जाने से तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। नलखेड़ा थाना प्रभारी शशि उपाध्याय ने बताया कि हादसा जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर नलखेड़ा कस्बे में बगलामुखी मंदिर के पास हुआ। उन्होंने बताया कि ओडिशा से आए श्रद्धालुओं को लेकर जा रही कार बारिश के पानी से उफन रहे नाले में गिर गई । उन्होंने बताया कि इस हादसे में कार सवार तीन बच्चों, दो महिलाओं और तीन पुरुषों की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि नलखेड़ा पुलिस ने बचाव अभियान चलाकर सभी शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर कई मोर्चों पर काम कर रही है। उन्होंने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए), कौशल विकास पहलों और दो करोड़ युवाओं को पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक लाख करोड़ रुपये की रोजगार प्रोत्साहन योजना का उल्लेख किया। 'रोजगार मेला' को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं की प्रतिभा और कौशल ने पूरी दुनिया का विश्वास जीता है और दुनिया को भारतीय नवोन्मेषकों, उद्यमियों तथा देश की युवा शक्ति से काफी उम्मीदें हैं। मोदी ने कहा, ''भारत ने 40 मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये एफटीए हमारे युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं। ऐसे व्यापार समझौते हमारे उद्यमियों के लिए नई साझेदारियों का रास्ता तैयार करते हैं, नए बाजारों तक पहुंच के अवसर देते हैं और युवाओं के लिए करियर की नई संभावनाएं पैदा करते हैं।'' कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नियुक्त होने वाले 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। हाल में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत का प्रयास यह सुनिश्चित करना रहा है कि ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा, ''हमारे उद्यमी, हमारे किसान, हमारी महिलाएं, हमारे युवा हर किसी को इस साझेदारी में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि 'ब्रिक्स कनेक्ट' और 'ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग पोर्टल' जैसी पहलों का उद्देश्य उद्यमियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को ऐसी साझेदारियों से जोड़ना है। देश के स्टार्टअप परिवेश का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें भारत की युवा शक्ति दिखाई देती है और स्टार्टअप परिवेश अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य शहरों में भी इसका विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा, ''भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश है। भारत की स्टार्टअप की कहानी अब केवल बड़े शहरों की कहानी नहीं है। आज मान्यता प्राप्त करीब आधे स्टार्टअप दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में हैं।'' मोदी ने दो करोड़ युवाओं को पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल करने के उद्देश्य से एक लाख करोड़ रुपये की पहल 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है। साथ ही, नए रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं को भी वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है। उन्होंने कहा, ''सरकार देश में रोजगार बढ़ाने के लिए हर मोर्चे पर काम कर रही है।''
मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, कौशल भारत मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना समेत सरकार की कौशल विकास पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उद्योग की भागीदारी से पीएम-सेतु योजना के तहत 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। मोदी ने कहा, ''हमारा प्रयास है कि युवाओं की शिक्षा और कौशल बदलती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप बने रहें।'' उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के बढ़ने, निवेश में वृद्धि होने और नए उद्योगों के विस्तार से युवाओं के लिए अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर और निवेश में करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी का उल्लेख किया। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की संप्रभु ऋण रेटिंग में हुए सुधार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ''पिछले वर्षों में किए गए सुधारों का भारत की इस वृद्धि में बड़ा योगदान है।'' मोदी ने कहा कि देश 2047 तक विकसित भारत बनाने के महत्वपूर्ण लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ''इसमें आप जैसे युवाओं की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार में सेवा करते हुए आपको ऐसा हर फैसला लेना चाहिए जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के अभियान को लगातार मजबूत करे। युवा होने के नाते आपकी विशेष जिम्मेदारी है, खासकर अन्य युवाओं के प्रति।'' उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपने पदों का इस्तेमाल सरकार के साथ कामकाज के दौरान युवाओं के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, ''आपका प्रयास होना चाहिए कि जिन कठिनाइयों से आप गुजरे हैं, दूसरे युवाओं को उन कठिनाइयों से न गुजरना पड़े।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'नागरिक देवो भव:' सार्वजनिक सेवा की मार्गदर्शक भावना होनी चाहिए। देशभर में 45 स्थानों पर रोजगार मेले आयोजित किए गए।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, नवनियुक्त उम्मीदवार केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में शामिल होंगे। इनमें राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय शामिल हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया कि रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने तथा देश की विकास यात्रा में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाता है। बयान के अनुसार, 20वें रोजगार मेले तक विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।





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