- Home
- देश
-
चेन्नई/ वियतनाम घूमने गए दक्षिण भारत के मोबाइल फोन कंपनी के कारोबारी सहयोगियों की यात्रा शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जहां नाव पलटने की घटना में 15 भारतीयों की मौत हो गई। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद भी मृतकों में शामिल हैं।
मजीद के एक रिश्तेदार ने बताया, उन्होंने सुबह अपनी नन्हीं सी पोती का चेहरा वीडियो कॉल पर देखा और पत्नी व बेटे से बात की। किसी को नहीं पता था कि यह परिवार से उनकी आखिरी बातचीत होगी।'' अब्दुल्ला एक मोबाइल फोन कंपनी के चैनल पार्टनर थे। कंपनी ने अपने बिजनेस सहयोगियों के लिए यह विदेश यात्रा प्रायोजित की थी। हनोई में भारतीय दूतावास के अनुसार, वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से तमिलनाडु के दस लोगों और आंध्र प्रदेश व केरल के क्रमशः तीन और दो लोगों की मौत हो गई। दक्षिणी राज्यों की सरकारों ने कहा कि वे शव को जल्द से जल्द अपने-अपने राज्यों में लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया। नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और स्थानीय चालक दल के चार सदस्य शामिल थे। इक्कीस लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है, जो अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, कोरल रीफ और द्वीप पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। अब्दुल्ला के रिश्तेदार ने कहा, वह सामान्यतः यात्रा पर नहीं जाते थे। पहले उन्होंने अपने बेटे को भेजने का विचार किया था, लेकिन अंततः स्वयं चले गए। वह 9 जुलाई को वियतनाम गए थे और 13 जुलाई को लौटने वाले थे।'' शनिवार सुबह उन्होंने बेटे से कारोबार के संबंध में बात की और पत्नी को बताया कि वे एक ऐसे द्वीप पर जा रहे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि वापस आने के बाद फोन करेंगे। उन्होंने अपनी नवजात पोती को वीडियो कॉल पर देखा। वही उनके परिवार से आखिरी संवाद साबित हुआ। मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की सरकारों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के साथ मिलकर मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कार्य कर रही हैं। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों की पहचान भी जारी कर दी है। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक न्यूज़ीलैंड यात्रा के दौरान शनिवार को भारत और न्यूज़ीलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक पहुंचाते हुए रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, पर्यटन, खेल, संस्कृति और वैज्ञानिक अनुसंधान समेत विभिन्न क्षेत्रों में 10 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने ‘इंडिया-न्यूज़ीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप एंड रोडमैप-2030’ को भी अपनाया, जिसके तहत सहयोग को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया। दोनों देशों ने समुद्री सहयोग (Maritime Cooperation) पर समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संवाद, सूचना साझा करने, समन्वय और संयुक्त गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। हाइड्रोग्राफी और नौवहन मानचित्रण पर भी समझौते हुए, जिनके तहत हाइड्रोग्राफिक डेटा साझा करने, संयुक्त नौवहन चार्ट तैयार करने और क्षमता निर्माण पर सहयोग किया जाएगा। इसके अलावा भारतीय नौसेना और न्यूज़ीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच म्यूचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट अरेंजमेंट (MLSA) पर भी सहमति बनी।भारत और न्यूज़ीलैंड ने आतंकवाद से मुकाबले के लिए संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group on Counter-Terrorism) गठित करने का फैसला किया। इसके तहत आतंकवाद विरोधी सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वय को मजबूत किया जाएगा। वहीं, भारत की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और न्यूज़ीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच हुए समझौते के तहत भूकंप, सुनामी, तटीय आपदाओं, नीति संवाद और क्षमता निर्माण पर मिलकर काम किया जाएगा।दोनों देशों ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने पर सहमति जताई। पर्यटन सहयोग समझौते के तहत दोनों देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और आर्थिक व सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। भारत और न्यूज़ीलैंड ने संयुक्त खेल कार्ययोजना (Joint Action Plan on Sport) को अपनाया। इसके तहत उच्च प्रदर्शन वाले खेल, खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा और खिलाड़ियों के विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक सहयोग और समुद्री विरासत संरक्षण के तहत गुजरात के लोथल स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) और न्यूज़ीलैंड मैरीटाइम म्यूज़ियम के बीच सहयोग स्थापित करने पर सहमति बनी।दोनों देशों ने आधिकारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देते हुए रोडमैप-2030 अपनाया। इसके तहत अगले चार वर्षों में व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन, खेल, संस्कृति, कृषि प्रौद्योगिकी, जन-से-जन संपर्क और बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा दी जाएगी। हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के आधार पर वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 7 अरब न्यूज़ीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया गया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग शुरू करने पर सहमति बनी। न्यूज़ीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) के तहत समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देने और अवैध, अनियंत्रित एवं अनियमित (IUU) मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए सहयोग बढ़ाने की घोषणा की। वहीं, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में न्यूज़ीलैंड ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस में शामिल होने का ऐलान किया।कृषि उत्पादकता साझेदारी के तहत दोनों देशों ने कीवीफ्रूट एक्शन प्लान लॉन्च किया। साथ ही नागालैंड और उत्तराखंड में कीवीफ्रूट के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में गोवा स्थित नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (NCPOR) और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी के बीच अंटार्कटिका अनुसंधान पर सहयोग स्थापित किया गया। इसके अलावा निफ्टेम-कुंडली (NIFTEM) और मैसी यूनिवर्सिटी के बीच शोध, छात्र आदान-प्रदान और शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौता किया गया।
- 0- भारतीय रेलवे ने इसे बनाने के लिए 175 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी0- अवसंरचना संवर्धन की यह पहल मौजूदा परिसंपत्तियों को अनुकूलित करने, बेड़े का विस्तार करने और रखरखाव क्षमता को बढ़ाने के लिए हैनई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने लोकोमोटिव रखरखाव अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के अंतर्गत रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर (एचएचपी) डीजल शेड में 250 थ्री फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं बनाने के उद्देश्य से 175 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है।होमिंग का तात्पर्य किसी लोकोमोटिव को एक निर्दिष्ट लोकोमोटिव शेड में जगह देने से है, जो उसके प्राथमिक रखरखाव केंद्र के रूप में कार्य करता है। होमिंग शेड की सुविधा लोकोमोटिव के निर्धारित रखरखाव, सुरक्षा निरीक्षण, मरम्मत और समग्र देखभाल के लिए होती है ताकि उसका सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित हो सके।यह परियोजना भारतीय रेलवे द्वारा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े के तेजी से विस्तार और पूरे नेटवर्क में माल ढुलाई तथा यात्री परिचालन में वृद्धि के अनुरूप रखरखाव बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों के तहत स्वीकृत की गई है।इन अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं से भारतीय रेलवे को रायपुर डिपो में मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी, साथ ही भविष्य में तकनीकी विस्तार के लिए आवश्यक स्थान भी उपलब्ध होगा।
-
नई दिल्ली। संचार मंत्रालय के डाक विभाग (DoP) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने शुक्रवार को नई दल्ली में देशभर के 5.68 लाख से अधिक गांवों में मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण भारत में दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन करना, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और डिजिटल इंडिया अभियान को गति देना है।
एमओयू के तहत डाक विभाग के 1.40 लाख से अधिक ग्रामीण शाखा डाकघरों के नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा। ग्रामीण डाक सेवक (GDS) अपनी नियमित डाक वितरण गतिविधियों के दौरान ट्राई द्वारा विकसित एंड्रॉयड आधारित मोबाइल ऐप के जरिए मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का सर्वे करेंगे। इस सर्वे में भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल सहित प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क का आकलन किया जाएगा।यह सर्वे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गांवों को कवर करेगा। इससे मोबाइल नेटवर्क के प्रदर्शन से जुड़े विश्वसनीय जमीनी आंकड़े उपलब्ध होंगे, जिनके आधार पर दूरसंचार सेवाओं की कमियों की पहचान, नेटवर्क अवसंरचना को मजबूत करने और साक्ष्य आधारित नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक-केन्द्रित सेवाएं एवं ग्रामीण व्यवसाय) मनीषा बंसल बादल ने कहा कि डाक विभाग ने अपनी व्यापक पहुंच और लोगों के विश्वास के बल पर विभिन्न सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर नागरिक-केन्द्रित सेवाओं का विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि ट्राई के साथ यह साझेदारी मजबूत और विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना तैयार करने के साथ ‘डिजिटल इंडिया’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और सशक्त करेगी। ट्राई के प्रधान सलाहकार (एनएसएल) अरुण अग्रवाल ने कहा कि डाक विभाग के व्यापक फील्ड नेटवर्क के जरिए जमीनी स्तर पर नेटवर्क प्रदर्शन का व्यवस्थित और विश्वसनीय आकलन संभव होगा। इससे तथ्य आधारित नियामकीय निर्णय लेने और उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।एक वर्ष की इस साझेदारी के तहत डाक विभाग देशव्यापी फील्ड सर्वे करेगा, जबकि ट्राई मोबाइल ऐप, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और केंद्रीकृत निगरानी उपलब्ध कराएगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संपर्क की कमियों की पहचान कर उनका समाधान करने और डिजिटल रूप से सशक्त एवं समावेशी भारत के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। -
नई दिल्ली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA)’ राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान की छठी वर्षगांठ पर 18 अगस्त 2026 को देशभर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का लक्ष्य ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से 12 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का नेतृत्व करने की संभावना है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव (मादक पदार्थ निवारण) डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने देशव्यापी संकल्प कार्यक्रम की कार्ययोजना और समन्वित रणनीति पर चर्चा की।बैठक में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और अन्य हितधारकों को अभियान से जोड़ने की रणनीति पर विचार किया गया। रेल, रक्षा, पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), आयुष मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, राजस्व विभाग, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों, सोशल इन्फ्लुएंसर्स, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और क्षेत्रीय इकाइयों में संकल्प समारोह आयोजित करने पर सहमति बनी। बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा प्रतिभागियों की संख्या और जन-जागरूकता गतिविधियों की निगरानी के लिए एक समान रिपोर्टिंग तंत्र विकसित करने पर भी चर्चा की गई। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।मंत्रालय ने नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। साथ ही नागरिकों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में पंजीकरण कराने और नशे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवी भावना विकसित करने पर भी जोर दिया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 15 अगस्त 2020 को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की शुरुआत की थी। पहले यह अभियान 272 संवेदनशील जिलों में शुरू किया गया था, जो अब पूरे देश में फैल चुका है। अब तक अभियान के माध्यम से 29.26 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। इनमें 11.17 करोड़ से अधिक युवा, 7.90 करोड़ महिलाएं तथा 28.30 लाख से अधिक लोगों का उपचार एवं पुनर्वास शामिल है। देशभर के 21.34 लाख से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि यह अभियान स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित युवा शक्ति के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जो विभिन्न एजेंसियों और संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर नशामुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने इसे साक्ष्य-आधारित राष्ट्रीय अभियान बताया, जबकि राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि यह अभियान युवाओं, महिलाओं और समुदाय की भागीदारी के माध्यम से नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। - श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में अत्यधिक गरीबी में जीवन व्यतीत करने वाले परिवारों की पहचान करने के लिए पहली बार केंद्र-शासित प्रदेश ऐसे परिवारों की गिनती करेगा। इसका मकसद समावेशी शासन को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि कल्याणकारी योजनाएं सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचें। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को योजना, विकास और निगरानी विभाग (पीडी एवं एमडी) की एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मकसद केंद्र-शासित प्रदेश में अत्यधिक गरीब परिवारों की प्रस्तावित परिवार-स्तर की गणना का प्रत्यक्ष जायजा लेना था। ये ऐसे गरीब परिवार होते हैं जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के मामले में अभाव का सामना करते हैं।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि परिवारों की प्रस्तावित गिनती विकास यात्रा में अगला तार्किक कदम है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद उन परिवारों की पहचान करना है जो कई तरह की सुविधाओं से वंचित हैं। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक रूप से मान्य और प्रौद्योगिकी पर आधारित डेटाबेस बनाना है जिससे सरकारी विभाग अधिक सटीकता से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकें, विभागों के बीच बेहतर तालमेल हो सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पीछे न छूटे। डुल्लू ने कहा कि यह प्रस्तावित कवायद डेटा-आधारित शासन, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में पहला कदम है। इससे पूरे जम्मू कश्मीर में सुविधाओं से वंचित इलाकों की पहचान करने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए एक संस्थागत ढांचा तैयार होगा। उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि वे नियोजन विभाग के साथ मिलकर मानव संसाधन की जरूरतों का आकलन करें।
मुख्य सचिव ने विभाग को इन संसाधनों के लिए दक्षता निर्माण कार्यक्रम तैयार करने का भी निर्देश दिया ताकि केंद्र शासित प्रदेश में जनगणना के दो चरणों (जिसमें जम्मू कश्मीर की खानाबदोश आबादी भी शामिल है) के पूरा होने के बाद यह कवायद शुरू की जा सके। नियोजन, विकास एवं निगरानी विभाग की आयुक्त सचिव आर. एलिस वाज द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में एक वैज्ञानिक ढांचा तैयार किया गया है। इसके तहत सरकारी नियमों के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के मामले में कई तरह की सुविधाओं से वंचित परिवारों की पहचान की जाएगी। वाज ने कहा कि यह प्रस्ताव नीति आयोग द्वारा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से तैयार किए गए राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) ढांचे पर आधारित है जिसे जम्मू कश्मीर में गरीब परिवारों की पहचान के लिए तैयार किया गया है। - नई दिल्ली। श्री अमरनाथ जी यात्रा पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है। 3 जुलाई 2026 से शुरू हुई यात्रा के लिए अब तक 1.60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए हैं। शुक्रवार को 8,796 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ।अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह नौवां जत्था भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 3,350 यात्री एक सुरक्षा काफिले में तड़के 2:42 बजे जम्मू से बालटाल बेस कैंप के लिए निकले, जबकि 5,346 तीर्थयात्रियों वाला दूसरा सुरक्षा काफिला सुबह 3:24 बजे नुनवान बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। यात्रियों में 6,426 पुरुष, 2,042 महिलाएं, 228 साधु, 10 बच्चे और 33 विदेशी नागरिक शामिल हैं। काफिले के लिए कुल 354 वाहन लगाए गए थे, जिनमें 175 बसें, 70 मीडियम मोटर वाहन, 106 लाइट मोटर वाहन और तीन दोपहिया वाहन शामिल थे। इनमें से 173 वाहन बालटाल रूट के लिए और 181 वाहन पहलगाम रूट के लिए तय किए गए थे।उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके में पंथा चौक यात्री कैंप का दौरा किया। उन्होंने कहा, “पिछले सप्ताह के आंकड़े बताते हैं कि इस साल श्री अमरनाथ जी यात्रा में पिछले साल की तुलना में अधिक श्रद्धालु आए हैं। यह बढ़ोतरी न सिर्फ हमारी आध्यात्मिक विरासत के लिए एक आशीर्वाद है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।” उपराज्यपाल ने कहा, “मैं चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर के बेहतरीन हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद पूरे देश में पहुंचें और यह अनूठी विरासत हर श्रद्धालु के घर में जगह बनाए। इससे हमारे कारीगरों का सम्मान होगा और ‘एक जिला एक उत्पाद’ अभियान की भावना भी मजबूत होगी, जिससे आस्था, संस्कृति और समृद्धि एक साथ जुड़ेंगे।” उन्होंने जिला प्रशासन, सभी संबंधित विभागों, श्राइन बोर्ड, पुलिस, सुरक्षा बलों और अन्य संबंधित लोगों के मिलकर किए गए प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान भीड़ को ठीक से संभालने, बिना किसी परेशानी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और तीर्थयात्रियों को समय पर जानकारी देने के लिए आपस में अच्छा तालमेल और सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। बता दें कि अमरनाथ यात्रा-2026 का समापन 28 अगस्त को होगा, जिस दिन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन का त्योहार है। श्रद्धालु कश्मीर 3880 मीटर ऊंचे बाबा बर्फानी मंदिर तक पारंपरिक पहलगाम मार्ग या छोटे बालटाल रास्ते से पैदल यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोग गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगाते हैं, जबकि बालटाल रास्ते का इस्तेमाल करने वाले लोग दर्शन करने के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।
-
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके योगदान की सराहना करते हुए शुभेच्छाएं व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत को मजबूत, सुरक्षित और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनकी गहरी समझ प्रशंसनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राजनाथ सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना की। वहीं, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने उन्हें भाजपा परिवार का वरिष्ठ सदस्य और लोकप्रिय जननेता बताते हुए शुभकामनाएं दीं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनाथ सिंह को प्रखर वक्ता और जनप्रिय राजनेता बताते हुए कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने उनके उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना की।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजनाथ सिंह का नेतृत्व राष्ट्र की सुरक्षा, सामर्थ्य और गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रेरणादायी रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनके श्रेष्ठ स्वास्थ्य और कीर्तिमय जीवन की कामना की। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और संकल्प से भारत का रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार सशक्त हो रहा है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य आधुनिकीकरण में राजनाथ सिंह के योगदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया। -
जम्मू. थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अग्रिम इलाकों का दौरा किया और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति, अभियानगत तैयारियों तथा सैनिकों की युद्ध तत्परता की समीक्षा की। अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये गए हैं और पदभार संभालने के बाद पुंछ के अग्रिम क्षेत्रों की उनकी यह पहली यात्रा है। अधिकारियों ने बताया कि सेनाध्यक्ष ने नगरोटा स्थित 'व्हाइट नाइट कॉर्प्स' मुख्यालय का दौरा किया, जहां वरिष्ठ कमांडरों ने उन्हें जम्मू क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और उसकी टुकड़ियों की अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद जनरल सेठ ने पुंछ जिले में अग्रिम इलाकों का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था तथा अभियानगत तैयारियों की समीक्षा की। सेनाध्यक्ष ने पुंछ ब्रिगेड मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की, जहां उन्हें सैनिकों की तैनाती, मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य और अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। शीर्ष अधिकारियों ने समग्र सुरक्षा स्थिति और उभरती चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सैनिकों की तैयारियों के बारे में सेनाध्यक्ष को अवगत कराया। जनरल सेठ मंगलवार से जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। इस दौरे पर उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की तथा कश्मीर में सुरक्षा की समग्र स्थिति के बारे में समीक्षा की।
-
जम्मू. जम्मू कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच 8,150 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू में भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही दो जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से कुल 52,816 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से कश्मीर के लिए रवाना हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को रवाना हुए श्रद्धालुओं के जत्थे में 6,095 पुरुष, 2,037 महिलाएं, 15 बच्चे और तीन ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं। श्रद्धालु दो समूहों में रवाना हुए। 3,445 श्रद्धालु 168 वाहनों में बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए जबकि 4,705 श्रद्धालु 166 वाहनों में पारंपरिक पहलगाम मार्ग की दिशा में आगे बढ़े। जम्मू कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की। इस अब तक 1.45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर में भगवान शिव के हिमलिंगम के दर्शन किए हैं। अमरनाथ की 57 दिनों की यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के त्योहार पर संपन्न होगी।
-
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस वर्ष अब तक अमरनाथ यात्रा में पिछले साल की तुलना में अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या केंद्रशासित प्रदेश में पर्यटन के लिए भी सकारात्मक संकेत है। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को फर्जी पंजीकरण में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। सिन्हा ने श्रीनगर के पंथा चौक स्थित यात्रा 'ट्रांजिट कैंप' और यात्री निवास का दौरा कर वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और श्रद्धालुओं से बातचीत कर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भगवान शिव के प्रत्येक श्रद्धालु को चौबीसों घंटे आवश्यक सहायता और देखभाल उपलब्ध हो। सिन्हा ने कहा, ''पिछले एक सप्ताह के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की यह बढ़ती संख्या न केवल हमारी आध्यात्मिक विरासत के लिए शुभ संकेत है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के लिए भी सकारात्मक है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।'' सिन्हा ने कहा कि वह चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के समृद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद देशभर में पहुंचें और अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के घरों में भी अपनी जगह बनाएं। उन्होंने कहा, ''इससे हमारे कारीगरों का सम्मान होगा और 'एक जिला, एक उत्पाद' अभियान को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही आस्था, संस्कृति और समृद्धि के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।'' उपराज्यपाल ने विभिन्न विभागों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवास, स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के संबंध में की गई तैयारियों की भी समीक्षा की।
-
नयी दिल्ली/ भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक को अपना उम्मीदवार घोषित किया। ये तीनों नेता कुछ घंटे पहले ही तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। तृणमूल के इन तीनों पूर्व सांसदों ने हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था और आज पार्टी भी छोड़ दी। उनके इस्तीफे से खाली हुई तीनों सीटों पर निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की है। भाजपा ने बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक को राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। एक अन्य अधिसूचना में भाजपा ने गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी अपने उम्मीदवार की घोषणा की। पार्टी ने इस सीट से सतीशभाई गोविंदभाई पटेल को उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा उपचुनाव 24 जुलाई को होगा और मतगणना भी उसी दिन होगी।
-
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत, रक्षा क्षमताओं और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के रक्षा प्लेटफॉर्म की क्षमता और विश्वसनीयता को पहचान रही है, जिसकी झलक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत के डिफेंस प्लेटफॉर्म की कैपेबिलिटी और क्रेडिबिलिटी दुनिया देख रही है। आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो देखा ही होगा। धमाके आतंकियों के अड्डों पर हो रहे थे और गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी।” उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है और उसकी रक्षा क्षमताओं पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
30 हजार से अधिक भारतीय मूल के लोगों की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने चंद्रयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा, “आपने देखा है कि भारत ने मून के साउथ पोल पर चंद्रयान उतारा है। दुनिया में कोई और देश ऐसा नहीं कर पाया। भारत अब अपना गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है। भारत अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और देश के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से तक इसकी पहुंच बन चुकी है। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन, वैक्सीन मैत्री, वैश्विक संकटों के दौरान राहत अभियानों और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि टाटा समूह ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट के जरिए उपग्रह प्रक्षेपित करने की दिशा में काम कर रहा है, जो दोनों देशों के तकनीकी सहयोग का नया उदाहरण है।प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि मेलबर्न में कई ऐसे इलाके हैं जिन्हें लोग ‘लिटिल इंडिया’ या ‘मिनी इंडिया’ के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे नाम कोई भी हो, इन स्थानों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक साफ दिखाई देती है। उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की मजबूती का श्रेय प्रवासी भारतीयों को देते हुए कहा, “इन रिश्तों को मजबूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका मेरी नहीं, बल्कि आप सभी की है।” उन्होंने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत कड़ी बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि देश में विशेष रूप से बेटियों के लिए खेलों के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों का भी जिक्र किया। वहीं, ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होती व्यापक रणनीतिक साझेदारी और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे होते संबंधों का प्रतीक बनकर उभरा। -
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में गुरुवार को भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेलबर्न ने सचमुच सबका दिल जीत लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि मेलबर्न में हुए कम्युनिटी प्रोग्राम में प्रधानमंत्री अल्बानीज़ की मौजूदगी ने इसे और भी खास बना दिया। उनका भाषण शानदार था, जिसमें भारत-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता और हमारी साझेदारी को वे कितना महत्व देते हैं, यह साफ झलकता था।
पीएम मोदी ने कहा, “मैं अपने मित्र और भारत के मित्र प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ का भी बहुत आभारी हूं। आप सिडनी में हमारे साथ थे और आज आप यहां मेलबर्न में भी भारतीय समुदाय के साथ शामिल हुए हैं; एक तरह से, यह सफर पूरा हो गया है।”उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम वाले शहर अहमदाबाद से लेकर मशहूर स्टेडियम वाले शहर मेलबर्न तक हम दोनों जगहों पर साथ रहे हैं। हम सबने देखा है कि जब भी प्रधानमंत्री अल्बानीज़ बोलते हैं, तो वे भारतीयों का दिल और दिमाग जीत लेते हैं। आपने सिडनी में ज़बरदस्त छाप छोड़ी और यहां भी आपने सबका दिल जीत लिया है।भारतीय समुदाय को संबोधित करने के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्पोर्ट्स सेक्टर हम दोनों देशों की साझेदारी को अधिक मजबूती प्रदान करता है। स्पोर्ट्स की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया अपने आप में एक ब्रांड है। खेलो इंडिया मिशन केवल एक स्पोर्ट्स पॉलिसी नहीं है। इस मिशन के तहत भारत के रिमोट इलाकों में भी स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है… 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स भारत होस्ट कर रहा है। भारत 2036 में ओलंपिक खेलों को होस्ट करने का भी दावेदार है। वहीं, सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, धन्यवाद मेलबर्न ! धन्यवाद ऑस्ट्रेलिया! आज का दिन ज़बरदस्त था। -
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया का “सच्चा और अपना प्रिय मित्र” बताते हुए कहा कि मेलबर्न में भारतीय नेता की मेजबानी करना उनके लिए सम्मान की बात है। भारतीय समुदाय के लिए आयोजित भव्य कार्यक्रम ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ में अल्बनीज ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मेलबर्न के प्रसिद्ध मार्वल स्टेडियम में गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग मौजूद रहे। अल्बनीज ने कहा कि इस स्टेडियम ने वर्षों में कई यादगार कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन भारतीय समुदाय का यह आयोजन सबसे खास और महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी, मेरे मित्र, शानदार मेलबर्न में आपका स्वागत है। ऑस्ट्रेलिया के सच्चे मित्र और मेरे बेहद प्रिय मित्र के रूप में आपकी मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात है।”उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मौजूद लोगों की ऊर्जा भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की भावना को दर्शाती है। यह उत्साह और सकारात्मकता दोनों देशों और उनके लोगों के बीच मजबूत होते संबंधों को आगे बढ़ाने वाली शक्ति है।अल्बनीज ने भारत की अपनी यात्राओं को याद करते हुए कहा कि उन्हें दो बार भारत जाने का अवसर मिला और हर यात्रा ने उन्हें देश की विविधता, सुंदरता और लोगों की गर्मजोशी से प्रभावित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2023 में गुजरात यात्रा के दौरान किए गए स्वागत को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने उनका भारत में स्वागत किया था, तब दोनों नेताओं ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रथ की सवारी की थी। उन्होंने कहा कि गुजरात में 2023 के दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच जो आत्मीयता उन्होंने महसूस की थी, वही भावना मेलबर्न में मौजूद भारतीय समुदाय के बीच भी दिखाई दे रही है।अल्बनीज ने कहा कि यह अवसर दोनों देशों के लोगों को जोड़ने वाले रिश्ते, आपसी सम्मान, मजबूत दोस्ती और भारत से जुड़े 10 लाख से अधिक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के योगदान का उत्सव है।उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग राष्ट्रीय संकट और जरूरत के समय सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, छोटे व्यवसायों और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भारतीय छात्रों के योगदान का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत से आने वाले विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा व्यवस्था और समाज को समृद्ध बना रहे हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच “जीवंत पुल” बताते हुए कहा कि उनकी संस्कृति, मेहनत और देश के प्रति समर्पण ने ऑस्ट्रेलिया को और मजबूत, बेहतर तथा अधिक विविध बनाया है। अल्बनीज ने कहा कि भारतीय समुदाय की वजह से ऑस्ट्रेलिया एक अधिक समृद्ध और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र बना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच यह रिश्ता केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित है। ( -
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से उनके देश के व्यवसायों को नई गति मिलेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पीएम लक्सन ने लिखा, “हमारे व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के बिजनेस में तेजी आने वाली है और हम भारत को जो कुछ भी निर्यात करते हैं, उसका 57 प्रतिशत पहले दिन से ही टैरिफ मुक्त होगा।”यह महत्वपूर्ण टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी न्यूजीलैंड यात्रा से ठीक पहले आई है।
ज्ञात हो, प्रधानमंत्री मोदी 10-11 जुलाई को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर न्यूजीलैंड जाएंगे। यह लगभग 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। यह दौरा पीएम लक्सन के निमंत्रण पर हो रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि मार्च 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में जो गति आई है, इस दौरे से उसे और मजबूती मिलेगी। उन्होंने आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और बढ़ाने पर चर्चा करने का संकल्प व्यक्त किया।इस साल 27 अप्रैल को भारत और न्यूजीलैंड ने FTA को अंतिम रूप दिया था। पीएम लक्सन ने इसे “पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका” बताया और भारतीय बाजार के विशाल स्केल व पोटेंशियल पर जोर दिया। लक्सन ने कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड को भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह पर करीब से जोड़ देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रवासी भारतीयों की सराहना की और कहा कि वे न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करने के लिए उत्सुक हैं, जिन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। यह FTA दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इस समझौते को और गति देने पर चर्चा होने की उम्मीद है। ( -
नई दिल्ली। जहां कश्मीर यूनिवर्सिटी ने पहले ही उन किताबों और रिसर्च मटीरियल की समीक्षा शुरू कर दी है जिनमें आपत्तिजनक सामग्री हो सकती है। वहीं, स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर (डीएसईके) ने गुरुवार को सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग सेंटरों की सभी किताबों की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया।
कश्मीर यूनिवर्सिटी ने अपनी सेंट्रल लाइब्रेरी और सभी डिपार्टमेंटल लाइब्रेरी में मौजूद किताबों, मैगजीन, जर्नल्स, रिसर्च मटीरियल और दूसरी चीजों की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि उनमें कोई आपत्तिजनक कंटेंट न हो। इस बीच, कश्मीर के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ कोचिंग सेंटरों में मौजूद सभी किताबों की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि वहां परिसर में कोई आपत्तिजनक कंटेंट वाली सामग्री मौजूद न हो।आदेश के अनुसार, सभी संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे ऑफिस, क्लासरूम, स्टाफ रूम और स्कूल लाइब्रेरी में मौजूद किताबों की जांच करें, जिसमें हाल ही में खरीदी गई और पुरानी किताबें भी शामिल हैं। सर्कुलर में कहा गया है कि इसका मकसद यह पक्का करना है कि किसी भी किताब में ऐसा कंटेंट न हो जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए, छात्रों के लिए अनुपयुक्त सामग्री हो, मौजूदा कानूनों के खिलाफ हो, राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुंचाए, या शैक्षिक मूल्यों और स्थापित मानदंडों पर असर डाले।सभी सामग्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आयु-उपयुक्त दिशानिर्देशों के अनुरूप भी होना चाहिए। यदि कोई आपत्तिजनक कंटेंट मिलता है, तो संस्थान के प्रमुख को एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी जिसमें किताब का शीर्षक, प्रकाशन का वर्ष, लेखक और प्रकाशक का नाम और किताबों की संख्या का उल्लेख हो। संस्थानों से कहा गया है कि वे इस प्रक्रिया को पूरी सावधानी से पूरा करें और 13 जुलाई तक रिपोर्ट जमा करें।प्रमाण पत्र में यह बताना होगा कि सभी किताबों की अच्छी तरह से समीक्षा की गई है, जानकारी के अनुसार कोई आपत्तिजनक सामग्री मौजूद नहीं है, और लाइब्रेरी की किताबें शिक्षा नीति-2020 के दिशानिर्देशों और संबंधित कानूनों के अनुरूप हैं। जहां आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान की जाती है, वहां उसी समय सीमा के भीतर सीईओ/जेएडईओ को एक सारांश और रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।जोनल शिक्षा अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों और कोचिंग सेंटरों की रिपोर्ट की जांच और संकलन करेंगे और 15 जुलाई तक संबंधित सीईओ को एक समेकित रिपोर्ट जमा करेंगे। कश्मीर डिवीजन के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे 17 जुलाई तक निदेशालय को प्रमाण पत्र और रिपोर्ट जमा करें। सीईओ से यह भी कहा गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस प्रक्रिया की निगरानी करें और जमा करने से पहले प्रमाण पत्रों पर प्रति-हस्ताक्षर करें। डीएसईके के जॉइंट डायरेक्टर, एडिशनल सेक्रेटरी (लॉ) और ओएसडी (सीईडब्ल्यू) की एक कमिटी जिलों से सर्टिफिकेशन रिपोर्ट इकट्ठा करेगी और 19 जुलाई तक डायरेक्टरेट को एक कंबाइंड रिपोर्ट सौंपेगी। डायरेक्टरेट ने चेतावनी दी है कि नियमों के पालन में किसी भी तरह की कोताही को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। -
नई दिल्ली। एआई डेटा सेंटर की दौड़ में भारत एक प्रमुख दावेदार बनकर उभरा है। ये सेंटर अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग को पावर देंगे। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियां और देश के बड़े बिजनेस ग्रुप, भारत में एआई के लिए डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
‘द सिटीजन’ की रिपोर्ट में बताया गया कि इसमें से ज्यादातर निवेश मुंबई और चेन्नई के आसपास केंद्रित है, जो कि अंडरसी (समुद्र के नीचे) केबल नेटवर्क के करीब मौजूद हैं और यह हाइपर स्केल डेटा सेंटर्स के लिए सबसे अच्छी जगह हैं। वहीं, देश के पूर्वीतट पर आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम हब के रूप में उभर रहा है।इन सुविधाओं के लिए बहुत अधिक बिजली और पानी की जरूरत होती है, ताकि खास तरह के और बहुत अधिक गर्मी पैदा करने वाले कंप्यूटिंग हार्डवेयर को ठंडा रखा जा सके। ये मजबूत पावर ग्रिड, ज्यादा क्षमता वाली फाइबर-ऑप्टिक कनेक्टिविटी और रिन्यूएबल एनर्जी तक बढ़ती पहुंच पर भी निर्भर करते हैं। तेजी से उभरते हुए हब में विशाखापत्तनम भी शामिल है, जो दक्षिणी तटीय राज्य आंध्र प्रदेश का आर्थिक केंद्र है।गूगल ने इस क्षेत्र में 15 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है, जबकि अदाणी ग्रुप ने भी 2035 तक 5गीगावाट का एआई प्लेटफॉर्म बनाने के लिए 100 अरब डॉलर निवेश करने की योजना की घोषणा की है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हैदराबाद और पुणे जैसे अंदरूनी इलाकों के टेक्नोलॉजी सेंटर तेजी से अपने क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहे हैं, जिससे भारत की डिजिटल पहुंच तटीय इलाकों से आगे बढ़ रही है।सरकार की सहयोगी पॉलिसी इन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है। इसके तहत डेवलपर्स को रियायती दरों पर लंबे समय के लिए फाइनेंसिंग और टैक्स में बड़ी छूट दी जा रही है, जिसमें ग्रीन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे भी शामिल है। हाइपर स्केल एआई प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश के कारण, अनुमान है कि इस दशक के आखिर तक भारत की ऑपरेशनल डेटा सेंटर क्षमता बढ़कर लगभग 6.5 गीगावाट हो जाएगी।रिपोर्ट के अनुसार, भारी निवेश, सरकार की सहयोगी पॉलिसी और तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम की बदौलत, देश दुनिया की प्रमुख एआई ताकतों में से एक बनने की राह पर है और ग्लोबल एआई कॉम्पिटिटिवनेस में सिर्फ अमेरिका और चीन से पीछे है। - नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में गुरुवार को भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने म्यांमार में ऑपरेशन ब्रह्मा चलाया, श्रीलंका में साइकलोन की तबाही हुई तो वहां हमने ऑपरेशन सागरबंधु चलाया था। उन्होंने कहा, “कोरोना काल की याद भी हमारे मन में ताजा है। हमने दुनियाभर से भारत को ही नहीं बल्कि अन्य देशों के नागरिकों को भी उनके घर पहुंचाया था। हमने जरूरतमंदों तक दवाइयां पहुंचाई थीं। पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत मदद करता है तब पासपोर्ट नहीं देखता है इसलिए दुनिया भी भारत पर इतना विश्वास करती है।भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मेलबर्न में भारतीय समुदाय के बीच आकर बहुत उत्साहित हूँ। उनका जोश और उत्साह वाकई बेमिसाल है। वे भारत-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती के सबसे मज़बूत स्तंभों में से एक हैं।”पीएम मोदी ने भारतीयों को दूध में घुलने वाली चीनी की तरह बताया, जो उसे और भी मीठा बना देती है। उन्होंने कहा कि हम भारतीय दुनिया में अपने प्यार की मिठास घोलते रहते हैं। घर में दूध भले ही ऑस्ट्रेलिया का हो लेकिन उससे बनी चाय भारतीय होती है। दाल और सब्जियां ऑस्ट्रेलिया की होती हैं, फिर भी उनमें असली भारतीय मसालों का तड़का लगाया जाता है।उन्होंने कहा, “आपमें से कई लोग ऐसे होंगे जो अपने घरों में कम से कम दो टाइम ज़ोन को मैनेज करते हैं। यहां बच्चे ऑस्ट्रेलियाई समय के अनुसार स्कूल से लौटते हैं, जबकि भारत में दादा-दादी वीडियो कॉल के ज़रिए जुड़ने का इंतज़ार कर रहे होते हैं। हो सकता है कि यहां वीकेंड हो, फिर भी भारत में हो रही किसी शादी की लाइव स्ट्रीमिंग चल रही हो। दूसरे शब्दों में, भले ही हज़ारों किलोमीटर की भौतिक दूरी हो, आपकी दिनचर्या भारत से गहराई से जुड़ी हुई है। इस दिनचर्या के साथ-साथ, आप सभी ऑस्ट्रेलिया के विकास में पूरे जोश के साथ योगदान दे रहे हैं। मुझे आप सभी पर गर्व है।”वहीं, पीएम मोदी के मार्वल स्टेडियम में भारतीय समुदाय को संबोधित करने से पहले मेलबर्न में 30,000 से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए। यह ऑस्ट्रेलिया में किसी भी वर्ल्ड लीडर के लिए अब तक की सबसे बड़ी सभा बन गई है। “मेलबर्न मीट्स मोदी” नामक इस कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग जोर-जोर से ‘मोदी, मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। मेलबर्न का प्रतिष्ठित मार्वल स्टेडियम जबरदस्त उत्साह से गूंज रहा था, जहां भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय का विशाल जनसमूह प्रवासी भारतीय कार्यक्रम के समर्थन में उमड़ पड़ा है। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, संगीत और जोशीले नारों से पूरा स्टेडियम ऊर्जा से भर गया है। पूरे वेन्यू में भारतीय तिरंगे और ऑस्ट्रेलियाई झंडे लहरा रहे थे, जो दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंधों को दिखा रहे थे।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने के लिए मेलबर्न के प्रसिद्ध मार्वल स्टेडियम में हजारों भारतीय प्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ी। स्टेडियम पूरी तरह हाउसफुल रहा और लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। पीएम मोदी अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज़ के साथ स्टेडियम पहुंचे। वहां मौजूद भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री के सम्मान में फ्लैश लाइट जलाकर पूरा स्टेडियम जगमगा दिया।
इस दृश्य से भावुक हुए पीएम मोदी ने कहा,“ये शो हाउसफुल और ब्लॉकबस्टर है।”प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मार्वल स्टेडियम की भूमि के पारंपरिक मालिकों (फर्स्ट नेशंस) को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि मेलबर्न एक दिन में चार मौसम दिखा देता है, लेकिन यहां के भारतीय समुदाय ने अपने सांस्कृतिक रंग से इस शहर को और ज्यादा जीवंत बना दिया है। पीएम मोदी ने मेलबर्न के भारतीय बाजारों का जिक्र करते हुए कहा, “कोई इसे लिटिल इंडिया कहता है, कोई मिनी इंडिया… नाम कोई भी हो, लेकिन रंग भारतीयता से भरे हुए हैं।”उन्होंने 2014 की अपनी पहली ऑस्ट्रेलिया यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय 28 वर्षों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री यहां आया था। उन्होंने तब कहा था कि अगली बार लोगों को 28 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पीएम मोदी ने गर्व के साथ बताया, “पिछले 12 वर्षों में यह मेरी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है। यह एक तरह से ‘हैट्रिक’ है।”इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में आए तेज बदलाव का पता चलता है।इससे पहले विक्टोरिया की प्रीमियर जेसिंटा ने पीएम मोदी का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “विक्टोरिया भारतीयों का सम्मान करता है। हमारे लिए भारत ट्रेड का नहीं, बल्कि ट्रस्ट का प्रतीक है।” कार्यक्रम में भारत का राष्ट्रगान गूंजा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ भी पूरे समय मौजूद रहे। यह सामुदायिक कार्यक्रम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव, मजबूत होते रणनीतिक संबंधों और प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका की झलक पेश करता है। ( -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, वियरेबल्स (स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड) और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान से बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) हटा दी है। यह छूट 31 मार्च, 2029 तक लागू रहेगी, जो गुरुवार से प्रभावी हो गई है। वित्त मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले इन तीन प्रमुख कलपुर्जों के विनिर्माण में उपयोग होने वाले सामान पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) छूट लागू करने के लिए तीन अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं।
अधिसूचना के मुताबिक सरकार ने देश में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने और आयात निर्भरता कम करने के लिए डिस्प्ले असेंबली, लिथियम-आयन सेल और इंडक्टर कॉयल मॉड्यूल के निर्माण में उपयोग होने वाले सामान पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) माफ कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने यह कदम स्मार्टफोन, लैपटॉप, वियरेबल्स और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। यह छूट उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों के अनुरूप है। बीसीडी में शुल्क में ये छूट आयात पर निर्भरता कम करेगी और स्थानीय विनिर्माण के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स परिवेश को मजबूत करेगी। -
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन (ई20) को लेकर उठ रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि ई20 पेट्रोल पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से परीक्षण किया गया, सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित ईंधन है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई85 ईंधन के अनुकूल वाहनों की शुरुआत के बाद एथेनॉल मिश्रित ईंधन के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने का अभियान तेज हो गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मंत्री ने कहा कि भारत में अप्रैल 2023 से ई15, अप्रैल 2024 से ई19 और अप्रैल 2025 से ई20 ईंधन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इतने बड़े स्तर पर इसके उपयोग के बावजूद कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 20 लाख से ज्यादा चारपहिया वाहन कई वर्षों से सफलतापूर्वक ई20 ईंधन पर चल रहे हैं। इसके बावजूद, अचानक एथेनॉल मिश्रण के खिलाफ अभियान तेज हो गया है।”उन्होंने दावा किया कि 5 जून को फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ई85 ईंधन लॉन्च किए जाने के बाद इस तरह की आलोचनाएं बढ़ने लगीं। उन्होंने इसे भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मंत्री ने कहा, “अगर समय और घटनाक्रम को ध्यान से देखें तो यह पैटर्न नजरअंदाज करना मुश्किल है। ई85 अनुकूल वाहनों की शुरुआत के तुरंत बाद एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर डर फैलाने की कोशिशें शुरू हो गईं।”केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है और वैश्विक तेल मांग में होने वाली वृद्धि का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा भारत से आता है। ऐसे में देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए वैकल्पिक घरेलू ईंधनों का विस्तार बेहद जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, “पेट्रोल में मिलाया जाने वाला प्रति लीटर एथेनॉल कच्चे तेल के आयात को कम करता है, भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाता है, वायु प्रदूषण घटाने में मदद करता है, किसानों की आय बढ़ाता है और विदेशी मुद्रा की बचत करता है।”केंद्रीय मंत्री ने ई20 को व्यापक रूप से परीक्षण किया गया, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य और पूरी तरह सुरक्षित ईंधन बताया। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने देश के ‘अन्नदाता’ किसानों को ‘ऊर्जादाता’ बनाने का काम किया है, क्योंकि इससे किसानों को आय का एक अतिरिक्त स्रोत मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की शुरुआत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी। ऐसे में अब इसके तेजी से विस्तार का विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित प्रतीत होता है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, यह कार्यक्रम न केवल भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करता है, बल्कि देश को भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से होने वाले जोखिमों के प्रति भी अधिक मजबूत बनाता है। -
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक विरासत संरक्षण को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया तमिलनाडु की तीन महत्वपूर्ण प्राचीन धरोहरों — भद्रकाली का त्रिशूल, पवित्र नंदी की पाषाण प्रतिमा और भगवान कार्तिकेय (षण्मुख) की छह मुख वाली पत्थर की प्रतिमा — को भारत को स्वेच्छा से लौटाने जा रहा है। यह घोषणा मेलबर्न में चल रहे तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की बैठक के बाद की गई।
सांस्कृतिक विरासत का आदान-प्रदानये तीनों कलाकृतियां तमिलनाडु की मूल हैं और वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया की विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के संग्रह में सुरक्षित हैं। निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें भारत वापस भेज दिया जाएगा। दोनों प्रधानमंत्रियों ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहरों के सम्मान को द्विपक्षीय संबंधों का मजबूत आधार बताया। इस फैसले को आपसी विश्वास और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक करार दिया गया है।शिखर सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियांप्रधानमंत्री मोदी और अल्बानीज़ के बीच हुई एकांत वार्ता और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में दोनों देशों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के छह वर्ष पूरे होने पर संतोष व्यक्त किया।बैठक में निम्नलिखित क्षेत्रों पर जोर दिया गया:– व्यापार एवं निवेश– रक्षा एवं सुरक्षा– महत्वपूर्ण खनिज– साइबर सुरक्षा– उभरती प्रौद्योगिकियां– स्वच्छ ऊर्जा और असैन्य परमाणु ऊर्जा– शिक्षा एवं कौशल विकासदोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, CEO फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप के सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया। शिखर सम्मेलन के दौरान समुद्री सुरक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक संपदाओं की वापसी समेत कई क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।हिंद-प्रशांत पर साझा दृष्टिवार्ता के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने स्वतंत्र, खुला और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया सरकार और पीएम अल्बानीज़ द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। यह फैसला भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्र में एक नया और यादगार अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है। -
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती मिली है। ऑस्ट्रेलिया के ‘फर्स्ट नेशंस’ (आदिवासी) समुदाय के पूर्वजों के अवशेष भारत से वापस लौटाए जाएंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया भी भारत की कई महत्वपूर्ण कलात्मक और ऐतिहासिक वस्तुएं स्वेच्छा से भारत को सौंपेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने गुरुवार को इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक समझौते की घोषणा की।
मुख्य बातें:– चेन्नई के गवर्नमेंट म्यूजियम में संरक्षित ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस समुदाय के एक पूर्वज के अवशेष भारत सरकार स्वेच्छा से और बिना किसी शर्त के ऑस्ट्रेलिया को लौटा रही है।– ऑस्ट्रेलिया की नेशनल गैलरी ऑफ ऑस्ट्रेलिया और आर्ट गैलरी ऑफ न्यू साउथ वेल्स में रखी भारत की कई कलात्मक एवं ऐतिहासिक वस्तुएं भारत को वापस लौटाई जाएंगी।ऑस्ट्रेलियाई पीएमओ ने इस विकास को “ऐतिहासिक न्याय और मेल-मिलाप की दिशा में महत्वपूर्ण कदम” बताया।दोनों देशों की प्रतिक्रियाएंप्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय की सराहना की और कहा कि दोनों देशों का साझा इतिहास लोगों को जोड़ता है तथा सांस्कृतिक सहयोग इन संबंधों को और गहरा बना रहा है। ऑस्ट्रेलिया के कला मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि यह आदान-प्रदान दोनों देशों के साझा मूल्यों और आपसी सम्मान का प्रतीक है। स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई मामलों की मंत्री मलांडिरी मैक्कार्थी ने इसे “अतीत की गलतियों को सुधारने” की दिशा में बड़ा कदम बताया और भारत के सहयोग की प्रशंसा की।दोनों पक्षों का बयानऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा कि फर्स्ट नेशंस पूर्वजों की वापसी उनके समुदायों के लिए अत्यंत सम्मानजनक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। साथ ही, भारत की सांस्कृतिक वस्तुओं की वापसी नैतिक संग्रह और संग्रहालय प्रबंधन के उच्चतम मानकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अल्बानीज़ की मौजूदगी में हो रहे तीसरे ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट के दौरान हुआ है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी को नई ऊंचाई दे रहा है। -
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई नई पहलों की घोषणा की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन क्षेत्रों में हुए बड़े ऐलानों को लेकर एक बयान जारी किया। दोनों ने ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (एसीआईटीआई) साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। इस पहल के माध्यम से कनाडा के साथ मिलकर महत्वपूर्ण और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया विश्वास पर आधारित साझेदारी के साथ भविष्य की तकनीकों पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने गगनयान मिशन में सहयोग को दोनों देशों के मजबूत अंतरिक्ष संबंधों का प्रतीक बताया।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भी दोनों देशों ने एक अहम कदम उठाया है। ऑस्ट्रेलिया के कोकोस (कीलिंग) द्वीप समूह में भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए एक अस्थायी स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र गगनयान कार्यक्रम के शुरुआती चार प्रमुख मिशनों की निगरानी और ट्रैकिंग में सहायता करेगा। इससे भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम को महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग मिलेगा।शिक्षा और कौशल विकास को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का प्रमुख स्तंभ बताते हुए, दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। वर्तमान में, भारत, ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। पिछले वर्ष, 1.40 लाख से अधिक भारतीय छात्रों ने ऑस्ट्रेलियाई शिक्षण संस्थानों में अध्ययन किया।जिसे लेकर ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर ने कहा कि शिक्षा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सबसे मजबूत पुल है। उन्होंने कहा कि अब केवल भारतीय छात्र ही ऑस्ट्रेलिया नहीं आ रहे, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय वहीं, भारत में विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। पीएम अल्बनीज ने फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय को भारत में अपना परिसर स्थापित करने की मंजूरी मिलने का स्वागत किया। इसके साथ ही भारत में परिसर खोलने वाले ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। इससे भारतीय छात्रों को अपने देश में ही विश्वस्तरीय ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, वहीं शोध, नवाचार और दोनों देशों के बीच आर्थिक तथा सामाजिक संबंध भी और मजबूत होंगे।व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहल की गई है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के टीएएफई और भारत के बीच खनन तथा माइनिंग उपकरण, प्रौद्योगिकी एवं सेवाओं के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग स्थापित करने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल से लैस करना है। इस पर विज्ञान मंत्री टिम एयर्स ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के दौर में भारत जैसे समान विचार वाले साझेदारों के साथ विज्ञान, अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों की औद्योगिक क्षमता, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा। दोनों पक्षों ने मैत्री ग्रांट्स कार्यक्रम की भी सराहना की, जिसके माध्यम से आर्थिक, सांस्कृतिक और शोध परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वर्ष 2026 में सेंटर फॉर ऑस्ट्रेलिया-इंडिया रिलेशंस के जरिए 41 परियोजनाओं को 1 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (10 मिलियन डॉलर) की वित्तीय सहायता दी जाएगी।























