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नयी दिल्ली. चार साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच के तौर पर वापसी करने वाले शोर्ड मारिन का ध्यान टीम में एकता, अनुशासन और संस्कृति वापस लाने पर है तथा उनकी नजरें 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली टीम बनाने पर टिकी हैं। नीदरलैंड के 71 साल के कोच मारिन 2017 से 2021 तक भारतीय टीम के प्रभारी थे और उनके मार्गदर्शन में महिला टीम ने तोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था। उन्होंने हरेंद्र सिंह की जगह ली है जिनके मार्गदर्शन में भारत पिछली एफआईएच प्रो लीग में आखिरी स्थान पर रहा था और बाद में उसे एफआईएच नेशंस कप में खिसका दिया गया। मारिन ने बुधवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''मेरा मुख्य ध्यान एक इकाई बनाने पर है, जो बहुत जरूरी है, और संस्कृति वापस लाना है। एक टीम के तौर पर मिलकर काम करना, विश्व कप क्वालीफायर से पहले कम समय में अपना ज्ञान साझा करना, और यह एक बड़ी चुनौती होने वाली है।'' उन्होंने कहा, ''एक इकाई, अनुशासन और कार्य आधारित रवैया आपको पदक दिलाएगा। अच्छी बात यह है कि जो स्तर मैंने अब अभ्यास मुकाबलों में देखा है, वह बहुत बेहतर है। हालात बहुत बेहतर हैं, फिटनेस बेहतर है। 2017 में जब मैं जुड़ा था तो स्तर कम था लेकिन इन वर्षों में इसमें सुधार हुआ है।'' मारिन ने कहा, ''जब मैंने शुरू किया था उसकी तुलना में अब बहुत बेहतर स्तर है, उनमें गति है। जब मैं सवाल पूछता हूं तो मुझे अधिक जवाब मिलते हैं क्योंकि अब 80 प्रतिशत लड़कियां अंग्रेजी बोलती हैं, वे पढ़ाई कर रही हैं। सब कुछ बेहतर हुआ है।'' मारिन ने कहा कि वह एक-एक कदम करके आगे बढ़ेंगे क्योंकि टीम आने वाले महीनों में कुछ बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार हो रही है। उन्होंने कहा, ''यह मेरे लिए कदम दर कदम आगे बढ़ने का रवैया है। पहले वर्ल्ड कप क्वालीफायर और फिर नेशंस कप। मुझे पता है कि क्या करना है। मुझे पता है कि मैं 2028 में टीम को कैसा देखना चाहता हूं। टीम के सभी 29 खिलाड़ी मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं। मैंने उनसे कहा कि जो अतीत में हुआ वह बीत चुका है।'' महिला टीम की नजरें आठ से 14 मार्च तक हैदराबाद में होने वाले एफआईएच महिला विश्व कप क्वालीफायर, 2026 एशियाई खेल और ओलंपिक चक्र में आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। मारिन ने कहा, ''लक्ष्य लॉस एंजिलिस के लिए क्वालीफाई करना है और मेरे लिए यह एक बहुत, बहुत अच्छी और बड़ी चुनौती है। इसे हासिल करना आसान नहीं होगा क्योंकि दूसरे देशों ने भी प्रगति की है। चुनौती यह है कि इतने सारे टूर्नामेंट आने वाले हैं और इसलिए मैंने 29 खिलाड़ियों की एक बड़ी टीम रखी है।'' उन्होंने कहा, ''हर टूर्नामेंट महत्वपूर्ण है, लेकिन आखिर में एशियाई खेल महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह ओलंपिक क्वालीफायर है। विश्व कप भी महत्वपूर्ण हैं।'' मारिन ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक के बाद मिले जरूरी ब्रेक से उन्हें नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा, ''पिछले चार-पांच वर्षों में मैंने सिर्फ एक साल एक क्लब टीम के लिए काम किया और फिर मैंने पर्दे के पीछे काम किया। फिर हॉकी इंडिया ने मेरे से पूछा कि क्या मैं उनके लिए कुछ करने में दिलचस्पी रखता हूं। मुझे लगा ठीक है, मुझे लगा कि मेरी ऊर्जा वापस आ गई है। उसी पल से मुझे लगा कि यह एक अच्छा फैसला है और मैं इसके लिए तैयार हूं।'' मारिन ने कहा, ''मुझे परिवार के साथ समय चाहिए था जिससे मुझे ताजगी मिली। मेरे परिवार ने भी मेरे फैसले का साथ दिया।'' मारिन ने यह भी कहा कि यहां की व्यवस्था की पहले से जानकारी भी इस भूमिका को लेने की एक वजह थी।
अपने से पहले के कोच के बारे में बात करते हुए मारिन ने कहा, ''मैं पिछले कोच के बारे में बोलने की स्थिति में नहीं हूं, यह मेरा तरीका नहीं है। मैं बाहर से जज नहीं कर सकता। बहुत सी चीजें अच्छी हुईं, बहुत सी नहीं हुईं। -
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने बुलावायो में जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए मैच में 204 रन से जीत दर्ज कर ली है। भारतीय टीम की जीत में विहान मल्होत्रा के शतक के अलावा गेंदबाजों की अहम भूमिका रही।
जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने विहान मल्होत्रा के नाम 109 रन की पारी के दम पर 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 352 रन बनाए थे। विहान ने 107 गेंदों की अपनी पारी में 7 चौके लगाए थे।विहान के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने 62 गेंद पर 61 रन की पारी खेली। अभिज्ञान ने 5 चौके और 1 छक्का लगाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी हुई थी।भारती टीम के दिए 353 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे 37.4 ओवर में महज 148 रन पर सिमट गई और 204 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। जिम्बाब्वे की तरफ से पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए लीरॉय चिवौला शीर्ष स्कोरर रहे। चिवौला ने 77 गेंद पर 7 चौकों और 1 छक्के की मदद से 62 रन की पारी खेली। कियान ब्लिगनॉट ने 37 और तातेंडा चिमुगोरो ने 29 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज दो अंकों में प्रवेश नहीं कर सका।भारतीय टीम की तरफ से उद्धव मोहन, आयुष म्हात्रे, आरएस अंब्रीश ने शानदार गेंदबाजी की।बल्लेबाजी के दौरान महज 21 रन बनाने वाले आयुष म्हात्रे ने गेंदबाजी में कमाल दिखाया और 4 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट लिए। उद्धव मोहन ने 6.4 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट लिए। आरएस अंब्रीश ने 6 ओवर में 19 रन देकर 1 विकेट लिया। हेनिल पटेल और खिलान पटेल को 1-1 विकेट मिला। विहान मल्होत्रा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। -
गुवाहाटी। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने महज 14 गेंद में पांच चौके और चार छक्के से धमाकेदार अर्धशतक जड़ा जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक और आक्रामक पचासा लगाकर शानदार फॉर्म जारी रखी जिससे भारत ने रविवार को यहां तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में न्यूजीलैंड को 10 ओवर में आठ विकेट से हराकर पांच मैच की श्रृंखला अपने नाम कर ली। भारत ने 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पावर-हिटिंग से इस मुकाबले को एकतरफा बना दिया जिसमें अभिषेक ने 20 गेंद में सात चौके और पांच छक्के से नाबाद 68 रन जबकि सूर्यकुमार ने 26 गेंद में छह चौके और तीन छक्के से नाबाद 57 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए महज 40 गेंद में 102 रन की अटूट साझेदारी से भारत ने 10 ओवर में दो विकेट पर 155 रन बनाकर श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। श्रृंखला का चौथा मैच 28 जनवरी को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा।
कलाई के स्पिनर रवि बिश्नोई ने अनुभवी जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या के साथ मिलकर शानदार गेंदबाजी करते हुए वापसी की जिससे भारत ने न्यूजीलैंड को 20 ओवर में नौ विकेट पर 153 रन पर रोक दिया। अभिषेक अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से भारत की ओर से दूसरे सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए। भारतीयों में युवराज सिंह के नाम 12 गेंद में अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड है और अभिषेक अपने मेंटोर से महज दो गेंद पीछे रहे गए। भारत की शुरूआत हालांकि अच्छी नहीं रही, उसने शुरू में ही विकेट गंवा दिया। शीर्ष क्रम में संजू सैमसन का संघर्ष जारी रहा और वह पारी की पहली ही गेंद पर आउट हो गए। मैट हेनरी की गेंद पैड से टकराकर ऑफ-स्टंप से जा लगी। सैमसन का अभी तक इस श्रृंखला में स्कोर 10, 6 और शून्य रहा है। इससे उनकी जगह पर और दबाव बढ़ गया है क्योंकि ईशान किशन अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मजबूत दावा पेश कर रहे हैं। रायपुर में मैच जिताने वाली 76 रन की पारी खेलने के बाद ईशान ने एक ही ओवर में हेनरी को दो छक्के और एक चौका जड़ दिया। पिछले मैच में शून्य पर आउट होने वाले अभिषेक जल्द ही धुआंधार बल्लेबाजी में शामिल हो गए। उन्होंने जैकब डफी को एक ओवर में 16 रन बटोरे। ईशान हालांकि 13 गेंदों में 28 रन बनाकर चौथे ओवर में आउट हो गए, लेकिन न्यूजीलैंड को कोई राहत नहीं मिली। भारत का पावरप्ले में स्कोर दो विकेट पर 94 रन हो गया। यह उनका पावरप्ले में दूसरा सबसे अच्छा स्कोर था जो इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ बनाए गए 95 रन से सिर्फ एक कम था। इससे नतीजा लगभग तय हो गया। सूर्यकुमार भी जल्द ही लय में आ गए।उन्होंने अपने ट्रेडमार्क स्कूप और फ्लिक से रन जुटाए जबकि अभिषेक ने भी आसानी से बाउंड्री पार करना जारी रखा। दोनों ने आसानी से टीम को 60 गेंद में जीत तक पहुंचा दिया। इससे पहले वरुण चक्रवर्ती की जगह शामिल किए गए बिश्नोई ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए अपने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट झटके। वह लगभग एक साल बाद भारत के लिए खेल रहे हैं। सूर्यकुमार यादव के टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद बीच के ओवरों में लगातार नियंत्रण बनाए रखा। बुमराह ने चार ओवर में 17 रन देकर तीन विकेट झटके। भारत ने पावरप्ले में ही शुरुआती विकेट लेकर मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया और उसने 34 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। हार्दिक (23 रन देकर दो विकेट) ने पहले ही ओवर में लय तय कर दी, उन्होंने हर्षित राणा (35 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर पीछे की ओर भागते हुए डेवोन कॉनवे (01) का कैच लपक लिया। फिर उन्होंने अपने अगले ओवर में रचिन रविंद्र (04) को आउट किया। रविंद्र शॉर्ट गेंद को टाइम नहीं कर सके और डीप स्क्वायर लेग पर बिश्नोई ने कैच लपककर न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया। सूर्यकुमार ने फिर बुमराह को लगाया जिन्होंने आते ही प्रभाव डाला और एक बार फिर गेंदबाजी में सबसे सफल रहे। रायपुर मैच में आराम के बाद वापसी करते हुए उन्होंने टिम सिफर्ट (12) को एक फुल लेंथ गेंद से बोल्ड किया जो अंदर की ओर कोण बनाते हुए उनके ऑफ-स्टंप उखाड़ गई। इसके बाद बिश्नोई ने सटीकता से गेंदबाजी की जिससे बल्लेबाजों को रन बनाने में मुश्किल हुई। उन्होंने ग्लेन फिलिप्स (48 रन) को अर्धशतक बनाने से रोका। बिश्नोई ने पांचवें, आठवें और 12वें ओवर में गेंदबाजी की जिसमें उनका आंकड़ा तीन ओवर में नौ रन देकर एक विकेट था। मार्क चैपमैन ने क्रीज पर डटे रहकर 23 गेंद में 32 रन बनाए जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे।
उन्होंने फिलिप्स के साथ 52 रन की साझेदारी कर टीम को संभाला। हालांकि बिश्नोई ने इस भागीदारी का अंत किया और स्टंप के पीछे संजू सैमसन ने चैपमैन का शानदार कैच लपका। वहीं कुलदीप यादव का दिन अच्छा नहीं रहा। अपने पहले ओवर में सिर्फ तीन रन देने के बाद बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर की दूसरे ओवर में जमकर धुनाई हुई जिसमें उन्होंने 19 रन लुटा दिए जिसमें चैपमैन ने लगातार गेंदों पर छक्का और चौका मारा और इसके बाद फिलिप्स ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से छक्का जड़ा। कुलदीप ने फ्लाइट और लेंथ के साथ बहुत प्रयोग किया जिससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को थोड़ी लय मिली। इसके बावजूद भारत ने बुमराह, हार्दिक और बिश्नोई की कसी हुई गेंदबाजी से नियंत्रण बना रखी और न्यूजीलैंड को इस कम स्कोर पर ही संतोष करना पड़ा। -
बेंगलुरु. पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली एसए20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स के मुख्य कोच के तौर पर इस भूमिका का आनंद ले रहे हैं और उनका कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर बनने में मदद करने के साथ ईमानदार और पारदर्शी रहकर उनका सम्मान पाना सबसे अहम होता है। '' गांगुली के मार्गदर्शन में प्रिटोरिया कैपिट्स का इस सत्र के एसए20 फाइनल में पहुंचना भी उनके शब्दों को सही साबित करता है। उन्होंने रविवार को प्रिटोरिया कैपिटल्स और सनराइजर्स ईस्टर्न केप के बीच एसए20 के चौथे चरण के फाइनल से पहले जियोस्टार प्रेस रूम में कहा, ''ईमानदार और पारदर्शी रहना जरूरी है। यह जरूरी है कि आप सही माहौल बनाएं। खिलाड़ियों को बेहतर बनने में मदद करने की कोशिश करें और ड्रेसिंग रूम में उनका सम्मान हासिल करें। एक ग्रुप के तौर पर यही जरूरी है।'' गांगुली ने कहा कि भारत के कप्तान के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान कुछ स्टार खिलाड़ियों की अगुआई करने का उनका अनुभव उनकी नयी भूमिका में काम आया। उन्होंने कहा, ''मैंने बहुत से महान खिलाड़ियों की कप्तानी की है और महान खिलाड़ी बहुत समझदार होते हैं क्योंकि वे सभी इस स्तर पर अच्छा करना चाहते हैं। मैं बस उनके साथ दोस्त जैसा रहता हूं, उन्हें बताता हूं कि सही तस्वीर क्या है और उन्हें वह दिखाने की कोशिश करता हूं। आखिरकार खिलाड़ी ही मैदान पर प्रदर्शन करते हैं, कोच नहीं। '' गांगुली ने कहा, ''इसलिए कोचिंग स्टाफ के तौर पर आप उन्हें सबसे अच्छा अभ्यास देते हैं और उन्हें मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में रखते हैं। टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इसलिए सही संदेश देना और उन्हें यह समझाना जरूरी है कि बेहतर होने का एकमात्र तरीका ट्रेनिंग में बार-बार चीजों को करना है। '' तो एक कोच के तौर पर वह ड्रेसिंग रूम के माहौल में खिलाड़ियों से कैसे जुड़ते हैं?
गांगुली के लिए यह प्रक्रिया टूर्नामेंट से पहले टीम में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले ही शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा, ''मैं उन सभी के संपर्क में रहता था। जब डेवाल्ड ब्रेविस दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ दौरे पर थे तो मैं उनसे भारत में मिला था। मैं उनसे कोलकाता में मिला। हमने साथ में डिनर किया और केशव महाराज (कैपिटल्स के कप्तान) के साथ कुछ समय बिताया। '' गांगुली ने कहा, ''उसके बाद मैं वाट्सअप पर उनसे नियमित रूप से संपर्क में रहा। यहां तक कि लुंगी, लिजर्ड, गिडियन, कोडी जैसे दूसरे खिलाड़ियों से भी, जो चोट से उबर रहे थे। '' उन्होंने कहा, ''टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनके पास थोड़ा समय था। मुझे चिंता थी कि क्या वे समय पर ठीक हो पाएंगे क्योंकि एक फ्रेंचाइजी में, लीग में, अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को फिट रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी बहुत कम मिलते हैं। '' गांगुली (53 साल) ने कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका जाने से पहले ही व्यक्तिगत रिश्ता बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा, ''पिछले 40 दिन अच्छे रहे हैं। यह एक अच्छा रिश्ता रहा है। जैसा कि मैंने कहा, यह कोच के बारे में नहीं है, यह खिलाड़ियों के बारे में है। मैंने हमेशा इन युवा लड़कों की मदद करने की कोशिश की है। लेकिन यह उनकी बेहतर बनने की चाहत है, जिसकी वजह से हमने इतना अच्छा खेला है। '' डेवाल्ड ब्रेविस ने कैपिटल्स को खिताबी मुकाबले तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने दो अर्धशतक जड़ने के साथ 269 रन बनाए हैं। ब्रेविस ने गांगुली से मिली सीख के बारे में बताया, खासकर स्पिन के खिलाफ खेलने के लिए। ब्रेविस ने कहा, ''हमने जो समय मैदान के बाहर बिताया, जो बातचीत हमने की, अगर मैं एसए20 की शुरुआत से ही सोचूं तो यह देखकर अच्छा लगता है कि आखिरकार यह उसी दिशा में जा रहा है जैसी कोच ने योजना बनाई थी। यह स्पिन खेलने जैसी छोटी-छोटी बातें हैं। '' उन्होंने कहा, ''मुझे किसी भी गेंदबाज का सामना करना पसंद है, लेकिन स्पिन खेलने की ताकत अलग होती है। लेकिन कोच ने मुझसे कहा, जैसे ट्रैक पर अपने पैरों का इस्तेमाल करना। हमने इस बारे में बात की थी और इसने सचमुच सब कुछ बदल दिया कि इसे ठीक से कैसे करना है क्योंकि कोच ने यह वर्षों तक किया था और मैंने वह वीडियो बहुत बार देखा। -
ढाका. बांग्लादेश ने बृहस्पतिवार को कड़ा रुख अपनाते हुए अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम भेजने से इनकार कर दिया क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उसकी मैच स्थल बदलने की मांग को खारिज कर दिया था। इस फैसले से स्कॉटलैंड के लिए टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह लेने का रास्ता साफ हो गया। विश्व संस्था ने बुधवार को बांग्लादेश को अल्टीमेटम दिया था कि या तो वह भारत जाने के लिए सहमत हो या फिर उनकी जगह किसी और टीम को ले लिया जाएगा। आईसीसी ने कहा कि भारत में उनके खिलाड़ियों, अधिकारियों या प्रशंसकों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था। बांग्लादेश को बृहस्पतिवार तक फैसला लेने का समय दिया गया था। स्कॉटलैंड टीम सात फरवरी से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के लिए रैंकिंग के आधार पर अगले विकल्प में शामिल है। हालांकि एक कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के साथ बैठक के बाद घोषणा की कि आईसीसी का रुख उन्हें स्वीकार्य नहीं है। नजरुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा और स्पष्ट किया कि देश भारत में मैच नहीं खेलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि हमारे क्रिकेटरों ने विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने के लिए कड़ी मेहनत की है लेकिन भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा का खतरा अब भी बना हुआ है। यह चिंता किसी काल्पनिक विश्लेषण पर आधारित नहीं है। '' उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि वे हमारी पूरी टीम, पत्रकारों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। '' उन्होंने कहा, ‘‘हमने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। हमारी टीम तैयार है। हमें उम्मीद है कि आईसीसी हमारे वास्तविक सुरक्षा जोखिमों पर विचार करके हमें श्रीलंका में खेलने की इजाजत देकर न्याय करेगा। '' बांग्लादेश को भारत में चार मैच (तीन कोलकाता में और एक मुंबई में)खेलने हैं। देश ने सुरक्षा चिंताओं को तब उठाया जब तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देशों पर ‘चारों ओर हो रहे घटनाक्रमों' के कारण इंडियन प्रीमियर लीग से बाहर कर दिया गया था। नजरुल ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट में नहीं खेलने से होने वाले नुकसान को खिलाड़ियों, दर्शकों और पत्रकारों को एक जोखिम भरी क्षेत्रीय राजनीतिक स्थिति में धकेलने से होने वाली संभावित आपदा के साथ तुलनात्मक रूप से देखना बेहद महत्वपूर्ण है। यह सरकार का निर्णय है क्योंकि विदेश में नागरिकों की सुरक्षा का निर्धारण करना देश की जिम्मेदारी है। '' आईसीसी ने बुधवार को बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को खारिज करते हुए कहा, ‘‘किसी भी स्वतंत्र सुरक्षा निष्कर्ष के अभाव में आईसीसी के लिए मैचों का स्थल बदलना संभव नहीं है। ऐसा करने से दुनिया भर की अन्य टीमों और प्रशंसकों के लिए गंभीर समस्याएं और दूरगामी मिसाल कायम करने वाली चुनौतियां पैदा होंगी। इससे आईसीसी के संचालन की निष्पक्षता, तटस्थता और अखंडता को खतरा पैदा होगा। '' नजरुल से जब पूछा गया कि क्या खिलाड़ियों को विश्व कप जैसे टूर्नामेंट के बहिष्कार करने के लिए इस फैसले में साथ में रखा गया है क्योंकि उन्होंने बार-बार अपने कल्याण को ध्यान में रखते हुए मैत्रीपूर्ण समाधान की मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने खिलाड़ियों से इस निर्णय के संदर्भ और सरकार के तर्क को समझाने के लिए मुलाकात की। चूंकि यह एक विशेष संवाद था इसलिए खिलाड़ियों ने क्या कहा, इसकी विशिष्ट जानकारी साझा नहीं की जाएगी ताकि वे खुलकर बात कर सकें, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने स्थिति को समझा है। '' उन्होंने कहा, ‘‘बांग्लादेश क्रिकेट प्रेमी देश है। अगर आईसीसी हमारी मांगों को ध्यान में नहीं रखता है तो यह विश्व क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान और मेजबान देश के लिए असफलता होगी। '' पूर्व कप्तान तमीम इकबाल और वर्तमान टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांटो उन प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने बोर्ड और सरकार से क्रिकेटरों के कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही थी। इकबाल को तो बीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘भारत का एजेंट' तक कह दिया था क्योंकि उन्होंने सुझाव दिया था कि बांग्लादेश को सख्त रुख अपनाने से बचना चाहिए। वर्तमान स्थिति में खिलाड़ी भारी वित्तीय नुकसान का सामना कर सकते हैं। बीसीबी के निदेशक नजमुल इस्लाम ने कहा था कि खिलाड़ियों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा क्योंकि उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट में कोई अहम उपलब्धियां हासिल नहीं की हैं। इस बयान के कारण खिलाड़ियों में भारी आक्रोश हुआ और इस्लाम को बोर्ड की वित्त समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा।
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नई दिल्ली। भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए टी20 सीरीज के पहले मुकाबले को 48 रन से जीता। इसी के साथ टीम इंडिया ने 5 मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है।
टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह की तूफानी पारियों के दम पर 7 विकेट खोकर 238 रन बनाए। भारत ने 27 के स्कोर तक अपने 2 विकेट गंवा दिए थे। यहां से अभिषेक शर्मा ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ तीसरे विकेट के लिए 47 गेंदों में 99 रन जुटाते हुए भारत को 126 के स्कोर तक पहुंचा दिया। सूर्या 22 गेंदों में 1 छक्के और 4 चौकों के साथ 32 रन बनाकर आउट हुए, जबकि अभिषेक ने 35 गेंदों में 8 छक्कों और 5 चौकों के साथ 84 रन बनाए।यहां से हार्दिक पंड्या ने 25 रन टीम के खाते में जोड़े, जबकि रिंकू सिंह ने 20 गेंदों में 3 छक्कों और 4 चौकों के साथ 44 रन की नाबाद पारी खेली। विपक्षी खेमे से जैकब डफी और काइल जैमीसन ने सर्वाधिक 2-2 विकेट हासिल किए। इसके जवाब में मेहमान टीम निर्धारित ओवरों में 7 विकेट खोकर 190 रन ही बना सकी। इस टीम ने पारी की दूसरी गेंद पर डेवोन कॉन्वे (0) का विकेट गंवा दिया। उस समय तक खाता भी नहीं खुल सका था। जब टीम ने खाता खोला, तो रचिन रवींद्र (1) भी चलते बने।यहां से ग्लेन फिलिप ने टिम रॉबिनसन के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 गेंदों में 51 रन की साझेदारी करते हुए स्कोर को 52 रन तक पहुंचाया। रॉबिनसन 15 गेंदों में 3 बाउंड्री के साथ 21 रन बनाकर आउट हुए। कीवी टीम 52 के स्कोर तक अपने 3 विकेट गंवा चुकी थी। यहां से फिलिप्स ने मार्क चैपमैन के साथ 42 गेंदों में 79 रन जोड़ते हुए टीम को 131 रन तक पहुंचाया।फिलिप्स ने 40 गेंदों में 6 छक्कों और 4 चौकों के साथ 78 रन बनाए, जबकि चैपमैन ने 39 रन की पारी खेली। इनके अलावा, डेरिल मिचेल ने 28 रन, जबकि कप्तान सैंटनर ने नाबाद 20 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत की तरफ से वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि अर्शदीप सिंह, हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने 1-1 विकेट निकाला। -
दुबई/ न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने हाल में संपन्न श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली को ताजा आईसीसी वनडे बल्लेबाज रैंकिंग में शीर्ष स्थान से हटा दिया। न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ यह श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की थी। इस तरह उसने भारतीय सरजमीं पर पहली बार वनडे श्रृंखला जीतकर 37 साल का इंतजार खत्म किया था। मिचेल ने इस श्रृंखला में दो शतक लगाए और 34 वर्षीय यह बल्लेबाज मात्र 54 वीं पारी में सबसे तेज नौ वनडे शतक पूरे करने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी बन गए। केवल इमाम - उल - हक (48), हाशिम अमला (52) और क्विंटन डिकॉक (53) ही उनसे आगे हैं। हैमिल्टन में जन्मे मिचेल अपने करियर की शीर्ष फॉर्म में हैं। उन्होंने तीन मैच की श्रृंखला में कुल 352 रन बनाए। किसी तीन मैच की वनडे श्रृंखला में यह न्यूजीलैंड के खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन हैं और कुल मिलाकर यह तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनसे आगे केवल पाकिस्तान के बाबर आजम (2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 360 रन) और भारत के शुभमन गिल (2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 360 रन) हैं। आईसीसी ने एक बयान में कहा , ‘‘845 रैंकिंग अंक के साथ मिचेल ने कोहली (795 अंक) की जगह ली है जो अब दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। दोनों बल्लेबाजों के बाद इब्राहिम जदरान , रोहित शर्मा , शुभमन गिल और बाबर आजम मौजूद हैं। '' यह दूसरी बार है जब मिचेल ने वनडे क्रिकेट में शीर्ष रैंकिंग हासिल की है। इससे पहले वह पिछले साल नवंबर में सिर्फ तीन दिन के लिए शीर्ष पर रहे थे जिसके बाद रोहित शर्मा ने उन्हें पछाड़ दिया था। भारत के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेले गए वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स (पांच शतक) के बाद मिचेल (चार शतक) दूसरे सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं। मिचेल वनडे में 54 पारियों में अब तक एक भी बार शून्य पर आउट नहीं हुए हैं जिससे वह इस उपलब्धि की सर्वकालिक सूची में दूसे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल केपलर वेसल्स हैं जो 1983 से 1994 के बीच 105 वनडे पारियों में कभी भी शून्य पर आउट नहीं हुए। डेरिल मिचेल के पिता मशहूर रग्बी कोच जॉन मिचेल वर्तमान में इंग्लैंड की विश्व कप विजेता महिला टीम के मुख्य कोच हैं। मिचेल और कोहली के बाद अफगानिस्तान के इब्राहिम जदरान (764 अंक) तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं जिन्होंने भारत के रोहित शर्मा (757 अंक) को चौथे स्थान पर पहुंचा दिया। ग्लेन फिलिप्स और मिचेल ने इंदौर में श्रृंखला के निर्णायक मैच में 219 रन की साझेदारी की जो न्यूजीलैंड के वनडे इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। फिलिप्स ने 88 गेंद पर 106 रन बनाए जिससे वह बल्लेबाजी रैंकिंग में 16 पायदान चढ़कर 20 वें स्थान पर पहुंच गए। फिलिप्स ऑल राउंडरों की वनडे सूची में भी 14 स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त 31 वें स्थान पर पहुंच गए हैं जहां अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह उमरजई शीर्ष पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के माइकल ब्रेसवेल को वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में सबसे ज्यादा फायदा हुआ। भारत के खिलाफ श्रृंखला के पहले दो मैच में अच्छे प्रदर्शन के बाद वह छह स्थान की छलांग लगाकर 33 वें स्थान पर पहुंच गए। गेंदबाजी रैंकिंग के शीर्ष स्थान पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। अफगानिस्तान के स्टार राशिद खान (710 अंक) पहले स्थान पर बने हुए हैं और इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (670 अंक) उनसे पीछे दूसरे स्थान पर हैं। राशिद खान ने दुबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला के पहले मैच में दो विकेट लेने के बाद टी 20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की ताजा रैंकिंग में भी दो स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया है।
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विंडहोक (नामीबिया). आस्ट्रेलिया के बायें हाथ के बल्लेबाज विल मालास्जुक ने आईसीसी अंडर 19 विश्व कप के इतिहास का सबसे तेज शतक सिर्फ 51 गेंदों में लगाया जिसकी मदद से आस्ट्रेलिया ने टी20 विश्व कप में मंगलवार को जापान को आठ विकेट से मात दी । विल ने 55 गेंद में 102 रन बनाये और 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आस्ट्रेलिया को आसान जीत दिलाई । इसके साथ ही आस्ट्रेलिया ने सुपर सिक्स में प्रवेश कर लिया है । जापान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन बनाये थे ।
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नागपुर. पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार से यहां शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 श्रृंखला से फॉर्म में वापसी करने के लिए बेताब होंगे जिसमें भारत की नजर वनडे श्रृंखला में मिली हार का बदला चुकता करके अगले महीने घरेलू धरती पर होने वाले टी20 विश्व कप के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता अंजाम देने पर होगी। सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी जिसके बाद भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उसकी जीत का प्रतिशत 72 प्रतिशत से अधिक रहा है। इससे कप्तान के बल्लेबाजी में निराशाजनक प्रदर्शन पर ज्यादा गौर नहीं किया गया लेकिन अब ऐसा नहीं है। पिछले दो वर्षों में भारतीय टी20 टीम स्वचालित मोड पर रही है, जिसमें उसे इक्का-दुक्का हार का ही सामना करना पड़ा। आईपीएल के कारण उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपनी भूमिकाओं को अच्छी तरह से जानते हैं। भारतीय टीम पर हालांकि विश्व कप में अपने खिताब का बचाव करने और घरेलू धरती पर खेलने का दबाव होगा और सूर्यकुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला से पहले इन बातों पर जरूर गौर कर रहे होंगे। न्यूजीलैंड की टीम काफी मजबूत है और उसने पिछले एक साल में कई उपलब्धियां हासिल की है जिसमें भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में क्लीन स्वीप करना और वनडे श्रृंखला जीतना भी शामिल है। भारतीय धरती पर पहली बार द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला जीतने से निश्चित तौर पर उसके खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा होगा। लेकिन जब टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की बात आती है तो सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत एक अलग ही टीम साबित हुई है, जिसने पिछले 25 में से 18 मैच जीते हैं। इसका श्रेय काफी हद तक अभिषेक शर्मा की तूफानी शुरुआत और वरुण चक्रवर्ती की बीच के ओवरों में शानदार गेंदबाजी को जाता है। न्यूजीलैंड ने 2024 टी20 विश्व कप के बाद खेले गए 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 13 में जीत हासिल की है। आक्रामक सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे, कप्तान मिचेल सैंटनर, तेज गेंदबाज जैकब डफी, बेहतरीन फॉर्म में चल रहे डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स की मौजूदगी में न्यूजीलैंड मजबूत प्रतिद्वंद्वी टीम साबित हो सकती है। इसका यह भी मतलब है कि मौजूदा चैंपियन भारत को विश्व कप की तैयारी के लिए बेहतरीन समय मिलेगा। इस पृष्ठभूमि में केवल सूर्यकुमार ही ऐसे हैं, जिनकी खराब फॉर्म मजबूत टीम की कमजोर कड़ी साबित हुआ है। उन्होंने पिछले 19 मैचों में एक भी अर्धशतक लगाए बिना केवल 218 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 123 से अधिक रहा है। तिलक वर्मा को खेलने का अधिक समय देने के लिए उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में खुद को तीसरे नंबर के बजाय चौथे नंबर पर खिसका दिया। सूर्यकुमार अच्छी तरह से जानते हैं कि उनके खराब प्रदर्शन का ड्रेसिंग रूम में असर पड़ सकता है और उन्हें अब हर हाल में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। किसी भी अन्य टीम में श्रेयस अय्यर जैसे काबिल खिलाड़ी को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में स्वतः ही जगह मिल जाती, क्योंकि उन्होंने तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया है और एक बार जीत हासिल की है। भारतीय टीम में स्पिनरों के खिलाफ खेलने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक अय्यर को तिलक वर्मा के चोटिल होने के कारण टीम में जगह मिली है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि तिलक विश्व कप के लिए समय पर ठीक हो पाएंगे या नहीं, लेकिन नंबर चार पर अय्यर की मौजूदगी से सूर्यकुमार को अपने पसंदीदा नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा। अगर इस बात को ध्यान में रखा जाए कि तिलक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं तो इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे इशान किशन भी दावेदारी पेश कर सकते हैं। टी20 श्रृंखला में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी वापसी होगी जीने जिन्हें वनडे श्रृंखला में विश्राम दिया गया था। पंड्या अपने कौशल से टी20 टीम में संतुलन लाते हैं और उनकी मौजूदगी का मतलब है कि टीम प्रबंधन एक अतिरिक्त विशेषज्ञ खिलाड़ी को खिलाने का जोखिम उठा सकता है। वरुण चक्रवर्ती टीम के तुरुप का इक्का होंगे, जिनके खिलाफ न्यूजीलैंड ने ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। वरुण के सातवें से 15वें ओवर के बीच के चार ओवर अक्सर मैच का रुख पलट देते हैं और कुलदीप यादव की खराब फॉर्म को देखते हुए तमिलनाडु के इस खिलाड़ी को और भी बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत होगी। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर क्रिस्टियन क्लार्क टी20 श्रृंखला के लिए टीम में बने रहेंगे क्योंकि माइकल ब्रैसवेल और एडम मिल्ने दोनों ही हल्की चोटों से उबर रहे हैं। टीम इस प्रकार हैं:
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कॉनवे, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम रॉबिन्सन, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी, जैक फाउल्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रैसवेल, रचिन रविंद्र, काइल जैमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी, क्रिस्टियन क्लार्क। मैच शाम सात बजे शुरू होगा। - सिवनी (मध्यप्रदेश) ।भारत और न्यूजीलैंड के बीच 21 जनवरी को नागपुर में शुरू हो रही पांच मैचों की टी-20 श्रृंखला से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव सहित भारतीय टीम के पांच खिलाड़ियों ने सोमवार सुबह पेंच बाघ अभयारण्य में जंगल सफारी का आनंद लिया। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कप्तान यादव के अलावा विकेटकीपर संजू सैमसन, बल्लेबाज रिंकू सिंह, इशान किशन और स्पिन गेंदबाज रवि बिश्नोई यहां पहुंचे। पेंच बाघ अभयारण्य के फील्ड डायरेक्टर जे. देवा प्रसाद ने बताया कि ये खिलाड़ी शनिवार रात यहां पहुंचे और एक रिसॉर्ट में रुके। उन्होंने बताया कि जंगल सफारी का लुत्फ उठाने के बाद सुबह सभी खिलाड़ी दोपहर 12 बजे नागपुर के लिए रवाना हो गए। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सफारी के दौरान खिलाड़ियों को तेंदुए सहित अन्य वन्य प्राणी भी दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों ने जिप्सी में सवार होकर बाघ अभयारण्य की सैर की और प्रशंसकों के साथ फोटो खिंचवाए व उनका अभिवादन भी स्वीकार किया। पेंच के वन्यजीव फोटोग्राफर ऋतुराज राही जायसवाल ने बताया कि खिलाड़ियों के नागपुर लौटते समय उन्होंने कप्तान सूर्यकुमार यादव को बाघ, तेंदुआ व अन्य वन्यजीवों पर आधारित फोटो संग्रह का वार्षिक कैलेंडर भेंट किया। पेंच का दौरा करने वाले इन खिलाड़ियों ने विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर जंगल सफारी के सैर से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए। कप्तान यादव पहले भी पेंच बाघ अभयारण्य का दौरा कर चुके हैं।एक अधिकारी ने बताया कि वह 15 फरवरी 2025 को यहां सफारी करने आए थे।पूर्व भारतीय बल्लेबाज व भारत रत्न सचिन तेंदुलकर भी पेंच आ चुके हैं।वह वर्ष 2023 में यहां परिवार के साथ आए थे।न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला रविवार को इंदौर में खत्म हुई।इस श्रृंखला में भारतीय टीम को 2-1 से पराजय का सामना करना पड़ा।अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी-20 मैचों की श्रृंखला 21 जनवरी से प्रारंभ होगी, जिसका पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा।
- इंदौर. कप्तान शुभमन गिल ने रविवार को न्यूजीलैंड से वनडे श्रृंखला गंवाने के बाद कहा कि विराट कोहली की शानदार फॉर्म और हर्षित राणा का ऑलराउंड प्रदर्शन सकारात्मक पहलू हैं लेकिन भारतीय टीम में काफी क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। कोहली ने अपना रिकॉर्ड 54वां वनडे शतक लगाया लेकिन भारत 338 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 46 ओवर में 296 रन पर आल आउट होकर 41 रन से हार गया। नीतीश कुमार रेड्डी (53) और राणा (52) के अर्धशतकों के बावजूद मेजबान टीम लक्ष्य से काफी पीछे रह गई। गिल ने पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ‘‘पहले मैच के बाद और यहां 1-1 पर आने के बाद हम जिस तरह से खेले, उससे हम निराश हैं। '' उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें हमें देखना होगा, सोचना होगा और बेहतर करना होगा। जिस तरह से विराट बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह हमेशा एक सकारात्मक पहलू है। जिस तरह से हर्षित ने इस श्रृंखला में बल्लेबाजी की है, वह शानदार है। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं है। जिस तरह से उन्होंने आगे बढ़कर प्रदर्शन किया और जिस तरह से तेज गेंदबाजों ने इस श्रृंखला में गेंदबाजी की, वह भी अच्छा था। '' गिल ने कहा, ‘‘विश्व कप को ध्यान में रखते हुए हम उसे (नीतिश कुमार रेड्डी) मौके देना चाहते हैं और हम उसे पर्याप्त ओवर देना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि किस तरह के संयोजन हमारे लिए काम करते हैं और किस तरह की गेंदबाजी उसके लिए काम करती है। '' वनडे श्रृंखला में 84, नाबाद 131 और 137 रन की पारियां खेलने के बाद ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए डेरिल मिचेल ने कहा कि वर्तमान में रहना उनके लिए अच्छा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘टीम में योगदान देना अच्छा है। यहां भारत में जीत दर्ज करना खास है। एक ग्रुप के तौर पर हमने जिस तरह से साझेदारियां बनाई, वह अच्छा है। '' उन्होंने कहा, ‘‘मैं वर्तमान में रहने की कोशिश कर रहा हूं और उम्मीद है कि सही फैसले लूंगा। मुझे अपने देश के लिए खेलना बहुत पसंद है। घरेलू क्रिकेट ने इतने साल तक मेरी मदद की। '' यह 34 साल का खिलाड़ी 2024-25 में भारत को टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराने वाली न्यूजीलैंड टीम का भी हिस्सा था। न्यूजीलैंड की टीम में कुछ मुख्य खिलाड़ी नहीं थे और टीम ने माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में 1988 के बाद भारत में अपनी पहली सीरीज जीती। ब्रेसवेल ने कहा, ‘‘पहली बार किसी न्यूजीलैंड टीम ने यहां वनडे श्रृंखला जीती है, यह खास है। आप हमेशा यहां आकर अच्छा क्रिकेट खेलने की उम्मीद करते हैं। एक ग्रुप के तौर पर, हमने वही किया जो हम अच्छा करते हैं।
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मेलबर्न. वीनस विलियम्स 45 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में नया रिकार्ड बनाने के लिए तैयार हैं। अमेरिका की यह स्टार खिलाड़ी रविवार को यहां कोर्ट पर उतरते ही वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के महिला एकल में खेलने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएगी। उन्हें इस बात का अहसास तब तक नहीं हुआ जब तक कि उन्हें पांच साल में पहली बार ऑस्ट्रेलियाई ओपन में खेलने के लिए वाइल्ड कार्ड से प्रवेश नहीं मिला। वीनस जापान की किमिकाे दाते का रिकॉर्ड तोड़ेगी जिन्होंने 44 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई ओपन में भाग लिया था। वीनस ने शनिवार को टूर्नामेंट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘जब तक यह खबर मीडिया में नहीं आई, मैंने इसके बारे में सोचा भी नहीं था। मेरे लिए यह हबहुत खुशी की बात है।'' मीडिया से बात करने के बाद वह सभागार से बाहर निकलीं और अपने पति एंड्रिया प्रीटी के हाथ में हाथ डालकर एक गलियारे से होते हुए खिलाड़ियों के क्षेत्र में वापस चली गईं। उन्होंने इससे पहले 2021 में आखिरी और कुल 21वीं बार मेलबर्न पार्क में प्रतिस्पर्धा की थी। वीनस जब 17 साल की थीं तब उन्होंने पहली बार 1998 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन में हिस्सा लिया था और क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफल रही थी। मेलबर्न पार्क की अपनी पहली यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘वह खूबसूरत समय था, क्योंकि मुझे बहुत सी चीजों के बारे में पता नहीं था। लेकिन न जानने का एक बड़ा फायदा यह है कि इससे आपको नए सिरे से शुरुआत करने का मौका मिलता है। मुझे बहुत कुछ सीखना था और फिर मैंने वह सब सीख लिया।'' वीनस ने कहा, ‘‘खेल की यही विशेषता होती है। आप लगातार प्रयास करते रहते हैं। भले ही कुछ साबित करने की जरूरत न हो, सब कुछ आपके रवैये और मेहनत पर निर्भर करता है। इसे कोई नियंत्रित नहीं कर सकता। लेकिन इस पर नियंत्रण रखना ही असल जीत है।'' पिछले साल अगस्त में अमेरिकी ओपन से ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में वापसी करने वाली वीनस ऑस्ट्रेलियाई ओपन के महिला एकल के पहले दौर में सर्बिया की 24 वर्षीय खिलाड़ी ओल्गा डैनिलोविच से भिड़ेगी।
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एडिलेड. तीसरी वरीयता प्राप्त मीरा एंड्रीवा ने शुरू में 0-3 से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए शनिवार को यहां लगातार नौ गेम जीतकर एडिलेड इंटरनेशनल टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में विक्टोरिया एमबोको को 6-3, 6-1 से हरा दिया। यह मुकाबला डब्ल्यूटीए टूर की रैंकिंग में शीर्ष 20 में शामिल लेकिन 20 वर्ष से कम उम्र की खिलाड़ियों के बीच था। एंड्रीवा 18 वर्ष और एमबोको 19 वर्ष की हैं । कनाडा की खिलाड़ी एमबोको ने पहले सेट में 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद एंड्रीवा ने उनकी एक नहीं चलने दी और आसानी से मैच अपने नाम करके अपना पांचवां डब्ल्यूटीए खिताब जीता।
- पुणे । भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बृहस्पतिवार को बजाज पुणे ग्रैंड टूर का दूत बनाया गया जो देश में पहली बार होने वाली यूसीआई 2.2 वर्ग की‘मल्टी-स्टेज' रोड रेस साइकिलिंग प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 19 से 23 जनवरी तक यहां आयोजित की जाएगी जिसमें 35 देशों की 29 टीम के 171 राइडर हिस्सा ले रहे हैं। पुरुषों के लिए पांच दिन की ‘कॉन्टिनेंटल रोड साइकिलिंग रेस' दक्कन पठार और सह्याद्री रेंज में 437 किमी के रास्ते से गुजरेगी जिसमें नुकीले मोड़ और चुनौतीपूर्ण चढ़ाई होगी। धोनी को इस प्रतियोगिता का दूत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह रेस देश में साइकिलिंग के लिए नए रास्ते खोलेगी और उन्होंने भारतीय टीम को शुभकामनाएं दीं। धोनी ने कहा, ‘‘पुणे ग्रैंड टूर के आने से एक पेशेवर खेल के तौर पर साइकिलिंग में भारत एक नया अध्याय शुरू कर रहा है। मैं आयोजकों को इस पहल के लिए सफलता की शुभकामनाएं देता हूं। खास तौर पर भारत की राष्ट्रीय टीम को क्योंकि यह उनके लिए घरेलू प्रशंसकों के सामने चमकने और देश का नाम रोशन करने का मौका है।'' अंतरराष्ट्रीय चुनौती का नेतृत्व स्पेन की प्रो टीम बर्गोस बर्पेलेट बीचएच करेगी जो यूसीआई (अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग संघ) रैंकिंग में 25वें स्थान पर है। उसके बाद चीन की ली निंग स्टार (36वें) और मलेशिया की टेरेंगानु साइकिलिंग टीम (37वें) होंगी। मेजबान चुनौती का नेतृत्व मशहूर राइडर नवीन जॉन करेंगे। भारत एक ‘डेवलपमेंट टीम' भी उतारेगा जिससे कुल 12 भारतीय राइडरों को घरेलू परिस्थितियों में अपनी काबिलियत साबित करने का मौका मिलेगा, साथ ही चार स्थानापन्न राइडर भी होंगे। इस रेस का आयोजन पुणे जिला प्रशासन द्वारा भारतीय साइकिलिंग महासंघ की देखरेख में किया जा रहा है।
- काजिपेट (तेलंगाना)। गत चैंपियन रेलवे खेल संबर्धन बोर्ड (आरएसपीबी) और महाराष्ट्र ने बृहस्पतिवार को यहां 58वीं सीनियर राष्ट्रीय खो-खो चैंपियनशिप में क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग के खिताब जीते। रेलवे की पुरुष टीम ने लगातार दूसरी जबकि महाराष्ट्र की महिला टीम ने लगातार पांचवीं बार खिताब जीता।महिला वर्ग में महाराष्ट्र ने बेहद कड़े मुकाबले में ओडिशा को 23-22 से हराया जबकि पुरुष वर्ग में रेलवे ने फाइनल में महाराष्ट्र को 26-21 से शिकस्त दी। ओडिशा और महाराष्ट्र दोनों को लगातार दूसरी बार फाइनल में हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मुकाबले में महज 107 रन पर समेट दिया है। भारत की ओर से हेनिल पटेल ने सर्वाधिक 5 विकेट अपने नाम किए।
भारत ने टॉस जीतकर यूएसए को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। यूएसए को 1.3 ओवर में अमरिंदर गिल (1) के रूप में पहला झटका लगा। टीम इस वक्त तक सिर्फ खाता ही खोल सकी थी।यहां से अर्जुन महेश ने साहिल गर्ग के साथ 45 गेंदों में 28 रन जोड़कर यूएसए को संभालने की कोशिश की, लेकिन 29 के स्कोर पर साहिल का विकेट गंवाने के बाद विकेटों का पतझड़ शुरू हो गया।साहिल 28 गेंदों में 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि अर्जुन ने 29 गेंदों में 2 चौकों के साथ इतने ही रन बनाए।टीम ने 39 के स्कोर तक अपने 5 विकेट गंवा दिए थे। यहां से नीतीश सुदिनी ने अदनित झांब के साथ पांचवें विकेट के लिए 30 रन की साझेदारी करते हुए टीम को फिर से संभालने की कोशिश की।अदनित 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि नीतीश ने 52 गेंदों में 4 चौकों के साथ 36 रन बनाए, लेकिन टीम चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा नहीं सके।भारत की तरफ से हेनिल पटेल ने 7 ओवरों में महज 16 रन देकर 5 विकेट हासिल किए, जबकि दीपेश देवेंद्रन, आरएस अंबरीश, खिलन पटेल और वैभव सूर्यवंशी ने 1-1 विकेट हासिल किया।आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश पंगालिया, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन और खिलान पटेल के साथ उतरी है।दूसरी ओर, उत्कर्ष श्रीवास्तव की कप्तानी में यूएसए की टीम में साहिल गर्ग, अमरिंदर गिल, अर्जुन महेश (विकेटकीपर), ऋत्विक अप्पीदी, अदनीत झांब, अमोघ आरेपल्ली, नितीश सुदिनी, सबरीश प्रसाद, अदित कप्पा और ऋषभ शिम्पी शामिल हैं। - नयी दिल्ली. भारत–पाकिस्तान टी20 विश्व कप मुकाबले के टिकटों की बिक्री शुरू होते ही बुधवार को आधिकारिक वेबसाइट ‘बुकमायशो' ठप (क्रैश) हो गई। पुरुषों के टी20 विश्व कप के लिए टिकटों की दूसरी चरण की बिक्री शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद कोलंबो में होने वाले इस बहुप्रतीक्षित मैच को लेकर भारी मांग उमड़ पड़ी। इस चरण में भारत–पाकिस्तान मुकाबले के टिकट शामिल किए गए थे, जिसके चलते वेबसाइट पर ट्रैफिक अचानक बहुत बढ़ गया। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के लॉगिन करने और टिकट खरीदने की कोशिशों के कारण वेबसाइट के सर्वर दबाव नहीं झेल पाए और ठप हो गए। सूत्र ने बताया,‘‘ कई उपयोगकर्ताओं ने लेनदेन विफल होने और लंबे समय तक इंतजार की शिकायत की। एक साथ आने वाली अत्यधिक रिक्वेस्ट्स की वजह से सर्वर क्रैश हो गए।” भारत और पाकिस्तान के बीच यह बहुप्रतीक्षित मुकाबला 15 फरवरी को खेला जाएगा।
- नयी दिल्ली/ शतरंज के दिग्गज मैग्नस कार्लसन ने आगामी नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा है कि वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेंगे, जो इस बार स्टावेंजर की जगह ओस्लो में खेली जाएगी। कार्लसन पिछले 13 वर्षों में अपनी घरेलू धरती पर होने वाले टूर्नामेंट में हमेशा खेलते रहे हैं लेकिन हाल में उन्होंने क्लासिकल शतरंज से दूरी बढ़ाने का फैसला किया था जिससे उनका इस प्रतियोगिता में भाग लेने को लेकर संदेह पैदा हो गया था। नॉर्वे शतरंज क्लासिकल प्रारूप का टूर्नामेंट है और कार्लसन इसे सात बार जीत चुके हैं। आयोजकों विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मैग्नस कार्लसन नॉर्वे शतरंज 2026 में अपनी भागीदारी की सार्वजनिक रूप से पुष्टि करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। शेष प्रतिभागियों की घोषणा आने वाले सप्ताहों में की जाएगी। इसके साथ ही नॉर्वे शतरंज में भाग लेने वाली महिला खिलाड़ियों की सूची भी जारी की जाएगी।'' नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता 25 मई से पांच जून तक ओस्लो में खेली जाएगी।
- रांची/ जुगराज सिंह की हैट्रिक के दम पर श्राची बंगाल टाइगर्स ने पुरूष हॉकी इंडिया लीग में मंगलवार को एकॉर्ड तमिलनाडु ड्रैगंस को 5 . 3 से हराया । इस मैच से पहले तालिका में सातवें स्थान पर काबिज टाइगर्स के लिये यह अहम जीत थी लेकिन अब जीत के बाद टीम चौथे स्थान पर पहुंच गई है । जुगराज एचआईएल जीसी के केन रसेल के बाद इस सत्र में हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए । उनके अलावा सुखजीत (33वां) और अभिषेक (55वां मिनट) ने भी गोल दागे । वहीं ड्रैगंस के लिये अद्रोहित इक्का (36वां), थॉमस सोर्सबी (48वां) और ब्लेक गोवर्स (51वां) ने गोल किये ।
- वडोदरा. भारत के ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को चोट लगने का डर है और रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले एकदिवसीय के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव होने के बाद उनका स्कैन किया जाएगा। इस 26 साल के खिलाड़ी ने पांच ओवर में 27 रन दिए लेकिन न्यूजीलैंड की पारी के बीच में ही मैदान से बाहर चले गए और वापस मैदान पर नहीं लौटे। परेशानी के बावजूद वह बाद में नंबर आठ पर बल्लेबाजी करने आए और भारत की चार विकेट से जीत में भूमिका निभाई। भारत के कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा, ‘‘वाशिंगटन सुंदर को साइड स्ट्रेन है और मैच के बाद उनका स्कैन होगा।'' वाशिंगटन सात रन बनाकर नाबाद रहे और लोकेश राहुल (नाबाद 29) के साथ 16 गेंद में 27 रन की अटूट साझेदारी की जिससे भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 49 ओवर में छह विकेट पर 306 रन बनाकर जीत दर्ज की। राहुल ने कहा कि साझेदारी के दौरान उन्हें वाशिंगटन की चोट की गंभीरता के बारे में पता नहीं था।राहुल ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता था कि वह दौड़ नहीं सकता। मुझे पता था कि पहली पारी में उसे कुछ परेशानी थी, लेकिन मुझे इसकी गंभीरता के बारे में पता नहीं था।'' उन्होंने कहा, ‘‘वह गेंद को बहुत अच्छी तरह से मार रहा था। जब वह आया तो हम पहले से ही लगभग एक रन प्रति गेंद की दर से रन बना रहे थे इसलिए जोखिम लेने की कोई जरूरत नहीं थी। उस पर अधिक दबाव नहीं था। उसने स्ट्राइक रोटेट की और अपना काम किया।''
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ग्रेटर नोएडा. निकहत ज़रीन और लवलीना बोरगोहेन ने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शनिवार को यहां राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीते जबकि चोटिल होने के कारण लंबे समय बाद वापसी करने वाले विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता मोहम्मद हुसामुद्दीन ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सेना खेल संवर्धन बोर्ड (एसएससीबी) ने 12 स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करके अपना दबदबा कायम रखा, जिसमें पुरुषों के वर्ग में नौ स्वर्ण पदक शामिल हैं। हुसामुद्दीन ने कड़े मुकाबले वाले फाइनल में सेना के अपने साथी मुक्केबाज और 60 किलोग्राम वर्ग के मौजूदा चैंपियन सचिन सिवाच को 3-2 के विभाजित फैसले में हराकर स्वर्ण पदक जीता। उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही थी लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। मुकाबला समाप्त होने के बाद थोड़ी देर के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो गई जब परिणाम पहले सचिन के पक्ष में घोषित किया गया, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद इसे ठीक कर दिया गया। हुसामुद्दीन ने जीत के बाद कहा, ‘‘यह खिताब मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि इस साल कई टूर्नामेंट होने वाले हैं। इसके अलावा चोट के बाद वापसी करने पर मुझे यह साबित करना था कि मैं अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।'' विश्व कप के पदक विजेता जदुमणि सिंह ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखते हुए 55 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ पुरुषों के बाद भी चुना गया। मणिपुर के इस 21 वर्षीय मुक्केबाज ने सेमीफाइनल में दो बार के ओलंपियन और 2019 की विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघाल को पराजित किया था। फाइनल में उन्होंने सेना के अपने साथी पवन वर्त्वाल को हराया। सेना के आदित्य प्रताप ने 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हिमाचल प्रदेश के मौजूदा चैंपियन अभिनश जमवाल को 3-2 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। जमवाल पिछले साल विश्व कप में तीन रजत पदक जीतकर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। महिला वर्ग में तेलंगाना की निकहत ने 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हरियाणा की 2023 की विश्व चैंपियन नीतू घंघास को सर्वसम्मत निर्णय से हराकर अपना तीसरा राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीता। तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना ने भी अपनी ख्याति के अनुरूप प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने रेलवे की सनमाचा चानू को 5-0 से हराकर 75 किलोग्राम वर्ग का खिताब अपने नाम किया। निकहत और लवलीना का इस जीत से आत्मविश्वास बढ़ेगा क्योंकि इस साल एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल सहित कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं होनी हैं। निकहत ने बाद में कहा, ‘‘मैंने नए साल की शुरुआत एक चैंपियन के रूप में की है जो बहुत बढ़िया है। आज की मेरी प्रतिद्वंदी खुद एक विश्व चैंपियन थीं, इसलिए मुकाबला कड़ा था। इतनी बेहतरीन मुक्केबाजों के खिलाफ जीत से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।'' अखिल भारतीय पुलिस की मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुडा (48 किलोग्राम) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। सेना की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम का खिताब अपने नाम किया और उन्हें चैंपियनशिप की सर्वश्रेष्ठ महिला मुक्केबाज घोषित किया गया। हरियाणा की दिग्गज मुक्केबाज पूजा रानी ने 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अपनी ही राज्य की खिलाड़ी नैना को 5-0 से हराकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 10वां स्वर्ण पदक जीता। स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य महिला खिलाड़ियों में रेलवे की मुक्केबाज प्राची (57 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा) और अल्फिया खान (80 किग्रा से अधिक), सेना की प्रांजल यादव (65 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) शामिल हैं।
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मुंबई। टाटा मुंबई मैराथन (टीएमएम) के 21वें सत्र का आयोजन यहां 18 जनवरी को होगा जिसमें भाग लेने के लिए 60,000 से अधिक धावकों ने पंजीकरण कराया है।आयोजकों के अनुसार, विश्व एथलेटिक्स ‘गोल्ड लेबल’ दौड़ में रिकॉर्ड 69,100 प्रतिभागी शामिल होंगे। इसमें 65,400 से अधिक प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से और 3,700 वर्चुअल (ऑनलाइन) रन में भाग लेंगे।
पहली बार रिकॉर्ड 14,059 धावक पूर्ण मैराथन में प्रतिस्पर्धा करेंगे। हाफ मैराथन और ओपन 10 किमी दौड़ में भी भागीदारी में भारी वृद्धि हुई है।महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, ‘‘पिछले दो दशकों में टाटा मुंबई मैराथन ने लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य और शहर की आर्थिक स्थिति दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। धावकों के अलावा, इससे एयरलाइंस, होटल और स्थानीय विक्रेताओं को भी लाभ होता है। यह अर्थव्यवस्था को गति देने वाला प्रमुख कारक बन गया है।’’आयोजकों के अनुसार, 2025 सत्र में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा 53.62 करोड़ रुपये जुटाए गए, जिनमें शिक्षा के लिए सबसे ज्यादा 27.66 करोड़ रुपये जुटाए गए।आयोजक ‘प्रोकैम इंटरनेशनल’ की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘पिछले तीन वर्षों में टाटा मुंबई मैराथन ने कुल मिलाकर 1,182.67 करोड़ रुपये का योगदान दिया है, जो सामाजिक और आर्थिक विकास के उत्प्रेरक के रूप में इसके प्रभाव को रेखांकित करता है।’’ - मुंबई । भारत की महान तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का मानना है कि महिला वनडे विश्व कप और दो डब्ल्यूपीएल ट्रॉफी जीतने वाली हरमनप्रीत कौर की कप्तानी का रिकॉर्ड टूटना मुश्किल है और वह अगले चार पांच साल और खेल सकती है । हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने वनडे विश्व कप जीता लेकिन इससे पहले वह अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को डब्ल्यूपीएल खिताब दिला चुकी हैं । मुंबई की गेंदबाजी कोच और मेंटोर झूलन ने कहा ,‘‘ उसने भारतीय क्रिकेट और मुंबई इंडियंस के लिये जो किया है , वह अद्भुत है । मुझे नहीं लगता कि निकट भविष्य में कोई उसका रिकॉर्ड तोड़ सकता है । वह विश्व कप विजेता पहली भारतीय महिला कप्तान है और दो डब्ल्यूपीएल ट्रॉफी भी जीत चुकी है । उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी जीतेगी ।'' झूलन ने यह भी कहा कि विश्व कप जीतने के बाद उनके , मिताली राज, अंजुम चोपड़ा और रीमा मल्होत्रा जैसे पूर्व क्रिकेटरों के साथ जश्न मनाना पहले से सोचा हुआ नहीं था । उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे नहीं लगता कि उस समय हमने कुछ बात की । बस जज्बात उमड़ रहे थे । मैं हरमन, स्मृति (मंधाना) और पूरी टीम को इसके लिये धन्यवाद देती हूं । यह पहले से तय नहीं था । हम प्रसारण से जुड़े थे और प्रोड्यूसर ने कहा कि जब टीम दर्शकों को धन्यवाद दे रही है तो हम एक या दो सवाल पूछ सकते हैं । लेकिन ये लड़कियां जिस तरह से हमारे पास आई और जश्न मनाया, मुझे नहीं लगता कि भारतीय क्रिकेट या किसी अन्य खेल ने इस तरह का कुछ कभी देखा है ।
- चेन्नई। केन रसेल की शानदार हैट्रिक के दम पर एचआईएल जीसी ने हॉकी इंडिया लीग पुरूष वर्ग के मुकाबले में बुधवार को श्राची बंगाल टाइगर्स को 6 . 3 से हराया । रसेल (19वां, 36वां और 44वां मिनट) , सैम वार्ड (19वां) , सुदीप चिरमाको (38वां) और जेम्स अल्बेरी (59वां) ने एचआईएल जीसी के लिये गोल किये जबकि श्राची बंगाल टाइगर्स के लिये कप्तान जुगराज सिंह (12वां), टॉम ग्रामबश (40वां) और क्रिस्टोफर रूर (40वां) ने गोल दागे। टाइगर्स को 11वें मिनट में लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमे से एक पेनल्टी स्ट्रोक में बदला और कप्तान जुगराज ने उस पर गोल किया । दूसरे क्वार्टर में एचआईएल जीसी ने 19वें मिनट में दो गोल दागे। विरोधी गोल में 13 बार हमले और छह शॉट्स के बावजूद दो क्वार्टर के बाद टाइगर्स एक गोल से पीछे थे । तीसरे क्वार्टर में पांच मिनट के भीतर एचआईएल जीसी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर रसेल ने गोल दागा । इसके दो मिनट बाद चिरमाको ने फील्ड गोल करके टीम को तीन गोल की बढत दिला दी । श्राची बंगाल टाइगर्स ने 40वें मिनट में दो गोल करके अंतर कम किया । ग्रामबश ने पहले पेनल्टी कॉर्नर तब्दील किया और रूर ने रिबाउंड पर गोल दागा । एचआईएल जीसी को 44वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर रसेल ने तीसरा गोल किया । वहीं जेम्स अल्बेरी ने 59वें मिनट में टीम का छठा गोल दागा ।
- बेनोनी (दक्षिण अफ्रीका)। वैभव सूर्यवंशी ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए सैकड़ा जड़ा जबकि आरोन जॉर्ज ने भी शतकीय पारी खेली जिससे भारत की अंडर-19 टीम ने तीसरे युवा वनडे में दक्षिण अफ्रीका को 233 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला क्लीन स्वीप कर ली। कप्तान सूर्यवंशी ने बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद एक बार फिर छक्कों की बरसता करते हुए 74 गेंद में 127 रन बनाए जिसमें 10 छक्के और नौ चौके शामिल थे। बिहार के इस 14 साल के खिलाड़ी ने पिछले मैच में 24 गेंद में 68 रन की पारी खेली थी। सूर्यवंशी को जॉर्ज का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 106 गेंद में 118 रन बनाए। इस तरह दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 227 रन की भागीदारी निभाकर बड़े स्कोर की नींव रखी। इस तरह भारत ने सात विकेट पर 393 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया जो दक्षिण अफ्रीका के लिए बहुत बड़ा लक्ष्य साबित हुआ और टीम 35 ओवर में 160 रन पर ऑल आउट हो गई। मेजबान टीम के लिए नटांडो सोनी (61 रन देकर तीन विकेट) और जेसन रोल्स (59 रन देकर दो विकेट) ने मिलकर पांच विकेट लिए। इस बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने चौथे ओवर में 15 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। किशन सिंह ने अपनी गेंदों से कहर बरपाते हुए शीर्ष क्रम में जोरिच वैन शाल्कविक (01), अदनान लागडियन (09) और लेथाबो फाहलामोहलाका (शून्य) को आउट कर दिया। उन्नीस साल के किशन सिंह ने दूसरे मैच में भी चार विकेट लिए थे और एक बार फिर सबसे सफल गेंदबाज रहे।डैनियल बोसमैन (40) और रोल्स (19) ने कुछ देर तक संघर्ष किया। इससे दक्षिण अफ्रीका 23वें ओवर में 99 रन पर छह विकेट गंवा बैठी। पॉल जेम्स (41) और कॉर्ने बोथा (नाबाद 36 रन) ने सिर्फ हार को टाला। इससे पहले सूर्यवंशी ने अपनी ‘पावर हिटिंग' से एक बार फिर सबका ध्यान खींचा और युवा वनडे में अपना तीसरा शतक पूरा किया। उन्होंने अब तक 18 मैच में चार अर्धशतक भी लगाए हैं। इस युवा खिलाड़ी ने अब 18 मैच में 54.05 की औसत और 164.08 के स्ट्राइक रेट से 973 रन बनाए हैं।भारत ने पहला मैच डकवर्थ लुईस पद्धति से 25 रन से और दूसरा मैच आठ विकेट से जीता था।




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