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- - विप्र समाज ने श्रद्धांजलि अर्पित कीरायपुर। करहुल (नांदघाट) निवासी श्रीमती कस्तूरी द्विवेदी का 80 वर्ष की आयु में 27 मई को आकस्मिक निधन हो गया। वे सेवानिवृत्त प्रधानपाठक स्वर्गीय शंकर प्रसाद द्विवेदी की पत्नी, किदवई - दामाखेड़ा के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ चंद्रशेखर द्विवेदी , स्वर्गीय श्रीमती अम्बिका पांडेय (टेमरी , मारो) , श्रीमती देव्यानी शर्मा (गुठियाखैरा - मारो- भाटापारा) , स्वर्गीय श्रीमती अनुसुईया शुक्ला, (पडरभटृठा , मुंगेली) और श्रीमती सरस्वती दीवान (नवागढ़ , बेमेतरा) की माता तथा टेकारी - करही निवासी स्वर्गीय मोती प्रसाद उपाध्याय - स्वर्गीय दुलारी उपाध्याय की पुत्री तथा ओंकार व नेहरू की बहन थीं।विप्र समाज ने श्रद्धांजलि अर्पितश्रीमती कस्तूरी द्विवेदी के निधन पर विप्र समाज के सदस्य भूपेन्द्र शर्मा (टेकारी वाले), प्रशांत शर्मा , संतोष उपाध्याय, (दुर्ग), नीलिमा शर्मा, नवीन- किरण उपाध्याय, प्रकाश उपाध्याय, (बालोद), वीणा मिश्रा, कल्पना (दुर्ग) , विजय शर्मा आदि ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
- -बच्चों के सपनों को मिलेगा सरकार का संबल-महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री श्री सायनारायणपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने अबूझमाड़ प्रवास के दौरान ओरछा विकासखंड के ग्राम गारपा पहुंचकर ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने गांव में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया।मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने गांव के बच्चों से सहज एवं आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान दो बच्चों ने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की लगन और आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास रखते हैं। यह शिक्षा, संचार और विकास की बढ़ती पहुंच का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता के उपयोग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उन्हें मिलने वाली राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं घरेलू खर्चों में कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग बचत एवं भविष्य की जरूरतों के लिए भी कर रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से योजना की राशि का उपयोग परिवार के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री के ग्राम गारपा आगमन से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों ने शासन की विभिन्न योजनाओं से प्राप्त लाभों की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ सहित प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
- -सुशासन तिहार शिविर में प्रतिभाओं का सम्मान, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को मिली मुख्यमंत्री की सराहना-वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।कार्यक्रम में पांच विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के पांच राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।हरिकोटा भ्रमण से बढ़ा बच्चों का आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोणकार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब रहा जब पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय फरसगांव एवं विश्रामपुरी के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने हरिकोटा शैक्षणिक भ्रमण के अनुभव साझा किए।विद्यार्थियों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, हरिकोटा में देखी गई वैज्ञानिक गतिविधियों, रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रक्रियाओं तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रस्तुत की। बच्चों ने बताया कि इस भ्रमण ने उनके भीतर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई जिज्ञासा और उत्साह का संचार किया है।बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं शैक्षणिक भ्रमणमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया में सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को भी देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों को देखने और समझने का अवसर मिले, ताकि वे अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, नवाचार और ज्ञानार्जन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं।
- -सुशासन तिहार में सामुदायिक पुलिसिंग को मिली नई मजबूती-युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वितरित की गई वॉलीबॉल किटरायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में सामुदायिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर पुलिस विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों का अवलोकन किया तथा समाज में सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में छह हितग्राहियों को हेलमेट वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया और लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट केवल एक सुरक्षा उपकरण नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कवच है। यातायात नियमों का पालन कर हम स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कोंडागांव पुलिस द्वारा तैयार की गई ‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। यह पुस्तिका सामुदायिक पुलिसिंग, जनजागरूकता, पुनर्वास गतिविधियों तथा पुलिस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा संवाद को मजबूत बनाने में ऐसे नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से वॉलीबॉल खेल किट का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। सामुदायिक पुलिसिंग की ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण करने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। सुशासन तिहार के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शासन, प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
- -वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है – मुख्यमंत्री श्री साय-विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है-मुख्यमंत्री ने गारपा क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े अनेक विकास कार्यों की दी सौगातरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल की ग्राम पंचायत गारपा में आयोजित जन चौपाल में पहुँचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुँचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य वर्षों तक बाधित रहे। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह भी अनेक बार बस्तर का दौरा कर क्षेत्र के विकास एवं शांति स्थापना के प्रयासों की लगातार समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचें। गारपा सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का जीवन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किए जाएंगे।जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कृषि एवं आजीविका संबंधी विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पशुपालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।उन्होंने ग्रामीणों को रामलला दर्शन योजना, अटल डिजिटल सेवा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बस सेवा, मनरेगा जॉब कार्ड, लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा आर्थिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से नक्सलवाद में आई कमी और क्षेत्र में स्थापित हो रही शांति के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब शासन की पहल से सुविधाएं गांवों के नजदीक पहुंच रही हैं और लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड एवं अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति की भी जानकारी ली।जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत गारपा के सरपंच ने भूमि सुधार संबंधी त्रुटियों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के समक्ष निवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तुमेराड़ी में दो पुलियों के निर्माण, गारपा में एक किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण, उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण, मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण तथा आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से गारपा में पुलिस थाना खोलने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखा गया तथा ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षित रहे वनांचल क्षेत्रों में आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।जन चौपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अबूझमाड़ के गारपा में आयोजित यह जन चौपाल शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और विकास के नए अध्याय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
- -’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया अवलोकन, कहा - प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर’-’उड़िया भाषा में लिखित पंजी, पुराण, पंचांग सहित कई महत्वपूर्ण ग्रंथ पीढ़ियों से परिवारों में सुरक्षित’रायपुर । छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़े अमूल्य विरासत संरक्षण के प्रयासों को नई प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा का दौरा किया। यहां उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान के तहत संरक्षित लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण में जुटे परिवारों की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम निवासी श्री रामूराम यादव से मुलाकात कर उनके पास सुरक्षित रखी गई आठ प्राचीन पांडुलिपियों को देखा तथा उनके इतिहास, उपयोग और संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुस्तकीय विरासत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की जीवंत पहचान हैं। इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री ने पीढ़ियों से इन पांडुलिपियों को सहेजकर रखने वाले परिवारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी के बिना सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण संभव नहीं है। जिन परिवारों ने दशकों तक इन धरोहरों को सुरक्षित रखा है, वे वास्तव में हमारी ज्ञान-संपदा के संरक्षक हैं। इस अवसर पर बड़े कनेरा के श्री हरदू कश्यप, श्री परमेश्वर मानिकपुरी, अमरावती के श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री पुरसोती राम मौर्य तथा कोपरा ग्राम के श्री चमरू नाग ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये पांडुलिपियां उनके दादा-परदादाओं के समय से परिवारों में संरक्षित हैं और आज भी अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखी जाती हैं।संरक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन पांडुलिपियों में पंजीयार, पंजी, पुराण, पंचांग तथा चक्रकूट पंचांग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं, जिनका उपयोग परंपरागत ज्ञान, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक व्यवस्थाओं तथा ज्योतिषीय गणनाओं में किया जाता रहा है। इन ग्रंथों में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विधानों और समय गणना की विशिष्ट प्रणालियों का भी उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पांडुलिपियों के अध्ययन की प्रक्रिया, उन्हें पढ़ने-समझने की पारंपरिक पद्धतियों तथा वर्तमान समय में उनके संरक्षण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में प्राचीन ज्ञान-संपदा के संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा से जुड़ी रह सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञान भारतम् अभियान देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान भारत की बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
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-सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मिली बैटरी चलित ट्रायसायकल, संघर्ष भरी जिंदगी को मिला नया सहारा
रायपुर। जिंदगी कभी-कभी इंसान की परीक्षा इतनी कठिन लेती है कि हर दिन एक संघर्ष बन जाता है। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत करंजा-भिलाई, वार्ड क्रमांक 16 निवासी श्री तोपसिंग साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने परिवार का सहारा बनने के लिए एक छोटे से पान ठेले का संचालन करते रहे। लेकिन उनकी सबसे बड़ी परेशानी थी रोज दुकान तक पहुंचना।चलने-फिरने में असमर्थ श्री साहू को हर दिन दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ता था। कई बार समय पर दुकान नहीं पहुंच पाने से आमदनी प्रभावित होती थी। शरीर की तकलीफ से ज्यादा उन्हें इस बात का दर्द था कि वे अपनी मेहनत के बावजूद आत्मनिर्भर नहीं बन पा रहे थे।इसी बीच उन्हें समाज कल्याण विभाग की उस योजना की जानकारी मिली, जिसके तहत दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। उम्मीद की एक नई किरण लेकर उन्होंने समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया।31 मई 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत झाड़ूराम देवांगन स्कूल मैदान, दुर्ग में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में उनके जीवन का सबसे भावुक और यादगार पल आया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने हाथों से उन्हें बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदान की।मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों से ट्रायसायकल मिलते ही श्री तोपसिंग साहू की आंखें खुशी से नम हो उठीं। वर्षों से जिस परेशानी को वे अपनी किस्मत मान चुके थे, उसका समाधान अब उनके सामने था। उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह सिर्फ एक ट्रायसायकल नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने की नई ताकत है।अब श्री साहू बिना किसी सहारे के अपनी दुकान तक पहुंचते हैं। उनके काम में नियमितता आई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जो रास्ते कभी मुश्किल लगते थे, अब वही रास्ते उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे हैं।भावुक स्वर में श्री तोपसिंग साहू ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी परेशानी का समाधान इतनी संवेदनशीलता से होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके जीवन को नई उम्मीद और नई पहचान दी है। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सड़क, पर्यटन, सामाजिक एवं धार्मिक विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कींरायपुर /सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना, पर्यटन, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास की रोशनी को अंतिम गांव तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बड़े कनेरा और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। इसके अलावा क्षेत्र की यातायात सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबाई वाले मार्ग के मजबूतीकरण कार्य की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री ने बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित होंगे।क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन के निर्माण की घोषणा की। इन भवनों के निर्माण से सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मंदिर के जीर्णोद्धार से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का उपस्थित ग्रामीणों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से बड़े कनेरा सहित पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
- -खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के धान निष्पादन और आगामी सीजन में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर हुई चर्चारायपुर /खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्यगण कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिक मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। उप मंत्रीमण्डलीय समिति के बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निष्पादन एवं कस्टम मिलिंग तथा आगामी खरीफ सीजन में धान खरीदी के तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, मंडी बोर्ड के एमडी श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कराया गृह प्रवेश-पक्का घर, सौर ऊर्जा और योजनाओं का संबल -एक परिवार की जिंदगी में आया बड़ा बदलावरायपुर । कभी बारिश की बूंदों के साथ टपकती छत, आंधी-तूफान की चिंता और कच्चे घर की असुरक्षा में गुजरती रातें… लेकिन अब वही परिवार पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून और सम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही श्री चमन लाल पवार के नवनिर्मित आवास में सपरिवार गृह प्रवेश कराकर एक परिवार के वर्षों पुराने सपने को साकार किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।इस अवसर पर एक विशेष उपलब्धि भी सामने आई। श्री चमन लाल का आवास बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित किया गया है। यह पहल ग्रामीण विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। एक ही परिवार को आवास सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सुविधा का लाभ मिलना शासन की समन्वित विकास सोच को भी प्रतिबिंबित करता है।श्री चमन लाल पवार ने बताया कि वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकती थी और तेज हवा या खराब मौसम में पूरी रात चिंता में बीतती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब पक्का मकान मिलने के बाद जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास हुआ है।श्री पवार ने कहा कि अब बारिश और आंधी-तूफान की चिंता नहीं रहती। छत नहीं टपकेगी और पूरा परिवार चैन की नींद सो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह मकान केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, आत्मविश्वास और नए जीवन की शुरुआत है।श्री चमन लाल का परिवार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। उनकी पत्नी श्रीमती घंसतीन बाई तथा बहू श्रीमती संगीता पवार को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। खेती-किसानी के लिए भी परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं का सहयोग मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।परिवार ने अपने नए घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित कराया है, जिससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाओं को मजबूत करने वाला उदाहरण बन गया है। बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास, जहां पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी जुड़ा है, शासन की बहु-आयामी और समन्वित विकास नीति का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह पहल केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित जीवन, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक लक्ष्यों को भी आगे बढ़ा रही है।मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभारमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान श्री चमन लाल पवार और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और पीएम सूर्य घर योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।ग्राम बड़ेकनेरा का यह परिवार इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देतीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का संचार करती हैं।
- -मुख्यमंत्री की दोटूक : सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि, जनता से अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहींरायपुर / सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में श्री पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा श्री पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा।लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
- -विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को मिल रहा राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से तैराकी का गुर-छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों से निखर रही वनांचल की खेल प्रतिभाएंरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। जंगलों और पहाड़ों के बीच जीवन व्यतीत करने वाले बैगा बालक-बालिकाएं आज तरणताल (स्वीमिंग पूल) में तैराकी के आधुनिक खेल कौशल सीखकर अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं। नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के तरणताल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें आकांक्षी विकासखंड गौरेला के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा समुदाय के बच्चों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने स्वयं गांवों तक पहुंचकर बैगा परिवारों को प्रेरित किया और बच्चों को इस शिविर से जोड़ा। प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और जंगलों के बीच जीवन बिताने वाले इन बच्चों के लिए तरणताल का यह अनुभव बिल्कुल नया है। यहाँ वे केवल तैरना ही नहीं सीख रहे, बल्कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी खेल संस्कृति को भी आत्मसात कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतने बड़े स्वीमिंग पूल में अभ्यास नहीं किया था। वे तैराकी के तकनीकी पहलुओं को सीखकर बेहद उत्साहित हैं और भविष्य में बड़े खिलाड़ी बनने का सपना देख रहे हैं।इस ग्रीष्मकालीन शिविर में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को तैराकी की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को फ्री-स्टाइल, बैक-स्ट्रोक, बटरफ्लाई-स्ट्रोक, ब्रेस्ट-स्ट्रोक तथा मेडले जैसी प्रतिस्पर्धी विधाओं का कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। सुबह और शाम, दो पालियों में संचालित इन सत्रों के माध्यम से बच्चों की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और खेल कौशल को लगातार विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षकों का मानना है कि बैगा बच्चों में स्वाभाविक शारीरिक क्षमता, साहस और सीखने की तीव्र इच्छा है, जो उन्हें भविष्य का उत्कृष्ट खिलाड़ी बना सकती है।विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पलने के कारण अद्भुत सहनशक्ति और बेजोड़ शारीरिक क्षमता के धनी होते हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन बच्चों को खेल की मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास न केवल खेल विकास की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि सामाजिक समावेशन और जनजातीय सशक्तिकरण का भी एक जीवंत उदाहरण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार कर रही है। सरकार का संकल्प है कि दूरस्थ अंचलों का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे। बैगा समुदाय के बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ना सरकार की समावेशी विकास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे न केवल बच्चों के व्यक्तित्व का विकास हो रहा है, बल्कि उनमें बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास भी जागृत हो रहा है।कभी जंगलों और पहाड़ियों तक सीमित रहने वाले बैगा बच्चे आज तरणताल में पूरे आत्मविश्वास के साथ लहरों से मुकाबला कर रहे हैं। यह सकारात्मक परिवर्तन केवल एक खेल प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच, जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और बच्चों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है।यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर बैगा बच्चों के लिए एक ऐसे सुनहरे अवसर के रूप में उभरा है, जो उनके जीवन की दिशा बदल सकता है। आने वाले वर्षों में यही बच्चे राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ और पूरे भारत का गौरव बढ़ाएंगे, यही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों से की आत्मीय मुलाकात, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण-वन आधारित अर्थव्यवस्था से शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मिली नई मजबूतीरायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में वन विभाग की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर वनाधारित आजीविका से आए सकारात्मक बदलावों को नजदीक से जाना। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों और किसानों से मिलकर उनकी जीवन यात्रा, संघर्ष और योजनाओं से हुए परिवर्तन की कहानियों को सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि गांवों में सम्मानजनक आजीविका, शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार करना है।मुख्यमंत्री श्री साय सबसे पहले तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती वेदबती यादव के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवारजनों से आत्मीय चर्चा की। श्रीमती यादव ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 3720 गड्डी तेंदूपत्ता संग्रहित कर 20 हजार 460 रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण अब उनके परिवार के लिए आय का भरोसेमंद माध्यम बन गया है। मुख्यमंत्री ने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वन संपदा पर आधारित आजीविका ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का सशक्त माध्यम बन रही है।मुख्यमंत्री ने वन धन विकास केंद्र मर्दापाल से जुड़ी मां शीतला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती विमला भोयर से भी चर्चा की। श्रीमती भोयर ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में एक माह के भीतर 85 किलोग्राम तीखुर का प्रसंस्करण कर लगभग 85 हजार रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि पहले वन उत्पाद सीमित उपयोग तक रह जाते थे, लेकिन प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से अब आय के नए अवसर बने हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्रामीण उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जामुन, आम और तीखुर से बने पारंपरिक शरबत से स्वागत किया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की बेटी राजबती मंडावी से भी संवाद किया। राजबती को कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। मुख्यमंत्री ने उसकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि वन आधारित योजनाएं केवल आजीविका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का भी माध्यम बन रही हैं। उन्होंने राजबती को आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेहनत और शिक्षा को सफलता का आधार बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम के किसान श्री गौतम यादव द्वारा मक्के की खेती के साथ तालाब में किए जा रहे मत्स्य पालन का भी अवलोकन किया। श्री यादव ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि उन्नति योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे खेती और मत्स्य पालन को एकीकृत कर आय में निरंतर वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती, वानिकी और मत्स्य पालन का समन्वित मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।बड़ेकनेरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण नहीं बचाते, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को जीवन, सुरक्षा और समृद्धि भी प्रदान करते हैं।कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। मर्दापाल परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत दो किसानों को 5,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति तथा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को कुल 6 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।बड़ेडोंगर परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को 2,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। एक तेंदूपत्ता संग्राहक को 20,460 रुपये का भुगतान किया गया तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि प्रदान की गई। वन प्रबंधन समिति कमेला को लाभांश के रूप में 8 लाख 46 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई। नारंगी परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के तहत एक हितग्राही को 21,873 रुपये 50 पैसे का भुगतान तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वन विभाग की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों की आजीविका, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिलाओं, किसानों और विद्यार्थियों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और वन आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में सशक्त आधार बन रही है।इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टमरायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के हितग्राही श्री आनंद कुमार पवार से उनके निवास पर आत्मीय मुलाकात कर योजना से आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से संवाद कर जाना कि किस प्रकार एक जनकल्याणकारी योजना ने उनके जीवन में आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगाई है।मुख्यमंत्री श्री साय से चर्चा के दौरान श्री आनंद कुमार पवार ने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1200 से 1500 रुपये तक आता था, जो सीमित आय वाले परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ था। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया और अब परिवार को बिजली खर्च की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।श्री पवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बचत बढ़ी है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हर महीने होने वाली बचत अब परिवार की अन्य जरूरतों और बच्चों के भविष्य पर खर्च की जा रही है।मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान श्री पवार ने यह भी बताया कि योजना के लिए आवेदन करने के लगभग एक माह के भीतर उन्हें सब्सिडी प्राप्त हो गई। साथ ही बैंक से सरल प्रक्रिया के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर संयंत्र लगाने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। शेष राशि का भुगतान आसान मासिक किश्तों में किया जा रहा है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।श्री आनंद कुमार पवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल बिजली बिल से राहत ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़कर भविष्य की ओर अधिक भरोसे के साथ देख रहा है।उल्लेखनीय है कि श्री आनंद कुमार पवार, पिता श्री चमन लाल पवार का घर बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह आवास ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और आमजन के जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। बड़ेकनेरा के आनंद कुमार पवार की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाली नई संभावनाएं भी लेकर आती हैं।
- -जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार जांगड़े को सौंपा गया जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार-सुशासन तिहार के दौरान शिविर में जनता से अशिष्ट व्यवहार करने पर त्वरित कार्यवाहीदुर्ग/ दुर्ग संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत् दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने और आम जनता से अशिष्ट व्यवहार (कदाचरण) करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के प्रस्ताव और शासन द्वारा आयोजित ’सुशासन तिहार’ के तहत ग्राम थनौद के जन समस्या निवारण शिविर में सीईओ पाण्डेय द्वारा जनता से की गई बदसलूकी के वीडियो क्लिप के आधार पर की गई है। इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का सीईओ द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत यह निलंबन आदेश जारी किया गया है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अनुसार, प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सन्निष्ठ रहना, कर्तव्यपरायण रहना और ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना अनिवार्य है जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो, तथा नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा, ऐसा उपबंधित है। निलंबन अवधि के दौरान श्री पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। उक्त कार्यवाही के बाद कलेक्टर श्री सिंह द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार जांगड़े को अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-1 नेहरू नगर अंतर्गत साफ-सफाई, अवैध प्लाटिंग, नाला सफाई सहित अन्य कार्यो का बारिकी से निरीक्षण किये। उपस्थित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था पर जोर देते हुए अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करने निर्देशित किये हैं।निगम आयुक्त, पार्षद मुकेश कुमार अग्रवाल के उपस्थिति में वार्ड क्रं. 02 स्मृति नगर के वार्डो का जायजा लिये। वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किये और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने कहा गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को स्वच्छ वातावरण मिले। बरसात में अधिक वर्षा होने से निचली जगहो पर जलभराव हो जाता है, जिससे नागरिको को परेशानी होती है, ऐसे डूबान क्षेत्र के समस्या को सुधार कराने निर्देशित किये हैं। वार्ड में ही कुछ अवैध प्लाटिंग कर नागरिको को बेच दिया गया है। खरीदीकर्ताओं द्वारा निर्माण भी किया जा रहा है, उन अवैध प्लाटिंगकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई करने निर्देशित किया गया है। समीपस्थ बरसात से पूर्व बड़े नाला की सफाई कराने कहा गया है, जिससे बरसात का पानी न रूके। स्मृति नगर में कुछ माह पूर्व नाली निर्माण किया गया है, जो अव्यवस्थित हो गया है संबंधित के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने कहा गया है।आनंद नगर में नया नाली निर्माण कराने के आदेश दिया गया है, जिससे नागरिको को सुविधा मिले। आयुक्त ने सड़को का जायजा लिये, कुछ स्थल में सड़क संधारण की आवश्यकता है, संधारण कराने निर्देशित किया गया है। स्मृति नगर में स्थानीय नागरिको द्वारा अपने घरो के सामने नाली के उपर ढलाई कर वाहन पार्किंग के लिए संरचना बनाया गया है, जिससे नालियों की सफाई में रूकावट हो रही है। उन सभी नालियों के उपर से ढलाई हटाकर सफाई कराने कहा गया है। आयुक्त ने पुष्पक नगर स्थित मार्केट का अवलोकन किये और नाली, सड़क की सफाई कराने कहा गया है साथ ही पेवर ब्लाक को व्यवस्थित करने निर्देशित किये हैं। स्मृति नगर तालाब के सामने बड़ा नाला है, जिसकी साफ-सफाई कराने कहा गया है। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया, उप अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
- -- अब दो ठेलों में फल व्यवसाय करके कर रहे उतरोत्तर तरक्की, पीएम स्वनिधि योजना और रायपुर नगर पालिक निगम के प्रति व्यक्त किया हार्दिक आभाररायपुर/ राजधानी शहर रायपुर के ब्रम्हदेईपारा खमतराई के निवासी फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू और उनके परिवार के लिए पीएम स्वनिधि योजना कोरोना संक्रमण काल में सहारा बनी।फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान परिवार के भरण-पोषण में काफी कठिनाई हुई । तब आर्थिक स्थिति के कारण दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी मुश्किल हो गया था, ऐसे समय में शासन की योजना पीएम स्वनिधि का रायपुर नगर पालिक निगम के द्वारा आवेदन जमा कराया गया।पीएम स्वनीधि योजना अंतर्गत रूपये 10000/- राशि का ऋण प्राप्त हुआ एवं समय पर ऋण की अदायगी उनके द्वारा की गयी, जिससे उन्हें द्वितीय चरण का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होने अपने व्यवसाय में वृद्धि करते हुए एक और ठेला क्रय कर लिया और इस तरह से वो वर्तमान में दो ठेले में फल का व्यवसाय कर रहे हैँ तथा उतरोत्तर तरक्की कर रहे हैँ ।फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू ने कहा कि अब वे राशि 50000/- का ऋण प्राप्त कर फल व्यवसाय के क्षेत्र में और आगे बढना चाहते हैँ । फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू ने स्वनिधि योजना और रायपुर नगर पालिक निगम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 1 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंजारी माता वार्ड में भनपुरी में नयी टंकी 3200 किलोलीटर एवं भनपुरी पुरानी टंकी 2000 किलोलीटर क्षमता की स्थापित है। भनपुरी पुरानी टंकी में पूर्ण रूप से जलभराव किया जा रहा है एवं नई भनपुरी टंकी लगभग 80 से 85 प्रतिशत ही भर पा रही है कारण कि पूरे शहर में ज्यादातर बोरवेल का वाटर लेवल इस ग्रीष्मकाल में अधिक नीचे चले जाने के कारण तथा ग्रीष्मकालीन टैंकर व्यवस्था के कारण वाटर बैंलेसिंग एवं अंतिम छोर की टंकी होने के कारण अपेक्षाकृत कम जलभराव ग्रीष्मकाल में हो रहा है, तकनीकी कारणवश नई भनपूरी टंकी अपेक्षाकृत कम भर पा रही है, आगामी दिवसों में जलभराव पर्याप्त कर जलप्रदाय सुनिश्चित की जावेगी।बंजारी माता वार्ड के रामेश्वर नगर, बुनियाद नगर, कमल चौक और केबिनपारा टंकी के टेल एंड होने के कारण पानी कम मात्रा में पहुंच रहा है, जिससे समस्याग्रस्त क्षेत्रों में किराये के एवं विभागीय टैंकरों के माध्यम से पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
- रेत और बोल्डर से लदे वाहनों पर खनिज विभाग का छापा, कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाईरायपुर। अवैध खनिज उत्खन एवं परिवहन के खिलाफ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज विभाग ने रातभर विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के तहत रेत और बोल्डर का अवैध परिवहन कर रहे कुल 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया गया। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।उप संचालक खनि प्रशासन श्री राजेश मालवे एवं सहायक खनि अधिकारी श्री उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में गठित टीम ने नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लोड कर परिवहन कर रहे 6 हाइवा तथा तुमगांव क्षेत्र से बोल्डर लेकर आ रहे 2 हाइवा को जांच के लिए रोका।जांच के दौरान वाहन चालकों से खनिज परिवहन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर सभी वाहनों को अवैध परिवहन की श्रेणी में मानते हुए तत्काल जब्त कर लिया गया। खनिज विभाग की टीम ने जब्त किए गए वाहनों को आवश्यक कार्रवाई के पश्चात उपरवारा थाना और माना थाना की सुपुर्दगी में सौंप दिया है। प्रकरण में अब खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिले में अवैध उत्खन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस विशेष अभियान को सफल बनाने में सुपरवाइजर श्री सुनील दत्त शर्मा, लुकेश वर्मा, अज्जू मानिकपुरी और दयाराम साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अभिनव पहल के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सम्मानितराज्यपाल श्री रमेन डेका ने अंग व देहदान करने वाले दानदाताओं का भी किया सम्मानरायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें अंगदान एवं देहदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।इस अवसर पर प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले तथा दान करने वाले दानदाताओं को भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि “अंगदान महादान है। इसके माध्यम से किसी व्यक्ति को नया जीवन दिया जा सकता है तथा अनेक लोगों की शारीरिक चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलती है।” उन्होंने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है, जिससे मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन एवं अनुसंधान में सहायता प्राप्त होती है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के माध्यम से जिले में अंगदान और देहदान के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत अब तक 86 व्यक्तियों ने अंगदान एवं देहदान के लिए सहमति प्रदान की है, जिनमें 65 व्यक्तियों ने पूर्ण देहदान तथा 21 व्यक्तियों ने अंगदान का संकल्प लिया है।
- -मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद-बैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में-बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सामाजिक परंपराओं, वैदिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच आयोजित इस समारोह में जिले के 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शुभ मुहूर्त में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों को आर्थिक चिंताओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है, जिससे पात्र परिवारों को और अधिक सहयोग प्राप्त हो सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में स्वयं विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल युवाओं को सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक समरसता और अनावश्यक खर्चों में कमी लाने का सकारात्मक संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के दौरान वर्षा होना इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन भी प्रकृति के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है, जो नवदंपतियों के सुखद और समृद्ध भविष्य का शुभ संकेत है। समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बैलगाड़ी में निकाली गई बारात रही। जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक-सांस्कृतिक माहौल और जनसहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मूल रूप से बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित होना था, लेकिन शाम के समय मौसम खराब होने और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया। यहां मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उपस्थित होकर नवदंपतियों से आत्मीय मुलाकात की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभाशीष प्रदान किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित उपहार सामग्री एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक सामाजिक व्यय में कमी आती है तथा समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों से अपने वैवाहिक जीवन को प्रेम, विश्वास, सहयोग, संस्कार और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, सांसद श्री विजय बघेल, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, अभनपुर विधायक श्री इन्द्र कुमार साहू, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नवदंपतियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस कोर्ट का किया निरीक्षण, युवा खिलाड़ियों से की मुलाकातरायपुर / वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब पहुंचकर टेनिस कोर्ट का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेल अधोसंरचना के बेहतर विकास एवं खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने क्लब में अभ्यास कर रहे युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त साधन भी है।मंत्री श्री चौधरी युवा खिलाड़ियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रायगढ़ की प्रतिभाओं में अपार संभावनाएं हैं। उचित मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से ये खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिलें तथा वे अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। खिलाड़ियों ने वित्त मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की।
- -सड़क, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और आधारभूत अधोसंरचना को मिली नई मजबूती-विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले को 105 करोड़ 4 लाख 69 हजार रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। विशेष बात यह रही कि अचानक आए अंधड़, तेज तूफान और बारिश के बावजूद विकास कार्यों का शुभारंभ नहीं रुका और मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सभी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न कराया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, जनता के विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम स्थल में बदलाव करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को प्रारंभ करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध सोच का परिचायक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन में सुविधा, विश्वास और अवसरों का विस्तार है। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे आम नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव, प्रत्येक किसान, प्रत्येक महिला और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने 78 करोड़ 1 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें बेरला-कोदवा-देवरबीजा-कर्मु मार्ग का दो-लेन मजबूतीकरण, भेड़नी-सल्धा-सिंधोरी मार्ग, बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग, सोढ़-रेवे-देवरबीजा-अकोला-खाती-सौरी मार्ग, मुड़पार खुर्द-जमघट पहुंच मार्ग, मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संप्रेषण गृह निर्माण, नगर सेना प्रशासकीय भवन निर्माण, गुदेली-कंडरका मार्ग सहित विभिन्न ग्रामों में सीसी रोड, नाली एवं सामुदायिक अधोसंरचना निर्माण कार्य शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने 27 करोड़ 3 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें नवनिर्मित हमर क्लिनिक, बोर खनन कार्य तथा विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक जैसी सुविधाएं लोगों को उनके निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास की जीवनरेखा होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को शहरों से और किसानों को बाजारों से जोड़ने के लिए आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। बेमेतरा जिले में स्वीकृत ये परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी तथा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा, गुणवत्ता मानकों और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे तथा कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में आज जिन विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है, वे विकसित बेमेतरा और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत आधार सिद्ध होंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षा-मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनाने, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जनसेवा में संवेदनशीलता बढ़ाने के निर्देशरायपुर। शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।बैठक के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री ईश्वर साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, दुर्ग संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य सहित बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -13 स्व-सहायता समूहों को 27 लाख रुपये की चक्रिय निधि-‘मन की बात’ के 134 वें संस्करण के बाद हितग्राहियों को शहद संग्रहण किट भी वितरितरायपुर। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम इरकभट्टी (तहसील कोहकामेटा) में को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 134 वें संस्करण के प्रसारण के बाद महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप वनमंडल नारायणपुर के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को चक्रिय निधि की राशि और शहद संग्राहकों को शहद संग्रहण किट वितरित की।कार्यक्रम में 13 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 27 लाख रुपये की चक्रिय निधि ऋण प्रदान किया गया। यह राशि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आजीविका मजबूत करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दी गई है।नक्सलमुक्त हो रहे अबूझमाड़ क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। इन समूहों को दोना-पत्तल निर्माण, महुआ पत्ता क्रय, फूलझाड़ू प्रसंस्करण, किराना एवं कैंटीन संचालन, गृह उद्योग स्थापना, मसाला निर्माण, लघु वनोपज प्रसंस्करण, बेकरी संचालन और होटल व्यवसाय जैसे आजीविका आधारित कार्यों के लिए सहायता दी गई है। इसके साथ ही ग्राम तेरदूल, बोगान, कोलियारी, पानीगांव, चियानार, रेंगाबेड़ा, केरलापाल और टेमरूगांव के 12 हितग्राहियों को शहद संग्रहण किट वितरित की गई, जिससे वे शहद संग्रहण के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, श्रीमती संध्या पवार सहित जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार और आसपास के लगभग 700 ग्रामीण उपस्थित रहे। यह पहल शासन की ग्रामीण आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और वनाधारित रोजगार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।











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