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- 0- सत्यापन अवधि में भी खातों में मिलती रहेगी राशिराजनांदगांव। शासन के निर्देशानुसार जिले में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ऑनलाइन ई-केवाईसी सत्यापन कार्य निरंतर जारी है। जिले में प्रतिदिन हजारों हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि जिले में लगभग 2 लाख 41 हजार हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन किया जाना है। अब तक लगभग 80 हजार से अधिक हितग्राहियों का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष लगभग 1 लाख 60 हजार हितग्राहियों का सत्यापन निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर किया जाएगा।उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी सत्यापन की अंतिम तिथि पहले 30 जून निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 30 जुलाई 2026 कर दिया गया है, ताकि सभी पात्र हितग्राही आसानी से अपना सत्यापन करा सकें। सत्यापन अवधि के दौरान भी योजना के पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि का अंतरण पूर्ववत जारी रहेगा। ई-केवाईसी प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए जिले में ऑपरेटर्स (वीएलई) की नियुक्ति की गई है। जिन क्षेत्रों में अभी ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं, वहां भी चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति की जा रही है। जिससे शहरी एवं ग्रामीण सभी क्षेत्रों के हितग्राहियों को सुविधा मिल सके। हितग्राहियों से 30 जुलाई 2026 के पूर्व अपने निकटतम शिविर स्थल पर पहुंचकर अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण कराने की अपील की गई है।--
- राजनांदगांव। शासन के निर्देशानुसार जिले में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक राजस्व पखवाड़ा अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर शिविर आयोजित कर नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में आयोजित राजस्व शिविरों में कुल 1623 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 912 प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर दिया गया है। शेष 711 आवेदनों के शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविरों में उपस्थित राजस्व अधिकारियों द्वारा नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित भूमि से जुड़े विभिन्न मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। जिला प्रशासन द्वारा आगामी चरणों में भी राजस्व पखवाड़ा आयोजित किए जाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत 4 मई से 18 मई 2026 तक एवं 1 जून से 15 जून 2026 तक पुन: शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा आगामी आयोजित शिविरों में पहुंचकर अपनी भूमि संबंधी समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्राप्त करने की अपील की गई है।--
- राजनांदगांव । पोषण अभियान के तहत जिले में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 16 अप्रैल को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 6 माह की आयु पूर्ण कर चुके 1426 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 माह की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों को चिन्हांकित कर उनके अभिभावकों को आमंत्रित किया गया। अभिभावकों को शिशुओं के लिए ऊपरी आहार प्रारंभ करने के महत्व की जानकारी दी गई तथा 6 माह की आयु पूर्ण होने पर बच्चों को पूरक आहार देने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर ऊपरी आहार की गुणवत्ता एवं विविधता पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही पोषक आहार से संबंधित व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिससे अभिभावकों को संतुलित आहार की जानकारी मिल सके। कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों को बच्चों के बेहतर पोषण हेतु शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समुदाय के सदस्य एवं बच्चों के अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।--
- 0- विशेष बस से एम्स रायपुर के लिए किया गया रवानाराजनांदगांव। अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत मोतियाबिंद मुक्त भारत अभियान के तहत डोंगरगांव विकासखंड के 17 वरिष्ठ नागरिकों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए उनके परिजनों के साथ विशेष बस से एम्स हास्पिटल (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) रायपुर के लिए रवाना किया गया। एम्स हॉस्पिटल में विषय विशेषज्ञों द्वारा जांच उपरान्त वरिष्ठ नागरिकों का नि:शुल्क मोतियाबिंद आपरेशन किया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लेंस एम्स हास्पिटल में विशेष मेडिकल टीम की निगरानी में आपरेशन किया जाएगा।उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने बताया कि अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत मोतियाबिंद मुक्त भारत अभियान के तहत जिले को 100 वयो वृद्धजनों के मोतियाबिन्द आपरेशन कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके तहत जिले के सभी विकास खण्डों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 60 वर्ष व 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों का कुशल नेत्र सहायकों द्वारा नेत्र परीक्षण कराया गया। प्रथम चरण में 25 वरिष्ठ नागरिकों का एम्स रायपुर में परीक्षण उपरान्त सफल आपरेशन किया गया है।
- राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अवमानक एवं मिथ्याछाप खाद्य पदार्थों के विरूद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी श्री सीएल मार्कण्डेय ने ग्राम जोरातराई निवासी भंवरलाल चौधरी, दीपक नगर जिला दुर्ग निवासी राम जुमनानी एवं गुरूमुख जुमनानी द्वारा अवमानक एवं मिथ्याछाप पान मसाला निर्माण करने पर 1 लाख 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई के कोपेडीह मार्ग स्थित पान मसाला निर्माण इकाई का निरीक्षण कर पान मसाला एवं अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूने लिए गए, जिनमें अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान पान मसाला (खुला), कत्था पाउडर (खुला), तंबाकू, भूनी हुई सुपाडी, ठण्डाई, एलपी प्लस एसेंस खुला, लाइम पाउडर पैक्ड, केसर युक्त सितार, माणिकचंद, प्रीमियम वजीर गोल्ड पान मसाला पदार्थ सहित अन्य सामग्री के नमूने संदेह के आधार पर एकत्रित कर राज्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए थे।प्रयोगशाला जांच में उक्त नमूने अवमानक एवं मिथ्याछाप पाए गए। जिसका जांच प्रकरण तैयार कर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी श्री सीएल मार्कण्डेय द्वारा प्रकरण की सुनवाई के पश्चात संबंधित संचालक ग्राम जोरातराई निवासी भंवरलाल चौधरी, दीपक नगर जिला दुर्ग निवासी राम जुमनानी एवं गुरूमुख जुमनानी को दोषी पाते हुए कुल 1 लाख 25 हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
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बिलासपुर. मस्तूरी विकासखंड के गतौरा एवं एरमसाही समितियों में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्यवाही पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है और किसी प्रकार के फर्जीवाड़े की पुष्टि नहीं हुई है।
जिला खाद्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बिलासपुर जिले में कुल 676325 मीट्रिक टन धान उपार्जन किया गया है। इनमें से 676110 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। धान खरीदी और उठाव में केवल 215 क्विंटल का अंतर है। गतौरा एवं एरमसाही समितियों में धान के संबंध में प्राप्त शिकायतों की जांच के उपरांत संबंधित दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही समितियों में लेखा-मिलान का कार्य प्रगति पर है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 2100 क्विंटल धान उठाव लंबित होने की खबर भ्रामक है, जबकि वास्तविकता में केवल लगभग 215 क्विंटल धान का उठाव शेष है। लेखा-मिलान के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित समिति की कमीशन राशि से उसकी वसूली की जाएगी, जिससे शासन को किसी प्रकार की आर्थिक हानि नहीं होगी। खाद्य प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे जिले में धान खरीदी एवं उठाव कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से संचालित किया गया है तथा किसी प्रकार के फर्जीवाड़े की स्थिति नहीं है। सभी मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सतत रूप से जारी है।-- - 0- 1 मई से 10 जून तक लगेंगे जन समस्या निवारण शिविर0- गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर कलेक्टर ने दिया जोर0- सुशासन तिहार को सफल बनाने जुटा प्रशासनबिलासपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप “सुशासन तिहार” के तहत 1 मई से 10 जून 2026 के बीच आयोजित होने वाले जन समस्या निवारण शिविरों की तैयारी को लेकर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। भूमि संबंधी प्रकरण, मनरेगा अंतर्गत लंबित भुगतान, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, आय जाति और निवास प्रमाण पत्र, बिजली, ट्रांसफार्मर एवं पेयजल से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जानकारी दी कि निर्धारित अवधि में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदान की जाए। साथ ही, विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रति व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि अभियान के दौरान नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का मैदानी स्तर पर निरीक्षण कर फीडबैक लिया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक सुशासन तिहार की जानकारी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में संचालित करते हुए आमजन को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।--
- 0- 200 वर्ष पुरानी प्राचीन जैन चित्र लिपि का हुआ संग्रहण0- सारंगढ़ रियासत एवं कल्चुरी शासन की पाण्डुलिपियां भी हुई प्राप्तरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आह्वान पर जिले में “ज्ञानभारतम् मिशन” के अंतर्गत दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियों, हस्तलिपियों, ताम्रपत्र, ताड़पत्र एवं हस्तलिखित ग्रंथों का संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण किया जा रहा है, जिससे देश के समृद्ध संास्कृतिक विरासत कोे सुरक्षित रखा जा सके। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जैन धर्म के अमूल्य ऐतिहासिक पाण्डुलिपियां एकत्र की गई हैं और इनका ज्ञानभारतम् पोर्टल में संग्रहण किया गया है।नालंदा लाईब्रेरी की लाईब्रेरियन श्रीमती मंजला जैन ने रायपुर के चूड़ीलाइन निवासी श्री अजय गंगवाल से पाण्डुलिपि प्राप्त की। श्री गंगवाल सन् 1915 में स्थापित श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर के अध्यक्ष हैं। उनके संरक्षण में मंदिर परिसर में राजस्थानी शैली में निर्मित लगभग 200 वर्ष प्राचीन 21 दुर्लभ चित्र लिपियाँ व पांडुलिपियाँ रखी हुई थी जो जैन धर्म की संस्कृति, अनुष्ठानों से संबंधित हैं। इनका संग्रहण कर लिया गया है।इसी तरह डॉ एस एल कोका के संरक्षण में अंगेजी में लेखक महादेव लाल बारगाह की मूल लिखित पांडुलिपि प्राप्त हुई है जिसमें सारंगढ़ रियासत, शासनकाल की प्रमुख घटनाओं का वर्णन 100 पृष्ठों में लिखा गया है। इतिहासकार श्री रमेन्द्र नाथ मिश्र से ओड़िया लिपि में ओड़िया भाषा के 15 दुर्लभ ताड़पत्र जिनके क़रीब 6000 पृष्ठ हैं प्राप्त हुए हैं जो संबलपुर, सारंगढ़, रायगढ़ आदि जमींदारी गांवों से प्राप्त हुए हैं जिसमें धार्मिक, आयुर्वेदिक, ज्योतिषी आदि का उल्लेख है। श्री मिश्र से ही कलचूरी शासन के अंतिम शासक राजा अमर सिंह देव द्वारा सन् 1735 में देवनागरी लिपि में लिखा दुर्लभ ताम्रपत्र प्राप्त हुआ है। इनका भी संग्रहण कर लिया गया है।--
- 0- अब तक 95 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 खिलोरा में 129 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र बरभाठा एवं नरियारा में 156 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र माना बस्ती में 97 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1,2 एवं 3 किरना में 105 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र कैलाशपुरी एवं कुकरीपारा में 147 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र रायपुरा में 127 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 761 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 95 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- 0- अब तक 4400 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 264 बैचों में 4470 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 52 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।--
- 0- शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत कोर्टयार्ड होटल लाभांडी में आज 30 स्टाफ को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार संचालित प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत 16 जुलाई 2025 से अब तक 18,628 लोगों को 215 बैच के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है ।--
- 0- ग्राम सभाओं में जल संरक्षण एवं आय बढ़ाने के उपायों की दी गई जानकारीरायपुर. जनपद पंचायत आरंग अंतर्गत 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के तहत ‘नवा तरिया आय के जरिया’ योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।ग्राम सभाओं के दौरान ग्रामीणजनों को नए तालाब (नवा तरिया) निर्माण से होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिक से अधिक संख्या में तालाब निर्माण हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।उच्च कार्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार जनपद पंचायत आरंग के 16 ग्राम पंचायतों में 20 नवा तरिया (नए तालाब) निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही अन्य ग्राम पंचायतों से भी प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं, जिन्हें शीघ्र ही प्रशासकीय स्वीकृति हेतु अग्रेषित किया जाएगा।यह कार्य विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G के माध्यम से कराया जा रहा है। योजना के तहत नवा तरिया निर्माण से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा भू-जल स्तर में सुधार आएगा।नवनिर्मित तालाबों में मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय युवाओं की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही तालाबों के आसपास उन्नत कृषि एवं सिंचाई की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे रबी फसलों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी।तालाब के मेढ़ों पर फलदार वृक्ष जैसे कटहल, मुनगा, पपीता, नींबू एवं आम के पौधों का रोपण किया जाएगा तथा ‘बाड़ी’ विकास के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।यह समग्र कार्य अभिसरण के तहत कृषि, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन के नेतृत्व में यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।--
- भिलाईनगर। संभाग आयुक्त सत्य नारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुव्यवस्थित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान कोसा नाला, राधिका नगर रिक्त भूखण्ड, सब्जी मंडी एवं खेल परिसर का बारीकी से अवलोकन किया गया।राधिका नगर स्थित कोसा नाला में रिटर्निंग वाल निर्माण का संयुक्त निरीक्षण किया। नाले में बहते पानी के साथ जलकुंभी पाए जाने पर बरसात से पूर्व इसकी सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा के समय जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। आकाश गंगा सब्जी मंडी में बढ़ती भीड़ और पार्किंग समस्या को देखते हुए सुपेला थाना के पीछे स्थित रिक्त भूमि का भी अवलोकन किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू तरीके से बनाए रखने के लिए सब्जी मंडी को उक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। सब्जी मंडी निरीक्षण के दौरान व्यापारियों की समस्याएं भी सुनी गईं। इसके अलावा प्रियदर्शिनी परिसर स्थित खेल परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया गया तथा कार्य को निर्धारित ले-आउट के अनुसार ही कराने के निर्देश दिए गए।साथ ही रेलवे लाइन के किनारे प्रस्तावित सड़क निर्माण स्थल का भी अवलोकन कर कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। निगम प्रशासन द्वारा शहर में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी महेश राजपूत, तहसीलदार डीकेश्वर साहू, उपायुक्त डी. के. कोसरिया, जोन आयुक्त अजय राजपूत, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू, दौलत चंद्राकर, अंकित सक्सेना, राजस्व निरीक्षक, पटवारी सहित अन्य उपस्थित रहे।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के ज़ोन क्रमांक 1, वार्ड क्रमांक 1 जुनवानी से खमरिया तक नहर की व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नहर से निकले कचरे को जेसीबी एवं डंपर के माध्यम से व्यवस्थित रूप से उठाया जा रहा है।निगम प्रशासन द्वारा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और गंदगी के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं से नागरिकों को राहत मिल सके। नहर की सफाई से आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता का वातावरण भी सुनिश्चित हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नियमित रूप से इस प्रकार के सफाई कार्य कराए जाएंगे, ताकि शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे नालों एवं नहरों में कचरा न डालें और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।--
- महासमुंद. जिले में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं महासमुंद द्वारा पशुपालक कृषकों के लिए समसामयिक सलाह जारी की गई है। वर्तमान में तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है और तेज गर्म हवाएं (लू) चल रही हैं, जिससे पशुओं के बीमार होने की संभावना बढ़ गई है।उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में पशुओं को लू लगने का खतरा अधिक रहता है। इसके प्रमुख लक्षणों में आहार लेने में अरुचि, तेज बुखार, सांस का तेज चलना (हांफना), नाक से स्राव, आंखों से पानी आना, आंखों का लाल होना, पतला दस्त तथा शरीर में पानी की कमी के कारण लड़खड़ाकर गिरना शामिल हैं। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक छायादार एवं ठंडे स्थान (कोठे) में रखें। कोठे को खुला न छोड़कर टाट या बोरे से ढककर रखें तथा उस पर समय-समय पर पानी का छिड़काव कर वातावरण को ठंडा बनाए रखें, ताकि गर्म हवाओं के प्रभाव से बचाव हो सके।पशुओं को पर्याप्त मात्रा में संतुलित एवं पौष्टिक आहार देने के साथ-साथ हमेशा स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना आवश्यक है। गर्मी के दौरान ठोस आहार की बजाय तरल एवं नरम आहार देना अधिक लाभकारी होता है। साथ ही विवाह या अन्य आयोजनों से बचे बासी भोजन को पशुओं को खिलाने से बचने की सलाह दी गई है। कोठे की नियमित साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है। नवजात बछड़ों एवं बछियों की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता बताई गई है। संकर नस्ल एवं भैंस प्रजाति के पशुओं को पानी की उपलब्धता के अनुसार दिन में कम से कम एक बार नहलाने की सलाह दी गई है। यदि कोई पशु असामान्य व्यवहार करता दिखाई दे, तो तत्काल निकटतम पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क कर उपचार कराना चाहिए। इसके अलावा ग्रीष्म ऋतु में पशुओं से संचालित वाहनों (जैसे बैलगाड़ी आदि) के उपयोग पर भी दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक प्रतिबंध रखने हेतु जनजागरूकता बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि पशुओं को अत्यधिक गर्मी से बचाया जा सके।--
- महासमुंद. कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के आदेश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा मेसर्स करणी कृपा पॉवर प्राईवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी श्री रामकुमार ध्रुव, श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग श्री डी०एन० पात्र, मुख्य रसायनज्ञ श्रीमती नीलिमा सोनकर एवं केमिस्ट पर्यावरण विभाग श्री जितेन्द्र सिंग, श्रम उप निरीक्षक श्रम विभाग श्री बेलारसन बघेल उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग की जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई। प्रबंधक को प्लांट के वाहनों को नेशनल हाईवे में सही दिशा में चलने तथा गलत दिशा में न चलने की हिदायत दी गई। पर्यावरण विभाग की जांच में प्लांट परिसर में ई.एस.पी. डस्ट का अत्यधिक मात्रा में भण्डारण होना पाया गया, उक्त डस्ट के उचित निस्तारण हेतु उद्योग प्रबंधन को निर्देशित किया गया। श्रम विभाग द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। फैक्ट्री रोल में 40 कुशल एवं 05 अतिकुशल इस प्रकार कुल 45 कर्मचारी अन्य प्रदेशों के पाए गए तथा 30 अकुशल, 80 अर्धकुशल, 150 कुशल, 50 अतिकुशल कुल 310 कर्मचारी स्थानीय निवासी नियोजित पाए गए एवं ठेकेदारों के नियोजन में 20 कुशल, 15 अतिकुशल कुल 35 कर्मचारी अन्य प्रदेशों के पाये गये तथा 150 अकुशल, 50 अर्धकुशल, 40 कुशल, 10 अतिकुशल कुल 250 कर्मचारी स्थानीय निवासी नियोजित पाए गए। जांच में कर्मचारियों से संबंधित रिकार्ड समक्ष में प्रस्तुत नहीं किया गया। ठेकेदारों द्वारा ओवर टाईम लिया जाना पाया गया। ओवर टाईम से संबंधित रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। ठेकेदारों द्वारा अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अन्तर्गत वांछित जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई। इस संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। आंतरिक परिवाद समिति का गठन कराया जाना पाया गया।
- 0- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 9 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत के 154 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन0- 15 स्थानों पर वर्चुअल जुड़कर 59 ग्राम पंचायतों को दी विकास कार्यों की सौगातराजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शुक्रवार को रायपुर स्थित विधानसभा निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के 15 विभिन्न स्थानों पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 59 ग्राम पंचायतों में 9 करोड़ 78 लाख 20 हजार रूपए की लागत से 154 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ग्राम पंचायत रानीतराई में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि एक साथ कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की शुरूआत होना क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणजनों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शासन द्वारा ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी शीघ्र ही सभी ग्रामों का दौरा कर विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन करेंगे तथा नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने बताया कि ग्राम अचानकपुर-भाटापारा, नवागांव एवं गठुला में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों का लोकार्पण किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, डिजिटल सेवाएं एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढऩे से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना पोर्टल पर डिजिटल जनगणना प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग करें, ताकि कोई भी व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रारंभ किए जा रहे सुशासन तिहार 2026 अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से 10 जून 2026 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। इन शिविरों में राजस्व प्रकरण, नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, मनरेगा भुगतान, विद्युत एवं पेयजल संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न योजनाओं के लंबित मामलों का मौके पर समाधान किया जाएगा।पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के पंचायतों में लगभग 10 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सड़कों के निर्माण, पेयजल समस्या के समाधान और हर घर नल से जल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील किया कि वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज के लिए सामूहिक प्रयास करें, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना से गरीब परिवारों के पक्के घर बनाने का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में किसानों की सुविधा के लिए नए धान खरीदी केंद्र और सहकारी समितियां खोली गई हैं, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ी है। साथ ही अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर राजस्व, बिजली, प्रमाण पत्र एवं अन्य लंबित मामलों के त्वरित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 का कार्य शुरू होने वाला है। उन्होंने जनगणना कार्य में सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए सभी का सहभागी बनना आवश्यक है। कार्यक्रम को ग्राम पंचायत रानीतराई सरपंच श्रीमती चमेली साहू, ग्राम पंचायत उसरीबोर्ड सरपंच श्रीमती मनीषा साहू, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत भर्रेगांव से महापौर श्री मधुसूदन यादव, ग्राम पंचायत सुकुलदैहान से अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, ग्राम पंचायत फुलझर से अध्यक्ष श्रम कल्याण बोर्ड श्री योगेश दत्त मिश्रा, ग्राम पंचायत जंगलेसर से अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, ग्राम पंचायत ठाकुरटोला से श्री खूबचंद पारख, ग्राम पंचायत डीलापहरी से अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मार्यादित राजनांदगांव श्री सचिन बघेल, ग्राम पंचायत टेड़ेसरा से विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, ग्राम पंचायत सिंघोला से सभापति जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी साहू एवं सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती खुशबू साहू, ग्राम पंचायत खुटेरी से पूर्व अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्री रमेश पटेल एवं जनपद सदस्य श्री दुर्गेश साहू, ग्राम पंचायत फरहद से श्री विवेक साहू एवं जनपद सदस्य श्रीमती पुष्पा उईके, ग्राम पंचायत अचानकपुर भांठापारा से श्री कोमल सिंह राजपूत एवं सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती पूर्णिमा साहू, ग्राम पंचायत भोथीपार खुर्द से श्री सौरभ कोठारी एवं श्री डिकेश साहू, ग्राम पंचायत मनकी से श्रीमती पुष्पा गायकवाड़ एवं श्री रमेश चंद्राकर, ग्राम पंचायत सुरगी से श्री लीलाधर साहू एवं आनंद साहू, सदस्य जनपद पंचायत श्री राजेन्द्र ठाकुर, श्री विरेन्द्र साव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे।--
- 0-जवाहर नगर हाउसिंग बोर्ड के प्रधानमंत्री आवास कॉलोनी में सर्वे के साथ दी गई स्वास्थ्य शिक्षाभिलाईनगर। नगर पालिक निगम क्षेत्र में वर्तमान में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आयुक्त के निर्देशानुसार, निगम द्वारा गठित विशेष दस्ता और जिला मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम द्वारा निरंतर वार्डों में भ्रमण कर नागरिकों को लू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड-25, जवाहर नगर हाउसिंग बोर्ड स्थित प्रधानमंत्री आवासीय कॉलोनी में सघन सर्वेलेंस और सर्वेक्षण कार्य किया गया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर नागरिकों को गर्मी से बचाव हेतु स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की और जागरूकता पाम्पलेट वितरित किए। नागरिकों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया है।सर्वेक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने नागरिकों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी गई। दोपहर के समय जब तक बहुत अनिवार्य न हो, घर से बाहर न निकलें। धूप में निकलते समय सिर और कानों को कपड़े से ढंककर रखें। पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। आहार में पानी से भरपूर फल जैसे खरबूजा, खीरा और ककड़ी को शामिल करें। शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए नींबू पानी, शिकंजी, लस्सी, और छाछ जैसे तरल पदार्थों का नियमित सेवन करें।अब तक 400 से अधिक घरों में संपर्क किया गया है। निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विगत एक सप्ताह (10/04/2026 से 17/04/2026) में व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है।
- बालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के 2949 अपूर्ण निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से जनपद पंचायत गुण्डरदेही में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय सघन संपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हितग्राहियों से सीधे संपर्क कर आवास निर्माण में आ रही समस्याओं का त्वरित निराकरण करना तथा उन्हें शीघ्र आवास पूर्ण करने हेतु प्रेरित करना है। अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं जनपद स्तर के नियुक्त ग्रामवार नोडल अधिकारियों के द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में संबंधित हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया गया तथा उन्हें शेष कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।इस दौरान प्रत्येक अधिकारियों ने लगभग 25-30 आवासों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों से संवाद स्थापित किया एवं उनकी समस्याओं जैसे सामाग्री की उपलब्धता, मजदूरी, तकनीकी मार्गदर्शन आदि को गंभीरता से सुना, साथ ही समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु संबधित विभागों से समन्वय स्थापित किया गया। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को यह बताया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी आवासों को समय-सीमा में पूर्ण करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्हें रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अभियान के माध्यम से न केवल आवास निर्माण की गति में तेजी लाने का प्रयास किया गया, बल्कि हितग्राहियों में योजना के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता भी बढ़ाई गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी हितग्राहियों को शीघ्र आवास निर्माण पूरा कराने के लिए सक्रिय सहभागिता निभाई गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत गुण्डरदेही अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य सहित प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- बालोद. कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आदेश जारी कर जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया है। जारी आदेश में बताया गया है कि जनगणना 2027 के कार्य को सुचारू एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने हेतु जिले में जनगणना कार्य के लिए नियोजित सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया जाता है। प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण किये जाने हेतु 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक समय-सीमा निर्धारित है।जिले में जनगणना कार्य में लगे किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को कलेक्टर के पूर्वानुमोदन के बिना अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं। विशेष परिस्थतियों में जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश आवेदन प्रस्तुति उपरांत अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। पूर्व में कार्यालय प्रमुख द्वारा स्वीकृत अवकाश के प्रकरणों में जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश हेतु पुनः आवेदन प्रस्तुत कर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी से अनुमोदन लिया जाना अनिवार्य होगा, अन्यथा की स्थिति में अवकाश स्वीकृति मान्य नहीं होगी। समस्त कार्यालय प्रमुख की व्यक्तिशः जिम्मेदारी होगी कि वे आदेश का पालन करें। उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- 0- श्रमिकों का किया जाएगा पंजीयन एवं नवीनीकरणबालोद. जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग द्वारा जिले के श्रमिकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु श्रमिक सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन 24 अप्रैल को किया जाएगा। जिला श्रम पदाधिकारी ने बताया कि बालाजी रिसार्ट, तांदुला पुल के समीप 24 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान छत्तीगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिकों को डीबीटी केे माध्यम से लगभग 06 हजार श्रमिकों को विभिन्न योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसके अलावा अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को योजना अंतर्गत चेक वितरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रमिकों के लिए भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।
- 0- प्लेसमेंट कैम्प 20 अप्रैल कोमहासमुंद. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 20 अप्रैल 2026 को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह कैम्प मचेवा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित रोजगार कार्यालय परिसर में प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 2ः00 बजे तक आयोजित होगा।जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र की कंपनी छप्प्ज् लिमिटेड द्वारा बैंकिंग सेक्टर में असिस्टेंट मैनेजर के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 22,000 रुपये से 36,000 रुपये प्रतिमाह तक वेतनमान दिया जाएगा। आवेदकों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। कैम्प में शामिल होने के लिए आवेदकों का रोजगार विभाग के पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है। इच्छुक अभ्यर्थी https://erojgar.cg.gov.in/MainSite/JobSeeker/Registration WithAdhar-aspÛ या रोजगार विभाग के मोबाइल एप के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं। बिना ऑनलाइन पंजीयन के अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं स्थान पर अपनी शैक्षणिक योग्यता की छायाप्रति के साथ उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
- 0- ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य अंतर्गत ग्राम ठेकवाडीह में सर्वेबालोद. ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम ठेकवाडीह में सर्वेक्षण के दौरान डॉ. प्रकाश पतंगीवार के पास अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान ग्राम ठेकवाडीह निवासी डॉ. प्रकाश पतंगीवार ने प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां और दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन दस्तावेजों में गोंड शासकों की विस्तृत वंशावली से लेकर ब्रिटिश शासन काल के महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने समृद्ध इतिहास से रूबरू हो सकें।
- 0- कलेक्टर एवं अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर प्रस्तावित कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा कीबालोद. मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित ग्रामों के निवासियों को जिला खनिज न्यास संस्थान निधि के राशि का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विलेज एक्शन प्लान तैयार कर इसे ग्राम सभा में अनुमोदन कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील आज संबंधित जिलों के कलेक्टरों एवं प्रभारी अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव ने अपने-अपने जिले के प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज न्यास संस्थान निधि के उपयोग हेतु प्रस्तावित कार्य योजना की भी विस्तृत समीक्षा की। इस मौके पर खनिज सचिव श्री पी दयानंद, खनिज विभाग के संचालक श्री रजत बंसल एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सभी जिला कलेक्टरों को विलेज एक्शन प्लान में प्रभावित क्षेत्रों के हितग्राहियों को शासन के विभिन्न 31 जन कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने के अलावा इन ग्रामों में 14 बुनियादी आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए विलेज सैचुरेशन मॉडल पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन के 10 विशेष प्राथमिकता वाले योजनाओं और 14 आधारभूत अधोसनसर्चना के कार्य जिला खनिज निधि की प्राथमिकता के आधार पर ही ग्रामवार वार्षिक कार्य योजना तैयार कर जिला के योजना तैयार की जाए तथा 15 मई तक इसे अंतिम रूप से वेबसाइट पर प्रकाशित कराएं और उसके अनुसार ही कार्य करें।मुख्य सचिव ने इसके आधार पर ही जिला खनिज न्यास संस्थान से कार्य की स्वीकृति एवं उनका समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक कार्य योजना में सूचीबद्ध कार्यों के लिए ही राशि स्वीकृत करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार से परिवर्तन एवं संशोधन बिल्कुल भी न की जाए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत बालोद जिले को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न जन कल्याणकारी कार्यों के संपादन हेतु प्रस्तावित कार्य योजना के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वर्चुअल बैठक के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- भिलाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 109 एवं अहिवारा में 40 घरों का किया भ्रमणदुर्ग. वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए भिलाई नगर में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में श्री विजय सेजुले, सुपरवाईजर, श्री हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दानी से प्राप्त जानकारी अनुसार आज प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 109 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें कोई भी पीलिया से ग्रसित नए मरीज़ नही मिले। उक्त संक्रमित क्षेत्र में पूर्व के कुल 37 पीलिया के मरीज है। जिनमें से 02 पुराने मरीज श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस, भिलाई में उपचाररत है तथा 01 पुराना जिला चिकित्सालय का मरीज़ डिस्चार्ज हुए, इस प्रकार कुल भर्ती मरीज 02 है। उक्त प्रभावित क्षेत्र में नगर निगम भिलाई की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा लक्षणयुक्त मरीजांे की (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य आतिआवश्यक जाचं की जा रही है, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।इसी प्रकार विकासखण्ड धमधा अंतर्गत 16 अप्रैल को वार्ड नं-05,06,07 अहिवारा में पीलिया की मरीजों की जानकारी होने पर 17 अप्रैल को डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार डॉ.सी.बी.एस.बंजारे जिला सर्वेलेंस अधिकारी दुर्ग, रितिका सोनवानी जिला महामारी विशेषज्ञ जिला दुर्ग, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना अग्रवाल एवं विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती रिचा मेश्राम श्री गोविंद सिंह उद्दे बी.ई.टी.ओ. के द्वारा एवं बलराम वर्मा सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ 40 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें कोई भी नये पीलिया से ग्रसित मरीज नही मिले। इस प्रकार उक्त संक्रमित क्षेत्र में 04 अप्रैल से आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 तक कुल 12 पीलिया के मरीज है। जिसमें से आज दिनांक तक कुल 06 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किये गए। इस प्रकार वर्तमान में उक्त प्रभावित क्षेत्र से कुल 03 मरीज (02 सामु.स्वा. केन्द्र अहिवारा व 01 श्री शंकराचार्य कॉलेज जुनवानी दुर्ग) में उपचार ले रहे है। वर्तमान में जिनकी स्थिति सामान्य है। आज प्रभावित क्षेत्र से कुल 07 पानी जॉच हेतु सैम्पल चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचान्दुर दुर्ग भेजा गया एवं नगर पालिका अहिवारा द्वारा पाईप लाईन की मरम्मत की जा रही है व आवश्यकतानुसार लक्षण युक्त मरीजों का (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य अति आवश्यक जांच की जा रही है, वर्तमान में स्थिति पूर्णता नियंत्रण में है।पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ उपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना है।--






















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