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- नयी दिल्ली. अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने उस वीडियो को लेकर नाराजगी जताई है, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने आमिर खान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री 'क्लिकबेट' के अलावा और कुछ नहीं है। 'क्लिकबेट' एक ऐसा भ्रामक या सनसनीखेज शीर्षक होता है जो व्यक्ति का ध्यान खींचने के लिए बनाया जाता है। इंटरनेट पर साझा किए गए इस वीडियो में अभिनेत्री अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकलती दिख रही हैं और फोटोग्राफरों से रास्ता पूछते हुए कह रही हैं, "कहां जाना है?" इसके बाद वह आमिर खान को देखे बिना उनके पास से गुजर जाती हैं। वीडियो का शीर्षक था, "प्रीति जिंटा ने आमिर खान को नजरअंदाज कर दिया।" अभिनेत्री ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने आमिर को देखा ही नहीं था।उन्होंने लिखा, "इस तरह की 'क्लिकबेट' सामग्री बिल्कुल सही नहीं है। मैंने आमिर को नहीं देखा क्योंकि मैं अंदर शूट करने की जल्दबाजी में थी और फिर 'बंटवारा 1947' के प्रचार के लिए भी मुझे जाना था। अगर आपका इरादा किसी भी तरह की नकारात्मकता को बढ़ावा देना है, तो अगली बार मुझसे यह उम्मीद न रखें कि मैं रुककर तस्वीरें खिंचवाऊंगी। मेरे मन में आमिर के लिए बहुत प्यार और सम्मान है, इसलिए इस तरह की बात करना बिल्कुल उचित नहीं है।" प्रीति जल्द ही फिल्म 'बंटवारा 1947' में नजर आने वाली हैं। राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित इस फिल्म का निर्माण खान के प्रोडक्शन बैनर 'आमिर खान प्रोडक्शंस' के तहत किया गया है। फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।
- नयी दिल्ली। अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि वह फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रही हैं। इस फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और इसमें हुमा, यश के साथ एलिजाबेथ की भूमिका में नजर आयेंगी। कुरैशी ने कहा कि उनसे फिल्म को लेकर लगातार कई सवाल पूछे जा रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, "मैं जहां भी जाती हूं और पिछले एक साल में मीडिया और प्रेस के जितने भी लोगों से मिली हूं, हर कोई मुझसे हर समय सिर्फ एक ही बात पूछता है और वह है 'टॉक्सिक'। मैं कुछ कहूं या न कहूं, मुझे लगता है कि आप लोग बस इसे वायरल कर देते हैं। यही इस फिल्म की ताकत है।" फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया समेत कई अन्य कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म की कहानी 1940 के दशक की शुरुआत से लेकर 1970 के दशक के बीच गोवा में घटित होती है। इसमें 'केजीएफ' के अभिनेता यश, गैंगस्टर राया की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का निर्माण केवीएन प्रोडक्शंस और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस ने किया है। इसकी शूटिंग कन्नड़ और अंग्रेजी में की गई है और इसे हिंदी, तमिल तथा तेलुगु में अनूदित संस्करण भी रिलीज किए जाएंगे।
- नयी दिल्ली। अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने उस वीडियो को लेकर नाराजगी जताई है, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने आमिर खान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री 'क्लिकबेट' के अलावा और कुछ नहीं है। 'क्लिकबेट' एक ऐसा भ्रामक या सनसनीखेज शीर्षक होता है जो व्यक्ति का ध्यान खींचने के लिए बनाया जाता है। इंटरनेट पर साझा किए गए इस वीडियो में अभिनेत्री अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकलती दिख रही हैं और फोटोग्राफरों से रास्ता पूछते हुए कह रही हैं, "कहां जाना है?" इसके बाद वह आमिर खान को देखे बिना उनके पास से गुजर जाती हैं। वीडियो का शीर्षक था, "प्रीति जिंटा ने आमिर खान को नजरअंदाज कर दिया।" अभिनेत्री ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने आमिर को देखा ही नहीं था। उन्होंने लिखा, "इस तरह की 'क्लिकबेट' सामग्री बिल्कुल सही नहीं है। मैंने आमिर को नहीं देखा क्योंकि मैं अंदर शूट करने की जल्दबाजी में थी और फिर 'बंटवारा 1947' के प्रचार के लिए भी मुझे जाना था। अगर आपका इरादा किसी भी तरह की नकारात्मकता को बढ़ावा देना है, तो अगली बार मुझसे यह उम्मीद न रखें कि मैं रुककर तस्वीरें खिंचवाऊंगी। मेरे मन में आमिर के लिए बहुत प्यार और सम्मान है, इसलिए इस तरह की बात करना बिल्कुल उचित नहीं है।" प्रीति जल्द ही फिल्म 'बंटवारा 1947' में नजर आने वाली हैं। राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित इस फिल्म का निर्माण खान के प्रोडक्शन बैनर 'आमिर खान प्रोडक्शंस' के तहत किया गया है। फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।
- नयी दिल्ली. दिग्गज अभिनेता दिवंगत धर्मेंद्र को समर्पित भव्य संगीत कार्यक्रम 'प्यार ही प्यार बेशुमार' 21 अगस्त को मुंबई में आयोजित किया जाएगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्यक्रम मुंबई के बांद्रा पश्चिम स्थित सेंट एंड्रयूज ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, इसमें अभिनेता की अविस्मरणीय सिनेमाई विरासत को याद किया जाएगा। इस कार्यक्रम की परिकल्पना और आयोजन 'बिगटाइम एंटरटेनमेंट' के संस्थापक पंकज रैना ने किया है। रैना निर्माता और अभिनेता भी हैं। कार्यक्रम का शीर्षक 'प्यार ही प्यार बेशुमार' धर्मेंद्र के प्रति कई पीढ़ियों के दर्शकों के अपार स्नेह को दर्शाता है। धर्मेंद्र का आयु संबंधी समस्याओं के कारण 24 नवंबर, 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
- लखनऊ। मशहूर सिने अभिनेता सनी देओल ने कहा कि उनकी जल्द आने वाली फिल्म 'बंटवारा 1947' दर्शकों को यह एहसास कराएगी कि इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बंटवारे की मानवीय भावनाओं को महसूस करने के लिए इसे जरूर देखें। सनी देओल अपने बेटे करण देओल और अभिनेत्री प्रीति जिंटा के साथ शुक्रवार को लखनऊ में अपनी फिल्म का प्रमोशन करने पहुंचे थे। यह फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होने वाली है। आमिर खान प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित यह फिल्म हिंदी के मशहूर साहित्यकार प्रोफेसर असगर वजाहत के नाटक 'जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई' पर आधारित है। 'जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई' मतलब है 'जिसने लाहौर नहीं देखा, उसने मानो जन्म ही नहीं लिया यानी उसने कुछ नहीं देखा'। यह साफ करते हुए कि यह फिल्म उनकी 2001 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' से अलग है, जो भारत-पाकिस्तान के रिश्तों और बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी थी।देओल ने कहा कि पिछली फिल्म मुख्य रूप से एक प्रेम कहानी थी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान देओल ने कहा, '' फिल्म 'गदर' बंटवारे के समय की एक खूबसूरत प्रेम कहानी थी, लेकिन वह पूरी तरह से एक प्रेम कहानी थी। 'बंटवारा 1947' उपन्यास 'जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई' पर आधारित है, जिसे राजकुमार संतोषी ने फिल्म के लिए रूपांतरित किया है।'' उन्होंने कहा, "अगर आपको ट्रेलर पसंद आया, तो मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि आपको फिल्म भी पसंद आएगी।" संतोषी के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए देओल ने कहा कि उनका साथ "घायल" से शुरू हुआ और "दामिनी" और "घातक" तक जारी रहा। ये सभी 1990 के दशक की सफल फ़िल्में थीं। उन्होंने कहा, "राजकुमार संतोषी और मैंने साथ में बहुत अच्छा काम किया है। हमारा सफ़र 'घायल' से शुरू हुआ, जिसके बाद 'दामिनी' और फिर 'घातक' बनी। इन्हीं तीन फिल्मों की वजह से हम आज भी साथ हैं और इसलिए हम चौथी फिल्म साथ कर पा रहे हैं।'' देओल ने कहा कि उनकी पिछली सभी फिल्मों में अलग-अलग किरदार और कहानियां थीं, और 'बंटवारा 1947' भी इसी तरह की एक अलग कहानी है। उन्होंने कहा, ''यह एक ऐसी फिल्म है जिसे सभी बच्चों और आज के युवाओं को देखना चाहिए। उन्हें पता चलेगा कि बंटवारे के दौरान परिवारों के साथ क्या हुआ था, उस समय जब लोगों को यह भी समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हो रहा है। इस फिल्म को देखने के बाद, आपको यकीन हो जाएगा कि इस दुनिया में इंसानियत से बढ़कर कुछ भी नहीं है।''आठ साल के अंतराल के बाद फिल्मों में वापसी कर रहीं प्रीति जिंटा ने कहा कि 'बंटवारा 1947' उनकी 2004 की सफल फिल्म 'वीर-जारा' से अलग है, भले ही दोनों में भारत-पाकिस्तान का विषय शामिल है। उन्होंने कहा, ''वह फिल्म एक प्रेम कहानी पर आधारित थी और यह एक पारिवारिक फिल्म है, जो एक परिवार की कहानी पर आधारित है।'' जिंटा ने कहा कि फिल्मों में वापसी करना एक "बहुत सुखद अनुभव" रहा, खासकर इसलिए क्योंकि वह फिर से देओल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि फिल्म पर काम करते हुए उन्हें "घर जैसा" महसूस हुआ और बीच के सालों में उन्होंने अपनी जिंदगी के दूसरे पहलुओं पर ध्यान दिया, जिसमें उनकी 'स्पोर्ट्स वेंचर्स' भी शामिल थे। करण देओल ने कहा कि अपने पिता के साथ स्क्रीन साझा करना एक सपना सच होने जैसा था। जब उनसे पूछा गया कि क्या सनी देओल ने फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें कोई खास टिप्स दिए, तो करण ने कहा कि सिर्फ संतोषी जी ने ही जरूरी निर्देश दिए। वर्ष 2019 में अपने पिता के निर्देशन में बनी फिल्म 'पल पल दिल के पास' से डेब्यू करने वाले करण ने कहा कि असल जिंदगी के पिता के साथ एक भावनात्मक कहानी में काम करने से कई दृश्य मौलिक और सहज लगे। उन्होंने इस अनुभव को "अविश्वसनीय" बताया। शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह की अहम भूमिकाओं वाली फिल्म 'बंटवारा 1947' सिनेमाघरों में 14 अगस्त को प्रदर्शित होने वाली है।
- नयी दिल्ली ।" 'बालिका वधू' की अभिनेत्री अविका गौर को डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अविका के पति मिलिंद चंदवानी ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि अविका तेज बुखार के बावजूद कई दिनों से शूटिंग कर रही थीं। उन्होंने अभिनेत्री के काम के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्हें वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है, "अविका कल रात से अस्पताल में हैं। उन्हें पिछले पांच दिनों से 103-104 डिग्री बुखार है। और पता है उसने उन पांच दिनों में क्या किया? वह सबसे पहले एक ऐसे प्रोजेक्ट पर गई जिसकी दो दिन की शूटिंग अभी बाकी थी। 104 डिग्री बुखार होने के बावजूद उन्होंने इतना अच्छा काम किया कि वे सिर्फ एक दिन में ही शूटिंग का काम पूरा कर लिया।" उन्होंने कहा, "फिर वह वापस आईं और उन्हें दो दिन की छुट्टी मिली। उन्होंने पूरा दिन बिस्तर पर दवाइयां लेते हुए बिताया; वह हिल भी नहीं पा रही थीं और ठीक से खाना भी नहीं खा पा रही थीं। लेकिन उन्होंने वादा किया था, इसलिए उसी बुखार में दिल्ली गईं और एक ऐड की शूटिंग की। उससे पहले उन्होंने अपना टेस्ट भी करवाया था। जब वह मुंबई लौटीं, तो हमने रिपोर्ट देखी और उसमें डेंगू का पता चला। मैंने उनसे कई बार कहा कि निर्माता समझ जाएंगे और हम इसे आगे टाल सकते हैं।"
- लॉस एंजिलिस। फिल्मकार क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' ने दुनियाभर में बॉक्स ऑफिस पर एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई कर ली है। फिल्म में मैट डेमन ने ओडिसियस, टॉम हॉलैंड ने टेलीमेकस, जेंडाया ने एथेना, रॉबर्ट पैटिनसन ने एंटिनस, लुपिता न्योंगो ने हेलन ऑफ ट्रॉय एवं क्लाइटेमनेस्ट्रा, ऐन हैथवे ने पेनेलोप और चार्लीज थेरॉन ने कैलिप्सो सहित कई अन्य लोगों ने अहम किरदार निभाए हैं। यह फिल्म 17 जुलाई को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। मनोरंजन समाचार वेबसाइट 'डेडलाइन' के अनुसार, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 42.97 करोड़ अमेरिकी डॉलर और विदेशों में 57.03 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। 'द ओडिसी' की कहानी यूनानी राजा ओडिसियस (मैट डेमन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 'ट्रॉजन वॉर' के बाद अपने घर लौटने के लिए 10 साल की बेहद खतरनाक यात्रा पर निकलता है। ओडिसियस इस दौरान प्रतिशोध लेने पर आमादा देवताओं, समुद्री राक्षसों और मायावी स्त्रियों जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पत्नी पेनेलोप (ऐन हैथवे) और बेटे टेलीमेकस (टॉम हॉलैंड) से दोबारा मिलने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म का निर्माण 'सिंकोपी इंक' के बैनर तले किया गया है।
- लास एंजिलिस. "स्पाइडर-मैन: ब्रैंड न्यू डे" के अभिनेता जैकब बैटालॉन ने इंटीरियर डिजाइनर वेरोनिका लियाहोव से शादी कर ली है। मनोरंजन पत्रिका पीपल की खबर के अनुसार, हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान बैटालॉन ने परोक्ष रूप से अपनी शादी का जिक्र करते हुए कहा था, "मेरी पत्नी मुझे 'बिग डॉग' कहकर बुलाती है। नहीं, वह ऐसा नहीं करती, काश, वह ऐसा करती।" खबर के मुताबिक, वेरोनिका ने भी अपनी वेबसाइट पर अपना नाम बदलकर वेरोनिका लियाहोव बैटालॉन कर लिया है।बैटालॉन और वेरोनिका 2019 से साथ हैं और उन्होंने 2025 में सगाई की थी। दोनों ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरों की एक श्रृंखला साझा करते हुए सगाई की घोषणा की थी। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, "हमारी नयी जिंदगी की शुरुआत।" बैटालॉन की नयी फिल्म "स्पाइडर-मैन: ब्रैंड न्यू डे" बृहस्पतिवार को रिलीज हुई। फिल्म ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।
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नयी दिल्ली. अभिनेता टाइगर श्रॉफ कोरियोग्राफर से फिल्मकार बने रेमो डिसूजा के निर्देशन में बनने वाली नयी एक्शन फिल्म में नजर आएंगे। इस संबंध में जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, फिल्म में अभिनेता अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह निर्माता विक्की जैन के प्रोडक्शन हाउस वीजे फ्रेम्स की पहली फिल्म होगी। यह टाइगर श्रॉफ और रेमो डिसूजा की दूसरी फिल्म होगी। इससे पहले दोनों ने वर्ष 2016 में रिलीज हुई फिल्म 'अ फ्लाइंग जट्ट' में साथ काम किया था। डिसूजा ने एक बयान में कहा, ''मैं वीजे फ्रेम्स की पहली फिल्म का निर्देशन करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। विक्की जैन सिनेमा के प्रति अपने जुनून के साथ इस परियोजना से जुड़े हैं और उनके साथ इस सफ़र का हिस्सा बनना रोमांचक है। मैं टाइगर श्रॉफ, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव जैसे शानदार कलाकारों की टीम के साथ दर्शकों के लिए मनोरंजक और एक्शन से भरपूर फिल्म को लेकर उत्सुक हूं।'' जैन ने कहा कि वह ऐसी कहानियां बनाना चाहते हैं जो न सिर्फ मनोरंजन करें, बल्कि दर्शकों से जुड़ें भी।
उन्होंने कहा, वीजे फ्रेम्स को शुरू करना एक ऐसा सपना है जिसे पूरा होने में कई साल लगे हैं... सिनेमा ने हमेशा मुझे प्रेरित किया है और वीजे फ्रेम्स के साथ... रेमो तथा शानदार कलाकारों के साथ एक बड़ी एक्शन फ़्रैंचाइज़ी से इस सफ़र की शुरुआत करना इसे और भी खास बनाता है। यह तो बस शुरुआत है और आगे जो कुछ भी होने वाला है, उसे लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं। - लखनऊ. लघु फिल्म 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को जर्मनी में आयोजित यूरोप के प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म समारोहों में से एक 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला है। देवांश अग्रवाल द्वारा निर्देशित 30 मिनट की यह लघु फिल्म मुंबई जैसे महानगर में बाहर से आकर बसने वाले लोगों के जीवन की विडंबनाओं और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की घटनाओं से उपजे हल्के-फुल्के पलों को हास्य के साथ हृदयस्पर्शी अंदाज में पेश करती है। फिल्म की लेखिका गजल जावेद ने बुधवार को 'पीटीआई- भाषा' को बताया कि 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को यह पुरस्कार मंगलवार को मिला। उन्होंने बताया कि यह जासूसी हास्य फिल्म है, जो जासूस बनने का सपना लेकर बिहार से मुंबई आए राजेश यादव नामक ऑटोरिक्शा चालक के इर्द-गिर्द घूमती है।लखनऊ की रहने वाली गजल ने कहा, ''मुंबई में ऑटोरिक्शा चलाने वाले अधिकतर लोग दूसरे राज्यों से आए हैं। हमें लगा कि हर प्रवासी की अपनी एक कहानी होती है। हमने राजेश के पात्र के जरिये ऐसे हर व्यक्ति की भावनाओं और आकांक्षाओं को सामने लाने की कोशिश की है, जो मुंबई में रहकर अपने सपनों को पूरा करने में जुटा है।'' गजल लखनऊ के मशहूर लेखक और स्वतंत्रता सेनानी शकील सिद्दीकी की नातिन हैं। लघु फिल्म की लेखिका के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है। गजल ने कहा, ''मेरी इच्छा हाशिये पर खड़े किसी व्यक्ति को नायक के रूप में सामने लाने की थी, क्योंकि आमतौर पर फिल्मों में ऐसे पात्रों की बेबसी ही दिखाई जाती है और उन्हें नायक के रूप में पेश नहीं किया जाता।''उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि दुनिया में हर व्यक्ति की अहमियत है और उसके अस्तित्व के अपने मायने हैं। 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' यूरोप के सबसे बड़े भारतीय फिल्म समारोहों में से एक है। इसका आयोजन 2004 से हर साल जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में किया जाता है। इस महोत्सव में बॉलीवुड फिल्मों के अलावा भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में, समानांतर सिनेमा, वृत्तचित्र और लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाती हैं। इसमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म, सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र, 'डायरेक्टर्स विजन अवार्ड' और 'ऑडियंस अवार्ड' श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं।
- लखनऊ। लघु फिल्म 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को जर्मनी में आयोजित यूरोप के प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म समारोहों में से एक 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला है। देवांश अग्रवाल द्वारा निर्देशित 30 मिनट की यह लघु फिल्म मुंबई जैसे महानगर में बाहर से आकर बसने वाले लोगों के जीवन की विडंबनाओं और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की घटनाओं से उपजे हल्के-फुल्के पलों को हास्य के साथ हृदयस्पर्शी अंदाज में पेश करती है।फिल्म की लेखिका गजल जावेद ने बताया कि 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को यह पुरस्कार मंगलवार को मिला। उन्होंने बताया कि यह जासूसी हास्य फिल्म है, जो जासूस बनने का सपना लेकर बिहार से मुंबई आए राजेश यादव नामक ऑटोरिक्शा चालक के इर्द-गिर्द घूमती है। लखनऊ की रहने वाली गजल ने कहा, ''मुंबई में ऑटोरिक्शा चलाने वाले अधिकतर लोग दूसरे राज्यों से आए हैं। हमें लगा कि हर प्रवासी की अपनी एक कहानी होती है। हमने राजेश के पात्र के जरिये ऐसे हर व्यक्ति की भावनाओं और आकांक्षाओं को सामने लाने की कोशिश की है, जो मुंबई में रहकर अपने सपनों को पूरा करने में जुटा है।'' गजल लखनऊ के मशहूर लेखक और स्वतंत्रता सेनानी शकील सिद्दीकी की नातिन हैं। लघु फिल्म की लेखिका के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है। गजल ने कहा, ''मेरी इच्छा हाशिये पर खड़े किसी व्यक्ति को नायक के रूप में सामने लाने की थी, क्योंकि आमतौर पर फिल्मों में ऐसे पात्रों की बेबसी ही दिखाई जाती है और उन्हें नायक के रूप में पेश नहीं किया जाता।'' उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि दुनिया में हर व्यक्ति की अहमियत है और उसके अस्तित्व के अपने मायने हैं। 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' यूरोप के सबसे बड़े भारतीय फिल्म समारोहों में से एक है। इसका आयोजन 2004 से हर साल जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में किया जाता है। इस महोत्सव में बॉलीवुड फिल्मों के अलावा भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में, समानांतर सिनेमा, वृत्तचित्र और लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाती हैं। इसमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म, सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र, 'डायरेक्टर्स विजन अवार्ड' और 'ऑडियंस अवार्ड' श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं।
- मुंबई। दिग्गज अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के बेटे सुनील आनंद का लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वह 70 वर्ष के थे। अभिनेता एवं निर्देशक सुनील आनंद ने वर्ष 1984 में अपने पिता द्वारा निर्देशित फिल्म 'आनंद और आनंद' से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'कार थीफ', 'मैं तेरे लिए' और 'मास्टर' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें अपने पिता जैसी सफलता नहीं मिल सकी। देव आनंद के करीबी मित्र मोहन चूड़ीवाला ने कहा, ''26 जुलाई को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। देव साहब की बेटी देविना लंदन के लिए रवाना हो रही हैं।'' सुनील आनंद के परिवार में उनकी मां कल्पना कार्तिक और बहन देविना हैं।वर्ष 2011 में 88 वर्ष की आयु में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने उनके फिल्म निर्माण बैनर 'नवकेतन फिल्म्स' की जिम्मेदारी संभाली थी। देव आनंद 'गाइड', 'हम दोनों' और 'हरे रामा हरे कृष्णा' जैसी कालजयी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। देव आनंद की 100वीं जयंती से पहले वर्ष 2023 में एक साक्षात्कार में सुनील आनंद ने अपने पिता को विद्वान अभिनेता बताते हुए कहा था कि उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था, वह ''अपने व्यक्तित्व और पहनावे को लेकर हमेशा सजग रहते थे'' और राजघरानों से लेकर आम लोगों तक, सभी के साथ सहजता से घुल-मिल जाते थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष पिता के साथ बिताए और उनके स्वास्थ्य, कार्यक्रमों तथा उनकी कंपनी 'नवकेतन' की जिम्मेदारियां संभालीं। सुनील ने उस समय कहा था, ''मैंने वर्ष 2008 में हमारी कालजयी फिल्म 'गाइड' को कान फिल्म महोत्सव तक पहुंचाने के प्रयासों में भी समन्वय किया था। यह पहली भारतीय फिल्म थी, जिसे कान समिति ने महोत्सव में प्रदर्शित करने के लिए चुना था। यह मेरे पिता, हमारे परिवार, 'नवकेतन' और भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।'' उन्होंने अपने पिता के जीवन पर हॉलीवुड फिल्म बनाने की योजना का भी उल्लेख किया था।सुनील आनंद ने तब कहा था, ''यह मेरे पिता को समर्पित एक बहुत बड़ी फिल्म है। इसका निर्माण और निर्देशन मैं कर रहा हूं। यह सफर जारी रहेगा। मैं अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाता रहूंगा।''
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नयी दिल्ली. अभिनेता पंकज त्रिपाठी को भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफएम), मेलबर्न में 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' (प्रतिष्ठित कलाकार) पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सम्मान भारतीय सिनेमा में अभिनेता के असाधारण योगदान और देश के सबसे सम्मानित कलाकारों में से एक के रूप में उनकी उल्लेखनीय यात्रा को देखते हुए दिया जाएगा। यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता इस फिल्म महोत्सव में शामिल होंगे और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में यह सम्मान प्राप्त करेंगे। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'न्यूटन' और 'स्त्री' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले पंकज त्रिपाठी ने कहा कि यह पुरस्कार मिलना उनके लिए "वास्तव में खास और बेहद मायने रखने वाला" है। उन्होंने एक बयान में कहा, "भारतीय फिल्म महोत्सव, मेलबर्न में जल्द ही 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है। एक अभिनेता के तौर पर मेरा हमेशा यह विश्वास रहा है कि कहानियों में सीमाओं को पार करने, दिलों को जोड़ने और भाषा या भौगोलिक दूरी की परवाह किए बिना लोगों को करीब लाने की असाधारण शक्ति होती है। उन्होंने कहा, "आईएफएफएम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मेरी यात्रा को पहचान मिलना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। मेरे करियर की हर उपलब्धि फिल्म निर्माताओं, लेखकों, निर्देशकों, सह-कलाकारों, तकनीशियनों और सबसे बढ़कर दर्शकों के विश्वास और सहयोग से संभव हो पाई है, जिन्होंने मेरे काम को इतना प्यार और अपनापन दिया। यह सम्मान जितना मेरा है, उतना ही उन सभी लोगों का भी है।" उन्होंने कहा, "बिहार के एक छोटे से गांव से आने वाले मेरे जैसे व्यक्ति ने कभी कल्पना नहीं की थी कि जिन कहानियों का मैं हिस्सा बनूंगा, वे एक दिन पूरी दुनिया तक पहुंचेंगी और इस तरह सराही जाएंगी।" आईएफएफएम की निदेशक मितु बोमिक लांगे ने त्रिपाठी को इस पीढ़ी के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताया।
उन्होंने कहा, "वह ऐसे कलाकार हैं, जिनका अभिनय भाषा, भूगोल और संस्कृति की सीमाओं से परे जाता है। हर किरदार में वास्तविकता, सहानुभूति और शांत प्रभावशाली शक्ति लाने की उनकी असाधारण क्षमता ने उन्हें आज भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित आवाजों में से एक बना दिया है। भारतीय फिल्म महोत्सव, मेलबर्न में पंकज त्रिपाठी को 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' पुरस्कार से सम्मानित करना हमारे लिए बेहद गर्व और सौभाग्य की बात है।" यह फिल्म महोत्सव 13 अगस्त से शुरू होकर 23 अगस्त तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित किया जाएगा। -
नई दिल्ली। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल है। रणबीर कपूर और साई पल्लवी अभिनीत फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में लॉन्च होगा। मगर, इससे पहले अमेरिका के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में इससे पर्दा उठेगा। बीते दिन बुधवार को रणबीर कपूर और यश ट्रेलर लॉन्च के लिए अमेरिका रवाना हो चुके हैं। उन्हें मुंबई एयरपोर्ट देखा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में फिल्म का स्पेशल पैनल गुरुवार यानी आज 23 जुलाई को दोपहर सवा तीन बजे 4,800 सीटों वाले बॉलरूम 20 में आयोजित किया जाएगा।
अमेरिका में इस इवेंट को एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट कोय जांद्रेउ होस्ट करने वाले हैं। ट्रेलर लॉन्च के मौके पर फिल्म के लीड एक्टर रणबीर कपूर के अलावा यश और निर्देशक नितेश तिवारी भी मौजूद रहेंगे। साथ ही निर्माता नमित मल्होत्रा भी होंगे। कॉमिक-कॉन प्रेजेंटेशन भारतीय समयानुसार 24 जुलाई को सुबह सवा तीन बजे से सवा चार बजे होगा। सैन डिएगो में लोग भारत से पहले इस ट्रेलर का दीदार कर पाएंगे।भारतीय समय की बात करें तो पीवीआर पिक्चर्स के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए स्क्रीनशॉट के मुताबिक भारत में ट्रेलर 24 जुलाई को सुबह 10 बजे रिलीज होगा। ट्रेलर डिजिटल प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों में देखा जा सकेगा। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि भारत में ट्रेलर 24 जुलाई को सुबह 8 बजे देखने को मिलेगा। वहीं, मेकर्स की तरफ से 24 जुलाई की रिलीज की पुष्टि की गई है। भारत में रिलीज के समय को लेकर कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि 'रामायण' में साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में हैं। रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दिखेंगे। दो पार्ट में आने वाली इस फिल्म का पहला भाग इस साल दिवाली पर दस्तक देगा। - मुंबई. फिल्मकार रिची मेहता की फिल्म 'फूलन' का विश्व प्रीमियर 51वें टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (टीआईएफएफ) में होगा। यह फिल्म चंबल की कुख्यात दस्यु से नेता बनीं फूलन देवी के जीवन पर आधारित है। एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस हिंदी फिल्म का प्रदर्शन 16 सितंबर को प्रिंसेस ऑफ वेल्स थिएटर में महोत्सव के 'विशेष प्रस्तुति' खंड के तहत किया जाएगा। रिची मेहता द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म का निर्माण नमः पिक्चर्स के बैनर तले शरीन मंत्री केडिया, किशोर अरोड़ा, कंवल कोहली और मेहता ने किया है।वर्ष 1997 में प्रकाशित पुस्तक 'आई, फूलन-द ऑटोबायोग्राफी ऑफ इंडियाज़ बैंडिट क्वीन' से प्रेरित यह फिल्म फूलन देवी के जीवन के उस निर्णायक अध्याय को पर्दे पर उतारती है, जब उन्हें मारने के इरादे से हजारों हथियारबंद लोगों ने एक गांव को घेर लिया था। भारत के ग्रामीण क्षेत्र की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म गरीब घर की 17 वर्षीय लड़की के सफर को दर्शाती है, जो आगे चलकर देश की सबसे कुख्यात दस्युओं में से एक बन गई। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म की कहानी 2,000 से अधिक हथियारबंद लोगों द्वारा किए गए 48 घंटे तक चले भीषण घेराव की घटना पर केंद्रित है। महोत्सव में प्रदर्शन के बाद 'फूलन' का प्रीमियर प्राइम वीडियो पर होगा। फिल्म में स्नेहा कुमारी ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म में अनुराग ठाकुर, विक्रम प्रताप सिंह, आकाश दहिया, प्रतीक पचौरी और देव दत्त बुधोलिया भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। दुनिया के प्रमुख फिल्म आयोजनों में शामिल टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव इस वर्ष 10 से 20 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।
- नयी दिल्ली. अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी) का 18वां सीजन 10 अगस्त से सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रसारित होगा। अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस बार शो की थीम 'सोचना पड़ेगा' होगी। उन्होंने वीडियो पोस्ट के साथ लिखा, ''कौन बनेगा करोड़पति 10 अगस्त से, रात नौ बजे, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर। केबीसी सोचना पड़ेगा।'' एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 'सोचना पड़ेगा' थीम इस बात पर जोर देती है कि आज के दौर में केवल जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही ढंग से उपयोग करना अधिक महत्वपूर्ण है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि रोजमर्रा की परिस्थितियों पर आधारित प्रचार फिल्मों के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि भले ही आज जानकारी तुरंत उपलब्ध हो और प्रौद्योगिकी ने सीखने के तरीके को बदल दिया हो, लेकिन वास्तव में महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति आलोचनात्मक ढंग से सोच सके, जानकारी का विश्लेषण कर सके और बदलते समय के अनुरूप सार्थक ढंग से स्वयं को ढाल सके। अमिताभ बच्चन वर्ष 2000 से 'कौन बनेगा करोड़पति' शो के प्रस्तोता रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2007 में प्रसारित शो के तीसरे सीजन को अभिनेता शाहरुख खान ने प्रस्तुत किया था। इसके अलावा अमिताभ बच्चन 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल और फिल्म 'सेक्शन 84' में नजर आएंगे। 'सेक्शन 84' में उनके साथ डायना पेंटी और निमरत कौर भी अहम भूमिकाओं में हैं।
- चेन्नई । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अंतिम फिल्म मानी जा रही 'जन नायकन' की रिलीज में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में प्रशंसकों के लिए विशेष रूप से तैयार की जा रही 'टी-शर्ट' की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तमिलनाडु के वस्त्र उद्योग के केंद्र तिरुपुर की परिधान फैक्टरियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। कई महीनों तक चले मुकदमों, फिल्म के ऑनलाइन लीक होने और सेंसर बोर्ड के साथ रही गतिरोध की स्थिति के बाद यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे राज्यभर के प्रशंसक अभिनेता से नेता बने विजय की तस्वीर वाली विशेष 'टी-शर्ट' के बड़े पैमाने पर 'ऑर्डर' स्थानीय विनिर्माताओं को दे रहे हैं, जिससे इन फैक्टरियों का उत्पादन चरम पर पहुंच गया है।'तिरुपुर टेक्सटाइल यूनिट एसोसिएशन' के सदस्य के. प्रभाकरन ने कहा, ''कुछ दिन पहले फिल्म की रिलीज की घोषणा होने के बाद से यहां की वस्त्र निर्माण इकाइयां 'जन नायकन' की विशेष टी-शर्ट तैयार करने के लिए 'ओवर टाइम' काम कर रही हैं।'' उन्होंने बताया कि 700 से अधिक वस्त्र इकाइयां टी-शर्ट के उत्पादन में जुटी हुई हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए अधिकांश स्थानीय विनिर्माता राज्य भर में कूरियर सेवा और 'कैश ऑन डिलीवरी' (वस्तु प्राप्त होने पर भुगतान करने) की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं। स्थानीय परिधान फैक्टरी के मालिक के. सेवा नाथन ने कहा, ''कई वर्षों बाद हम इस तरह का उत्साह देख रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों केरल और कर्नाटक से भी बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। इन टी-शर्ट पर मुख्यमंत्री विजय की लोकप्रिय तस्वीरों के साथ फिल्म का शीर्षक छपा है। कई 'ऑर्डर' में उनके राजनीतिक सफर का जश्न मनाने वाले नारे भी शामिल हैं। नाथन के अनुसार, फिल्म की रिलीज से पहले तय समय सीमा के भीतर ऑर्डर पूरे करने के लिए प्रिंटिंग इकाइयों में दोहरी पाली में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''इनमें काम करने वाले कई कर्मचारी खुद भी विजय के जबरदस्त प्रशंसक हैं। उनके लिए यह केवल काम नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा अभिनेता को सम्मान देने जैसा है।'' तमिलनाडु फिल्म वितरक संघ के सूत्रों ने बताया कि 23 जुलाई से यह फिल्म राज्य के लगभग 1,000 सिनेमाघरों में प्रदर्शित किए जाने की संभावना है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में काफी देरी हुई। इस दौरान कानूनी अड़चन और फिल्म की 'पायरेसी' जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। 'जन नायकन' में पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, गौतम वासुदेव मेनन, प्रकाश राज और नारायण सहित कई प्रमुख कलाकार हैं। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है, छायांकन सत्यन सूर्यन ने किया है और संपादन प्रदीप ई. राघव ने किया है।
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-छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय पर आधारित ‘राम-नामी’ को बेस्ट वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का पुरस्कार
नई दिल्ली। वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा हो चुकी है। ‘आर्टिकल 370’ ने बेस्ट फीचर फील्म का पुरस्कार जीता, जबकि ‘भंगार’ को बेस्ट नॉन-फीचर फील्म और छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय पर आधारित ‘राम-नामी’ को बेस्ट वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का पुरस्कार मिला। ये पुरस्कार भारतीय सिनेमा में फीचर फील्मों, नॉन-फीचर फ़िल्मों और सिनेमा पर लिखे गए लेखों में बेहतरीन उपलब्धियों को सम्मान देते हैं।इन पुरस्कारों की घोषणा शनिवार को फीचर फिल्म जूरी के चेयरमैन जयराज, नॉन-फीचर फिल्म जूरी के चेयरमैन असीम सिन्हा और सिनेमा पर बेस्ट राइटिंग जूरी के चेयरमैन ए. चंद्रशेखर ने की। इस मौके पर संयुक्त सचिव (फिल्म्स) डॉ. अजय नागभूषण एम.एन. और प्रधान महानिदेशक, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के धीरेंद्र ओझा भी मौजूद थे।
यामी गौतम ने ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) का पुरस्कार जीता, जबकि ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) और कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका) का पुरस्कार साझा किया। रणदीप हुड्डा ने ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार जीता, जबकि ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘अमरन’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने भी बड़े पुरस्कार हासिल किए, जो भारतीय सिनेमा की विविधता और बेहतरीन गुणवत्ता को दर्शाते हैं। - मुंबई। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के 72वें संस्करण के विजेताओं में शुमार अभिनेता रणदीप हुड्डा, संजय मिश्रा और अन्य कलाकारों ने अपने काम को मिली इस मान्यता के लिए आभार जताया। रणदीप हुड्डा को फिल्म "स्वातंत्र्य वीर सावरकर" के लिए सर्वश्रेष्ठ पदार्पण निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने की घोषणा की गई। उन्होंने अपनी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उसने उन पर भरोसा किया और अच्छे-बुरे हर दौर में उनका साथ दिया। "स्वातंत्र्य वीर सावरकर" के अभिनेता और निर्देशक हुड्डा ने एक बयान में कहा, "यह सम्मान हम सभी का है। मुझे उम्मीद है कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग, खासकर युवा पीढ़ी, वीर सावरकर की विरासत को जानने और उस पर विचार करने के लिए प्रेरित होंगे।" संजय मिश्रा को फिल्म "भक्षक" में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। भूमि पेडनेकर अभिनीत इस फिल्म में एक आश्रय गृह में बच्चों के यौन शोषण की कहानी दिखाई गई है। मिश्रा ने बताया कि उन्हें इस सम्मान की जानकारी पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) से मिली, जहां उनके दिवंगत पिता काम करते थे। वरिष्ठ अभिनेता ने कहा, "राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। इसने मेरे दिल को छू लिया।" "भक्षक" में एक स्थानीय समाचार चैनल के कैमरामैन की भूमिका निभाने वाले मिश्रा ने कहा कि उन्होंने हमेशा हर किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर मिश्रा को बधाई दी।उन्होंने लिखा, "मेरे प्यारे संजय मिश्रा जी, आप बहुत खास और अद्भुत इंसान हैं। आपके साथ काम करना हमेशा सम्मान की बात होती है। मन प्रफुल्लित है।" राजकुमार राव की फिल्म "श्रीकांत - आ रहा है सबकी आंखें खोलने" को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इसका निर्देशन तुषार हीरानंदानी ने किया है, जबकि निर्माता भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और निधि परमार हीरानंदानी हैं। यह फिल्म उद्योगपति श्रीकांत बोला के जीवन पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को हकीकत में बदला और 'बोलेंट इंडस्ट्रीज' की स्थापना की। निर्देशक तुषार हीरानंदानी ने कहा कि यह पुरस्कार श्रीकांत बोला के प्रेरणादायक जीवन और पूरी टीम की मेहनत को समर्पित है। उन्होंने कहा, "फिल्म 'श्रीकांत' बनाना मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा। यह पुरस्कार श्रीकांत बोला के प्रेरक जीवन और इस कहानी को दिल से पर्दे पर उतारने वाली पूरी टीम को समर्पित है।" भूषण कुमार ने कहा कि यह सम्मान पूरी टीम के लिए गर्व की बात है और इसका श्रेय उद्योगपति श्रीकांत बोला की प्रेरक कहानी को जाता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को इन पुरस्कारों की घोषणा की। ये पुरस्कार वर्ष 2024 में प्रमाणित फिल्मों के लिए दिए गए हैं।
- नयी दिल्ली। फिल्म निर्माता एस. एस. राजामौली ने अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के 44वें जन्मदिन के अवसर पर अपनी आगामी फिल्म 'वाराणसी' से उनके किरदार की पहली तस्वीर साझा की। इस फिल्म में महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे। यह सात अप्रैल, 2027 को रिलीज होगी। फिल्म की कहानी 512 ईस्वी के एक ऐसे समुदाय के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके पास एक प्राचीन रहस्य है, जो दुनिया को बचा सकता है। फिल्म की कहानी के अनुसार, 2027 ईस्वी में 'शंभवी' नामक एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराता है, जिससे भीषण तबाही मच जाती है। राजामौली द्वारा शनिवार को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्टर में प्रियंका चोपड़ा 'मंदाकिनी' के किरदार में नजर आती हैं। पोस्टर में वह काले परिधानों में दिखती हैं। पोस्टर के साथ राजामौली ने लिखा, ''मुस्कराने पर शालीनता... और न मुस्कराने पर आग। 'मंदाकिनी'..."इसके बाद उन्होंने फिल्म के सेट से प्रियंका चोपड़ा की एक और तस्वीर भी साझा की।'वाराणसी' का संगीत एम. एम. कीरवाणी ने तैयार किया है, जिन्हें राजामौली की पिछली फिल्म 'आरआरआर' के लिए ऑस्कर पुरस्कार मिल चुका है। फिल्म का निर्माण श्री दुर्गा आर्ट्स और शोइंग बिजनेस ने किया है।
- नयी दिल्ली। फिल्मकार क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' ने रिलीज के पहले दिन भारत में बॉक्स ऑफिस पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। फिल्म में मैट डेमन ने ओडिसियस, टॉम हॉलैंड ने टेलीमेकस, जेंडाया ने एथेना, रॉबर्ट पैटिनसन ने एंटिनस, लुपिता न्योंगो ने हेलन ऑफ ट्रॉय एवं क्लाइटेमनेस्ट्रा, ऐन हैथवे ने पेनेलोप और चार्लीज थेरॉन ने कैलिप्सो सहित कई अहम किरदार निभाए हैं। फिल्म शुक्रवार को दुनियाभर में रिलीज हुई।ट्रेड ट्रैकिंग वेबसाइट 'सैकनिल्क' के अनुसार, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 17.40 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि देश में इसकी कुल कमाई 20.76 करोड़ रुपये रही। फिल्म ने दुनियाभर में कुल 3.98 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। 'द ओडिसी' की कहानी यूनानी राजा ओडिसियस (मैट डेमन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 'ट्रॉजन वॉर' के बाद अपने घर लौटने के लिए 10 साल की बेहद खतरनाक यात्रा पर निकलता है। ओडिसियस इस दौरान प्रतिशोधी देवताओं, समुद्री राक्षसों और मायावी स्त्रियों जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पत्नी पेनेलोप (ऐन हैथवे) और बेटे टेलीमेकस (टॉम हॉलैंड) से दोबारा मिलने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म का निर्माण 'सिंकोपी इंक' के बैनर तले किया गया है।
- मुंबई ।अभिनेता विक्रांत मैसी ने कहा है कि उन्हें अपनी फिल्मों के असफल होने से अधिक डर एक जैसे किरदार निभाने और रचनात्मक दोहराव से लगता है और यही वजह है कि वह हर फिल्म में स्वयं को नये रूप में पेश करने का प्रयास करते हैं। मैसी को '12वीं फेल', 'सेक्टर 36', 'हसीन दिलरुबा', 'दिल धड़कने दो', 'लुटेरा', 'प्रितम एंड पेड्रो' और 'ब्रोकन बट ब्यूटीफुल' जैसी फिल्मों और ओटीटी सीरीज में भूमिकाओं के लिए सराहा गया है। उन्होंने कहा कि बॉक्स ऑफिस पर सफलता भी महत्वपूर्ण है, लेकिन एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा डर ''किरदारों का दोहराव'' और ''अभिनय में नयापन खत्म हो जाना'' होता है।उन्होंने कहा कि अगर कोई फिल्म सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करे तो इसे ठीक नहीं कह सकते। उन्होंने कहा, ''आप चाहते हैं कि फिल्म कमाई करे और ज्यादा से ज्यादा लोग उसे देखें। हालांकि, प्री-सेल (रिलीज से पहले फिल्म के संगीत तथा ओटीटी और टेलीविजन पर प्रदर्शन के अधिकार को बेच देने) से आपकी न्यूनतम लागत निकल आती है।'' उन्होंने कहा कि बेशक, आप चाहते हैं कि फिल्म अच्छा कारोबार करे, लेकिन एक अभिनेता के तौर पर सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि आप बार-बार वही किरदार निभाने लग जाएं।'' उन्होंने कहा, ''दोहराव और अभिनय में नयापन खत्म हो जाना ही वास्तव में डरावनी चीज है। मुझे असफल होने का डर नहीं लगता, क्योंकि जब आप नये प्रयोग करते हैं तो कभी-कभी असफलता भी मिलती है।'' मैसी ने बताया कि 2024 में उन्होंने सात महीने के लिए काम से विराम लिया था, क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि उनके अभिनय में दोहराव आने लगा है। इस दौरान उन्होंने अपने अभिनय पर गौर किया। उन्होंने कहा, ''अपने काम का पुनर्मूल्यांकन करना बहुत जरूरी है। दुनिया अभूतपूर्व गति से बदल रही है, इसलिए एक रचनात्मक कलाकार के रूप में आपको लगातार खुद को बेहतर बनाना पड़ता है।'' अभिनेता मैसी (39) जल्द ही नेटफ्लिक्स पर आने वाली ओटीटी सीरीज ''मुसाफिर कैफे'' में नजर आएंगे। इस सीरीज के साथ वह निर्माता के रूप में भी अपनी शुरुआत कर रहे हैं। वह आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के जीवन पर आधारित प्रस्तावित बायोपिक ''व्हाइट'', अभिनेता सनी सिंह के साथ 'यार जिगरी' सहित कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम कर रहे हैं। मैसी ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद कई लोगों ने उन्हें एक खास छवि बनाए रखने की सलाह दी थी, लेकिन वह जोखिम उठाने और अलग-अलग तरह की कहानियां चुनने में विश्वास रखते हैं। उन्हें ''12वीं फेल'' में अभिनय के लिए 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था। उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा ऐसी फिल्में करना चाहता था जिनमें कहानी को आगे बढ़ाने की मुख्य जिम्मेदारी मेरे कंधों पर हो और मुझे दमदार भूमिकाएं निभाने का मौका मिले...मैंने हमेशा ही लीक से हटकर काम किया है।'' मैसी ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि अपने काम के जरिए समाज पर सार्थक प्रभाव छोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि फिल्मकार विधु विनोद चोपड़ा के साथ ''12वीं फेल'' में काम करने के अनुभव ने सिनेमा के प्रति उनका नजरिया व्यापक किया, जिसके बाद उन्होंने ''मुसाफिर कैफे'' के जरिए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ''मुझे लगा कि मैं अभिनय से आगे बढ़कर भी सिनेमा में योगदान दे सकता हूं और 'मुसाफिर कैफे' इसके लिए सबसे उपयुक्त फिल्म लगी।'' भोपाल और मसूरी की पृष्ठभूमि पर आधारित ''मुसाफिर कैफे'' लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है। यह श्रृंखला तीन अजनबियों की आपस में जुड़ी यात्राओं की कहानी है, जो प्रेम, बिछड़ने और आत्म-खोज के सफर से गुजरते हैं। इसमें मैसी, चंद्र मोहन शर्मा की भूमिका निभा रहे हैं, जो ऐसी जिंदगी की तलाश में है जिसे वह सचमुच अपना मान सके। अभिनेत्री वेदिका पिंटो ने सुधा और महिमा मकवाना ने प्रीति का किरदार निभाया है। यह सीरीज 24 जुलाई से नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होगी।
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नयी दिल्ली. बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की फिल्म 'धमाल 4' ने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कुल 38.71 करोड़ रुपये की कमाई की है। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। टी-सीरीज के बैनर तले बनी यह फिल्म 'धमाल' श्रृंखला की चौथी फिल्म है। फिल्म में 'आदि' और 'मानव' के किरदारों की जोड़ी फिर नजर आई है। ये किरदार क्रमशः अरशद वारसी और रितेश देशमुख ने निभाए हैं। इनके अलावा फिल्म में अजय देवगन, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन शुक्रवार को 15.50 करोड़ रुपये और शनिवार को 23.21 करोड़ रुपये की कमाई की। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'धमाल 4' की कहानी पैसे के लालची लोगों पर आधारित है, जो दूरदराज के एक द्वीप पर छिपे खजाने की तलाश में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते हैं। उनकी इस तलाश में नया मोड़ तब आता है, जब उनका सामना आधुनिक समुद्री डाकुओं के एक दल से होता है जो उसी खजाने की तलाश में है। फिल्म का निर्माण अजय देवगन, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक ठकेरिया, इंद्र कुमार, आनंद पंडित और कुमार मंगत पाठक ने किया है। 'धमाल' फिल्म श्रृंखला की शुरुआत 2007 में आई इसी नाम की फिल्म से हुई थी। इसके बाद 2011 में 'डबल धमाल' और 2019 में 'टोटल धमाल' रिलीज हुई।
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नयी दिल्ली। जाने-माने रंगमंच निर्देशक एवं अभिनेता रजत कपूर के नाटक 'द थिंग विद फेदर्स' का मंचन आठ और नौ अगस्त को मुंबई में पहली बार किया जाएगा, जो आद्यम रंगमंच के आठवें सीजन की चौथी प्रस्तुति होगी। रबिया कपूर और चंद्रचूड़ राय द्वारा सह-लिखित यह नाटक 1900 से 1950 के बीच के दौर की कहानी पेश करता है, जिसमें असाधारण परिस्थितियों का सामना करने वाले आम लोगों के जीवन को दिखाया गया है। यह नाटक युद्धों और राजनीतिक उथल-पुथल पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उन लोगों के जीवन को दर्शाता है जो इतिहास के बदलते दौर के बीच प्यार, बिछोह, उम्मीद और संघर्ष से प्रभावित होते हैं। कपूर ने एक बयान में कहा, ''हमने 20वीं सदी के पहले हिस्से पर आधारित एक नाटक मंचन के बारे में सोचा था। फिर यह विचार आया कि अगर इन 50 महत्वपूर्ण वर्षों की कहानी को आम लोगों के नजरिये से देखा जाए तो शायद यह ज्यादा प्रभावी और जीवंत लगेगी।'' इस नाटक के कलाकारों में विनय पाठक, मंत्रा, नील भूपालम, भाव्या रामपाल, वारिस अहमद जैदी, चंद्रचूड़ राय और अमित पुरोहित शामिल हैं। मुंबई में बाल गंधर्व रंग मंदिर में प्रीमियर के बाद यह नाटक 12 और 13 सितंबर को 'नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' (एनसीपीए) के जमशेद भाभा रंगमंच में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद इसका मंचन 26 और 27 सितंबर को दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में भी होगा। - आलेख प्रशांत शर्माजन्मदिन पर विशेष--11 जुलाईफिल्मी परदे पर सबको हंसाने वाली प्यारी टुनटुन (जन्म-11 जुलाई 1923 - निधन 23 नवम्बर 2003) की आज बर्थ एनिवर्सिरी है। वे लोगों के दिलों में ऐसे छाई कि आज भी यदि कोई मोटी महिला दिख जाती है, तो लोग मजाक में उसे टुनटुन कह देते हैं। टुनटुन ने अपना कॅरिअर पाश्र्वगायिका के रूप में अपने मूल नाम उमा देवी खत्री से शुरू किया था। अफसाना लिख रही रही हूं... गीत उन्होंने ही गाया है।नूरजहां के प्रति दीवानगी और गायिकी के जुनून ने उन्हें मथुरा से मुंबई पहुंचाया। चाचा के घर में पली-बढ़ी उमा देवी की हैसियत परिवार में एक नौकर के समान थी। घरेलू काम के सिलसिले में उमादेवी का दिल्ली के दरियागंज इलाके में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर अक्सर आना-जाना लगा रहता था। वहीं उनकी मुलाक़ात अख्तर अब्बास क़ाज़ी से हुई, जो दिल्ली में आबकारी विभाग में निरीक्षक थे। काज़ी साहब उमा देवी का सहारा बने, लेकिन वे लाहौर चले गए।इस बीच उमा देवी ने भी गायिका बनने का ख्वाब पूरा करने के लिए मुंबई जाने की योजना बना ली। दिल्ली में जॉब करने वाली उनकी एक सहेली की मुंबई में फि़ल्म इंडस्ट्रीज के कुछ लोगों से पहचान थी। एक बार जब वो गांव आई, तो उसने उमा देवी को निर्देशक नितिन बोस के सहायक जव्वाद हुसैन का पता दिया। वर्ष 1946 था और उमादेवी 23 बरस की थी। वे किसी तरह हिम्मत जुटाकर गांव से भागकर मुंबई आ गई। जव्वाद हुसैन ने उन्हें अपने घर पनाह दी। मुंबई में उमा देवी की दोस्ती अभिनेता और निर्देशक अरूण आहूजा और उनकी पत्नी गायिका निर्मला देवी से हुई, जो मशहूर अभिनेता गोविंदा के माता-पिता थे। इस दंपत्ति ने उमा देवी का परिचय कई प्रोड्यूसर और डायरेक्टर से करवाया। उस समय तक अख्तर अब्बास काज़ी साहब भी मुंबई आ गए थे। 1947 में उमा देवी और काज़ी साहब ने शादी कर ली।उसके बाद उमा देवी काम की तलाश करने लगी। उन्हें कहीं से पता चला कि डायरेक्टर अब्दुल रशीद करदार फि़ल्म दर्द बना रहे हैं. वे उनके स्टूडियो पहुंचकर उनके सामने खड़े हो गई। उन्होंने पहले कभी करदार साहब को नहीं देखा था। बेबाक तो वो बचपन से ही थी, उनसे ही सीधे पूछ बैठी, करदार साहब कहां मिलेंगे? मुझे उनकी फि़ल्म में गाना गाना है। शायद उनका ये बेबाक अंदाज़ करदार साहब को पसंद आ गया, इसलिए बिना देर किये उन्होंने संगीतकार नौशाद के सहायक गुलाम मोहम्मद को बुलाकर उमा देवी का टेस्ट लेने को कह दिया। उस टेस्ट में उमादेवी ने फिल्म जीनत में नूरजहां द्वारा गाया गीत आँधियां गम की यूं चली गाया। हालांकि उमा देवी एक प्रशिक्षित गायिका नहीं थी, लेकिन रेडियो पर गाने सुनकर और उन्हें दोहराकर वे अच्छा गाने लगी थी। बरहलाल, उनका गया गाना सबको पसंद आया और वो 500 रुपये की पगार पर नौकरी पर रख ली गई।जब उमा देवी की मुलाक़ात नौशाद से हुई, तो उनसे भी बेबकीपूर्ण अंदाज़ में उन्होंने कह दिया कि उन्हें अपनी फि़ल्म में गाना गाने का मौका दें, नहीं तो वे उनके घर के सामने समुद्र में डूबकर अपनी जान दे देंगी। नौशाद साहब भी उनकी बेबाकी पर हैरान थे। खैर, उन्होंने उमा देवी को गाने मौका दिया और दर्द फिल्म का गीत अफ़साना लिख रही हूं ...उनसे गवाया। यह गीत बहुत हिट हुआ और आज तक लोगों की ज़ेहन में बसा हुआ है। उस फि़ल्म के अन्य गीत आज मची है धूम, ये कौन चला, बेताब है दिल .. भी लोगों को बहुत पसंद आये।फिर क्या था , उमा देवी की गायिका के रूप में गाड़ी चल पड़ी। कई फि़ल्मी गीतों को उन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ से सजाया। 1947 में ही बनी फि़ल्म नाटक में उन्हें गाने का मौका मिला और उन्होंने गीत दिलवाले जल कर मर ही जाना गाया। फिर 1948 की फि़ल्म अनोखी अदा में दो सोलो गीत काहे जिया डोले हो कहा नहीं जाए, दिल को लगा के हमने कुछ भी न पाया और फि़ल्म चांदनी रात में शीर्षक गीत'चांदनी रात है, हाय क्या बात है, में भी उन्होंने अपनी आवाज़ दी। उमादेवी को गाने के मौके मिलते रहे और वो गाती रहीं। उन्होंने कई फि़ल्मों में गाने गए। उनके द्वारा गाये गए गीत लगभग 45 के आस-पास हैं।बच्चों के जन्म के साथ उनकी पारिवारिक जि़म्मेदारियां बढ़ रही थी। साथ ही लता मंगेशकर , आशा भोंसले जैसी संगीत की विधिवत् शिक्षा प्राप्त गायिकाओं का भी बॉलीवुड फि़ल्म इंडस्ट्रीज में पदार्पण हो चुका था। उमादेवी ने गायन का प्रशिक्षण नहीं लिया था। इसलिए धीरे-धीरे उनका गायन का काम सिमटता गया और एक दिन वह अपना गायन करिअर छोड़कर पूरी तरह अपने परिवार में रम गई। परिवार चलाना मुश्किल हुआ तो उमादेवी ने फिर से फि़ल्मों में काम करने का मन बनाया।वे अपने गुरू नौशाद साहब से मिली। उमादेवी फिर से फि़ल्मों में गाना चाहती थीं, लेकिन समय आगे निकल चुका था। स्थिति को देखते हुए नौशाद साहब ने उन्हें कहा, तुम अभिनय में हाथ क्यों नहीं आजमाती? उमादेवी ने अपने बेबाक अंदाज़ में उन्होंने कह दिया, मैं एक्टिंग करूंगी, लेकिन दिलीप कुमार के साथ। दिलीप कुमार उस समय के सुपरस्टार थे। इसलिए उमादेवी की बात सुनकर नौशाद साहब हंस पड़े, लेकिन इसे किस्मत ही कहा जाए कि अपने अभिनय करिअर की शुरूआत उमादेवी ने दिलीप कुमार के साथ ही की। फिल्म थी - बाबुल जिसमें हिरोइन थीं - नर्गिस। उस वक्त उमा देवी का वजन काफी बढ़ गया था। दिलीप कुमार ने ही मोटी उमा को देखकर टुनटुन नाम दिया और यह नाम हमेशा के लिए उनके साथ जुड़ गया। फि़ल्म रिलीज़ हुई और छोटे से रोल में भी उनका अभिनय काफ़ी सराहा गय। उसके बाद आई मशहूर निर्माता-निर्देशक और अभिनेता गुरु दत्त की फि़ल्म मिस्टर एंड मिस 55 में उन्होंने अपने अभिनय के वे जौहर दिखाए कि हर कोई उनका कायल हो गया.बाद में टुनटुन की ख्याति इतनी बढ़ गई थी कि फि़ल्मकार उनके लिए अपनी फि़ल्म में विशेष रूप से रोल लिखवाया करते थे और टुनटुन भी हर रोल को अपने शानदार अभिनय से यादगार बना देती थीं। 70 के दशक के बाद उन्होंने फि़ल्मों में काम करना कम कर दिया और अधिकांश समय अपने परिवार के साथ गुजारने लगी। उनकी अंतिम फिल्म 1990 में आई कसम धंधे की थी। 24 नवंबर 2003 में उन्होंने इस दुनिया से विदा ली, लेकिन आज भी वे हिन्दी फिल्मों की पहली और सबसे सफ़ल महिला कॉमेडियन के रूप में याद की जाती हैं।







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