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मुंबई. ऑस्कर विजेता संगीतकार ए. आर. रहमान को वाशिंगटन में आयोजित एक समारोह में 'एकेडमी ऑफ अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। रहमान ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की और प्रतिष्ठित फिल्मकार पीटर जैकसन से प्राप्त 'गोल्डन प्लेट' पुरस्कार की तस्वीरें भी पोस्ट कीं। उन्होंने कहा, ''आज शाम 'एकेडमी ऑफ अचीवमेंट अवॉर्ड' प्राप्त कर मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं।'' वाशिंगटन स्थित गैर-लाभकारी संगठन 'द एकेडमी ऑफ अचीवमेंट' कला, विज्ञान, कारोबार और लोक सेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करता है। रहमान को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में तीन दशक से अधिक लंबे करियर के दौरान देश के सबसे प्रतिष्ठित संगीतकारों में शुमार किया जाता है। रहमान को गीत 'जय हो' और उसके संगीत के लिए दो ऑस्कर पुरस्कार मिले थे। उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ मौलिक संगीत' और 'सर्वश्रेष्ठ मौलिक गीत' श्रेणियों में यह सम्मान प्रदान किया गया था।
- मुंबई । अभिनेता अक्षय कुमार ने कहा कि लोगों को हंसाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर में यह काम और कठिन हो गया है, क्योंकि आज हर कोई मजेदार रील्स, मीम्स और स्टैंड-अप प्रस्तुतियों से रूबरू हो रहा है। फिल्म 'भूत बंगला' के बाद अक्षय अब कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की रिलीज की तैयारी में हैं। यह फिल्म 'वेलकम' फ्रेंचाइजी का हिस्सा है और शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। अक्षय ने कहा, "यह अब कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। आज हर जगह रील्स, मीम्स और कॉमेडी सामग्री मौजूद है। लेकिन कॉमेडी एक बड़ी नदी की तरह है, जो कभी नहीं सूखती। कॉमेडी के कई रूप हैं—फिजिकल कॉमेडी, परिस्थितिजन्य कॉमेडी, स्लैपस्टिक कॉमेडी और डार्क ह्यूमर।" अभिनेता ने कहा कि आज फिल्मों के अलावा भी लोगों के पास मनोरंजन के कई अन्य साधन उपलब्ध हैं।उन्होंने कहा, "लोगों को हंसाने के अनगिनत तरीके हैं। अगर आप इंस्टाग्राम खोलें, तो आपको अंतहीन मीम्स और मजेदार वीडियो मिल जाएंगे। लोग हर दिन कॉमेडी देखते हैं। कई कॉमेडी शो हैं और कई प्रतिभाशाली स्टैंड-अप कॉमेडियन नया कंटेंट तैयार कर रहे हैं। लेकिन लोगों को हंसाना आज भी सबसे कठिन कामों में से एक है। लोग अक्सर कॉमेडी को कम आंकते हैं। मैं स्टैंड-अप कॉमेडियन का बहुत सम्मान करता हूं। अकेले मंच पर खड़े होकर दर्शकों को हंसाना बेहद मुश्किल काम है।" फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की कहानी गैंगस्टर, अपराधियों और अजीबोगरीब किरदारों के एक समूह के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी राहें सीमा क्षेत्र के एक जंगल में आपस में टकराती हैं। इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ 30 से अधिक प्रमुख कलाकार काम करते नजर आएंगे। कलाकारों में सुनील शेट्टी, परेश रावल, रवीना टंडन, अरशद वारसी, लारा दत्ता समेत कई अभिनेता और अभिनेत्रियां शामिल हैं। 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की शुरुआत 2007 में रिलीज हुई इसी नाम की हिट फिल्म से हुई थी। इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ नाना पाटेकर, अनिल कपूर, परेश रावल, कैटरीना कैफ और दिवंगत फिरोज खान भी नजर आए थे। इसके बाद 2015 में 'वेलकम बैक' रिलीज हुई थी।
- नयी दिल्ली ।फिल्म कलाकार शाहिद कपूर, कृति सैनन और रश्मिका मंदाना की फिल्म 'कॉकटेल 2' ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।प्रोडक्शन बैनर 'मैडॉक फिल्म्स' ने बुधवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शाहिद, कृति और रश्मिका के पोस्टर के साथ फिल्म की बॉक्स ऑफिस कमाई के आंकड़े साझा किए। इसके मुताबिक, फिल्म ने अपने रिलीज के पहले दिन 24 करोड़ रुपये कमाए थे, जिसके बाद के दिनों में इसने क्रमशः 29.4 करोड़ रुपये, 29.4 करोड़ रुपये, 32.19 करोड़ रुपये, 10 करोड़ रुपये और 11.01 करोड़ रुपये की कमाई की। वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल कुमाई 106.61 करोड़ रुपये हो चुकी है।यह फिल्म 2012 की सुपरहिट फिल्म 'कॉकटेल' की अगली कड़ी है। मूल फिल्म में फिल्म कलाकार सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। हालांकि, यह फिल्म एक बिल्कुल नयी कहानी और नये किरदारों पर आधारित है। फिल्म की कहानी कुणाल (शाहिद), दीया (रश्मिका) और एली (कृति) के प्रेम त्रिकोण के इर्द-गिर्द घूमती है। 'कॉकटेल 2' का निर्माण दिनेश विजन, लव रंजन, प्रमिता आर. विजन और अंकुर गर्ग ने किया है।
- नयी दिल्ली। अभिनेता अमिताभ बच्चन ने स्टील वायर विनिर्माता डीपी वायर्स लिमिटेड में अपनी करीब एक प्रतिशत हिस्सेदारी 2.48 करोड़ रुपये से अधिक में बेच दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर उपलबध आंकड़ों के अनुसार, अमिताभ हरिवंश राय बच्चन ने मध्य प्रदेश स्थित कंपनी के 1,23,622 शेयर बेचे, जो 0.79 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। ये शेयर मंगलवार को औसतन 200.84 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए, जिससे कुल लेनदेन मूल्य 2.48 करोड़ रुपये रहा। जनवरी-मार्च तिमाही के अंत तक बच्चन के पास डीपी वायर्स में 2.11 प्रतिशत या 3.27 लाख शेयर की हिस्सेदारी थी। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, इस बीच दिग्गज अभिनेता ने 41,566 शेयर 199.90 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर खरीदे, जिसकी कुल कीमत 83.09 लाख रुपये रही। एनएसई पर डीपी वायर्स के अन्य खरीदारों का उल्लेख नहीं किया गया।
- नयी दिल्ली. फिल्मकार इम्तियाज अली इस बात से बहुत खुश हैं कि दर्शक "मैं वापस आऊंगा" को पसंद कर रहे हैं। बंटवारे की कहानी पर आधारित यह फिल्म दूसरे हफ़्ते में थियेटर में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अली फिल्म पर प्रतिक्रिया जानने के लिए विभिन्न शहरों का दौरा कर रहे हैं और सिनेमाघरों में जाकर दर्शकों से संवाद कर रहे हैं। बारह जून को रिलीज हुई फिल्म ''मैं वापस आऊंगा'' ने रिलीज के 10वें दिन सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। फिल्मों के व्यवसाय पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'सैकनिल्क' के अनुसार, फिल्म ने उस दिन भारत में 1,971 शो से 5.75 करोड़ रुपये की शुद्ध कमाई की। अली ने कहा, ''आखिरकार जनता ही जनार्दन है।हम अक्सर लोगों की पसंद का अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं, उन्हें अलग-अलग वर्गों और सामाजिक-आर्थिक श्रेणियों में बांटते हैं तथा यह रणनीति बनाते हैं कि वे किसी ब्रांड या फिल्म पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे। लेकिन मेरा मानना है कि लोग सिनेमा को काफी अच्छी तरह समझते हैं। वास्तव में हमें उनसे यह सीखना चाहिए कि फिल्म कैसे बनाई जाए और उसका प्रचार-प्रसार कैसे किया जाए।'' उन्होंने कहा, " 'मैं वापस आऊंगा' को मिल रही प्रतिक्रिया से मैं बेहद अभिभूत हूं। मैं सिनेमाघरों में जाकर दर्शकों के चेहरों को देखता रहता हूं और उनकी नजरों से फिल्म को समझने की कोशिश करता हूं। मैं अब तक छह शहरों का दौरा कर चुका हूं और आगे भी कई अन्य शहरों में जाने की योजना है।'' फिल्म को समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली, लेकिन रिलीज के शुरुआती तीन दिन में बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन अपेक्षाकृत धीमा रहा। 'सैकनिल्क' के अनुसार, फिल्म की अब तक की कुल शुद्ध कमाई 24.25 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है।
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नई दिल्ली। शुक्रवार को 19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) के श्रद्धांजलि खंड में दो प्रशंसित वृत्तचित्र, रघु राय: हियरिंग थ्रू द आइज़ और ताल एंड रिद्म- मृदंगम प्लेड बाई पालघाट रघु प्रदर्शित किए गए। इन वृत्तचित्रों के माध्यम से फोटोग्राफी, सिनेमा और भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को सम्मानित किया गया।
सुवेंदु चटर्जी द्वारा निर्देशित, रघु राय: हियरिंग थ्रू द आइज़, प्रसिद्ध भारतीय फोटोग्राफर रघु राय के जीवन और कार्यों की एक अंतर्दृष्टि प्रस्तुत करती है। चित्रों और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से, यह वृत्तचित्र उनकी रचनात्मक यात्रा और अनुभवों की खोज करता है जिसने उनके विजन को आकार दिया। 1977 में, श्री राय को दिग्गज फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसन द्वारा मैग्नम फोटोज के लिए नामांकित किया गया था।यह फिल्म श्री राय की "दर्शन" की अवधारणा को दर्शाती है, जिसे वे विषय के साथ एक भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव के रूप में वर्णित करते हैं। उनके अनुसार, फोटोग्राफी केवल छवियों को कैद करना नहीं है, बल्कि लोगों और उनकी भावनाओं को समझना भी है।यह वृत्तचित्र श्री राय द्वारा प्रलेखित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं को फिर से दिखाता है और मदर टेरेसा जैसी हस्तियों की उनकी प्रतिष्ठित तस्वीरों के साथ-साथ गणेश विसर्जन, ताजमहल और नागा साधुओं सहित रोजमर्रा की जिंदगी की छवियों को प्रदर्शित करता है, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और विरासत को दर्शाती हैं।इस वृत्तचित्र में उनकी बेटी, फिल्म निर्माता अवनी राय भी हैं, जिनका दृष्टिकोण कैमरे के पीछे के व्यक्ति की एक झलक प्रदान करता है और छवि निर्माताओं की दो पीढ़ियों के बीच संवाद स्थापित करता है।रचनात्मकता पर विचार करते हुए रघु राय कहते हैं कि प्रेम ही वह केंद्रीय सूत्र है जो कलात्मक अभिव्यक्ति को जोड़ता है। उनका मानना है कि एक तस्वीर स्वयं बोलती है और वे एक छवि को किसी व्यक्ति के आंतरिक और बाहरी जगत के एक सार्थक क्षण में मिलन के रूप में वर्णित करते हैं। वे युवा फोटोग्राफरों को अपनी शैली और माध्यम के प्रति अपना खुद का दृष्टिकोण खोजने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं।आज प्रदर्शित की गई दूसरी फिल्म, ताल एंड रिद्म- मृदंगम प्लेड बाई पालघाट रघु , फिल्म्स डिवीजन ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित और प्रख्यात फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित है। यह वृत्तचित्र कर्नाटक संगीत के सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण वाद्य यंत्रों में से एक, मृदंगम की पड़ताल करता है।प्रसिद्ध तालवादक पालघाट रघु की प्रस्तुति वाली यह फिल्म भारतीय शास्त्रीय संगीत में ताल (लयबद्ध चक्र) और लय की अवधारणाओं को समझाती है। प्रदर्शनों और प्रस्तुतियों के माध्यम से, यह दर्शकों को ताल, चक्र और सुधार की संरचना से परिचित कराती है, जो संगीत परंपरा की नींव का निर्माण करते हैं।इस वृत्तचित्र में मृदंगम बजाने की तकनीकें भी दिखाई गई हैं, जिनमें उंगलियों की गति, स्वर में भिन्नता और लयबद्ध पैटर्न शामिल हैं। यह वाद्ययंत्र में महारत हासिल करने के लिए अनुशासन, अभ्यास और रचनात्मकता के महत्व पर प्रकाश डालता है।संगीत सिद्धांत की पड़ताल के साथ-साथ, यह फिल्म उस समृद्ध मौखिक परंपरा पर भी बल देती है जिसके माध्यम से ज्ञान गुरु से शिष्य तक पहुंचाया जाता है। यह गुरु और शिष्य के बीच के उस मजबूत बंधन को दर्शाती है जिसने पीढ़ियों से भारत की शास्त्रीय संगीत परंपराओं को बनाए रखा है।श्रद्धांजलि खंड में दोनों वृत्तचित्रों के प्रदर्शन ने दर्शकों को विख्यात उस्तादों के जीवन और योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया, साथ ही भारत की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी सराहना को और गहरा किया। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता और डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार श्री संजीव सिवन ने शुक्रवार को 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) में “सामाजिक प्रचार-प्रसार का सिनेमा: मुद्दों को कहानी में बदलना और उन्हें सामने लाना” विषय पर मास्टरक्लास देते हुए उभरते कहानीकारों से कहा कि वे टेक्नोलॉजी से अधिक जिज्ञासा को महत्व दें।
महोत्सव की चल रही मास्टरक्लास सीरीज़ के तहत आयोजित इस कार्यशाला में, सिवन ने प्रतिभागियों को दिखाया कि असल ज़िंदगी के मुद्दों को असरदार फ़िल्मी कहानियों में कैसे बदला जा सकता है। इसके लिए उन्होंने अपने करियर में बनाई 75 से अधिक डॉक्यूमेंट्री, 30 से ज़्यादा शॉर्ट फ़िल्मों और कई फ़ीचर फ़िल्मों के उदाहरण दिए।सिवन ने कहा, "मुझे लगता है कि आपके लिए सबसे ज़रूरी कैमरे नहीं, बल्कि जिज्ञासा होनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि शानदार कहानियां महंगे उपकरणों से नहीं, बल्कि लोगों को देखने-समझने, रिसर्च करने और उनसे सच्चे जुड़ाव से बनती हैं।सिवन ने अपने फिल्म निर्माण के सफर से जुड़े अनुभव साझा करते हुए, अपनी कई सराहनीय कृतियों के बनने की कहानी बताई। उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिका में एक 'ओइजा बोर्ड' (Ouija board) से अचानक हुई मुलाक़ात से उनकी जिज्ञासा बढ़ी, जिससे उनकी 15 मिनट की पहली एक डॉक्यूमेंट्री बनी और बाद में ममूटी स्टारर मलयालम फ़ीचर फ़िल्म 'अपरिचितन' बनी। उन्होंने बताया,"यह फ़िल्म पहले एक डॉक्यूमेंट्री थी, लेकिन बाद में फ़ीचर फ़िल्म बन गई।" इस तरह उन्होंने समझाया कि कैसे एक ही विचार अलग-अलग फ़ॉर्मेट में विकसित हो सकता है।पूरे सत्र के दौरान, सिवन ने उभरते फिल्मकारों को याद दिलाया कि डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में अंततः विषयों की बजाय लोगों के बारे में होती हैं। उन्होंने कहा, "यदि आप मछुआरों पर कोई डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं, तो कहानी मछली पकड़ने के बारे में नहीं है। यह उनके जीवन निर्वाह के बारे में है। यदि आप किसी गांव पर फ़िल्म बना रहे हैं, तो वह भूगोल के बारे में नहीं, बल्कि उसकी पहचान के बारे में है।"उन्होंने डॉक्यूमेंट्री के विषयों (जिन लोगों पर फ़िल्म बन रही है) के साथ भरोसा कायम करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "लोगों को खुलकर बात करने से पहले सहज महसूस करना चाहिए। इसमें कई दिन, कई महीने या यहां तक कि कई वर्ष भी लग सकते हैं।"सिवन ने नॉन-फ़िक्शन फ़िल्ममेकिंग में नैतिक ज़िम्मेदारियों की चर्चा करते हुए, सनसनी फैलाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "जब आप डॉक्यूमेंट्री बनाते हैं, तो आपकी एक ज़िम्मेदारी होती है। आप सिर्फ़ इसे नाटकीय बनाने के लिए गलत चीज़ें नहीं दिखा सकते या बता सकते हैं।"अनुभवी फिल्म निर्माता ने अपनी फिल्मों जैसे 'लिटिल विमेन' पर भी चर्चा की, जिसमें तस्करी और वेश्यावृत्ति के बाद अपना जीवन फिर से संवारने वाली महिलाओं के जीवन को दिखाया गया था। उन्होंने संगीतकार शंकर महादेवन पर आधारित बायोग्राफिकल डॉक्यूमेंट्री 'डिकोडिंग शंकर' और भारतीय नौसेना के लिए किए गए प्रोजेक्ट्स पर भी बात की। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उनकी डॉक्यूमेंट्री 'आफ़्टर लाइफ़' से उन्हें अपनी पुरस्कार विजेता मलयालम फ़ीचर फ़िल्म 'वेनालोडुंगाथे' (एंडलेस समर) बनाने की प्रेरणा मिली। इससे पता चलता है कि डॉक्यूमेंट्री में की गई ऑब्ज़र्वेशन (अवलोकन) कैसे फ़िक्शन (काल्पनिक कहानी) का आधार बन सकती हैं।युवा फ़िल्म निर्माताओं को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और ओटीटी सर्विस की वजह से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए सिवन ने कहा कि फ़िल्म बनाना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो गया है। उन्होंने कहा, "आपको बड़े क्रू की ज़रूरत नहीं है। बस अच्छी लाइव साउंड होनी चाहिए। इसके अलावा, फ़िल्म शूट करने के लिए तीन से अधिक लोगों की आवश्यकता नहीं होती है।" सत्र का समापन करते हुए, सिवन उसी बात पर वापस आए जिसने उनके करियर को दिशा दी है। उन्होंने कहा, "हर जगह, हर उस व्यक्ति में जिससे आप मिलते हैं, एक कहानी होती है। अपनी कहानी बनाएं और उसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में सही तरीके से प्रदर्शित करें, ताकि आपकी पहचान बढ़े और फ़िल्म के डिस्ट्रीब्यूशन के अवसर मिल सकें।" - नयी दिल्ली. अभिनेता राम चरण की फिल्म 'पेद्दी' ने वैश्विक 'बॉक्स ऑफिस' पर 366 करोड़ रुपये की कमाई की है। इस फिल्म का निर्देशन बुची साना ने किया है और यह चार जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।फिल्म में शिवा राजकुमार और जाह्नवी कपूर ने भी अभिनय किया है।फिल्म की निर्माता कंपनी 'वृद्धि सिनेमाज' ने शनिवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर टिकट खिड़की पर हुई कुल कमाई की जानकारी दी। फिल्म ने रिलीज के पहले दिन ही 135.36 करोड़ रुपये की कमाई की थी और इसने अपने पहले सप्ताहांत में 236.7 करोड़ रुपये कमाए। कैप्शन में लिखा था, "पेद्दी वर्ष 2026 में दक्षिण भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। इसने नौ दिनों में दुनिया भर में 366 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है।" अस्सी के दशक के ग्रामीण आंध्र प्रदेश पर आधारित, ''पेद्दी" एक निचली जाति के ग्रामीण की कहानी है, जो अपने समुदाय के लिए पहचान और सम्मान पाने के लिए कुश्ती का रास्ता चुनता है। फिल्म में जगपति बाबू, दिव्येंदु और बोमन ईरानी भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।इस फिल्म का निर्माण 'वृद्धि सिनेमाज' के तहत वेंकट सतीश किलारू ने किया है। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया है।
- मुंबई. ओटीटी मंच नेटफ्लिक्स ने शनिवार को घोषणा की कि सनी देओल और अक्षय खन्ना अभिनीत अदालती ड्रामा फिल्म 'इक्का' 10 जुलाई को रिलीज होगी। निर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म लगभग तीन दशक बाद दोनों अभिनेताओं को फिर से एक साथ पर्दे पर ला रही है। इससे पहले दोनों निर्देशक जेपी दत्ता की 1997 में रिलीज़ हुई युद्ध-आधारित फिल्म 'बॉर्डर' में साथ दिखाई दिए थे। फिल्म 'इक्का' में सनी देओल ने एक प्रसिद्ध वकील की भूमिका निभाई है जिसे अपने अतीत से जुड़े एक व्यक्ति का बचाव करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस व्यक्ति की भूमिका अक्षय खन्ना निभा रहे हैं। यह मामला उनके सिद्धांतों और परिवार दोनों को कठिन परीक्षा में डाल देता है।फिल्म में तिल्लोतमा शोम लोक अभियोजक की भूमिका में हैं, जो सनी देओल के किरदार के खिलाफ अदालत में पेश होंगी। वहीं, दीया मिर्जा सनी देओल की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं। यह ओटीटी की दुनिया में सनी देओल की पहली फिल्म है, साथ ही 33 वर्षों बाद वह फिर से किसी फिल्म में वकील की भूमिका निभाते नजर आएंगे। इससे पहले उन्होंने 1993 में आई फिल्म 'दामिनी' में वकील का किरदार निभाया था। निर्देशक मल्होत्रा ने कहा कि यह विषय कई वर्षों से उनके दिल के बेहद करीब रहा है।उन्होंने कहा, ''एक कहानीकार के रूप में मैं हमेशा ऐसी कहानियों की तलाश में रहता हूं जो मुझे भावनात्मक और रचनात्मक दोनों स्तरों पर चुनौती दें तथा 'इक्का' ऐसी ही एक यात्रा रही है। मैं हमेशा से अदालती ड्रामा फिल्मों का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं।'' 'नेटफ्लिक्स इंडिया' (कंटेंट) की उपाध्यक्ष मोनिका शेरगिल ने कहा कि यह फिल्म इस ओटीटी मंच के लिए एक महत्वपूर्ण और विशेष उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ''इक्का में वह सबकुछ है जो दर्शकों को एक बेहतरीन अदालती ड्रामा में पसंद आता है-ऊंचे दांव, नैतिक जटिलताएं और भावनात्मक टकराव। मल्होत्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक रोमांचक कहानी के माध्यम से न्याय, सत्य और जवाबदेही जैसे विषयों की पड़ताल करती है, जो अंत तक दर्शकों में उत्सुकता बनाए रखती है...।''
- मुंबई। फिल्म निर्देशक बुची बाबू सना ने हाल में रिलीज हुई अपनी फिल्म 'पेद्दी' में अभिनेत्री जाह्नवी कपूर के किरदार के चित्रण को लेकर हो रही आलोचनाओं के बाद शनिवार को सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि फिल्म की टीम ने दर्शकों की प्रतिक्रिया को 'गंभीरता से' लिया है और इसमें आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। खेल की पृष्ठभूमि पर बनी इस एक्शन फिल्म में अभिनेता राम चरण मुख्य भूमिका में है। यह तेलुगु फिल्म उस समय विवादों से घिर गई जब दर्शकों के एक वर्ग ने आलोचना करते हुए कहा कि इसके फिल्मांकन, संवाद तथा चरण व जाह्नवी के बीच के रूमानी दृश्यों के माध्यम से महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश किया गया है। फिल्म के एक खास दृश्य की तीखी आलोचना हो रही है, जिसमें राम चरण का किरदार बिजली चले जाने की आड़ में जाह्नवी कपूर के किरदार 'अचियम्मा' के साथ अनुचित व्यवहार करता दिख रहा है। इंटरनेट पर लोगों ने इस दृश्य को ''यौन उत्पीड़न'' करार दिया है। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किए गए एक बयान में बाबू सना ने कहा कि सिनेमा वह है जो ''दर्शकों का मनोरंजन करे, उन्हें प्रेरित करे और उनसे जुड़े'' तथा इससे कोई भी ''असहज या अपमानित'' महसूस नहीं करे। निर्देशक ने कहा कि टीम ने दर्शकों की प्रतिक्रिया की समीक्षा की और विवादित दृश्यों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इससे पहले 'उप्पेना' जैसी फिल्म बनाने वाले सना ने जिम्मेदारपूर्ण तरीके से कहानियां पर्दे पर लाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। हालांकि, अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।यह फिल्म 1980 के दशक की ग्रामीण आंध्र प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित है। 'पेद्दी' में एक निचली जाति के ग्रामीण के संघर्ष और यात्रा को दिखाया गया है, जो अपने समुदाय को पहचान और सम्मान दिलाने के लिए कुश्ती का सहारा लेता है। फिल्म में शिव राजकुमार, जगपति बाबू, दिव्येंदु और बमन ईरानी सहायक भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म चार जून को रिलीज हुई थी।
- नयी दिल्ली. "द व्हाइट टाइगर", "खो गए हम कहां" और "तू या मैं" जैसी फिल्मों में अपने प्रदर्शन के लिए मशहूर अभिनेता आदर्श गौरव विज्ञान-कथा श्रृंखला "एलियन: अर्थ" के एक और सीजन की शूटिंग शुरू करने के लिए तैयार हैं। 31 वर्षीय अभिनेता जून के पहले सप्ताह में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वह श्रृंखला में अपने 'स्लाइटली' के किरदार को फिर से निभाएंगे। यह श्रृंखला नोह हॉली ने बनाई है और इसके कार्यकारी निर्माता रिडले स्कॉट हैं। अन्य कलाकारों के साथ-साथ इसमें सिडनी चांडलर, एलेक्स लॉदर, एस्सी डेविस, सैमुअल ब्लेंकिन, बाबु सीसे, टिमोथी ओलिफेंट और पीटर डिंकलेज भी शामिल हैं। गौरव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में वापस आना उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने एक बयान में कहा, "'स्लाइटली' एक ऐसा किरदार है जो शूटिंग खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक मेरे साथ रहा, क्योंकि वह भावनात्मक रूप से काफी जटिल और अप्रत्याशित है।'' उन्होंने आगे कहा ''मैं जून के पहले सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल के लिए रवाना हो जाऊँगा, और हम इसके तुरंत बाद शूटिंग शुरू कर देंगे। इस सीज़न को लेकर उत्सुकता का एक बड़ा माहौल है।'' इस श्रृंखला का पहला सीज़न 2025 में रिलीज़ हुआ था।
- मुंबई. अभिनेता मनोज वाजपेयी का कहना है कि उनकी आगामी फिल्म 'गवर्नर' में उन लोगों के योगदान के बारे में बताया जाएगा, जिन्होंने तीन दशक पहले देश को गंभीर आर्थिक संकट से उबारने में अहम भूमिका निभाई थी। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में 1990 के दशक की शुरुआत में भारत को झकझोर देने वाले आर्थिक संकट की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म में मनोज वाजपेयी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर की भूमिका निभा रहे हैं। उनका किरदार आरबीआई के पूर्व गवर्नर एस. वेंकटरमणन से प्रेरित है। फिल्म का निर्देशन चिन्मय मांडलेकर ने किया है, जबकि इसमें अदा शर्मा और मधु भी प्रमुख भूमिकाएं निभाती नजर आएंगी। वाजपेयी ने कहा कि 1991 के आर्थिक संकट के समय वह दिल्ली में रंगमंच कलाकार थे और अखबारों के जरिए घटनाक्रम पर नजर रखते थे। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से खबरों का शौकीन रहा हूं। इसलिए मुझे पूरी तरह पता है कि यह हुआ था। लेकिन बंद दरवाजों के पीछे क्या हुआ और वे कौन लोग थे जो भारत को उस संकट से बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार थे, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं थी।" अभिनेता ने कहा कि वह उस समय एक संघर्षरत रंगमंच कलाकार के रूप में पूरी तरह कंगाली में जीवन बिता रहे थे। वाजपेयी ने कहा, "एक गरीब व्यक्ति की जिंदगी चलती रहती है, लेकिन यह स्पष्ट है कि जब रुपये का मूल्य घटता है तो उसका बोझ सभी को उठाना पड़ता है। उस समय भी स्थिति ऐसी ही थी।" अभिनेता ने राजनीतिक अस्थिरता के बीच वित्तीय संकट से निपटने में पूर्व आरबीआई गवर्नर एस. वेंकटरमणन, अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसी प्रमुख हस्तियों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "इन लोगों के योगदान के बारे में कोई नहीं जानता। ऐसे में एक फिल्मकार या पटकथा लेखक की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं को सिनेमाई और नाटकीय रूप देकर लोगों तक पहुंचाया जाए।" जब वाजपेयी से पूछा गया कि क्या फिल्म में किसी एक पक्ष का समर्थन किया गया है, तो अभिनेता ने कहा कि उन्होंने इसे यथासंभव प्रामाणिक बनाए रखने की कोशिश की है। निर्माता विपुल अमृतलाल शाह की इस फिल्म का सह-निर्माण आशिन ए. शाह ने किया है। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
- मुंबई. बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन के भाई के घर में देखभालकर्ता के रूप में परिवार का विश्वास जीतकर कथित तौर पर 25 लाख रुपये के सोने और हीरे के आभूषण चोरी करने के आरोप में 47 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि जुहू पुलिस ने हाल ही में खार निवासी महिला को गिरफ्तार किया है। राशि को अभिनेत्री की बुजुर्ग मां वीना टंडन की देखभाल के लिए रखा गया था। उन्होंने बताया कि चोरी की यह घटना पिछले वर्ष अक्टूबर में सामने आई, जब परिवार ने पाया कि उनके सोने-हीरे के आभूषणों तथा दो लग्जरी घड़ियों समेत कई कीमती सामान आलमारी से गायब हैं। अधिकारी ने बताया कि चोरी हुए सामान की कीमत 25 लाख रुपये है।मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, राजीव टंडन द्वारा पूछताछ किए जाने पर आरोपी महिला ने पहले तो अपनी संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन बाद में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने चोरी की दो घड़ियां लौटा दीं और दावा किया कि अन्य आभूषण उसने अपने एक सहयोगी को सौंप दिए थे, जिन्हें उसने वापस दिलाने का वादा किया। अधिकारी ने बताया कि बार-बार संपर्क किए जाने के बावजूद आरोपी महिला ने कथित तौर पर आभूषण वापस नहीं लौटाए।शिकायत के अनुसार, आरोपी महिला 2020 से आपसी परिचितों के माध्यम से रवीना के भाई के परिवार से मिलने आती थी। अपने पति और माता-पिता की मृत्यु के बाद परिवार से उसका रिश्ता काफी घनिष्ठ हो गया था और उसे घर में बिना रोक-टोक आने-जाने की अनुमति मिल गई थी। शिकायत के अनुसार, आवास की दूसरी मंजिल पर केवल परिवार के सदस्यों और आरोपी को ही जाने की अनुमति थी, जहां कीमती सामान रखा गया था। शिकायतकर्ता राजीव ने आरोप लगाया है कि इस मामले में आरोपी ने अपने एक सहयोगी की मदद ली। उसने खुद को पुलिस का मुखबिर बता कर राजीव को धमकी दी कि यदि उसने गहनों की वापसी के लिए दबाव बनाया तो उसे झूठे मादक पदार्थ मामले में फंसा दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि आरोपी महिला को 21 मई को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किए जाने के बाद 29 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है।
- मुंबई/ आशा भोसले के निधन के कुछ ही हफ्तों बाद भारतीय संगीत जगत को एक और बड़ा झटका लगा है। दिग्गज सिंगर सुमन कल्याणपुर, जिनकी मधुर आवाज ने कई पीढ़ियों के लोगों को मंत्रमुग्ध किया, उनका रविवार, 31 मई को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सिनेमा में उनकी यात्रा 'शुक्रची चांदनी' और 'मंगू' (1954) जैसी फिल्मों से शुरू हुई थी।वर्षों से उन्होंने 'शराबी शराबी ये सावन का मौसम', 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार', 'ना तुम हमें जानो', 'परबतों के पेड़ों पर' और 'निम्बोनीच्या झाड़ा मागे' जैसे कई सदाबहार गानों को अपनी आवाज दी। मोहम्मद रफी के साथ उनके सहयोग को काफी लोकप्रियता मिली। उनके निधन की खबर के बाद श्रद्धांजलि का तांता लग गया, जिनमें वरिष्ठ एनसीपी नेता शरद पवार और सिंगर फैयाज सबसे पहले शोक व्यक्त करने वालों में शामिल थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने X पर लिखा, 'वरिष्ठ गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन से भारतीय संगीत जगत की एक मधुर, सुरीली और भावपूर्ण आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई है।सुमन कल्याणपुर की लता मंगेशकर से मिलती थी आवाजसुमन की आवाज सुरीली सिंगर लता मंगेशकर से इतनी मिलती-जुलती थी कि लोग अक्सर दोनों की आवाज को लेकर भ्रमित हो जाते थे। उन्होंने संगीत की दुनिया में दशकों तक अपनी एक अलग पहचान बनाई। 28 जनवरी, 1937 को अविभाजित भारत के ढाका में जन्मीं सुमन कल्याणपुर हिंदी और मराठी सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध सिंगर्स में से एक बनीं। फिल्मी संगीत के अलावा, उनके भजन, गजल, मराठी अभंग और भावगीत भी गाए, जो एक कलाकार के रूप में उनकी पहचान बनी।सुमन कल्याणपुर की पढ़ाई, शादी और बच्चेमुंबई के सेंट कोलंबस स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, सुमन ने चित्रकला की पढ़ाई की और सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला लिया। हालांकि, जल्द ही संगीत ही उनका जुनून बन गया। उन्होंने पंडित केशवराव भोले, उस्ताद खान अब्दुल रहमान खान और उस्ताद नवरंग जैसे प्रख्यात गुरुओं से ट्रेनिंग ली, जिसने उनके करियर की नींव रखी। सुमन ने 1958 में बिजनेसमैन रामानंद कल्याणपुर से शादी की। उनके परिवार में उनकी बेटी चारू अग्नि हैं।
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नयी दिल्ली. कान फिल्म महोत्सव के रेड कार्पेट पर अपने लुक को लेकर 'ट्रोलिंग' का सामना कर रहीं अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के समर्थन में माधुरी दीक्षित खुलकर सामने आई हैं। 'देवदास' की अपनी सह-कलाकार की तारीफ करते हुए माधुरी ने कहा कि ऐश्वर्या एक वैश्विक स्तर की कलाकार हैं, जिन्होंने अपनी उपलब्धियों और प्रतिभा के दम पर भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। पिछले दो दशकों से अधिक समय से कान फिल्म महोत्सव में नियमित रूप से भाग ले रहीं ऐश्वर्या राय बच्चन को इस वर्ष रेड कार्पेट पर उनकी उपस्थिति के बाद सोशल मीडिया पर 'बॉडी-शेमिंग' (किसी व्यक्ति के शारीरिक रूप, वजन, रंग, कद, शरीर के आकार या बाहरी बनावट का मजाक उड़ाना) और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने उनके वजन और रूप को लेकर आलोचनाएं कीं। माधुरी दीक्षित ने कहा कि ऐश्वर्या ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एक शानदार विरासत बनाई है और उनकी उपलब्धियों को नजरअंदाज कर केवल उनके रूप-रंग पर टिप्पणी करना युवाओं के लिए गलत संदेश देता है। उन्होंने कहा, ''वह पिछले 20 वर्षों से वहां जा रही हैं। उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। वह एक वैश्विक स्तर की कलाकार हैं। मिस वर्ल्ड बनने के बाद उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है।'' माधुरी ने कहा, ''आप किसी व्यक्ति को उसके वजन, कपड़ों या उम्र के आंकड़ों तक सीमित नहीं कर सकते। वह सुंदर हैं और सिर्फ बाहर से ही नहीं, बल्कि दिल से भी सुंदर हैं।'' माधुरी और ऐश्वर्या ने देवदास में साथ काम किया था, जिसमें शाहरुख खान भी मुख्य भूमिका में थे। ऐश्वर्या ने 2002 में इसी फिल्म के प्रीमियर के लिए पहली बार कान में हिस्सा लिया था। उस समय पीली साड़ी में उनकी उपस्थिति ने दुनियाभर का ध्यान आकर्षित किया था और तब से उन्हें अक्सर इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में भारत का चेहरा माना जाता है। माधुरी ने सोशल मीडिया पर ऐश्वर्या को लेकर की जा रही टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा, ''लोगों को समझना चाहिए कि इस तरह की टिप्पणियां करके वे आज के युवाओं को क्या संदेश दे रहे हैं। क्या किसी व्यक्ति की कीमत सिर्फ इस बात से तय होती है कि वह कैसा दिखता है, उसकी उपलब्धियों से नहीं? यह पूरी तरह गलत संदेश है।'' हाल ही में अभिनेत्री अनन्या पांडे भी सोशल मीडिया पर आलोचना का शिकार बनी थीं। उनकी फिल्म 'चांद मेरा दिल' के एक दृश्य में भरतनाट्यम और 'हिप-हॉप' के मिश्रण वाले नृत्य को लेकर लोगों ने उन्हें खूब ट्रोल किया। कई लोगों ने उन पर भरतनाट्यम की ''गलत प्रस्तुति'' और सांस्कृतिक अपमान का आरोप लगाया। माधुरी का मानना है कि सोशल मीडिया ने हर किसी को किसी भी विषय पर टिप्पणी करने का मंच दे दिया है।
उन्होंने कहा, ''ऐसे लोग पहले भी थे, लेकिन उनके पास अपनी बात कहने का माध्यम नहीं था। आज उनके पास वह माध्यम है।'' माधुरी की नेटफ्लिक्स पर आगामी फिल्म 'मां-बहन' में उनकी सह-अभिनेत्री तृप्ति डिमरी ने भी उनका समर्थन किया। तृप्ति ने कहा, ''घर में आराम से बैठकर लोगों पर टिप्पणी करना बहुत आसान है। लेकिन जिन्होंने अपनी जिंदगी में मेहनत करके कुछ हासिल किया है, चाहे वह अनन्या हों या ऐश्वर्या मैम, वे सभी अपनी उपलब्धियों तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर चुकी हैं।'' माधुरी ने कहा कि फिल्मों की समीक्षा पहले भी होती थी, लेकिन अब डिजिटल मीडिया के दौर में हर छोटी-बड़ी बात 'कंटेंट' बन चुकी है। 'मां-बहन' एक डार्क कॉमेडी फिल्म/सीरीज है, जिसमें हास्य के साथ गंभीर या संवेदनशील विषयों को भी दिखाया गया है। इसमें अभिनेत्री तृप्ति डिमरी, माधुरी दीक्षित के अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धरना दुर्गा और अभिनेता रवि किशन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर चार जून को रिलीज होगी। -
मैसुरू (कर्नाटक) . अभिनेता रणवीर सिंह ने मंगलवार को यहां चामुंडेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उन्हें कांतारा मिमिक्री मामले में मंदिर जाने का निर्देश दिया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह मंदिर चामुंडी पहाड़ियों की चोटी पर स्थित है। उच्च न्यायालय ने पिछले महीने अभिनेता के खिलाफ फिल्म 'कांतारा-1' में देवता के चित्रण की नकल करने से संबंधित मामले में कार्यवाही रद्द कर दी थी। अदालत का यह फैसला अभिनेता द्वारा बिना शर्त माफी मांगने के बाद आया।
अदालत ने रणवीर के वकील द्वारा प्रस्तुत संशोधित हलफनामे को भी स्वीकार कर लिया था और उन्हें अपने आचरण के लिए प्रायश्चित करने हेतु चामुंडी देवी के दर्शन करने को कहा था। यह विवाद गोवा में फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह में अभिनेता द्वारा फिल्म 'कांतारा' को लेकर की गई कथित टिप्पणियों से संबंधित है। रणवीर पर एक देवता की नकल करने और उसे 'शैतान' कहने का आरोप है। धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए एक वकील द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर फिल्म 'धुरंधर' के अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।m - नयी दिल्ली. बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मुंबई स्थित अपने घर 'जलसा' के बाहर प्रशंसकों का अभिवादन करते हुए अपने अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहों को खारिज कर दिया है। दरअसल, पिछले हफ्ते खबरें आई थीं कि अभिनेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब उन्होंने बंगले के बाहर अपने प्रशंसकों से मिलकर इन खबरों का खंडन किया है। वे वर्षों से चली आ रही अपनी रविवार की दर्शन की परंपरा को जारी रखे हुए हैं। हर रविवार को हजारों प्रशंसक उनके बंगले के पास इकट्ठा होते हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में अभिनेता सफेद कुर्ते में नजर आ रहे हैं और उनकी एक झलक पाने के लिए उत्सुक प्रशंसकों को हाथ हिला रहे हैं। बच्चन की नवीनतम फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' है। यह फिल्म 2024 में रिलीज हुई थी। अभिनेता अब इस फिल्म के सीक्वल में नजर आएंगे, जिसका निर्देशन नाग अश्विन ने किया है, जिन्होंने पहली फिल्म का निर्देशन किया था। इसके अलावा, वह निम्रत कौर और डायना पेंटी के साथ 'सेक्शन 84' में भी दिखाई देंगे।
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नयी दिल्ली. अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने कान फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में रेड कार्पेट पर शिरकत की और इस दौरान उन्होंने चीनी डिजाइनर चेनी चान द्वारा डिजाइन किया गया सफेद रंग का परिधान पहना। डिजाइनर ने रविवार को इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें साझा कीं, जिसमें अभिनेत्री फोटोग्राफरों के सामने 'पोज' देती नजर आईं। उनके परिधान में सफेद ब्लाउज और किनारों पर बारीक लेस डिजाइन वाला सफेद ट्राउजर शामिल था। इसके साथ ही, ऐश्वर्या ने सफेद रंग का बड़ा 'फेदर बोआ' लिया हुआ था।
ऐश्वर्या राय बच्चन 2003 से कान फिल्म महोत्सव में 'लॉरियल पेरिस' की वैश्विक ब्रांड एंबेसडर के रूप में प्रतिनिधित्व करती रही हैं। शनिवार को संपन्न हुए महोत्सव में उन्होंने खुले बालों और गुलाबी रंग के मेकअप शेड्स के साथ शिरकत की। डिजाइनर चेनी चान ने पोस्ट के कैप्शन में इस परिधान के पीछे की सोच बताते हुए कहा कि यह पोशाक ''संरचना और सहज प्रवृत्ति के बीच संवाद के माध्यम से औपचारिक टेलरिंग की पुनर्कल्पना करता है।'' उन्होंने लिखा, ''2026 कान फिल्म महोत्सव के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन ने खास तौर पर तैयार किया गया परिधान पहना।'' ऐश्वर्या के साथ उनकी बेटी आराध्या बच्चन भी थीं। आराध्या ने लाल साटन गाउन पहना था। - नयी दिल्ली।. अभिनेता प्रकाश राज ने अजय देवगन अभिनीत 'दृश्यम 3' की शूटिंग पूरी कर ली है। यह फिल्म 'दृश्यम' सीरीज की तीसरी कड़ी है और दो अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसका निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है और इसे स्टार स्टूडियो 18 द्वारा प्रस्तुत किया गया है। आलोक जैन, अजीत अंधारे और कुमार मंगत पाठक भी फिल्म के निर्माण से जुड़े हैं। राज ने शुक्रवार को अपने 'इंस्टाग्राम' हैंडल पर 'क्लैपरबोर्ड' के साथ एक तस्वीर साझा की और कहा कि उन्हें फिल्म का हिस्सा बनकर बहुत खुशी हुई। उन्होंने लिखा, ''फिल्म 'दृश्यम3' हिंदी... एक शानदार टीम के साथ एक बेहतरीन शूटिंग पूरी की... इस फिल्म का हिस्सा बनकर बहुत मजा आया। मुझे यकीन है कि आपको भी ये फिल्म पसंद आएगी...।'' राज और देवगन के अलावा फिल्म में तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, रजत कपूर और जयदीप अहलावत सहित कई अन्य कलाकार हैं। 'दृश्यम' मूल रूप से 2013 में मोहनलाल अभिनीत एक मलयालम फिल्म की रीमेक थी और इसकी सीक्वल 2022 में आई थी। नवीनतम भाग शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ। तीनों फिल्मों का निर्देशन जीतू जोसेफ ने किया है। हिंदी संस्करण की पहली फिल्म 2015 में रिलीज हुई थी जिसका निर्देशन दिवंगत निशिकांत कामत ने किया था। इसके बाद 2022 में दूसरी फिल्म रिलीज हुई जिसका निर्देशन पाठक ने किया था। पिछली फिल्में मलयालम संस्करण की रीमेक थीं जबकि तीसरी फिल्म की कहानी बिल्कुल अलग होगी।
- मुंबई। अभिनेता एवं राजनेता रवि किशन का कहना है कि वह आज तक यह नहीं समझ पाए हैं कि सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और 'मीम्स' क्यों प्रसारित होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह महज एक आम इंसान हैं और दूसरों की तरह उनसे भी गलतियां हो जाती हैं। अभिनेता रवि किशन से शुक्रवार शाम उनकी आगामी फिल्म 'मां बहन' के ट्रेलर जारी करने के मौके पर उनकी हालिया वायरल हुई वीडियो के संबंध में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने गलती से 'वर्क फ्रॉम होम' कहने के बजाय 'होम फ्रॉम वर्क' कह दिया। वह इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'वर्क फ्रॉम होम' की अपील के समर्थन में बोल रहे थे।गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने कहा, "मैं महादेव की कसम खाकर कहता हूं कि मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं है कि मैं क्यों वायरल होता रहता हूं। मैं उस समय संसद जा रहा था और कहना चाहता था कि 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) करने की जरूरत है, लेकिन उसकी जगह मुंह से 'होम फ्रॉम वर्क' निकल गया।" 'मां बहन' फिल्म में रवि किशन के साथ माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धारणा दुर्गा मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। नेटफ्लिक्स की इस फिल्म का निर्देशन 'सूबेदार' और 'तुम्हारी सुलू' फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने किया है।
- कान.। अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने आखिरकार 'कान फिल्म महोत्सव' में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ऐश्वर्या फैशन डिजाइनर अमित अग्रवाल द्वारा तैयार नीले रंग का गाउन पहने रेड कार्पेट पर चलती नजर आईं। वर्ष 2003 से 'वैश्विक ब्रांड एंबेसडर' के रूप में कान में 'लॉरियल पेरिस' का प्रतिनिधित्व कर रहीं ऐश्वर्या राय बच्चन ने शुक्रवार को हाथ जोड़कर 'नमस्ते' करके रेड फोटोग्राफरों का अभिवादन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी सह-एंबेसडर और हॉलीवुड अभिनेत्री ईवा लोंगोरिया के साथ भी तस्वीरें खिचवाईं। दोनों अभिनेत्रियां पाल्मे डी'ओर पुरस्कार की दावेदार फिल्म "द बर्थडे पार्टी" की स्क्रीनिंग में शामिल हुईं, जिसमें मशहूर अभिनेत्री मोनिका बेलुची मुख्य भूमिका में हैं। इसके बाद शाम को आयोजित 'लाइट्स ऑन विमेंस वर्थ' कार्यक्रम के लिए ऐश्वर्या ने सोफी कूट्योर द्वारा डिजाइन किया हुआ हल्का गुलाबी रंग का गाउन पहना, जिसमें फूलों की खूबसूरत कढ़ाई थी। इस दौरान ऐश्वर्या के साथ उनकी 14 वर्षीय बेटी आराध्या बच्चन भी थीं, जिसने लाल रंग का गाउन पहना हुआ था।
- मुंबई. लोकप्रिय सीरीज 'गुल्लक' का पांचवा सीजन पांच जून को सोनी लिव पर प्रसारित होगा। ओटीटी प्लेटफॉर्म ने बुधवार को यह घोषणा की। यह सीरीज श्रेयांश पांडे द्वारा निर्मित और 'द वायरल फीवर' (टीवीएफ) द्वारा निर्मित एक पारिवारिक ड्रामा है जो रोजमर्रा की जिंदगी पर आधारित है। यह शृंखला मिश्रा परिवार पिता संतोष, माता शांति और उनके दो बेटों अन्नू एवं अमन के जीवन के छोटे-छोटे एवं सहज पलों को दर्शाती है, जो भारत में मध्यमववर्गीय परिवारों के जीवन का हिस्सा हैं। परिवार की पुरानी 'गुल्लक' द्वारा सुनाई गई इस कहानी को, 2019 में इसकी शुरुआत के बाद से ही इसकी गर्मजोशी, हास्य और भावनात्मक प्रामाणिकता के कारण दर्शकों के बीच एक वफादार दर्शक वर्ग मिल गया। टीवीएफ के अध्यक्ष विजय कोशी ने कहा कि 'गुल्लक' हर सीजन के साथ दर्शकों के और करीब आती जा रही है।उन्होंने कहा, ''पांचवां सीजन मध्यमवर्गीय भारत की बदलती वास्तविकताओं को दर्शाता है, साथ ही शो की खासियत, यानी गर्मजोशी और सादगी को भी बरकरार रखता है। यह सीजन विकास, बदलाव और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए आगे बढ़ने की मिली-जुली भावनाओं के बारे में है।''
- नयी दिल्ली। व्यवसायी सूरज नाम्बियार ने अभिनेत्री मौनी रॉय से शादी के चार वर्ष बाद अलग होने की घोषणा के बीच सोमवार को उनके निजी जीवन में ताक-झांक के प्रयासों की आलोचना की। रॉय और नाम्बियार ने पिछले बृहस्पतिवार को एक संयुक्त बयान के माध्यम से अपने तलाक की घोषणा की, जिससे उनके वैवाहिक जीवन को लेकर हफ्तों से चल रही अटकलों की पुष्टि हुई। अब, नाम्बियार ने एक और बयान जारी कर उनके अलगाव के कारणों को लेकर मीडिया में चल रही अटकलों की आलोचना की है। बयान में कहा गया है, "मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा हमारे निजी जीवन में अनावश्यक ध्यान देने और ताक-झांक करने से हमें गहरी निराशा है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमने अलग होने का फैसला किया है और हम निजी तौर पर सौहार्दपूर्ण ढंग से मामलों को सुलझाने के लिए आवश्यक समय ले रहे हैं।" उन्होंने लिखा, "हमारे अलगाव को लेकर हाल ही में फैलाई गई निराधार खबरें घटिया और पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण हैं। मैं बातें स्पष्ट करना चाहता हूं। कोई गुजारा भत्ता नहीं। कोई विवाद नहीं। इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं... मौनी और मैंने आपसी सम्मान और एक-दूसरे की भलाई का पूरा ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया है। यही सच है। बाकी सब कुछ मनगढ़ंत है।" नाम्बियार ने कहा कि अलगाव में दूसरे लोगों को घसीटना अच्छा नहीं है।उन्होंने कहा, "मौनी और मैंने इस पूरे दौर में गरिमापूर्ण व्यवहार किया है और हम उम्मीद करते हैं कि इस पर रिपोर्टिंग करने वाले भी हमारे साथ वैसा ही गरिमापूर्ण व्यवहार करेंगे... मैं इस बात को स्पष्ट और सीधे तौर पर कह रहा हूं, क्योंकि जानबूझकर फैलाई गई गलत सूचना के सामने चुप रहना मुझे मंजूर नहीं है।" इस बयान को मौनी रॉय ने भी साझा किया है। गोल्ड' और 'ब्रह्मास्त्र' जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर रॉय ने जनवरी 2022 में नाम्बियार से शादी की थी। उनकी मुलाकात 2019 में हुई थी।
- नयी दिल्ली । रितेश देशमुख अभिनीत फिल्म "राजा शिवाजी" ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है। 'जियो स्टूडियोज' और 'मुंबई फिल्म कंपनी' द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन खुद रितेश देशमुख ने किया है। यह फिल्म एक मई को सिनेमाघरों में मराठी और हिंदी भाषाओं में रिलीज हुई थी। फिल्म में अभिनेता (रितेश) ने छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाई है। बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'सैकनिल्क' के अनुसार, घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल सकल कमाई 100.13 करोड़ रुपये हो गई है। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मराठी फिल्म भी बन गई है। फिल्म को 'जियो स्टूडियोज' द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जबकि इसका निर्माण ज्योति देशपांडे और जेनेलिया देशमुख ने 'मुंबई फिल्म कंपनी' के अंतर्गत किया है।
- लखनऊ।. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को फिल्म 'कृष्णावतारम्' देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्रीगण, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बयान के अनुसार, फिल्म दिखाए जाने के दौरान पूरा सभागार "कृष्णा-कृष्णा, राधे-राधे" के जयघोष से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने मंच पर फिल्म से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया।उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सभी मंत्री एक साथ इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागी बने, जो नए मंत्रियों के स्वागत का यादगार क्षण रहा। योगी ने कहा कि यह फिल्म भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है और इसमें द्वापर युग, सनातन संस्कृति एवं भारतीय परंपराओं को भव्यता से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग को निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराई जाए ताकि युवा और बच्चे अपनी संस्कृति व विरासत से जुड़ सकें। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, "हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए। उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं भी दीं।" फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज हुई है। फिल्म का निर्देशन हार्दिक गज्जर ने किया है और सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट व निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। अभिनेता जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा जैसे कलाकारों ने भी फिल्म में अहम भूमिकाएं निभाई हैं।






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