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- लखनऊ।. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को फिल्म 'कृष्णावतारम्' देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्रीगण, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बयान के अनुसार, फिल्म दिखाए जाने के दौरान पूरा सभागार "कृष्णा-कृष्णा, राधे-राधे" के जयघोष से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने मंच पर फिल्म से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया।उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सभी मंत्री एक साथ इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागी बने, जो नए मंत्रियों के स्वागत का यादगार क्षण रहा। योगी ने कहा कि यह फिल्म भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है और इसमें द्वापर युग, सनातन संस्कृति एवं भारतीय परंपराओं को भव्यता से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग को निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराई जाए ताकि युवा और बच्चे अपनी संस्कृति व विरासत से जुड़ सकें। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, "हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए। उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं भी दीं।" फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज हुई है। फिल्म का निर्देशन हार्दिक गज्जर ने किया है और सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट व निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। अभिनेता जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा जैसे कलाकारों ने भी फिल्म में अहम भूमिकाएं निभाई हैं।
- कोलकाता। बांग्ला फिल्मों के दिग्गज कलाकार जीत ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'वादे' पर भरोसा जताया और उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई सरकार राज्य के लिए एक नया सवेरा लेकर आएगी। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य में भाजपा की जीत केवल एक राजनीतिक सफलता नहीं बल्कि राज्य की जनता के प्रति एक 'बड़ा वादा' है। अभिनेता जीत का असली नाम जितेंद्र मदनानी है।जीत ने कहा, "यह जीत भाजपा के लिए सिर्फ एक राजनीतिक सफलता नहीं बल्कि जनता के प्रति एक बड़ा वादा है। पश्चिम बंगाल संसाधनों, प्रतिभा, संस्कृति और अनगिनत लोगों के योगदान से समृद्ध भूमि है।" उन्होंने कहा, "इस धरती के लोगों ने अपनी बुद्धि, मेहनत और बलिदान से देश को बहुत कुछ दिया है। लेकिन यह बेहद दुखद है कि बंगाल का गौरव, आत्मसम्मान, संस्कृति और शैक्षिक विरासत लंबे समय से देश व दुनिया के सामने धूमिल रूप में प्रस्तुत की जाती रही है।" अभिनेता ने उम्मीद जताई कि भाजपा सरकार राज्य के लिए "एक नई सुबह" और "एक नया प्रकाश" लाएगी।
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नयी दिल्ली. भारतीय कला और विरासत की छटा ने 'मेट गाला' 2026 के भव्य मंच को और आकर्षक बना दिया, जहां राजा रवि वर्मा की कालजयी शैली से लेकर अजंता गुफाओं की भित्ति चित्रकला, सुबोध गुप्ता की समकालीन अभिव्यक्ति और बारीक कढ़ाई व रत्नों की चमक तक—अतीत और वर्तमान की विविध कलाएं एक साथ जीवंत होती नजर आईं। इस मौके पर भारतीय सितारों ने भी बेहद सधे और सोच-समझकर चुने गए परिधानों के जरिए दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। ईशा अंबानी ने एक हजार हीरे-जवाहरात और 800 अन्य बहुमूल्य रत्नों से सजी साड़ी पहनी, सुधा रेड्डी ने डेढ़ करोड़ डॉलर का हार पहना और अनन्या बिड़ला ने सुबोध गुप्ता द्वारा बनाए गए चमकदार स्टील मास्क लगाकर सभी को चौंका दिया। फैशन की इस सबसे बड़ी शाम में उद्योगपतियों के अलावा फिल्म निर्देशक करण जौहर राजा रवि वर्मा की मशहूर चित्रकला से प्रेरित भव्य 'केप' में नजर आए। परोपकारी एवं उद्यमी नताशा पूनावाला ने आर्किड से प्रेरित विस्तृत गाउन पहना। जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य गौरवी कुमारी और सवाई पद्मनाभ सिंह शिफॉन और मखमल के परिधानों में दिखे, जबकि डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने अलंकृत काले-सफेद केप के साथ बंदगला सूट के जरिये अपनी छाप छोड़ी। हर परिधान अपने आप में एक कलाकृति था, जिसे तैयार करने में सैकड़ों कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की और सैकड़ों घंटे लगाए। 'कॉस्ट्यूम आर्ट' विषय और 'फैशन इज आर्ट' ड्रेस कोड के अनुरूप इन परिधानों को गढ़ने में आरी, दबका, नक्षी, कलमकारी, जरी-जरदोजी और हस्तचित्रण जैसी पारंपरिक कढ़ाई और तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। न्यूयॉर्क शहर स्थित मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट में हर साल मई में होने वाले इस वार्षिक आयोजन की सह-अध्यक्षता इस वर्ष बियॉन्से, वीनस विलियम्स, निकोल किडमैन और अन्ना विंटूर ने की।
'मेट गाला' में केवल आमंत्रित अतिथि ही शामिल हो सकते हैं। एक टिकट की कीमत करीब एक लाख डॉलर और पूरी टेबल की कीमत साढ़े तीन लाख डॉलर या उससे अधिक बताई जाती है। इन टिकटों को आमतौर पर फैशन हाउस, लग्जरी ब्रांड और बड़ी कंपनियां खरीदती हैं। 'मेट गाला' में पहली बार शिरकत कर रहे करण जौहर ने अपने पुराने मित्र एवं डिजाइनर मनीष मल्होत्रा से 'फ्रेम्ड इन इटर्निटी' नाम की विशेष पोशाक तैयार कराई। पावर-शोल्डर्ड विंटेज जैकेट पर डोरी कढ़ाई, ऑयल और एक्रेलिक रंगों तथा हाथ से की गई चित्रकारी से राजा रवि वर्मा की प्रसिद्ध रंग-संपन्न कला को जीवंत किया गया। यह पोशाक 5,600 घंटों की मेहनत से तैयार हुई। मल्होत्रा के 50 से अधिक प्रमुख कारीगरों ने बिना किसी डिजिटल सहायता के पूरी तरह हाथ से इसे बनाया, जिसमें चित्रकारी, मूर्तिकला और कपड़े की कला का अद्भुत संगम है। इस आयोजन में नियमित तौर पर शिरकत करने वाली ईशा अंबानी ने गौरव गुप्ता का एक अनूठा परिधान धारण किया, जिसमें आभूषण और कपड़े के बीच की रेखा ही मिट गई। अकेले ब्लाउज को तैयार करने में 40 कारीगरों को 500 घंटे लगे। इस ब्लाउज में एक हजार से अधिक हीरे और कीमती रत्न जड़े थे, जिनका कुल वजन 1,800 कैरेट से अधिक है। इनमें उनकी मां नीता अंबानी के निजी संग्रह से लिए गए दुर्लभ पुराने हीरे, हरे पन्ने और पोल्की-कुंदन के नग शामिल हैं। हैदराबाद की व्यवसायी एवं समाजसेविका सुधा रेड्डी मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन किए गए गहरे नीले रंग के मखमली लहंगे में नजर आईं। लहंगे पर सोने की जरदोजी कढ़ाई थी और साथ में लंबा केप था जिस पर सोने, लाल और हरे रंग में फूल-पत्तियों की रंग-बिरंगी कढ़ाई थी। उनके परिधान का मुख्य आकर्षण उनके निजी संग्रह से लिया गया डेढ़ करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य का एक ऐतिहासिक हार था। इसमें विक्टोरियन शैली में तैयार की गई बड़ी त्रिकोणीय और नाशपाती आकार की रोज़-कट हीरों की श्रृंखला थी, जिन्हें फूलों के गुच्छों जैसे डिज़ाइन में जड़ा गया था। हार के केंद्र में 'क्वीन ऑफ़ मेरेलानी' था, जो तंज़ानिया की मेरेलानी पहाड़ियों से प्राप्त 550 कैरेट का गहरे बैंगनी-नीले रंग का 'टैंज़नाइट पेंडेंट' है। मल्होत्रा ने खुद के लिए पारंपरिक भारतीय बंदगला डिजाइन किया और उसके ऊपर स्थापत्य शैली का एक केप पहना, जिसे 50 कारीगरों ने 960 घंटों में तैयार किया। अनन्या बिड़ला का लुक भारतीय समकालीन कलाकार सुबोध गुप्ता और ब्रिटिश डिजाइनर रॉबर्ट वुन का साझा प्रयास था। उनकी टीम ने बताया कि गुप्ता ने अपने खास स्टेनलेस स्टील से एक मुखौटा बनाया, जो चेहरे को छिपाने के साथ-साथ ताकत और रहस्यमयी प्रभाव का प्रतीक भी था। मेट गाला को अक्सर अमीर वर्ग की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा बढ़ाने के अवसर के रूप में भी देखा जाता है, और इसी कारण इसकी आलोचना भी होती है। इस साल अमेज़न के प्रमुख जेफ बेज़ोस और उनकी पत्नी लॉरेन बेज़ोस को मानद सह-अध्यक्ष और मुख्य प्रायोजक बनाए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी अमेज़न की श्रम नीतियों और अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन एजेंसी (आईसीई) से इसके कथित संबंधों को लेकर बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। - नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गोवा में आयोजित होने वाले 57वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के लिए प्रख्यात फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर को महोत्सव निदेशक नियुक्त किया है। यह महोत्सव नवंबर 2026 में आयोजित होगा।आशुतोष गोवारिकर भारतीय सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्माता हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से अलग पहचान बनाई है। आईएफएफआई के साथ उनका जुड़ाव कई दशकों पुराना है, जो सिनेमाई कला और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म संस्कृति के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है। अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए गोवारिकर ने कहा कि गोवा में आयोजित इस प्रतिष्ठित महोत्सव के महोत्सव निदेशक के रूप में सेवा करना उनके लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि 1984 में एक प्रतिभागी के रूप में शुरुआत से लेकर 2024 में अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा के जूरी अध्यक्ष तक की उनकी यात्रा इस महोत्सव से गहराई से जुड़ी रही है।उन्होंने यह भी कहा कि 1952 से अब तक विकसित हुई इस समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गोवा सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की स्थापना 1952 में हुई थी और यह एशिया के प्रमुख फिल्म समारोहों में गिना जाता है। यह महोत्सव सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक सिनेमा में उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।आईएफएफआई दक्षिण एशिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव है, जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और गोवा सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। यह महोत्सव दुनियाभर के फिल्मकारों, कलाकारों और दर्शकों को एक मंच पर लाता है, जहां क्लासिक फिल्मों से लेकर नई प्रतिभाओं तक का संगम देखने को मिलता है।आईएफएफआई का 57वां संस्करण नवंबर 2026 में गोवा के तटीय वातावरण में आयोजित किया जाएगा। इस बार महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, विशेष फोकस कार्यक्रम, मास्टरक्लास, श्रद्धांजलि सत्र और ‘फिल्म बाजार’ जैसे आयोजन होंगे, जो वैश्विक स्तर पर सहयोग और रचनात्मक साझेदारी को बढ़ावा देंगे।--
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मुंबई. नेटफ्लिक्स ''विश्व हास्य दिवस'' के उपलक्ष्य में ''द ग्रेट इंडियन कपिल शो'' का एक विशेष एपिसोड प्रसारित करेगा, जिसमें 'होस्ट' कपिल शर्मा के साथ प्रसिद्ध 'इन्फ्लुएंसर' समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया भी नजर आएंगे। यह एपिसोड दो मई को प्रसारित होगा, जिसमें सुनील ग्रोवर, कृष्णा अभिषेक और किकू शारदा भी अपनी-अपनी नियमित भूमिकाओं में नजर आएंगे। ये सभी कलाकार कार्यक्रम में 'टीजीआईकेएस न्यूज डिबेट' नामक एक अंश में दिखाई देंगे। शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम के प्रति दर्शकों के प्रेम को ध्यान में रखते हुए विशेष एपिसोड की योजना बनाई गई। उन्होंने कहा, ''हमारे शो को दर्शकों से जो प्यार मिला है, उससे हमें यही प्रेरणा मिलती है कि हम उन्हें नयी और मनोरंजक सामग्री देते रहें। 'विश्व हास्य दिवस' के मौके पर हमने नेटफ्लिक्स के साथ एक विशेष एपिसोड की योजना बनाई- जो स्वाभाविक, मजेदार और हंसी से भरपूर होगा।'' शर्मा ने कहा, ''इस बार समय और रणवीर भी अपने अंदाज में जुड़ कर इस जश्न को और आकर्षक बना रहे हैं। बस इतना ही चाहते हैं कि लोग हमारे साथ इस दिन का लुत्फ उठाएं।'' पिछले साल रैना के यूट्यूब शो ''इंडियास गॉट लेटेंट'' में की गई टिप्पणियों को लेकर वह और इलाहबादिया एक बड़े विवाद में फंस गए थे.
- मुंबई. फिल्म निर्माता आदित्य धर की फिल्म "धुरंधर (भाग एक)" 10 जुलाई, 2026 को जापान में रिलीज होगी। निर्माताओं ने बुधवार को यह घोषणा की। फिल्म का निर्माण बी62 स्टूडियोज ने किया है और इसे जियो स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म पांच दिसंबर, 2025 को अपनी वैश्विक रिलीज के बाद से दुनिया भर में 1,328 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है, साथ ही प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। जियो स्टूडियोज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, "जापान में 'धुरंधर' की ऊर्जा का अनुभव करने का समय आ गया है!10 जुलाई 2026 को पूरे जापान के सिनेमाघरों में धुरंधर रिलीज होने जा रही है।" एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, 'धुरंधर' उत्तरी अमेरिका में अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म और कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनकर उभरी है। साथ ही ब्रिटेन में भी यह शीर्ष प्रदर्शन करने वाली भारतीय फिल्मों में शुमार है।
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नई दिल्ली। अपनी मुस्कान और दमदार एक्टिंग से 70 के दशक में राज करने वाली मौसमी चटर्जी आज अपना 78वां जन्मदिन मना रही हैं. अमिताभ-शशि कपूर की पसंदीदा हीरोइन रहीं मौसमी इस एक्टर को पसंद करती थी. हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी एक्ट्रेसेस हुई हैं, जिन्होंने अपनी शर्तों पर जिंदगी जी और करियर बनाया. मौसमी चटर्जी उन्हीं में से एक हैं. आज उनके जन्मदिन के अवसर पर हम उनके उस सफर को याद कर रहे हैं, मौसमी चटर्जी की कहानी सभी एक्ट्रेस से काफी अलग है. उन्होंने बहुत ही कम उम्र में बंगाली सिनेमा के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा था.
उस दौर में एक्ट्रेसेस शादी के बाद अपना करियर खत्म मान लेती थीं, वहीं मौसमी ने मशहूर संगीतकार हेमंत कुमार के बेटे जयंत मुखर्जी से शादी रचाने के बाद बॉलीवुड में कदम रखा. उन्होंने यह साबित किया कि एक शादीशुदा महिला भी इंडस्ट्री की लीड हीरोइन बनकर करोड़ों दिलों पर राज कर सकती है. मौसमी चटर्जी के चेहरे पर एक ऐसी मासूमियत थी कि लोग उन्हें देखते ही उनके मुरीद हो जाते थे. मौसमी चटर्जी की सबसे बड़ी ताकत उनकी नैचुरल एक्टिंग थी. कहा जाता था कि जब पर्दे पर मौसमी की आंखों से आंसू गिरते थे, तो सिनेमा हॉल में बैठा हर दर्शक भावुक हो जाता था. उनकी सादगी ने उन्हें 70 और 80 के दशक की सबसे चहेती एक्ट्रेस बना दिया था. 70 के दशक में जहां रेखा अपने ग्लैमर और स्टाइल के लिए जानी जाती थीं, वहीं मौसमी चटर्जी उन्हें अपने एक्टिंग से कड़ी टक्कर देती थीं.मौसमी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई, उन्होंने 'रोटी कपड़ा और मकान' जैसी सामाजिक फिल्मों में शानदार काम किया. मौसमी चटर्जी ने अपने दौर के हर दिग्गज अभिनेता के साथ सुपरहिट फिल्में दीं. उनकी जोड़ी शशि कपूर और जितेंद्र के साथ भी दर्शकों को खूब पसंद आती थी. हैरानी की बात यह है कि दर्जनों सुपरस्टार्स के साथ काम करने के बावजूद मौसमी चटर्जी हमेशा संजीव कुमार को अपना फेवरेट मानती रहीं. मौसमी का मानना था कि संजीव कुमार जितने टैलेंटेड स्टार इंडस्ट्री में बहुत कम हैं. वे संजीव कुमार की एक्टिंग की इतनी बड़ी कायल थीं कि उनके साथ काम करने का कोई मौका नहीं छोड़ती थीं.संजीव कुमार और मौसमी चटर्जी की जोड़ी की खासियत यह थी कि वे पर्दे पर किसी भी रिश्ते में फिट हो जाते थे. फिल्म 'अंगूर' में उन्होंने रिश्तों को कॉमेडी के साथ निभाया, वहीं कई फिल्मों में वे प्रेमी-प्रेमिका और यहां तक कि पिता-पुत्री के रूप में भी नजर आए. मौसमी के करियर ग्राफ में ऐसी कई फिल्में हैं जो आज भी बेहतरीन मानी जाती हैं. 'प्यासा सावन', 'स्वयंवर' और 'इतनी सी बात', 'अंगूर' जैसी शानदार फिल्मों में उन्होंने काम किया. उन्होंने बंगाली और हिंदी सिनेमा के बीच एक एक रिश्ता बनाने का काम किया. -
नई दिल्ली। बॉलीवुड इंडस्ट्री में अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में नजर आने वाले एक्टर अक्षय कुमार इन दिनों फिल्म 'भूत बंगला' से लोगों को एंटरटेन कर रहे हैं. इस फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और इसका नतीजा सामने है. अक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' 100 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो गई है. प्रियदर्शन के डायरेक्शन में बनी फिल्म इस फिल्म ने ये आंकड़ा रिलीज के बाद 9वें दिन पार किया है.
सिनेमाघरों में 17 अप्रैल को रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' को लगातार अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म ने 25 अप्रैल को दहाई के आंकड़े में कमाई की है. 'सैकनिल्क' की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' ने रिलीज के 9वें दिन यानी शनिवार को 10.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. इस तरह से फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन 100.90 करोड़ रुपये हो गया है. इस तरह से फिल्म ने शुक्रवार की अपेक्षा लंबी छलांग लगाई है. फिल्म ने 8वें दिन 5.75 करोड़ रुपये की कमाई की थी. वहीं, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर कमाई की बात की जाए तो अक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' ने 161.60 करोड़ रुपये जोड़ लिए हैं.फिल्म 'भूत बंगला' की कमाई के आंकड़ेपेड प्रीव्यू- 3.75 करोड़ रुपयेडे 1- 12.25 करोड़ रुपयेडे 2- 19 करोड़ रुपयेडे 3- 23 करोड़ रुपयेडे 4- 6.75 करोड़ रुपयेडे 5- 8 करोड़ रुपयेडे 6- 6.15 करोड़ रुपयेडे 7- 5.50 करोड़ रुपयेडे 8- 5.75 करोड़ रुपयेडे 9- 10.75 करोड़ रुपयेकुल कमाई- 100.90 करोड़ रुपयेअक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' के सामने बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर 2' के अलावा हॉलीवुड मूवी 'माइकल' भी लगी हुई है. इसके बाद खिलाड़ी कुमार डटे हुए हैं. डायरेक्टर प्रियदर्शन की फिल्म 'भूत बंगला' में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, राजपाल यादव, तब्बू, असरानी, परेश रावल जैसे सितारे नजर आ रहे हैं. इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म से लोगों को मनोरंजन का फुल पैकेज मिल रहा है. फिल्म की जबरदस्त कहानी के साथ ही सितारों की बेहतरीन अदाकारी लोगों का ध्यान खींच रही है. -
मुंबई. अभिनेता संजय दत्त ने 1993 की अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'खलनायक' के सीक्वल 'खलनायक रिटर्न्स' की घोषणा की है। दत्त की 'थ्री डायमेंशन मोशन पिक्चर्स' और निर्माता अक्षा कंबोज की 'एस्पेक्ट एंटरटेनमेंट' ने फिल्म निर्माता सुभाष घई और उनकी कंपनी मुक्ता आर्ट्स से अपराध की पृष्ठभूमि वाली इस हिट एक्शन फिल्म के दूसरे भाग के अधिकार संयुक्त रूप से हासिल कर लिए हैं। घई के निर्देशन में बनी 'खलनायक' में जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित भी थे। फिल्म निर्माताओं ने शुक्रवार शाम को एक विशेष कार्यक्रम में 'खलनायक रिटर्न्स' का एक छोटा सा टीजर जारी किया, जिसमें दत्त अपने मशहूर किरदार बल्लू को एक नए दमदार अवतार में निभाते नजर आए। अभिनेता (66) ने 'खलनायक' को दोबारा बनाने का मौका देने के लिए घई का आभार व्यक्त किया।
दत्त ने यहां पत्रकारों से कहा, ''फिल्म 'खलनायक' का सफर लंबा रहा है और सुभाष घई के बिना यह संभव नहीं होता। वह एक दिग्गज हैं और मनोरंजन जगत के उस्ताद हैं। वह इस 'खलनायक' का हिस्सा होंगे।'' अभिनेता ने खुलासा किया कि 1993 के मुंबई बम विस्फोट मामले के सिलसिले में जेल की सजा काटते समय उन्होंने 'खलनायक' की कहानी को आगे बढ़ाने का विचार आया। उन्होंने कहा, ''जेल में मैंने अपने आस-पास के सभी लोगों से पूछा कि इसे देखना कौन पसंद करेगा और 4,000 कैदियों ने कहा कि वे सभी देखेंगे। मैंने उन सभी से इसके बारे में (नयी 'खलनायक' की कहानी) एक पृष्ठ पर लिखने को कहा और मुझे उन सभी 4,000 पृष्ठों को पढ़ने में काफी समय लग गया।'' दत्त ने कहा, ''जब मैं पैरोल पर बाहर आया तो मैंने सुभाष सर से इसे देखने के लिए कहा। उसके बाद उन्होंने कहा कि इसे बनाया जाना चाहिए।'' 'वास्तव', 'अग्निपथ', 'सड़क', 'मिशन कश्मीर' और ब्लॉकबस्टर 'मुन्ना भाई' श्रृंखला की हिट फिल्में करके दर्शकों के मन में अपनी अलग छाप बनाने वाले दत्त ने इस पसंदीदा किरदार ('खलनायक' के बल्लू) को निभाने और प्रशंसकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा कि वह दबाव में काम करने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण पटकथा है। चाहे इसमें छह महीने लगें, आठ महीने या उससे भी अधिक, मैं सुभाष जी को कहानी और संगीत के लिए परेशान करता रहूंगा। जब तक हमें सही पटकथा नहीं मिल जाती, हम आगे नहीं बढ़ेंगे। फिल्म का हीरो पटकथा है और जब तक पटकथा उस स्तर की नहीं हो जाती, हम शूटिंग शुरू नहीं करेंगे।'' घई ने कहा कि उन्हें खुशी है कि अभिनेता 'खलनायक रिटर्न्स' बना रहे हैं।
फिल्म निर्माता ने कहा, ''यह उनकी (संजय दत्त की) दिली इच्छा थी। संजू और मान्याता का जुनून था कि वे यह ('खलनायक रिटर्न्स') बनाएं। मुझे यकीन है कि यह (मूल फिल्म से) बेहतर होगी। मैं हमेशा मदद के लिए तैयार हूं।'' घई द्वारा निर्देशित और निर्मित मूल फिल्म को 1990 के दशक की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक माना जाता है और समय के साथ इसे एक 'कल्ट' फिल्म का दर्जा मिला। इसमें दत्त ने खलनायक बल्लू, जैकी श्रॉफ ने पुलिस अधिकारी राम और माधुरी ने गुप्त पुलिस अधिकारी गंगा की भूमिका निभाई थी। -
नयी दिल्ली. मुकेश, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर बादलों में आशा भोसले का स्वर्ग में स्वागत कर रहे हैं। एआई द्वारा बनाये गए इस मीम ने संगीत प्रेमियों की कई पीढ़ियों को इस बात का एहसास दिलाया कि ये पांच महान व्यक्ति अब हमेशा के लिए स्मृति में अमर हो गए हैं। बानबे वर्ष की आयु में भोसले के निधन दो सप्ताह पहले ही हुआ था। संगीत की जिस दुनिया को वह छोड़कर गई हैं, दशकों से चलती आ रही है और आने वाले दशकों तक चलती रहेगी। भोसले के निधन के साथ, महान गायकों में से अंतिम चला गया है। भारतीय लोकप्रिय संगीत के इतिहास में एक पन्ना पलट गया है। "अभी ना जाओ छोड़ कर", "ये चांद सा रोशन चेहरा", "जीना यहां मरना यहां", "आवारा हूं", "प्यार किया तो डरना क्या", "लग जा गले", "इन आंखों की मस्ती", "चुरा लिया", "दिल चीज" और "मेरा कुछ सामान"... इन पांच महान गायकों के हजारों गाने विरासत की तरह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते रहेंगे, लेकिन उनमें कोई नया गाना नहीं जोड़ा जाएगा। गीतकार समीर ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "आशा जी के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया है। इन कलाकारों ने गायन को कभी अपना पेशा नहीं माना। यह उनका जुनून था और उन्होंने इसे अपना सब कुछ दे दिया... उनके बाद की पीढ़ी उस तरह का बेहतरीन संगीत नहीं बना पाई है क्योंकि सिनेमा में बदलाव आया है और ओटीटी का आगमन हो गया है।'' भोसले ने अपने 90वें जन्मदिन पर 'पीटीआई-भाषा' के साथ एक साक्षात्कार में कहा था, "जब लोग हमारे गानों को पसंद करते हैं, चाहे भारत के बाहर हों या देश के अंदर, तो बहुत अच्छा लगता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ पुराने गाने बहुत ही खूबसूरती से लिखे, संगीतबद्ध और गाए गए थे। मोहम्मद रफी साहब हों, किशोर हों, मुकेश जी हों या कोई और, सभी गायक बहुत अच्छा गाते थे। 'अभी, सब खाली हो गया है।'' गायिका ने बताया था कि उन्होंने एक बार लता मंगेशकर के साथ 'द लास्ट मुगल' शीर्षक से एक संगीत कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में सोचा था। उन्होंने कहा था, "मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि दीदी (मंगेशकर) ने कहा था कि हम दोनों बहनें एक शो करेंगी और उसका नाम 'आखिरी मुगल' होगा। यही बात मेरे दिमाग में चल रही थी; इसलिए ये शब्द मेरे मुंह से निकल गए। मेरा मतलब ये कहना नहीं था कि 'मैं महारानी हूं या महान हूं', मेरा मतलब ये था कि मैं कई सालों से इस इंडस्ट्री को करीब से जानती हूं।" लता मंगेशकर का निधन फरवरी 2022 में हुआ।
कई गायक, गीतकार, सिनेमा और संगीत समीक्षक मानते हैं कि इन पांच महान हस्तियों जैसा करियर बनाना नामुमकिन है। संगीत समीक्षक राजीव विजयकर के अनुसार, इन पांचों महान गायकों की आवाज़ें किसी भी अभिनेता की आवाज़ से मेल खा सकती थीं। उन्होंने कहा, ''वे अपनी ही श्रेणी में थे... आज के युवा रियलिटी शो में रफी, मुकेश, किशोर, उदित (नारायण) और (कुमार) सानू के गाने गा रहे हैं। वे सोनू निगम और श्रेया से आगे नहीं बढ़ रहे हैं। वह चमक पूरी तरह से गायब है।" भोसले का करियर महज 10 साल की उम्र में शुरू हुआ और लगभग आठ दशकों तक चला। यह इस बात का प्रमाण है कि एक महान कलाकार प्रतिभा और अनुशासन के बल पर सफलता की ऊंचाइयों और गहराइयों दोनों को पार कर सकता है। उन्होंने 1947 से लेकर 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 11,000 से अधिक गाने गाकर संगीत इतिहास में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने मधुबाला, साधना और तनुजा से लेकर उर्मिला मातोंडकर और तनुजा की बेटी काजोल तक के लिए गाया। गायक कुमार सानू ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''वह एक सशक्त गायिका थीं, जिन्हें शास्त्रीय और पश्चिमी संगीत दोनों का अद्भुत ज्ञान था। मैं 40 वर्षों से इस उद्योग में हूं, जैसा कि अलका (याग्निक) जी और कविता (कृष्णमूर्ति) जी भी हैं, लेकिन आज के गायकों का करियर आशा और लता जी जितना लंबा या शायद उनका आधा भी नहीं हो सकता है।'' गायक ने 1990 के दशक में आशा जी के साथ "तुम्हारी नजरों में हमने देखा", "चेहरा क्या देखते हो", "मुझको तो कुछ कुछ होता है" जैसे कई हिट गाने गाये। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा, "आशा जी ने अंत तक काम किया, विभिन्न पीढ़ियों के संगीतकारों और गायकों के साथ मिलकर काम किया। हम अभी भी यहां हैं और अपनी आवाज देने के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारे पर्याप्त रोमांचक अवसर नहीं हैं, जो हमारे द्वारा बनाई गई विरासत के साथ न्याय करे।'' - मुंबई । अभिनेता सलमान खान ने शुक्रवार को घोषणा की कि फिल्म निर्माता वामशी पेडिपल्ली के साथ एक्शन पर आधारित उनकी आगामी फिल्म अगले साल ईद पर रिलीज होगी। यह फिल्म श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स बैनर के तहत बनाई जा रही है। फिल्म का निर्माण दिल राजू कर रहे हैं। तमिल अभिनेत्री नयनतारा इस फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म की शूटिंग मुंबई में इस सप्ताह की शुरुआत में शुरू हुई। फिलहाल फिल्म का नाम साझा नहीं किया गया है। सलमान ने 'इंस्टाग्राम' पर शूटिंग की तैयारियों का वीडियो साझा किया है।उन्होंने लिखा, "थोड़ा दूर की सोचनी चाहिए, इसीलिए ईद की घोषणा की गई है... चिंता मत करो, इस वाली का भी बताएंगे, जब सही समय आएगा... धैर्य रखो, थोड़ा सा सब्र... मेरे जितना ही इंतजार करना पड़ेगा, बाहरहाल जो आपका हाल है वो ही मेरा भी हाल है।" इससे पहले भी ईद पर खान की फिल्म रिलीज हो चुकी हैं, जिनमें 'वांटेड' (2009), 'दबंग' (2010), 'बॉडीगार्ड' (2011), 'बजरंगी भाईजान' (2015), 'सुल्तान' (2016), 'किक' (2014) और 'भारत' (2019) शामिल हैं। इस फिल्म का निर्माण शिरीष और कुलदीप राठौर कर रहे हैं, जबकि रफी काजी सह-निर्माता हैं।पैडिपल्ली 'येवडू', 'ऊपिरी', 'महर्षि' और 'वरिसु' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।दक्षिण सिनेमा की सबसे जानी-मानी अभिनेत्रियों में से एक नयनतारा ने शाहरुख खान के साथ 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जवान' से बॉलीवुड में पदार्पण किया था। एटली द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने दुनियाभर में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। नयनतारा की फिल्मों में 'चंद्रमुखी', 'गजनी', 'बिल्ला', 'राजा रानी' और 'विश्वासम' शामिल हैं। खान की आगामी फिल्म मातृभूमि है, जो 2020 में भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुए संघर्ष पर आधारित है।
- नयी दिल्ली. दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने आशा भोसले के गानों को अपनी सफलता का आधार बताते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात थी कि आशा जी ने उनके करियर के कई हिट गाने गाए। आशा भोसले का रविवार सुबह 92 वर्ष की आयु में ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। आशा भोसले ने जीनत अमान पर फिल्माए गए कई लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज दी थी, जिनमें 1971 की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का "दम मारो दम", 1979 की 'द ग्रेट गैम्बलर' का "दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी" और 1973 की 'यादों की बारात' का "मेरी सोनी, मेरी तमन्ना" शामिल हैं।जीनत अमान ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा कर आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। अभिनेत्री ने कहा कि "चुरा लिया है तुमने" और "दम मारो दम" जैसे गीतों से आशा भोसले की आवाज ने कई पीढ़ियों को मोहित किया। जीनत अमान ने अपने पोस्ट में लिखा, "आज मैं एक महान प्रतिभा के खोने का शोक मना रही हूं। आशा जी की आवाज ने कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया, और यह मेरा सौभाग्य था कि उन्होंने मेरे लिए इतने गीत गाए। 'दम मारो दम', 'चुरा लिया', 'दो लफ़्ज़ों की', 'मेरी सोनी, मेरी तमन्ना', 'खतूबा'… यह सूची लंबी है। कहा जा सकता है कि आशा जी ने मेरी सफलता की धुन मुझे उपहार में दी। मैंने कितने घंटे उनकी आवाज़ सुनते हुए बिताए हैं और उनके गीतों पर लिप-सिंक करने से मुझे कितना प्यार मिला है।"अभिनेत्री ने आशा भोसले की अपने काम के प्रति समर्पण की भी सराहना की और एक घटना का जिक्र किया, जब दोनों को कोलकाता में एक कार्यक्रम में शामिल होना था। उन्होंने बताया कि आशा भोसले एक दिन पहले दुर्घटना का शिकार हो गई थीं, जिसके कारण उनके शरीर पर चोट के निशान थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मंच पर प्रस्तुति दी। अमान ने कहा, "जब आशा जी कार्यक्रम में पहुंचीं तो मैं उनके शरीर पर चोट के निशान देखकर हैरान रह गई। लेकिन उन्होंने अपने पेशेवर दायित्व को निभाने का संकल्प लिया और मंच पर शानदार प्रस्तुति दी। उस समय वे 80 वर्ष से अधिक उम्र की थीं, फिर भी उन्होंने कई घंटों तक दर्शकों को बांधे रखा। मैं उस कार्यक्रम से बेहद प्रभावित और प्रेरित होकर लौटी। आशा जी, आपका धन्यवाद। आपकी आवाज की चमक कभी फीकी नहीं पड़ेगी।"
- नई दिल्ली। रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म रामायण बीते कुछ दिनों से चर्चाओं में है। हाल ही में इसका टीजर भी रिलीज किया गया था, जिसके बाद फैंस में इसे लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। अब फिल्म में रावण का रोल निभा रहे एक्टर यश ने अपने पार्ट को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। बातचीत में यश से पूछा गया कि सेट पर उनका रणबीर कपूर के साथ रिश्ता कैसा है और उन्होंने अपनी केमिस्ट्री कैसे बनाई। इस पर यश ने कहा, ‘दिलचस्प बात यह है कि हम दोनों इस फिल्म में कभी भी स्क्रीन पर साथ नहीं आए हैं।जैसा कि आप सभी जानते हैं, यह दो भागों वाली फिल्म है। तो पहले भाग में, रावण का अपना राज्य है और राम का अपना राज्य है। उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन हां, हम कुछ बार मिले हैं, और वह एक शानदार एक्टर हैं। मुझे लगता है कि यह आपसी सम्मान है जो नजर आता है। केमिस्ट्री ऐसी होती है कि जब आप कुछ बड़ा करने के लिए निकलते हैं, और यह ‘रामायण’ जितनी बड़ी फिल्म है, तो हम सभी का एक ही टारगेट होता है कि इस कहानी को बेहतरीन तरीके से पेश करें। मुझे लगता है हमारी सोच एक जैसी है, इसलिए केमिस्ट्री कोई मुद्दा ही नहीं है। हम इसे एंजॉय कर रहे हैं।’कब रिलीज होगी फिल्म?'रामायण' का पहला पार्ट 2026 में दिवाली के मौके पर और दूसरा पार्ट 2027 में दिवाली के मौके पर रिलीज हो सकता है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में, यश रावण के रोल में, साई पल्लवी सीता के रोल में, सनी देओल भगवान हनुमान के रोल में और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे।
- मुंबई.। प्रख्यात गायिका आशा भोसले का मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सोमवार शाम हिंदू रीति-रिवाज और पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। संगीत जगत की जानी-मानी हस्ती को अंतिम विदाई देने के लिए शिवाजी पार्क के अंदर और बाहर काफी संख्या में लोग एकत्र थे। पृष्ठभूमि में आशा का गाया गीत, ''अभी ना जाओ छोड़कर...'' बज रहा था। संगीत की दुनिया पर दशकों तक राज करने वाली महान गायिकाओं की पीढ़ी में शुमार शायद वह आखिरी गायिका थीं। उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज और पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उन्हें बंदूकों की सलामी दी गयी। 'स्वर साम्राज्ञी' लता मंगेशकर की बहनों में से एक, आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया था। वह 92 वर्ष की थीं। उनकी बड़ी बहन लता का भी फरवरी 2022 में 92 वर्ष की आयु में रविवार के ही दिन निधन हुआ था। पुरोहितों ने पीले और नारंगी रंग के गेंदे के फूलों से सजी चिता के चारों ओर मंत्रोच्चार किया। भोसले के बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी। भोसले की पोती जनाई के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। बहन उषा मंगेशकर और संगीतकार भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी वहां मौजूद थे। दिवंगत गायिका को अंतिम विदाई देने वालों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार तथा निर्देशक रमेश सिप्पी, अभिनेता आमिर खान और विक्की कौशल शामिल थे। यह गम और गीत का क्षण था।चिता को अग्नि दिये जाने से पहले, गायक शान, सुदेश भोसले और अनूप जलोटा ने महान गायिका को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की। आशा भोसले ने महज 10 साल की उम्र में गाना शुरू किया था और वह आठ दशक लंबे अपने करियर में लगभग 12,000 गीत गाए। सुदेश भोसले ने ''ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना'' गाया, वहीं शान ने ''प्यार के मोड़ पे'' गाया।...लेकिन ऐसा करने वाले वे अकेले नहीं थे। कई प्रशंसक, प्रार्थना की मुद्रा में हाथ जोड़े हुए गीतों को सुन रहे थे। मुंबई के लिए यह एक अविस्मरणीय दिन था। लोग सड़कों पर कतारों में खड़े थे, छतों और खिड़कियों पर एकत्र थे और सैकड़ों लोग शवयात्रा के साथ-साथ धीरे-धीरे भोसले के घर लोअर परेल से शिवाजी पार्क की ओर बढ़ रहे थे, ताकि शहर की अपनी 'आशा ताई' को उनकी अंतिम यात्रा में साथ दे सकें। आठ दशकों तक अपने गीतों से लोगों के दिलों पर राज करने वाली गायिका के अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़ में ''आशा ताई अमर रहे'' के नारे गूंज रहे थे। लाल साड़ी में अपनी खास बिंदी, और नथनी पहनी हुई भोसले की एक विशाल तस्वीर फूलों से सजे वाहन पर रखी गयी थी। इससे पहले दिन में, भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपटे हुए और कांच के ताबूत में उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। उनके दशकों पुराने गीत - ''आओ हुजूर तुमको'', ''आइए मेहरबां'', ''झुमका गिरा रे'', ''दिल चीज़ क्या है'', ''ओ साथी रे'' और ''याई रे याई रे'' - पृष्ठभूमि में धीमी आवाज़ में बज रहे थे। बॉलीवुड सितारे आशा पारेख और हेलेन, रणवीर सिंह, तब्बू, संगीतकार ए आर रहमान, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर तथा नेता उद्धव ठाकरे, प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले उन लोगों में शामिल थे, जो उनके आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए थे। गायक शान ने कहा, ''आशा जी हमेशा हमारे साथ रहेंगी। उनकी आवाज़, उनके शब्द, जीवन के प्रति उनके विचार हमेशा हमें प्रेरित करते रहेंगे। उनके जैसी कोई नहीं थी, न कभी होगी। वह एक अद्वितीय, दृढ़ इच्छाशक्ति वाली शख्सियत थीं, जिन्होंने अपनी शर्तों पर जीवन जिया।'' भोसले के परिवार में उनके बेटे आनंद हैं। भोसले ने अपने दो बच्चों को खो दिया। बेटी वर्षा का निधन 2012 में हुआ और बेटे हेमंत का निधन उसके ठीक तीन साल बाद 2015 में हुआ। ललित पंडित, जिन्होंने अपने भाई जतिन के साथ मिलकर शाहरुख खान और काजोल अभिनीत 1995 की फिल्म ''दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे'' के लिए संगीत तैयार किया था, ने भोसले को अपनी तरह का आखिरी बताया। फिल्म में भोसले के गाये गीत ''जरा सा झूम लूं मैं'' और ''अजनबी मुझको इतना बता'' शामिल थे।ललित ने कहा, ''उन्होंने गीतों की अपनी इतनी बड़ी विरासत छोड़ी है कि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख सकती है। यह सच है कि वह आखिरी दिग्गज गायिका थीं और अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।'' सुदेश भोसले ने अपने बचपन की यादें ताजा करते हुए कहा, ''वह मुझे अपने शो में ले जाती थीं और एक गायिका से कहीं बढ़कर, वह मुझे अपने बच्चे की तरह प्यार करती थीं... और इतने सारे व्यक्तिगत दुखों के बावजूद, वह हमेशा सकारात्मक रहीं और जीवन में कभी हार नहीं मानी। मुझे लगता है कि उनके गीत आने वाले हजारों वर्षों तक उभरते कलाकारों को प्रेरित करते रहेंगे।'' उनकी आखिरी मुलाकात एक महीने पहले हुई थी।सुदेश ने बताया, ''उन्होंने मुझसे कहा था कि आठ सितंबर को मेरा जन्मदिन है, मैं एक शो करना चाहती हूं, लेकिन अब वो दिन कभी नहीं आएगा। अफसोस की बात यह है कि कई अच्छे गायक आएंगे, लेकिन आशा जी जैसी कोई नहीं होगी।'' भोसले को पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और महाराष्ट्र भूषण से नवाजा गया था।
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नई दिल्ली। दिग्गज गायिका आशा भोंसले ने म्यूजिक इंडस्ट्री में हजारों गाने गाए हैं, लेकिन साल 1971 की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का एक ऐसा गाना है, जिसने इतिहास रच दिया. आर.डी. बर्मन का संगीत और आशा ताई की आवाज का ऐसा तालमेल था कि गाना रातों-रात पूरे देश की जुबान पर चढ़ गया. लेकिन इस गाने के साथ एक बड़ा विवाद भी जुड़ गया था. फिल्म में जीनत अमान को जिस अंदाज में हिप्पी कल्चर और नशे में दिखाया गया था, उसे देखकर उस जमाने में लोग भड़क गए थे. गाने के बोल और जीनत अमान के उस बिंदास लुक ने हंगामा खड़ा कर दिया था.
हम बात कर रहें हैं फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा' के गाने 'दम मारो दम’ के बारे में. उस समय लोगों को लगा कि यह गाना युवाओं को नशे की लत की तरफ उकसा रहा है. जबकि सच्चाई कुछ और ही थी. फिल्म के डायरेक्टर देवानंद का मकसद तो नशे के खिलाफ आवाज उठाना था. वे काठमांडू के हिप्पी कल्चर की कड़वी सच्चाई दिखाना चाहते थे, जहां युवा अपने काम को भूलकर बर्बादी की तरफ बढ़ रहे थे. लेकिन गाने की धुन इतनी ज्यादा कैची और मॉडर्न थी कि इसका संदेश लोगों तक पहुंचने के बजाय, इसका स्टाइल ज्यादा चर्चा का विषय बन गया.विवाद इतना बढ़ा कि 'दम मारो दम' को लेकर कड़े कदम उठाए गए. ऑल इंडिया रेडियो ने इसे बजाना बंद कर दिया और दूरदर्शन पर जब भी फिल्म दिखाई जाती, इस गाने को सेंसर की कैंची का शिकार होना पड़ता था. लोग इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ मान रहे थे. हालांकि, इन सब मुश्किलों के बावजूद यह गाना हिट रहा. यह इस कदर लोकप्रिय हुआ कि आज भी पार्टियों और कॉन्सर्ट्स में इसे बजाए बिना महफिल अधूरी लगती है. आशा भोंसले को इस गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला.आज इतने सालों बाद देखें तो 'दम मारो दम' सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उस दौर के बदलते बॉलीवुड का एक बड़ा रिफ्लेक्शन है. आशा भोंसले ताई ने अपनी आवाज में जो स्वैग दी, उसने इस गाने को सदाबहार बना दिया. आशा जी ने एक विवादित गाने को क्लासिक का दर्जा दिला दिया. -
नई दिल्ली। सुरों की मल्लिका और भारतीय प्लेबैक सिंगर आशा भोंसले जी का 92 साल की उम्र में हमें छोड़कर चले जाना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है. मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन संगीत जगत के एक सुनहरे दौर का अंत है. भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए नगमे हमेशा गूंजते रहेंगे. आइए, उनकी इस शानदार यात्रा और ढेर सारे अवार्ड्स के बारे में.
आठ दशकों का सफरआशा ताई का करियर कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि आठ दशकों से भी ज्यादा का था. उन्होंने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर की परछाई से बाहर निकलकर खुद की एक अलग और धाकड़ पहचान बनाई. आज भी उनकी आवाज में वो जादू है कि नई पीढ़ी भी उनके गानों की दीवानी है.मिले कई फिल्मफेयर अवार्ड्सआशा भोंसले के कुल 9 फिल्मफेयर अवार्ड्स अपने नाम किए. खास बात ये है कि 1967 से 1979 के बीच उन्होंने 7 कॉम्पिटिटिव फिल्मफेयर अवार्ड्स जीते थे, जो उस वक्त की किसी भी गायिका के लिए एक सपना था. इसके अलावा 1996 में उन्हें 'रंगीला' फिल्म के लिए स्पेशल अवार्ड और 2001 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया.नेशनल अवॉर्ड्स और सर्वोच्च सम्मानसिर्फ फिल्मफेयर ही नहीं, उन्होंने नेशनल अवार्ड्स के मंच पर भी अपना जलवा बिखेरा. उन्हें 2 बार नेशनल फिल्म अवार्ड से नवाजा गया. इसके अलावा उन्हें भारत के सबसे बड़े कला सम्मान 'दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड' और देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' से भी सम्मानित किया गया. यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी.गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नामआशा ताई की कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाइए कि उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. साल 2011 में उन्हें 20 से ज्यादा अलग-अलग भाषाओं में 11,000 से भी ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने के लिए यह सम्मान मिला था.हर जाॅनर की सिंगर थी आशाआशा भोंसले ने 'दम मारो दम' और 'पिया तू अब तो आजा' जैसे गानों से डिस्को कल्चर को हिला दिया था. वहीं 'दिल चीज क्या है' और 'इन आंखों की मस्ती के' जैसी गजलों में उनकी आवाज ने जादू बिखेरा. उनकी आवाज में वो अंदाज था जो आज के दौर के सिंगर्स भी फॉलो करना चाहते हैं.यादगार गानों की पूरी विरासत'जिंदगी एक सफर है सुहाना', 'परदे में रहने दो', 'मेरा कुछ सामान', और 'रोज रोज डाली डाली' इन गानों के बिना आज भी बॉलीवुड की कोई महफिल पूरी नहीं होती. उन्होंने न केवल रोमांटिक गाने गाए बल्कि हर तरह के इमोशन को अपनी आवाज दी है. उनके गाने आज भी गाड़ियों, पार्टियों और हेडफोन में सबसे ज्यादा सुने जाते हैं. -
नई दिल्ली। मशहूर सिंगर आशा भोसले का 12 अप्रैल यानी रविवार को निधन हो गया था. । 92 साल की आशा भोसले ने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली है। . उनके निधन की खबर ने फैंस को सदमा दे दिया है। . आशा भोसले के फैंस के अलावा देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां उनके निधन पर शोक जता रही हैं.। दिवंगत गायिका का 13 अप्रैल का अंतिम संस्कार किया जाएगा। . आशा भोसले की बड़ी बहन और गायिका लता मंगेशकर का भी साल 2022 में 92 साल की उम्र में निधन हो गया था.। दोनों बहनों के निधन में एक नहीं तीन-तीन संयोग निकल आए हैं.। आइए जानते हैं कि आशा भोसले और लता मंगेशकर के निधन में कौन से संयोग हैं। .
आशा भोसले ने 12 अप्रैल यानी रविवार को अंतिम सांस ली और उनकी उम्र 92 साल थी । आशा भोसले का निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में हुआ। . ठीक इसी तरह आशा भोसले की बड़ी बहन लता मंगेशकर ने चार साल पहले साल 2022 में 6 फरवरी यानी रविवार को 92 साल की उम्र में ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में दुनिया को अलविदा कहा था. । इस तरह से आशा भोसले और लता मंगेशकर के निधन में तीन समानताएं हैं.। दोनों बहनों के निधन पर उम्र सेम थी और दिन भी सेम और अस्पताल भी सेम था। . आशा भोसले और लता मंगेशकर ने जीवित रहते हुए अपने संगीत से पूरी दुनिया को एक ही तरह से एंटरटेन किया। . वहीं, जब दोनों बहनों ने दुनिया को अलविदा कहा तो तीन-तीन संयोग देखने को मिले.। -
नई दिल्ली। स्वर-साम्राज्ञी आशा भोसले के निधन ने हिंदी सिनेमा को गहरे शोक में डुबो दिया है। स्वर-साम्राज्ञी ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। 11 अप्रैल को चेस्ट इन्फेक्शन के चलते उन्हें भर्ती कराया गया था, किंतु मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण यह अमर स्वर सदा के लिए मौन हो गया। उनके जाने की खबर ने फिल्म और संगीत जगत को स्तब्ध कर दिया। मानो एक युग, एक एहसास, एक धड़कन अचानक थम गई हो।
आशा भोसले के दुनिया से अलविदा कहते ही सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. एक दिन अस्पताल में भर्ती कराई गईं दिग्गज गायिका को लेकर भरोसा करना मुश्किल हो रहा है कि वह अब दुनिया में नहीं हैं. आशा भोसले के फैंस के साथ ही तमाम सितारों ने उनके निधन पर दुख जताया है. अक्षय कुमार से लेकर रवीना टंडन तक तमाम सेलिब्रिटीज ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सिंगर को श्रद्धांजलि दी है.अक्षय कुमार ने आशा भोसले के साथ की तस्वीर शेयर की है. इसके साथ ही उन्होंने लिखा है, 'आशा भोसले के निधन से मेरा जो नुकसान हुआ है, उसे शब्दों में नहीं बता सकता. उनकी सुरीली आवाज हमेशा हमेशा के लिए अमर रहेगी. ओम शांति.'
‘अभी ना जाओ’ से लेकर ‘चुरा लिया है तुमने’, आशा भोंसले के वो मास्टरपीस गाने, जिन्हें सुनकर आज भी झूम उठता है हर दिल
— Akshay Kumar (@akshaykumar) April 12, 2026
शाहरुख खान ने आशा भोसले के साथ की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'आशा ताई के नधन के खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. उनकी आवाज भारतीय सिनेमा की नीव में से एक थी और सदियों तक दुनियाभर में उनकी आवाज गूंजती रहेगी. एक ऐसी प्रतिभा, जो अमर है. उन्होंने हमेशा मुझे दुआएं दी और मुझ पर प्यार बरसाया. मैं उन्हें बहुत मिस करूंगा. आशा ताई की आत्मा को शांति मिले. लव यू.'
मनोज मुंतशिर ने आशा भोसले के निधन पर उनकी एक तस्वीर पोस्ट की है. उन्होंने लिखा है, 'कुछ लोग यूं बुलंद थे कि दास्तान हो गए. पैदा हुए जमीन पर और आसमान हो गए. आज एक आसमान ने जमीन छोड़ दई है. आप बहुत याद आएंगी ताई. ओम शांति.'
करण जौहर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है. आशा भोसले के निधन पर उन्होंने लिखा है, 'आज हमने एक महान हस्ती खो दी है. आशा जी जैसी कोई और नहीं थी, उनकी आवाज ने ना सिर्फ एक पीढ़ी को बल्कि सिनेमा जगत के एक बड़े क्षेत्र को परिभाषित किया है. मैं उनकी आवाज, उनकी कला और उनके व्यक्तित्व का बहुत बड़ा फैन था और आज भी हूं. आशा जी आपका संगीत हमेशा अमर रहेगा और हम उस जादू को अनुभव करने के लिए धन्य हैं जो आप हमेशा के लिए छोड़ गई हैं. आपकी आत्मा को शांति मिले.'
जुबिन नौटियाल ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि “वह आवाज, जिसने खामोशी को भी आत्मा दे दी थी, आज स्वयं खामोशी में विलीन हो गई।” उनके शब्दों में, दुनिया ने केवल एक गायिका नहीं, बल्कि एक युग, एक भावना और अनगिनत यादों का संसार खो दिया है, जिसकी गूंज हर दिल में सदा जीवित रहेगी।
सुधांशु पांडे ने एक भावुक स्मृति साझा करते हुए कहा कि उनकी गोद में सिर रखकर खिंचवाई गई तस्वीर अब जीवन की सबसे अनमोल धरोहर बन गई है। वहीं जैमी लीवर ने स्वीकार किया कि वह उनकी कला से इतनी प्रभावित थीं कि अनायास ही उनकी शैली को अपनाने लगीं पर “आशा जी जैसी कोई दूसरी हो ही नहीं सकती।”रिद्धिमा कपूर ने इसे एक युग का अंत बताया, जबकि आदित्य राज कौल ने उन्हें ‘प्रतिष्ठित गायिका’ कहकर श्रद्धांजलि अर्पित की। रवीना टंडन ने भावुक शब्दों में लिखा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि हर मुलाकात में उन्होंने अपने स्नेह को व्यक्त किया। अक्षरा सिंह और जसलीन मथारू ने भी उन्हें ‘अनमोल हीरा’ बताते हुए श्रद्धांजलि दी। - मुंबई । दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले को शनिवार शाम को छाती में संक्रमण और कमजोरी के कारण यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी पोती जनाई भोसले ने यह जानकारी दी।बयानवे-वर्षीय गायिका को दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।सूत्रों से पहले यह जानकारी मिली थी कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था और फेफड़ों से संबंधित समस्याएं भी थीं।इसके बाद जनाई ने इंस्टाग्राम पर भोसले के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी साझा की।उन्होंने लिखा, “मेरी दादी आशा भोसले को अत्यधिक कमजोरी और छाती में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हम आपसे निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हैं। उनका इलाज चल रहा है और उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा। हम आपलोगों को निश्चित तौर पर सूचित करते रहेंगे।आशा भोसले का करियर आठ दशकों से अधिक का रहा है। वह अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जानी जाती हैं और उन्होंने रोमांटिक गीतों से लेकर ग़ज़लों और जोशीले गानों सहित अनगिनत यादगार गाने गाये हैं।भोसले के कुछ लोकप्रिय गानों में ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘अभी ना जाओ छोड़कर’, ‘इंतहा हो गई इंतजार की’ आदि शामिल हैं।भोसले ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं और मीना कुमारी, मधुबाला, ज़ीनत अमान से लेकर काजोल, उर्मिला मातोंडकर और पद्मिनी तथा वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज़ दी है।उन्होंने 2023 में अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में दुबई में आयोजित एक विशेष संगीत कार्यक्रम ‘आशा90: लाइव इन कॉन्सर्ट’ में प्रस्तुति दी । आशा भोसले दिग्गज गायिका दिवंगत लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं।
- नयी दिल्ली । अभिनेता विवेक सिन्हा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर उन खबरों का खारिज किया है जिनमें यह दावा किया गया था कि उन्हें आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' में अभिनय करने के लिए एक करोड़ रुपये मिले थे। सिन्हा ने शुक्रवार को अपने 'इंस्टाग्राम हैंडल' पर एक वीडियो साझा कर कहा कि ऐसे कई पोस्ट हैं जिनमें फिल्म के अभिनेताओं को दी गई रकम का जिक्र है जिसमें उनका नाम भी शामिल है। अभिनेता ने कहा कि उन्हें एक अच्छी रकम दी गई, लेकिन यह उन आंकड़ों के आसपास भी नहीं है जिनका जिक्र सोशल मीडिया के कुछ उपयोगकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है। फिल्म में जहूर मिस्त्री की भूमिका निभाने वाले सिन्हा ने प्रशंसकों से भ्रामक जानकारी न फैलाने का भी आग्रह किया है। उन्होंने वीडियो में कहा, "कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर एक फॉर्मेट बनाया है जिसमें लिखा है कि 'धुरंधर' के अभिनेताओं को कितना पैसा मिला। उसमें मेरा नाम भी है और कुछ लोगों ने लिखा है मुझे 80 लाख रुपये मिले हैं और कुछ ने लिखा है मुझे एक करोड़ रुपये मिले हैं। इतना पैसा नहीं मिला है" फिल्म धुरंधर दिसंबर 2025 में रिलीज हुई थी और इसका दूसरा भाग मार्च 2026 में रिलीज किया गया।फिल्म के दोनों ही भागों में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं तथा उनके साथ इसमें आर माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और राकेश बेदी ने भी भूमिका निभाई है।
- मुंबई । अभिनेत्री पूजा हेगड़े ने शनिवार को दर्शकों से 'पाइरेटेड' सामग्री से बचने और फिल्म 'जन नायकन' को सिनेमाघरों में देखने के लिए इंतजार करने की अपील की। विजय अभिनीत यह फिल्म शुक्रवार को कथित तौर पर ऑनलाइन लीक हो गई जिससे फिल्म जगत में आक्रोश का माहौल बन गया है। फिल्म 'पायरेसी' किसी फिल्म को बिना अनुमति लीक या अवैध रूप से प्रसारित करने की गैर कानूनी प्रक्रिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा, ''हमारी फिल्म का ऑनलाइन लीक होना बेहद निराशाजनक है, न सिर्फ मेरे लिए बल्कि इसमें काम करने वाले हर एक व्यक्ति के लिए।'' इस फिल्म में पूजा ने भी विजय के साथ काम किया है।पूजा ने कहा, ''इसका अवैध रूप से लीक होना और साझा होना बहुत दुखद है। इससे फिल्म में काम करने वाले हर कलाकार और तकनीशियन का सम्मान छिन जाता है... साथ ही, क्या हम सभी को विजय सर की आखिरी फिल्म को एक आखिरी बार बड़े पर्दे पर सही तरीके से देखने और जश्न मनाने का हक नहीं है?'' एच. विनोथ द्वारा निर्देशित और केवीएन प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित राजनीतिक फिल्म 'जन नायकन' को विजय के राजनीति में कदम रखने से पहले उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर प्रचारित किया जा रहा था। अभिनेता रजनीकांत, कमल हासन और अभिनेता सूर्या ने भी फिल्म के लीक होने की निंदा की है।संबंधित फिल्म पिछले कई महीनों से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के साथ कानूनी विवाद में फंसी हुई है। फिल्म निर्माण से जुड़े सूत्रों अनुसार, अनधिकृत रूप से सामग्री के प्रसार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा रही है।
- मुंबई। अभिनेता अनिल कपूर का शो '24' ओटीटी मंच जियोहॉटस्टार पर वापसी करने जा रहा है। यह शो एक अमेरिकी सीरीज का रूपांतरण है। एक्शन से भरपूर इस रोमांचक शो के दोनों ही सीजन भारत में 'कलर्स टीवी' पर प्रसारित हो चुके हैं। इसका पहला सीजन 2013 में शुरू हुआ था जबकि दूसरा सीजन 2016 में आया था। इस शो को अपनी दमदार कहानी और कलाकारों के शानदार अभिनय के लिए खूब सराहना मिली थी। इसका निर्देशन अभिनय देव ने किया था और इसकी पटकथा रेंसिल डी सिल्वा ने लिखी थी। यह शो आतंकवाद निरोधी इकाई (एटीयू) के प्रमुख जय सिंह राठौड़ (कपूर) की कहानी बताती है, जो 24 घंटों के दौरान ड्यूटी के समय आने वाली चुनौतियों का सामना करते हैं। शो की वापसी को लेकर अपना उत्साह व्यक्त करते हुए अनिल कपूर (69) ने कहा कि प्रशंसकों द्वारा एक बार फिर से इस रोमांच का अनुभव करने का वह बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कपूर ने एक बयान में कहा, ''मैंने पिछले कई वर्षों में दमदार और एक्शन से भरपूर कुछ भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन '24' मेरे लिए सिर्फ एक शो नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा रोमांच था जिसका कोई मुकाबला नहीं।'' शो के निर्माताओं ने अभी तक '24' के नये सीजन के बारे में कोई अहम जानकारी साझा नहीं की है।कपूर ने 2010-2011 में प्रसारित हुई अमेरिकी सीरीज '24' के आठवें सीजन में काम करने के बाद इसी नाम से शो को भारतीय टेलीविजन के लिए बनाया था। ओटीटी मंच एक ऐसा डिजिटल माध्यम है, जहां फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो बिना डाउनलोड किए इंटरनेट के जरिए आसानी से देखे जा सकते हैं।
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नयी दिल्ली. फिल्म 'रामायण' के निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि फिल्म की टीम "हर बातचीत, उत्साह और विचारशील प्रतिक्रिया" को महत्व देती है और उन्हें उम्मीद है कि वे इस साल दिवाली पर फिल्म को बड़े पैमाने पर रिलीज करेंगे। निर्देशक नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर राम के रूप में, रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में, साई पल्लवी सीता के रूप में और यश रावण के रूप में नजर आएंगे। फिल्म के हालिया टीज़र ने एक बहस छेड़ दी है, जिसमें कुछ लोग इसके भव्य निर्माण की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं कई लोग स्पेशल इफेक्ट्स की आलोचना कर रहे हैं। फिल्म के निर्माता और वीएफएक्स कंपनी डीएनईजी के प्रमुख मल्होत्रा ने टीज़र लॉन्च के कुछ दिन बाद फिल्म के बारे में अपडेट साझा किया। उन्होंने लिखा, "पिछले कुछ दिनों में मिली प्रतिक्रिया सचमुच अद्भुत, प्रेरणादायक और विनम्रतापूर्ण रही है। यह देखकर कि हमारी 'रामायण' दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छू रही है, मैं गहरी कृतज्ञता और खुशी से भर जाता हूं। मैं हर बातचीत, उत्साह और विचारशील प्रतिक्रिया को बहुत महत्व देता हूं। यह एक ऐसी कहानी है जो अरबों लोगों की आत्माओं में अंकित है।" निर्माता ने कहा कि पर्दे के पीछे, इस परियोजना पर हजारों कलाकार और सहयोगी काम कर रहे हैं और वे "हर पहलू में उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए अविश्वसनीय रूप से भावुक, ऊर्जावान और प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने कहा, "हम ध्यान से सुन रहे हैं, लगन से काम कर रहे हैं और इस कालजयी गाथा को वह सम्मान दिलाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं जिसका यह हकदार है। यह हमारी रामायण है। यह हम सभी की है। साझा भावना और हर भारतीय को गौरवान्वित करने की अपार जिम्मेदारी ही मुझे हर दिन प्रेरित करती है।" निर्माता ने कहा, "आपने अब तक जो देखा है वह तो बस शुरुआत है। हम सब मिलकर अपनी संस्कृति और विरासत का जश्न मनाते हुए इस दिवाली पर इस महागाथा को भव्य पैमाने पर साकार करने का प्रयास कर रहे हैं।
- मुंबई. मुंबई में एक पुरस्कार समारोह में अभिनेता राजपाल यादव की वित्तीय परेशानियों का मजाक उड़ाए जाने पर विवाद खड़ा होने के बाद अभिनेता सलमान खान ने मंगलवार को उनके प्रति समर्थन जताया। यादव ने रविवार रात चेतक स्क्रीन अवॉर्ड्स में हिस्सा लिया, जहां प्रस्तोता सौरभ द्विवेदी ने अभिनेता से जुड़े नौ करोड़ रुपये के चेकबाउंस मामले पर टिप्पणी की। इस मामले में यादव को कुछ समय के लिए जेल जाना पड़ा था। बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। खान ने यादव के आधिकारिक हैंडल को टैग करते हुए कहा कि दिग्गज अभिनेता यादव लगभग 30 वर्ष से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं और अपनी अभिनय कला की वजह से फिल्म निर्माताओं के बीच उनकी भारी मांग रही। खान ने लिखा, "काम तो आपको बहुत मिलेगा और इसी डॉलर रेट पर मिलेगा और मिलता रहेगा। हकीकत ये है।"उन्होंने कहा, "और ये याद रखना कि कभी-कभी फ्लो में कुछ बातें निकल जाती हैं। आपको (पैसे) लौटाने ही हैं (जवाब मत दो), इसे ध्यान में रखो और दिल से काम करो। डॉलर ऊपर जाए या नीचे, इससे क्या फर्क पड़ता है, भुगतान तो भारत में ही होना है।" यादव सलमान खान के साथ "मुझसे शादी करोगी" और "पार्टनर" जैसी फिल्मों में कर चुके हैं।दिल्ली उच्च न्यायालय ने फरवरी में चेक बाउंस मामले में और समय देने की यादव की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। यह मामला 2012 में आई उनकी फिल्म "अता पता लापता" के लिए लिए गए पांच करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा था, जो अब बढ़कर नौ करोड़ रुपये हो गया है। उन्हें अंतरिम जमानत मिलने से पहले लगभग 13 दिन तिहाड़ जेल में बिताने पड़े। सौरभ द्विवेदी और कॉमेडियन जाकिर खान संयुक्त रूप से पुरस्कार समारोह का संचालन कर रहे थे। इस दौरान यादव ने अमेरिका-इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध के कारण जारी तेल संकट और उससे वैश्विक मुद्रा में आए उतार-चढ़ाव पर बात की। इस पर द्विवेदी ने टिप्पणी की, "राजपाल भाई, डॉलर-रुपया कितना भी ऊपर-नीचे हो, आपको उतने ही पैसे लौटाने पड़ेंगे जितने उधार हैं।" अभिनेता ने इस टिप्पणी को मुस्कुराते हुए नजरअंदाज कर दिया और कहा, "मसला तो एक बार सुन लो, मैं तो मसला ही सुनाना चाहता हूं।" एक ओर स्थिति को शालीनता से संभालने के लिए सोशल मीडिया पर राजपाल यादव की तारीफ हुई, तो दूसरी ओर सौरभ द्विवेदी को उनकी टिप्पणी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा। हालांकि, यादव ने द्विवेदी का बचाव करते हुए लोगों से उनकी आलोचना न करने की अपील की।उन्होंने कहा, "सौरभ और जाकिर खान मेरे छोटे भाइयों जैसे हैं। उन्होंने हमेशा मुझे सम्मान दिया है। हम कलाकार, पत्रकार और कहानीकार हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। और सौरभ ने ऑडिटोरियम में सभी को मेरे लिए खड़े होकर तालियां बजाने के लिए कहा।" अभिनेता ने 'एक्स' पर लिखा, "उनकी आलोचना मत कीजिए और उनके बारे में कुछ भी गलत मत लिखिए... उनका दिल मत दुखाइए। उनका दिल दुखाना मेरे दिल को दुखाने के बराबर है। अगर आप सौरभ के बारे में कुछ भी गलत लिखेंगे, तो मुझे दुख होगा। मैं सौरभ से प्यार करता हूं, मैं जाकिर से प्यार करता हूं और मैं आप सभी से प्यार करता हूं।"
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लखनऊ. रेडियो पर हिंदी में कहानी सुनाने की कला को पुनर्जीवित करने के लिए मशहूर नीलेश मिश्रा ने फिल्म निर्माण में कदम रखते हुए अपनी पहली लघु फिल्म 'कूद' रिलीज की है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह फिल्म गीतकार नीलेश मिश्रा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 'स्लो मोशन पिक्चर्स' के तहत रिलीज की गई है। इस मंच का उद्देश्य भारत के छोटे शहरों और गांवों की सरल, संवेदनशील और मानवीय कहानियों को सिनेमाई अंदाज में पेश करना है। फिल्म 'कूद' दो अजनबियों की कहानी है, जो एक ही दिन और समय पर अपनी जिंदगी समाप्त करने के इरादे से एक ही पुल पर पहुंचते हैं। लगभग 50 मिनट लंबी इस फिल्म में दो गीत शामिल हैं। मिश्रा ने इस फिल्म के साथ एक नया प्रारूप पेश किया है, जिसे उन्होंने 'कम्यूट फिल्म' नाम दिया है। इस तरह की फिल्में मेट्रो, बस या टैक्सी में दैनिक यात्रा के दौरान पूरी देखी जा सकती हैं। नीलेश मिश्रा 'बिग एफएम' पर 'यादों का इडियट बॉक्स' और 'कहानी एक्सप्रेस' जैसे शो के जरिए रेडियो पर हिंदी कहानी सुनाने की कला को पुनर्जीवित करने के लिए प्रसिद्ध हैं। हाल के महीनों में वह स्वतंत्र गायक-गीतकार के रूप में उभरे हैं।



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