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- -आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद । संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे आम नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज ग्राम सोनईडोंगरी के पार्वती ने नया राशन कार्ड बनाने, गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम ओटेबंद के सरपंच ने जल जीवन मिशन अंतर्गत पाईप लाइन का विस्तार करने, ग्राम भोथली के सरपंच ने पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह ग्राम खरथुली के ग्रामीणों ने पानी निकासी की व्यवस्था करने, बैहाकुआ के सरपंच ने स्कूल में किचन शेड निर्माण करने, निपानी के प्रकाश साहू ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने एवं चिटौद के हेमंत दास ने आबादी भूमि का पट्टा दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या मंे लोग कलेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर पूरी आत्मीयता से उनके मांगों एवं समस्याओं को सुना। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जनदर्शन में पहुँचे लोगों के मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- -बीईओ आरंग के 457 अधिकारी, कर्मचारियों ने ली सदस्यता-जिले के अधिक से अधिक अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्यता लेकर इस नेक कार्य का हिस्सा बनें- कलेक्टर डॉ. सिंहरायपुर। मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से रायपुर जिले में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्यता के जिला रेडक्रॉस अध्यक्ष तथा कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को लगातार सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। जिले के अधिकारी-कर्मचारी एवं आम नागरिक रेडक्रॉस से जुड़कर समाजसेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।इसी क्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आरंग श्री दिनेश शर्मा के नेतृत्व में 457 अधिकारी-कर्मचारियों ने इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्यता ग्रहण की, जिसमें 7 आजीवन तथा 450 वार्षिक सदस्यता शामिल है। आज जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ सिंह ने बीईओ श्री शर्मा से सदस्यता राशि ग्रहण की।कलेक्टर ने रेडक्रॉस से जुड़ने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मानव सेवा के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों एवं नागरिकों से रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्यता लेकर जरूरतमंदों की सहायता में सहभागी बनने का आह्वान किया।इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानवतावादी एवं समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है।रेडक्रॉस सोसाइटी से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता का प्रावधान है। संरक्षक सदस्य के लिए 25 हजार रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12 हजार रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1 हजार रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं।इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन तरह सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी सहित जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- -चयनित कलाकारों को मिलेंगे प्रतिवर्ष 12 से 24 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशिरायपुर / छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है।योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी।योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।प्रविष्टियां भेजने का पता -संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) - 492018प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा। मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।
- -संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला में चार दिवस होगा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुक्ताकाशी मंच पर सजेगी कला और संगीत की सुरमयी शामरायपुर । संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु की सौंदर्यपूर्ण अनुभूतियों और भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम 21, 22, 24 एवं 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा। भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। बादलों की गड़गड़ाहट, वर्षा की रिमझिम, प्रकृति में नवजीवन का संचार और मन में जागृत होने वाले विविध भावों को कलाकार अपनी नृत्य मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और सुरों के माध्यम से जीवंत करते हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक भावभूमि को ‘पावस प्रसंग’ के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आमजन को उच्चस्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण इन प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जहां दर्शक भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक और कलात्मक अनुभूति को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाला विशेष आयोजन है। इसमें प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध को कला के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। शास्त्रीय नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं और संगीत की मधुर स्वर-लहरियों के माध्यम से वर्षा के विभिन्न रंगों और संवेदनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित की जा रही विभागीय आयोजनों की श्रृंखला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना तथा कलाकारों और दर्शकों के बीच जीवंत सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में ‘पावस प्रसंग’ शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।संस्कृति और कला प्रेमियों से सहभागिता का आह्वानसंस्कृति विभाग ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में सहभागी बनने का आह्वान किया है। चार दिनों तक आयोजित होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन रायपुर में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक अनुभूति को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए कला प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव प्रस्तुत करेगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मीडिया विभाग के राष्ट्रीय संयोजक एवं सह संयोजकों की नियुक्ति पर भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में संगठन निरंतर सुदृढ़ और गतिशील हो रहा है। श्री पाण्डेय ने वरिष्ठ सांसद अनिल बलूनी (उत्तराखंड) को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक तथा आशीष उषा अग्रवाल (मध्य प्रदेश), प्रदीप भण्डारी (दिल्ली) एवं सिद्धार्थ यादव (दिल्ली) को राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक नियुक्ति पर कहा कि श्री बलूनी के दीर्घकालिक सांगठनिक एवं मीडिया प्रबंधन अनुभव तथा युवा व प्रखर सह-संयोजकों की ऊर्जा से भाजपा मीडिया विभाग केंद्र व राज्य सरकारों की जनहितैषी नीतियों, विकास कार्यों और संगठन की विचारधारा को जन-जन तक और अधिक मजबूती व प्रखरता से पहुँचाने में सफल होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नई टीम राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के प्रचार-प्रसार व संवाद तंत्र को नए आयाम देगी।भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमन्त पाणिग्राही ने छत्तीसगढ़ भाजपा मीडिया परिवार की ओर से सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों के सफल और ऊर्जावान कार्यकाल की मंगलकामना की।
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- जजों ने बताईं सौदर्य प्रतियोगिता की बारीकियां-फिल्मी धुनों पर नृत्य का शानदार प्रदर्शनटी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी में रविवार को महिला समिति के तत्वावधान में इंद्रधनुषी रंगों और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच तीज मिलन समारोह का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति और राजपूताना शान के अनूठे संगम ने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही राजपूताना थीम पर आधारित सौंदर्य प्रतियोगिता, जिसमें 28 महिलाओं ने पारंपरिक राजसी वेशभूषा में सुसज्जित होकर रैंप पर अपनी अदाओं, आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण से समां बांध दिया। समिति की अध्यक्ष एवं अधिवक्ता रेखा सिंह की अगुवाई में आयोजित प्रतियोगिता को तीन आयु वर्गों में विभाजित किया गया था।प्रतिभागियों ने दिखाया राजपूताना शौर्यप्रतिभागियों ने हाथों में तलवार, कृपाण और कटार थामकर राजपूताना शौर्य और नारी गरिमा का शानदार प्रदर्शन किया। रैंप पर उनकी शाही वेशभूषा और आत्मविश्वास ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में नारायण ई-टेक्नो स्कूल की शिक्षिका महिमा ढोबले, सीनियर वर्ग में इंदु देवांगन तथा मोस्ट सीनियर वर्ग में रीता चौहान को तीज क्वीन चुना गया। जूनियर वर्ग में वंदना कुशवाहा फर्स्ट रनरअप और दीया साहू सेकंड रनरअप रहीं। सीनियर वर्ग में अनीता सोनी फर्स्ट रनरअप तथा जयश्री फुले सेकंड रनरअप बनीं। वहीं मोस्ट सीनियर वर्ग में वकुला राव ने द्वितीय और जी पद्माराव ने तृतीय स्थान हासिल किया।जजों ने बताईं सौदर्य प्रतियोगिता की बारीकियांप्रतियोगिता की जूरी में भरतनाट्यम नृत्यांगना खुशी जैन, छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेत्री जागेश्वरी मेश्राम, डॉ. ममता राय और कलाकार रूपा साहू शामिल थीं। जूरी सदस्यों ने प्रतिभागियों को हाव-भाव, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रस्तुतीकरण की बारीकियां बताईं। समिति की अध्यक्ष रेखा सिंह ने कहा कि तीज मिलन केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, संस्कृति, प्रेम, अपनत्व और महिला शक्ति का सुंदर उत्सव है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। सौंदर्य प्रतियोगिता में प्रियंका, पूजा कश्यप, रोशनी, अमिता, रेणुका, अनीता सिंह, भावना मणि, बबीता, गौरी, सुशीला सूर्यवंशी, नीलू, मीरा, विजया, निर्मला, आशा, शकुंतला और गेंदा साहू सहित अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।फिल्मी धुनों पर नृत्य का शानदार प्रदर्शनकार्यक्रम में महिलाओं ने फिल्मी धुनों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर समारोह में रंग भर दिए। नृत्य प्रस्तुत करने वाली महिलाओं में श्रद्धा बैतुले, सुनीता ठाकुर, ट्विंकल साहू, सरस्वती सिंह, आशा वर्मा, मंजू, सत्यभामा, किरण, अनुराधा, ममता, चेतना, ऊर्वशी, रूपा, हिमानी, रंजना, मीनाक्षी, अनीता दत्ता, आभा देशमुख, भावना साकुरे, मनीषा हाडगे और रेणुका पटेल शामिल थीं। कार्यक्रम का संचालन आशा जानी एवं डॉ. नीतू साहू ने किया। समारोह को सफल बनाने में उपाध्यक्ष मनोरमा सिंह, मोना सिंह, धनेश्वरी शर्मा, रेखा मालवीय, माला यादव, ममता शुक्ला एवं श्यामली मुखर्जी का विशेष योगदान रहा। तीज मिलन समारोह में राजपूताना परिधान, शाही अंदाज, नृत्य, संगीत और महिलाओं के उत्साह ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। - -कलेक्टर के निर्देश पर रात 12 बजे कार्रवाईमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार एनालॉग पनीर के निर्माण एवं विक्रय पर प्रतिबंध के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए राजस्व,खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड में दबिश दी। एसडीएम अक्षा गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के दौरान लगभग तीन घंटे तक संस्थान की जांच की गई।रात्रि करीब 12 बजे तहसीलदार जुगल किशोर, नायब तहसीलदार हरीश ध्रुव एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन के शंखनाद भोई एवं अधिकारियों की संयुक्त टीम वैद्य फूड पहुंची। जांच के दौरान मध्य रात्रि में पनीर का निर्माण किए जाने की स्थिति सामने आई। मौके पर उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता एवं निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को लेकर संदेह उत्पन्न होने पर लगभग 200 किलोग्राम पनीर को जब्त किया गया।आज सुबह कार्रवाई के दौरान विभाग द्वारा सील किए गए कोल्ड स्टोरेज में रखी खाद्य सामग्री को नियमानुसार खोलकर उसकी जांच की गई। खाद्य सामग्री की पुष्टि एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए पनीर का नमूना लिया गया, जिसे जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंखनाद भोई, तहसीलदार जुगल किशोर, नायब तहसीलदार हरीश ध्रुव सहित पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही। अधिकारियों द्वारा मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं निर्माण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी भी संकलित की गई।रिपोर्ट के आधार पर होगी आगामी कार्रवाईअभिहित अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जब्त पनीर का नमूना राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा प्रतिबंधित अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन व जिला प्रशासन के निर्देश अनुसार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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महासमुंद / नीति आयोग द्वारा शुरू किए गए आकांक्षी जिला तथा विकासखंड कार्यक्रम को परिणाम आधारित विकास को गति देने और नीति आयोग के तय किए गए सूचकांकों के संतृप्तिकरण हेतु डेवेलपमेंट पार्टनर के सहयोग से लक्ष्य प्राप्त किया जा रहा है। इसके माध्यम से एन.आई.आई.टी. फाउंडेशन युवाओं, महिलाओं और समुदाय के सदस्यों के बीच प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर जागरूक किया जा रहा हैं। जिले में आदिवासी विकास विभाग एवं खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद द्वारा संचालित खेलों इंडिया लघु केंद्र एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग के बालक एवं बालिका, खिलाड़ी, प्रशिक्षक, स्टॉफ एवं खेल अधिकारी वर्चुअल शामिल हुए। जिले में प्रशिक्षण समन्वयक श्री मनीष केशरवानी, एन.आई.आई.टी. फाउंडेशन श्री अनूप शर्मा द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे, प्राचार्य एकलव्य श्री महेंद्र टंडन, एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग महासमुंद के विद्यालयीन स्टॉफ, विद्यार्थी, तीरंदाजी प्रशिक्षक एवन कुमार साहू उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में साईबर धोखाधड़ी की जानकारी प्रदान किया गया। जिसमें मोबाईल पासवर्ड निजी रखने, परिवार के नाम से एवं मोबाईल नंबर से पासवार्ड न रखने, संदिग्ध कॉल एवं मैसेज को वेरिफिकेशन करने, मोबाईल अपडेट करने की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि साईबर फ्रॉड होने पर परिवार के लोगों को पहले सूचित करें, बैंक में जाकर शिकायत दर्ज करें, साईबर सेल में शिकायत करें तथा सार्वजनिक स्थानों पर फ्री वाईफाई का उपयोग नहीं करने, नौकरी का झांसा देने वाले चीजों में नहीं आने, अनजान लोगों से कोई जानकारी साझा न करने एवं अपनी फोटो, पहचान सोशल मीडिया में सांझा न करने आदि आगामी घटनाओं से बचने का तरीका बताया गया। -
महासमुन्द / राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण महासमुन्द के संयुक्त तत्वावधान में जिले में गुरुवार 20 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे शहीद वीर नारायण सिंह कोडार डेम में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। यह मॉक ड्रिल जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा साथ ही इसके माध्यम से आम नागरिकों को आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं बचाव उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार की घबराहट न करें। यह केवल प्रशिक्षण एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए आयोजित अभ्यास है। अभ्यास के दौरान नागरिकों से शांति एवं संयम बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी प्रसारित न करने की अपील की गई है। साथ ही नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। -
बिलासपुर /भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियों को जिले में और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के लिए संगठनात्मक विस्तार, प्रशिक्षण और विद्यालयों से समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में अधिक से अधिक विद्यालयों में स्काउट-गाइड इकाइयां शुरू करने और करीब 300 नए स्काउट्स को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा मुख्य अतिथि रहे। अध्यक्षता जिला संघ बिलासपुर के जिला मुख्य आयुक्त श्री राजेंद्र साहू ने की। विशिष्ट अतिथि संयुक्त सचिव श्रीमती बीना यादव रहीं। राज्य मुख्यालय आयुक्त (स्काउट) श्री रविश गुप्ता, राज्य सहायक आयुक्त (स्काउट) श्री राकेश सोंथालिया, श्री विजय कुमार यादव एवं श्री भूपेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।
बैठक में स्काउटिंग को विद्यालय एवं समुदाय से जोड़ने, विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और स्काउट मास्टर व गाइड कैप्टन के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। प्रत्येक ब्लॉक में बैठकें आयोजित कर गतिविधियों की समीक्षा करने तथा प्राचार्यों, शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय संचालकों से समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
स्काउटिंग के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा भावना और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बच्चों के प्रशिक्षण, ड्रेस एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ नियमित रूप से विद्यार्थियों से संपर्क बनाए रखने की बात कही गई।
जिले में संगठनात्मक गतिविधियों के लिए MOB ग्रुप बनाने, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को जोड़ने तथा मासिक बैठकों को नियमित करने पर भी सहमति बनी। साथ ही UID निर्माण एवं अद्यतन, विद्यालयों में संचालित इकाइयों की जानकारी और विकासखंड स्तर की गतिविधियों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अजय कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर, डॉ. नवनीत कौशिक, जिला मुख्यालय आयुक्त (स्काउट), श्रीमती आरती राय, एपीसी समग्र शिक्षा एवं सहायक जिला आयुक्त (गाइड) विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी सहित स्काउट एवं गाइड के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कहा गया कि स्काउटिंग केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। सितंबर माह में प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा करते हुए आगामी गतिविधियों में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। - -पशुपालकों को पशु चिकित्सक से संपर्क कर आवश्यक टीकाकरण कराने की अपीलमहासमुंद / रैबीज एक घातक वायरल बीमारी है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। यह संक्रमित स्तनधारी जीवों की लार के माध्यम से काटने या खरोंच लगने पर मनुष्यों एवं अन्य पशुओं में फैल सकती है। रैबीज के प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक लार आना, मुंह से झाग निकलना, निगलने में कठिनाई, आवाज में परिवर्तन, धीरे-धीरे लकवे की स्थिति तथा पानी से डर या घबराहट शामिल हैं।उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ अंजना नायडू ने बताया कि केवल स्तनधारी जीव ही रैबीज से संक्रमित हो सकते हैं और इसे फैला सकते हैं। चमगादड़ एवं लोमड़ी इस बीमारी के प्रमुख वाहक माने जाते हैं, जबकि श्वान, बिल्ली, गाय, बकरी, भेड़ एवं बंदर के काटने से भी रैबीज संक्रमण का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि जिले में एंटीरेबीज टीकाद्रव्य पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में 12 मात्रा एंटीरेबीज टीका उपलब्ध है। संक्रमण से बचाव के लिए प्री-एक्सपोजर टीकाकरण वर्ष में एक बार तथा संक्रमण के बाद पोस्ट-एक्सपोजर टीकाकरण निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार 0, 3, 7, 14 एवं 28वें दिवस पर निःशुल्क लगाया जाएगा।पशुपालकों से अपील की गई है कि अपने पशुओं को रैबीज से सुरक्षित रखने के लिए निकटतम पशु चिकित्सक से संपर्क कर आवश्यक टीकाकरण अवश्य कराएं। साथ ही, किसी पशु के काटने या खरोंचने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेकर निर्धारित टीकाकरण प्रोटोकॉल का पालन करें।
- महासमुंद / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा 20 अगस्त को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मचेवा महासमुंद में प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित होगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की स्वतंत्र माइक्रोफाइन प्राइवेट लिमिटेड, स्वाभिमान फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, एनआईआईटी लिमिटेड, पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड एवं वेक्टर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, एलआईसी महासमुंद सहित विभिन्न नियोजकों द्वारा 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर एवं स्नातक उत्तीर्ण आवेदकों के लिए कुल 292 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा अन्य नियोजक भी उपस्थित होने पर रोजगार मेले में सम्मिलित किए जा सकेंगे।उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक एवं योग्य आवेदकों को निर्धारित स्थल एवं समय पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज की स्वयं की फोटो के साथ उपस्थित होना होगा। साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदकों को छत्तीसगढ़ रोजगार एप/वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है। रिक्तियों की संख्या, पदवार आवश्यक योग्यता, वेतनमान एवं कार्यस्थल से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद में संपर्क कर सकते हैं अथवा रोजगार विभाग की वेबसाइट erojgar.cg.gov.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- -09 प्रकरणों में 16.66 लाख का अर्थदण्ड-त्योहारी सीजन को लेकर 17 से 23 अगस्त तक चलेगा बने खाबो, बने रहीबो 2.0 अभियानमहासमुंद / जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल 2025 से 17 अगस्त 2026 तक निरंतर प्रवर्तन कार्यवाही की गई। इस दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।अभिहित अधिकारी श्री उमेश कुमार ने बताया कि उक्त अवधि में कुल 149 प्रवर्तन नमूने लिए गए तथा 29 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 09 प्रकरणों में न्यायनिर्णयन अधिकारी द्वारा निर्णय पारित करते हुए कुल 16,66,000 का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। वहीं 03 प्रकरणों में अपराधों के शमन हेतु कुल 40,100 की राशि संदत्त कराई गई। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन में पाए गए 05 खाद्य पदार्थों को जिले में विक्रय हेतु प्रतिषिद्ध किया गया।त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक ‘बने खाबो, बने रहीबो 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मिठाई दुकानों, बेकरी, नमकीन प्रतिष्ठानों सहित त्योहारों से संबंधित अन्य खाद्य कारोबारों की सघन जांच एवं निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित निर्माण एवं भंडारण, लेबलिंग तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के पालन की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तन एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। खाद्य पदार्थ प्रतिष्ठित एवं अधिकृत दुकानों से ही खरीदें। पैकेज्ड खाद्य सामग्री लेते समय निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर, FSSAI लाइसेंस/पंजीयन तथा लेबल पर अंकित आवश्यक जानकारी अवश्य जांचें। नागरिक खुले में रखे, अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए गए अथवा संदिग्ध रंग, गंध या गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबारियों से भी अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों का पूर्णतः पालन करें और उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराएं।
- -33 जिलों में उल्लास के साथ दर्ज हुईं 211 पक्षी प्रजातियांरायपुर /छत्तीसगढ़ में पर्यावरण, प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 से 16 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय 'हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक धरोहर व परिंदों की दुनिया को सहेजना, पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देना और इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना हैl वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में यह आयोजन पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।हरेली बर्ड फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य केवल पक्षियों की गणना करना ही नहीं, बल्कि नागरिक विज्ञान (Citizen Science) के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पक्षी विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना था। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने स्थानीय लोगों, छात्रों और प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट किया।इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान राज्य के सभी 33 जिलों में पक्षी अवलोकन गतिविधियों का आयोजन किया गया।अभियान में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रदेश भर में कुल 45 'बर्ड वॉक' आयोजित किए गए। कोपरा जलाशय (रामसर साइट), चिच्छा वेटलैंड, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अचानकमार टाइगर रिजर्व और नंदनवन जंगल सफारी सहित कई महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) और वन क्षेत्रों में सर्वे किया गयाl नंदनवन जंगल सफारी (नवा रायपुर) में दिव्यांगजनों के लिए विशेष 'बर्ड वॉक' का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।नागरिक विज्ञान मंच eBird के माध्यम से राज्य भर से एकत्र किए गए आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पक्षी विविधता सामने आई है। 3 दिनों में कुल 954 eBird Checklists के जरिए 211 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया। सर्वे के दौरान पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork), रेड-नेप्ड आइबिस (Red-naped Ibis), कॉटन पिग्मी-गूज (Cotton Pygmy-Goose), इंडियन पैराडाइज-फ्लाईकैचर (Indian Paradise- Flycatcher) और ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो (Greater Racket-tailed Drongo) जैसी कई दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं।यह अभियान केवल पक्षी अवलोकन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे स्थानीय समुदायों और आजीविका से भी जोड़ा गया। रायपुर जिले की ग्राम पंचायत मांढर के अड़बंधा तालाब में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। यहाँ कलश स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित 'फूड कार्ट' स्थानीय समुदाय की पहल और आजीविका- संरक्षण के सुंदर समन्वय का उदाहरण बना।इस सफल आयोजन के बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में राज्य की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की नियमित निगरानी, 'पक्षी मित्र' नेटवर्क को मजबूत करने तथा स्कूलों एवं समुदायों के स्तर पर पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।
- रायपुर। नगरीय क्षेत्रों में अवैध कालोनियों के निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने और नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम, 1998 में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। अधिनियम की धारा 339-क के तहत नगरपालिका परिषद अथवा नगर पंचायत क्षेत्र में भूमि को भूखण्डों में विभाजित कर 'कॉलोनी' विकसित करने वाले व्यक्ति का कालोनाइजर के रूप में पंजीयन अनिवार्य है। इसी प्रकार भवन अथवा अपार्टमेंट का निर्माण कर उसका विक्रय या अंतरण करने वाले भवन निर्माता के लिए भी पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक है।अवैध व्यपवर्तन अथवा अवैध 'कॉलोनी' निर्माण के मामलों में अधिनियम की धारा 339-ग के तहत तीन से सात वर्ष तक के कारावास तथा न्यूनतम एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा न्यायालय द्वारा प्रतिकर राशि का भुगतान करने का आदेश भी दिया जा सकता है। नियमों के अनुसार कालोनाइजर का पंजीयन प्रमाण-पत्र पांच वर्ष के लिए वैध होता है। प्रत्येक कालोनी के विकास कार्य और भूखण्डों के विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी से पृथक विकास अनुमति लेना आवश्यक है। आवासीय कालोनियों में कुल भूमि का 15 प्रतिशत क्षेत्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। साथ ही निर्धारित भूखण्डों को विकास कार्य पूर्ण होने तक नगरपालिका के पास बंधक रखना होता है।’भूखण्ड खरीदने से पहले दस्तावेजों की करें जांच’सूरजपुर जिला प्रशासन ने कालोनाइजरों एवं भवन निर्माताओं से सभी निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से भी आग्रह किया है कि भूखण्ड या भवन खरीदने से पहले संबंधित नगरीय निकाय से कालोनाइजर का पंजीयन, विकास अनुमति, स्वीकृत ले-आउट तथा भूखण्ड की बंधक स्थिति की अनिवार्य रूप से जांच करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की जागरूकता और दस्तावेजों की पूर्व जांच से अवैध कालोनियों एवं अनधिकृत निर्माण से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है। file photo
- राजनांदगांव । खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आगामी रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ की उपलब्ध कराने तथा मिलावटी, अमानक, मिथ्याछाप, भ्रामक रूप से प्रस्तुत एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक जिले में बने खाबो-बने रहिबो 2-0 के तहत सात दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण, खाद्य पदार्थों की जांच, आवश्यकतानुसार नमूना संकलन, खाद्य पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला एवं स्रोत की ट्रेसिंग तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।डेयरी एनालॉग एवं भ्रामक रूप से प्रस्तुत खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानीराज्य शासन द्वारा उपभोक्ता को वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का आभास कराने वाले अमानकीकृत डेयरी एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध किंतु दुग्ध-उत्पाद सदृश खाद्य पदार्थों के विनिर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे उत्पाद जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता है अथवा जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग, प्रदर्शन या विक्रय की प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित करती है, अभियान के दौरान विशेष जांच के दायरे में रहेंगे। विशेष रूप से मावा, खोया, पनीर, दूध, घी, क्रीम, मक्खन, चीज के नाम पर विक्रय अथवा उपयोग की जा रही सामग्री की वास्तविक प्रकृति, प्रयुक्त सामग्री तथा उसके नाम एवं प्रस्तुतीकरण की जांच की जाएगी। यदि किसी उत्पाद को वास्तविक दुग्ध मिठाई के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा हो, किंतु उसमें दूध व दुग्ध घटकों के स्थान पर वनस्पति तेल, वनस्पति वसा अथवा अन्य गैर-दुग्ध घटकों का उपयोग पाया जाता है, तो उसकी श्रेणी, लेबलिंग एवं लागू नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।बिना लेबल एवं भ्रामक नाम से बिकने वाली मिठाइयों की होगी जांचअभियान के दौरान बिना उचित लेबल, बिना घटक विवरण अथवा भ्रामक नाम एवं प्रस्तुतीकरण के साथ विक्रय किए जाने वाले मिठाइयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कम लागत वाली अथवा अमानक मिठाई को किसी अन्य प्रसिद्ध एवं वास्तविक मिठाई के नाम से तैयार, पैक अथवा विक्रय किए जाने वाले मामलों की जांच की जाएगी। बल्क कंटेनर में रखी मिठाइयों पर नाम, अवयव अथवा आवश्यक पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उसके विनिर्माता, स्रोत तथा फुटकर विक्रय हेतु आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी।सिर्फ खुदरा विक्रेता ही नहीं, पूरी आपूर्ति श्रृंखला की होगी जांचअभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सोर्स ट्रेसिंग पर रहेगा। ग्रामीण अथवा छोटे बाजारों में संदिग्ध मिठाइयां पाए जाने पर कार्रवाई केवल संबंधित खुदरा विक्रेता तक सीमित न रखकर उपलब्ध बिल, सप्लायर विवरण एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर संबंधित निर्माता, थोक विक्रेता एवं वितरक तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। थोक बाजारों में विशेष रूप से खरीद-बिक्री के बिल व इनवॉइस, सप्लायर का विवरण, संबंधित ग्राहक अथवा गंतव्य का विवरण, बिना लेबल वाले मिठाई कंटेनर तथा संदिग्ध मिठाइयों के स्रोत की जांच की जाएगी।होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे मेंअभियान के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों में उपयोग की जा रही मक्खन, क्रीम, चीज, पनीर सहित अन्य सामग्री की भी जांच की जाएगी। संदिग्ध गैर-दुग्ध किंतु दुग्ध उत्पाद सदृश खाद्य सामग्री पाए जाने पर उसके सप्लायर एवं स्रोत की जानकारी प्राप्त कर आवश्यकतानुसार नमूना संकलन एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में होगी सघन कार्रवाईअभियान अंतर्गत शहरी थोक खाद्य एवं मिठाई बाजारों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मिठाई दुकानों, छोटे कन्फेक्शनरी कारोबारियों, अस्थायी व मौसमी मिठाई विक्रेताओं, स्थानीय वितरकों, साप्ताहिक बाजार एवं हाट में मिठाई विक्रेताओं तथा त्योहार के दौरान अस्थायी रूप से खाद्य व्यवसाय करने वाले कारोबारियों की जांच की जाएगी। बिना आवश्यक खाद्य पंजीयन व लाइसेंस के व्यवसाय करने वाले अस्थायी खाद्य कारोबारियों की भी जांच की जाएगी। निर्माण स्थल की स्वच्छता, प्रयुक्त कच्ची सामग्री, मावा, खोया, पनीर, दूध, घी, तेल सहित अन्य सामग्री की गुणवत्ता एवं स्रोत तथा तैयार खाद्य पदार्थों की वास्तविक प्रकृति की जांच की जाएगी।नमूना संकलन एवं वैधानिक कार्रवाईनिरीक्षण के दौरान यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, अमानकता, मिथ्याछाप अथवा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली जानकारी व प्रस्तुतीकरण पाए जाने पर नियमानुसार नमूना संकलित कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उपलब्ध तथ्यों एवं जांच निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों, विनियमों और लागू आदेश व अधिसूचनाओं के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता होने पर संबंधित खाद्य पदार्थ को रोकने, हटाने, जब्ती, नमूना संकलन एवं अन्य विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।खाद्य कारोबारियों से अपीलखाद्य एवं औषधि प्रशासन राजनांदगांव द्वारा जिले के समस्त खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने, खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय में गुणवत्तापूर्ण कच्ची सामग्री का उपयोग करने, आवश्यक खाद्य लाइसेंस व पंजीयन प्राप्त करने, निर्धारित लेबलिंग एवं घटक विवरण का पालन करने तथा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले नाम, दावे अथवा प्रस्तुतीकरण से बचने की अपील की गई है। खाद्य कारोबारियों को उनके द्वारा खरीदी गई खाद्य सामग्री का आवश्यकता पडऩे पर खाद्य पदार्थ की आपूर्ति श्रृंखला का सत्यापन करने के लिए उचित बिल एवं स्रोत संबंधी अभिलेख उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।नागरिकों से सहयोग की अपीलखाद्य एवं औषधि प्रशासन राजनांदगांव द्वारा नागरिकों से मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं लेबल संबंधी जानकारी पर ध्यान देने की अपील की गई है। अत्यधिक संदिग्ध, बिना लेबल अथवा भ्रामक नाम से विक्रय किए जा रहे खाद्य पदार्थों के संबंध में विभाग को जानकारी देकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
- - कलेक्टर की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक संपन्न- स्टेडियम समिति की बैठक में आय के नए स्रोत विकसित करने, खेल सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना को बेहतर बनाने पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयराजनांदगांव । कलेक्टर एवं अध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति राजनांदगांव श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में सोमवार को स्टेडियम कॉन्फ्रेंस हॉल में स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिग्विजय स्टेडियम के बेहतर संचालन, खेल सुविधाओं के विस्तार, अधोसंरचना विकास, आय के नए स्रोत विकसित करने तथा खिलाडिय़ों के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम को केवल खेल आयोजन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक सर्वसुविधायुक्त खेल परिसर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए यहां संचालित खेल गतिविधियों को व्यवस्थित करने के साथ ही नए खेलों को जोडऩे, खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने तथा स्टेडियम की आय के स्रोत बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि राजनांदगांव में विभिन्न खेलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक उपलब्ध हैं। उनके अनुभव का लाभ लेकर स्टेडियम में अलग-अलग खेलों की गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी प्रशिक्षण शिविरों से जोड़कर उन्हें खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से वेटलिफ्टिंग क्षेत्र को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वेटलिफ्टिंग क्षेत्र को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप देकर खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने तथा कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्टेडियम की आय बढ़ाने के लिए विज्ञापन एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के प्रमुख स्थानों एवं हाईवे से जुड़े हिस्सों में विज्ञापन संरचनाओं के माध्यम से आय प्राप्त करने की संभावना का परीक्षण किया जाए। साथ ही दुकानों के किराए की नियमित समीक्षा एवं वृद्धि की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि स्टेडियम समिति की आय में निरंतर वृद्धि हो सके। दुकानों की स्थिति एवं सुविधाओं को बेहतर बनाकर किराए में वृद्धि करने तथा भविष्य में किराए में नियमित वार्षिक वृद्धि की व्यवस्था पर भी विचार किया गया।कलेक्टर ने स्टेडियम परिसर के शौचालयों को अत्याधुनिक एवं बेहतर सुविधाओं के अनुरूप निर्माण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि केवल निर्माण कर देने से व्यवस्था पूरी नहीं होती, बल्कि नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव भी जरूरी है। शौचालयों के निर्माण के साथ नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि समिति की बैठकों में आय और व्यय का पूरा विवरण नियमित रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और समिति के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा। कलेक्टर ने कहा कि स्टेडियम की संपत्ति एवं स्थानों का उपयोग निर्धारित नियमों एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। संबंधित संस्थाओं के साथ आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पिछली बैठक में स्वीकृत निर्माण कार्यों पर हुए व्यय का अनुमोदन भी किया गया। स्टेडियम परिसर में स्थित 500 केवी जनरेटर की मरम्मत कराने का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। मैदान के चारों टावरों की लाइटों को बदलने का निर्णय लिया गया तथा हटाई जाने वाली लाइटों का उपयोग हॉकी स्टेडियम में करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। स्टेडियम की प्रमुख गैलरी में शेड एवं सोलर पैनल लगाने तथा ड्रेसिंग रूम निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। स्टेडियम परिसर में खिलाडिय़ों एवं आगंतुकों के लिए बेहतर खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।बैठक में राज्य क्रिकेट संघ द्वारा आगामी अक्टूबर एवं जनवरी माह में प्रस्तावित रणजी ट्रॉफी मैचों के आयोजन के संबंध में दिए गए प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गई। सितंबर माह तक स्टेडियम के मैदान एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने का निर्णय लिया गया, ताकि सितंबर में निरीक्षण के लिए आने वाले बीसीसीआई के प्रतिनिधिमंडल को रणजी ट्रॉफी मैचों के आयोजन के लिए आवश्यक सुविधाओं से अवगत कराया जा सके। स्टेडियम में नए खेलों को बढ़ावा देने के संबंध में भी चर्चा की। बॉलिंग जैसे खेलों की सुविधा विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। साथ ही विभिन्न खेलों के लिए कोचिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय प्रशिक्षकों की सेवाओं का उपयोग करते हुए नियमित प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया गया। स्टेडियम परिसर में उपलब्ध स्थानों एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा उपयोग किए जा रहे स्थानों की समीक्षा भी की गई। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समिति के सदस्यों द्वारा स्टेडियम के विकास के संबंध में विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता बघेल, महापौर एवं उपाध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति श्री मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, सचिव श्री रमेश पटेल, श्री कुतुबुद्दीन सोलंकी, श्री रमेश डाकलिया, सांसद प्रतिनिधि श्री हरीश शर्मा, आयुक्त नगर पालिक निगम श्री जीआर मरकाम, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल एवं सहसचिव श्री योगेश बागड़ी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राजनांदगांव के संयुक्त तत्वावधान में 20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे राजनांदगांव शहर के रानीसागर तालाब लाल बाग वाईडनर स्कूल के आगे राजनांदगांव में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रील का आयोजन किया गया है। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से मॉर्क ड्रील आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अभ्यास के दौरान शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की घबराहट से बचने, अफवाहों से बचने एवं दूसरों को सही जानकारी प्रदान करने, मॉक ड्रील में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।
- -भाजपा के पुराने कार्यक्रम के वीडियो को स्वतंत्रता दिवस का बताकर भ्रामक दुष्प्रचार करने वाले कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर की मांग, सिविल लाइंस थाने में सौंपा पत्ररायपुर। कांग्रेस नेताओं द्वारा भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम के पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस के दिन का बताकर सोशल मीडिया पर भ्रामक व विद्वेषपूर्ण दुष्प्रचार करने के मामले में भाजपा प्रतिनिधि मणडल ने सोमवार को सिविल लाइंस पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही व एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रतिनिधि मण्डल में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक, डॉ. किरण बघेल, राजीव चक्रवर्ती, प्रदेश मीडिया सह संयोजक राहुल राय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन, भाजयुमो जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी, किसान मोर्चा उपाध्यक्ष राहुल राव, युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी वासु शर्मा शामिल थे।भाजपा प्रतिनिधि मण्डल द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर तथा एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल @GenZ_of_India द्वारा कुरुद (जिला धमतरी) में 22 मार्च 2026 को आयोजित 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान' के दौरान पार्टी ध्वज फहराए जाने के फोटो एवं वीडियो को जानबूझकर 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस) का बताकर प्रसारित किया गया। उक्त हैंडल्स द्वारा यह झूठा दावा किया गया कि भाजपा जनप्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर पार्टी का झंडा फहराया गया है। इस तरह स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पुराने व असंबद्ध वीडियो को नए संदर्भ में प्रस्तुत कर जनता के बीच भ्रम, राजनीतिक तनाव और ।अशांति फैलाने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया गया है।भाजपा प्रतिनिधि मण्डल ने भड़काऊ व असत्य सामग्री प्रसारित करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2), 196, 197 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस प्रशासन से उक्त पोस्ट्स के डिजिटल साक्ष्य, मूल मेटा डेटा और अपलोडिंग विवरण को सुरक्षित करते हुए भ्रामक हैंडलर्स और इसके पीछे की साजिश की तकनीकी जाँच करने का आग्रह किया गया। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल एवं संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस प्रकार की भ्रामक सामग्री को तत्काल हटाने व संबंधित हैंडल्स पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। भाजपा प्रतिनिधि मण्डल ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को ठेस पहुँचाना और सुनियोजित तरीके से समाज में तनाव पैदा करना अक्षम्य अपराध है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित जाँच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
- - पितृ पुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर नमन कियारायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी और भाजपा सोशल मीडिया के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक व छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन दीपक म्हस्के ने अपनी नियुक्ति के तुरंत बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) पहुँचकर स्मृति मंदिर में पूजा अर्चना कर भाजपा के पितृ पुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करके उनको नमन किया।भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी ने अपनी नियुक्ति पर केंद्रीय नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त किया है। श्रीमती चौधरी ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने एक साधारण कार्यकर्ता पर जो अटूट विश्वास जताया है, वे पूरी निष्ठा, परिश्रम और समर्पण के साथ उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर मातृशक्ति का नेतृत्व करने का सुअवसर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का आभार मानते हुए श्रीमती चौधरी ने नारी सशक्तीकरण से जुड़ी कार्ययोजना और प्राथमिकताओं की चर्चा की और कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में मातृशक्ति की भूमिका सबसे अहम है। महिला मोर्चा न केवल संगठन के विचारों को जन-जन तक पहुँचाएगा, बल्कि देश की हर महिला के स्वाभिमान, स्वावलम्बन और सुरक्षा के लिए निरंतर अग्रसर रहेगा।भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक एवं छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के ने नई संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। श्री म्हस्के ने कहा कि संगठन ने जो विश्वास उन पर जताया है, वे उस पर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया और आगामी संगठनात्मक लक्ष्यों और डिजिटल संचार तंत्र को मजबूत करने की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का युग सूचना और डिजिटल क्रांति का है। भाजपा का सोशल मीडिया विभाग केवल सूचनाएँ साझा करने का जरिया नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच एक सशक्त सेतु की तरह कार्य करेगा।भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं भाजपा सोशल मीडिया के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के का ढोल-नगाड़ा बजाकर स्वागत किया गया।इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, महासमुंद जिला अध्यक्ष येतराम, महिला आयोग अध्यक्ष ममता साहू, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल, उज्ज्वल दीपक, सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक मितुल कोठारी, आईटी प्रदेश संयोजक सुनील पिल्लई, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन, संदीप उपारकर, आदित्य कुरील सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- *सरगुजा कुश्ती संघ के तत्वावधान में हुआ आयोजन, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने पहलवानों का बढ़ाया उत्साह*रायपुर । नागपंचमी के पावन अवसर पर अंबिकापुर में सरगुजा कुश्ती संघ के तत्वावधान में भव्य दंगल कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मल्टीपर्पज स्कूल मैदान में आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच और दमखम का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया।प्रतियोगिता के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता कर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर उनके खेल प्रदर्शन की सराहना की तथा विजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को शील्ड एवं पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कुश्ती हमारी समृद्ध पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से हमारी पारंपरिक खेल विधाओं को नई पहचान और प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही युवाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने, अनुशासन अपनाने और खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक एवं पारंपरिक खेल संस्कृति को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल युवाओं में आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने नागपंचमी के पावन अवसर पर दंगल कुश्ती प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सरगुजा कुश्ती संघ के पदाधिकारियों एवं आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आयोजकों का यह प्रयास पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर प्रदान करता है।नागपंचमी के अवसर पर आयोजित इस दंगल प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेलप्रेमी और नागरिक मल्टीपर्पज स्कूल मैदान पहुंचे। पहलवानों के रोमांचक मुकाबलों के दौरान दर्शकों ने उत्साहपूर्वक उनका हौसला बढ़ाया। सरगुजा कुश्ती संघ द्वारा प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रतियोगिता ने अंबिकापुर में पारंपरिक खेलों के प्रति लोगों के उत्साह को भी प्रदर्शित किया और नागपंचमी के अवसर को खेल एवं सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हुए आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश शर्मा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रमेश शर्मा ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान और समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता सदैव स्मरणीय रहेगी।मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों एवं शुभचिंतकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
- -मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक संपन्नरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (सीजीसीडीएफ) की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र का समग्र विकास, दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि, महिला दुग्ध उत्पादकों की भागीदारी बढ़ाना और दुग्ध संग्रहण व विपणन अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करना रहा।बस्तर संभाग के सात जिलों में बड़ी संख्या में ग्रामीण व अनुसूचित जनजाति परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। क्षेत्र में लगभग 88ः गायें स्थानीय नस्ल की हैं। दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने के लिए पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।एनडीडीबी के सहयोग से जून 2025 से सरगुजा संभाग के जशपुर (2 हजार लीटर क्षमता) और बलरामपुर (5 हजार लीटर क्षमता) में चिलिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। वर्तमान में 45 मिल्क कलेक्शन सेंटर्स के माध्यम से रोजाना लगभग 3,500 लीटर दूध एकत्र किया जा रहा है, जिससे 1500 से अधिक महिला उत्पादक जुड़ी हैं।परियोजना के तहत दुग्ध उत्पादकों के बिल का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को नियमित आय मिल रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।बैठक में पिछली बैठकों की कार्रवाई रिपोर्ट, मानव संसाधन चुनौतियों, भौतिक-वित्तीय प्रगति और डेयरी समग्र विकास योजना की समीक्षा की गई। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित आयुक्त सहकारिता श्री रमेश कुमार शर्मा सहित राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के अधिकारी एवं सहकारी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और फेडरेशन के अन्य सदस्य शामिल हुए।
- रायपुर । हज 2027 में हजयात्रा पर जाने वाले हज यात्रियों की सहायता के राज्य हज निरीक्षक हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर अनुसार हज 2027 के हज यात्रियों के सहायतार्थ, राज्य हज निरीक्षक (स्टेट हज इंस्पेक्टर) के ऑनलाइन आवेदन पत्र दिनांक 13 अगस्त 2026 से दिनांक 27 अगस्त 2026 तक आमंत्रित किये गए है।छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के सेचिव से प्राप्त जानाकरी के अनुसार राज्य हज निरीक्षक हेतु निर्धारित अहर्ता एवं नियमावली का सम्पूर्ण विवरण, हज कमेटी की वेबसाइटwww.hajcommittee.gov.inमें सर्कुलर 07 पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी मुखर्जी बाड़ा बैरन बाजार रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर डीकेएस अस्पताल रायपुर में हुआ सफल उपचार-आर्थिक तंगी बनी थी इलाज में बाधा, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने बढ़ाया मदद का हाथ-स्वस्थ होकर मुख्यमंत्री से मिले अविनाश, कहा - मुश्किल समय में मिली मदद ने बदल दी जिंदगीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल जरूरतमंद परिवारों के जीवन में आशा और विश्वास का संचार कर रही है। बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार सहायता दी जा रही है। इसी संवेदनशील पहल से फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी 21 वर्षीय अविनाश नायक का रायपुर के डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार संभव हो सका है।स्वस्थ होने के बाद अविनाश आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। अविनाश ने मुख्यमंत्री को बताया कि उपचार के बाद उनकी स्थिति में काफी सुधार आया है और अब वे पहले की तुलना में कहीं अधिक सहजता से चलने-फिरने के साथ अपने दैनिक कार्य कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।अविनाश नायक को जन्म से ही बाएं पैर के अंगूठे और एक अन्य अंगुली में मांसपेशियों एवं हड्डी के असामान्य रूप से बढ़ने की समस्या थी। उम्र बढ़ने के साथ यह परेशानी भी बढ़ती गई। इससे उन्हें चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई होने लगी। उपचार की आवश्यकता होने के बावजूद परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति उनके सामने सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी।कुछ वर्ष पूर्व अविनाश ने उपचार के लिए जिला अस्पताल में चिकित्सकों से संपर्क किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने बेहतर उपचार एवं ऑपरेशन के लिए किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में जाने की सलाह दी। परिवार के लिए इलाज और ऑपरेशन का खर्च वहन करना संभव नहीं था। ऐसे में बेहतर उपचार की उम्मीद लिए अविनाश ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में अपनी समस्या बताते हुए सहायता के लिए आवेदन किया।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने अविनाश की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए उनके उपचार के लिए तत्काल आवश्यक पहल की। उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रायपुर भेजा गया, जहां डीकेएस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार और ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।सफल उपचार ने अविनाश के जीवन की एक बड़ी परेशानी दूर कर दी है। लंबे समय से जिस शारीरिक समस्या के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, उससे अब काफी राहत मिली है। वे सामान्य दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अविनाश ने भावुक होकर बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे किसी बड़े अस्पताल में जाकर अपना उपचार करा सकें। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देने के बाद उनकी समस्या पर गंभीरता से पहल हुई और रायपुर के डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार कराया गया।अविनाश ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में मिली इस सहायता ने उन्हें बड़ी परेशानी से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने उपचार में सहयोग करने वाले चिकित्सकों और प्रशासन के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बीमारी और अन्य कठिन परिस्थितियों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में संवेदनशीलता के साथ पहल की जा रही है। अविनाश की कहानी इसी संवेदनशील व्यवस्था का उदाहरण है। आर्थिक अभाव के कारण जिस युवक का उपचार लंबे समय से नहीं हो पा रहा था, उसे समय पर सहायता और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से आज उसके जीवन में नई उम्मीद आई है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जरूरतमंदों के लिए सहायता के माध्यम के साथ भरोसे और संवेदनशील शासन के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।





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