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- -18 से 25 वर्ष तक के आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी हो सकते हैं कार्यशाला में शामिलबालोद । पीएम इंटर्नशिप योजना 2026 के अंतर्गत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर में आज सुबह 11 बजे से 03 बजे तक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी जिनकी आयु 18 से 25 वर्ष तक है, वे अपने समस्त शैक्षणिक तथा आवश्यक प्रमाण-पत्र के साथ उक्त कार्यशाला में शामिल होकर अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सभी नियुक्तियों में शासन की मार्गदर्शिका का किया गया कड़ाई से पालनबालोद ।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत बालोद जिले में विभिन्न पदों पर की गई संविदा भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और शासकीय नियमों के अनुरूप संपन्न की गई है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित इस भर्ती में शासन के निर्धारित मार्गदर्शिका और मापदंडों का कड़ाई से पालन किया गया है। उन्होंने बताया कि संविदा भर्ती के अंतर्गत अभ्यर्थियों द्वारा जमा किए गए स्व-प्रमाणित शैक्षणिक दस्तावेजों और घोषणा पत्र के आधार पर पूर्ण प्रामाणिकता के साथ अंकों का निर्धारण किया गया है। विभाग युवाओं को अवसर देने और संपूर्ण चयन प्रक्रिया की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में अभ्यर्थी आशा साहू को कार्यालय द्वारा 18 नवंबर 2024 को नियुक्ति आदेश जारी किया गया। जिसके परिपालन में 25 नवंबर 2024 को कार्यस्थल पर उपस्थिति दी गई। जिसके 10 दिवस के बाद 05 दिसंबर 2024 को अभ्यर्थी द्वारा पारिवारिक जिम्मेदारी और शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक तैयारी का आवेदन कार्यालय में सौंपकर त्यागपत्र दिया गया, जिसे नियमानुसार स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की सभी भर्ती व्यवस्थाओं को पूरी तरह आदर्श और पारदर्शी बताया है।
- -समय पर मिली आर्थिक सहायता से खरीफ की तैयारियों को मिली गति, खेती की लागत का बोझ हुआ कमरायपुर ।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए खेती-किसानी को नई मजबूती प्रदान कर रही है। योजना के तहत मिलने वाली प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता से किसानों को कृषि आदानों की समय पर व्यवस्था करने में सुविधा मिल रही है, जिससे खेती की लागत का दबाव कम हो रहा है और वे पूरे उत्साह के साथ कृषि कार्यों में जुट रहे हैं।जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नवापारा निवासी किसान श्री रामनाथ कश्यप भी योजना से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त प्राप्त होने के बाद उन्होंने खरीफ सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं।श्री कश्यप ने बताया कि वे लगभग 7 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करते हैं। प्रत्येक फसल सीजन की शुरुआत में बीज, उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था के लिए पर्याप्त राशि की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता खेती की तैयारियों को आसान बनाती है और आर्थिक दबाव को काफी हद तक कम कर देती है। उन्होंने बताया कि 23वीं किस्त से प्राप्त राशि का उपयोग वे बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि कार्यों में करेंगे, जिससे समय पर बुवाई के साथ बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।श्री रामनाथ कश्यप ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। यह योजना खेती के लिए समय पर आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है, जिससे किसानों का जीवन अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर बन रहा है।
- -नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने की रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा-राजधानी की गरिमा के अनुरूप साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए व्यवस्था दुरुस्त करने कहा-तकनीकी अड़चनें दूर कर अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू करने के दिए निर्देशरायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने शुक्रवार को वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ रायपुर नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर राजधानी रायपुर में विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में तकनीकी कारणों से लंबित अप्रारंभ कार्यों की बाधाएं दूर कर उन्हें तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को हर 15 दिनों में कार्यस्थलों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का और रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा भी बैठक में मौजूद थे।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि राजधानी में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी सेवाओं की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए सभी जोन कमिश्नरों, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारियों और नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर व्यापक सफाई अभियान चलाने तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी नियमित एवं प्लेसमेंट अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने से कार्यक्षमता और सेवा वितरण दोनों बेहतर होते हैं।उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के आवासों के निर्माण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान रायपुर की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को कहा।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने राजधानी की गरिमा के अनुरूप स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा कचरा परिवहन की व्यवस्था की नियमित निगरानी व समीक्षा करने को कहा। उन्होंने नालंदा परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक श्री एस.के. सुन्दरानी सहित नगर निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन कमिश्नर, अभियंता, सभी विभागों के प्रभारी अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी तथा जोन सहायक राजस्व अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
- -यूटिलिटी शिफ्टिंग में तेजी लाने के दिए निर्देश, शासकीय भवनों के उपकरणों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने कहारायपुर।. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक लेकर विभाग द्वारा किए जा रहे विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सुव्यवस्थित, तेज और प्रभावी बनाने के साथ ही कार्यों में आधुनिक तकनीकों व उपकरणों का अधिकतम उपयोग करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों को भवनों, सड़कों और पुलों के विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों में उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ सामग्रियों के उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा खरीदी गई सामग्री के जीएसटी बिल अनिवार्य रूप से जमा कराने को कहा। उन्होंने शासकीय भवनों में स्थापित सभी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का समग्र ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे परिसंपत्तियों के रखरखाव और प्रबंधन में पारदर्शिता तथा दक्षता आएगी।विभागीय सचिव ने मरम्मत, रखरखाव तथा विभिन्न आयोजनों से संबंधित बिलों के भुगतान नियमित रूप से एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-ऑफिस के माध्यम से भुगतान की कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने चालू जुलाई माह में 30 जून 2026 तक के सभी लंबित बिलों के भुगतान करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने प्रमुख अभियंता को कार्यपालन अभियंताओं के लिए आवश्यक बजट आबंटन जारी करने को कहा।श्री बंसल ने बैठक में यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन कार्यों के कारण निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने शहरों के बीच की सड़कों पर स्थापित स्ट्रीट लाइटों के संचालन, संधारण एवं मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित नगरीय निकायों को सौंपने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शासकीय भवनों के हैंडओवर के समय ही वहां स्थापित लिफ्टों के संचालन, संधारण और मरम्मत की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शासकीय आयोजनों एवं कार्यक्रमों में लगने वाली व्यवस्थाओं के लिए ठेकेदारों एवं वेंडर्स से रेट-कॉन्ट्रैक्ट व रेट-इम्पैनलमेंट करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अन्य राज्यों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें लागू करने को कहा।श्री बंसल ने विद्युत एवं यांत्रिकी ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर कार्यों में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों में सुदृढ़ता एवं तेजी लाने के लिए उनसे सुझाव भी मांगे। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम और श्री जी.एस. मंडावी, अधीक्षण अभियंता श्री सुरेश भूपल और श्री एन.के. लाल सहित सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा उप संभागों के अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -रायपुर में होगा राष्ट्रीय ’साइंस म्यूजियम’ का आयोजन-प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, आईएसओ प्रमाणन, साइंस सिटी और दो वर्षीय कार्ययोजना बनाने दिए निर्देशरायपुर । छत्तीसगढ़ में विज्ञान एवं अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा देने की पहल के तहत प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने शुक्रवार को रायपुर स्थित विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीजी कॉस्ट) की केंद्रीय प्रयोगशाला सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने प्रयोगशालाओं, तकनीकी इकाइयों एवं अन्य वैज्ञानिक सुविधाओं का अवलोकन करते हुए उनके आधुनिकीकरण, संसाधनों के विस्तार तथा गुणवत्ता उन्नयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संभावित आगामी माह दिसम्बर में राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय साइंस म्यूजियम का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के साइंस सेंटर हिस्सा लेंगे।निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव श्री बोरा ने परिषद की सभी शाखाओं एवं प्रयोगशालाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विज्ञान केन्द्र की लाइब्रेरी को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित बनाने, प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने तथा शोध एवं अनुसंधान गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान केन्द्र को राज्य में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए दीर्घकालीन योजना के साथ कार्य किया जाए। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने इस मौके पर विज्ञान केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने निर्देश दिए कि परिषद की वैज्ञानिक सुविधाओं का लाभ केवल परिषद तक सीमित न रहे, बल्कि शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों को भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों की व्यापक समीक्षा कर उन्हें अधिक उपयोगी एवं सुलभ बनाने तथा युवाओं को विज्ञान गतिविधियों से जोड़ने के लिए विज्ञान केंद्रों की गतिविधियों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया।उन्होंने विज्ञान भवन में आवश्यक अधोसंरचना एवं गुणवत्ता मानकों का विकास कर शीघ्र आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिषद में संचालित जीआईएस आधारित प्रणाली के कार्यों की सराहना की तथा डीजीपीएस आधारित मैप निर्माण की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की।प्रमुख सचिव ने परिषद की सभी शाखाओं एवं प्रयोगशालाओं के प्रभारियों को आगामी दो वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रस्तावित साइंस सिटी परियोजना की तैयारियों में तेजी लाने, आवश्यक मानव संसाधन विकसित करने, नए पदों के सृजन एवं भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने विज्ञान केन्द्र में उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों एवं भवनों के नियमित रखरखाव और मरम्मत के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र के बेहतर संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं सीजी कॉस्ट के महानिदेशक श्री प्रशांत कवीश्वर, डॉ. शिरीष कुमार सिंह, डॉ. अमित मेश्राम, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. अमित राम, सुश्री प्रज्ञा कदम, डॉ. वसीम रजा, क्यूरेटर श्री प्रदीप कुर्रे सहित परिषद के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -6 माह से बंद हैंडपंप हुआ चालू, लीलापुर के ग्रामीणों को फिर मिली स्वच्छ पेयजल की सुविधारायपुर ।शासन की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली का सशक्त माध्यम बन चुकी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसेमंद मंच बनकर उभर रही है। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम लीलापुर के निवासी श्री दिनेश कुमार की पहल और प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से ग्राम लीलापुर के वार्ड क्रमांक-16 में लगभग 6 माह से हैंडपंप खराब की मरम्मत कर पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। हेण्डपम्प खराब होने के कारण गॉव में पेयजल संकट बना हुआ था। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।समस्या के समाधान के लिए गांव के निवासी श्री दिनेश कुमार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। आवेदन प्राप्त होते ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही प्रारंभ की। विभाग की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंप का निरीक्षण किया और आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा किया। शिकायत दर्ज होने के मात्र 3 दिनों के भीतर हैंडपंप को पुनः सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। इसके बाद वार्ड के सभी परिवारों को फिर से स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलने लगी, जिससे लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो गया। दिनेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत का त्वरित निराकरण हुआ, जिससे पूरे वार्ड के लोगों को राहत मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
- रायपुर । जिला प्रशासन द्वारा खरीफ मौसम 2026 के दौरान उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों के साथ-साथ अवैध भंडारण एवं नकली उर्वरकों के विरुद्ध कृषि विभाग द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पांडुका में बड़ी कार्रवाई करते हुए 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड खैरागढ़ अंतर्गत ग्राम पांडुका निवासी राजेश वर्मा के गोदाम से महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी खाद बरामद की गई, जिस पर डीएपी अंकित था। विभाग को सूचना मिली थी कि उक्त खाद किसानों को 1,900 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है। सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।प्रारंभिक जांच के दौरान राजेश वर्मा द्वारा उक्त खाद को मनोज वर्मा का बताया गया, किंतु खाद की खरीदी एवं भंडारण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेजों के अभाव में कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संपूर्ण स्टॉक को जब्त कर लिया तथा प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री खरीदें तथा खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीकृत विक्रेताओं के साथ-साथ अन्य व्यक्तियों द्वारा कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, अवैध भंडारण अथवा नकली खाद से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री लुकमान साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री लखेश्वर तिवारी, श्री देवेंद्र वर्मा एवं श्री अश्विन पटौती उपस्थित रहे।
- -रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया मरम्मत कार्यरायपुर ।कटघोरा से अंबिकापुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-शिवनगर खंड पर गुरसियाँ स्थित तान नदी ब्रिज को मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आम यातायात के लिए पुनः खोल दिया है।परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक श्री मुकेश कुमार ने बताया कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए ब्रिज की आवश्यक संरचनात्मक मरम्मत रिकॉर्ड समय में पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही इस मार्ग पर यातायात पुनः पूर्ण क्षमता के साथ सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। पुल की रेलिंग के बचे कार्य को कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्य मरम्मत कार्य पूरा होने से कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों तथा भारी वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि एनएचएआई सुरक्षित, निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली सड़क अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
- रायपुर। गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पंजीकृत श्रमिकों को राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं निर्बाध लाभ दिलाने के उद्देश्य से श्रमिक ई-केवाईसी अभियान को गति दी जा रही है। जिला पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के 75 से अधिक वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वीएलई को आधार के अनुरूप डेटा संशोधन के बाद श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक पंजीकृत श्रमिकों का 31 जुलाई 2026 तक ई-केवाईसी और आवश्यक डेटा संशोधन पूरा कराया जाएगा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।सीनियर मैनेजर मोहम्मद रियाज ने ऑनलाइन डेटा संशोधन की पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने श्रमिक कार्ड में नाम, पता, आधार और अन्य आवश्यक जानकारियों में संशोधन की प्रक्रिया समझाते हुए त्रुटिरहित डेटा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी वीएलई को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान श्रम पदाधिकारी बी.एल. ठाकुर, श्रम निरीक्षक राहुल यादव और श्रम कल्याण अधिकारी प्रभात गुप्ता ने ई-केवाईसी के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं, ऑनलाइन प्रक्रिया की सामान्य त्रुटियों तथा उनके समाधान की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन और पहचान संबंधी जानकारी का सावधानीपूर्वक मिलान करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर श्रम पदाधिकारी बी.एल. ठाकुर ने जिले के सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की, कि वे अपने नजदीकी सीएससी केंद्र में पहुंचकर आधार के अनुसार आवश्यक संशोधन के बाद ई-केवाईसी अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने पर भविष्य में श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
- -बैंकर्स, वेंडर्स और 'बिहान' की दीदियों के सामूहिक प्रयास से जिला बना 'ऊर्जा आत्मनिर्भरता' की मिसालरायपुर। छत्तीसगढ़ के नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत एक बड़ी क्रांति देखने को मिल रही है। कलेक्टर के नेतृत्व में जिले में यह योजना रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। विभागीय तालमेल, बैंकर्स-वेंडर्स की सक्रियता और 'बिहान' छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला सदस्यों के मैदानी प्रचार-प्रसार के चलते जिले में हर दिन औसतन 8 घरों में सोलर सेटअप इंस्टॉल किए जा रहे हैं। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता और जिले के ऊर्जा कर्मियों के कड़े परिश्रम से चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मिले 4,312 कनेक्शनों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। पिछले तीन महीनों अप्रैल, मई और जून में ही जिले के घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शासकीय-निजी कार्यालयों में 550 से अधिक सोलर सेटअप लगाए जा चुके हैं, जबकि 780 नए आवेदनों पर काम तेजी से चल रहा है।जिले में अब तक 1,700 से अधिक परिवार इस योजना से जुड़कर सीधे लाभ उठा रहे हैं। इन जागरूक उपभोक्ताओं ने अपने छतों पर लगे सोलर पैनलों से 5 लाख 88 हजार यूनिट ग्रीन एनर्जी (बिजली) का उत्पादन किया है। इससे हितग्राहियों को 25 लाख 80 हजार रुपये की सीधे मुफ्त बिजली का फायदा मिला है। इस तरह जिला अब वास्तव में “ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।इस योजना के तहत हितग्राहियों को केंद्र और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक का अनुदान (सब्सिडी) सीधे बैंक खाते में दिया जा रहा है। बिजली बिल में भारी कटौती के साथ-साथ यह योजना स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार के अवसर पैदा कर रही है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है।योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने बेहद पारदर्शी व्यवस्था बनाई है। उपभोक्ता घर बैठ कर आधिकारिक पोर्टलpmsuryaghar.gov.in,'पीएम सूर्य घर ऐप' या सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) का 'मोर बिजली ऐप' या टोल-फ्री नंबर 1912,पोर्टल पर जाकर उपभोक्ता अपनी पसंद के अधिकृत वेंडर का चुनाव खुद कर सकते हैं। सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायत, ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मी भी इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हैं।
- -राजस्व, वन और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में ट्रक व क्रेन जब्त, फर्जी वन मुहर का हुआ खुलासारायपुर। रेंगाखार तहसील के ग्राम भीमभौरी में आम के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। राजस्व, वन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरा एक ट्रक और एक क्रेन जब्त कर पुलिस की सुपुर्दगी में सौंप दिया है।जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार श्री प्रेमनारायण साहू को ग्राम भीमभौरी में अवैध वृक्ष कटाई की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वे राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान खसरा क्रमांक 108 में 12 आम के पेड़ अवैध रूप से कटे हुए पाए गए। कटी हुई लकड़ी को परिवहन के लिए तैयार किया जा रहा था।निरीक्षण के दौरान लकड़ी पर वन विभाग की मुहर लगी दिखाई दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर श्री भूपेंद्र कुमार ने जांच की, जिसमें यह मुहर फर्जी पाई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अवैध लकड़ी को वैध दिखाने के लिए वन विभाग की नकली सील का उपयोग किया गया था।प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि कटे हुए आम के लट्ठों को मध्य प्रदेश के इंदौर भेजने की तैयारी थी। प्रशासन की समय पर कार्रवाई से अवैध परिवहन को रोक दिया गया।वन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर जब्ती की कार्रवाई की गई। मामले की विस्तृत जांच जारी है। अवैध वृक्ष कटाई, फर्जी सील के उपयोग और लकड़ी तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और अवैध वृक्ष कटाई तथा लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने के लिए आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- -राज्य में 30 जून की स्थिति में 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भण्डारण-किसानों को नहीं होगी डीएपी की कमी, छत्तीसगढ़ को माह जुलाई में 46,500 टन डीएपी सप्लाई की आपूर्ति प्राप्त-पिछले साल की तुलना में भंडारण 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक- लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन का किसानों को हो चुका है वितरण, गत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि-प्रदेश में 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का शेष भण्डार उपलब्ध-वर्तमान में उपलब्ध शेष भण्डार आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त, यह सरकार की दूरदर्शी योजना एवं मजबूत आपूर्ति प्रबंधन का परिचायकरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए 30 जून तक की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ को माह जुलाई में 46,500 टन डीएपी सप्लाई की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य से अधिक है। इससे अब किसानों के लिए पर्याप्त डीएपी उपलब्ध हो सकेगा। बता दंे कि अब तक भंडारित कुल रासायनिक खाद पिछले साल इसी अवधि में भंडारित रासायनिक खाद की तुलना में 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक है।वहीं प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के भण्डारण और वितरण की स्थिति यह दर्शाती है कि सरकार ने खेती के मौसम से पहले ही किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि किसान परिवारों की समृद्धि और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।बता दें कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए खरीफ वर्ष 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 30 जून की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। इनमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी तथा एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक शामिल हैं। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि किसानों को बुआई के दौरान खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने पहले से व्यापक तैयारी की है।उल्लेखनीय है कि प्रदेश के किसानों को अभी तक 7 लाख 27 हजार 833 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। यह वितरण किसानों की वास्तविक मांग के अनुरूप लगातार किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में 5 लाख 88 हजार 673 मीट्रिक टन उर्वरकों का शेष भण्डार उपलब्ध है, जिससे आगामी दिनों में भी किसानों को निर्बाध रूप से खाद उपलब्ध कराई जा सकेगी।यदि गत वर्ष की समान अवधि से तुलना करें तो इस वर्ष की उपलब्धियां और भी उत्साहजनक हैं। 30 जून 2025 तक प्रदेश में 12 लाख 25 हजार 929 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण हुआ था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन हो गया है। अर्थात लगभग 90 हजार 577 मीट्रिक टन अधिक खाद का भण्डारण सुनिश्चित किया गया है।इसी प्रकार, गत वर्ष 30 जून तक 7 लाख 66 हजार 161 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था। इस वर्ष अब तक लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों तक पहुंच चुकी है। प्रदेश में वर्तमान में उपलब्ध 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक का शेष भण्डार आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और यह सरकार की दूरदर्शी योजना एवं मजबूत आपूर्ति प्रबंधन का परिचायक है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यही कारण है कि राज्य सरकार खाद की उपलब्धता, भण्डारण, परिवहन एवं वितरण की सतत निगरानी कर रही है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो रहे हैं।
- - मीडिया प्रतिनिधियों को मिला हरिद्वार कुंभ का आमंत्रणरायपुर /उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निवास (देहरादून) में आज छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से एक अत्यंत गरिमामय और सौजन्य भेंट हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने छत्तीसगढ़ की मीडिया टीम और अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उत्तराखंड के बहुआयामी विकास, सांस्कृतिक धरोहर तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी।'विकास भी, विरासत भी': क्षेत्रीय प्राधिकरणों से संवर रहा है उत्तराखंडमीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार "विकास भी, विरासत भी" के मूल मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विकास प्राधिकरणों का गठन कर उनके विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों का संतुलित सामाजिक, आर्थिक और नैसर्गिक विकास करना है, ताकि यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री धामी ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड ऋषियों, मुनियों और संतों की पावन तपोस्थली है। इस देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान को संभालना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने नैसर्गिक संपदा (प्राकृतिक संसाधनों) के संरक्षण पर विशेष बल दिया, ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण संजोकर रखा जा सके।लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में छत्तीसगढ़ सरकार की भूमिका अनुकरणीयसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरगामी सोच की जमकर सराहना की। उन्होंने सीएम श्री साय की मंशानुरूप इस महत्वपूर्ण भ्रमण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह और संयुक्त सचिव सह आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल को विशेष रूप से बधाई दी।श्री धामी ने इस बात को रेखांकित किया कि देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने और पत्रकार कल्याण से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य रहा है। अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में ऐसे अंतर्राज्यीय भ्रमणों से दोनों राज्यों के बीच वैचारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया आयाम मिलता है।अगले वर्ष हरिद्वार कुंभ के लिए विशेष आमंत्रणभेंट के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के मीडिया दल को अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए सस्नेह आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने एक बड़ा दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि कुंभ के पावन अवसर पर देश के सभी राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों को एक-एक अवसर दिया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इस पहल से देश भर की मीडिया देवभूमि की पावन तपोभूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा और वहां की विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देख सकेगी और इन अद्भुत अनुभवों को अपने-अपने राज्यों की जनता तक पहुँचा सकेगी।एक अनूठा संगमछत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, खनिज व नैसर्गिक संपदा और उत्तराखंड की हिमालयी दिव्यता व आध्यात्मिक चेतना के बीच हुआ यह संवाद आने वाले समय में अंतर्राज्यीय समन्वय और राष्ट्रीय एकता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरेगा।इस भ्रमण दल में मुख्यमंत्री श्री धामी से मिलने वालों में दुर्ग,रायपुर,कोरबा,जगदलपुर,बिलासपुर,राजनांदगांव,कोरिया और धमतरी जिले के मीडिया प्रतिनिधी और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय के अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के सूचना एवं जनसंपर्क के निदेशक श्री बंशीधर तिवारी,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री पांडे,संयुक्त संचालक श्री के.एस. चौहान सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -महंगी कोचिंग की चिंता खत्म: जिला प्रशासन की इस मुहिम से संवरेंगे सैकड़ों होनहारों के सपने, बेसिक फाउंडेशन मजबूत करने पर जोररायपुर। धमतरी जिले के प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के सपनों को अब संसाधनों की कमी नहीं रोक पाएगी। जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और दूरदर्शी कदम उठाते हुए बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (BCS कॉलेज) में "पहल" कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस विशेष योजना के तहत जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क (Free) कोचिंग दी जाएगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों के सही मार्गदर्शन के लिए 'युवा' नामक एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इसे युवाओं के भविष्य निर्माण के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन होनहार युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग संस्थानों का खर्च नहीं उठा पाते। इस निःशुल्क कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों का बेसिक फाउंडेशन मजबूत होगा, जिससे वे हर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का परचम लहरा सकेंगे।कलेक्टर ने बदलते कॉम्पिटिशन के इस दौर में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और सही मार्गदर्शन को सबसे जरूरी चाबी बताया और छात्र-छात्राओं से पूरी लगन के साथ मेहनत करने की अपील की। प्रशासन की यह मुहिम केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों की पूरी तैयारी को व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए एक मुकम्मल खाका तैयार किया गया है।कोचिंग में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतरीन बुक्स और स्टडी मटेरियल मुफ्त दिया जाएगा। तैयारी के स्तर को जांचने और उसमें सुधार करने के लिए समय-समय पर टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन की निरंतर समीक्षा की जाएगी, ताकि उनकी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें समय पर सुधारा जा सके। इस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीसीएस कॉलेज के प्राचार्य, उप संचालक पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सहायक संचालक कौशल विकास, युवाओं को प्रशिक्षित करने वाले जिले के युवा मार्गदर्शक सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।जिला प्रशासन की इस अनूठी 'पहल' से धमतरी के सैकड़ों युवाओं को न सिर्फ एक बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, बल्कि सरकारी सेवा में जाकर देश-प्रदेश की सेवा करने के उनके सपनों को एक नई और मजबूत उड़ान मिल सकेगी।
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*बैंकों को आवेदन बढ़ाने एवं लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर दिया जोर*
रायपुर/ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा के लिए जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों एवं जिले के सभी बैंकों के नोडल अधिकारियों ने सहभागिता की।बैठक में योजना की बैंकवार प्रगति की समीक्षा की गई। सीईओ श्री बिश्वरंजन ने सभी बैंकों को स्वयं स्रोत आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंच बनाकर आवेदन प्राप्त करें तथा योजना के प्रचार प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएं।जिला पंचायत सीईओ ने सभी बैंकों को प्रगति में सुधार लाने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर योजना के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग एवं बैंक गंभीरता एवं सक्रियता के साथ कार्य करें।इस अवसर पर एलडीएम श्री मोहम्मद मोफिज सहित अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़ें रहे। -
*दिव्यांग श्री नंद किशोर टंडन को मिली बैटरी चालित ट्राइसायकल, आवागमन हुआ सुगम*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिव्यांग श्री नंद किशोर टंडन को बैटरी चालित ट्राइसायकल उपलब्ध कराकर उनकी आवागमन सम्बन्धी समस्या का समाधान किया गया।विकासखंड आरंग के ग्राम निवारी के निवासी श्री टंडन 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं जिसके कारण उन्हें दैनिक आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने के बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें बैटरी चालित ट्राइसायकल प्रदान की गई।बैटरी चालित ट्राइसायकल मिलने से अब श्री टंडन के लिए दैनिक आवागमन तथा अन्य आवश्यक कार्यों का संचालन पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गया है। इससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी है और जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार आया है।श्री टंडन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित निराकरण हुआ, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। - -नैनो यूरिया अपनाकर श्री गजानंद सिंह सिदार ने बढ़ाया उत्पादन और घटाई लागतसक्ती । कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का बढ़ता उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। जिला सक्ती के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम अचानकपुर के प्रगतिशील किसान श्री गजानंद सिंह सिदार इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं। श्री गजानंद सिंह सिदार ने पिछले वर्ष से अपनी धान की फसल में नैनो यूरिया का उपयोग शुरू किया। आधुनिक कृषि तकनीक पर विश्वास करते हुए उन्होंने पारंपरिक उर्वरकों के साथ नैनो यूरिया को अपनाया, जिसके सकारात्मक परिणाम उन्हें प्राप्त हुए। उनका कहना है कि नैनो यूरिया के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई तथा धान की अच्छी गुणवत्ता प्राप्त हुईं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम हुआ, जिससे खेती की लागत घटी और आर्थिक लाभ बढ़ा। बेहतर परिणाम मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी नैनो यूरिया अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। श्री गजानंद सिंह सिदार का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत को भी नियंत्रित कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
- -धान की खेती रोपा पद्धति के बजाय सीधी बुवाई पर दे विशेष जोर-डीएसआर तकनीक से 20 प्रतिशत पानी की होती है बचत, प्रति एकड़ लगभग 5,000 रुपये की लागत कम आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले हो जाती है तैयार-उच्चहन भूमि में दलहनी-तिलहनी अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन जैसी फसलों की खेती अपनाने की सलाहरायपुर। खरीफ सीजन 2026 में अल-नीनो के संभावित प्रभाव के कारण मानसून के देर से आने, जल्दी समाप्त होने तथा फसल अवधि के दौरान लंबे अंतराल तक वर्षा नहीं होने (खण्ड वर्षा) एवम् अल्प की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के किसानों के लिए सामान्य आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। इस कार्ययोजना का उद्देश्य कम वर्षा की स्थिति में भी किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उत्पादन बनाए रखना तथा खेती की लागत कम करना है।कृषि विभाग द्वारा किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों एवं किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है, ताकि वर्षा की अनिश्चितता का प्रभाव कम किया जा सके। धान की खेती में रोपा पद्धति के बजाय धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया है। इस तकनीक से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, प्रति एकड़ लगभग 5,000 रुपये की लागत कम आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले तैयार हो जाती है।राज्य सरकार ने किसानों को वर्षा शुरू होने से पहले खेतों एवं मेड़ों की सफाई, समय पर जुताई तथा खेतों में मेडबंदी कर वर्षा जल संरक्षण सुनिश्चित करने की सलाह दी है, ताकि उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग किया जा सके। कम वर्षा की संभावना को देखते हुए उच्चहन भूमि में धान के स्थान पर अरहर, मूंग एवं उड़द जैसी दलहनी तथा मूंगफली, तिल, रामतिल एवं सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी गई है। ये फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम मानी जाती हैं, जिससे किसानों का जोखिम कम हो सकता है। फसलों की कतार पद्धति से बुवाई पर भी बल दिया गया है। इससे खरपतवार नियंत्रण, नमी संरक्षण तथा पौधों की जड़ों का बेहतर विकास होता है, जिससे सूखे की स्थिति में भी फसल अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।किसानों को बुवाई से पहले बीज उपचार अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी गई है। इसके तहत कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज, थायमेथोक्साम-इमिडाक्लोप्रिड 1.5 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज तथा धान के लिए एजोस्थिरिलम, अन्य फसलों के लिए एजोटोबेक्टर और दलहनी फसलों के लिए राइजोबियम (10 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज) के उपयोग की सलाह दी गई है। यदि 15 जुलाई तक अंकुरण नहीं होता है, तो किसानों को पुनः बुवाई करते समय सामान्य बीज दर की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक बीज उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही जुलाई के अंत तक मूंग एवं उड़द की बुवाई तथा अगस्त में तिल, सूरजमुखी एवं मध्यम अवधि वाली अरहर की बुवाई करने का सुझाव दिया गया है।कम वर्षा की स्थिति में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया है। नत्रजन उर्वरकों का सीमित उपयोग करते हुए 2 प्रतिशत यूरिया घोल का पर्णीय छिड़काव अथवा प्रति एकड़ 2 बोतल नैनो यूरिया का उपयोग अधिक लाभकारी रहेगा। वहीं दलहनी एवं तिलहनी फसलों में बुवाई के लगभग एक माह बाद 2 प्रतिशत डीएपी घोल के पर्णीय छिड़काव करने को कहा गया है।सरकार ने गांवों में नालों पर सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर अस्थायी बांध बनाने, डबरियों, तालाबों एवं कुओं में वर्षा जल संग्रह करने तथा आवश्यकता पड़ने पर इस संचित जल का जीवन रक्षक सिंचाई के रूप में उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही किसानों से मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि कार्य करने, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने तथा फसल विविधीकरण के माध्यम से खेती के जोखिम को कम करने की अपील की गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि खरीफ 2026 में वर्षा सामान्य से कम रहती है, तो किसानों के लिए कम अवधि वाली धान की किस्मों के साथ-साथ अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, रामतिल और सोयाबीन जैसी दलहनी एवं तिलहनी फसलें अपेक्षाकृत अधिक लाभकारी विकल्प साबित हो सकती हैं। राज्य सरकार ने किसानों से कृषि संबंधी किसी भी कठिनाई की स्थिति में निकटस्थ कृषि महाविद्यालय, अनुसंधान केन्द्र, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग से संपर्क कर वैज्ञानिक सलाह लेने की अपील की है।
- -डिजिटल सेवा से मिली सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवामुंगेली । शासन की डिजिटल सेवाएं अब आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा का सशक्त माध्यम बन रही हैं। मुंगेली के लोक सेवा केंद्र (तहसील कार्यालय परिसर) में संचालित सेवा सेतु पोर्टल ने एक छात्रा के भविष्य को समय पर नई दिशा देने का कार्य किया। सुरीघाट निवासी राजेश्वरी निषाद को स्कूल में प्रवेश (एडमिशन) के लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। प्रमाण पत्र नहीं मिलने की चिंता से परिवार परेशान था और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी।इसी दौरान राजेश्वरी के पिता श्री भगवत निषाद लोक सेवा केंद्र पहुंचे। वहां मौजूद सेवा सेतु के कर्मचारियों ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए। आवेदन का त्वरित निराकरण करते हुए महज दो दिनों के भीतर आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से राजेश्वरी का प्रवेश बिना किसी बाधा के पूरा हो सका। परिवार ने सेवा सेतु की त्वरित, पारदर्शी एवं नागरिक हितैषी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए जिला प्रशासन और लोक सेवा केंद्र के प्रति आभार व्यक्त किया।गौरतलब है कि सेवा सेतु के माध्यम से नागरिकों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को साकार करते हुए सेवा सेतु आम नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। यह पहल न केवल समय की बचत कर रही है, बल्कि शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत बना रही है।
- -अल्प वर्षा की हर चुनौती से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, जल संरक्षण, वैज्ञानिक खेती और ग्रामीण रोजगार पर विशेष जोर-वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से जल सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती-छत्तीसगढ़ को 46 हजार टन से अधिक डीएपी (DAP) की आपूर्ति प्राप्तरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में खरीफ सीजन-2026 के दौरान संभावित अल्प वर्षा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग तथा विकसित भारत-बीवी-जी राम जी योजना की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मौसम की संभावित स्थिति, खाद एवं बीज की उपलब्धता, जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती तथा ग्रामीण रोजगार से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी परिस्थिति में उन्हें खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन अथवा आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार रखें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा से उन्होंने छत्तीसगढ़ के किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 46 हजार टन से अधिक डीएपी (DAP) की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य से अधिक है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होगा तथा खरीफ सीजन की तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान की फसल के लिए आवश्यक सिंचाई जल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से वर्षा आधारित क्षेत्रों में जल स्रोतों का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।उन्होंने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली धान की किस्मों, डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर), कतार पद्धति से बुवाई, बीज उपचार, नमी संरक्षण तथा वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों के प्रति व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही उच्च भूमि वाले क्षेत्रों में दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे किसानों को बेहतर आय के अवसर प्राप्त हों और कृषि जोखिम कम हो।मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों से अपील की कि वे कृषि संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या अथवा तकनीकी सलाह के लिए कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, अनुसंधान संस्थानों तथा कृषि विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क करें और वैज्ञानिक खेती को अपनाएं। उन्होंने अमानक बीज एवं उर्वरकों की बिक्री तथा कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में बताया गया कि राज्य में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा सभी जिलों में समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। बैठक में बताया गया कि अर्ली वेरायटी के धान बीज बीज निगम के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराने की संपूर्ण तैयारी पूरी कर ली गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संभावित अल्प वर्षा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाएगा। उन्होंने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए वर्षा जल संरक्षण, खेत तालाब, जल संरचनाओं के निर्माण तथा भूजल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की सुरक्षा के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा विकसित 'सचेत', 'दामिनी' और 'मेघदूत' मोबाइल एप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि समय पर मौसम संबंधी जानकारी किसानों तक पहुंच सके। साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उचित दर पर खरपतवारनाशक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उत्पादन लागत कम हो और फसल सुरक्षित रह सके।वीबी-जी राम जी योजना बनेगी जल सुरक्षा और ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधारबैठक में बताया गया कि 1 जुलाई 2026 से योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ हो चुका है। योजना के अंतर्गत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरी दर 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, जल सुरक्षा, जल संरचनाओं के निर्माण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निर्देश दिए कि वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे एक ओर ग्रामीणों को निरंतर रोजगार प्राप्त हो और दूसरी ओर प्रदेश की जल सुरक्षा मजबूत हो। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में किया गया प्रत्येक प्रयास आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार बनेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण परिवारों के हितों की रक्षा, कृषि उत्पादन को सुरक्षित रखने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा नियमित रूप से जारी किए जाने वाले बुलेटिनों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक प्रभावी जनजागरूकता अभियान तैयार किया जाए, ताकि यह जानकारी किसानों तक जमीनी स्तर पर पहुँचे। साथ ही सोशल मीडिया एवं पारंपरिक मीडिया के माध्यम से भी इनका व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कृषि संचालक श्री राहुल देव, विकसित भारत वीबी - जीरामजी योजना के आयुक्त श्री तारणप्रकाश सिन्हा, भारत मौसम विज्ञान विभाग की विशेषज्ञ श्रीमती गायत्री वानी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान सेवाओं के निदेशक श्री विवेक कुमार त्रिपाठी सहित कृषि, मौसम एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -लैलूंगा की भगवती चंद्रा को मिला उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शनरायपुर। मुख्यमंत्री की जनकेंद्रित सुशासन व्यवस्था के तहत संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड में दर्ज एक शिकायत का शीघ्र निराकरण करते हुए पात्र हितग्राही को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। लैलूंगा नगर के संत कबीर वार्ड क्रमांक-7 निवासी श्री धनेश्वर ने अपनी पत्नी श्रीमती भगवती चंद्रा के नाम पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी गैस कनेक्शन प्राप्त नहीं होने पर उन्होंने अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत प्राप्त होते ही जिला खाद्य नियंत्रक कार्यालय तथा संबंधित खाद्य निरीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की गई। जांच में पाया गया कि आवेदिका के नाम पर उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन स्वीकृत हो चुका था, किंतु तकनीकी एवं प्रक्रियागत कारणों से उसका लाभ हितग्राही तक नहीं पहुँच पाया था। मामले की पुष्टि होने के बाद खाद्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्रतानुसार हितग्राही को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया। इसके साथ ही शिकायत का संतोषजनक निराकरण कर प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। गैस कनेक्शन प्राप्त होने के बाद हितग्राही श्री धनेश्वर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समयबद्ध समाधान हुआ और उन्हें शासन की योजना का लाभ सहज रूप से प्राप्त हो सका। यह प्रकरण दर्शाता है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद का सशक्त माध्यम बन चुकी है। जिला प्रशासन द्वारा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुँच रहा है।
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*अब तक 1 लाख 40 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंग*
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से धरसीवां टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला बेंदरी, आंगनबाड़ी केन्द्र बंधवापारा, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र 1, 11 एवं 12 रांवाभाठा, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र सड्डू में बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में आज कुल 881 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 41 हजार 1 सौ 09 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है। -
“प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ
रायपुर/ जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में स्टाफ नर्स सुश्री सुष्मिता मसीह ने आंगनबाड़ी केंद्र-5 रानी दुर्गावती वार्ड में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया। -
*सीईओ जिला पंचायत ने कम उपलब्धि वाले विकासखंडों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश*
रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन की अध्यक्षता में दिनांक 3 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान कम उपलब्धि वाले विकासखंडों को नोटिस जारी करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि आगामी बैठक में पूर्व बैठक की उपलब्धि एवं वर्तमान उपलब्धि दोनों को प्रस्तुत किया जाए।बैठक में सभी संबंधित नोडल अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी को राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए कार्य योजना तैयार कर कार्य करने के निर्देश दिए गए। गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम में जिले की उपलब्धि कम होने पर टीम बनाकर कार्य पूर्ण करने को कहा गया।निजी चिकित्सालयों से लंबित एंट्री को पूर्ण करने तथा तकनीकी सहयोग के लिए भ्रमण कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए। भवन विहीन संस्थाओं की जानकारी प्रस्तुत करने को भी कहा गया।सभी रिक्त पदों पर भर्ती तत्काल पूर्ण करने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक को आदेशित किया गया। जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एचआरपी महिलाओं को दी जाने वाली प्रावधान राशि का भुगतान समय सीमा में करने के निर्देश दिए गए।जननी पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की एंट्री, यूवीन पोर्टल पर टीकाकरण की एंट्री, वेलनेस गतिविधियों की एंट्री सहित समस्त ऑनलाइन एंट्री समय सीमा पर पूर्ण करने को कहा गया। पोषण पुनर्वास केंद्र तिल्दा में बेड ऑक्यूपेंसी रेट कम होने पर महिला बाल विकास विभाग तिल्दा के सीडीपीओ को लाइन लिस्ट अनुसार एनआरसी में बच्चे भेजने के निर्देश दिए गए।आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित हितग्राहियों की दैनिक समीक्षा करते हुए शत प्रतिशत आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए गए।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री शैल ठाकुर, डीपीएम श्री मनीष कुमार मेजरवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






















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