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- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश के गोद लिए गए तीन ग्रामों, बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी, गरियाबंद जिले के ग्राम बिजली और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सोनपुरी में केन्द्र एवं राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने माह मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है।इस संबंध में राज्यपाल श्री डेका ने आज संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें गोद ग्रामांे के सरपंच भी उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण, जल संरक्षण, स्वच्छता, जैविक खेती और आजीविका से जुड़े बहुमुखी विकास पर जोर दिया।राज्यपाल ने निर्देश दिया कि गोद ग्रामों में शिविर लगाकर आयुष्मान हेल्थ कार्ड एवं 70 वर्ष एवं अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जाए और वर्ष 2026 तक टी.बी. छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के तहत टी.बी. मरीजों को गोद लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। कैंसर विशेषकर ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए शिविर, स्कूली बच्चों की आंखों की जांच के लिए परीक्षा पूर्व आई कैंम्प और बुजुर्गो में मोतियाबिंद जांच के लिए शिविर लगाएं।राज्यपाल ने गोद ग्रामों में स्वच्छता के लिए ग्रामीण महिलाओं का सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाइवलीहुड मिशन के लिए अच्छे काम हो रहे है। महिलाओं को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।राज्यपाल ने सरपंच से चर्चा के दौरान ग्राम बिजली में मुक्तिधाम निर्माण के लिए 3 लाख रूपए अपने स्वेच्छानुदान मद से देेने की घोषणा की। साथ ही ग्राम सोनपुरी में स्कूलों बच्चों के लिए लाइब्रेरी में किताबें लोकभवन की ओर से प्रदान करने की घोषणा की उन्होंने ग्राम टेमरी में समुदायिक भवन और ओपन जिम के लिए सी.एस.आर. से राशि उपलब्ध कराए जाने की बात कही।श्री डेका ने निर्देश दिया कि गोद ग्रामों में जिला स्तर के अधिकारी सतत् भ्रमण करें। सरपंच, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से नियमित संवाद कर स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचे।बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, संचालक स्वास्थ्य सेवा श्री संजीव कुमार झा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव श्री एस. आलोक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य आपदा मोचन तथा आपदा न्यूनीकरण निधि की बैठक सम्पन्न हुई। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत जिलों के प्रस्ताव एवं रायपुर शहर बाढ़ से मुक्त करने हेतु प्रस्तावों पर व्यापक चर्चा की गई एवं प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के तहत सभी जिलों में राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा प्रशिक्षण तथा जिला स्तर पर बाढ़ से बचाव के प्रशिक्षण की स्वीकृति प्रदान की गई।मुख्य सचिव ने राज्य कार्यपालिक समिति की बैठक में ऐसे जिले जहां प्रतिवर्ष बाढ़ की संभावना रहती है, वहां बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पहले से ही व्यापक कार्ययोजना तैयार कर लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। इससे बाढ़ आपदा के समय त्वरित सहायता प्रभावितों और पीड़ितों को दी जा सकेगी। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य आपदा एवं न्यूनीकरण निधि से निर्धारित मापदण्डों के अनुसार बाढ़ प्रभावित जिलों में सड़क, जल संग्रहण एवं वॉटर रिचार्जिंग सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों को तकनीकी परीक्षण कराकर ठोस कार्य मजबूती से करायें। उन्होंने पिछली वर्षांत में बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुए प्रभावित संरचनाओं के स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा मोचन निधि की कार्ययोजना और प्रतिवेदन एवं समय पर राज्य कार्यपालिक समिति को उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाईड लाईन का भलीभांति अध्ययन कर आपदा प्रभावित निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं मजबूती से करायें।बैठक में राज्य के बस्तर संभाग में अगस्त 2025 में हुई भारी मूसलाधार बारिश के कारण दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा एवं बीजापुर में बाढ़ से निर्मित स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से निर्माण कार्यों में विभिन्न जिलों में पुलिया, तटबंध, स्टापडेम, रिटर्निंगवाल, सड़क आदि के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जिस पर व्यापक चर्चा की गई एवं जरूरी कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसी तरह से बलरामपुर एवं जशपुर जिलों के अंतर्गत आपदा न्यूनीकरण निधि से निर्माण कार्यों के प्रस्ताव पर चर्चा कर प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राजस्व पुस्तक परिपत्र के अंतर्गत विभिन्न जिलों से प्राप्त अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के 36 करोड़ 72 लाख के प्रस्ताव पर चर्चा उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार सभी जिलों में राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा प्रशिक्षण तथा जिला स्तर पर बाढ़ बचाव प्रशिक्षण के लिए पिछले वर्ष प्रत्येक जिले को एक लाख मान से 33 जिलों के लिए 33 लाख रूपए जारी किए गए थे। जिसकी कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। इसी तरह से आगामी 2026-27 के लिए भी सभी 33 जिलों में एक-एक लाख रूपए के मान से आबंटन जारी करने स्वीकृति दी गई।बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल एवं गृह विभाग के सचिव श्री रमेश कुमार शर्मा सहित लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, होमगार्ड, सेना, एनडीआरएफ, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबंधित जिलो के कलेक्टर एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
- -वार्ड 11 पार्षद श्री मोहन कुमार साहू की लिखित शिकायत स्थल पर सही मिलने पर की गयी कार्यवाही0रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में डॉ भीम राव अम्बेडकर वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद श्री मोहन कुमार साहू और लायनहेड स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड रायपुर के पदाधिकारियों द्वारा की गयी लिखित शिकायत औचक निरीक्षण में सही पाए जाने पर स्थल पर सड़क पर धुल रखे जाने पर सम्बंधित नागरिक कमलेश जैन पर तत्काल 5000 रूपये ई जुर्माना किया गया और उन्हें भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गयी और प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया गया.
- पेंशनर्स को किसी प्रकार की न हो असुविधा, बैंक सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करें :- कलेक्टर डॉ. सिंहरायपुर।भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर द्वारा वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनर्स के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट पाई-पाई के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल लेन-देन तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि जिले के पेंशनर्स को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सभी बैंकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को उनका अधिकार मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान मानवता एवं संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था अनिवार्य है। साथ ही डोर-स्टेप बैंकिंग सुविधा के माध्यम से ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जो स्वयं बैंक आने में असमर्थ हैं, उन्हें घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र, ई-केवाईसी, नकद भुगतान एवं अन्य आवश्यक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।डिजिटल लेन-देन के संबंध में बताया गया कि ऑनलाइन भुगतान करते समय सुरक्षा की दृष्टि से ट्रांजैक्शन पिन प्रत्येक छह माह में बदलना आवश्यक है। कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट एवं ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई तथा साइबर अपराध अथवा डिजिटल लेन-देन से जुड़े मामलों में 1930 टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई।इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं अग्रणी जिला बैंक के संयुक्त तत्वावधान में पेंशनरों की सुविधा हेतु जीवन प्रमाण (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) शिविर का आयोजन किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सहभागिता कर डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाण पत्र बनवाया।शिविर में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ राज्य के पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पेंशनरों के हित में अत्यंत उपयोगी बताया।शिविर के दौरान संबंधित बैंकों के अधिकारियों, पेंशन विभाग के प्रतिनिधियों एवं तकनीकी कर्मियों द्वारा पेंशनरों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। पेंशनरों ने सुव्यवस्थित आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं बैंक प्रबंधन के प्रति आभार प्रकट किया।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, लीड बैंक अधिकारी मोहम्मद मोफिज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार – “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर/ जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज नालंदा परिसर लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन डॉ मंजुला जैन आंगनबाड़ी केंद्र, गीता नगर में जन्मदिन के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का चौथी बार मंचन बुधवार, 21 जनवरी को धमतरी में होने जा रहा है। 90 मिनट के मूल मराठी नाटक के हिंदी रूपांतरण नाट्य ‘मैं अनिकेत हूं में अनिकेत की केंद्रीय भूमिका शशि वरवंडकर ने और उनकी पत्नी मीनाक्षी शर्मा का रोल डॉ. अनुराधा दुबे निभा रही हैं।इसके अलावा नाटक में चेतन दंडवते, दिलीप लांबे, प्रकाश खांडेकर, रंजन मोडक, प्रीता लाल, रविंद्र ठेंगड़ी, समीर टुल्लू, भारती पलोसकर, विनोद राखुंडे, पंकज सराफ, डॉ. अभया जोगलेकर और श्याम सुंदर खंगन की अहम भूमिकाएं हैं। मंच पर अदालत का जीवंत सेट प्रवीण क्षीरसागर और प्रकाश गुरव खड़ा करेंगे। प्रकाश व ध्वनि व्यवस्था सुमीत मोड़क होगी।बताते चलें कि नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ अपने गहन संवादों, सजीव अभिनय और विचारोत्तेजक कथ्य के माध्यम से जीवन की जटिलताओं और मनुष्य के भीतर चल रहे द्वंद्व को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। मंच पर पात्रों की भावाभिव्यक्ति, संतुलित निर्देशन और प्रभावी मंच-सज्जा दर्शकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखने में सक्षम है।नाटक के संदर्भ में महाराष्ट्र मंडल धमतरी के वरिष्ठ सभासद पीबी पराडकर ने बताया कि ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन राधाकृष्ण भवन, महालक्ष्मी ग्रीन्स परिसर में किया जाएगा। इसे लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। उन्होंने शहर के समस्त रंगप्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े नागरिकों और युवाओं से इस आयोजन का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की है।पराडकर ने कहा कि इस प्रकार के नाट्य आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं, बल्कि समाज के साथ एक जीवंत संवाद भी स्थापित करते हैं। धमतरी के सांस्कृतिक परिदृश्य में यह नाट्य प्रस्तुति एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। रंगमंच से प्रेम करने वाले दर्शकों के लिए ‘अनिकेत’ निश्चय ही एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध होगा।
- - अमलीडीह और बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने किया हल्दी- कुंकू का आयोजनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के बूढ़ापारा और अमलीडीह महिला केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन आकर्षक खेलों के साथ संपन्न हुआ। दोनों केंद्रों के अलग-अलग आयोजन हुए और दोनों केंद्रों ने अपने-अपने आयोजनों को मनोरंजक बनाया। एक ओर जहां बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने हाउजी की गोटियों (पासा) से बर्थ डे पजल खेला। वहीं दूसरी ओर अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने एक स्टैंड पर कांच की चूड़ियां डालकर एंजाॅय किया।बूढ़ापारा केंद्र की संयोजिका अपर्णा मोघे ने बताया कि केंद्र की सदस्य दीपाली बर्वे के निवास पर हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर सभी ने मनोरंजक गेम एंजाॅय किया। गेम भी ऐसा कि पहले सभी सदस्यों ने अपनी जन्मतिथि बताई। तत्पश्चात बाउल में रखी गोटियों को एक-एक करके तब तक निकालना था, जब तक प्रथम दो सदस्यों की जन्मतिथि वाला अंक नहीं आ गया। जिस प्रतिभागी ने सबसे ज्यादा गोटियों के बाद अपनी जन्मतिथि का नंबर निकाला, वह विजेता व उप विजेता रहीं। स्पर्धा में परिणीता खांडेकर विजेता और वंदना जोशी उप विजेता रहीं।अपर्णा मोघे के अनुसार सभी का स्वागत हल्दी-कुंकू लगाकर तिल के लड्डू से मुंह मीठाकर सभी का स्वागत किया। बैठक में जयश्री केलकर, हेमा बर्वे, हेमा पराड़कर, सविता मोघे, सरिता साठे, दमयंती देशपांडे, सुचित्रा देशपांडे, अंजलि नलगुंडवार, प्रीति राउत, प्रणिता नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, दीप्ति राउत, दीपाली बर्वे, अपर्णा मोघे, सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, शिल्पा काले, साधना गायकवाड़, अर्चना पराड़कर उपस्थित रहीं।महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारी महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख ने बताया कि अमलीडीह महिला केंद्र ने भी हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। मराठियों में हल्दी-कुंकू का बड़ा महत्व है। विवाहित महिलाओं के सौभाग्य, आपसी स्नेह और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है, जहां वे एक-दूसरे को हल्दी-कुंकू लगाकर पति की लंबी उम्र और घर में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह महिलाओं को एकजुट होने, सजने- संवरने और त्योहारों का आनंद लेने का अवसर देता है।अपर्णा देशमुख ने आगे बताया कि अमलीडीह केंद्र की हुई मासिक बैठक की शुरुआत में सभी ने हनुमान चालीसा का एक साथ पाठ किया। महिलाओं ने पैंसिल के स्टैंड में कांच की चूड़ियां फेंकने का गेम भी खेला। इसमें 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रहीं। बैठक में आगामी सामाजिक कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें स्लम एरिया में संस्कार शिविर लगाने की रूपरेखा तैयार की गई। इस अवसर पर अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, कामिनी पतंगीवार, मनीषा कस्तूरे, रेणुका टोमे, प्रीति, प्रिया काडू, शोभा सोनाये, कविता शर्मा, अपर्णा देशमुख उपस्थित थीं।
- - बिना मान्यता संचालित श्री शंकरा विद्यालय में एडमिशन, आवेदक ने की शिकायत- जनदर्शन में कुल 113 आवेदन हुए प्राप्तदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 113 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में नगपुरा के कृषकों ने बीज से अंकुरण नही होने की शिकायत की। कृषकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रुआबांधा द्वारा उपलब्ध कराए गए गेहूं किस्म एच.आई. 8759 के बीजों का अंकुरण बेहद कम हुआ है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सेवा सहकारी समिति नगपुरा से 6 बोरी गेहूं बीज खरीदा था। बीज की बुआई नदी किनारे कछार भूमि में की गई, लेकिन आज तक केवल 10 से 15 प्रतिशत ही अंकुरण हो पाया है। इस पर कलेक्टर ने प्रबंधक बीज निगम को बीज की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसी प्रकार मैत्रीकुंज रिसाली निवासी ने सेक्टर-10 स्थित श्री शंकरा विद्यालय पर बिना वैध मान्यता के छात्रों का नवीन प्रवेश लेने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि विद्यालय की मान्यता 31 मार्च 2025 तक ही वैध थी, जिसके बाद आवश्यक वर्तमान कार्यकारिणी सूची जमा नहीं करने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई। इसके बावजूद श्री शंकरा विद्यालय प्रबंधन द्वारा ग्राम कोनारी में नया विद्यालय खोलकर बिना मान्यता व मनमानी ढंग से स्टाफ नियुक्त कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निरीक्षण कर त्वरित कार्यवाही करने को कहा।वार्डवासियों ने आदित्यनगर वार्ड क्रमांक 20 में नाली बंद किए जाने और सड़क का ढलान बदलने से गंभीर जलजमाव व गंदगी की समस्या की शिकायत की। वार्डवासियों ने बताया कि पिछले 10-15 वर्षों से कुछ मकान मालिकों द्वारा सड़क का निजी उपयोग करते हुए नाली को बंद कर दिया गया। जब सड़क निर्माण किया गया तो नाली को पूरी तरह से बंद कर सड़क का ढलान घर की ओर कर दिया गया। इससे गंदा पानी घर के सामने जमा होने लगा है। स्थायी जलजमाव के कारण क्षेत्र में दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस संबंध में वार्ड पार्षद, नगर निगम आयुक्त एवं संबंधित जोन कार्यालय को भी अवगत कराया गया था। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- रायपुर /राजीव युवा उत्थान योजना नियमावली वर्ष 2019 के भाग (A) अंतर्गत राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थी, जो वर्ष 2025–26 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, उनसे ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिसकी परीक्षा दिनांक 28.12.2025 को आयोजित की गई थी जिसकी मेरिट सूची विभागीय वेबसाइट पर अपलोड की गई है। मेरिट सूची के आधार पर दस्तावेज सत्यापन हेतु आमंत्रित अभ्यर्थियों की सूची एवं कार्यक्रम विवरण विभागीय वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in पर देखा जा सकता है।दस्तावेज सत्यापन हेतु संबंधित अभ्यर्थियों को आवश्यक मूल अभिलेख सहित निर्धारित तिथि एवं समय पर मुख्यालय इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर स्थित मीटिंग हॉल कक्ष–04, तृतीय तल में उपस्थित होना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि एवं समय पर अनुपस्थित अभ्यर्थियों अथवा अपूर्ण अभिलेख प्रस्तुत करने वालों पर विचार नहीं किया जाएगा न ही कोई दस्तावेज़ मान्य होगा।
- - किसानों को 98,286.68 लाख रूपये ऑनलाइन भुगतान- उपज का वाजिब दाम मिलने से 85117 किसान लाभान्वित- धान बेचने के बाद 47575 किसानों ने किया 1,386.29 हेक्टेयर रकबा समर्पण- धान खरीदी की व्यवस्था से किसान संतुष्टदुर्ग /राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी सुव्यवस्थित जारी है। साथ ही उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 1,03,970.37 लाख रूपए की लागत से 4,38,611.04 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 85117 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,40,735.14 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,73,852.22 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 47575 कृषकों ने 1,386.29 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 23,60,036 बारदाने उपलब्ध है।
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बिलासपुर, /जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी द्वारा 22 जनवरी को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट कैम्प सवेरे 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में आयोजित होगा। प्लेसमेंट कैम्प में 3 निजी नियोजक कंपनियों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें फिल्ड ऑफिसर, एग्रीकल्चर ऑफिसर, ऑपरेशन असिस्टेंट, सेल्स मैनेजर, टेलीकॉलर, हाउसकीपिंग, रिसेपशनिस्ट, टेक्निशियन सहित कुल 187 पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। कैम्प में 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई उत्तीर्ण एवं रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार अपने साथ शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्रों एवं फोटो सहित शामिल हो सकते है। अधिक जानकारी के लिए श्री भवर सिंह कवर मो. 62687141084 से संपर्क कर सकते है।
- दुर्ग, / महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 एवं शी-बॉक्स पोर्टल के संबंध में प्रशिक्षण सह कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 19 जनवरी को शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग एवं छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय में किया गया।कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रत्येक कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति एवं जिला स्तर पर स्थानीय शिकायत समिति के गठन की अनिवार्यता की जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी भी महिला के साथ कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में वह संबंधित कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष या शी-बॉक्स पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती है। साथ ही समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार शिकायत प्राप्त होने पर की जाने वाली कार्रवाई की प्रक्रिया भी समझाई गई।कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी शासकीय एवं निजी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। समिति का गठन नहीं करने पर 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही सभी कार्यालयों को अपनी आंतरिक शिकायत समिति को शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने के निर्देश दिए गए।इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह प्रतिषेध, सखी वन स्टॉप सेंटर एवं महिला सशक्तिकरण केंद्र की योजनाओं की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- - दुर्ग जिले के पात्र 190 प्रतिभागियों का पंजीकृत ट्रेड में टेस्ट 21 जनवरी को- राज्य द्वारा चयनित 19 ट्रेड/स्किल में पंजीकृत प्रतिभागियों का मूल्यांकनदुर्ग / भारत सरकार द्वारा आयोजित इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने एवं चरणबद्ध चयन प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी तथा समयबद्ध रूप से संपादित करने हेतु राज्य द्वारा चयनित 19 ट्रेड/स्किल में पंजीकृत प्रतिभागियों का मूल्यांकन की जानी है। प्रथम चरण में जिला स्तर पर ऑनलाईन एमसीक्यू आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित कर प्रतिभागियों की प्रारंभिक योग्यता का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे द्वितीय चरण में राज्य स्तर पर व्यावहारिक / हैंड-वर्क स्किल टेस्ट हेतु उपयुक्त प्रतिभागियों का चयन किया जा सके। एसआईडीएच पोर्टल पर पंजीकृत दुर्ग जिले के पात्र 190 प्रतिभागियों का पंजीकृत ट्रेड में जिला स्तरीय प्रथम लेवल स्क्रीनिंग टेस्ट 21 जनवरी 2026 को शासकीय आई.टी.आई. दुर्ग पुलगांव चौक, जिला दुर्ग में समय प्रातः 11 बजे से आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक प्रतिभागी को परीक्षा हेतु मोबाईल एन्ड्रायड / स्मार्ट फोन लाना अनिवार्य है। प्रतिभागी परीक्षा आरंभ होने के 1 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होंगें।उपसंचालक रोजगार एवं प्रभारी अधिकारी, जिला कौशल विकास प्राधिकरण दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार जिला स्तरीय प्रथम लेवल स्क्रीनिंग टेस्ट के पहले समस्त प्रतिभागियों का एक साथ परीक्षा हेतु टेस्टिंग मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे आयोजित किया जायेगा। जिसमें प्रतिभागियों के पंजीकृत मोबाईल नंबर ही आईडी एवं पासवर्ड होंगे। सभी प्रतिभागियों से अपील की गई है कि इस स्क्रीनिंग टेस्ट में अनिवार्य रूप से सम्मिलित होना सुनिश्चित करेंगे।
- -निजी क्षेत्र के 126 पदों पर होगी भर्तीदुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग, मालवीय नगर चौक में गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को पूर्वान्ह 10:30 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस प्लेसमेंट कैम्प में निजी क्षेत्र के दो नियोजकों के माध्यम से कस्टमर सपोर्ट एसोसिएट (100 पद), सेल्स एग्जीक्यूटिव (10 पद), सीनियर सेल्स एग्जीक्यूटिव (5 पद), सेल्स एडवाइजर (5 पद) एवं ड्राइवर (6 पद) सहित कुल 126 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जाएगी। इन सभी पदों हेतु वेतन 8,000 से 25,000 रुपये तक निर्धारित है । इस कैंप में 10वीं, 12वीं, आई.टी.आई., डिप्लोमा एवं किसी भी विषय में स्नातक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले आवेदक सम्मिलित हो सकते हैं । विस्तृत जानकारी हेतु आवेदक erojgar.cg.gov.in, छत्तीसगढ़ रोज़गार एप्प अथवा रोजगार कार्यालय के सूचना पटल का अवलोकन कर सकते हैं । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार इच्छुक आवेदक अपने समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण पत्र, अंकसूची, पहचान पत्र (आधार कार्ड/पैन कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस), रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छत्तीसगढ़ निवास प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र की छायाप्रति के साथ प्लेसमेंट रोजगार मेला में उपस्थित हो सकते हैं ।
- - स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव 20 जनवरी को करेंगे कोसा-कॉटन प्रदर्शनी का शुभारंभदुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग के आदेशानुसार जिला हाथकरघा कार्यालय द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोसा एवं कॉटन ऑफ छत्तीसगढ़ हाथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी सह विक्रय का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 20 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक पंजाबी पैलेस सेक्टर-05 गणेश मंदिर के सामने भिलाई में आयोजित होगी।प्रदर्शनी का शुभारंभ 20 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे होगा। शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्री विजय बघेल करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक श्री देवेन्द्र यादव, नगर निगम भिलाई के महापौर श्री नीरज पाल, अध्यक्ष छ.ग.राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन संघ श्री भोजराम देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल होंगे।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा, शक्ति, चंद्रपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, खैरागढ़ एवं दुर्ग जिलों के लगभग 25 बुनकर संस्थान भाग लेंगे। यहां भारत सरकार के सिल्क बोर्ड से प्रमाणित पुरस्कार प्राप्त बुनकरों एवं फैब इंडिया से जुड़े कारीगरों द्वारा निर्मित आधुनिक डिजाइनों वाले कोसा व कॉटन के स्वदेशी, स्वास्थ्य के अनुकूल वस्त्रों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा।
- - मंच व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में दिए आवश्यक निर्देशदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को गणतंत्र दिवस की तैयारियों के संबंध में रविशंकर स्टेडियम ग्राउंड का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, गाड़ियों की पार्किंग, झांकी के एंट्री-एक्जिट प्लान एवं सुरक्षा व्यवस्था के बारे में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी तैयारियों को समय सीमा में पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। 24 जनवरी को गणतंत्र दिवस के संबंध में अंतिम रिहर्सल किया जाएगा। कलेक्टर ने स्थल पर मंच निर्माण सहित अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।परेड में पुलिस, नगर सेना एवं एनसीसी, स्काउट गाइड की टुकड़ियां भाग लेंगे। समारोह सुबह नौ बजे शुरू होगा। समारोह के मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री के छत्तीसगढ़ वासियों के लिए प्रेषित संदेश का वाचन किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों सहित विभिन्न विभागों को सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में विभिन्न विभागीय योजनाओं की चलित झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
- - महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज की महाआरती में जुटे मराठा समाज के पदाधिकारी भीरायपुर। जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य को निर्धारित करना बेहद जरूरी है। अर्जुन ने तोते की आंख पर अपना लक्ष्य केंद्रित किया तभी महान धनुर्धर बना। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंग हमें इस बात की सीख देते हैं कि अगर जीवन में बड़ी सफलता चाहिए तो छोटे-छोटे लक्ष्य बनाए। यानी सफलता की एक-एक सीढ़ी चढ़ेंगे, तो आपके कदम मजबूती के साथ सफल पायदान पर होंगे और बड़ी सफलता भी मिलेगी।उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने सोमवार, 19 जनवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती के बाद कहे। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंग पर चर्चा करते हुए काले ने कहा कि सफलता की शुरुआत छोटे- छोटे संकल्पों से होती है। तभी बड़े संकल्पों को पूरा करने का आत्मविश्वास जागृत होता है। छोटा लक्ष्य प्राप्त करने पर बड़े लक्ष्य को पाने की ऊर्जा दोगुनी हो जाती है।दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने अपने संबोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की विभिन्न क्षमताओं में से एक व्यक्ति का कौशल पहचानना और उसका स्वराज के कार्य के लिए यथोचित उपयोग करना उल्लेखनीय है। उन्हें अफजल खान से भेंट के समय उसके अंगरक्षक सैयद बंडा की 20 हाथ दूर तक तलवार का वार करने की शक्ति ज्ञात थी। सैयद बंडा के इस वार को निष्क्रिय करने के लिए उन्होंने जीवा म्हाला को अपने अंगरक्षक दल में शामिल किया। जीवा एक नट था, जो 20 हाथ दूर रखे नारियल पर लचीली तलवार से वार कर उसे दो भागों में ऐसे बांटता था कि नारियल के भीतर का जल भी दो बराबर भागों में बंटकर अलग होता था। जीवा का यह कौशल भेंट के दौरान विश्वासघात के समय सैयद बंडा के हाथ तलवार उठाने से पहले ही काटने का काम आया। यही वजह है कि आज भी मराठी में यह प्रचलित मान्यता है कि ‘होता जीवा म्हणून आहे शिवा’ अर्थात जीवा था इसलिए शिवा है।इस अवसर पर मराठा समाज के अध्यक्ष लोकेश पवार, वरिष्ठ सभासद अनिल कालेले, मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, वरिष्ठ सदस्य कल्याण देशपांडे, संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रभारी पारितोष डोनगांवकर, महाराष्ट्र भवन प्रभारी निरंजन पंडित, शचिंद्र देशमुख, युवा समिति प्रमुख डा. शुचिता देशमुख, आचार्य रंजन मोड़क, अनुराग भवालकर, अधिवक्ता प्रशांत देशपांडे, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, शरद फड़ताड़े, गणेशा जाधव, नवीन देशमुख, अभय भागवतकर, शुभम पुराणिक, विनोद ऱाखुंडे, सोनल पेदे सहित अनेक सभासद उपस्थित थे।
- -23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजनरायपुर /छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा। आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा।साहित्य उत्सव के सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परम्परा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं को संबोधित करेंगे।इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परम्परा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे।आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन द्वारा 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन स्थल पर मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, साज-सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तेजी से अंतिम रूप ले रही हैं।साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।साहित्य उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी एवं डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी।साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे से प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार श्री मनोज जोशी द्वारा चर्चित ‘चाणक्य’ नाटक का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा।इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के जाने-माने निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे।24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा।साहित्यकारों की परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं। मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है।दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है।आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे।इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा तथा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है।आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय युवाओं एवं लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल में पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है। यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और सुदृढ़ करेगा।
- -गाँव-गाँव जाकर अधिकारियों ने सुनी समस्याएँ, मौके पर हुआ समाधानरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को साकार करने के लिए सुकमा जिले में 'मिशन कनेक्ट' की शुरुआत की गई है। संभागायुक्त बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुँचाना है।विगत दिनों मिशन कनेक्ट के तहत छिंदगढ़ विकासखंड की लगभग 60 पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुँचे। यह केवल निरीक्षण नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर मौके पर उनका समाधान करने की एक नई पहल थी। सुबह 10 बजे से ही अधिकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रम-छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सक्रिय दिखाई दिए।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की गंभीरता से जाँच की गई। ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ और सुझाव सुने, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हुआ।निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत छिंदगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ ने सभी पंचायतों की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए, जबकि राज्य स्तर के विषयों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजा जाए।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि मिशन कनेक्ट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना हमारी प्राथमिकता है।सुशासन की ओर मजबूत कदम 'मिशन कनेक्ट' ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अब योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं रहेंगी, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएँगी। अधिकारियों की सक्रियता से क्षेत्र में लोगों में उत्साह और भरोसा बढ़ा है।
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-तेंदूपत्ता संग्राहकों में खुशियों की लहर
रायपुर /तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, जिसमें संग्रहण लाभ का 80% हिस्सा, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर (दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता पर), और विभिन्न वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल हैं, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होता है l छत्तीसगढ़ में 5500 सौ रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक और राजमोहिनी देवी योजना के तहत लाभ दिए जा रहे हैं lछत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए चरणपादुका योजना को पुनः शुरू किया है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई यह जनहितैषी योजना अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उनकी संवेदनशीलता के कारण फिर से शुरू की गई है। यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की "गारंटी" के अनुरूप गरीब हितैषी शासन की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग ने इस योजना को तेज गति और पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू किया है।वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिला मुखिया को उच्च गुणवत्ता वाली चरणपादुकाएं प्रदान की गईं। इसके लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये व्यय किए। इस कदम से जंगलों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और सुविधा दोनों मिली हैं।वन मंत्री श्री कश्यप के विशेष प्रयासों से सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी चरणपादुका प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह निर्णय संग्राहक परिवारों के लिए ऐतिहासिक और लाभकारी सिद्ध होगा।सरकार ने चरणपादुकाओं की खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त रहे। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को वितरित की जा रही चरणपादुकाएं उच्च गुणवत्ता पूर्ण हैं और उन पर एक वर्ष की वारंटी भी दी जा रही है। यह सरकार की गुणवत्ता और लाभार्थी हितों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।वनांचल क्षेत्रों में उमंग, सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत मुख्यमंत्री श्री साय और वन मंत्री श्री कश्यप के इस निर्णय से वनांचल क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है। चरणपादुका योजना सीधे उन मेहनतकश तेंदूपत्ता संग्राहकों तक राहत पहुँचा रही है, जो कठिन परिस्थितियों में जंगलों में कार्य करते हैं और अपनी आजीविका जुटाते हैं।यह योजना न केवल सुरक्षा और सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि वनवासियों को सम्मान और आत्मविश्वास भी दे रही है जो सुशासन और अंत्योदय की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बन गई है। - रायपुर । बस्तर में इमली की चटनी को काफी पसंद किया जाता है l यह चटनी खाने में बहुत स्वादिष्ठ होती है l सुकमा जिले में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर की प्रसिद्ध इमली से तैयार “इमली चटनी” को वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। यह उत्पाद स्थानीय वनोपज का मूल्य संवर्धन करने के साथ-साथ बस्तर की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास है।छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किए गए अनुसंधान और गुणवत्ता मानकों के आधार पर यह चटनी तैयार की जा रही है। वन धन विकास केंद्र से जुड़ी नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाएँ इस चटनी के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता मानक, वैज्ञानिक विधि तथा आधुनिक पैकेजिंग संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और समूह की महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बस्तर संभाग में इमली की अधिकता को देखते हुए यह पहल स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।इमली चटनी के उत्पादन से वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। वन विभाग की यह पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम है।आने वाले समय में यह उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ के घरों का स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि सुकमा की महिलाओं की मेहनत और सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- रायपुर, / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिबरल आर्ट्स विभाग द्वारा 15–16 जनवरी 2026 को नालंदा लेक्चर हॉल में 'जेंडर मोडालिटीज़ ऑफ़ रिमेम्बरिंग इन साउथ एशियन लिटरेचर' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य दक्षिण एशियाई सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में स्मृति को एक लैंगिक और सन्निहित अभ्यास के रूप में समझना तथा इस क्षेत्र में हो रहे अकादमिक शोध को साझा करने का मंच प्रदान करना था। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने सम्मेलन में सहभागिता की।सम्मेलन में जामिया मिलिया इस्लामिया की प्रोफेसर सिमी मल्होत्रा ने अपने व्याख्यान में भारत में महिला आंदोलनों की दो शताब्दियों को याद करना: स्मृति और नारीवादी इतिहासलेखन का पुनर्विचार' विषय पर विमर्श किया। उन्होंने स्मृति के दृष्टिकोण से नारीवादी इतिहास लेखन की पड़ताल करते हुए पिछले दो सौ वर्षों में महिला आंदोलनों के विकास को रेखांकित किया और दक्षिण एशिया में लैंगिक इतिहास के लेखन में स्मरण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।सम्मेलन के दूसरे दिन सेंट मीरा कॉलेज फॉर गर्ल्स, पुणे की उपप्राचार्य डॉ. स्नोबर सतारावाला ने 'रिमेम्बरिंग द मार्जिन: जेंडर, माइनॉरिटी मेमोरी और साउथ एशियन लिटरेचर में प्रतिनिधित्व की राजनीति' विषय पर अपने व्याख्यान में उन्होंने सिनेमा, साहित्यिक ग्रंथों और मौखिक आख्यानों के माध्यम से यह विश्लेषण किया कि किस प्रकार अल्पसंख्यक समुदायों की स्मृतियाँ संरक्षित या उपेक्षित की जाती हैं, तथा हाशिए के इतिहासों को पुनः सामने लाने में साहित्य की भूमिका को रेखांकित किया।सम्मेलन के दौरान कुल पाँच विषयगत पैनलों में गहन अकादमिक विमर्श हुआ। उद्घाटन पैनल में लैंगिक आवाज़ों और स्वदेशी सौंदर्यशास्त्र पर चर्चा करते हुए लोक एवं आदिवासी कला परंपराओं को स्मृति के जीवंत और सन्निहित अभिलेखागार के रूप में देखा गया। इसके पश्चात हिंसा के लैंगिक प्रति-आख्यानों पर केंद्रित पैनल में यह विश्लेषण किया गया कि साहित्य और सांस्कृतिक ग्रंथ आधिकारिक इतिहासलेखन से इतर अस्तित्व, प्रतिरोध और भावात्मक स्मृति को किस प्रकार अभिव्यक्त करते हैं।तीसरे पैनल में भेद्यता, जाति और पहचान के प्रश्नों पर विमर्श हुआ, जहाँ साहित्यिक साक्ष्यों और कथात्मक स्मृति में जाति तथा लिंग के प्रतिच्छेदन को रेखांकित किया गया। चौथे पैनल में रिश्तेदारी, घरेलूता और राष्ट्रीय स्मृति के संदर्भ में मातृ विरासत, रोज़मर्रा के स्थानों और कर्तव्य की लैंगिक धारणाओं का विश्लेषण किया गया। अंतिम पैनल में स्मृति की स्थानीय भाषाई और डायजेटिक अभिव्यक्तियों पर चर्चा करते हुए वैकल्पिक निमोनिक रिपॉज़िटरी की खोज की गई, जो स्मरण के प्रचलित पाठ-केंद्रित रूपों को चुनौती देती हैं।समग्र रूप से, सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि लैंगिक स्मृति एक सक्रिय सामाजिक - सांस्कृतिक अभ्यास है, जो अवतार, प्रभाव, पदानुक्रम और कथा रूपों से निर्मित होती है। कार्यक्रम ने दक्षिण एशिया में हाशिए पर रहने वाली आवाज़ों को सशक्त करने तथा प्रचलित स्मरण-पद्धतियों को चुनौती देने वाले प्रति-आख्यानों के निर्माण में साहित्य और सांस्कृतिक ग्रंथों की निर्णायक भूमिका को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया गया।
- -आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावारायपुर / आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले जिले मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी की ग्राम पंचायत करमरी में सोमवार को वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फ़ॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण) के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर 'आत्मनिर्भर गांव - विकसित भारत' का संदेश दिया गया। इस दौरान योजना के प्रति उत्साह और सामुदायिक सहभागिता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्ययोजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को वीबी-जीराम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, वीबी-जी राम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।कार्यक्रम के दौरान हितग्राही श्री विनोद कुमार एवं श्री दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास औरआत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।कार्यक्रम में जिल पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर,जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, पंचायत प्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर की प्रशंसाकरमरी के इस कार्यक्रम की प्रशंसा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट द्वारा करते हुए कार्यक्रम के फोटोग्राफ्स और वीडियो को भी शेयर किया गया है।
- -सुनवाई के उपरांत अधिकारियों को निर्णयों के क्रियान्वयन हेतु निर्देश जारीरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में प्राप्त विभिन्न शिकायतों की सुनवाई सोमवार को आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद एवं उपाध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। सुनवाई में आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू एवं अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अनिता डेकाटे उपस्थित रहे।सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित पक्षों को निष्पक्ष रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। आयोग के अध्यक्ष श्री निषाद द्वारा शिकायत कर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए नियमों एवं अधिनियमों के अनुरूप न्यायसंगत निर्णय हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।आवेदक श्री चन्द्रकुमार सोनकर के समेकित वेतन वृद्धि रोके जाने संबंधी प्रकरण में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2018-19 की वेतन वृद्धि प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया गया। आवेदक श्री सुरेश कुमार यादव द्वारा प्रस्तुत सहायक प्राध्यापक भर्ती में आरक्षण उल्लंघन संबंधी शिकायत पर दोनों पक्षों का प्रतिपरीक्षण किया गया तथा शासन को विषयवार पद विज्ञापन जारी करने का सुझाव प्रेषित करने कहा। इसी प्रकार श्री नरेश कुमार धीवर के प्रकरण में 60 दिवस के भीतर 1.80 लाख रूपए के भुगतान हेतु समझौतानामा निष्पादित किया गया।आवेदक श्री रामशंकर साहू एवं श्री शैलेश कुमार स्वर्णकार द्वारा प्रस्तुत शिकायत के संबंध में अनावेदक अधीक्षण अभियंता श्री एस.एस. भूपल द्वारा उपस्थित होकर पक्ष रखा गया। अनावेदक द्वारा यह बताया गया कि दोनों आवेदक शासन के आदेशानुसार किए गए स्थानांतरण से असंतुष्ट होकर उनके विरुद्ध निराधार एवं बेबुनियाद शिकायत प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त आवेदक श्री नरेन्द्र कुमार यादव एवं अन्य द्वारा बैकुंठ सीमेंट कंपनी के विरुद्ध प्रस्तुत प्रकरण में दोनों पक्षकारों की उपस्थिति में सुनवाई की गई। अनावेदक पक्ष द्वारा आगामी तिथि में कंपनी के ठेकेदारों एवं प्रतिनिधियों को बुलाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी आयोग को दी गई। सुनवाई के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों के शीघ्र एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
- -उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से किया गया सम्मानित-बेंगलुरु में आयोजित 13वें नेशनल रिव्यू कांफ्रेंस में मिला पुरस्काररायपुर । छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।छत्तीसगढ़ सरकार की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। यह पुरस्कार राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और राज्य सरकार की कृषि नीतियों की सफलता को दर्शाता है। यह पुरस्कार बेंगलुरु, कर्नाटक में 18-19 जनवरी 2026 को आयोजित 13वंे नेशनल रिव्यू कांफ्रेंस में दिया गया। उद्यानिकी विभाग की ओर से प्रभारी संयुक्त संचालक श्री नीरज शाहा ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।









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