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 धूप में जाते ही हो जाता है माइग्रेन, आखिर क्या है कारण?

सिर में दर्द होना बहुत आम समस्या है, पर हर सिरदर्द आम हो ये जरूरी नहीं है। कुछ प्रकार का सिरदर्द, माइग्रेन हो सकता है। सिर के एक हिस्से तेज दर्द, आंखों में चुभन हो, तेज रोशनी बर्दाश्त न होने के साथ मितली जैसा महसूस होना माइग्रेन का संकेत हो सकता है। माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जो इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, बढ़ता स्क्रीन टाइम, नींद की कमी, खराब खानपान और लगातार तनाव जैसी स्थितियों ने माइग्रेन की समस्या बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ माइग्रेन को न्यूरोलॉजिकल या साइकोसोमेटिक समस्या मानते हैं। माइग्रेन का दर्द कई घंटों से लेकर 2-3 दिन तक भी रह सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके कारणों को समझना जरूरी है। वहीं आपको अगर माइग्रेन की दिक्कत है तो इसे ट्रिगर करने वाली स्थितियों से बचाव जरूरी है। क्या आपको भी थोड़ी देर धूप में रहने से माइग्रेन हो जाता है?
माइग्रेन की समस्या के बारे में जान लीजिए---
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, माइग्रेन केवल सामान्य सिरदर्द नहीं बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें दिमाग की नसों, केमिकल्स और नर्व सिग्नल्स में असामान्य बदलाव होने लगते हैं।
    माइग्रेन के लिए आनुवंशिक कारकों, मस्तिष्क में होने वाले रासायनिक परिवर्तन और पर्यावरणीय कारणों को जिम्मेदार माना जाता है।  
    परिवार में किसी को माइग्रेन है तो आपको भी इसका खतरा हो सकता है। कुछ प्रकार के हार्मोनल बदलाव, खासकर महिलाओं में पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। 
    बहुत ज्यादा तनाव लेना, नींद पूरी न होना, बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम, शरीर में पानी की कमी और अनियमित खानपान माइग्रेन का कारण बन सकता है। माइग्रेन के दौरान व्यक्ति को रोशनी, आवाज और गंध के प्रति अधिक संवेदनशीलता हो जाती है। 
धूप में हो सकता है माइग्रेन अटैक--
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, धूप को माइग्रेन का एक बहुत आम ट्रिगर माना जाती है। तेज धूप या बहुत अधिक चमकदार रोशनी आंखों और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे ब्रेन की संवेदनशील नसें एक्टिव हो जाती हैं और माइग्रेन अटैक हो सकता है। माइग्रेन के शिकार लोगों में 'फोटोफोबिया' (प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता) की समस्या बहुत आम है। 
    माइग्रेन से पीड़ित लोगों का नर्वस सिस्टम सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होता है, इसलिए तेज रोशनी उनके लिए परेशानी पैदा कर सकती है। गर्मियों में तेज धूप के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन भी हो सकता है जिसे पहले से माइग्रेन को ट्रिगर करने वाला बड़ा कारण माना जाता रहा है। धूप में ज्यादा देर रहने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे ब्लड वेसल्स फैलती हैं और माइग्रेन दर्द बढ़ सकता है।
माइग्रेन से बचाव कैसे करें?
माइग्रेन से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने ट्रिगर्स को पहचाने और इससे बचाव करते रहें। अगर धूप से माइग्रेन बढ़ता है तो बाहर निकलते समय सनग्लासेस पहनें, छाता इस्तेमाल करें और सिर को ढककर रखें ताकि तेज रोशनी सीधे आंखों पर न पड़े। 
 शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना चाहिए। नींद का एक नियमित शेड्यूल बनाना चाहिए क्योंकि पर्याप्त और तय समय पर नींद लेने से माइग्रेन का खतरा कम होता है। तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज फायदेमंद मानी जाती हैं। 
खानपान समय पर करें और लंबे समय तक खाली पेट न रहें, क्योंकि भूख माइग्रेन ट्रिगर कर सकती है। अगर माइग्रेन बार-बार हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह से दवाइयां ले सकते हैं।
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