- Home
- छत्तीसगढ़
- धमतरी। ज़िले में जल जगार महा उत्सव के दौरान रविवार दूसरे दिन अल सुबह हाफ मैराथन में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुँच गये और जल जागरूकता के लिए आयोजित इस विराट आयोजन का हिस्सा बने । रविशंकर जलाशय गंगरेल डैम के मुहाने से शुरू हुई इस हाफ मैराथन को तीन श्रेणियों में आयोजित किया गया । इसमें गंगरेल हाफ मैराथन, एन्डुरन्स रन और वॉकेथॉन शामिल है।गौरतलब है कि गंगरेल हाफ मैराथन के तहत 21.1 किलोमीटर का मैराथन रन एन्डुरन्स रन के तहत 10 किलोमीटर का मैराथन और इसके साथ ही पारिवारिक मनोरंजन के लिए वॉकेथॉन के तहत 5 किलोमीटर का मैराथन में पुरुष और महिला दोनों श्रेणी में लोग हिस्सा लेते नज़र आये । ज्ञात हो यह पूरा आयोजन गंगरेल डैम के गेट से लेकर कुकरेल तक आयोजित किया गया और इससे पहले स्वस्थ तन मन के लिए ज़ुंबा करते विभिन्न धुनों पर लोग थिरकते भी नज़र आये।
- -जल ओलंपिक में प्रदेश के विभिन्न जगहों से पहुंचे प्रतिभागी और लोग-जल एवं पर्यावरण संरक्षण में सबकी सहभागिता ज़रूरी-उत्साह से लोगों ने लिया जल ओलंपिक का आनन्दधमतरी । रविशंकर जलाशय गंगरेल में आयोजित दो दिवसीय जल जगार महा उत्सव के दूसरे दिन आज रायपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से प्रतिभागी और लोग पहुँचे। इस दौरान जल ओलंपिक को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। यहाँ पहुँचे लोगों ने कयाकिंग, स्वींमिंग, बनाना राईड, फ्री स्टाईल स्वीमिंग, फ्लैग् रैन, थ्रो रो, रिवर क्रॉसिंग आदि का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर रायपुर के श्री संजय बच्चानी, श्री अमित गोयल, श्री राकेश ने धमतरी में जल संरक्षण के लिए की गयी पहल विशेषकर सामुदायिक सहभागिता से किए गए प्रयास और उसके परिणाम को खूब सराहा। प्रतिभागियों का मानना है कि यह केवल शासन-प्रशासन की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की ज़िम्मेदारी है कि जल संरक्षण के लिए जागरूक हों और पानी की हर बूँद को बचाने की कोशिश करें। जल ओलंपिक में पहुँचे अन्य लोगों का भी मानना है कि गिरते भूजल स्तर, पेड़ों की कटाई, सॉइल इरोशन सब विषयों पर चिंता करते हुये भविष्य के लिए जल और पर्यावरण संरक्षण हेतु वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनायें, पौधारोपण की दिशा में सबको जागरूक होकर काम करना चाहिए। यहाँ जल ओलंपिक में बिलासपुर से आए श्री वेदांत वर्मा ने बताया कि तैराकी उनका शौक़ है, इसलिए जल ओलंपिक में वे हिस्सा ले रहे साथ ही यह भी जानते और मानते हैं कि जल संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए, क्योंकि जल है तो कल है। गौरतलब है कि ज़िला प्रशासन ने जल जगार महा उत्सव में जल ओलंपिक के लिए गंगरेल बांध में प्रतिभागियों के लिए लाइफ जैकेट, मेडिकल किट सहित सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहाँ नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित निवास में रायपुर रास 2024 के आयोजकों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को 08 एवं 09 अक्टूबर को बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय रास गरबा के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजकों को आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया एवं आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर श्री सार्थक शर्मा, श्री भावेश शर्मा एवं आयोजकगण भी उपस्थित रहे।
-
-त्योहार के मौके पर खुशियां हुई दोगुनी
-कहीं गृह प्रवेश तो कहीं भूमि पूजन कर ग्रामीण बांट रहे अपनी खुशियांरायपुर । रोटी कपड़ा और मकान जीवन की मूलभूत जरूरत है, जिसे व्यक्ति लगातार परिश्रम करके अपने परिवार के लिए इन जरूरतों को पूरा करता है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े ग्रामीणों को रोजमर्रा की चीजों के लिए लगातार मेहनत करना पड़ता है, जिससे घर की जरूरत पूरी हो सके। यदि मूलभूत जरूरत को पूरा करने के लिए सहारा मिल जाए तो जीवन के बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में मिली आर्थिक सहायता ग्रामीणों के लिए बहुत मददगार सिद्ध होता है। ग्रामीणों का अपना पक्का घर बनाने का सपना अब प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से पूरा हो रहा है। योजना से मिली आर्थिक सहयोग की वजह से ग्रामीणो के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।कबीरधाम जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत में इस त्यौहार के सीजन में अपना पक्का आवास बन जाने के साथ ही ग्रामीण पूजा एवं अनुष्ठान करते हुए गृह प्रवेश कर रहे हैं और जिनको नए आवास की स्वीकृति मिली है वे परिवार भूमि पूजन कर अपनी खुशियां बांट रहे हैं। घर के मुखिया, अपने सपने को सच होते देख रहे है, खुशियां उनकी दोगुनी होती दिख रही है।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से मिले लाभ की कहानी ग्रामीणों की जुबानी!श्री शिव कुमार बघेल पिता श्री नंदकुमार बघेल निवासी ग्राम पंचायत चचेडी जनपद पंचायत कवर्धा ने अपने नए प्रधानमंत्री आवास को पूरा करते हुए गृह प्रवेश किया है। शिवकुमार कहते हैं कि अपना पक्का घर बन जाना सुखद एहसास है सरकार से मिले सहायता के कारण यह काम पूरा हो पाया।श्री अंतराम पिता समारू ग्राम पंचायत गांगपुर जनपद पंचायत पंडरिया बताते हैं कि मेरा अपना पक्का घर बन गया।इसके साथ मुझे रोजगार गारंटी से 95 दिवस का रोजगार भी मिला।अब मैं शान से अपने पक्के घर में परिवार के साथ रहूंगा। श्री अंतराम ने आगे बताया कि दो दिन पहले ही मैंने पूजा अर्चना कर गृह प्रवेश किया है और इस वर्ष माता की नवरात्रि मेरे लिए बहुत खास है। श्रीमती रजनी चंद्रवंशी पति श्री राजेश चंद्रवंशी ग्राम पंचायत झलमला बताती है कि मुझे अपने पंचायत से पता चला कि सरकार द्वारा मेरा आवास अभी स्वीकृत किया गया है। इस नवरात्रि के त्यौहार में मेरे परिवार ने भूमि पूजन कर अपने प्रधानमंत्री आवास बनाने का काम शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से आवास स्वीकृत हो जाने के कारण हमारी बहुत सी परेशानियां अब दूर हो गई है।जनपद पंचायत लोहारा के ग्राम पंचायत नवघटा में रहने वाले श्री समेलाल पिता प्रदुम ने बताया कि अपने घर को सजाकर मेरे परिवार ने दो दिन पहले ही गृह प्रवेश किया है। अपने पक्के मकान में रहने का बरसों पुराना सपना पूरा हो गया।ग्राम लधान में रहने वाली श्रीमती मंटोरा बाई राव पति श्री राम नारायण अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताती है कि हमने अपना घर बनाने के लिए कल ही भूमि पूजन किया है।बैंक खाते में पैसा पहले किस्त की राशि 40 हजार रुपए भी आ गया है।इसी तरह श्री बीसेलाल पटेल पिता श्री जीवनरखा ग्राम पंचायत तालपुर श्री भरत यादव पिता जगतु ग्राम पंचायत सारी श्री रामजस धुर्वे ग्राम पंचायत कुटकीपारा सहित बहुत से ग्रामीणों द्वारा अपने नए प्रधानमंत्री आवास में गृह प्रवेश किए हैं। तो वही श्री अशोक पिता प्रभु ग्राम भेदली श्री पंचराम पिता भागीरथी ग्राम पंचायत वीरेंद्रनगर जैसे अनेक गांवों में नए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो जाने पर भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। सभी हितग्राही अपने परिवारों के साथ नए घर की खुशियां बांट रहे हैं।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए नए आवास की बधाई दे रहे हैं।कबीरधाम जिले के ग्रामीणों को मिल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ पर एक नज़र .....!छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्रामीणों को उनका पक्का आवास का हक दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत रहे। उनके विशेष प्रयासों से ही पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 8 लाख 40 आवास की स्वकृति राज्य सरकार द्वारा की गई। कबीरधाम जिले में सामान्य श्रेणी के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत स्थाई प्रतीक्षा सूची के 24055 हितग्राही एवं आवास प्लस के 6889 हितग्राही सहित कुल 30944 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत होना है। इनमें से अभी तक 18848 परिवारों के लिए आवास स्वीकृत हो चुकी है। बचे शेष हितग्राहियों का पंजीयन और स्वीकृति की कार्यवाही कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा। योजना में आवास के लिए 226 करोड़ 17 लाख 60 हजार रूपए स्वकृत किया गया है, जिसमे से 91 करोड़ 75 लाख रूपए हितग्राहियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जारी हो गया है।उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2016 से 2023 तक कुल 9 सालो में अलग-अलग समय पर जिले में 48657 आवास स्वीकृत किया गया था, लेकिन यह पहला अवसर है जब महज एक ही वित्तीय वर्ष के कुछ ही समय में सीधे 30944 आवास स्वीकृति हो रही है।प्रधानमंत्री जनमन योजना से भी आवास का हो रहा निर्माण।इसी तरह से प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महा अभियान योजना पीएम जनमन योजना अंतर्गत जिले के वनांचल क्षेत्र में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लिए 8597 परिवारों का सर्वे किया गया था, जिसमें से 8439 परिवार पात्र पाए गए। इनमें से 7402 परिवारों का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत पहले ही हो चुका है। पीएम जनमन आवास योजना में निर्माण के लिए 6678 हितग्राहियों को प्रथम क़िस्त की राशि 3169 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त की राशि 1206 हितग्राहियों को तृतीय किस्त की राशि और 06 हितग्राहियों को चौथी किस्त की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया है। वर्तमान में पीएम जनमन योजना से आवास का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 194 आवास का निर्माण कार्य हितग्राहियों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। - रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1166.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 06 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2379.7 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 606.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 634.5 मिमी, सूरजपुर में 1160.8 मिमी, बलरामपुर में 1733.8 मिमी, जशपुर में 1064.1 मिमी, कोरिया में 1127.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1088.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 957.6 मिमी, बलौदाबाजार में 1188.3 मिमी, गरियाबंद में 1100.8 मिमी, महासमुंद में 969.8 मिमी, धमतरी में 1035.5 मिमी, बिलासपुर में 996.9 मिमी, मुंगेली में 1115.5 मिमी, रायगढ़ में 1111.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.4 मिमी, सक्ती 1063.1 मिमी, कोरबा में 1419.1 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1207.5 मिमी, दुर्ग में 655.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 922.6 मिमी, राजनांदगांव में 1128.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1239.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 856.6 मिमी, बालोद में 1199.6 मिमी, बस्तर में 1272.5 मिमी, कोण्डागांव में 1207.0 मिमी, कांकेर में 1422.5 मिमी, नारायणपुर में 1465.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 1522.4 मिमी और सुकमा जिले में 1676.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- - कॉलेज के स्टूडेंट्स बने नेता, विधानसभा अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री ,नेता प्रतिपक्ष की निभाई भूमिका-सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर गहन चर्चा के बाद बनी आपसी सहमतिधमतरी लोगों को जल से जोड़ने एवं सामुदायिक सहभागिता के उद्देश्य गंगरेल जहां दो दिवसीय जल जगार महा उत्सव मनाया जा रहा है । वहाँ समुदाय का हर वर्ग इसका अंग बने यह भी कोशिश है । इसी कोशिश का एक हिस्सा है जल सभा । धमतरी शहर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर गंगरेल में स्थित रविशंकर जलाशय गंगरेल में जल(डैम) के निकट जल सभा का भी आयोजन हो रहा है ।कल भी जल सभा का आयोजन गंगरेल रेस्ट हाउस के परिसर में किया गया ।इसमें स्कूली बच्चों ने बढ़चढ़कर सहभागिता निभाई थी । जब शाम के वक़्त प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय पहुँचे तब बच्चों ने जीवंत ग्राम सभा का प्रदर्शन किया । बच्चों ने ग्राम सभा में आयोजित होने वाली विभिन्न कार्रवाही के साथ विभिन्न मुद्दों एवं जल संरक्षण के लिए पारित संकल्पों से अवगत कराया । यह भी बताया कि ग्राम सभा में गाँव में पेयजल और स्वच्छता समिति गठित की गई है और जल वाहिनी दीदियाँ नियुक्त की गयी हैं , जो जल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और सुझावों से अवगत कराती हैं । उनके गाँव में गंदे पानी के उपचार के लिए भी कार्रवाही होती है । फ्लोराइडयुक्त पानी वाले हैंडपंप को लाल और आयरन अधिकता वाले हैंडपंप को काले रंग से चिह्नित किया गया है । ग्राम सभा अध्यक्ष जोकि कक्षा बारहवीं की छात्रा फाल्गुनी साहू बनी थीं , उन्होंने बताया ग्राम सभा में नल मरम्मत का कार्य , स्वच्छता गाड़ी की व्यवस्था , तालाब गहरीकरण एवं वर्षा जल संचयन के लिए संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। स्कूली बच्चों द्वारा आयोजित ग्राम सभा की कार्रवाही देख मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संरक्षण और साफ़ सफ़ाई के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना भी की ।आज दूसरे दिन जल सभा में छत्तीसगढ़ के कॉलेज के स्टूडेंट्स ने जल असेंबली में शामिल होकर अपनी-अपनी भूमिका निभाई।जिसमें जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण ,सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर चर्चा की। पक्ष विपक्ष से चर्चा कर निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया गया कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता लायी जाये । जल सभा में पचास महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नेताओं की भूमिका अदा करते हुये जल असेंबली का संचालन किया और अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, सिंचाई एवं जल मंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, आदिवासी मामले का मंत्री, खनन एवं उद्योग मंत्री, कृषि मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा सचिव की भूमिका निभायी । सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर चर्चा कर जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया।विपक्ष के सदस्यों से गरमा गरमा बहस के बाद जल संरक्षण के लिए सबकी सहमति भी बनी।यह सदन की सफल कार्रवाही रही भावी पीढ़ी को हरा भरा वन , साफ़ पानी और सुंदर भविष्य देने के लिए ।
- -विदेशी मेहमानों को खूब पसंद आया जल सुधार की ई-बाल तकनीकधमतरी। धमतरी में जल-जगार महा उत्सव के दौरान आयोजित अंतरास्ट्रीय जल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में बने जल शुद्धिकरण की जैविक तकनीक ई-बाल को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहा। उन्होंने जल शुद्धिकरण की इस अभिनव तकनीक को आज की आवश्यकता बताया। साथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आये विदेशी जल विशेषज्ञों को खूब पसंद आया, उन्होंने इस तकनीक को बारीकी से समझा और इस पर काम करने में दिलचस्पी दिखाई। जल जगार महोत्सव में पानी शुद्धिकरण की इस तकनीक का जीवंत प्रदर्शन महोत्सव स्थल पर किया गया था जहां पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं अतिथियों ने भी इस तकनीक को समझा और सराहा।क्या है ई-बाल तकनीकई-बाल बैक्टीरिया और फंगस का मिश्रण है जिसे लाभदायक सूक्ष्मजीवों के द्वारा कैलिशयम कार्बोनेट के कैरियर के माध्यम से जैव-प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक डॉ प्रशान्त कुमार शर्मा के द्वारा 13 वर्षो के अनुसंधान के बाद बनाया गया है। ई-बाल 4.0 से 9.5 पीएच और 10 से 45 डिग्री सेल्शियस तापमान पर सक्रिय होकर काम करता है। ई-बाल में मौजूद लाभदायक सूक्ष्मजीव नाली या तालाब के प्रदूषित पानी में जाते ही वहां उपलब्ध ऑर्गेनिक अवशिष्ट से पोषण लेना चालू कर अपनी संख्या में तेजी से वृद्धि करते है तथा पानी को साफ करने लगते है। एक ई-बाल करीब 100 से 150 मीटर लंबी नाली को साफ कर देती है औसतन एक एकड़ तालाब के जल सुधार के लिए 800 ई-बाल की आवश्यकता होती है। खास बात यह है कि ई-बाल के प्रयोग से पानी मे रह रहे जलीय जीवों पर इसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट नही होता है, इसके प्रयोग से पानी के पीएच मान, टीडीएस और बीओडी स्तर में तेजी से सुधार होता है।वर्तमान में छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली के कई तालाबों में इसका सफल प्रयोग चल रहा है।
- -108 जल संरचनाओं से एकत्र जल का किया अर्पण-प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जल जगार महोत्सव में गंगरेल बांध की विशाल जलराशि के बीच भगवान शिव की प्रतिमा में जल अभिषेक किया। उन्होंने 108 चयनित जल संरचनाओं से लाए गए पानी को शिव जी की प्रतिमा पर अर्पण किया। इसके माध्यम से 108 जल संरचनाओं के पानी को महानदी में मिलाया गया। इससे जल बचाव एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। जल अभिषेक संकेत के रूप में वर्षा जल जो जहाँ भी गिरे और जब भी गिरे, उसे इकट्ठा करने और भूमिगत जल तालिकाओं और नदियों को फिर से भरने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जिले में पिछले कुछ वर्षों में, सामूहिक रूप से कई संरक्षण संरचनाएँ बनाई गई हैं। जल जगार महोत्सव में रूद्राभिषेक कार्यक्रम अंतर्गत जिले में चारों विकासखंडों में जल संरक्षण हेतु निर्मित किये गये 108 जल संरचनाओं, जिसमें अमृत सरोवर, जलाशय, पारम्परिक एवं ऐतिहासिक तालाब, परकोलेशन टैंकों से जल लाकर गंगरेल बांध में भगवान शिवजी की प्रतिमा में अभिषेक किया गया। ताकि जल को धार्मिकता से जोड़ते हुए लोगों को जल संरक्षण हेतु जागरूक व प्रोत्साहित किया जा सके। इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने महानदी की महाआरती भी की। पंडितो ने विधि विधान से महानदी की आरती करने में सहयोग किया। जीवन देने वाली महानदी की वंदना एवं अनुष्ठान प्रकृति को जीवित रखने वाली नदियों की रक्षा और उनका संवर्धन करने की सामूहिक प्रतिज्ञा का प्रतीक है।
-
-भगवान शिव की आकृति सहित जल-जगार शब्द और प्राकृतिक दृश्य दिखा आसमान में
-रंग बिरंगी रोशनी से बने भारत के नक्शे को देखकर लोग हुए आश्चर्यचकितरायपुर, / धमतरी में शुरू हुए जल-जगार महोत्सव के पहले दिन आज आसमान से कहानी इवेंट के माध्यम से डेढ़ सौ से अधिक ड्रोन कैमरा ने आसमान में रंग बिरंगी छटा बिखेर कर लोगों का मन मोह लिया। ड्रोन कैमरा ने आसमान में जल-जगार शब्द, प्राकृतिक दृश्य एवं भारत का नक्शा रंग बिरंगी रोशनियों से उकेरकर लोगों को आश्चर्यचकित होने पर मजबूर कर दिया। जल-जगार महोत्सव में आयोजित सभी गतिविधियां लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गई है। जल-जगार के प्रत्येक इंवेट को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले के पंडित रविशंकर जलाशय गंगरेल में 5 अक्टूबर को जल जगार महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 87 करोड़ 25 लाख 77 हजार रूपये के कुल 49 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 65 करोड़ 84 लाख 91 हजार रूपये के 33 कार्यों का लोकार्पण और 21 करोड़ 40 लाख 86 हजार रूपये के 16कार्यों का शिलान्यास शामिल है।लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में नगरपालिक निगम धमतरी के तहत 30 करोड़ 94 लाख 49 हजार रूपये के 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग के तहत 26 करोड़ 39 लाख 33 हजार रूपये के 4 कार्य, विद्युत विभाग के 4 करोड़ 20 लाख 8 हजार रूपये के 2 कार्य, स्वास्थ्य विभाग के तहत एक करोड़ 52 लाख 73 हजार रूपये के 6 कार्य, जनपद पंचायत नगरी के तहत एक करोड़ 39 लाख 88 हजार रूपये के 9 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के तहत एक करोड़ 13 लाख 40 हजार रूपये के 5 कार्य और जनपद पंचायत धमतरी के तहत 25 लाख रूपये की लागत के 3 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा 21 करोड़ 40 लाख 86 हजार रूपये के 16 कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इनमें लोक निर्माण विभाग के तहत 7 करोड़ 41 लाख 96 हजार रूपये के 2 कार्य, नगरपालिक निगम धमतरी के तहत 6 करोड़ 37 लाख 14 हजार रूपये के 3 कार्य, जल संसाधन संभाग धमतरी कोड 90 के तहत 4 करोड़ 40 लाख 62 हजार रूपये के 2 कार्य, हाउसिंग बोर्ड के तहत एक करोड़ 86 लाख 53 हजार रूपये के एक कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के तहत 93 लाख 48 हजार रूपये के 4 कार्य, जनपद पंचायत धमतरी के 25 लाख रूपये के 3 कार्य और क्रेडा के तहत 16 लाख 13 हजार रूपये के एक कार्य का शिलान्यास किया गया।
- -जल-जगार से आया सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन-प्रधानमंत्री जी के हर घर नल से जल के संकल्प को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकाररायपुर / धमतरी जिले के रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में आयोजित जल जगार महोत्सव के शुभारंभ समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन धमतरी द्वारा जल जगार महोत्सव मनाया जा रहा है, जो अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि पानी का अधिक दोहन हो रहा है, लेकिन जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जाता। धमतरी जिले में भी जल स्तर काफी नीचे जा रहा था, किन्तु जल जगार से सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन आया है, जिसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है।मुख्यमंत्री श्री साय ने रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए लोगों नवरात्रि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर बड़ा करने की ठान ले तो यह कोई बड़ी बात नहीं है। हर घर नल से जल पहंुचाने प्रधानमंत्री जी के संकल्प को जलजीवन मिशन के तहत गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का कार्य हमारा है। उन्होंने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्र के आदिवासियों के लिए नियद नेल्ला नार योजना चलाई जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। नक्सलवाद का खात्मा करने सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है, मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को मां के नाम पेड़ लगाने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जल बचाने की दिशा में जिला प्रशासन बेहतर और इनिशिएटिव कार्य कर रहा है, जिसे धमतरी ही नहीं, पूरे प्रदेश और देश के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जल जगार के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को एक बड़ी सौगात दे सकते हैं।विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि आज के परिवेश में जल संरक्षण बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने जलजीवन मिशन के तहत घर घर पानी देकर संदेश दिया है। पानी का मूल्य और महत्व को सभी को समझना होगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ी गीत के माध्यम से जल की महत्ता को बताया। पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री और कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह अपने आप मे एक नवाचारी कार्यक्रम है। धमतरी जिले में 04 बड़े जलाशय होने के बाद भी यहां का भूजल स्तर गिरना चिता का विषय है। सामुदायिक भागीदारी से जल संरक्षण किया जाना प्रशंसनीय है और इसे जन-जन का आंदोलन बनाना होगा। इसके अलावा महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, ने भी जिले में चल रहे जल जगार महोत्सव की सराहना करने हुए अनुकरणीय बताया। इस अवसर कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, श्री श्रवण मरकाम, श्रीमती पिंकी शाह, श्री इंदर चोपड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ नागरिक मंच पर मौजूद थे।
- - ग्रामीण अंधविश्वास में न पड़ेंरायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा शनिवार को धरसीवा के पास निनवा ग्राम में एक व्यक्ति के द्वारा अपने घर के पूजाघर में स्वयं की बलि देने की खबर आई है।. पिछले दिनों बलरामपुर जिले के एक व्यक्ति ने अपने 4 वर्ष के बच्चे की बलि दे दी। उसके कुछ दिनों पहले नवरात्रि में भी कोरिया जिले में एक धनेश्वर नामक बालक की बलि का मामला सामने आया था। पिछले सप्ताह ही सरगुजा के शंकरगढ़ में एक व्यक्ति ने एक झाड़ फूंक करने वाले बैगा की यह मानकर हत्या कर दी, कि वह झाड़ फूंक से उसको ठीक नहीं कर पा रहा है ।.अंधविश्वास के कारण यह हत्या की घटनाएं अत्यंत दुखद है । ग्रामीणों को अंधविश्वास भरोसा नहीं करना चाहिए एवं कानून को हाथ में नहीं देना चाहिए।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास में पड़ कर व्यक्ति मानसिक रुप में असंतुलित हो जाता है और वह मिथकों पर पूरी तरह भरोसा करने लगता है। कही सुनी किस्से कहानियां , भ्रामक खबरें अफवाहें उसे और भी भ्रमित कर देती हैं और वह अपराध कर बैठता है .।डॉक्टर दिनेश मिश्र ने कहा कि लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने की आवश्यकता है जिससे लोग सुनी सुनाई घटनाओं अफवाहें और भ्रामक खबरों पर भरोसा ना करें और अंधविश्वास में ना पड़े ।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि कुछ मामलों में व्यक्ति किसी इष्ट देवी, देवता ,का सपना आने और सपने में बलि मांगने की बात भी कहते हैं और कहते हैं कि उन्होंने उनके आदेश पर किसी की बलि /कुर्बानी दे दी है जबकि लोगों को यह सोचने की आवश्यकता है कि किसी की जान लेकर कर कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता और उसे अपराध करने के करण अंततः जेल जाना पड़ता है.।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास के करण जो व्यक्ति मानसिक उद्वेग में चला जाता है । तब वह कई बार स्वयं के अंदर किसी अदृश्य शक्ति में प्रवेश होने की बात भी करता है तथा वह किसी के सपने में आने या किसी के आदेश देने या कानों में आवाज सुनाई पढ़ने ऐसी बातें भी करता है जबकि यह एक प्रकार का मानसिक विचलन का ही कारण है ।,यह एक प्रकार का मासिक संतुलन का प्रतीक है और बहुत सारे लोग बहुत संवेदनशील होते हैं और वह भावावेश में आकर कानून हाथ में लेते हैं,। इनमें से कुछ लोग सार्वजनिक रुप से भी असंतुलित व्यवहार भी प्रकट करते हैं जैसे झूमना ,बड़बड़ाना मारना पीटना आदि .। ऐसे में किसी चिकित्सक को किसी को दिखाया जाए उसका उपचार हो ,उसकी सभी तरह से काउंसलिंग की जाए तो व्यक्ति ठीक हो जाता है. और समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।डॉ. दिनेश मिश्रअध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति.
-
रायपुर। मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष डाॅ. रोहित यादव के मार्गदर्शन में आज जशपुर क्षेत्र में 3 अतिमहत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुये । एक पारेषण लाइन तथा दो फीडर बे ऊर्जीकृत किये गए । छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर टांसमिशन कंपनी के एम डी श्री राजेश कुमार शुक्ला की सतत मानीटरिंग के कारण यह कार्य शीघ्रता से पूर्ण किये गए। पत्थलगांव तथा जशपुर के दो नग 132 /33केवी उपकेंद्रों के बीच सेकंड सर्किट लाइन 106.5 किलोमीटर को ऊर्जीकृत किया गया , जिसकी परियोजना लागत 13.58 करोड़ रु. है । 132/33 के.वी.उपकेंद्र जशपुर में फीडर- बे तथा 132/33 केवी उपकेंद्र पत्थलगांव में फीडर-बे भी ऊर्जीकृत किया गया । इनकी लागत 2. 13 करोड़ रु. है । इस अवसर पर गौतम केनार, जी आर जायसवाल, जेपी सिदार, नवीन मिश्रा,बसंत टोप्पो ,एच. वारे, भूपेश पैकरा आदि अधिकारीगण उपस्थित थे ।इन विकास कार्यों से 423 गांवों , 1083 टोलों को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है ।
-
*महिला एवं बच्चों पर घटित अपराध संबंधी विशाल चित्र प्रदर्शनी को मिली सराहना*
*चेतना में सक्रिय भागीदारी के लिए स्कूल और विद्यार्थी सम्मानित*
*चौथा चरण होगा नशे की खिलाफ अभियान*
बिलासपुर, /सामुदायिक पुलिसिंग पर आधारित बिलासपुर पुलिस अधीक्षक के नवाचार चेतना कार्यक्रम अंतर्गत महिला एवं बच्चों पर घटित अपराध के संबंध में आज स्कूली बच्चों द्वारा तैयार की गई विशाल चित्र प्रदर्शनी आयोजित की गई l ज्ञात हो कि बिलासपुर पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के नवाचार कार्यक्रम चेतना का प्रारंभ 1 जून 2024 को हुआ था जिसका पहला चरण सड़क सुरक्षा पर आधारित था तथा दूसरा चरण साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता के संबंध में आयोजित किया गया और वर्तमान में लगभग एक माह से चल रहे चेतना के तीसरे चरण में महिला एवं बच्चों पर घटित अपराध के संबंध में लगातार विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम विभिन्न समूह, स्कूल, कॉलेज एनसीसी, एनएसएस की इकाई, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आदि संस्थाओं के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम लगातार किया गया।
इसी क्रम में आज बिलासपुर में एक विशाल चित्र प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गयाl इस कार्यक्रम में पूरे बिलासपुर जिले के शासकीय एवं अशासकीय 140 स्कूल के बच्चों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक स्कूल के बच्चों द्वारा बनाई गई महिला एवं बच्चों पर घटित अपराध एवम् जागरूकता तथा बचाव पर आधारित चित्र ड्राइंग शीट पर बनाकर प्रत्येक स्कूल द्वारा यातायात थाना में जमा किया गया। तथा महिला बच्चों पर होने वाले अपराध के संबंध में जागरूक करने वाले पाम्पलेट विभिन्न स्कूलों के माध्यम से लगभग 40000 बच्चों से उनके घर परिवार के सदस्यों तक भेजा गया। उनसे हस्ताक्षर कराते हुए उनको इस अपराध के प्रति सजग किया गया । हस्ताक्षर युक्त पाम्पलेट को वापस जमा किया गया साथ ही बच्चों के द्वार तैयार प्रत्येक स्कूलों से 20-20 चयनित चित्र एकत्र की गई जिसे आज पुलिस परेड मैदान में व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया गया l
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह की उपस्थिति में इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थियों एवम संबंधित स्कूलों को भी उनकी सहभागिता के लिए प्रशस्ति पत्र मंच के माध्यम से पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने दिया। कार्यक्रम में यातायात के एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने कहा कि चेतना बहुत कम समय में बहुत ऊंचाइयों तक पहुंचा है तथा पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि चेतना को संपूर्ण बिलासपुर जिले का अपार स्नेह मिला है । निकट भविष्य में चेतना का अगला चरण समाज का सबसे बड़ा अभिशाप नशे के विरुद्ध होगाl कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के लगभग 2000 छात्र छात्राओं, अभिभावक तथा शिक्षक उपस्थित रहेl कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के अलावा एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर , उमेश कश्यप , अर्चना झा, डीएसपी संजय साहू, मंजू लता केरकेट्टा सहित जिले के तमाम थाना प्रभारी पुलिसकर्मी उपस्थित थेl मंच संचालन सब इंस्पेक्टर उमाशंकर पांडे ने कियाl इस संपूर्ण कार्यक्रम को मूर्त रूप देने में आर्यन फिल्म के रामानंद तिवारी एवं जीवधारणी सेवा फाउंडेशन के विकास वर्मा की अहम भूमिका रहीl
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वामी आत्मानंद की 6 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वामी आत्मानंद जी का समाज सुधारक और शिक्षाविद् के रूप में छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण योगदान हैं। उन्होंने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भावधारा को छत्तीसगढ़ की धरा पर साकार किया और मानव सेवा एवं शिक्षा की अलख जगाई। उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा में बिता दिया। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उन पर गहरा असर रहा। उन्होंने मठ और आश्रम स्थापित करने के लिए एकत्र की गई राशि को अकाल पीड़ितों की सेवा और राहत कार्य के लिए खर्च कर दी। आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के लिए नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ किया। आत्मानंद जी के द्वारा मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणादायक हैं।
- -हर घर शुद्ध और स्वच्छ पेयजल पहुंचना हुआ आसानरायपुर / मोदी सरकार ने देश के सभी गांवों में हर घर तक साफ और सुरक्षित पानी पहुंचाने की संकल्पना के साथ 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य भारत के ग्रामीण इलाकों में नल के जरिये स्वच्छ जल पहुँचाना है। मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ की विष्णु देव सरकार ग्रामीणजनों को शुद्ध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।जल जीवन मिशन योजना माहिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, क्यांेकि घर में पानी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी आमतौर पर महिलाओं की होती है। पानी की व्यवस्था के लिए महिलाओं को लंबी दूरी तय करने के साथ-साथ समय भी जाया करना पड़ता था। घर मे नल से जल उपलब्ध होने से शारीरिक थकान से मुक्ति मिलेगी और जो समय बचेगा उसका उपयोग किसी अन्य कार्य को करने में किया जाएगा।जल जीवन मिशन के तहत् नल जल योजना से रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड के ग्राम नकटी में जल उत्सव का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती कुमुद टण्डन ने बताया कि अब गांव के सभी परिवार को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। उनका कहना है कि पूर्व में कुएं और हैंड पंप से पानी भरना पड़ता था, जिसमें अतिरिक्त मेहनत के साथ ही काफी समय व्यय होता था। पानी की शुद्धता भी बहुत अच्छी नहीं रहती थी। प्रदेश सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत् घर-घर नल से जल पहुंचाने की पहल से हमारे तथा हमारे परिवार तथा गांव की अन्य परिवारों की समस्याओं का निदान हो गया है। निश्चित समय पर नल से पानी आ जाता है। इस व्यवस्था से हम निश्चित रूप से अपनी दैनिक दिनचर्या एवं व्यवसाय भी कर पायेंगे।श्रीमती पूर्णिमा टण्डन, श्रीमती कुन्ती साहू, श्रीमती चमेली साहू और श्रीमती सोनी बंजारे सहित गांव की अनेक महिलाओं ने जल जीवन मिशन के तहत् घर में नल कनेक्शन देने तथा समय पर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और राज्य के मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -डेयर डेविल्स के करतब से रोमांचित हुए दर्शक, डबल क्रासिंग ने खूब किया आकर्षित-बस्तर के युवाओं ने घुड़सवारी में दिखाया साहसिक करतबरायपुर / पुख्तासूत्रों से भारतीय सेना को खबर मिली कि दुश्मन हमारे देश में एक और आतंकवादी हमले की तैयारी कर रहे है। भारतीय सेना ने दुश्मन के मंसूबों को नाकामयाब करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का फैसला लिया। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भारतीय सेना की 6/11 गोरखा राइफल्स और 1 असम रेजिमेंट के चुनिंदा कमांडोज स्पेशल हेडक्वाटर्स और संचार केंद्र पर हमले की तैयारी कर रहे थे, तभी दुश्मन के टारगेट की पुख्ता जानकारी हासिल करने के लिए क्लोज टारगेट रेकनिसन्स ऑपरेशन शुरू किया और ड्रोन ने दुश्मन के टारगेट की खोजबीन शुरू की। रात के अंधेरे में किए जाने वाले डिमांस्ट्रेशन की कार्रवाई सुबह की। घातक पलटन के कमांडोज दुश्मन के नजदीक से नजदीक जाकर बिना सरप्राइज खोये दुश्मन के संतरी को मार गिराया। ऐसे रेड की कार्रवाई साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सैन्य समारोह में दिखाई दी। इस कार्रवाई को देखकर दर्शक काफी रोमांचित हुए।इस कार्रवाई के दौरान जवानों ने दुश्मन के संचार केंद्र को विस्फोटक लगाकर नेस्तनाबूत कर दिया। इसके बाद दुश्मनों का हेडक्वाटर्स से संपर्क टूट गया और फिर जवानों ने दुश्मनों के हेडक्वार्टर पर हमला बोल दिया। अत्यधिक फायर कर कमांडोज ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए सेंट्रीज को मार गिराया। फिर डेमोलिशन टीम ने हेडक्वाटर्स पर बम लगाकर उसे उड़ा दिया। असाल्ट से घबराकर भागते हुए दुश्मन को चौकस कमांडोज ने मार गिराया। इस तरह दुश्मनों के हेडक्वार्टर को घातक टोली ने नेस्तनाबूत कर दिया।डेयर डेविल्स के करतब से रोमांचित हुए दर्शकभारतीय सेना के डेयर डेविल्स ने अपने करतब और अदम्य साहस का परिचय देते हुए रोमांचित कर दिया। डेयर डेविल्स के डबल क्रॉसिंग, पेरलल क्रॉसिंग के करतब को देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। सैल्यूट करते हुए हर जवानों ने चलती हुई मोटरसाइकिल में विपरीत दिशा में सैल्यूट किया। इसके अलावा चलती हुई मोटरसाइकिल पर टैंक के ऊपर विपरीत दिशा में खड़े होकर मोटरसाइकिल चलाते हुए और मोटरसाइकिल की सीट को खाली छोड़कर सम्मान प्रकट किया। इसके साथ ही जंबाज सैनिकों ने मोटरसाइकिल में कमल की आकृति बनाकर प्रस्तुति दी।बस्तर के युवाओं ने घुड़सवारी में दिखाया साहसिक करतबसैन्य समारोह में बस्तर के युवाओं ने अपने जौहर का प्रदर्शन किया। घुड़सवारी के माध्यम से अपनी प्रतिभा दर्शकों को दिखाई। घोड़े में बैठकर युवाओं ने कबूतर को आजाद किया और बाइक के ऊपर से उछलकर पार किया और सामने बैठे एक व्यक्ति के सामने से तेजी के साथ घोड़े ने पार कर लिया, जिसके साहसिक परिचय को देखकर दर्शक काफी रोमांचित हुए।
- --मुख्यमंत्री द्वारा व्यर्थ बहते पानी के नल को बंद करते ही बड़ी स्क्रीन में दिखी उनकी लाइव तस्वीर-जल संरक्षण का यह मॉडल पूर्णता मेटल स्क्रैप वस्तुओं से निर्मित-जल संरक्षण की दिशा में लोगों को जागरूक करने की नवाचारी मॉडल-जल बर्बादी की समस्या को रोकने के लिए जिम्मेदार नागरिकों को प्रोत्साहित करने वाला मॉडलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी में जल-जगार महोत्सव में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रकार के नवाचारी मॉडल पीकू द वाटर गार्जियन संरचना का लोकार्पण किया। उन्होंने पीकू मॉडल के नल से व्यर्थ बह रहे पानी के नल को बंद कर लोगों को पानी बचाव का संदेश दिया। नल को बंद करते ही नल के ऊपर लगे कैमरे ने मुख्यमंत्री सहित उनके साथ में मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों की फोटो बड़े एलईडी डिस्प्ले में दिखाई। इससे यह संदेश दिया गया कि पानी के बचाव करने वाले की लाइव फोटो प्रदर्शित कर उनको जल वीर के रूप प्रोत्साहित किया जा रहा है।दरअसल पीकू मॉडल पूरी तरफ अनुपयोगी धातु तत्वों या स्क्रैप मैटेरियल से निर्मित है। यह मॉडल लोगों को जल के बचाव और जल संरक्षण करने वालो को प्रोसाहित करने की अनूठी पहल है। इसमें स्क्रैप मैटेरियल से मयूर के छोटे बच्चे की आकृति बनाई गई है। आकृति के मुख से पानी बाहर निकल रहा है, जो कि व्यर्थ पानी के बहाव को दर्शाता है। आकृति में 2 कैमरे लगे हुए है, जो पानी के व्यर्थ बहाव को रोकने के लिए नल को बंद करने वाले की लाइव फोटो बाजू में लगे बड़े एलईडी स्क्रीन में दिखाता है। फोटो दिखने से पानी के व्यर्थ बहाव को रोकने वाले को प्रोत्साहित करता है। साथ ही दूसरो को भी जल बचाव के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पीकू द वॉटर गार्जियन नामक मॉडल के नल को बंद करके व्यर्थ बहाव को बंद किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय की फोटो बगल में लगे एलईडी स्क्रीन में दिखी। मुख्यमंत्री श्री साय ने पीकू मॉडल का लोकार्पण करते हुए जल संरक्षण को प्रेरित करने वाली इस विशेष मॉडल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस पीकू मॉडल से लोगों में जल के बारे में जागरूकता फैलेगी। साथ ही लोग जल बचाव के लिए प्रेरित होंगे।
- -मुख्यमंत्री ने माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंटकर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामनारायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के प्रसिद्ध अंगार मोती दाई मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने अंगारमोती माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंट कर उनसे प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या उपस्थित भक्त गण भी मुख्यमंत्री के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगार मोती दाई के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है। भक्तगण बड़ी श्रद्धा और मनोकामना के साथ दाई के दरबार में आते है। मां अंगारमोती देवी आदिवासी समाज की प्रथम आराध्य देवी है, जो मन्नत के लिए सुविख्यात है।मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर मंदिर परिसर स्थित मनकेशरी माता, बूढ़ा देव और भंगाराम बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, महासमुंद सांसद श्रीमति रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 6 अक्टूबर को नई दिल्ली जाएंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय रात्रि 7 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से विमान द्वारा रवाना होकर 8.40 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री नई दिल्ली में रात्रि विश्राम करेंगे।
-
*बिलासपुर के 99 हजार किसानों के खातों में साढ़े 23 करोड़ जमा*
*पीएम के कार्यक्रम का किसानों ने देखा सीधा प्रसारण*
बिलासपुर/इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ० गिरीश चंदेल के निर्देशानुसार तथा डॉ० एस. एस. टुटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर में कृषि विज्ञान केन्द्र तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18 वी किश्त की 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि का सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरण महाराष्ट्र के वाशिम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से किया गया। इसमें बिलासपुर जिले की 99 हजार किसानों को 23 करोड़ 69 लाख की राशि जमा की गई है। उक्त कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सैकड़ों किसानों तथा उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर, उप संचालक उद्यान श्री एन. एस लावतरे, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ० ए.के. त्रिपाठी , वैज्ञानिक डॉ० शिल्पा कौशिक, डॉण्डामित शुक्ला, डॉ० एकता ताम्रकार, डॉ० निवेदिता पाठक, इ. पंकज मिंज, डॉ० स्वाति शर्मा, श्री राम चन्द्र शिक्षण समिति के प्रबंधक श्री प्रदीप पाण्डेय, कृषि विशेषज्ञ राजेश सिंह तथा प्रगतिशील कृषक एवं भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री श्री माधो सिंह, श्री माधवन श्रीवास, श्री राजेन्द्र मिश्रा की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर आयोजित कृषक प्रशिक्षण में डॉ० ए. के. त्रिपाठी ने किसानों से प्रधानमंत्री द्वारा उन्नत तकनीकी को अंगीकरण कर फसलोत्पादन के साथ- साथ आय में बढ़ोतरी व रोजगार सृजन करने के आह्वान को अपनाने का अनुरोध किया गया। उनका किसानों को उनके उत्पाद की ब्रांडिंग कर, ग्रेडिंग कर एमेजान जैसे डिजिटल माध्यमों से विपणन की जानकारी दी गई। प्रगतिशील कृषक श्री माधो सिंह ने कृषकों से फसल विविधीकरण करने का आग्रह किया ताकि मिट्टी के स्वास्थ्य को और खराब होने से बचाया जा सके। कार्यक्रम के अन्त में डॉ० एकता वस्त्रकार ने आभार प्रदर्शन किया। -
*- विद्यालय में स्थापित गणित लैब एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों की कलेक्टर ने की प्रशंसा*
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत आज शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला हनोदा में जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में स्थापित जिला स्तरीय मॉडल उल्लास साक्षरता केंद्र का अवलोकन किया गया। केंद्र में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान से संबंधित लगाए गए शिक्षण अधिगम सामग्रियों का अवलोकन कर उपस्थित असाक्षरों से अक्षर ज्ञान एवं संख्या ज्ञान से संबंधित सवाल भी किए तथा पढ़ाई के महत्व को बताते हुए नियमित अध्यापन कर परीक्षा में शामिल होकर साक्षर होने का प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने जिले से उपस्थित सहायक नोडल अधिकारी डॉ पुष्पा पुरुषोत्तमन को निर्देश दिए कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के अतिरिक्त असाक्षरों को वित्तीय साक्षरता ज्ञान भी दिया जाए। उपस्थित स्वयं सेवी शिक्षकों से चर्चा कर उन्हें असाक्षरों को नियमित अध्यापन कराकर माह दिसंबर 2024 में होने वाली महा परीक्षा अभियान में शामिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में गणित की शिक्षिका श्रीमती प्रज्ञा सिंह द्वारा विद्यालय के अन्य स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सहयोग से स्थापित नवाचारी गणित लैब का अवलोकन किया गया। श्रीमती प्रज्ञा सिंह द्वारा मैथ्स लैब में स्थापित प्रत्येक टीएलएम की जानकारी दी गई तथा विद्यार्थियों ने विभिन्न गणितीय संक्रियाओं को शिक्षण अधिगम सामग्री के माध्यम से गतिविधि कर प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने विद्यालय में स्थापित गणित लैब एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों की प्रशंसा की। अवलोकन के दौरान शाला विकास समिति के अध्यक्ष, सरपंच, प्रधान पाठक परमानंद देवांगन, संकुल समन्वय निखिल सम्मदार एवं स्टाफ के सदस्य उपस्थित थे। - दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। साथ ही प्रस्तावित नव निर्माण कार्यों पर संबंधित एजेंसी और अस्पताल प्रबंधन से चर्चा की। उन्होंने मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बदलावों के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान सुश्री चौधरी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी और आपातकालीन विभाग का दौरा किया। उन्होंने मरीजों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने अस्पताल में साफ-सफाई और डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी का भी अवलोकन किया और ड्यूटी चार्ट की समीक्षा की। ओपीडी के निरीक्षण के दौरान कर्मचारी के देर से आने पर उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस तरह की लापरवाहियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। आईसीयू का दौरा करते हुए कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्टाफ से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं के बारे में जाना। उन्होंने आश्वासन दिया कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनोज दानी एवं अन्य अधिकारी–कर्मचारी उपस्थित थे।
- कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) दुर्ग में किया गयादुर्ग/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 18वां किस्त की राशि 05 अक्टूबर को देश के समस्त कृषकों के खातें में स्थानांतरित किया गया। उक्त राशि का स्थानांतरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा वाशिंन महराष्ट्र में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर पीएम वेबकॉस्ट का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सदस्य श्री घनश्याम कौशिक, उप संचालक कृषि, दुर्ग श्री संदीप भोई, ग्राम पाहंदा के प्रगतिशील कृषक श्री राजेन्द्र साहू, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक श्री ईश्वरी कुमार, कृषि विभाग के अधिकारी तथा जिले के 100 कृषक बंधु व महिला उपस्थित थे। कृषकों को सशक्त बनाने की कड़ी में केन्द्र सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यांे की जानकारी केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री द्वारा विस्तार रूप से जानकारी दी गई। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कृषि हेतु क्रियान्वित योजनाओं की रूपरेखा बताई गई। प्रधानमंत्री द्वारा अपने सम्बोधन में देश के कृषकों को पशुधन विकास हेतु कहा गया। श्री घनश्याम कौशिक द्वारा प्राकृतिक खेती एवं श्री राजेन्द्र साहू द्वारा गौ-आधारित खेती पर विस्तृत रूप से व्याख्यान दिया गया। उप संचालक कृषि दुर्ग श्री संदीप भोई द्वारा जिला दुर्ग में किसान सम्मान निधि के लाभान्वित कृषकों का विस्तृत व्यौरा प्रस्तुत किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक श्री ईश्वरी कुमार द्वारा किसानों को मृदा सुधार हेतु आवश्यक जानकारी दी गई। इस दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार नायक, उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. कमल नारायण, प्रक्षेत्र प्रबंधक श्रीमती सृष्टि तिवारी उपस्थित थे।
-
*आवास स्वीकृत हितग्राहियों को दिया गया अभिनंदन पत्र*
बिलासपुर/कोटा के करगीकला में विकासखंडस्तरीय भूमि पूजन एवं गृह प्रवेश सह हितग्राही उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नवीन स्वीकृत आवास हितग्राहीयो को स्वीकृति सह अभिनंदन पत्र एवं आवास योजना पीएम जनमन के लाभार्थीयों को चाबी और पूर्णता प्रमाण पत्र दिया गया ।
जनपद पंचायत कोटा के ग्राम पंचायत करगी कला मे आयोजित कार्यक्रम में श्री प्रबल प्रताप जूदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान की उपस्थित में चाबी एवं पूर्णता प्रमाण पत्र दिया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री मनोहर सिंह राज , जनपद सीईओ,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष व जनपद सदस्यों के साथ गांव के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।


.jpg)











.jpg)












