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- महाकुंभ नगर.महाकुंभ मेले ने जहां एक ओर आध्यात्मिक अनुभूति के लिए लोगों को आकर्षित किया, वहीं इसने कई छोटे दुकानदारों को कमाई का बड़ा अवसर प्रदान किया जो 45 दिनों के इस महासमागम में आवश्यक वस्तुएं बेचकर और सेवाओं की पेशकश कर अपनी आजीविका अर्जित कर सके। पूरे मेले में घाटों, रास्तों और छोटे मार्गों पर रेहड़ी पटरी वाले दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगा रखी थीं जहां पूजा सामग्री से लेकर मूर्तियां, धागे, सिंदूर, चूड़ियां और साहित्य तक उपलब्ध थे। इनके अलावा, छोटे दुकानदारों ने सब्जियों, गोबर के कंडे, लकड़ी, बर्तन, कपड़े, कंबल, आदि की बिक्री की। ये दुकानें 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित थी। सहसों से आकर खिलौने की दुकान लगाने वाले वीरेंद्र बिंद ने कहा कि उसकी बिक्री शानदार रही क्योंकि मेले में काफी बच्चे भी आए। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं 60 रुपये में एक सॉफ्ट टाय बेचता हूं। शुरुआत में मैं इसका दाम 70 रुपये मांगता हूं और यदि ग्राहक राजी हो जाता है तो मुझे हर बिक्री पर अतिरिक्त 10 रुपये का लाभ होता है।'' बुलंदशहर से आए रामपाल केवट ने कहा कि वह नाविक परिवार से हैं और उसके पिता नाव चलाते हैं, लेकिन महाकुंभ से पहले उन्होंने फोटोग्राफी सीखनी शुरू की और एक कैमरा खरीदा। उन्होंने कहा,‘‘मैं तुरंत प्रिंट निकालने वाला प्रिंटर साथ लेकर चलता हूं। मेले के दौरान मैंने फोटोग्राफी कर प्रतिदिन औसतन 5,000-6,000 रुपये की कमाई की। मैं प्रति तस्वीर 50 रुपये लेता हूं।'' यह पूछे जाने पर कि उसने इतने पैसे का क्या किया, केवट ने बताया कि वह रोज दिन ढलने के बाद सारे पैसे अपने परिवार को भेज देता था। प्रतापगढ़ जिले से आए अभिषेक ने मेले में रंगबिरंगे धागों की दुकान लगाई थी। इससे पहले वह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के लिए ड्राइवर का काम करता था। अभिषेक ने बताया, ‘‘मैं एक धागा 10 रुपये में बेच रहा हूं चाहे वह किसी भी रंगा का क्यों ना हो। मैंने थोक के भाव में इसे बनारस से खरीदा जहां इसकी लागत 3 रुपये प्रति धागा थी।'' प्रयागराज में रहने वाले मनशू ने अपने परिवार के साथ सेक्टर 19 के पास ‘फास्ट फूड' की दुकान लगाई थी जहां उन्होंने 10 रुपये प्रति कप चाय और 50 रुपये प्रति प्लेट मैगी नूडल्स बेचा। दुकान पर लगे एक छोटे पोस्टर में लिखा था ‘बाइक टैक्सी' के लिए संपर्क करें, इसके बारे में पूछने पर मनशू ने बताया, “मैंने कुंभ मेला क्षेत्र में बाइक टैक्सी भी चलाई जिससे मुझे अतिरिक्त आय हुई।” महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी को समाप्त हुआ जिसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
- प्रयागराज . प्रयागराज महाकुंभ के समापन के अगले दिन रेल कर्मियों का अभिनंदन करने यहां पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि महाकुंभ के दौरान 13,000 ट्रेनें चलाने की योजना थी, लेकिन 16,000 से अधिक ट्रेनें चलाई गईं। वैष्णव ने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) और उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्टेशनों का दौरा किया और जमीनी स्तर पर परिचालन का आकलन किया। रेल मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रयागराज दौरा में रेल मंत्री ने इस वृहद आयोजन (महाकुंभ) में श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने वाले प्रत्येक रेलकर्मी से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा, “भीड़ प्रबंधन में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और पुलिसकर्मियों की मदद करने वाले रेल कर्मी से लेकर निर्बाध ढंग से रेल परिचालन सुनिश्चित करने वाले इंजीनियर और सफाईकर्मी से लेकर डॉक्टर तक ने इस आयोजन में बड़ी भूमिका निभाई है।” रेल मंत्री ने टीटीई, लोको पायलट (चालक), सहायक स्टेशन मास्टर, कंट्रोल अधिकारियों, ट्रैकमेन और रेलवे प्रशासकों का आभार प्रकट किया जिनके समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने में मदद मिली। यहां संवाददाताओं से बातचीत में रेल मंत्री ने कहा, “16,000 से अधिक ट्रेनों के जरिए 4.5 से 5 करोड़ यात्रियों को महाकुंभ लाया गया और उन्हें उनके गंतव्यों तक पहुंचाया गया। मैंने सभी रेलकर्मियों को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने एक होकर काम किया।” उन्होंने कहा, “इस महाकुंभ की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि राज्य और केंद्र के सभी विभागों और रेलवे के कर्मचारियों ने एक होकर काम किया। इसी तरह हम सभी एक हो जाएं तो कोई हमें हरा नहीं सकता।” रेल मंत्री ने कहा, “पिछले कुंभ (2019) में हमने करीब 4,000 ट्रेनें चलाई थीं और इस बार उससे तीन गुना से अधिक ट्रेनें चलाने की योजना थी, जबकि चार गुना ट्रेनें चलाई गईं। इसके लिए ढाई साल पहले से काम किया जा रहा था।” उन्होंने कहा, “इन ट्रेनों में 7,667 स्पेशल ट्रेनें और 9,485 नियमित ट्रेनें शामिल रहीं जिससे श्रद्धालु सकुशल अपने गंतव्यों तक पहुंच सके। महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए जिसमें से 4.24 करोड़ श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के नौ प्रमुख रेलवे स्टेशनों से यात्रा की।” वैष्णव ने कहा, “इस महाकुंभ के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया और 21 से अधिक फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए जिसमें गंगा नदी पर नये पुल का निर्माण शामिल है। साथ ही हर स्टेशन पर होल्डिंग एरिया बनाए गए और यात्रियों के लिए उचित व्यवस्था की गई।” उन्होंने कहा, “इस दौरान नए तरीके के फुटओवर ब्रिज बनाए गए। रेलवे ने यात्रियों को ध्यान में रखकर हर तरह की व्यवस्थाएं की। (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी ने हमें सिखाया है कि हमें श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं कहनी चाहिए, बल्कि श्रद्धालु और भक्त कहना चाहिए और उनकी श्रद्धा और भक्ति में सहयोग देने की बात करनी चाहिए।” रेल मंत्री ने महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।
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महाकुंभ नगर . प्रयागराज में 45 दिनों तक विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक एवं आध्यात्मिक समागम-महाकुंभ बुधवार को अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के साथ संपन्न हो गया। तेरह जनवरी से प्रारंभ हुए इस मेले में देश विदेश से 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को शाम आठ बजे तक 1.53 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई तथा 13 जनवरी से बुधवार शाम आठ बजे तक स्नान करने वालों की संख्या 66.30 करोड़ पहुंच गई। श्रद्धालुओं की यह संख्या चीन और भारत को छोड़कर अमेरिका, रूस और यूरोपीय देशों समेत सभी देशों की आबादी से अधिक है। साथ ही यह मक्का और वेटिकन सिटी जाने वाले श्रद्धालुओं से भी अधिक है। महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छताकर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।” इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।'' महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर' स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। इनके अलावा, सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा' के नाम से प्रसिद्ध अभय सिंह ने भी इस मेले में सुर्खियां बटोरी। महाकुंभ के आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार शुरू से ही गंभीर रही और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 45 दिनों में 10 बार महाकुंभ नगर आकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके अलावा, उन्होंने लखनऊ और गोरखपुर में नियंत्रण कक्ष से मेले पर पैनी नजर रखी। मुख्यमंत्री महाकुंभ के औपचारिक समापन की घोषणा करने बृहस्पतिवार को यहां आने वाले हैं।
- नयी दिल्ली. भारतीय रेलवे ने 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में समर्थ ट्रेन को विकसित करने के प्रयास शुरू किए हैं और वह एक बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम कर रही है जो (बुलेट ट्रेन) मुंबई और अहमदाबाद के बीच 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड में उच्च रफ्तार (हाई स्पीड) ट्रेने वे हैं जिनकी गति 130 किमी प्रति घंटे से अधिक हो सकती है। लोको पायलट (रेल चालक) की आवधिक चिकित्सा जांच के प्रश्न पर रेलवे बोर्ड और दक्षिण मध्य जोन के बीच एक पत्राचार में, बोर्ड ने 19 फरवरी, 2025 को कहा, ‘‘... केवल 130 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की अधिकतम स्वीकार्य गति वाली ट्रेन को ही ‘उच्च रफ्तार' ट्रेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।'' सरकारी दस्तावेजों से पता चलता है कि तीन जुलाई 1989 तक 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेन को चालकों की ‘मेडिकल फिटनेस' के लिए ‘उच्च रफ्तार' माना जाता था। उसके बाद, इसमें संशोधन किया गया और 110 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति वाली ट्रेन को ‘ उच्च रफ्तार' की श्रेणी में रखा गया। रेलवे बोर्ड ने 24 नवंबर 2020 को सहायक ‘लोको पायलट (चालक)' के स्थान पर सह-पायलट को तैनात करने के सवाल पर परिपत्र में और संशोधन किया तथा कहा, ‘‘130 किमी प्रति घंटे तक की अधिकतम अनुमेय गति वाली ट्रेन को ‘उच्च रफ्तार' नहीं माना जाएगा। केवल 130 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की अधिकतम अनुमेय गति वाली ट्रेन को ही ‘उच्च रफ्तार' ट्रेन माना जाएगा।
- पटना. पटना में बुधवार को गंगा नदी में स्नान करने के दौरान एक नाबालिग समेत चार लोगों की डूबने से मौत हो गई जबकि एक अन्य लापता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), (पटना नगर 2) श्री प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि मृतकों की पहचान रजनीश कुमार (23), अभिषेक कुमार (22), विशाल (22) और गोविंद (16) के रूप में हुई है। लापता लड़के की पहचान मोहम्मद रेहान (13) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि यह घटना दोपहर में उस समय हुई जब दो नाबालिग लड़कों सहित पांच लोग गांधी मैदान थाना अंतर्गत कलेक्टरेट घाट पर गंगा नदी में स्नान कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वे अचानक गहरे पानी में फिसल गए। घटना की सूचना पाकर पुलिस एसडीआरएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने नाबालिग लड़के सहित चार लोगों के शव बरामद किए। एक नाबालिग लड़का लापता है। एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली. अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने तीसरी बार महाकुंभ मेले का दौरा किया और कहा कि उनका अनुभव हृदयस्पर्शी रहा। जिंटा ने बुधवार को ‘एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मेले में शामिल होने का जिक्र किया। उन्होंने संगम में डुबकी लगाने की भी जानकारी दी। साथ ही, अभिनेत्री ने महाकुंभ मेले का अपना अनुभव भी साझा किया।उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘यह कुंभ मेले में मेरा तीसरा दौरा था और यह जादुई, दिल को छूने वाला और थोड़ा दुखद था। जादुई इसलिए कि मैं चाहे जितनी भी कोशिश कर लूं, मैं यह नहीं बता सकती कि मुझे कैसा महसूस हुआ। दिल को छूने वाला इसलिए कि मैं अपनी मां के साथ गई थी और यह उनके लिए बहुत मायने रखता है। दुःखद, क्योंकि जीवन और आसक्ति के द्वंद्व का एहसास करने के लिए मैं जीवन और मृत्यु के चक्र से छुटकारा पाना चाहती हूं। क्या मैं अपने परिवार, अपने बच्चों और अपने प्रियजनों को छोड़ने के लिए तैयार हूं? नहीं! मैं तैयार नहीं हूं।" महाकुंभ मेला 13 जनवरी को शुरू हुआ और बुधवार को संपन्न हो गया।
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तिरुचिरापल्ली .तमिलनाडु के करूर जिले में कुलिथलाई के पास बुधवार को तड़के एक कार और राज्य परिवहन निगम की बस की टक्कर में दो महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों के बीच टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार पांचों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बस के आगे के हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है। दमकल और बचाव दल के कर्मियों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार के हिस्सों को काटकर शवों को बाहर निकालना पड़ा। पुलिस के अनुसार, यह हादसा करूर-तिरुचिरापल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलिथलाई के पास हुआ। करूर जा रही कार और अरंथांगी से तिरुप्पुर की ओर जा रही सरकारी बस की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक कोयंबटूर के कुनियामुथुर इलाके के रहने वाले थे।
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ताड़ीपुड़ी .आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में बुधवार की सुबह नहाने गए 12 लोगों के एक समूह में से पांच लोग गोदावरी नदी में डूब गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हादसा सुबह करीब साढ़े आठ बजे ताड़ीपुड़ी गांव के तल्लापुडी मंडल में हुआ। अधिकारी ने बताया, "गोदावरी नदी में नहाने गए 12 लोगों में से पांच डूब गए जबकि सात किसी तरह बचने में सफल रहे।" समूह के लोग स्नान के बाद महाशिवरात्रि पर्व पर पास के एक मंदिर जाने वाले थे। मृतकों और जीवित बचे लोगों में अधिकतर की उम्र 20 वर्ष से कम बताई जा रही है। पुलिस, दमकल सेवा और स्थानीय लोग डूबे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं।
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गोरखपुर .मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार की सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके जल्द से जल्द निस्तारण के आदेश दिये। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आमजन को सताने, धमकाने और उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वाले बदमाशों को कानूनी सबक सिखाने के भी आदेश दिये और ताकीद की कि इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। जनता की हर पीड़ा का निवारण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।" राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की और सभी को आश्वस्त किया कि सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। आदित्यनाथ ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी।
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मथुरा/ महाशिवरात्रि पर्व पर कान्हा की नगरी मथुरा-वृन्दावन पूरी तरह से शिवमय हो गई। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के शिवभक्त कांवड़िए जल चढ़ाने के लिए सुबह से ही शिवालयों पर पहुंचने लगे थे। राजस्थान के भरतपुर और आसपास के जिलों के भी कांवड़िए बड़ी तादाद में मथुरा होकर ही गंगाजल लेकर गए। पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिले से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि जिले के अलावा निकटवर्ती राजस्थान के भरतपुर एवं डीग के भी कांवड़िए बुलंदशहर के नरौरा एवं कासगंज के सोरौं स्थित गंगा घाटों से गंगाजल लेकर यहां से गुजरे, जिनके लिए विशेष इंतजाम किए थे। जिन मार्गों पर यातायात संबंधी दिक्कतें पेश आ रही थीं, उन पर यातायात को दूसरी तरफ मोड़ा गया। मथुरा के चार प्रसिद्ध शिवालयों भूतेश्वर महादेव, रंगेश्वर महादेव, गल्तेश्वर महादेव एवं गोकर्णेश्वर महादेव; वृन्दावन के गोपेश्वर महादेव एवं महावन के चिंताहरण महादेव के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
- महाकुंभनगर ।.प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में लाखों लोगों की भीड़ के बीच श्रद्धालु अपने परिवार के अन्य सदस्यों से आसानी से बिछड़ सकने की आशंका के बीच, संगम तक जाते समय और वापस आते समय अपने परिचितों के साथ-साथ चलने के लिए अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं। जहां कुछ लोग लंबी रस्सी लाए हैं और उन्होंने उससे एक ‘सुरक्षा घेरा' बनाया है जिसमें वे चल सकें, वहीं कई अन्य लोग एक-दूसरे के कपड़ों से गांठ बांधकर चल रहे हैं ताकि वे बिछड़ न जाएं। बुधवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर शुभ स्नान के साथ 45 दिवसीय महाकुंभ का समापन होगा। हर 12 साल बाद आयोजित होने वाले महाकुंभ का अंतिम स्नान पर्व बुधवार को ‘हर हर महादेव' के घोष के साथ प्रारंभ हो गया। बुधवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का गंगा और संगम में डुबकी लगाने का सिलसिला जारी है। इस बीच, सरकार ने श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इस तरह से 13 जनवरी से आरंभ हुए महाकुंभ में अब तक 65.37 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा और संगम में डुबकी लगा चुके हैं और शाम तक यह आंकड़ा 66 करोड़ को पार करने की संभावना है। सोमवार रात से लेकर कई लोग अपने प्रियजन और मित्रों से नदी किनारों या मेला क्षेत्र के अन्य हिस्सों में बिछड़ चुके हैं। इनमें से कई लोगों को मानवीय सहायता और डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपने परिजन से मिलाया जा चुका है। सेक्टर तीन, अक्षय वट रोड स्थित ‘खोया-पाया' केंद्र पर सोमवार देर रात तीन बजे भी चहल-पहल थी।मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से आए 34 तीर्थयात्रियों ने अपने समूह के चारों तरफ रस्सी का घेरा बनाया जिसे विभिन्न ओर से समूह के कुछ सदस्यों ने थाम रखा था। समूह में शामिल सोमदत्त शर्मा (34) ने कहा, ‘‘हमने यह सुरक्षा घेरा इसलिए बनाया है ताकि हम एक-दूसरे से बिछड़ न जाएं। हम पहली बार किसी कुंभ में आए हैं और हम एक-दूसरे से अलग होने के खतरों से वाकिफ हैं इसलिए हमने यह व्यवस्था की है।'' कई अन्य लोग एक दूसरे के कपड़ों में गांठ बांधकर चल रहे हैं।पीली कोठी क्षेत्र के स्थानीय निवासी अजय कुमार कुंभ मेला शुरू होने के बाद से रोजाना अपने घर से तीर्थयात्रियों की भीड़ को गुजरते देखते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गांवों के लोग गांठ बांधकर चलते हैं। पुरुष तीर्थयात्री अपनी धोती के साथ अपने साथ आई महिला की साड़ी के पल्लू को बांधते हैं या दो महिलाएं एक-दूसरे के शॉल का उपयोग करके गांठ बांध लेती हैं।'' उन्होंने कहा कि दरअसल कई लोग, विशेषकर बुजुर्ग, अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखते और उन्हें संपर्क नंबर भी मुश्किल से याद रहता है इसलिए एक बार बिछड़ जाने पर उनका फिर से मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर वे गांठ बांधकर चलते हैं। एक अन्य श्रद्धालु अक्षत लाल ने कहा, ‘‘कुछ लोग तो एक पैर में घुंघरू बांधकर चल रहे हैं, ताकि भीड़ में खो जाने पर उनकी आवाज से एक-दूसरे को खोज सकें।''
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नई दिल्ली। सीबीएसई 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। बोर्ड ने इस संबंध में एक मसौदा नीति को तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। बोर्ड ने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों सहित तमाम हितधारकों से इस पर प्रतिक्रिया मांगी है।सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर देने की सिफारिश की है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें 10वीं कक्षा में 2025-26 से दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए एक मसौदा नीति विकसित करने और सभी हितधारकों जैसे स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम जनता से प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए सीबीएसई वेबसाइट पर होस्ट की जाए। भारद्वाज ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद मसौदा नीति विकसित की गई है और उसे सीबीएसई की बेवसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। हितधारक 9 मार्च तक मसौदा नीति पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। प्रतिक्रियाओं की जांच की जाएगी और नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। -
भोपाल। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि भारत की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप 2025 तक उत्पादन के लिए तैयार हो जाएगी। उन्होंने इस बड़ी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को बधाई दी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र एक भोपाल में और दूसरा जबलपुर में विकसित किए जा रहे हैं।तकनीकी क्षेत्र में युवाओं को अवसर देने के लिए केंद्र सरकार ने फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम के तहत मध्यप्रदेश में 20,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि पिछले 10 वर्षों में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में जबरदस्त उछाल आया है और इसकी कीमत ₹10 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। भारत अब ₹5 लाख करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात कर रहा है, जिसमें मोबाइल फोन (₹4 लाख करोड़), लैपटॉप, सर्वर और टेलीकॉम उपकरण (₹75,000 करोड़) शामिल हैं।भारत अब सेमीकंडक्टर निर्माण में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में, देश में पांच सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां बन रही हैं और 2025 तक भारत की पहली स्वदेशी चिप बाजार में आ जाएगी। इस क्षेत्र में प्रतिभा को और विकसित करने के लिए सरकार 85,000 इंजीनियरों को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में प्रशिक्षित कर रही है।वहीं भोपाल में एक नया आईटी कैंपस खोला गया है जो 1 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। इसमें सर्वर, डेस्कटॉप, मदरबोर्ड, लैपटॉप, टैबलेट, मॉनिटर, ड्रोन और रोबोट जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाए जाएंगे। अगले छह वर्षों में इस कैंपस में ₹150 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 1,200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने एचएलबीएस (HLBS) नामक टेक्नोलॉजी कंपनी की भी सराहना की। यह कंपनी भोपाल में एक अत्याधुनिक निर्माण और अनुसंधान केंद्र स्थापित कर रही है। एचएलबीएस का लक्ष्य घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाना है जिससे आम लोगों को सस्ते दामों में अच्छी तकनीक मिल सके।ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन, भारतीय रेलवे और मध्य प्रदेश सरकार ने अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) परियोजनाओं पर समझौते किए जिससे राज्य में विकास को और गति मिलेगी। -
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि के अवसर पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने घोषणा की कि केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को सुबह 7 बजे भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। साथ ही घोषणा हुई कि बाबा केदार की पंचमुखी डोली 28 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी।
बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्णय ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में धार्मिक परंपराओं और पंचांग गणना के आधार पर लिया गया। इस अवसर पर केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल, पंचगई समिति के पदाधिकारी और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।इस बीच, प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का अंतिम शाही स्नान महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को जारी है। महाकुंभ के दौरान विभिन्न पावन स्नानों में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पर्व माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की बारात में देवता, ऋषि-मुनि, पशु-पक्षी और दानव सभी शामिल हुए थे। यह पर्व अंधकार और अज्ञान पर विजय का प्रतीक भी माना जाता है। - प्रयागराज। प्रयागराज में महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ 2025 का अंतिम स्नान पर्व जारी है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और नदी में नावों से गश्त कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास किया। प्रयागराज के अतिरिक्त एसपी श्वेताभ पांडे ने बताया कि आज महाकुंभ में अंतिम अमृत स्नान हो रहा है और पुलिस लगातार गंगा नदी में नावों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर कोई नाव बिना लाइफ जैकेट के चल रही है तो उसे रोका जा रहा है और अवैध रूप से संचालित नावों को पकड़ा जा रहा है।”उन्होंने आगे बताया कि आज मोटरबोट और इंजन वाली नावों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सिर्फ सामान्य नावें ही चलाई जा रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नौ गश्ती टीमें तैनात की गई हैं जो रात से ही लगातार निगरानी कर रही हैं। गश्त तब तक जारी रहेगी जब तक कुंभ में आए श्रद्धालुओं की भीड़ पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाती।उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने इस बार भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। उन्होंने बताया, “हमने कुंभ के दौरान सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया जिससे भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सका।”DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि इस बार महा कुंभ में 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने कहा, “आज सुबह से ही अंतिम अमृत स्नान शुरू हो गया था। पूरे राज्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिरों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।”उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या, वाराणसी और विंध्यवासिनी देवी जैसे धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रयागराज से लौटने के बाद कई भक्त इन तीर्थ स्थलों पर दर्शन के लिए गए। महा कुंभ 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की सराहना की जा रही है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बेहतरीन तालमेल के चलते यह भव्य आयोजन शांति और सफलता के साथ पूरा हुआ।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र उनके अमूल्य योगदान को कभी नहीं भूल सकता जो त्याग, साहस और संघर्ष से भरा हुआ था।
वीर सावरकर, जिनका पूरा नाम विनायक दामोदर सावरकर था का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के भागुर में हुआ था। वे केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि लेखक, वकील और राजनेता भी थे। वे भारत की स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे और हिंदू महासभा के प्रमुख नेताओं में से एक थे। सावरकर ने अपनी छात्रावस्था के दौरान ही स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेना शुरू कर दिया था। बाद में, जब वे ब्रिटेन में कानून की पढ़ाई कर रहे थे तब इंडिया हाउस और फ्री इंडिया सोसाइटी जैसे क्रांतिकारी संगठनों से जुड़ गए। उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं जिनमें भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की वकालत की गई थी। उनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक हिंदुत्व : हू इज अ हिंदू? मानी जाती है।1911 में, ब्रिटिश सरकार के मॉर्ले-मिंटो सुधार (Indian Councils Act 1909) का विरोध करने के कारण उन्हें अंडमान और निकोबार द्वीप स्थित कुख्यात सेलुलर जेल (काला पानी) में 50 साल की सजा सुनाई गई। उनकी राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया लेकिन उनकी विचारधारा और लेखन भारत के राष्ट्रवादी आंदोलन को प्रभावित करते रहे। - नयी दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2026 से 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने से जुड़े मसौदा नियमों को मंगलवार को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने बताया कि मसौदा नियमों को सार्वजनिक मंच पर डाला जाएगा और हितधारक नौ मार्च तक अपनी राय दे सकते हैं, जिसके बाद नीति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मसौदा नियमों के मुताबिक, 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का पहला चरण 17 फरवरी से छह मार्च 2026 तक, जबकि दूसरा चरण पांच मई से 20 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “दोनों परीक्षाओं में पूरा पाठ्यक्रम शामिल होगा। छात्रों को दोनों चरणों के लिए एक ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। परीक्षा शुल्क में वृद्धि की जाएगी और आवेदन दाखिल करते समय छात्रों से दोनों परीक्षाओं का शुल्क लिया जाएगा।” अधिकारी के अनुसार, “बोर्ड परीक्षा का पहला और दूसरा चरण पूरक परीक्षा के रूप में भी काम करेगा और किसी भी परिस्थिति में कोई विशेष परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
- महाकुंभ नगर . प्रयागराज महाकुंभ में देश के कोने कोने से श्रद्धालुओं का आगमन मंगलवार को भी जारी रहा और 1.24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान के साथ डुबकी लगाने वालों की संख्या 64 करोड़ को पार कर गई। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को शाम आठ बजे तक 1.24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई और 13 जनवरी से प्रारंभ हुए महाकुंभ में अभी तक 64.60 करोड़ लोगों ने स्नान कर लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रदेशवासियों और महाकुंभ में स्नान के लिए आए संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व लोक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होने की प्रेरणा देता है। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, 26 फरवरी को शिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व तक गंगा और संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 65 करोड़ से भी ऊपर पहुंच सकती है। महाकुंभ में 73 देशों के राजनयिक और भूटान नरेश नामग्याल वांगचुक समेत तमाम देशों के अतिथि यहां डुबकी लगाने पहुंचे। नेपाल से भी 50 लाख से अधिक लोग अब तक त्रिवेणी में स्नान कर चुके हैं। अब तक डुबकी लगाने वालों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक करीब 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। वहीं माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ एक सेल्फी पोस्ट की तथा कहा कि लंबे समय से रुकी हुई भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता की फिर से बहाली स्वागत योग्य है। उन्होंने सोमवार को एक कार्यक्रम में हुई इस मुलाकात को लेकर ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ बातचीत करना अच्छा लगा।'' थरूर ने कहा, ‘‘लंबे समय से रुकी हुई एफटीए वार्ता फिर से शुरू हो गई है, जो स्वागत योग्य है।''
लोकसभा सदस्य ने यह पोस्ट उस वक्त किया है जब एक अखबार में उनके एक हालिया लेख पर विवाद पैदा हो गया है। इस लेख में उन्होंने केरल में निवेश माहौल को बढ़ावा देने के लिए वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार की प्रशंसा की है। इसको लेकर वह केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ नेताओं के निशाने पर हैं। भाजपा ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में गांधी परिवार के ‘‘उम्मीदवार'' रहे मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद थरूर का ‘‘हाशिए पर जाना'' अपरिहार्य था। - प्रयागराज। प्रयागराज की पावन धरती पर चल रहे महाकुंभ 2025 का समापन अब बेहद करीब है। भक्ति, आस्था और श्रद्धा के इस महासंगम को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए मेला पुलिस प्रबंधन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व में भीड़ प्रबंधन को लेकर आज मंगलवार से मेला क्षेत्र और प्रयागराज में नो-व्हीकल जोन लागू कर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान और दर्शन का अवसर निर्बाध रूप से मिल सके।मेला पुलिस के अनुसार 25 फरवरी 2025 को मेला क्षेत्र को अपराह्न 4:00 बजे से नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है, जबकि प्रयागराज कमिश्नरेट को सायंकाल 6:00 बजे से नो-व्हीकल जोन बनाया जाएगा। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस व्यवस्था का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग करें। भीड़ प्रबंधन को सुचारू रखने के लिए सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया गया है कि वे अपने प्रवेश के सबसे निकटस्थ घाट पर ही स्नान करें, ताकि सभी को सुगमता और सुरक्षा मिल सके।दक्षिणी झूसी : यहां से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार ऐरावत घाट पर स्नान कर सकेंगे।उत्तरी झूसी : यहां से आने वाले श्रद्धालु संगम हरिश्चंद्र घाट और संगम ओल्ड जीटी घाट पर स्नान करेंगे।परेड से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार भारद्वाज घाट, संगम द्वार नागवासुकि घाट, संगम द्वार मोरी घाट, संगम द्वार कालीघाट, संगम द्वार रामघाट, संगम द्वार हनुमान घाट पर स्नान करेंगे।अरैल से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार अरैल घाट पर स्नान करेंगे।दूध, सब्जी, दवाइयां, पेट्रोल/डीजल, एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सामग्रियों की गाड़ियों और सरकारी कर्मचारियों (डॉक्टर, पुलिस, प्रशासन) के वाहनों पर कोई रोक-टोक नहीं होगी। ये सभी अपने कार्य निर्बाध रूप से कर सकेंगे।गौरतलब हो, 26 फरवरी 2025 को महाकुंभ पर्व का समापन महाशिवरात्रि के साथ होगा। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे शीघ्रता से निकटस्थ घाट पर स्नान और शिवालय में दर्शन कर अपने गंतव्य को प्रस्थान करें।दिशा निर्देशों में ये भी बताया गया है कि सभी पांटून पुलों का संचालन भीड़ के दबाव के अनुसार किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि सभी घाटों को संगम के समान मान्यता प्राप्त है, इसलिए श्रद्धालु निकटस्थ घाट पर स्नान कर यातायात और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करें।
- नई दिल्ली। 1984 सिख विरोधी दंगा मामला : कोर्ट ने सज्जन कुमार को उम्रकैद की सुनाई सजा साल 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई है। यह मामला 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में दो सिख नागरिक जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह को जिंदा जलाने का है। इस दौरान सिखों का नरसंहार हुआ था और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। अदालत ने गत 12 फरवरी को सज्जन कुमार को दोषी करार दिया था।इस मामले को लेकर शुरुआत में पंजाबी बाग थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में जस्टिस जी.पी. माथुर कमेटी की सिफारिश पर गठित विशेष जांच दल ने आरोप पत्र दाखिल किया। समिति ने 114 मामलों को फिर से खोलने की सिफारिश की थी, जिनमें यह मामला भी शामिल था।अदालत ने 16 दिसंबर 2021 को सज्जन कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147, 148 और 149 के तहत दंडनीय अपराधों के साथ-साथ धारा 302, 308, 323, 395, 397, 427, 436 और 440 के साथ धारा 149 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोप तय किए।एसआईटी ने आरोप लगाया कि सज्जन कुमार ने भीड़ को हमला करने के लिए उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने सरदार जसवंत सिंह और सरदार तरुणदीप सिंह को जिंदा जला दिया और उनके घर के सामान लूट लिए। इस दौरान उनका घर भी जला दिया गया था। इस हमले में घर के कई लोग घायल भी हुए थे।पीड़ित परिवार की मदद करने वाले समाजसेवी सोनू जंडियाला ने आईएएनएस से बातचीत में आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि टायरों में आग लगाकर जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह के गले में टांग दिया गया था। उन्होंने कहा था, “आज बहुत से लोग इस दुनिया में नहीं रहे। उनकी आत्मा को शांति मिले, इसलिए जरूरी है कि इन लोगों को फांसी की सजा सुनाई जाए। इन पापियों के पाप का घड़ा भर चुका है। पहले तो आस ही मर चुकी थी, लेकिन अब आस जगी है।”राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1 नवंबर 2023 को सज्जन कुमार का बयान दर्ज किया था। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था। इन दंगों में सिख समुदाय के हजारों लोगों को निशाना बनाया गया था।
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नई दिल्ली। प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 62 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र जल में डुबकी लगाई है। श्रद्धालुओं की हजारों की संख्या में चार पहिया वाहन भी महाकुंभ क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके महाकुंभ नगर की आबोहवा प्रदूषित नहीं हुई है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की तरफ से जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स से यह बात सामने आई है।
देश की 60 फीसदी से अधिक आबादी संगम पहुंचीमहाकुंभ में देश की 60 फीसदी से अधिक आबादी संगम के पावन जल में पुण्य की डुबकी लगाकर चली गई। लाखों चार पहिया वाहन भी यहां रहे। बावजूद इसके महाकुंभ क्षेत्र की आबोहवा सेहत के लिए खराब नहीं हुई है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ों से इसे बल मिला है।वायु की गुणवत्ता के मामले में महाकुंभ क्षेत्र ग्रीन जोनकेंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के पर्यावरण कंसल्टेंट इंजीनियर शहीक शिराज ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि महाकुंभ के दौरान वायु की गुणवत्ता के मामले में महाकुंभ क्षेत्र ग्रीन जोन में बना हुआ है। उनके मुताबिक, 13 जनवरी पौष पूर्णिमा को महाकुंभ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 67 था। इसी तरह 14 जनवरी मकर संक्रांति को 67, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 106, 03 फरवरी बसंत पंचमी को 65 और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा को 52 रहा है।गौरतलब है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के अंदर अच्छा माना जाता है और 100 से 150 के बीच मॉडरेट। इस तरह महाकुंभ में केवल मौनी अमावस्या की हवा की गुणवत्ता थोड़ी सी मॉडरेट थी। इसके अलावा सभी दिनों हवा की गुणवत्ता अच्छी रही है। महाकुंभ के दौरान 42 दिन पूरा क्षेत्र ग्रीन जोन में रहा है।महाकुंभ की स्थिति चंडीगढ़ से भी बेहतरप्रयागराज महाकुंभ आने के लिए अभी भी आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है। डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों का भी रेला है, बावजूद इसके लगातार 42 दिन से शहर वायु की गुणवत्ता को लेकर ग्रीन जोन में बना हुआ है।केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के अधिकृत ऐप समीर में दर्ज देश के विभिन्न शहरों की जनवरी और फरवरी के महीने की वायु गुणवत्ता की रिपोर्ट के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान महाकुंभ की स्थिति चंडीगढ़ से भी बेहतर रही है। पौष पूर्णिमा 13 जनवरी को चंडीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 253 , 14 जनवरी मकर संक्रांति को 264, 29 जनवरी को 234, 3 फरवरी बसंत पंचमी को 208 और 12 फरवरी माघ पूर्णिमा को 89 था।वायु प्रदूषण में इस नियंत्रण के लिए पहलमहाकुंभ के समय वायु प्रदूषण में इस नियंत्रण की वजह नगर निगम प्रयागराज की नियमित मॉनिटरिंग और इस बार की गई कई पहल मानी जा रही है। नगर निगम प्रयागराज के अवर अभियंता राम सक्सेना बताते हैं कि वायु प्रदूषण की समस्या से बचने के लिए नगर निगम ने 9,600 कर्मियों को काम में लगाया। इसके अलावा, 800 से अधिक स्वच्छता कर्मी भी पूरे समय सक्रिय रहे। वॉटर स्प्रिंकलर से लगातार पानी का छिड़काव उन इलाकों में किया गया, जहां वायु प्रदूषण की संभावना थी।उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा रात में शहर की सड़कों की धुलाई की जाती रही। जल निगम से 10 हजार लीटर के 8 बड़े और तीन हजार लीटर के 4 छोटे पानी के टैंकर लिए गए। शहर के व्यस्ततम चौराहों में शामिल एमएनआईटी चौराहा तेलियरगंज, झूंसी आवास विकास और नगर निगम कार्यालय में तीन जगहों पर एंटी पलूशन सेंसर लगाए गए, जहां प्रतिदिन स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव होता रहा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के छह साल पूरे होने पर देशभर के किसानों को बधाई दी। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी किया। उन्होंने कहा कि पीएम किसान के 6 वर्ष पूरे होने पर देशभर के हमारे किसान भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई। मेरे लिए अत्यंत संतोष और गर्व का विषय है कि अब तक करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये उनके खाते में पहुंच चुके हैं। हमारा यह प्रयास अन्नदाताओं को सम्मान, समृद्धि और नई ताकत दे रहा है।
- भोपाल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है।पिछले कुछ समय में जो कमेंट्स आए हैं, वे भारत में हर निवेशक का उत्साह बढ़ाने वाले हैंभोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के उद्घाटन मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में चाहे जन सामान्य हो या नीति के जानकार, या देश अथवा संस्थान, सभी को भारत से बहुत उम्मीदें हैं। पिछले कुछ समय में जो कमेंट्स आए हैं, वे भारत में हर निवेशक का उत्साह बढ़ाने वाले हैं। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि भारत आने वाले सालों में ऐसे ही दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी वाला देश बना रहेगा। क्लाइमेट चेंज की एक संस्था ने भारत को सोलर पावर का सुपर पावर कहा है।भारत एक बेहतरीन सप्लाई चेन के तौर पर उभर रहा हैपीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्लोबल एयरोस्पेस के लिए कैसे भारत एक बेहतरीन सप्लाई चेन के तौर पर उभर रहा है। ग्लोबल सप्लाई चेन चैलेंजिंग का जवाब वे भारत में देख रहे हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं जो भारत पर दुनिया के कॉन्फिडेंस को दर्शाते हैं। यह कॉन्फिडेंस भारत के हर राज्य का भी कॉन्फिडेंस बढ़ा रहा है और आज यह मध्य प्रदेश की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में भी महसूस किया जा रहा है।भारत के हर राज्य का बढ़ रहा है कॉन्फिडेंसउन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से भारत का पांचवा बड़ा राज्य है। मध्य प्रदेश कृषि के मामले में भारत के प्रमुख राज्यों में है। खनिज के हिसाब से भी मध्य प्रदेश देश के पांच प्रमुख राज्यों में से है। मध्य प्रदेश को जीवनदायिनी मां नर्मदा का आशीर्वाद भी प्राप्त है। मध्य प्रदेश संभावनाओं से भरा हुआ है। बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश में ट्रांसफॉर्मेशन का नया दौर देखा गया है। एक समय था जब यहां बिजली, पानी की बहुत सी दिक्कत थी, कानून-व्यवस्था की स्थिति तो और भी खराब थी। ऐसे हालात में यहां इंडस्ट्रीज का विकास बहुत मुश्किल था। बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश के लोगों के सहयोग से यहां की भाजपा सरकार ने गवर्नेंस पर फोकस किया।मध्य प्रदेश आज मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए सेक्टर के रूप में एक शानदार डेस्टिनेशनपीएम मोदी ने आगे कहा, “दो दशक पहले तक लोग मध्य प्रदेश में निवेश करने से डरते थे, आज मध्य प्रदेश इन्वेस्टमेंट के लिए देश के राज्यों में टॉप के राज्यों में स्थान बना लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि जिस मध्य प्रदेश में कभी सड़कों के कारण बसे तक नहीं चल पाती थीं, वह इलेक्ट्रिक व्हीकल के मामले में भारत के लीड राज्यों में से एक है। जनवरी 2025 तक दो लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल एमपी में रजिस्टर हुए हैं। मध्य प्रदेश आज मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए सेक्टर के रूप में एक शानदार डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।”प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाना तय किया है। बीते दशक में भारत ने अधोसंरचना का दौर देखा है। कहा जा सकता है इसका बहुत फायदा मध्य प्रदेश को मिला। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जो देश के दो बड़े शहरों को जोड़ रहा है, उसका बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश से ही होकर गुजरता है। एक तरफ मध्य प्रदेश को मुंबई के पोर्ट के लिए कनेक्टिविटी मिल रही है, दूसरी तरफ नॉर्थ इंडिया के मार्केट को भी जोड़ रहा है। आज मध्य प्रदेश में पांच लाख किलोमीटर से अधिक तक का रोड नेटवर्क है।
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता सोमवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए। उनके नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने रखा। इस प्रस्ताव का प्रवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने समर्थन किया। इसके बाद सर्वसम्मति से विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए चुन लिया गया।
विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से भाजपा के विधायक हैंविधानसभा का अध्यक्ष बनाए जाने पर विजेंद्र गुप्ता को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बधाई दी।विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से भाजपा विधायक हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह नगर निगम में पार्षद और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हुआ। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने मंत्रिमंडल के साथ विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रविंद्र सिंह इंद्राज, पंकज कुमार सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी शपथ लीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रविंद्र सिंह इंद्राज, पंकज कुमार सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी शपथ ली। विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी सहित आम आदमी पार्टी (आप) के 22 विधायकों ने भी पहले सत्र के दौरान शपथ ली।भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली थीइससे पहले भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली थी।दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र तीन दिनों तक चलेगा। सत्र की शुरुआत भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ लेकर की। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने राज निवास पर लवली को शपथ दिलाई।(











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