ब्रेकिंग न्यूज़

 दिग्गज एक्टर अनंत नाग को मिलेगा दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

 नई दिल्ली। हिंदी और कन्नड़ सिनेमा में “मिंचिना ओटा”, “हंसागीते”, “अंकुर” और “मंथन” जैसी फिल्मों में शानदार काम के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को 2024 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सरकार ने बुधवार को ये जानकारी दी।

पांच दशकों में 250 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके 78 वर्षीय अनंत नाग थिएटर की दुनिया में भी एक जाना-माना नाम हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान, दादा साहब फाल्के पुरस्कार से 22 सितंबर को गुजरात के केवड़िया में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
अनंत नाग के बारे में
अनंत नाग (जन्म 4 सितंबर 1948, कर्नाटक) एक वरिष्ठ भारतीय अभिनेता हैं, जो अपनी बहुमुखी प्रतिभा और पांच दशकों से अधिक समय से भारतीय सिनेमा में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कन्नड़ फीचर फिल्म संकल्प से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और अंकुर से हिंदी सिनेमा में पदार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सिनेमा की 300 से अधिक फिल्मों में विविध भूमिकाएं निभाईं, जिनमें मालगुडी डेज़ जैसे उल्लेखनीय कार्य भी शामिल हैं।
अनंत को पांच फिल्मफेयर पुरस्कार और पांच कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार, कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार और कर्नाटक राज्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें बेंगलुरु विश्वविद्यालय (उत्तर) से मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त है। वर्ष 2023 में उन्होंने सिनेमा में अपने 50 वर्ष के करिअर की स्वर्ण जयंती मनाई।
सिनेमा से इतर, अनंत ने वर्ष 1988 से 1994 तक कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य और वर्ष 1994 से 1999 तक विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु शहर विकास राज्य मंत्री के रूप में भी पद संभाला। वर्ष 2025 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। आज श्री अनंत नाग भारत के सबसे सम्मानित सांस्कृतिक व्यक्तित्वों में से एक हैं और अपनी बहुमुखी प्रतिभा, विनम्रता तथा भारतीय सिनेमा में अपने स्थायी योगदान के लिए प्रशंसित हैं।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के बारे में
वर्ष 1969 में देविका रानी को प्रदान किए जाने के साथ शुरू किया गया दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार द्वारा भारतीय सिनेमा में दादासाहेब फाल्के के योगदान के सम्मान में स्थापित किया गया था। दादासाहेब फाल्के ने वर्ष 1913 में भारत की पहली पूर्ण लंबाई की फीचर फिल्म, राजा हरिश्चंद्र का निर्देशन किया था। सिनेमा के क्षेत्र में इस सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को ‘भारतीय सिनेमा के विकास और संवर्धन में उत्कृष्ट योगदान’ के लिए सम्मानित किया जाता है। इस पुरस्कार में स्वर्ण कमल पदक, एक शॉल और 10 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि शामिल है।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english