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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब तक 73.90 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य खाते बनाए जा चुके हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
कुल 73,90,93,095 ‘आभा’ आईडी जारी3 फरवरी 2025 तक, सरकार ने कुल 73,90,93,095 ‘आभा’ आईडी जारी कर दी हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में लिखित जवाब में दी। आभा नंबर से आपका स्वास्थ्य रिकॉर्ड आसानी से एक डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर तक पहुंच सकता है। इससे आपकी देखभाल लगातार होती रहेगी और स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होंगी।डिजिटल स्वास्थ्य खाता से देशभर में रहने वाले लोग जुड़ सकते हैंइसके अलावा, यह एक तरह का डिजिटल स्वास्थ्य खाता है जिससे देशभर में रहने वाले लोग जुड़ सकते हैं। जब भी जरूरत हो, आभा कार्ड के जरिए ऑनलाइन अपनी सभी मेडिकल जरूरतों और इलाज की जानकारी पाई जा सकती है। सरकार इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। इसमें मीडिया प्रचार, सूचना एवं शिक्षा गतिविधियां (आईईसी), और जागरूकता अभियान शामिल हैं।कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं को 2021-2026 तक बढ़ाने का निर्णयकेंद्रीय राज्य मंत्री जाधव ने बताया कि सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं को 2021-2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इनका लक्ष्य है: मातृ मृत्यु दर को घटाकर 87 प्रति लाख करना। शिशु मृत्यु दर को 22 प्रति हजार तक लाना। कुल प्रजनन दर को 2.0 पर बनाए रखना। देशभर में 1.5 लाख ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ स्थापित करना। एक वर्ष तक के सभी बच्चों का 90% से अधिक पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना। इसके अलावा, मलेरिया, डेंगू, लिम्फेटिक फाइलेरिया, काला अजार जैसी बीमारियों के खिलाफ भी कार्यक्रम जारी रहेंगे।बता दें कि एबीडीएम की शुरुआत 2021 में हुई थी, जिसका उद्देश्य देश में एक डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली तैयार करना है। इसके लिए हर नागरिक का आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) नंबर बनाया जाता है। यह 14 अंकों की एक विशेष पहचान संख्या होती है, जिसे पहले हेल्थ आईडी कहा जाता था। -
फरीदाबाद । भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में से एक सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला आज शुक्रवार से शुरू हो गया है। यह मेला 7 से 23 फरवरी तक चलेगा और इसमें भारत के साथ-साथ 42 देशों के शिल्पकार भाग ले रहे हैं। हर साल लाखों लोग इस मेले में आते हैं जहां उन्हें पारंपरिक हस्तशिल्प, वस्त्र, लोक कला और व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इस आयोजन का संचालन सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन द्वारा किया जा रहा है जिसमें पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति और विदेश मंत्रालय का भी सहयोग है।
इस साल मेला ‘शिल्प महाकुंभ’ थीम पर आधारित है, जो महाकुंभ मेले से प्रेरित है। इसमें 1,000 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं जहां अलग-अलग राज्यों और देशों की अनूठी हस्तकला, वस्त्र, और पारंपरिक कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। इस बार मेले में 648 अंतरराष्ट्रीय शिल्पकारों की भागीदारी से यह और भी खास बनने जा रहा है। आयोजन स्थल को विभिन्न क्षेत्रों में बांटा गया है जहां भारत के अलग-अलग राज्यों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। सूरजकुंड मेला सुबह 10:30 बजे से रात 8:30 बजे तक खुला रहेगा। टिकट खरीदने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने खास व्यवस्था की है। लोग Momentum 2.0 ऐप के जरिए या सभी मेट्रो स्टेशनों से टिकट खरीद सकते हैं। यह सुविधा 7 फरवरी से 23 फरवरी तक सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक उपलब्ध होगी। टिकट की कीमत सोमवार से शुक्रवार के लिए ₹120 और शनिवार व रविवार के लिए ₹180 रखी गई है।हर साल आयोजित होने वाला यह मेला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनियाभर में पहुंचाने का एक शानदार मंच है। हस्तशिल्प और लोककलाओं के कद्रदानों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है जहां वे न केवल खरीदारी कर सकते हैं, बल्कि कलाकारों से सीधे मिलकर उनके हुनर और परंपराओं को भी समझ सकते हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) करते दिखाई देंगे। इस बार की चर्चा और भी खास होने वाली है, क्योंकि ये चर्चा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सुंदर नर्सरी में होगी। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम से पहले इससे जुड़ी कुछ झलकियां सामने आई हैं, जिसमें प्रधानमंत्री छात्रों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) का एपिसोड 10 फरवरी सुबह 11 बजे पीएम मोदी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर टेलीकास्ट होगा। इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ एक नए प्रारूप और शैली में नजर आने वाला है। इसमें प्रधानमंत्री के साथ और भी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
वह दिल्ली के सुंदर नर्सरी में बच्चों के साथ एक नए अवतार में नजर आएपीएम मोदी की ‘परीक्षा पे चर्चा’ की झलकियाँ, वह दिल्ली के सुंदर नर्सरी में बच्चों के साथ एक नए अवतार में नजर आए। एक मिनट 49 सेकंड के वीडियो की शुरुआत एक छात्रा की आवाज से होती है, वह बताती है कि इस बार एक खुली सी जगह- सुंदर नर्सरी में यह प्रोग्राम होना है। इसके बाद पीएम मोदी वीडियो में दिखाई देते हैं और वह छात्रों से पूछते हैं कि मकर संक्रांति में क्या खाते हैं? इस पर छात्र जवाब देते हैं कि वे तिल-गुड़ खाते हैं। वीडियो में दिखाई देता है कि पीएम मोदी के हाथ में तिल-गुड़ से भरी थाली होती है और वह छात्रों से हंसते हुए कहते हैं कि एक ही लेना ऐसा कोई नियम नहीं है। अगर ज्यादा पसंद है तो और भी खा सकते हैं।छात्रों के साथ संवाद करते हुए पीएम मोदी अपने स्कूली दिनों के बारे में बताते हैंइसके बाद पीएम मोदी वहां मौजूद छात्रों से उनके निवास स्थान के बारे में भी पूछते हैं। प्रधानमंत्री, छात्रों के साथ संवाद करते हुए अपने स्कूली दिनों के बारे में बताते हैं। वह कहते हैं कि मुझे याद है कि मेरे टीचर, मेरी हैंडराइटिंग को ठीक करने के लिए काफी मेहनत करते थे। मुझे लगता है कि उनकी हैंडराइटिंग अच्छी हो गई होगी, लेकिन मेरी नहीं हुई। पीएम मोदी बातचीत के दौरान छात्रों की हौसला अफजाई भी करते दिखाई देते हैं। वह क्रिकेट का जिक्र करते हुए कहते हैं कि बैट्समैन प्रेशर की परवाह नहीं करता है बल्कि उनका पूरा ध्यान बॉल पर होता है।परीक्षा पे चर्चा परीक्षा से जुड़े तनाव को सीखने के उत्सव में बदलने की पहल हैप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी), परीक्षा से जुड़े तनाव को सीखने के उत्सव में बदलने की पहल है। इसके 8वें संस्करण में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। वर्ष 2018 में परीक्षा पे चर्चा एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है, जिसने वर्ष 2025 में अपने 8वें संस्करण के लिए 3.56 करोड़ पंजीकरण प्राप्त किए हैं। -
नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को कहा, स्वच्छ, हरित भविष्य के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में, भारत ने 100 गीगावाट स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता को पार करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। इससे अक्षय ऊर्जा में ग्लोबल लीडर के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है।
2030 तक 500 गीगावाट ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में अहम कदम31 जनवरी तक, भारत की कुल स्थापित सौर क्षमता 100.33 गीगावाट है, जिसमें 84.10 गीगावाट कार्यान्वयन के अधीन है और अतिरिक्त 47.49 गीगावाट निविदा के अधीन है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।पिछले 10 वर्षों में भारत की ऊर्जा यात्रा ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रहीकेंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में भारत की ऊर्जा यात्रा ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रही है। सौर पैनल, सौर पार्क और रूफटॉप सौर परियोजनाओं जैसी पहलों ने क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं।” केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा, “परिणामस्वरूप, आज भारत ने 100 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि दुनिया को एक नई राह भी दिखा रहा है।”पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना स्थायी ऊर्जा में एक गेम-चेंजरपीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना छत पर सौर ऊर्जा को एक घरेलू वास्तविकता बना रही है और यह स्थायी ऊर्जा में एक गेम-चेंजर है, जो हर घर को स्वच्छ ऊर्जा से सशक्त बनाती है। 2024 में शुरू की गई यह योजना 9 लाख छत पर सौर ऊर्जा प्रतिष्ठानों के करीब है, जिससे देश भर के घरों को स्वच्छ ऊर्जा समाधान अपनाने में मदद मिलेगी।सौर ऊर्जा क्षेत्र में पिछले दशक में क्षमता में 3,450 प्रतिशत की असाधारण वृद्धिदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र में पिछले दशक में क्षमता में 3,450 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि देखी गई है, जो 2014 में 2.82 गीगावाट से बढ़कर 2025 में 100 गीगावाट हो गई है। देश की हाइब्रिड और चौबीसों घंटे चलने वाली (आरटीसी) अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिनमें से 64.67 गीगावाट कार्यान्वयन के अधीन हैं और निविदाएं दी जा चुकी हैं, जिससे सौर और हाइब्रिड परियोजनाओं की कुल क्षमता 296.59 गीगावाट हो गई है।भारत की अक्षय ऊर्जा वृद्धि में सौर ऊर्जा का प्रमुख योगदानभारत की अक्षय ऊर्जा वृद्धि में सौर ऊर्जा का प्रमुख योगदान बना हुआ है, जो कुल स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता का 47 प्रतिशत है। मंत्री के अनुसार, 2024 में रिकॉर्ड तोड़ 24.5 गीगावाट सौर क्षमता जोड़ी गई, जो 2023 की तुलना में सौर प्रतिष्ठानों में दो गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है।पिछले साल भी 18.5 गीगावाट उपयोगिता-स्तरीय सौर क्षमता की स्थापना देखी गई, जो 2023 की तुलना में लगभग 2.8 गुना वृद्धि है। राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से हैं, जो भारत के कुल उपयोगिता-स्तरीय सौर प्रतिष्ठानों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।भारत में रूफटॉप सोलर सेक्टर में पिछले साल देखी गई उल्लेखनीय वृद्धिभारत में रूफटॉप सोलर सेक्टर में पिछले साल उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसमें 4.59 गीगावाट की नई क्षमता स्थापित की गई, जो 2023 की तुलना में 53 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। भारत ने सौर विनिर्माण में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। 2014 में, देश में केवल 2 गीगावाट की सीमित सौर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता थी। पिछले एक दशक में, यह 2024 में 60 गीगावाट तक बढ़ गया है, जिसने भारत को सौर विनिर्माण में ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित किया है। -
नई दिल्ली। क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के “गर्मजोशी और आतिथ्य” के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि हर पल बेहद निजी लगा। तेंदुलकर ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात की थी। राष्ट्रपति और तेंदुलकर ने अमृत उद्यान का भी दौरा किया।
सचिन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक अतिथि विंग में अपने परिवार के साथ रहना एक सम्मान की बात है, जिसे हम हमेशा याद रखेंगे।” “माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा दी गई गर्मजोशी और आतिथ्य ने इस यात्रा को खास बना दिया।सचिन ने एक्स पर आगे लिखा कि डिनर पर दिल से की गई बातचीत से लेकर इतिहास से जुड़े गलियारों में घूमने तक, हर पल बेहद निजी लगा।तेंदुलकर ने राष्ट्रपति भवन की पहल ‘राष्ट्रपति भवन विमर्श सम्मेलन’ के तहत एक संवादात्मक सत्र में हिस्सा लिया और एक क्रिकेटर के रूप में अपनी यात्रा के किस्सों के माध्यम से प्रेरणा के सिद्धांतों को साझा किया। उन्होंने कहा कि विमर्श सम्मेलन का हिस्सा बनकर आभारी हूं, यह एक खूबसूरत पहल है जो सार्थक बातचीत को बढ़ावा देती है और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा, “कुछ अनुभव हमेशा आपके साथ रहते हैं और यह उनमें से एक था।इस सत्र में महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों और विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया, उन्होंने टीम वर्क, दूसरों का ख्याल रखने, दूसरों की सफलता का जश्न मनाने, कड़ी मेहनत, मानसिक और शारीरिक मजबूती विकसित करने और जीवन निर्माण के कई अन्य पहलुओं के महत्व पर प्रकाश डाला।वहीं, एक्स पोस्ट के अंत में लिखा गया, “हर किसी को राष्ट्रपति भवन की भव्यता और विरासत को देखने के लिए वहां जाना चाहिए।”हाल ही में सचिन को बीसीसीआई के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें क्रिकेट के दिग्गज के असाधारण 24 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को मान्यता दी गई, जहां व्यक्तिगत उपलब्धियों और राष्ट्रीय जीत, चुनौतियों और जीत के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने बल्ले बल्कि पूरे देश की उम्मीदों को आगे बढ़ाया। इसने न केवल एक क्रिकेटर को बल्कि एक ऐसी घटना को मान्यता दी, जिसने भारतीय क्रिकेट को एक वैश्विक महाशक्ति में बदल दिया। -
प्रयागराज। बसंत पंचमी के पुण्य स्नान के बाद प्रयागराज महाकुंभ 2025 में एक बार फिर संस्कृति का भव्य संगम शुरू होने जा रहा है। गंगा पंडाल में आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। केन्द्रीय संस्कृति विभाग ने इस आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली है, जिसमें 7 से 10 फरवरी तक संगीत, नृत्य और कला की भव्य प्रस्तुतियां होंगी।
महाकुंभ की सांझ को बनाएंगे संगीतमय और भव्यगंगा पंडाल में होने वाले मुख्य सांस्कृतिक आयोजन में 7 फरवरी को ओडिशी नृत्यांगना डोना गांगुली, 8 फरवरी को प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति और डॉ. एल सुब्रह्मण्यम, 9 फरवरी को सुरेश वाडेकर और सोनल मान सिंह तथा 10 फरवरी को सुप्रसिद्ध गायक हरिहरन अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा, विभिन्न भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत विधाओं के प्रतिष्ठित कलाकार भी महाकुंभ की सांझ को संगीतमय और भव्य बनाएंगे।गंगा पंडाल पर मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा7 फरवरी• डोना गांगुली (कोलकाता) – ओडिशी नृत्य• योगेश गंधर्व एवं आभा गंधर्व – सूफी गायन• सुमा सुधींद्र (कर्नाटक) – कर्नाटिक गायन• डॉ. देवकी नंदन शर्मा (मथुरा) – रासलीला8 फरवरी• कविता कृष्णमूर्ति और डॉ. एल सुब्रह्मण्यम – सुगम संगीत• प्रीति पटेल (कोलकाता) – मणिपुरी नृत्य• नरेंद्र नाथ (पश्चिम बंगाल) – सरोद वादन• डॉ. देवकी नंदन शर्मा (मथुरा) – रासलीला9 फरवरी• सुरेश वाडेकर – सुगम संगीत• पद्मश्री मधुप मुद्गल (नई दिल्ली) – हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत• सोनल मान सिंह (नई दिल्ली) – ओडिशी नृत्य• डॉ. देवकी नंदन शर्मा (मथुरा) – रासलीला10 फरवरी• हरिहरन – सुगम संगीत• शुभदा वराडकर (मुंबई) – ओडिशी नृत्य• सुधा (तमिलनाडु) – कर्नाटिक संगीतश्रद्धा और आस्था का महापर्वबता दें कि महाकुंभ 2025 न केवल श्रद्धा और आस्था का महापर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संगीत, नृत्य और साहित्य के वैश्विक मंच के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। गंगा पंडाल में होने वाले ये आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत करेंगे, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों रूपों में इस अद्भुत महापर्व का आनंद उठा सकेंगे। -
नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों पर लगने वाले टोल पर यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर यूजर्स को लाभ पहुंचाने के लिए एक यूनिफॉर्म टोल नीति पर काम कर रही है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात होगा सुगमगडकरी ने कहा कि “हमारी रिसर्च पूरी हो चुकी है और स्कीम की जल्द घोषणा की जाएगी।” केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू करने पर काम कर रही है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का प्रवाह सुगम होगा।टोल को लेकर गुस्सा कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगागडकरी ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर टोल कलेक्शन को लेकर उन पर मीम्स बन रहे हैं। इंटरव्यू में गडकरी ने कहा, “सोशल मीडिया पर कई लोग ट्रोल कर रहे हैं। कुछ लोग टोल को लेकर गुस्सा भी हैं। मैं बस यह कहना चाहता हूं कि टोल को लेकर ये गुस्सा कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगा।”भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1,46,195 किमी है। देश का टोल कलेक्शन 2023-24 में 64,809 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है।यमुना को साफ कर सीप्लेन के लिए लैंडिंग स्ट्रिप के रूप में किया जाएगा इस्तेमालकेंद्रीय मंत्री गडकरी का बयान ऐसे समय पर आया है, जब करीब एक हफ्ते पहले आए आम बजट 2025-26 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 12.75 लाख रुपये तक कर दिया गया है। इससे सरकार की आय एक लाख करोड़ रुपये कम होगी। वहीं, दूसरी तरफ आम आदमी के हाथ में अधिक पैसा बचेगा और लोग पहले के मुकाबले अधिक खर्च कर पाएंगे। गडकरी ने आगे कहा कि यमुना को साफ किया जाएगा और नदी के दिल्ली हिस्से को सीप्लेन के लिए लैंडिंग स्ट्रिप के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गुजरात में साबरमती पर यह पहले ही सफलतापूर्वक किया जा चुका है। -
नयी दिल्ली/ महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर मानते हैं कि साझेदारी हमेशा विश्वास से बढ़ती है और उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां राष्ट्रपति भवन में बताया कि वह जानते थे कि किसी खिलाड़ी से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने के लिए उसे किस तरह से नियंत्रित किया जाए। उन्होंने बताया कि वह जानते थे कि वीरेंद्र सहवाग को आक्रामक तेवर दिखाने और रक्षात्मक होकर खेलने के लिए कैसे नियंत्रित किया जा सके और युवराज सिंह को कैसे प्रेरित किया जाए। टेस्ट और वनडे में क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी तेंदुलकर बृहस्पतिवार को यहां ‘राष्ट्रपति भवन विमर्श श्रृंखला' सम्मेलन में मौजूद थे जहां प्रतिष्ठित हस्तियां लोगों के साथ अपने जीवन की यात्रा को साझा करती हैं। तेंदुलकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अतिथि थे जहां इस खिलाड़ी ने उन्हें अपने हस्ताक्षर वाली भारतीय टेस्ट जर्सी भेंट की। इस स्टार के साथ उनकी पत्नी अंजलि और बेटी सारा भी थीं। उन्होंने इस बारे में बात की कि कैसे खेल सभी के साथ समान व्यवहार करता है।
तेंदुलकर ने कहा, ‘‘आप अच्छी फॉर्म में हो सकते हैं लेकिन हो सकता है कि कोई और नहीं है तथा ऐसा हो सकता है कि कोई और अच्छी फॉर्म में है लेकिन आप नहीं हैं। एक टीम के रूप में आपको अच्छे और बुरे समय में एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। आपको अपने साथी पर भरोसा करने की जरूरत है। '' उन्होंने दर्शकों को अपने खेलने के दिनों के किस्से सुनाए।तेंदुलकर ने कहा कि हर टीम में अलग-अलग तरह के खिलाड़ी होते हैं और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने के लिए उन्हें समझना जरूरी है। उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘‘सहवाग की बात करें तो मैं उससे जो चाहता था, वह उसके विपरीत काम करता था। इसलिए मैं वीरू से कुछ ओवर तक रक्षात्मक खेल चाहता था तो मैं उससे कहता था कि ‘वीरू जाओ और गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाओ और बड़े छक्के लगाओ। तब वीरू कहता था ‘नहीं पाजी, मुझे लगता है कि मुझे चार ओवर तक रक्षात्मक खेल दिखाना चाहिए और फिर छक्के मारने की कोशिश करनी चाहिए। '' तेंदुलकर ने कहा, ‘‘वीरू से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने के लिए मुझे इसके विपरीत कहना पड़ता था। मैं मुस्कुराता था क्योंकि मुझे जो चाहिए वो मिल गया होता। '' इसी तरह उन्होंने याद किया कि 2011 विश्व कप की शुरुआत से पहले युवराज थोड़े कम ऊर्जावान लग रहे थे और लेकिन तब उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि इस टूर्नामेंट के बाद उन्हें कैंसर हो जाएगा। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैंने युवी को रात्रिभोज पर बुलाया और उससे पूछा कि वह कम ऊर्जावान क्यों दिख रहा है। उसने कहा, पाजी मैं गेंद को सही से टाइम नहीं कर पा रहा हूं। मैंने उससे कहा कि बल्लेबाजी को भूलकर क्षेत्ररक्षण पर ध्यान दो। क्षेत्ररक्षण के लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित करो। '' तेंदुलकर कई बार पुरस्कार लेने के लिए राष्ट्रपति भवन आ चुके हैं लेकिन यह पहली बार था जब वह राष्ट्रपति के अतिथि के रूप में आए थे। उन्होंने कहा, ‘‘माननीय राष्ट्रपति और मैंने भुवनेश्वर में विश्व कप हॉकी के बारे में बात की जिसे मैंने अपने मित्र दिलीप तिर्की के साथ बैठकर देखा था। हमने ओडिशा के खाने के बारे में बात की। जब मैं राष्ट्रपति भवन के गलियारों से गुजर रहा था तो मैंने दीवारों पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र देखे। यह देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए। '' महानतम बल्लेबाजों में शुमार तेंदुलकर ने टेस्ट मैचों में 15,921 रन और वनडे में 18,426 रन बनाए।तेंदुलकर को 2014 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनके नाम सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय शतक (टेस्ट में 51 और वनडे में 49) लगाने का रिकॉर्ड भी है। -
नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बृहस्पतिवार को भर्ती एवं पदोन्नति संबंधी मसौदा नियमों पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इससे पहले हितधारकों को पांच फरवरी तक अपनी प्रतिक्रिया भेजनी थी।
यूजीसी के सचिव मनीष जोशी ने कहा, ‘‘यूजीसी विनियमन, 2025 के मसौदे पर प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए हितधारकों से प्राप्त अनुरोधों के मद्देनजर, यूजीसी ने अब समय सीमा 28 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है।'' यूजीसी ने पिछले महीने मसौदा (विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता तथा उच्च शिक्षा में उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के उपाय) विनियमन, 2025 जारी किया था। आयोग ने कहा कि ये 2018 के दिशानिर्देशों की जगह लेगा। मसौदा नियमों के अनुसार, उद्योग विशेषज्ञों के साथ-साथ लोक प्रशासन, सार्वजनिक नीति और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ पेशेवर जल्द ही कुलपति के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हो सकते हैं। मसौदा मानदंडों ने कुलपतियों की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन समिति गठित करने का अधिकार भी कुलपतियों को दिया है। यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा, ‘‘यूजीसी मसौदा विनियम, 2025 का उद्देश्य अधिक समावेशी और पारदर्शी चयन प्रक्रिया शुरू करके विश्वविद्यालयों में उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित मसौदा विनियम उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता और जवाबदेही को बनाए रखने का प्रयास करते हैं।'' -
महाकुंभ नगर। जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बृहस्पतिवार को कहा कि जैसे सभी जनजाति बंधु अपनी परंपरा और संस्कृति लेकर सहज भाव से महाकुंभ में आए हैं वैसी ही निर्मलता और सादगीपूर्ण वन जीवन का अनुभव करने के लिए सभी संतों को बार-बार वनांचल में जाना होगा। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा यहां आयोजित युवा कुंभ को संबोधित करते हुए स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि जनजाति समाज के साथ समरसता के बिना सनातन संस्कृति का यह महाकुंभ पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हम सभी संतों को बार-बार वनांचल में जाकर वनवासियों के साथ घुलना-मिलना होगा और साथ-साथ भोजन करना होगा क्योंकि हम एक ही सनातन परंपरा के अभिन्न घटक है।” इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय के राज्यमंत्री दुर्गादास ऊईके ने कहा, “पर्दे के पीछे से कार्यरत असामाजिक शक्तियां जनजाति समाज को बहला-फुसलाकर सभी मायने में बदलने का प्रयास कर रही हैं। इसके खिलाफ युवाओं को पहल करनी चाहिए।” अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने यहां आए युवाओं से संवाद करते हुए कहा, “हम अपने समाज के बारे में जो जानते हैं, मानते हैं, उसे विभिन्न माध्यमों से प्रस्तुत करना आवश्यक है।” कार्यक्रम में लक्ष्मणराज सिंह मरकाम, जितेंद्र ध्रुव, मीना मुर्मू, डाक्टर राम शंकर उरांव, अरविंद भील आदि ने अपने विचार रखे। इस दौरान, वनवासी कल्याण आश्रम के वरिष्ठ कार्यकर्ता और हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित चैतराम पवार जी का स्वामी अवधेशानंद जी ने विशेष सम्मान भी किया।
- नयी दिल्ली,। केंद्र सरकार ने भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को ‘पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट प्रणाली' के लिए क्षेत्र निषेध आयुध टाइप-1 और उच्च विस्फोटक क्षमता रॉकेट की खरीद के लिए रक्षा कंपनियों के साथ 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में यह भी कहा कि ‘शक्ति' सॉफ्टवेयर के उन्नयन के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ भी एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि उसने पिनाका रॉकेट प्रणाली के उन्नयन के संबंध में इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड (ईईएल) और म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के साथ 10,147 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन अनुबंधों पर नयी दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
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कपूरथला । आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को यहां कांग्रेस विधायक और पंजाब के पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह के आवास पर छापेमारी की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में उनके अन्य परिसरों पर भी छापे मारे गए। सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार सुबह छापेमारी शुरू की। उनके आवास के बाहर आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए थे। छापेमारी के दौरान किसी को भी परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी।सिंह कपूरथला सीट से विधायक हैं और पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय विधायक हैं।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बृहस्पतिवार को एक आईआरएस अधिकारी और आयकर विभाग के अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद देश भर में 18 स्थानों पर तलाशी ली जो कथित तौर पर नियमों की अनदेखी कर लंबित मामलों पर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (सीए) के एक समूह के साथ संवेदनशील डेटा साझा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में नयी दिल्ली स्थित झंडेवालान कार्यालय में तैनात आयकर उपायुक्त विजयेंद्र आर, कथित सीए दिनेश कुमार अग्रवाल, आयकर निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा और बिनायक शर्मा के अलावा पांच अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें जिन अन्य सीए पर मामला दर्ज किया गया है उनमें शिवरतन मंगेलाल सिंगरोदिया, भावेश परषोत्तमभाई राखोलिया, प्रथिक लेनिन, मलिक गिरीश आनंद और सुशील कुमार शामिल हैं ।
- नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष पीट हेगसेथ विशेष रूप से खुफिया सूचना साझा करने, साजो सामान और औद्योगिक सहयोग के क्षेत्रों में भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी प्रगाढ़ करने के लिए 10 वर्षीय एक व्यापक ‘फ्रेमवर्क' पर काम करने को सहमत हुए। सिंह ने कहा कि हेगसेथ ने फोन पर हुई बातचीत में, द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। यह बातचीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हफ्ते भर से कम समय में प्रस्तावित वाशिंगटन यात्रा से पहले हुई है। हेगसेथ के रक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद सिंह की उनके साथ फोन पर यह पहली बातचीत थी।बातचीत के बारे में भारत द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दोनों देश रक्षा सहयोग पर एक व्यापक रूपरेखा का मसौदा तैयार करने के लिए साथ मिलकर काम करने को सहमत हुए हैं, जिसका उद्देश्य 2025-2035 की अवधि के लिए द्विपक्षीय सहयोग को आकार देना है। बयान में कहा गया है कि सिंह और हेगसेथ ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग की व्यापक गतिविधियों की समीक्षा की, जिसमें ‘‘भूमि, वायु, समुद्री और अंतरिक्ष के विभिन्न क्षेत्र'' शामिल हैं। सिंह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने और हेगसेथ ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग की समीक्षा की तथा द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की। सिंह ने फोन पर हुई बातचीत को ‘‘शानदार'' बताया।उन्होंने कहा, ‘‘हमने जारी रक्षा सहयोग की समीक्षा की और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को विस्तारित और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम एक महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करने पर भी सहमत हुए, जिसमें अभियानगत, खुफिया, साजो सामान और रक्षा-औद्योगिक सहयोग शामिल हैं।'' सिंह ने कहा, ‘‘(अमेरिकी) मंत्री हेगसेथ के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।''बयान में, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सिंह और हेगसेथ ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी के जारी और ‘‘उल्लेखनीय विस्तार'' की सराहना की और संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। इसमें कहा गया है, ‘‘विशेष रूप से, दोनों मंत्रियों ने प्रौद्योगिकी सहयोग, रक्षा औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण, तालमेल बढ़ने, साजो सामान और सूचना साझा करने तथा संयुक्त सैन्य अभ्यास पर एक साथ काम करने का फैसला किया।'' बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने दोनों देशों की सरकारों, स्टार्ट-अप, व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ते रक्षा नवाचार सहयोग को और अधिक समर्थन प्रदान करने पर भी सहमति व्यक्त की।'' सिंह और हेगसेथ के बीच फोन पर बातचीत ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने एक सैन्य परिवहन विमान में 100 से अधिक भारतीयों को स्वदेश भेजा है। वाशिंगटन डीसी में मोदी और ट्रंप के बीच होने वाली वार्ता में रक्षा द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के तरीकों पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। यात्रा की योजना के अनुसार, मोदी पेरिस की अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद वाशिंगटन डीसी जाएंगे। प्रधानमंत्री के 12 फरवरी की शाम अमेरिका की राजधानी पहुंचने की उम्मीद है तथा अगले दिन उनके और ट्रंप के बीच वार्ता होने की उम्मीद है। बीस जनवरी को दूसरे कार्यकाल के लिए ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की यह पहली यात्रा होगी।
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नई दिल्ली। , भारत में सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के संरक्षण और रखरखाव के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि देशभर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत 3,698 केंद्रीय संरक्षित स्मारक और स्थल हैं। इन स्थलों का रखरखाव एक नियमित प्रक्रिया है और इसे संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि भारत सरकार सांस्कृतिक धरोहर स्थलों को वाणिज्यीकरण और शहरीकरण के बढ़ते दबाव से बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाती है। इन प्रयासों को प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 और इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार लागू किया जाता है। इन नियमों के तहत सरकार उन स्थलों का संरक्षण करती है, जो हमारे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने सांस्कृतिक धरोहर स्थलों पर अतिक्रमण को नियंत्रित करने और हटाने के लिए विशेष अधिकार दिए हैं। पुरातात्विक सर्वेक्षण के अधीन प्रत्येक क्षेत्र के अधीक्षक पुरातत्वज्ञ को सार्वजनिक परिसरों (अनधिकृत कब्जाधारियों की निष्कासन) अधिनियम, 1971 के तहत अतिक्रमण कर्ताओं को निष्कासन नोटिस और आदेश जारी करने की शक्ति प्राप्त है। इसके अलावा, उन्हें प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करने का अधिकार भी प्राप्त है। यदि आवश्यक हो तो केंद्र सरकार जिला कलेक्टर/मजिस्ट्रेट को अतिक्रमण हटाने के आदेश भी जारी करती है।उन्होंने बताया कि अतिक्रमणों को प्रभावी रूप से हटाने के लिए राज्य सरकारों और पुलिस अधिकारियों से भी समय-समय पर सहायता ली जाती है। इसके अलावा, नियमित निगरानी और वार्ड स्टाफ के अलावा, देश भर में चयनित स्मारकों/स्थलों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए निजी सुरक्षा कर्मियों और सीआईएसएफ को भी तैनात किया गया है।उन्होंने आगे कहा कि एएसआई राष्ट्रीय संरक्षण नीति, 2014 का पालन करते हुए और आवश्यकता और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार अपने अधिकार क्षेत्र के तहत स्मारकों का रखरखाव और संरक्षण करता है। एएसआई पर्यटकों के आरामदायक और प्रामाणिक अनुभव के लिए अपने स्मारकों पर आगंतुक सुविधाओं का प्रावधान भी सुनिश्चित करता है। -
वाराणसी . महाकुंभ में अमृत स्नान के बाद वाराणसी में तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों को आठ फरवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार पाठक ने बृहस्पतिवार को बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार वाराणसी के शहरी क्षेत्रों में आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी, शासकीय सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबद्ध अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के स्कूल आठ फरवरी तक बंद रहेंगे। इस दौरान सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं ही संचालित होंगी। पाठक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल खुले रहेंगे। इस दौरान सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में डीबीटी प्रोसेसिंग, आधार सीडिंग और स्कूल की मरम्मत, रंग—रोगन इत्यादि जैसे कार्य जारी रहेंगे। शिक्षकों और कर्मचारियों को इन गतिविधियों की निगरानी के लिए स्कूलों में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
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उमरिया. मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बृहस्पतिवार सुबह दो ट्रकों की टक्कर में तीन महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पाली पुलिस थाने के प्रभारी मदन लाल मराबी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर जिला मुख्यालय से करीब 38 किलोमीटर दूर पाली इलाके में एक भोजनालय के पास हुई। एक ट्रक शहडोल से उमरिया जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक विपरीत दिशा में जा रहा था। उमरिया जा रहे ट्रक में सवार तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे वाहन में सवार एक व्यक्ति की जिला अस्पताल में मौत हो गई। घटना के समय दोनों ट्रक तेज गति से गुजर रहे थे। -
उमरिया/भिंड/ मध्यप्रदेश के उमरिया और भिंड जिलों में बृहस्पतिवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि उमरिया में सुबह करीब 7.30 बजे दो तेज रफ्तार ट्रकों के बीच हुई टक्कर में तीन महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। यह दुर्घटना जिला मुख्यालय से 38 किलोमीटर दूर पाली इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर हुई। एक ट्रक शहडोल से उमरिया आ रहा था, जबकि दूसरा ट्रक विपरीत दिशा में जा रहा था। पाली थाना प्रभारी मदन लाल मराबी ने बताया कि उमरिया आ रहे ट्रक में सवार तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे वाहन में सवार एक व्यक्ति की जिला अस्पताल में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एक अन्य दुर्घटना में भिंड जिले में दो ट्रकों के आपस में टकराने से उनके चालकों की मौत हो गई। यह घटना खेरिया बाग गांव के पास रात करीब डेढ़ बजे घटी। मेहगांव के पुलिस उपमंडल अधिकारी संजय कोछा ने बताया कि धान से लदा एक ट्रक उत्तर प्रदेश के बरेली शहर जा रहा था, जबकि सब्जियां लेकर दूसरा ट्रक उत्तर प्रदेश के इटावा शहर की ओर जा रहा था। इनकी टक्कर में दोनों ट्रक चालकों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान देवेंद्र सिंह मीना (33) और लवकुश कुशवाह (40) के रूप में हुई है। -
बरहमपुर.ओडिशा के गंजाम जिले में काले हिरणों की संख्या बढ़कर 8,789 हो गई है। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग की ओर से 29 जनवरी को जिले के तीनों वन प्रभागों में कराई गई द्विवार्षिक गणना में काले हिरणों की कुल संख्या 8,789 दर्ज की गई। वर्ष 2023 में गंजाम में काले हिरण की संख्या 7,745 और 2018 में 4,082 आंकी गई थी। नवीनतम गणना के अनुसार, जिले में मौजूद कुल काले हिरण में 5,241 मादा, 1,765 नर और 1,783 अवयस्क काले हिरण शामिल हैं। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 1992) के तहत काले हिरण को अनुसूची-1 में रखा गया है और इसे रेड डेटा बुक में ‘संकटग्रस्त' श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है। घुमुसर दक्षिण वन प्रभाग में सबसे अधिक 5,627 और घुमुसर उत्तर वन प्रभाग में सबसे कम 404 काले हिरण पाए गए। वहीं, बरहमपुर वन प्रभाग में काले हिरणों की कुल संख्या 2,758 दर्ज की गई। घुमुसर दक्षिण के वन प्रमंडल अधिकारी (डीएफओ) बीके आचार्य ने बताया कि स्थानीय लोगों और वन विभाग द्वारा दी गई सुरक्षा और वन्यजीवों के आवास में सुधार के फलस्वरूप गंजाम जिले में हर साल काले हिरणों की संख्या में वृद्धि हो रही है। गंजाम जिले के लोग वर्षों से धार्मिक आस्था के साथ काले हिरणों की सुरक्षा कर रहे हैं। काला हिरण संरक्षण समिति (गंजाम) के अध्यक्ष अमूल्य उपाध्याय के अनुसार, "क्षेत्र के लोग मानते हैं कि खेतों में काले हिरणों का दिखना शुभ संकेत है।" उन्होंने कहा कि गांवों के लोग इन हिरणों को नुकसान नहीं पहुंचाते है और हिरण स्वतंत्र रूप से घूमते हैं। फिलहाल काले हिरणों का एकमात्र प्राकृतिक आवास जिला गंजाम है।
पुरी जिले के बालुखंड-कोणार्क वन्यजीव अभयारण्य में भी कुछ समय पहले काले हिरण देखे जाते थे, लेकिन 2012-13 के बाद वे यहां से लुप्त हो गए। वन विभाग अब पुरी अभयारण्य में काले हिरणों को स्थानांतरित कर उनके पुराने आवास को पुनर्जीवित करने की पहल कर रहा है। घुमुसर उत्तर वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु शेखर मोहंती ने बताया कि अब तक तीन मादा और एक नर काले हिरणों को पुरी स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले के तहत जल्द ही चार और काले हिरणों को वहां भेजा जाएगा। -
नयी दिल्ली / विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत वर्ष 2027 में चंद्रयान-4 मिशन को लॉन्च करेगा, जिसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह से चट्टानों के नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर लाना है। चंद्रयान-4 मिशन के तहत दो अलग-अलग प्रक्षेपण किये जाएंगे, जिनमें अत्यधिक वजन ले जाने वाले प्रक्षेपण यान (एलवीएम) के माध्यम से मिशन के पांच उपकरणों को भेजा जाएगा। उन्हें अंतरिक्ष में एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा। सिंह ने कहा, ‘‘चंद्रयान-4 मिशन का लक्ष्य चंद्रमा की सतह से नमूने एकत्र करना और उन्हें पृथ्वी पर लाना है।'' मंत्री ने बताया कि गगनयान को अगले साल अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। मिशन के अंतर्गत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा और सुरक्षित रूप से धरती पर वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समुद्र की सतह का अन्वेषण करने के लिए 2026 में भारत समुद्रयान को लॉन्च करेगा, जिसमें तीन वैज्ञानिकों को एक विशेष पनडुब्बी के जरिये महासागर की 6,000 मीटर गहराई तक भेजा जाएगा। सिंह ने कहा, ‘‘यह उपलब्धि भारत के अन्य प्रमुख मिशन के तर्ज पर होगी और यह वैज्ञानिक उत्कृष्टता की ओर देश की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा।'' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में समुद्रयान मिशन का जिक्र किया था। मंत्री ने कहा कि समुद्रयान मिशन महत्वपूर्ण खनिज, दुर्लभ धातुओं और अज्ञात समुद्री जैव विविधता तलाशने में मदद करेगा और देश की आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। गगनयान मिशन के तहत रोबोट 'व्योममित्र' को इस वर्ष अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
सिंह ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) की स्थापना 1969 में हुई थी, लेकिन पहला प्रक्षेपण स्थल 1993 में स्थापित करने में दो दशक से अधिक का समय लगा। उन्होंने कहा कि दूसरा प्रक्षेपण स्थल 2004 में स्थापित किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है। सिंह ने कहा, ‘‘हम अब तीसरा प्रक्षेपण स्थल बना रहे हैं, और भारी रॉकेट एवं छोटे उपग्रहों का प्रक्षेपण करने के लिए तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में एक नया प्रक्षेपण स्थल तैयार करने के साथ श्रीहरिकोटा से आगे भी विस्तार कर रहे हैं।" मंत्री ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था वर्तमान में 8 अरब अमेरिकी डॉलर की है और अगले 10 वर्षों में बढ़कर 44 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि "नये बुनियादी ढांचे, निजी भागीदारी और रिकॉर्ड निवेश के साथ, आने वाले वर्षों में भारत और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए तैयार है। -
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि राज्य में नौवां टाइगर रिजर्व बनने वाला है। उन्होंने बताया कि माधव टाइगर अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। सीएम यादव ने बुधवार को पालपुर-कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा, धीरा और आशा के तीन शावकों को बाड़े से खुले जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त किया। वहीं, कूनो नेशनल पार्क में 4 फरवरी को मादा चीता वीरा ने 2 शावकों को जन्म दिया हैं। इस पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने खुशी जाहिर करते हुए एक्स पर नन्हें शावकों की फोटो और वीडियो भी साझा की थी।
मोहन यादव ने आज संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण में मध्य प्रदेश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। माधव टाइगर अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। जल्द ही राज्य का नौवां टाइगर रिजर्व बनेगा, जिससे चंबल अंचल में वन्यजीवों की आबादी बढ़ेगी।कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगीमुख्यमंत्री ने कहा कि चीतों की पुनर्स्थापना से कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले दो चीते खुले जंगल में छोड़े थे, जिससे वन्य जीवन में चीतों का पुनर्आगमन हुआ है। यह सौभाग्य है कि आज पांच चीतों को जंगल में छोड़ने का अवसर मिला है। कूनो नेशनल पार्क से अभी तक सात चीतों को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा गया है।4 फरवरी को मादा चीता वीरा ने 2 शावकों को जन्म दियावहीं दूसरी ओर 4 फरवरी को मादा चीता वीरा ने कुनो नेशनल पार्क में 2 शावकों को जन्म दिया, इसकी जानकारी, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की थी। उन्होंने नन्हें शावकों की फोटो और वीडियो भी साझा की।भूपेंद्र यादव ने दी सभी को बधाईउन्होंने एक्स पोस्ट पर कहा कि बसंत ऋतु की शुरुआत के साथ, कूनो की हवा में अंतहीन खुशी और उत्साह भर जाता है क्योंकि हम कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दो नए चीता शावकों के आगमन का स्वागत करते हैं ! दक्षिण अफ्रीका के त्सवालु कालाहारी रिजर्व से लाई गई मादा चीता वीरा, उम्र लगभग 5 वर्ष, ने आज 2 शावकों को जन्म दिया है और हम उनके द्वारा लाई गई आशा और भविष्य का जश्न मनाते हैं।भारत एक स्थायी कल के लिए अपने वन्य जीवन का संरक्षण और सुरक्षा करना जारी रखेगाएक्स पोस्ट पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि उन सभी को बधाई जो इस खूबसूरत पल को संजोते हैं और विशेष रूप से अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ की टीम को जो प्रोजेक्ट चीता के लिए दिन-रात अथक परिश्रम कर रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में नरेंद्र मोदी जी भारत एक स्थायी कल के लिए अपने वन्य जीवन का संरक्षण और सुरक्षा करना जारी रखेगा।आपको बता दें, अब कूनो में वीरा के नए दो शावकों को मिलाकर कुल 26 चीते हो गए हैं। इन चीतों की मॉनिटरिंग के लिए दो दल गठित किए गए हैं, जो छोड़े गए शावकों की निगरानी और सुरक्षा करेंगे। - नयी दिल्ली.। सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि 2022 एवं 2023 के दौरान विभिन्न मंत्रालयों व विभागों द्वारा कई लाख नियुक्ति-पत्र जारी किए गए हैं। कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अक्तूबर, 2022 को रोजगार मेला का आरंभ किया था और देश के 45-50 शहरों में केन्द्रीय स्तर पर अब तक 14 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘भागीदार मंत्रालयों एवं विभागों आदि द्वारा वर्ष 2022 एवं 2023 के दौरान कई लाख नियुक्ति-पत्र जारी किए गए हैं।'' सिंह ने कहा कि विभिन्न पदों पर की गई भर्तियों का विवरण, संबंधित मंत्रालयों, विभागों एवं केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि तथा संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान आदि जैसी संबंधित भर्ती एजेंसियों द्वारा रखा जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार में रिक्त पदों का भरा जाना, एक सतत प्रक्रिया है और रोजगार मेलों के जरिए सभी मंत्रालयों और विभागों आदि में मिशन मोड में भर्तियां की गई हैं।
- फरीदाबाद। हरियाणा में कल से शुरू हो रहे 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 42 देशों के 648 प्रतभागी हिस्सा लेंगे। हरियाणा पर्यटन निगम ने यह जानकारी दी। हरियाणा पर्यटन निगम की प्रधान सचिव और सूरजकुंड मेला प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कला रामचंद्रन ने बृहस्पतिवार को सूरजकुंड मेला परिसर में पत्रकारों को बताया कि यह मेला सात फरवरी से 23 फरवरी तक चलेगा जिसमें 42 देशों के 648 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि मेले में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कहीं अधिक भागीदारी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेले में ओडिशा और मध्यप्रदेश मुख्य विषय वाले राज्य हैं तथा पर्यटकों को अन्य राज्यों के साथ-साथ मुख्य विषय वाले इन राज्यों की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को सुबह 10 बजे इस मेले की शुरुआत करेंगे और इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी मौजूद रहेंगे। रामचंद्रन ने बताया कि इस मेले के माध्यम से हरियाणा अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को देश-दुनिया में पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि 38 वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला महज एक प्रदर्शनी नहीं है बल्कि यह कारीगरी, विरासत और वैश्विक एकता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस मेले के लिए सभी प्रकार से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं तथा पर्यटकों को यहां पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- इम्फाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगे और पूर्वोत्तर राज्य में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। उन्होंने सभी से इस प्रार्थना में शामिल होने और ‘‘मणिपुर के निवासियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए'' आशीर्वाद मांगने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रयागराज के महाकुंभ मेले में शामिल होने पर धन्य महसूस कर रहा हूं, यह दिव्य समागम 144 वर्ष बाद आयोजित किया जा रहा है।" मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "कल, मैं अपने सम्मानित कैबिनेट सहयोगियों और माननीय विधायकों के साथ, त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाऊंगा और मणिपुर तथा पूरे देश के लिए शांति, सद्भाव और समृद्धि की प्रार्थना करूंगा।" मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो गये हैं। मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर राज्य से रवाना हुए थे। बाद में रात को तीन वरिष्ठ मंत्री और चार भाजपा विधायक एक चार्टर्ड विमान से दिल्ली गये। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश खटीक ने जनवरी में मणिपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सिंह को महाकुंभ मेले में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।
- नयी दिल्ली.। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि 2014 से मोबाइल फोन कॉल दरों में 94 प्रतिशत की कमी आई है। सिंधिया ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देश में पहले 90 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता थे जो अब बढ़कर 116 करोड़ हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘...इंटरनेट पहुंच की बात करें तो 2014 में 25 करोड़ उपभोक्ता थे और आज यह संख्या 97 करोड़ है।'' मंत्री ने कहा कि जब उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती है तो आवश्यक है कि शुल्क दरों की निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 में एक मिनट की कॉल की दर 50 पैसे थी जो आज तीन पैसे है। इस प्रकार दर में 94 प्रतिशत की गिरावट आई है। सिंधिया ने कहा कि कि 2014 में डेटा यानी इंटरनेट 270 रुपये प्रति जीबी थी जो अब घटकर 9.70 रुपये प्रति जीबी हो गई है जो ‘टैरिफ' में 93 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में इंटरनेट और कॉल दरों के मामले में सबसे किफायती देश है। उन्होंने कहा कि ‘टैरिफ' में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, ऐसा देश में 5जी सेवा के लिए किए गए निवेश के कारण हुआ है। उन्होंने सदन को बताया कि काफी तेज गति से 5जी सेवा शुरू की गयी है और करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। उन्होंने शुल्क दरों में वृद्धि को सही ठहराते हुए कहा कि निवेश पर ‘रिटर्न' मिलना चाहिए।










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