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- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि किफायती मूल्य में जेनरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए गए जन औषधि केंद्रों से गरीबों और मध्यम वर्ग को बहुत फायदा पहुंचा है और इनसे 13,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। प्रधानमंत्री ने जन औषधि दिवस के अवसर पर जन औषधि केंद्र के मालिकों के साथ ही ‘जेनरिक' दवाइयां उपलब्ध कराने की योजना के लाभार्थियों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये संवाद किया और उनके अनुभव सुने। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना की शुरुआत विशेष रूप से गरीबों और वंचितों के लिए किफायती दरों पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराने के मकसद से की गई है। संवाद के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जन-औषधि केंद्र तन को औषधि देते हैं लेकिन साथ ही यह मन की चिंता करते हैं और धन को बचाकर जन-जन को राहत भी पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दवा का पर्चा हाथ में आने के बाद लोगों के मन में जो आशंका होती थी कि पता नहीं, कितना पैसा दवा खरीदने में खर्च होगा....., वह चिंता कम हुई है।'' मोदी ने कहा कि आज देश में साढ़े आठ हजार से ज्यादा जन-औषधि केंद्र खुले हैं और ये केंद्र अब केवल सरकारी स्टोर नहीं, बल्कि सामान्य जन के लिए समाधान केंद्र बन रहे हैं। इस कार्यक्रम का विषय ‘जन औषधि-जन उपयोगी' रखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री मनसुख भाई मांडविया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि ‘जेनरिक' दवाइयों के उपयोग और जन औषधि परियोजना के फायदों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक मार्च से देशभर में जन औषधि सप्ताह मनाया जा रहा है। देश में अभी 8,600 से अधिक जन औषधि स्टोर हैं। इसका उद्देश्य लोगों को वहनीय मूल्य पर दवाइयां उपलब्ध कराना है। मोदी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने कैंसर, टीबी, मधुमेह, हृदयरोग जैसी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी 800 से ज्यादा दवाइयों की कीमत को भी नियंत्रित किया है। सरकार ने ये भी सुनिश्चित किया है कि स्टेंट लगाने और घुटने इंप्लांट की कीमत भी नियंत्रित रहे।'' उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जन औषधि केंद्रों के जरिए 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की दवाएं बिकी हैं और इसी साल जन औषधि केंद्रों के जरिए गरीब और मध्यम वर्ग के करीब 5,000 करोड़ रुपये की बचत हई है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक करीब कुल 13,000 करोड़ रुपये की बचत लोगों को हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले ही सरकार ने निजी चिकित्सा कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी चिकित्सा कॉलेजों के बराबर शुल्क करने का फैसला किया है और इसका बड़ा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हए हमारी सरकार स्वास्थ्य ढांचे को निरंतर मजबूत कर रही है। आजादी के इतने दशकों के बाद भी देश में केवल एक एम्स था लेकिन आज देश में 22 एम्स हैं। हमारा लक्ष्य देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने का है।''प्रधानमंत्री ने एक रुपये में सेनिटरी नेपकिन योजना की सफलता का उल्लेख किया और कहा कि 21 करोड़ सेनिटरी नैपकिन की बिक्री दर्शाता है कि जन औषधि केंद्रों ने देश में महिलाओं के जीवन को भी आसान बनाया है।
- नयी दिल्ली/कोलकाता .पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक शिविर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान ने सहकर्मी की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास काकमारीचर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) शिविर में तड़के 6 बचकर 45 मिनट पर हुई। शिविर अर्धसैनिक बल के बरहामपुर सेक्टर के अंतर्गत स्थित है, जो राज्य की राजधानी कोलकाता से लगभग 230 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों को स्थानीय पुलिस ने तलब किया था, जिसके बाद उनके बीच झड़प हो गई।पंजाब के अमृतसर में एक शिविर में बीएसएफ के पांच कर्मियों के मारे जाने के एक दिन बाद यह घटना सामने आई है। इस घटना में चार जवान और उनपर गोली चलाने वाला जवान भी मारा गया है। अधिकारियों ने कहा कि हेड कांस्टेबल जॉनसन टोप्पो ने कथित तौर पर अपने सहयोगी हेड कांस्टेबल एसजी शेखर को अपनी सर्विस राइफल से गोली मार दी। अधिकारियों ने कहा कि वे दोनों बल की 117 वीं बटालियन से संबद्ध थे। उन्होंने बताया कि यह घटना तब हुई जब वे सीमा पर रात्रि ड्यूटी खत्म कर अपनी चौकी पर लौटे थे।अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें सोमवार सुबह 10 बजे रामनगर पुलिस थाने में पेश होने के लिए समन जारी किया था, जिसके बाद कथित तौर पर दोनों सैनिकों के बीच टकराव हो गया और टोप्पो ने शेखर पर गोली चला दी। मामला पिछले साल सीमा पर एक किसान को कथित तौर पर हिरासत में लेने से संबंधित है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि बीएसएफ ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' का आदेश दिया है। पुलिस में मामला भी दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल पर बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।अधिकारियों ने बताया कि यह घटना ऐसे दिन हुई है जब बीएसएफ के एक जवान ने पंजाब के अमृतसर में उसके शिविर पर कथित रूप से अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें उसके चार साथियों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। वह शिविर पंजाब में भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कच्छ के धोरदो गांव स्थित एक महिला संत शिविर में आयोजित संगोष्ठी को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोमवार को एक बयान में कहा कि इस संगोष्ठी का आयोजन समाज में महिला संतों की भूमिका और महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान को पहचान देने के लिए किया जा रहा है। इस संगोष्ठी में 500 से अधिक महिला संत शामिल होंगी।पीएमओ ने कहा कि इस संगोष्ठी में संस्कृति, धर्म, महिला उत्थान, सुरक्षा, सामाजिक स्थिति और भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका पर सत्र होंगे। उसने कहा, ‘‘इसमें महिलाओं की उपलब्धियों के साथ-साथ महिलाओं को लाभान्वित करने वाली केन्द्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।'' इस संगोष्ठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, साध्वी निरंजन ज्योति और भारती प्रवीण पवार भी शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में साध्वी ऋतंभरा, महामंडलेश्वर कंकेश्वरी देवी सहित अन्य हस्तियां भी शिरकत करेंगी।
- जम्मू. सीमा सुरक्षा बल द्वारा यहां सुचेतगढ़ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ‘रिट्रीट और बैंड' प्रदर्शन को 1,700 से ज्यादा लोगों ने देखा। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उप महानिरीक्षक एसपीएस संधू ने कहा कि बीएसएफ बैंड ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत रविवार को ‘ऑक्ट्रॉय बॉर्डर आउटपोस्ट' पर आयोजित रिट्रीट सेरेमनी में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। जम्मू में बीएसएफ के प्रवक्ता संधू ने कहा कि रंगीन वर्दी में सजे बीएसएफ के बैंड ने कई लोकप्रिय धुन बजायी और परेड की जिससे दर्शकों में जोश की लहर दौड़ गई। संधू ने कहा कि बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आईजी डी के बूरा, डीआईजी एस के सिंह और डीआईजी सुरजीत सिंह समेत अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बीएसएफ की संगीतमय प्रस्तुति को लगभग 1,750 दर्शकों ने देखा और सराहा।
- नयी दि्ल्ली. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि भारत जैसे विकासशील देशों के लिए सड़क सुरक्षा एक चुनौती बनी हुई है और कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित ड्रोन एवं रोबोट प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सड़क हादसों की फॉरेंसिक जांच में किया जा सकता है। गडकरी ने 'मशीन विजन एंड ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस' पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यातायात प्रबंधन प्रणाली के साथ एआई-आधारित प्रौद्योगिकी के व्यापक एकीकरण की जरूरत है ताकि मानवीय दखल को दूर कर गलतियों की संभावना कम की जा सके। गडकरी ने कहा, ‘‘सड़क सुरक्षा दुनियाभर में बड़ी चिंता का विषय है और भारत जैसे विकासशील देशों के लिए यह एक चुनौती बनी हुई है।'' उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सड़क सुरक्षा प्राथमिकता में बहुत ऊपर है। इसकी वजह यह है कि देश में साल भर में पांच लाख सड़क दुर्घटनाओं में करीब 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। गडकरी ने कहा, ‘‘इन सड़क हादसों की फॉरेंसिक जांच के लिए एआई-आधारित ड्रोन एवं रोबोट का इस्तेमाल किया जा सकता है।'' गडकरी के मुताबिक, यातायात बाधित होने की स्थिति असंतुलित मांग एवं आपूर्ति गणनाओं से पैदा होती है। ऐसी स्थिति में एआई आधारित उपकरणों की मदद से यातायात के हालात की सटीक ढंग से जांच, विश्लेषण एवं पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली को भारतीय राजमार्गों पर लगाया जा चुका है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सेंसर एवं एचडी कैमरों की मदद से एकीकृत आंकड़े संकलित किए जाते हैं।
- नयी दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक शिविर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान ने कथित तौर पर सहकर्मी की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई।अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि घटना भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास काकमारीचर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) शिविर में सोमवार सुबह हुई। शिविर अर्धसैनिक बल के बरहामपुर सेक्टर के अंतर्गत स्थित है, जो राज्य की राजधानी कोलकाता से लगभग 230 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों को स्थानीय पुलिस ने तलब किया था, जिसके बाद उनके बीच झड़प हो गई।अधिकारियों ने कहा कि हेड कांस्टेबल जॉनसन टोप्पो ने कथित तौर पर अपने सहयोगी हेड कांस्टेबल एसजी शेखर को अपनी सर्विस राइफल से गोली मार दी। अधिकारियों ने कहा कि वे दोनों बल की 117 वीं बटालियन से संबद्ध थे। उन्होंने बताया कि यह घटना तब हुई जब वे सीमा पर रात्रि ड्यूटी खत्म कर अपनी चौकी पर लौटे थे।अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें सोमवार सुबह 10 बजे रामनगर पुलिस थाने में पेश होने के लिए समन जारी किया था, जिसके बाद कथित तौर पर दोनों सैनिकों के बीच टकराव हो गया और टोप्पो ने शेखर पर गोली चला दी। मामला पिछले साल सीमा पर एक किसान को कथित तौर पर हिरासत में लेने से संबंधित है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि बीएसएफ ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। पुलिस में मामला भी दर्ज कर लिया गया है। file photo
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार देश में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के लाभार्थियों और जनऔषधि केंद्रों के संचालकों से आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत में श्री मोदी ने कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी देश में केवल एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान- एम्स था, लेकिन अब 22 एम्स काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि साढ़े आठ हजार से अधिक जन औषधि केंद्र आम आदमी के लिए समाधान केंद्र बनते जा रहे है। श्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में जन औषधि केंद्रों के माध्यम से 800 करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं बेची गई हैं। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है।प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने कैंसर, तपेदिक, मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों के इलाज के लिए आवश्यक 800 से अधिक दवाओं की कीमतों को भी नियंत्रित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भी सुनिश्चित किया गया है कि स्टेंट लगाने और घुटने के प्रतिरोपण की लागत नियंत्रण में रहे।श्री मोदी ने कहा कि केंद्र ने तय किया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बराबर शुल्क लिया जाये, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को फायदा होगा।बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने एक जन औषधि योजना के लाभार्थी से पूछा कि योजना से उन्हें आर्थिक रूप से कैसे मदद मिली है। उन्होंने कहा कि पहले दवाओं की कीमत एक हजार पांच सौ से एक हजार छह सौ रुपये थी लेकिन अब इस योजना में दवाइयों पर खर्च घटकर केवल 250 से तीन सौ रुपये रह गया है ।जनऔषधि दिवस के अवसर पर आज स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि जनऔषधि योजना ने देश में क्रांति ला दी है।जेनेरिक दवाओं के उपयोग और जन औषधि परियोजना के लाभ के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए पहली मार्च से पूरे देश में जन औषधि सप्ताह भी मनाया जा रहा है। सप्ताह के दौरान जन औषधि संकल्प यात्रा, मातृ शक्ति सम्मान, जन औषधि बाल मित्र, जन औषधि जन जागरण अभियान, आओ जन औषधि मित्र बनाएं और जन औषधि-जन आरोग्य मेला जैसे विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, देश में अभी 8,600 से अधिक जन औषधि स्टोर हैं। इसका उद्देश्य लोगों को वहनीय मूल्य पर दवाइयां उपलब्ध कराना है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बात की और युद्धग्रस्त देश के पूर्वोत्तर इलाके के शहर सूमी में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में उनसे मदद की गुजारिश की।करीब 35 मिनट तक चली इस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने पूर्वी यूरोपीय देश यूक्रेन में उभरती परिस्थितियों पर भी चर्चा की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के कारण सूमी में अभी भी 700 के करीब भारतीय छात्र फंसे हुए हैं।सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने सूमी में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों में यूक्रेन सरकार से मदद जारी रखने की अपील की।सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी सीधी वार्ता की सराहना की। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन से भारतीयों को निकालने में यूक्रेन सरकार द्वारा की गई मदद के लिए जेलेंस्की का आभार जताया।दोनों नेताओं के बीच बात ऐसे समय में हुई है, जब रूस के हमले का सामना कर रहे यूक्रेन से छात्रों समेत अपने नागरिकों को निकालने के लिए भारत हर संभव प्रयास कर रहा है।रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध आरंभ होने के बाद, दोनों नेताओं के बीच आज यह दूसरी वार्ता हुई है। इससे पहले, दोनों नेताओं ने 26 जनवरी को फोन पर बातचीत की थी।दोनों देशों के बीच युद्ध आरंभ होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी दो बार बात कर चुके हैं। वह आज दोपहर फिर एक बार पुतिन से बात करने वाले हैं।इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि वार्ता के दौरान जेलेंस्की ने युद्ध की स्थिति और यूक्रेन तथा रूस के बीच जारी बातचीत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में जारी युद्ध और इसके परिणामस्वरूप पैदा हुए मानवीय संकट पर चिंता जताई।पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने तत्काल हिंसा समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराया और इस बात को रेखांकित किया कि भारत हमेशा ही दोनों पक्षों के बीच सीधी वार्ता और मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है।भारत रूस और यूक्रेन के शीर्ष नेताओं से युद्ध को तत्काल समाप्त कर, वार्ता और कूटनीति के जरिए मतभेदों को दूर करने की अपील करता आ रहा है।पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में अब भी फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई और उनकी जल्द सुरक्षित निकासी की आवश्यकता पर जोर दिया।
- बहादुरगढ़ । हरियाणा के बहादुरगढ़ शहर में एक तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहे दो लोगों को कुचल दिया। एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा अभी गंभीर रूप से घायल है। हादसा रोहतक-दिल्ली रोड पर गणपति धाम के पास उस वक्त हुआ, जब वह सब्जी खरीदने जा रहे थे। पुलिस ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करा कराकर परिजनों को सौंप दिया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मिली जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के जिला शिवपुरी के गांव बामौर कलां निवासी प्रदीप राय ने बताया कि वह गणपति धाम स्थित एक फैक्टरी में काम करता है। ड्यूटी खत्म होने के बाद वह अपने दोस्त उमेश जैसवाल के साथ सब्जी लेने के लिए गांव सांखौल की तरफ पैदल जा रहा था। उनके आगे एक और व्यक्ति पैदल चल रहा था। इसी दौरान रोहतक की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई, जिसने प्रदीप को टक्कर मारी।साथ ही उसके आगे चल रहे एक व्यक्ति को भी कुचल दिया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। हादसे में प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका दोस्त उमेश सड़क के दूसरी तरफ गिरने से बच गया। प्रदीप के आगे चल रहा युवक भी टक्कर लगते ही सड़क पर काफी दूर जा गिरा।हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। दोनों घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आगे चल रहे व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत निवासी रामदयाल के रूप में हुई है। पुलिस ने प्रदीप राय की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
- नयी दिल्ली. यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद शुरू किए गए निकासी अभियान ‘ऑपरेशन गंगा' के तहत भारत 76 उड़ानों में अपने ‘‘15,920 से अधिक'' नागरिकों को वापस लाया है। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी। हंगरी में भारतीय दूतावास ने इसका संकेत दिया कि उक्त देश से निकासी अभियान पूरा होने वाला है, क्योंकि इस अभियान के तहत अंतिम चरण की उड़ानों की शुरुआत की जा रही है। भारत अपने नागरिकों को रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा के रास्ते वापस ला रहा है। भारतीय नागरिक यूक्रेन की जमीनी सीमा बिंदुओं को पार करके इन देशों में पहुंचे हैं। पहली उड़ान 26 फरवरी को फंसे भारतीयों को बुखारेस्ट से लेकर वापस आई थी। रूस द्वारा सैन्य अभियान शुरू किये जाने के बाद यूक्रेन ने नागरिक विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 13 उड़ानों में करीब 2,500 भारतीयों को निकाला गया। उन्होंने कहा कि हंगरी, रोमानिया और पोलैंड से फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए अगले 24 घंटों में सात उड़ानें निर्धारित हैं। बुडापेस्ट से पांच उड़ानें होंगी, पोलैंड में रेज़ज़ो और रोमानिया में सुचेवा से एक-एक उड़ान संचालित की जाएगी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ऑपरेशन गंगा के तहत, अब तक 76 उड़ानें 15,920 से अधिक भारतीयों को भारत वापस ला चुकी हैं। इन 76 उड़ानों में से 13 उड़ानें पिछले 24 घंटों में भारत में उतरी हैं।'' हंगरी में भारतीय दूतावास ने ट्विटर पर एक "महत्वपूर्ण घोषणा" पोस्ट की, जिसमें भारतीय छात्रों से कहा गया है कि वे भारत लौटने के लिए निर्दिष्ट संपर्क बिंदुओं पर रिपोर्ट करें। हंगरी में स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘महत्वपूर्ण सूचना: भारतीय दूतावास ऑपरेशन गंगा के तहत अंतिम चरण की निकासी उड़ानों की आज शुरुआत कर रहा है। जो भी छात्र (दूतावास के अलावा) खुद से किये गए प्रबंध में रह रहे हैं, उन्हें बुडापेस्ट स्थित यूटी 90 रकोजी हंगरी सेंटर में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पहुंचने का अनुरोध किया जाता है।'' वहीं, यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने उन सभी भारतीय नागरिकों से जो अभी भी संघर्षग्रस्त देश में फंसे हुए हैं, तत्काल एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए कहा। गूगल आवेदन पत्र में नाम, ईमेल, फोन नंबर, वर्तमान ठिकाना, पासपोर्ट का ब्योरा, लिंग और उम्र का विवरण देने को कहा गया है। आवेदन में दूतावास ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वर्तमान स्थिति बताने को भी कहा है। आवेदन में स्थलों की एक सूची दी गई है और उनमें से चयन का विकल्प दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन में जिन स्थलों की सूची दी गई है वे इस प्रकार हैं- चेरकासी, चेर्निहिव, चेरनिवित्सी, निप्रोपेत्रोव्स्क, दोनेत्स्क, इवानो-फ्रांकिवस्क, खारकीव, खेर्सोन, खमेलनित्स्की, किरोवोग्राद, कीव, लुहांस्क, लवीव, मिकोलेव और ओडेसा। इसके अलावा पोलतावा, रिवने, सूमी, तेरनोपिल, विनित्स्या, वोलिन, जकरपत्या, जापोरोझ्या और झितोमीर को भी सूची में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष शुरू होने से कुछ सप्ताह पहले परामर्श जारी होने के बाद से अब तक 21,000 से अधिक भारतीय यूक्रेन से बाहर आ गए हैं। इनमें से 19,920 भारतीय पहले ही भारत पहुंच चुके हैं। मानवीय सहायता की छह खेप पहले यूक्रेन के लिए भेजी गई थी और रविवार को छह टन वजन की एक और खेप आईएएफ की उड़ान से पोलैंड भेजी गई।
- जौनपुर (उप्र) . जौनपुर जिले के खेतासराय थाना क्षेत्र के जमदहा गांव में रविवार शाम को ट्रैक्टर पलट गया, जिसके नीचे दबकर चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, खेतासराय थाना क्षेत्र के खलौतीपुर गांव निवासी शंकर, अब्बोपुर गांव के चिन्ते और हरिश्चंद्र एक मशीन लादकर ट्रैक्टर से लेकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान, जमदहा गांव में अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर सड़क किनारे खाई में पलट गया। इस बीच बगल से साइकिल से जा रहे मानीखुर्द निवासी प्रदीप प्रजापति भी चपेट में आ गए। हादसे की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को अस्पताल ले गयी जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
- नयी दिल्ली. नागर विमानन राज्य मंत्री वी. के. सिंह ने कहा है कि यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान कीव में कुछ दिन पहले हरजोत सिंह नाम के जिस छात्र को गोली लगी थी, वह सोमवार को दिल्ली लौट रहा है। दिल्ली में हरजोत के परिवार ने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि वह लौट रहा है और उसके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मंत्री ने रविवार को ट्विटर पर कहा, ‘‘हरजोत सिंह को कीव में युद्ध के दौरान गोली लगी थी। उसका पासपोर्ट भी खो गया था।'' उन्होंने कहा कि हरजोत (31) सोमवार को भारत पहुंच रहा है।मंत्री ने कहा, ‘‘उम्मीद करता हूं कि घर के भोजन और देखभाल से उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा। '' छात्रों की सुरक्षित स्वदेश वापसी का मार्ग प्रशस्त करने के लिए मंत्री (सिंह) अभी पोलैंड में हैं।हरजोत सिंह, कीव से निकलने की कोशिश के तहत 27 फरवरी को अपने दो दोस्तों के साथ पश्चिमी लवीव शहर के लिए एक कैब (टैक्सी) में सवार हुआ था। इस दौरान उसे चार गोलियां लगी थी। हरजोत के भाई प्रभजोत सिंह ने एक न्यूज़ एजेंसी को कहा, ‘‘हमे (उसकी वापसी के बारे में) खबरें मिली है। हम बहुत खुश हैं कि हरजोत लौट रहा है। हम उसके लिए बहुत चिंतित रहे हैं। '' उन्होंने कहा, ‘‘मैं फोन पर उससे बात नहीं कर पार रहा हूं, लेकिन उसने मोबाइल फोन पर भेजे एक संदेश में कहा है कि वह कल आ रहा है। किसी सरकारी अधिकारी ने हमें इस बात से अवगत नहीं कराया है। '' उल्लेखनीय है कि एक मार्च को कर्नाटक के एक मेडिकल छात्र, नवीन एस जी, की यूक्रेन के शहर खारकीव में गोलाबारी में मौत हो गई थी। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन के पड़ोसी देशों से 1,500 से अधिक भारतीयों को लेकर आठ उड़ानें सोमवार को भारत पहुंचेगी।
- गुवाहाटी. भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के जहाज एमवी लाल बहादुर शास्त्री ने रविवार को बिहार के पटना से बांग्लादेश होते हुए गुवाहाटी के पांडु बंदरगाह तक की पायलट यात्रा पूरी की। जहाज के जरिये अनाज की ढुलाई की गई। यात्रा के अंत में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, गुवाहाटी से लोकसभा सांसद क्वीन ओजा और आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय ने जहाज का स्वागत किया। एमवी लाल बहादुर शास्त्री एक स्व-चालित जहाज है जिसने भारतीय खाद्य निगम के लिए 200 मैट्रिक टन खाद्यान्न की खेप पहुंचाने का काम किया। जहाज ने पांच फरवरी को पटना से राष्ट्रीय जलमार्ग-एक (गंगा नदी) के रास्ते अपनी यात्रा शुरू की और 2,350 किलोमीटर की दूरी तय की। एक अन्य पोत एमवी राम प्रसाद बिस्मिल ने 17 फरवरी को हल्दिया से पांडु के लिए यात्रा शुरू की लेकिन अभी रास्ते में है। लेकिन यह पोत पहले ही धुबरी (असम) में बांग्लादेश सीमा पर पहुंच चुका है। इस मौके पर सोनोवाल ने कहा, ‘‘असम के लिए आज का दिन अंतर्देशीय जल परिवहन के लिहाज से नए युग की शुरुआत है। यह कारोबारी समुदाय को एक व्यावहारिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकल्प प्रदान करेगा।'' मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (आईबीआरपी) पर जहाजों के संचालन से पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि के नए युग की शुरुआत होगी।
- नागपुर (महाराष्ट्र) . नागपुर पुलिस ने एक रिक्शा चालक और एक दिव्यांग यात्री को वाहन में मिले 1.50 लाख रुपये नकदी से भरा बैग लौटाने पर उन्हें सम्मानित किया। एक अधिकारी ने बताया कि रिक्शा चालक सुशील पुंडलिक लहुतारे (50) और यात्री दिनेश आनंद थावरे (45) ने शनिवार को महबूब हसन नामक एक व्यक्ति द्वारा वाहन में छोड़ा गया बैग लौटा दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘थावरे रिक्शा में सवार हुए और लहुतारे को बैग के बारे में बताया। दोनों पचपौली थाने आए और वहां बैग जमा कर दिया। हम बैग के अंदर मिले कुछ दस्तावेजों की मदद से इसे हसन को वापस करने में कामयाब रहे।'' उन्होंने कहा कि दोनों को डीसीपी गजानन राजमाने ने सम्मानित किया।
- नयी दिल्ली. रामल्ला में भारत के प्रतिनिधि मुकुल आर्य का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह जानकारी दी। जयशंकर ने ट्वीट किया, ''रामल्ला में भारत के प्रतिनिधि मुकुल आर्य के निधन के बारे में जानकर स्तब्ध हूं।'' उन्होंने कहा, ''वह प्रतिभावान अधिकारी थे। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।'' आर्य के निधन के कारणों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।वर्ष 2008 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी मौर्य काबुल और मॉस्को के भारतीय दूतावास में भी तैनात रहे थे। वह पेरिस में यूनेस्को के लिए भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल में भी सेवाएं दे चुके थे। आर्य ने नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में भी कार्य किया था।
- नयी दिल्ली. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के समारोह के तौर पर सुदूर सीमावर्ती स्थानों समेत देशभर में रविवार को जन जागरूकता एवं नागरिक कल्याण कार्यक्रमों की शुरुआत की। ‘आजादी का अमृत महोत्सव: देश की हिफाजत-देश की सुरक्षा' के तहत 13 मार्च तक (आठ दिनों) तक कार्यक्रम होंगे। बल के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस श्रृंखला के तहत आईटीबीपी के कर्मी सुरक्षा के मानवीय रूप, अपनी जान कुर्बान करने वाले कर्मियों के परिवारों के प्रति सम्मान, पत्नी कल्याण एसोसिएशन के माध्यम से सहायता जैसे विषयों पर कार्यकम आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आईटीबीपी सीमावर्ती क्षेत्रों एवं नक्सल प्रभावित इलाकों में मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाएगा एवं स्कूली बच्चों के बीच स्टेशनरी एवं खेलकूद की चीजें वितरित करेगा। हमारी इकाइयों के तैनाती क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानों पर बैंड प्रदर्शनी की जाएगी।'' अधिकारी ने कहा कि ये कार्यक्रम गृह मंत्रालय की ओर से उसके अंतर्गत आने वाले सभी अर्द्धसैनिक बलों एवं अन्य एजेंसियों को भेजे गये दिशानिर्देशों के तहत आयोजित किये जाएंगे। प्राथमिक रूप से आईटीबीपी पर चीन के साथ लगती 3488 किलोमीटर वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा का जिम्मा है।
- नयी दिल्ली. राज्य निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के तीन नगर निगमों के चुनाव में उतरने वाले उम्मीदवारों के लिए व्यय की सीमा 5.75 लाख रूपये से बढ़ाकर आठ लाख रूपये कर दी है। दिल्ली के तीनों नगर निगमों के 272 वार्ड के लिए अप्रैल में चुनाव होने हैं। आयोग द्वारा अभी उसका कार्यक्रम घोषित किया जाना बाकी है। दिल्ली निर्वाचन आयोग के आयुक्त एस के श्रीवास्तव की ओर से शुक्रवार को जारी किये गये एक आदेश में कहा गया कि शहर के तीनों नगर निगमों जैसे उत्तरी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली एवं पूर्वी दिल्ली के चुनाव में किसी भी उम्मीदवार के व्यय की अधिकतम सीमा आठ लाख रूपये तय की जाती है। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि 2017 के पिछले चुनाव में अधिकतम व्यय सीमा 5.75 लाख रूपये थी। वर्ष 2004 के निगम चुनाव में अधिकतम व्यय सीमा चार लाख रूपये थी जिसे बढ़ाकर 2012 में पांच लाख रूपये तक किया गया। दक्षिण दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने रविवार को ब् एक न्यूज़ एजेंसी से कहा, ‘‘ वर्ष 2017 में उसमें 75000 रूपये की और वृद्धि की गयी। इस बार यह आठ लाख रूपये होगी।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट 2022-23 में वृद्धि को गति देने के तरीकों पर मंगलवार को आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करेंगे। वित्त मंत्रालय ने रविवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ‘वृद्धि को वित्तपोषण और आकांक्षावान अर्थव्यवस्था' विषय पर आयोजित इस वेबिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इसमें केंद्र सरकार के 16 मंत्रालयों के अलावा नीति आयोग, क्षमता निर्माण आयोग और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे। यह वेबिनार वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में की गई घोषणाओं पर आयोजित किए जा रहे विभिन्न आयोजनों का एक हिस्सा है। इस वेबिनार के जरिये विभिन्न क्षेत्रों के लिए घोषित कदमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कारगर रणनीति की पहचान और बजट घोषणाओं पर सार्वजनिक-निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
- पुणे . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन गंगा' की सफलता का श्रेय वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दिया है। सिम्बायसिस विश्वविद्यालय और उसके आरोग्य धाम की स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन समारोह में मोदी ने कहा, ‘‘हम ऑपरेशन गंगा के तहत युद्ध ग्रस्त क्षेत्र में फंसे हजारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के बढ़ते प्रभाव का असर है कि हम यूक्रेन के युद्ध ग्रस्त इलाकों से हजारों छात्रों को घर लाने में सफल रहे हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बड़े-बड़े देशों को भी अपने लोगों को वहां से निकालने में दिक्कत हो रही है। भारत सरकार द्वारा शनिवार को जारी बयान के अनुसार, यूक्रेन में बढ़ते संकट के मद्देनजर, भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन गंगा' के तहत युद्ध ग्रस्त देश में फंसे 13,700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। यह अभियान पिछले सप्ताह शुरू हुआ था। पुणे में रविवार को छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पीढ़ी भाग्यवान है कि उसे ‘बचाव और परतंत्रता के मनोविज्ञान' की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर देश यह बदलाव देख रहा है तो इसका पूरा श्रेय युवाओं को जाता है। उन्होंने कहा कि देश पहले जिन क्षेत्रों में अपने कदम बढ़ाने की भी नहीं सोच सकता था आज उनमें दुनिया में अग्रणी है। प्रधानमंत्री ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण तथा रक्षा क्षेत्र का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा के क्षेत्र में, हम यह मानने लगे थे कि लोग हमें जो देंगे हम सिर्फ उसी के आधार पर कुछ कर सकते हैं। लेकिन आज चीजें बदल गयी हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा कि दो रक्षा गलियारे बन रहे हैं जहां आधुनिक हथियारों का निर्माण होगा और वह देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत दूसरे स्थान पर है। सात साल पहले, देश में मोबाइल बनाने वाली सिर्फ दो कंपनियां थीं। आज इस क्षेत्र में 200 से ज्यादा विनिर्माण इकाइयां हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सॉफ्टवेयर उद्योग से लेकर स्वास्थ्य के क्षेत्र तक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहनों तक तमाम नये क्षेत्र खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भौगोलिक सूचना प्रणाली के क्षेत्र में सुधार हो रहा है, ड्रोन से लेकर सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीजें बेहतर हो रही हैं। इन सुधारों से युवाओं के लिए नये अवसर पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सरकार को युवाओं की क्षमता पर पूरा विश्वास है और इसलिए ज्यादातर सेक्टरों का उदारीकरण किया गया है।
- नयी दिल्ली. रेलवे देश भर के उन जिलों की ‘मैपिंग' कर रही है जहां खनन होता है ताकि उन्हें रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सके और माल ढुलाई में बड़ा हिस्सा प्राप्त किया जा सके। अधिकारियों ने एक न्यूज़ एजेंसी को यह जानकारी दी। रेलवे ने अपनी ‘मिशन हंग्री फॉर कार्गो' पहल के तहत माल ढुलाई में 45 प्रतिशत हिस्सा पाने का लक्ष्य रखा है जो वर्तमान में 27 प्रतिशत है। इसके अंतर्गत मंडलों को जिलों की पहचान करने और वहां की खदानों के कुल उत्पाद के सर्वेक्षण का निर्देश दिया गया है। इसके अनुसार इन जिलों के आसपास रेल मार्ग की ‘मैपिंग' का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय ने अब तक देश भर में खदानों के सौ मीट्रिक टन उत्पादन क्षमता के सर्वेक्षण को मंजूरी दी है। अब तक 52 जिलों की पहचान की गई है। इनमें तिनसुकिया, रायगंज, कोरबा और दंतेवाड़ा शामिल हैं। उत्पादों में कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट चूना पत्थर शामिल है जिनका रेलवे प्रतिस्पर्धी कीमतों पर परिवहन करना चाहती है।
- नयी दिल्ली। टीवी के 'ब्लैक एंड व्हाइट' दौर से अपने कॅरिअर की शुरुआत करने वाली टीवी एंकर सलमा सुल्तान के लिए 31 अक्टूबर, 1984 उनके करियर का सबसे मुश्किल दिन था, जब उन्हें देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की खबर पढऩी पड़ी थी। दूरदर्शन पर प्राइम टाइम में प्रसारित होने वाले समाचार की महत्वपूर्ण एंकर सुल्तान का कहना है कि खबर मिलने पर वह बेहद भावुक हो गयी थीं, लेकिन अपने पेशे का मान रखते हुए उन्होंने बेहद सलीके से अनुशासन के साथ समाचार पढ़ा। सुल्तान इस महीने 75 साल की हो जाएंगी।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पहले आयोजित कार्यक्रम 'वीमेन पावर' में देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने सुल्तान को सम्मानित किया। करीब चार दशक पुराने समाचार को याद करते हुए सुल्तान ने कहा, ''दफ्तर में हम सभी सदमे में थे, सभी दुखी थे। लेकिन, न्यूजरूम में, हमें अनुशासन में रहते हुए बिना किसी पक्षपात के समाचार पढऩा था और मैंने उन हालात में बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास किया।'' तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नयी दिल्ली के 1, सफदरजंग रोड स्थित उनके सरकारी आवास पर 31 अक्टूबर, 1984 की सुबह उन्हें गोली मारी गयी थी। इंदिरा को तत्काल एम्स, दिल्ली ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री, 'आयरन लेडी' की मौत हो गई।एक साक्षात्कार में सुल्तान ने कहा कि अब वह समाचार नहीं देखती/सुनती हैं। तेजी से आती खबरों और लगभग हर दूसरे मिनट डिस्प्ले होने वाले ब्रेकिंग न्यूज के दौर में, समाचार प्रस्तुत करने के आज के तौर-तरीकों के संबंध में सवाल करने पर सुल्तान ने कहा, ''वर्तमान में भी एंकर बहुत मेहनत करते हैं। वे वही कर रहे हैं, जो उनसे करने को कहा जाता है। वे सिर्फ एक बड़े तंत्र का हिस्सा हैं।'' उन्होंने याद किया, ''हमारे दिनों में सभी डीडी पर आना चाहते थे, वह बेहद अनोखा संगठन था। वहां के लोगों ने हमें सिखाया, हम बहुत सुरक्षित थे, सभ्य लोगों से घिरे हुए थे।'' देश को आजादी मिलने से कुछ ही महीनों पहले भोपाल में जन्मीं सुल्तान और कुछ अन्य समाचार प्रस्तोता करीब तीन दशकों तक देश में लोगों तक खबरें पहुंचाने के लिए लोकप्रिय चेहरा रहीं। हालांकि, सुल्तान का भी मानना है कि आज की पत्रकारिता में सनसनी का बोलबाला हो गया है।
- नयी दिल्ली। भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकार की एक विशेषज्ञ समिति ने वयस्कों में बूस्टर खुराक के रूप में कोविड-19 रोधी टीके कोवोवैक्स के चरण-3 के क्लीनिकल परीक्षण करने की अनुमति देने की सिफारिश की है। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 28 दिसंबर को वयस्कों में आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए कोवोवैक्स को स्वीकृति दी थी। इसे अभी देश के टीकाकरण अभियान में शामिल नहीं किया गया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को बूस्टर खुराक के रूप में एकल-खुराक कोविड-19 रोधी टीके स्पुतनिक लाइट के चरण -3 के क्लीनिकल परीक्षण करने की अनुमति देने की सिफारिश की थी। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एसआईआई) में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने फरवरी में डीसीजीआई को एक अर्जी दी थी जिसमें कोवोवैक्स की सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मकता का मूल्यांकन करने के लिए उन लोगों को बूस्टर खुराक देकर इसके चरण-3 के नियंत्रित अध्ययन के लिए मंजूरी मांगी थी, जिन्होंने कम से कम तीन महीने पहले कोवीशील्ड या कोवैक्सीन का टीका लगाया हो। सिंह ने कहा है कि कई देश कोविड-19 महामारी की अनिश्चितताओं को देखते हुए पहले से ही अपने नागरिकों को बूस्टर खुराक दे रहे हैं। सिंह ने अर्जी में कहा, ‘‘हमें यकीन है कि इस क्लीनिकल परीक्षण के संचालन के लिए आपकी मंजूरी हमारे प्रधानमंत्री के 'मेकिंग इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' के दृष्टिकोण के अनुरूप हमारे देश के साथ-साथ दुनिया के लोगों के लिए बूस्टर खुराक के उपयोग के लिए कोवोवैक्स की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कंपनी हमारे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार सी पूनावाला के दूरदर्शी नेतृत्व में एक किफायती मूल्य पर विश्व स्तरीय जीवन रक्षक टीके उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमें भारतीय वयस्कों पर कोवोवैक्स की बूस्टर खुराक के लिए चरण-3 के क्लीनिकल परीक्षण की अनुमति दें।'
- शहडोल (मप्र)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में शनिवार रात छत्तीसगढ़ से उत्तरप्रदेश जा रही एक यात्री बस के पलट जाने से एक नाबालिग लड़की समेत तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए।सिंहपुर के थाना प्रभारी रामेश्वर उइके ने बताया कि यात्री बस कवर्धा (छत्तीसगढ़) से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) जा रही थी तभी जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर पथखाई घाट पर शनिवार रात करीब 11.30 बजे वह अनियंत्रित हो गयी और पलट गई। उइके ने बताया कि हादसे में मरने वालों की पहचान मुंगेली (छत्तीसगढ़) निवासी महिमा (12), शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी नादिर खान और करीब 55 साल के एक व्यक्ति के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद बस चालक व परिचालक मौके से फरार हो गए। चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि 36 घायल यात्रियों में से 26 को शहडोल के मेडिकल कॉलेज और 10 को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनमें से आठ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
- लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 54 विधानसभा सीट पर चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत सोमवार को मतदान होगा। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने रविवार को बताया कि सातवें चरण में वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ और जौनपुर जिलों के 54 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लखनऊ में शुक्ल ने बताया कि चंदौली जिले की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चकिया और सोनभद्र जिले के सामान्य निर्वाचन क्षेत्र राबर्ट्सगंज और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित दुद्धी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान सुबह सात बजे से शुरू होकर सायं चार बजे तक चलेगा। शेष 51 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह सात बजे शाम छह बजे तक चलेगा। उन्होंने बताया कि सातवें चरण में 2.06 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और इनमें 1.09 करोड़ पुरुष, 97.08 लाख महिला तथा 1027 तृतीय श्रेणी (ट्रांसजेंडर) के मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि इस चरण के निर्वाचन में कुल 54 विधानसभा क्षेत्रों में 613 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 75 महिला प्रत्याशी हैं। सातवें चरण की 54 सीटों में से 11 अनुसूचित जाति के लिए और दो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पूर्ववर्ती छह चरणों में 349 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुका है। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को हुआ था और 10 मार्च को मतगणना होगी। शुक्ल ने बताया कि चुनाव में कुल 23,614 मतदेय स्थल तथा 12,210 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। इस चरण में कई मंत्रियों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा। इनमें पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी (वाराणसी दक्षिण), अनिल राजभर (शिवपुर-वाराणसी), रविंद्र जायसवाल (वाराणसी उत्तर), गिरीश यादव (जौनपुर) और रमाशंकर पटेल (मड़िहान-मिर्जापुर) शामिल हैं। इसके अलावा विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भाजपा छोड़कर सपा में गए पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान (घोसी-मऊ) और भाजपा का साथ छोड़कर इस बार सपा से गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे सुभासपा अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर (जहूराबाद-गाजीपुर), गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी (मऊ सदर) तथा बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह (मल्हनी-जौनपुर) की उम्मीदवारी वाली सीट पर भी सातवें चरण में ही वोट डाले जाएंगे। सातवें चरण के चुनाव के लिए प्रचार का कार्य शनिवार शाम समाप्त हो गया। भाजपा ने प्रचार के दौरान सत्ता विरोधी माहौल को समाप्त करने के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान कथित गुंडाराज, माफिया राज, अवैध वसूली, मुजफ्फरनगर दंगों जैसे मुद्दों को उठाया। भाजपा के विपक्षी दलों ने महंगाई, बेरोजगारी, किसान आंदोलन, लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसानों की मौत, आवारा पशुओं की समस्या, गुंडा राज और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों के साथ मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार के तहत आखिरी जनसभा को वाराणसी में संबोधित किया। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव करहल के बाद जौनपुर जिले की मल्हनी में सभा को संबोधित करने आए। मल्हनी सीट से पार्टी के उम्मीदवार लकी यादव हैं, जो मुलायम सिंह के लंबे समय तक सहयोगी रहे दिवंगत पारसनाथ यादव के बेटे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी वाराणसी में सपा गठबंधन के उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार किया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी वाराणसी में कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। इस दौरान बसपा प्रमुख मायावती ने भी वाराणसी समेत आस-पास के जिलों में चुनाव प्रचार किया।
- गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश). गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को एक ऐसे हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल के विकास की वकालत की, जिसके तहत सीआईएसएफ निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षित एवं प्रमाणित कर सके, ताकि वे देश की विभिन्न औद्योगिक और विनिर्माण इकाइयों की हिफाजत की जिम्मेदारी प्रभावी रूप से संभाल पाएं। उन्होंने कहा कि भारत जब 25 अरब डॉलर की मजबूत अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ा, तब 1969 में गठित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने देश में औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने के लिए एक मूक ‘कर्मयोगी' की तरह काम किया और निजी विनिर्माण इकाइयों की रक्षा की। गृहमंत्री ने कहा कि 25 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था से 50 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा में विनिर्माण क्षेत्र में कई इकाइयां स्थापित की जाएंगी और सीआईएसएफ को नए परिदृश्यों का सामना करना पड़ेगा। कोई ब्योरा दिए बिना शाह ने कहा कि लगभग 1.64 लाख सुरक्षाकर्मियों से लैस सीआईएसएफ की भूमिका जल्द बढ़ सकती है। गृहमंत्री यहां सीआईएसएफ के 53वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया, “निजी सुरक्षा एजेंसियों का काम तेजी से बढ़ रहा है। हम उनकी कार्य प्रणाली निर्धारित करने के लिए नियम-कायदे लेकर आए हैं। क्या सीआईएसएफ निजी सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी ले सकती है?” शाह ने कहा, “क्या हम ऐसी निजी विनिर्माण इकाइयों के लिए कोई सुरक्षा मॉडल तैयार कर सकते हैं, जिनमें 1,000 से 5,000 कर्मचारी कार्यरत हैं? हमें निजी सुरक्षा एजेंसियों की दक्षता बढ़ानी होगी, क्योंकि देश की सभी औद्योगिक और विनिर्माण इकाइयों की सुरक्षा का दायित्व अकेले सीआईएसएफ नहीं पूरा कर सकती है।” गृहमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि औद्योगिक सुरक्षा में शामिल सभी एजेंसियां इस क्षेत्र की हिफाजत में उसके जितनी कुशल हों, यह सुनिश्चित करना सीआईएसएफ की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल विकसित किया जा सकता है, जिसमें सीआईएसएफ रणनीति तैयार करेगी और जहां निजी एजेंसियों और सीआईएसएफ, दोनों के सुरक्षाकर्मी साथ काम कर पाएंगे, ताकि अर्धसैनिक बल इस जिम्मेदारी से धीरे-धीरे बाहर आकर अपने कार्यों को निजी सुरक्षा एजेंसियों को सौंप सके। सीआईएसएफ मौजूदा समय में तेल, बिजली, सूचना प्रौद्योगिकी, नागरिक उड्डयन, दिल्ली मेट्रो, एयरोस्पेस और परमाणु ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के कुल 354 सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही है। शाह ने अर्धसैनिक बल को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर अपने दृष्टिकोण को ‘आक्रामक रूप से' बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ फिलहाल 11 निजी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रही है और यह संख्या काफी कम है। मौजूदा समय में मैसूर, बेंगलुरु और पुणे में इंफोसिस परिसर, हरिद्वार में पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क तथा गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी उन निजी प्रतिष्ठानों में शामिल है, जो सीआईएसएफ की सुरक्षा निगरानी के दायरे में आते हैं। उन्होंने सीआईएसएफ को 25 साल का खाका भी तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि भारत जब अपनी आजादी के 100वें वर्ष में प्रवेश करे, तब तक यह एक ‘परिणाम-उन्मुख' सुरक्षा एजेंसी के रूप में उभर सके। सीमाओं और बंदरगाहों के पास स्थित औद्योगिक इकाइयों पर ड्रोन के बढ़ते खतरे के मद्देनजर गृहमंत्री ने सीआईएसएफ से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर इसके खिलाफ एक प्रभावी प्रौद्योगिकी तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभिन्न हवाईअड्डों पर तैनात सीआईएसएफ जवान भी ‘ऑपरेशन गंगा' का हिस्सा हैं, जिसके तहत भारतीयों को विशेष उड़ानों के जरिये युद्ध प्रभावित यूक्रेन से निकाला जा रहा है। शाह ने कहा, “मैं सीआईएसएफ कर्मियों को बहुत विनम्र और अच्छे व्यवहार के साथ भारतीयों की अगवानी करते हुए देखता हूं।” उन्होंने सीआईएसएफ से ऐसे उपाय तलाशने का भी आग्रह किया, जिससे बल में महिला कर्मियों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके। कार्यक्रम में सीआईएसएफ के महानिदेशक शील वर्धन सिंह ने कहा कि सीआईएसएफ भारत में निजी सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षण और प्रमाणन में बेहद अहम भूमिका निभा सकता है, जो फिलहाल असंगठित तरीके से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ हवाई अड्डों और बंदरगाहों के अलावा ड्रोन विरोधी अभियान और समुद्री एवं त्वरित परिवहन प्रणाली में एक ‘विशेष एवं एकीकृत' सुरक्षा एजेंसी की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। लगभग 1.64 लाख सुरक्षाकर्मियों से लैस सीआईएसएफ मौजूदा समय में देश के 65 नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की हिफाजत की जिम्मेदारी भी उस पर है। सीआईएसएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है।


























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