आयकर विभाग ने कंपनियों के लिए कर ऑडिट रिपोर्ट
रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा तीन सप्ताह बढाई
नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने सोमवार को कंपनियों के लिए आकलन वर्ष 2026-27 का आयकर रिटर्न दाखिल करने और ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख तीन सप्ताह बढ़ाकर 21 नवंबर कर दी। इसके तहत, कंपनियां अब आकलन वर्ष 2026-27 का आयकर रिटर्न 31 अक्टूबर के बजाय 21 नवंबर तक दाखिल कर सकेंगी। इसी तरह, कर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख भी 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर कर दी गई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा कि दोनों अनुपालनों की अंतिम तारीखें बढ़ा दी गई हैं। कर विशेषज्ञ कंपनियों की वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट और आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि बिना ऑडिट रिपोर्ट वाले मामलों में आयकर रिटर्न दाखिल करने की 31 अगस्त की समयसीमा के बाद ऑडिट पूरा करने के लिए समय काफी कम रह गया था। नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के वरिष्ठ साझेदार अमित अग्रवाल ने कहा कि समयसीमा बढ़ाना यह बतात है कि सीबीडीटी ने मौजूदा अनुपालन अवधि में करदाताओं और कर पेशेवरों के सामने आ रही वास्तविक दिक्कतों को ध्यान में रखा है। अग्रवाल ने कहा, ''अतिरिक्त 21 दिन कारोबारियों को कर ऑडिट पूरा करने, जरूरी मिलान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय देंगे कि आयकर रिटर्न में दी गई जानकारी सही हो और दस्तावेज के रूप में उसके उचित प्रमाण उपलब्ध हों।'' वेतनभोगी करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। वहीं, कारोबार या पेशे से आय वाले ऐसे करदाताओं के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त है, जिनके खातों का लेखा-परीक्षण कराना जरूरी नहीं है। आयकर विभाग ने इससे पहले कहा था कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 31 अगस्त तक रिकॉर्ड 7.8 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके थे।








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