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- श्रीनगर।जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मद्देनजर सोमवार को दो महिला सुरक्षा दस्तों का गठन किया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये दस्ते श्रीनगर में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर के आसपास गश्त करेंगे। साथ ही दस्ते ऐसे स्थानों पर भी गश्त करेंगे, जहां महिलाओं के लिए खतरे की आशंका हो सकती है। उन्होंने कहा कि ये दस्ते शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन के भी संपर्क में रहेंगे ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। मध्य कश्मीर रेंज के उप महानिरीक्षक सजीत कुमार ने इन दस्तों की शुरुआत की और इस पहल के लिए श्रीनगर पुलिस की सराहना की। प्रवक्ता ने कहा कि हर दस्ते में पांच महिला पुलिसकर्मी या अधिकारी शामिल रहेंगी।
- चेन्नई। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि महामारी ने शिक्षा परिदृश्य को बदल दिया है, लिहाजा डिजिटल खाई को पाटने और ई-शिक्षा में शिक्षकों के कौशल को उन्नत करने के लिए इंटरनेट तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत है, खासतौर पर गांवों और दूरदराज के इलाकों में। चेन्नई स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीआर) में खेल केंद्र और मुक्त शैक्षिक संसाधन (ओबीआर) का उद्घाटन करने के बाद वेंकैया ने कहा कि हालांकि केंद्र और राज्य सरकारों ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन डिजिटल खाई को पूरी तरह से पाटना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें इंटरनेट तक पहुंच बढ़ानी होगी, खासतौर पर गांवों और दूरदराज के इलाकों में।' उपराष्ट्रपति के मुताबिक, भारत जैसे विविधता वाले देश में समावेशिता शैक्षिक अनुभव के केंद्र में है। उन्होंने कहा, ‘गले लगाना, संलग्न करना, प्रबुद्ध करना और सशक्त बनाना हमारा मूलमंत्र होना चाहिए। सुविधाएं सृजित करने के साथ-साथ ई-शिक्षा में शिक्षकों के कौशल को उन्नत करना भी अहम है।' वेंकैया ने कहा, ‘यह वह पहलू है, जहां आपके जैसे संस्थान उन्हें स्थानीय और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए टेक-सेवी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।' उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘एनआईटीटीटीआर' शैक्षणिक परिदृश्य में एक अद्वितीय स्थाना रखता है और इसे शिक्षकों, विशेष रूप से तकनीकी शिक्षकों को सशक्त बनाने के लिए स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 60,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने आठ पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है। शिक्षकों को बौद्धिक जीवनरेखा बताते हुए वेंकैया ने कहा कि एक अभ्यर्थी और ज्ञान के निर्माता के रूप में उनकी आवश्यकता है, शिक्षक जीवन को छूते हैं और उसका उत्थान करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी कक्षाओं में विशेष रूप से ग्रामीण भारत में प्रेरणादायक और परिवर्तनकारी शिक्षकों की जरूरत है। महान शिक्षक शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से परिभाषित करते हैं और प्रगति की नींव रखते हैं।
- देवभूमि द्वारका (गुजरात) । गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया कस्बे में एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। खंभालिया पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मीराबेन चावड़ा (29) सोमवार सुबह पुलिस क्वार्टर में अपने फ्लैट की छत से लटकी मिलीं। उन्होंने कहा कि चावड़ा खंभालिया पुलिस थाने में तैनात थी और उसने रविवार रात को यह कदम उठाया अधिकारी ने बताया कि थाने में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
- जम्मू।जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले की तीसरी बरसी पर सोमवार को यहां हमले में शहीद अर्धसैनिक बल के जवान की पत्नी को सम्मानित किया गया। अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान प्रायोजित आंतकवादियों द्वारा दक्षिण कश्मीर के पुलवामा स्थित लेथोपोरा गांव में हुए हमले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 40 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 76वीं बटालियन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने यहां जारी बयान में कहा कि पुलवामा हमले में शहीद जवानों में से एक हेड कांस्टेबल नसीर अहमद की पत्नी ‘वीर नारी' शाजिया कौसर को 76वीं बटालियन की सेकेंड कमान कमल सिसोदिया ने शॉल ओढाकर और बोनजाई पौधा भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि सीआरपीएफ का काफिला जब श्रीनगर जा रहा था तभी विस्फोटकों से लदे वाहन ने बल के बस में टक्कर मार दी जिससें 40 जवान शहीद हो गए। इसपर जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को हवाई हमला कर पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया। सिसोदिया ने कहा, ‘‘पुलवामा में वर्ष 2019 में किया गया कायराना हमला बहुत दुखी करने वाला और दर्दनाक था लेकिन उसके बाद पिछले तीन साल में हमने आतंकवादियों को हर मोर्चे पर मात दी है और जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी मारे गए हैं। यह हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है।'' उन्होंने कहा कि जवानों द्वारा राष्ट्र के लिए दिया बलिदान पूरे देश के लिए होता है और ‘‘हमें उन्हें खुले दिन से राजनीति को परे रखकर याद करना चाहिए।'' विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक समूहों ने भी पूरे जम्मू क्षेत्र में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए।
- नयी दिल्ली। भारत ने सोमवार को चीन से संबंध रखने वाले 54 मोबाइल ऐप को सुरक्षा एवं निजता से जुड़े मसलों पर प्रतिबंधित कर दिया जिनमें टेंसेंट एक्सराइवर, नाइस वीडियो बायडु और वीवा वीडियो एडिटर शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रतिबंधित किए गए 54 चीनी ऐप ने कथित तौर पर उपयोगकर्ताओं से अहम मंजूरियां हासिल कर उनसे संवेदनशील जानकारियां जुटाईं। ये ऐप उपयोगकर्ताओं से जुटाई गई जानकारियों का दुरुपयोग कर रहे थे और उसे विरोधी देश में स्थित सर्वरों को भेज रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, प्रतिबंधित किए गए ऐप देश की अखंडता एवं संप्रभुता को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में कथित तौर पर लिप्त पाए गए थे। इनसे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका पाई गई। सूत्रों ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन 54 ऐप को प्रतिबंधित करने के लिए अंतरिम निर्देश जारी कर दिए हैं। मंत्रालय को इस बारे में गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया था। प्रतिबंध के दायरे में आए ऐप में ब्यूटी कैमराः स्वीट सेल्फी एचडी, ब्यूटी कैमराः सेल्फी कैमरा, राइज ऑफ किंग्सडम्सः लॉस्ट क्रुसेड, वीवा वीडियो एडिटर, टेंसेंट एक्सराइवर जैसे लोकप्रिय ऐप भी शामिल हैं। इनके अलावा गेरेना फ्री फायर- इल्युमिनेट, एस्टाक्राफ्ट, फैंसीयू प्रो, मूनचैट, बारकोड स्कैनर-क्यूआर कोड स्कैन और लीका कैम को भी सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। इस साल भारत सरकार ने चीन से संबंधित मोबाइल ऐप को प्रतिबंधित किया है। वर्ष 2020 में भी कई प्रमुख चीनी ऐप प्रतिबंधित किए गए थे। जून 2020 में सरकार ने टिकटॉक और यूसी ब्राउजर जैसे 59 चीनी ऐप पर पाबंदी लगा दी थी। जून 2020 में भारत सरकार ने चीनी ऐप पर प्रतिबंध लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच पैदा हुए तनाव के बाद उठाया था। उसके बाद इन प्रतिबंधित ऐप के नकली संस्करण के रूप में उतारे गए ऐप को भी अगस्त 2020 में प्रतिबंधित कर दिया था। उसी साल सितंबर में भी सरकार ने 118 अन्य चीनी ऐप पर भी पाबंदी लगा दी जिनमें लोकप्रिय गेमिंग ऐप पब्जी भी शामिल था।
- नयी दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अपनी मुफ्त बस यात्रा योजना पर 484 करोड़ रुपये खर्च किये और वहीं, इस सेवा का 48 करोड़ से अधिक महिलाओं ने लाभ उठाया है। आधिकारिक आंकड़ों में इस बारे में जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि 24.43 लाख से अधिक महिलाओं ने पिछले साल शहर की बसों में मुफ्त यात्रा की।दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डीआईएमटीएस) में कुल 6,900 बसों का बेड़ा है। दिल्ली परिवहन विभाग ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘दिल्ली सरकार ने राज्य द्वारा परिचालित 6,900 बसों में मुफ्त यात्रा करा कर महिलाओं को सशक्त किया है। अब तक 48 करोड़ महिलाओं ने इसका लाभ उठाया और 2021 में 24 करोड़ महिलाओं ने इनमें मुफ्त यात्रा की। इसके अलावा, हर बस में मार्शल की मौजूदगी ने यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की।
- नयी दिल्ली। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को देश के प्रमुख हवाईअड्डों को अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हवाईअड्डों और एयरलाइंस के सलाहकार समूहों के साथ विचार-विमर्श किया। सिंधिया ने पिछले साल जुलाई में नागर विमानन मंत्रालय का प्रभार संभाला था। उसके बाद से वह कोविड-19 से प्रभावित नागर विमानन क्षेत्र को उबारने के लिए कई सलाहकार समूहों का गठन कर चुके हैं। मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘देश के प्रमुख हवाईअड्डों को अंतरराष्ट्रीय केंद्र वाले हवाईअड्डों के रूप में विकसित करने के लिए हवाईअड्डों तथा एयरलाइंस के सलाहकार समूहों के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया।
- सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले के सीआईए स्टाफ ने मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस के सीआईए स्टाफ ने बताया कि आरोपियों की पहचान सोमबीर और राहुल उर्फ अमित के रूप में की गयी है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी गुरूग्राम और सोनीपत जिले के रहने वाले हैं । उन्होंने बताया कि उनके पास से 11 किलो 690 ग्राम गांजा रामद किया गया ।पुलिस ने एक अन्य मामले में पुलिस ने आरोपी सतपाल को गिरफ्तार कर उसके पास से 835 ग्राम गांजा जबकि आरोपी हरीश को गिरफ्तार कर उसके पास से 100 ग्राम चरस बरामद किया है । उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
- कोटा (राजस्थान)। राजस्थान के कोटा में रविवार को निजी तौर पर ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक ने अपने घर में ही 15 वर्षीय छात्रा की कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी 28 वर्षीय गौरव जैन घटना के बाद से फरार है और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि लड़की नौवी कक्षा में पढ़ती थी और आरोपी जैन पिछले तीन साल से उसे पढ़ा रहा था। उन्होंने बताया कि वे रामपुरा थानाक्षेत्र में एक दूसरे के पड़ोस में रहते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी जैन पीड़िता और अन्य छात्रों को अपने घर पर पढ़ाता था।उन्होंने बताया कि लड़की सामान्य तौर पर पूर्वाह्न 11:30 पर घर लौट आती थी लेकिन रविवार को जब वह नहीं लौटी तो परिवार ने आरोपी जैन को फोन किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने लड़की के दोपहर बाद एक बजे जाने की बात कही लेकिन दोपहर बाद भी जब लड़की नहीं लौटी, तो वे आरोपी के घर गए और दरवाजा तोड़ कर भीतर घुसे तो बेटी का दम घुटते पाया। उन्होंने बताया कि लड़की के गले में फंदा था और उसके हाथ बंधे हुए थे। पुलिस अधीक्षक केसर सिंह ने बताया, ‘‘उसके शरीर पर जख्म के निशान थे और जांच के दौरान दम घुटने से मौत प्रतीत होती है।'' पीड़िता के परिवार के मुताबिक लड़की मुश्किल से सांस ले रही थी और जब अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस उपाधीक्षक और क्षेत्राधिकरी अमर सिंह ने कहा, ‘‘यह टिप्पणी करना संभव नही है कि फंदा लगाने से पहले उससे दुष्कर्म भी हुआ था या नहीं। हम चिकित्सा रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि पीड़िता रविवार को आरोपी के घर गई एकमात्र विद्यार्थी थी। सिंह ने बताया कि लड़की के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया ।
- मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जनपद के गोवर्धन कस्बे में शनिवार रात को बदमाशों ने एक कपड़ा व्यापारी को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घायल व्यापारी का उपचार जारी है। व्यापारी की पत्नी ने वृन्दावन के चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। गोवर्धन के पुलिस उपाधीक्षक गौरव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मूलतः वृन्दावन के किशोरपुरा, कुम्हार मोहल्ला निवासी कपिल गौड़ की गोवर्धन के दसविसा बाजार में कपड़ों की दुकान है। वह ठा. हरिदेव जी गली में गोपी चंद के मकान में पत्नी अनीता के साथ रहता है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार की रात कपिल किसी काम से बाजार जा रहा था, तभी घर के बाहर घात लगाए खड़े कुछ लोगों ने उसे गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने कपिल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। त्रिपाठी ने बताया कि घायल व्यापारी की पत्नी ने वृन्दावन के ही चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। डीएसपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली। भारत की भव्य आधुनिक राजधानी 'नयी दिल्ली', जिसके दिल में रायसीना हिल परिसर है और जिसकी आधारशिला एक सदी पहले महाराज जॉर्ज पंचम और महारानी मैरी ने रखी थी। 13 फरवरी, 1931 में वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा भारत की राजधानी के रूप में इसका उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन समारोह एक हफ्ते तक चला था, जिसमें तत्कालीन वायसराय ने 12 फरवरी 1931 को प्रथम विश्वयुद्ध (1914-1918) और तीसरे आंग्ल-अफगान युद्ध (1919) में शहीद सैनिकों की याद में निर्मित अखिल भारतीय युद्ध स्मारक आर्क, जिसे अब इंडिया गेट के नाम से जाना जाता है, को समर्पित किया था। इस ऐतिहासिक स्थल पर सैनिकों के नाम उकेरे गए हैं। नया शाही शहर 12 दिसंबर 1911 को यहां एक भव्य 'दरबार' समारोह के दौरान अस्तित्व में आया था, जब ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम ने भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की थी। तीन दिन बाद, भारत सरकार के शिविर में एक साधारण समारोह आयोजित किया गया, जहां महाराज जॉर्ज पंचम और महारानी मैरी ने नयी राजधानी की दो आधारशिलाएं रखी थीं। अभिलेखों के मुताबिक, आधारशिला के पत्थरों पर सिर्फ '15 दिसंबर 1911' उकेरा गया था।आधारशिला रखने के बाद ब्रिटिश सम्राट ने कहा था, 'यह मेरी इच्छा है कि सार्वजनिक भवनों के निर्माण की योजना और डिजाइन पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि इस प्राचीन और सुंदर शहर के योग्य नयी रचना हर जगह की जा सके।' महाराज के दृष्टिकोण के अनुरूप आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियन और सर हर्बर्ट बेकर ने ब्रिटिश राज की नई राजधानी का निर्माण किया, जिसकी भव्यता और वास्तुशिल्पीय वैभव ने यूरोप और अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ शहरों को टक्कर दी। इस नयी राजधानी का केंद्रबिंदु रायसीना हिल परिसर था, जिसमें राजसी वायसराय हाउस (अब राष्ट्रपति भवन) के अलावा नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक मौजूद था। शहर का निर्माण दो विश्व युद्धों के बीच किया गया था और इसे बनाने में 20 साल लगे थे। नयी राजधानी का उद्घाटन 13 फरवरी 1931 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन ने किया था। पुस्तक 'ग्लिटरिंग डिकेड्स: न्यू डेल्ही इन लव एंड वॉर' के अनुसार, उद्घाटन के दिन लॉर्ड इरविन ने तुरही की धुन के बीच (ब्रिटिश) राष्ट्रगान बजाए जाने के दौरान चार प्रतिष्ठित डोमिनियन खंभों का अनावरण किया था, जो लाल बलुआ पत्थर से बने थे और जिनके ऊपर जहाज की एक-एक प्रतिकृति मौजूद थी। प्रत्येक खंभे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और कनाडा से उपहार में मिले थे और ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति उनकी दोस्ती व एकजुटता का प्रतीक थे। दिल्ली अभिलेखागार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने 'नयी दिल्ली' के ऐतिहासिक उद्घाटन को याद किया।विभाग ने रविवार को ट्वीट किया, '' टुडे इन हिस्ट्री, भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन ने 1931 में आज ही के दिन भारत की नयी राजधानी के रूप में नई दिल्ली का उद्घाटन किया था।'' दिल्ली अभिलेखागार ने तत्कालीन नवनिर्मित सचिवालय भवन और संसद भवन की एक अभिलेखीय तस्वीर भी साझा की।
- बुलंदशहर (उप्र)। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ गलत हलफनामे के आधार पर पदोन्नति हासिल करने के लिए धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। हलफनामे में आगरा पुलिस थाने में पुलिस अधिकारी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को छिपाया गया था।एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि बुलंदशहर के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बजरंग बली चौरसिया की शिकायत पर यहां पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुधीर कुमार त्यागी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि उपाधीक्षक के रूप में अपनी पदोन्नति से पहले और बाद में यहां एक अनुमंडल अधिकारी के रूप में तैनात होने से पहले, त्यागी उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान समूह में एक निरीक्षक के रूप में कार्यरत थे, जब उनके खिलाफ आगरा के रकाबगंज पुलिस थाने में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। अधिकारी ने कहा कि उन्हें पिछले महीने वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन उनकी पदोन्नति से पहले, उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय को एक हलफनामा देना था, जिसमें आपराधिक इतिहास, यदि कोई हो, सहित विभिन्न विवरणों का खुलासा करना था। उन्होंने बताया कि हालांकि, त्यागी ने अपने हलफनामे में आगरा में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज आपराधिक मामले का खुलासा नहीं किया और यह बात उनके हलफनामे के सत्यापन के बाद सामने आई।
- गुरुग्राम । स्कूल कार्यक्रम में एक साथी छात्र की खिल्ली उड़ाये जाने का पांच साल पुराना दृश्य अनुष्का जॉली की याददाश्त में बहुत गहराई के साथ बैठ गया। इस घटना ने 13 साल की बच्ची को ‘कवच' नाम से एक मोबाइल ऐप बनाने के लिए प्रेरित किया। इस ऐप के लिए कक्षा आठवीं की छात्रा जॉली को 50 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। स्कूल में दबंगई (बुलिंग) रोकने के खिलाफ जॉली ने तीन साल पहले एक डिजिटल मंच तैयार किया, जिसका नाम है दबंगाई निरोधक दल (एंटी-बुलिंग स्क्वाड यानी एबीएस)। यह मंच विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को बिना नाम का खुलासा किए रिपोर्ट करने की सुविधा देने के लिए तैयार किया गया। इसे शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों की मदद से तैयार किया गया। एबीएस का 100 से अधिक स्कूलों के 2000 से अधिक बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कक्षा आठवीं की छात्रा ने ‘कवच' नाम से एक मोबाइल ऐप भी बनाया है। इस ऐप की खासियत यह है कि विद्यार्थी और अभिभावक बिना अपने नाम का खुलासा किए छात्रों की दबंगई के खिलाफ शिकायत कर सकेंगे। इससे स्कूलों और परामर्शदाताओं को हस्तक्षेप करने और कार्रवाई करने का मौका मिल सकेगा। अपने नवोन्मेषी विचार के कारण टीवी रियलिटी शो ‘शार्क टैंक इंडिया' की प्रतिभागी रहीं जॉली ने कहा, ‘‘एक लड़की के साथ दबंगई की घटना मेरी याददाश्त में दर्ज हो गई और मैं अब तक उसका चेहरा नहीं भूल सकी। वह डरी हुई थी और खुद को असहाय महसूस कर रही थी।'' गुरुग्राम स्थित पाथवे स्कूल की छात्रा जॉली चाहती हैं कि स्कूल में दबंगई के खिलाफ एंबेसडर का एक मजबूत नेटवर्क बनाया जाए जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पीड़ित तक मंच या ऐप के जरिये पहुंच सके। जॉली ने बताया की दो निवेशकों ने उनके ऐप में 50 लाख रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। जॉली के विचार (आइडिया) में निवेश करने वालों में पीपल ग्रुप (शादी डॉट कॉम) के संस्थापक और सीईओ अनुपम मित्तल और बीओएटी के सह-संस्थापक अमन गुप्ता भी हैं। जॉली के पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के साथ-साथ एक उद्यमी भी हैं।
- नयी दिल्ली । काराकोरम क्षेत्र के ग्लेशियर स्थिर हैं, जबकि गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी का पोषण करने वाले ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। लोकसभा में लिखित प्रश्न के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि हिंदूकुश हिमालयी ग्लेशियरों की औसत पीछे हटने की दर 14.9 से 15.1 मीटर प्रति वर्ष थी। पीछे हटने की यह दर सिंधु नदी के लिए 12.7 से 13.2 मीटर प्रति वर्ष, गंगा नदी के लिए 15.5 से 14.4 मीटर प्रति वर्ष और ब्रह्मपुत्र नदी घाटी के लिए प्रति वर्ष 20.2 से 19.7 मीटर रही। मंत्रालय से जुड़े विभिन्न संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा, ‘‘काराकोरम क्षेत्र में ग्लेशियर तुलनात्मक रूप से मामूली लंबाई परिवर्तन दिखा रहे हैं, जो स्थिर स्थिति का सूचक है।'' मंत्रालय अपने स्वायत्त संस्थान नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (एनसीपीओआर) के माध्यम से वर्ष 2013 से पश्चिमी हिमालय में चंद्रा बेसिन (2,437 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र) में छह ग्लेशियर की निगरानी कर रहा है। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (डब्ल्यूआईएचजी) उत्तराखंड में कुछ ग्लेशियरों की निगरानी कर रहा था, जिससे पता चलता है कि भागीरथी बेसिन में डोकरियानी ग्लेशियर वर्ष 1995 से 15 से 20 मीटर प्रति वर्ष की दर से पीछे हट रहा था, जबकि मंदाकिनी बेसिन में चोरबारी ग्लेशियर 2003-2017 के दौरान 9 से 11 मीटर प्रति वर्ष की दर से पीछे हट रहा था। यह भी कहा गया कि ग्लेशियर का हिमालयी नदियों के जल संसाधनों पर काफी प्रभाव पड़ता है। मंत्रालय ने कहा कि ग्लेशियर के पिघलने से झीलों की संख्या और इनके आाकार में बढ़ोतरी होती है, जिससे खतरा बढ़ जाता है। ग्लेशियर झील के फटने से लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा इसका उच्च हिमालयी क्षेत्र की कृषि परंपराओं पर भी असर पड़ता है।
- नयी दिल्ली।जोड़ों में दर्द और जकड़न की समस्या ‘ऑस्टियोआर्थराइटिस' का सामना कर रहे 40 वर्ष से कम उम्र के रोगियों में घुटना बदलना नुकसानदेह है और बेहतरी के बजाए इससे नुकसान हो सकता है। डॉक्टरों ने इस बारे में आगाह करते हुए कहा है कि इसके बजाय जोड़ों की हड्डी को तैयार करने के लिए सर्जरी के जरिए लाभ मिल सकता है। गुरुग्राम के पारस अस्पताल के कंसल्टेंट-ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर शुभम जोशी ने कहा कि ऑर्थोपेडिक सर्जन को उन्नत प्रशिक्षण और अस्पताल के बुनियादी ढांचे में समय के साथ प्रगति होने से सर्जरी के परिणामों में काफी सुधार हुआ है। हालांकि हड्डियों की सुरक्षा से बेहतर कुछ नहीं है। एनएचएस हॉस्पिटल, जालंधर के सीनियर ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन और निदेशक डॉक्टर शुभांग अग्रवाल ने सुझाव दिया कि ‘कार्टिलेज रीजनरेशन' जैसी सर्जरी इस समस्या से निपटने में मदद कर सकती हैं। डॉक्टर ने कहा, ‘‘गठिया के शिकार ऐसे युवा रोगियों में घुटना बदलने की सर्जरी की आवश्यकता होती है, जिनके घुटने के जोड़ों वाले हिस्से में परिवर्तन होता है। हालांकि हम रोबोटिक सर्जरी करते हैं जिससे पूरी तरह से मिलान हो जाता है और प्रतिरोपण 30 साल तक टिकता है।'' हालांकि, उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के संस्थापक और निदेशक डॉक्टर शुचिन बजाज ने कहा कि अगर समय पर इलाज किया जाए तो यह हड्डी को विकसित कर सकता है और घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी से बचा जा सकता है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के लोकप्रिय जनपथ बाजार में ‘पिंक बूथ' स्थापित किया है जिसमें महिलाओं की मदद के लिए महिला कर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस की इस पहल का दुकानदारों और रेहड़ी पटरी वालों ने प्रशंसा की है और साथ ही इसी तरह के बूथ अन्य बाजारों में खोलने की मांग होने लगी है। इस ‘पिंक बूथ' को स्थापित किए अभी एक हफ्ते भी पूरे नहीं हुए हैं लेकिन इससे महिला खरीदारों और रेहड़ी वालों में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी की एक निजी कंपनी में काम करने वाली आरुषि प्रकाश ने कहा, ‘‘ मैं महसूस करती हूं कि अगर शिकायत नियमित तौर पर आती है तो पुलिस समस्या को समाधान करना चाहिए। महिलाओं से जुड़े मामलों का समाधान सबसे अधिक असुरक्षित वर्ग के तौर पर करना चाहिए। मैं अन्य बाजारों में करीब एक साल से नहीं गई हूं, अगर वहां ऐसे बूथ नहीं हैं तो अधिकारियों को वहां भी इन्हे स्थापित करने पर विचार करना चाहिए।'' उल्लेखनीय है कि कनॉट प्लेस पुलिस थाने के अंतर्गत जनपथ बाजार में ‘पिंक बूथ' का उद्घाटन मंगलवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली रेंज) एके सिंह द्वारा किया गया। पुलिस के मुताबिक इसका उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देना और बाजार में महिला पुलिस कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर तत्काल राहत मुहैया कराना है। इस पिंक बूथ की प्रभारी उप निरीक्षक लवली प्रियंका को बनाया गया है और उनकी सहायता के लिए दो कांस्टेबल की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया, ‘‘अबतक (शनिवार तक) हमें कोई शिकायत नहीं मिली है लेकिन कई महिलाएं इस बूथ के बारे में जानकारी लेने आई।'' उन्होंने कहा,‘‘अगर महिलाओं का कोई मामला हुआ या वे शिकायत दर्ज कराना चाहती हैं तो बिना पुलिस थाने गए वे यहां ऐसा कर सकती हैं। महिलाओं से जुड़े कई मामले होते हैं जिन्हें वे पुरुष के साथ साझा करने में असहज महसूस करती हैं। हमें अबतक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।'' पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) दीपक यादव ने बताया कि इस बूथ को महिलाओं में सुरक्षा का भाव मजबूत करने के लिए स्थापित किया गया है और यह सप्ताह में सातों दिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे खुला रहेगा।
- सतना। मध्य प्रदेश में सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट में रविवार शाम को तीर्थयात्रियों से खचाखच भरी बस पलट गई। इस हादसे में बस में सवार 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई जबकि 37 अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर है। सतना के जिलाधिकारी अनुराग वर्मा ने बताया कि इस हादसे में एक महिला की मौत हुई है और 37 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि घायलों में से चार की हालत गंभीर है, जिन्हें सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि बाकी 33 घायलों का चित्रकूट के जानकीकुण्ड अस्पताल में इलाज चल रहा है। वर्मा ने कहा कि ये लोग उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर जिले के रहने वाले हैं और चित्रकूट की तीर्थयात्रा पर थे। उन्होंने कहा कि एक ऑटोरिक्शा को बचाने के प्रयास में तीर्थयात्रियों से भरी बस सड़क से फिसल कर पलट गई। हादसा सतना जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर चित्रकूट स्थित प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी धाम के पास हुआ। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हादसे के वक्त बस में 65 या उससे ज्यादा लोग सवार थे। इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस हादसे पर दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों की सहायता के निर्देश दिये हैं।
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो ने श्री हरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी52 का सफल प्रक्षेपण किया। इस यान से तीन उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे गए। इसरो के अध्यक्ष सी.एस. सोमनाथ ने कहा है कि प्रक्षेपण सफल रहा है और इसके सभी चार चरण पूरे हो गये हैं। उन्होंने इसे सफलता के लिए पीएसएलवी टीम का आभार व्यक्त किया।यह 2022 का पहला प्रक्षेपण अभियान है। पीएसएलवी-सी 52 के जरिए धरती पर नजर रखने वाले उपग्रह ईओएस-04 को कक्षा में भेजने के लिए 25 घंटे की उलटी गिनती रविवार सुबह शुरू हो गई थी। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) अपने साथ दो छोटे उपग्रहों को भी लेकर गया। इसका प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से सोमवार को सुबह 05:59 बजे हुआ ईओएस-04 एक ‘रडार इमेजिंग सैटेलाइट’ है जिसे कृषि, वानिकी और वृक्षारोपण, मिट्टी की नमी और जल विज्ञान व बाढ़ मानचित्रण जैसे अनुप्रयोगों एवं सभी मौसम स्थितियों में उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।इसरो के मुताबिक पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट EOS-04 के साथ ही दो छोटे सैटेलाइट को भी PSLV-C52 रॉकेट से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। ये सैटेलाइट अपनी कक्षा में स्थापित हो गए हैं। इसरो इस साल के शुरुआती तीन महीनों के अंदर पांच लॉन्चिंग की तैयारी में है। पहली तो EOS-4 होगी। इसके बाद PSLV-C53 पर OCEANSAT-3 और INS-2B मार्च में लॉन्च किया जाएगा। अप्रैल में SSLV-D1 माइक्रोसैट की लॉन्चिंग होगी। हालांकि किसी भी लॉन्चिंग की तय तारीख आखिरी वक्त तक बदली जा सकती है। क्योंकि किसी भी लॉन्च से पहले कई तरह के मानकों को देखना होता है।पीएसएलवी अपने साथ में दो छोटे उपग्रहों को भी ले गया, जिनमें कोलोराडो विश्वविद्यालय, बोल्डर की वायुमंडलीय और अंतरिक्ष भौतिकी प्रयोगशाला के सहयोग से तैयार किया गया भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) का उपग्रह इन्सपायरसैट-1 भी शामिल है। इसमें एनटीयू, सिंगापुर और एनसीयू, ताइवान का भी योगदान रहा है। इस उपग्रह का उद्देश्य आयनमंडल के गति विज्ञान और सूर्य की कोरोनल ऊष्मीय प्रक्रियाओं की समझ में सुधार करना है।वहीं, दूसरा उपग्रह इसरो का एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक उपग्रह (आईएनएस-2टीडी) है। इसके उपकरण के रूप में एक थर्मल इमेजिंग कैमरा होने से उपग्रह भूमि की सतह के तापमान, आर्द्रभूमि या झीलों के पानी की सतह के तापमान, वनस्पतियों (फसलों और जंगल) और तापीय जड़त्व (दिन और रात) के आकलन में सहायता प्रदान करेगा।
- जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में चेतावनी के बावजूद 11 लोग समुद्र तट पर गए जहां शक्तिशाली लहरें उन्हें बहा ले गईं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। तलाश और बचाव कार्य एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात को कई गांवों के 24 लोगों का समूह स्थानीय कर्मकांड में भाग लेने समुद्र तट पर पहुंचा। अनुष्ठान के तहत इन लोगों को समुद्र में तैरना भी था। अधिकारयों ने बताया कि जेम्बर जिले में पयांगन तट पर बचाए गए 13 लोगों में दो साल की एक बच्ची भी है। इन लोगों का उपचार किया जा रहा है। बचाव दल के प्रमुख आई वायन सुयंता ने कहा कि स्थानीय नागरिकों को समुद्र में तेज लहरें आने की चेतावनी देते हुए उन्हें समुद्र किनारे जाने से मना किया गया था। उन्होंने बताया कि अचानक आई लहर अपने साथ 23 लोगों को बहा ले गई। इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी ने पूर्वी जावा प्रांत सहित कई क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम और तेज लहरें उठने का अनुमान जताया है।
- गुरुग्राम (हरियाणा)। एक दिव्यांग महिला ने गुरुग्राम के साइबर हब में एक मशहूर पब पर उनके व्हीलचेयर पर होने के कारण प्रवेश देने से इनकार करने का आरोप लगाया है। हालांकि, क्लब प्रबंधन ने इस आरोप को खारिज किया है। सृष्टि पांडे के अपने साथ हुए व्यवहार की कहानी बताते हुए किए गए ट्वीट को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। वहीं, 'रास्ता' पब के प्रबंधक बी. माधव ने दावा किया कि महिला को प्रवेश से इनकार नहीं किया गया बल्कि डांस फ्लोर पर जाने से रोका गया क्योंकि वहां काफी भीड़ थी और उनकी व्हीलचेयर से कोई हादसा हो सकता था।पांडे ने शनिवार को सिलसिलेवार ट्वीट् कर कहा, ''मैं अपनी प्रिय मित्र के साथ गत रात गुरुग्राम के रास्ता पब गयी थी। लंबे समय बाद मैं बाहर निकली थी और मैं मजे करना चाहती थी। भैया (मेरे दोस्त के बड़े भाई) ने चार लोगों के लिए टेबल बुक करने के लिए कहा। वहां मौजूदा कर्मचारियों ने दो बार उन्हें नजरअंदाज कर दिया।'' उसने कहा, ''तीसरी बार उन्होंने कहा तो कर्मचारी ने कहा कि 'व्हीलचेयर अंदर नहीं जाएगी'। हमें लगा कि अंदर तक पहुंचने में कोई दिक्कत होगी लेकिन ऐसा नहीं था। हमने उससे कहा कि हम कुछ व्यवस्था कर लेंगे, आप टेबल बुक कीजिए। इसके बाद उसने जो कहा, उससे हम सभी स्तब्ध रह गए।'' पांडे ने कहा, ''उसने मेरी तरफ इशारा करते हुए कहा 'अंदर कस्टमर्स डिस्टर्ब हो जाएंगे' और हमें प्रवेश करने से रोका दिया। यह एक फैंसी जगह के कर्मचारी ने कहा। काफी देर तक बहस करने के बाद उसने बाहर टेबल रखने को कहा। बाहर बैठना काफी खराब था। बहुत ठंड थी और मैं अपनी हालत की वजह से बहुत देर तक ठंड में बाहर नहीं बैठ सकती।'' पांडे ने पब के कर्मचारी के साथ बहस का एक वीडियो भी पोस्ट किया है। बहरहाल, 'रास्ता' क्लब ने दावा किया कि तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा गया है। अभिनेत्री-फिल्म निर्माता पूजा भट्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, ''मैं बहुत दुखी हूं कि आपको साथ यह हुआ। हम एक समाज के रूप में अनुकम्पा की कमी से जूझ रहे हैं। व्हीलचेयर का अंदर न जा पाना एक बात है लेकिन इस पर निर्भर व्यक्ति को देखकर जाने से इनकार कर देना अलग बात है।'' गुरुग्राम पुलिस ने भी पांडे के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी और उनसे संपर्क की जानकारियां मांगी। बहरहाल, डीएलएफ फेज 2 पुलिस थाने के इंस्पेक्टर पवन मलिक ने कहा, ''इस मामले में हमें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
- जयपुर। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी थाना क्षेत्र के मातृकुंडिया में रविवार सुबह एक निर्माणाधीन मंदिर में लकड़ी के बल्ली फंटे के टूट जाने से पांच मजदूर गिर गये। दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गये। थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि जाट समाज के निर्माणाधीन मंदिर में लकडी के बल्ली फंटे पर काम कर रहे पांच मजदूर बल्लियों के टूटने से गिर गये जिससे दो मजदूर कालूराम गरासिया (23) और राजू (25) की मौत हो गई। तीन अन्य मजदूर घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायलों को उपचार के लिये चित्तौड़गढ़ राजकीय चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है।उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों के यहां पहुंचने पर पोस्टमार्टम करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
- जयपुर,। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के अंबापुरा थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक कमरे से विवाहिता और उसके दो बच्चों के शव फंदे से लटके मिले। पुलिस के अनुसार घटना के समय पति घर पर मौजूद नहीं था। तीनों के शव फंदे से उतारकर पुलिस को सूचित किया गया था। परिजनों ने आशंका जताई है कि विवाहिता ने पहले अपने दो बच्चों की हत्या की होगी फिर खुद फंदा लगाकर जान दे दी होगी। थानाधिकारी गजवीर सिंह ने रविवार को बताया कि मृतकों की पहचान साधना (32), गीता (6) और अमित (4) के रूप में की गई है। सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला पारिवारिक कलह का प्रतीत हो रहा है। मृतका के परिजनों की ओर से उसके पति और ससुर के खिलाफ उसे प्रताड़ित करने का मामला दर्ज करवाया गया है। सिंह ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस संबंध में सभी दिशाओं में जांच जारी है।
- मेरठ । उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के बड़ौत मार्ग से दो घंटे के अंदर दो युवकों के शव बरामद किये गये हैं जिसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है । एक शव सुबह आठ बजे बरामद किया गया जबकि दूसरा शव दो घंटे के बाद बरामद किया गया । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि दोनों शवों की शिनाख्त नहीं की जा सकी है । उन्होंने बताया कि दोनों के हाथ पर टैटू बना हुआ है । उन्होंने बताया कि शिनाख्त के लिए घटनास्थल व आसपास के थानों की पुलिस से सम्पर्क कर लापता युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि दोनों युवकों की हत्या करने के बाद शव यहां फेंक दिया गया है । पुलिस मामले की जांच कर रही है ।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में स्थानीय कारोबारों पर जारी कोविड संबंधी पाबंदियों के असर को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापारी दुकानों को रात साढ़े नौ बजे तक खोलने की अनुमति समेत पाबंदियों में और ढील देने की मांग कर रहे हैं। विभिन्न बाजारों के व्यापारी संघों ने कहा कि वे पाबंदियों के कारण बढ़ते नुकसान का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब दिल्ली में हालात सुधरे हैं तो पाबंदियां जारी रखने की क्या तुक है। मध्य दिल्ली में कनॉट प्लेस बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘नयी दिल्ली व्यापार संघ'(एनडीटीए) ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर स्थानीय व्यापारियों के लिए राहत देने की मांग की है। उसने कहा, ‘‘हमें दुकान मालिकों/दुकानदारों से कई पत्र मिल रहे हैं कि उन्हें रात आठ बजे के बजाय रात साढ़े नौ बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए। रात आठ बजे दुकान बंद करने का मतलब है कि दुकान बंद करने की तैयारी सात बजे शुरू करना, जिससे प्रमुख कारोबारी समय का नुकसान हो रहा है।'' दिल्ली में अन्य व्यापार संघों ने भी ऐसी ही मांगें की हैं।‘खान मार्केट ट्रेड एसोसिएशन' के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कहा कि यह दुकानदारों पर छोड़ना चाहिए कि वे दुकानें खोले रखना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि सभी चीजें सामान्य हो गयी है, तो दुकान बंद करने का समय भी सामान्य होना चाहिए। हम कह रहे हैं कि मास्क पहनने जैसे सख्त दिशा निर्देशों में थोड़ी छूट देनी चाहिए।'' ‘सरोजिनी नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने दुकानदारों के बढ़ते नुकसान को लेकर निराशा जतायी। उन्होंने कहा, ‘‘हम लंबे समय से कह रहे हैं कि समय में ढील देनी चाहिए। हम इन नियमों के कारण नुकसान झेल रहे हैं। कार्यालय भी खुल गए हैं। लोग आमतौर पर खरीदारी के लिए शाम को निकलते हैं। यह शादियों का समय है इसलिए दुकानों पर पाबंदियां लगाने का कोई मतलब नहीं बनता।''
- नयी दिल्ली। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर अधिकारियों ने सरकार से उन्हें समयबद्ध तरीके से पदोन्नति देने की मांग की है। इन अधिकारियों के एक संगठन ने कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह को इस बारे में पत्र लिखा है।अखिल भारतीय केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर मंत्रिस्तरीय अधिकारी संघ ने मौजूदा सेवा नियमों में ‘संरक्षण प्रावधान' के अभाव का उल्लेख किया है। संघ ने कहा है कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 2015 में कार्यकारी सहायकों की नियुक्ति के नियमों को अंशधारकों से टिप्पणियां लिए बिना अंतिम रूप दे दिया था। संघ के महासचिव चित्रसेन गर्ग ने पत्र में कहा कि इन नियुक्ति नियमों के तहत कर सहायक जिसे तीन साल में पहली पदोन्नति मिल रही थी अब उसे पहली पदोन्नति के लिए 10 साल इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने दावा किया कि इन नियुक्ति नियमों में संरक्षण का प्रावधान गायब है जिसकी वजह से पदोन्नति के लिए उन्हें तीन के बजाय 10 साल का इंतजार करना पड़ रहा है।


























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