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- कोच्चि (केरल)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक पीटी थॉमस का बुधवार को तमिलनाडु के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि थॉमस का निधन सुबह वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में हुआ। उनका अग्न्याशय संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा था। थॉमस, इस साल अप्रैल में लगातार दूसरी बार थ्रीक्काकारा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। 2009 से 2014 तक वह इडुक्की निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद भी रहे। वह केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष थे।थॉमस का जन्म 1950 में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत केरल छात्र संघ (केएसयू) के एक कार्यकर्ता के रूप में की। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में केएसयू, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदों पर सेवाएं दीं।
- नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन- डीआरडीओ ने आज सतह से सतह पर मार करने में सक्षम मिसाइल प्रलय का सफल परीक्षण किया। ओडिसा तट पर डॉक्टर ए पी अब्दुल कलाम द्वीप से इस स्वदेश विकसित मिसाइल का परीक्षण किया गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मिसाइल सभी उद्देश्यों पर खरी उतरी। यह मिसाइल पूरे नियंत्रण और मार्गदर्शन के साथ उच्च स्तर की सटीकता से निशाना लगाने में सक्षम है। इस मिसाइल के पथ और दिशा में अचानक परिवर्तन करना भी संभव है।यह मिसाइल ठोस प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर से लैस है और इसमें कई नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया है। यह 150 से 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है और मोबाइल लॉन्चर से भी छोडी जा सकती है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिसाइल के विकास और पहले परीक्षण के लिए डीआरडीओ और सहयोगी टीम को बधाई दी है। उन्होंने सतह से सतह पर मार करने में सक्षम आधुनिक मिसाइल के विकास और सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ की सराहना की। रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने भी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सतह से सतह पर मार करने में सक्षम नई पीढी की मिसाइल है। यह नई प्रौद्योगिकियों से सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि इस मिसाइल से सेना को आवश्यक सहायता मिलेगी।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि 99 प्रतिशत पुलिस थानों में सभी प्राथमिकी केंद्र सरकार के ऑनलाइन पोर्टल सीसीटीएनएस पर दर्ज की जाती हैं और देश के सभी 16,347 पुलिस थाने इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। शाह ने यहां 'साइबर अपराधः खतरे, चुनौतियां एवं प्रतिक्रिया' विषय पर गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ विश्लेषणात्मक उपकरण बनाने का काम 40 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पिछले सात वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ''पिछले सात वर्षों में देश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस चौकी स्तर तक बुनियादी ढांचा तैयार करने का काम पूरा किया गया है।'' शाह ने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस कर्मियों और वकीलों को प्रशिक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क तथा सिस्टम (सीसीटीएनएस) को देश के सभी 16,347 पुलिस स्टेशनों में लागू किया गया है। नए स्थापित पुलिस स्टेशनों सहित 99 प्रतिशत थानों में सीसीटीएनएस पर सभी प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं।-
- नयी दिल्ली। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मंगलवार को कहा कि विदेश मंत्रालय ने कोविड टीका प्रमाणपत्र की पारस्परिक मान्यता को लेकर बेहतर काम किया है ताकि विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि टीका प्रमाणपत्र मान्यता को लेकर भारत का 100 से अधिक देशों के साथ बेहतर तालमेल है। दिल्ली में सुशासन दिवस उत्सव के आठवें संस्करण को संबोधित करते हुए श्रृंगला ने कहा कि महामारी के कारण हुए व्यवधानों का अहम और निरंतर प्रभाव था और मंत्रालय ने उन असाधारण चुनौतियों का सामना बेहद तत्परता और तेज गति से किया। उन्होंने कहा कि अन्य चीजों के अलावा मंत्रालय ने वंदे भारत अभियान पर भी काम किया, जोकि अपने आप में विदेश से लोगों को वापस लाने का सबसे बड़ा अभियान रहा।
- शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी कस्बे में चाय वाले एक व्यक्ति ने अपनी पांच वर्षीय बेटी की ख्वाईश पूरी करने के लिए पहली बार एक नया मोबाइल फोन खरीदा और इस दिन को यादगार बनाने के लिए गाजे-बाजे के साथ अपनी बेटी को बग्गी में बिठाकर नाचते-गाते मोबाइल को दुकान से घर लेकर आया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है।चाय बनाकर बेचने वाले इस व्यक्ति का नाम मुरारी कुशवाहा है और वह शिवपुरी शहर के नीलगर चौराहा पर चाय बेचता है। उसने अपनी बेटी की ख्वाईश पूरा करने के लिए सोमवार की शाम यह मोबाइल फोन 12,500 रुपए में खरीदा और इस दिन को यादगार बनाने के लिए यह जुलूस निकाला। मुरारी ने बताया, मेरे घर में पहली बार मोबाइल फोन आया तो दुकानदार की दुकान से ढोल-धमाके एवं शहनाई बजाते हुए अपने घर इसे लेकर आया। इस जुलूस में एक बग्गी भी थी, जिसमें मैं अपनी बेटी को बिठाकर लाया।'' उन्होंने कहा कि उसके बाद मैंने अपने दोस्तों को घर पर पार्टी भी दी।'' मुरारी ने बताया कि पैसे कम होने के कारण बच्ची की इच्छा पूरी करने मोबाइल फोन को ईएमआई पर लिया है। उन्होंने बताया, ‘‘मेरी 5 साल की बच्ची है। वह मुझसे दो साल से बोल रही थी कि पापा मुझे एक मोबाइल फोन दिला देना।'' मुरारी कहा, ‘‘मैंने बच्ची से बोला था, बेटी चिंता मत करो। हम ऐसा मोबाइल फोन लाएंगे कि पूरा शहर देखता रह जाएगा।
- आगरा । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 86वें दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास से काम लेने और सकारात्मक सोच में विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में "हैप्पीनेस सेंटर" खोलने पर भी जोर दिया और शिक्षकों से बेहतर भविष्य के लिए छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा करने को कहा। पटेल ने पिछले शिक्षा की गुणवत्ता, फर्जी डिग्री और तीन-चार साल से डिग्रियों के लंबित रहने पर भी असंतोष जताया। उन्होंने उन शिक्षकों की भी आलोचना की, जो पिछले 30 वर्षों से विश्वविद्यालय में काम कर रहे हैं और विश्वविद्यालय और उसके छात्रों के उत्थान में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2019-20 के दीक्षांत समारोह में शिक्षकों, छात्रों और अन्य को संबोधित करते हुए कहा, "छात्रों को आत्मविश्वास से भरा होना चाहिए और सकारात्मक सोच में विश्वास करना चाहिए। उन्हें नकारात्मक सोच में विश्वास नहीं करना चाहिए और ईमानदारी से काम करना चाहिए।" इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि आज के छात्र शिक्षकों की तुलना में प्रौद्योगिकी को अपनाने में बेहतर हैं, राज्यपाल ने कहा, "शिक्षक ऐसे छात्रों से प्रौद्योगिकी में मदद क्यों नहीं लेते और उन्हें समितियों में शामिल क्यों नहीं करते हैं?" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एक "हैप्पीनेस सेंटर" होना चाहिए, जहां छात्र कुछ समय बिता सकें और अपने सकारात्मक या नकारात्मक विचारों को अन्य छात्रों के साथ साझा कर सकें। यहां तक कि शिक्षकों को भी इन केंद्रों पर जाकर छात्रों से चर्चा करनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा, ‘‘छात्र और शिक्षकों के बीच में सकारात्मक संवाद होना चाहिये। छात्रों को ऐसा माहौल दिखे कि वे अपने मन की बात शिक्षकों से साझा कर सकें।'' उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ बनना चाहिये। पटेल ने यमुना नदी की सफाई पर जोर देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं अन्य को माह में एक बार घाटों पर जाकर क्षेत्र की सफाई करने और पौधे लगाने को कहा, ताकि शहर में आने वाले पर्यटकों को एक अच्छा संदेश दिया जा सके। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा कि विवि में पिछले तीन-चार साल से डिग्रियां क्यों लंबित हैं।अधिकारियों को केंद्र के ‘डिजिलॉकर' का उपयोग करके और वहां अपलोड करके छात्रों को मुफ्त में डिग्री प्रमाण पत्र प्रदान करने का आदेश दिया गया था। राज्यपाल ने फर्जी डिग्री के मुद्दे पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि भविष्य में कोई भी फर्जी डिग्री नहीं होगी।'' पटेल ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों और पदोन्नति में पारदर्शिता का भी समर्थन किया। पटेल ने कहा, "अनियमितताओं से बचने के लिए समितियों का गठन किया जाता है और इस पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।'' अपने गृह राज्य गुजरात में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, "हमें उत्तर प्रदेश में महिलाओं के ऐसे और एसएचजी को प्रोत्साहित करना चाहिए और उनकी बेहतरी की दिशा में काम करना चाहिए।'' पटेल ने कहा कि इन दिनों ग्रामीण महिलाएं भी ऑनलाइन संसाधनों का लाभ उठा रही हैं और वहां कारोबार कर रही हैं। उन्होंने कहा, "विश्वविद्यालयों को कम से कम पांच गांवों को गोद लेना चाहिए और ग्राम प्रधानों को राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के बारे में शिक्षित करना चाहिए।" दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों को 109 पदक प्रदान किए गए। इनमें से 95 स्वर्ण पदक विजेता और 14 रजत पदक विजेता थे। आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा शिवानी सिंह को 13 मेडल प्रदान किए गए। सिंह को इस अवसर पर 12 स्वर्ण और एक रजत पदक प्रदान किया गया। सिंह ने बात करते हुए कहा, "मैं पदक प्राप्त करने के बाद बहुत खुश हूं। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए मुझे अपने माता-पिता, भाइयों और दोस्तों से पूरा समर्थन मिला।
- मुंबई।महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता की अनुमति देते हुए मंगलवार को इस संबंध में एक आदेश जारी किया। गत सप्ताह उच्चतम न्यायालय ने इस प्रतियोगिता को बहाल करने की अनुमति दी थी, जिस पर 2017 से प्रतिबंध लगा था। पशुपालन विभाग ने मंगलवार को एक सरकारी आदेश जारी करते हुए बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता फिर से शुरू करने की अनुमति दी। न्यायालय ने 16 दिसंबर को दिए आदेश में कहा था कि पशुओं के प्रति क्रूरता निरोधक अधिनियम, 1960 के संशोधित प्रावधानों और महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता तब तक संचालित होगी, जब तक संविधान पीठ इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं दे देती।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि आयकर अधिनियम के तहत परिवार की सामूहिक आय निर्धारित करने की कोई अवधारणा नहीं है और उसके पास अत्यधिक अमीर लोगों पर ‘धन कर' लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन भी नहीं है। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।दरअसल, सरकार से पूछा गया था कि अनुमानों के मुताबिक यदि भारत के 954 सबसे धनी परिवारों पर एक प्रतिशत कर लगा दिया जाता तो इससे कोविड-19 रोधी पूरे टीकाकरण कार्यक्रम का खर्च निकल जाता और पेट्रोल व अन्य ईंधन उत्पादों से अर्जित मूल्य वर्धित कर (वैट) राजस्व इकट्ठा करने के मौजूदा वित्त पोषण तंत्र को अपनाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके जवाब में चौधरी ने कहा, ‘‘आयकर अधिनियम के तहत परिवार की सामूहिक आय निर्धारित करने की कोई अवधारणा नहीं है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार भारत के अत्यधिक अमीर लोगों पर धन कर लगाने पर विचार कर रही है, उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।'' अत्यधिक अमीरों पर धन कर ना लगाने के कारणों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने और व्यापार को आसान बनाने के लिए वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संपत्ति कर को समाप्त कर दिया गया था, क्योंकि इसे संग्रह की उच्च लागत वाला तथा कम प्रतिफल वाला कर पाया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई राजस्व हानि नहीं हुई, क्योंकि एक करोड़ रुपये से अधिक की कुल आय वाले सभी व्यक्तियों (एक विदेशी कंपनी के अलावा) के मामले में संपत्ति कर को मौजूदा अधिभार की दर में दो प्रतिशत की वृद्धि के साथ बदल दिया गया था।'' उन्होंने कहा, ‘‘वित्त अधिनियम (द्वितीय संशोधन) 2019 ने अधिभार की दर को और बढ़ा दिया है।''उल्लेखनीय है कि पेट्रोल व डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की लगातार बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल लगातार हमले करते रहे हैं। हाल ही में सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया था कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान पेट्रोल, डीजल सहित पेट्रोलियम पदार्थो से उपकर समेत कुल 3,72,970 करोड़ रुपये के उत्पाद शुल्क का संग्रह किया गया। चौधरी ने यह जानकारी देते हुए कहा था कि 2019-20 में पेट्रोल, डीजल पर उपकर समेत 2,23,057 करोड़ रुपये के उत्पाद शुल्क का संग्रह हुआ था और 2020-21 में कुल 3,72,970 करोड़ रुपये के उत्पाद शुल्क का संग्रह किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में 3,35,000 करोड़ रुपये के संग्रह का अनुमान है।हालांकि सरकार ने आम लोगों को महंगाई से कुछ राहत देने के लिये इस साल दीवाली की पूर्व संध्या पर पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच रुपये तथा 10 रुपये की कटौती की थी।
- गाजियाबाद ।उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद पुलिस ने एक फाइनेंसर (वित्त पोषण करने वाले) की हत्या करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फाइनेंसर के एक आरोपी की पत्नी से कथित रूप से अवैध संबंध थे और इस वजह से हत्या की गई। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि डीएलएफ अंकुर विहार निवासी विकास उर्फ नीटू की सोमवार सुबह बाइक सवार हमलावरों ने तब गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह यहां पूजा कॉलोनी स्थित अपने दफ्तर जा रहा था। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने बताया कि मौका-ए-वारदात के नज़दीक लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल की गई जिसके बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। राजा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी मिंटू उर्फ सुरेश (33),आरोपी हंसराज (40) और आरोपी रोहित (19) ने विकास की हत्या करने की बात कबूल की और हत्या की वजह उसका आरोपी मिंटू की पत्नी से अवैध संबंध बताया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी कुलदीप और आरोपी चन्नू फरार हैं।पुलिस ने बताया कि आरोपी मिंटू को छह महीने पहले अपनी पत्नी के विकास के साथ रिश्ते के बारे में जानकारी मिली थी। उसने दोनों को एक-दूसरे से मिलने से मना किया था, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने बताया कि इससे नाखुश आरोपी मिंटू ने विकास के कत्ल की योजना बनाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, विकास को आठ गोलियां मारी गई थीं।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने मंगलवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि कोरोना वायरस का ओमीक्रोन स्वरूप डेल्टा की तुलना में कम से कम तीन गुना अधिक संक्रामक है और आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय किए जाने के साथ ही जिला एवं स्थानीय स्तर पर सख्त एवं त्वरित रोकथाम कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने परीक्षण और निगरानी बढ़ाने के अलावा रात में कर्फ्यू लगाने, बड़ी सभाओं का सख्त नियमन, शादियों और अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में लोगों की संख्या कम करने जैसे रणनीतिक निर्णय को लागू करने की सलाह दी। पत्र में उन उपायों पर प्रकाश डाला गया है, जिन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के शुरुआती संकेतों के साथ-साथ चिंता बढ़ाने वाले स्वरूप ओमीक्रोन का पता लगाने के लिए उठाए जाने की आवश्यकता है। पत्र में कहा गया है, ‘‘जिला स्तर पर कोविड-19 से प्रभावित जनसंख्या, भौगोलिक प्रसार, अस्पताल के बुनियादी ढांचे और इसके उपयोग, श्रमशक्ति, निषिद्ध क्षेत्र अधिसूचित करने, निषिद्ध क्षेत्रों की परिधि लागू करने आदि के संबंध में उभरते आंकड़ों की निरंतर समीक्षा होनी चाहिए। यह साक्ष्य जिला स्तर पर ही प्रभावी निर्णय लेने का आधार होना चाहिए।'' भूषण ने पत्र में कहा, "इस तरह की रणनीति यह सुनिश्चित करती है कि संक्रमण राज्य के अन्य हिस्सों में फैलने से पहले स्थानीय स्तर पर ही नियंत्रित हो जाए।" उन्होंने कहा, ‘‘कृपया वार रूम/ईओसी (आपातकालीन संचालन केंद्र) को सक्रिय करें और सभी स्थिति तथा वृद्धि का विश्लेषण करते रहें, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो और जिला/स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्रवाई करें। क्षेत्र के अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा और इस संबंध में सक्रिय कार्रवाई निश्चित रूप से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करेगी।'' भूषण ने कहा कि कोविड पॉज़िटिव मामलों के सभी नए समूहों के मामले में, "निषिद्ध क्षेत्र", "बफ़र ज़ोन" की त्वरित अधिसूचना की जानी चाहिए और मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार निषिद्ध क्षेत्र की परिधि पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। भूषण ने रेखांकित किया कि सभी क्लस्टर नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए इंसाकॉग प्रयोगशालाओं को बिना किसी देरी के भेजा जाना चाहिए। पत्र में अन्य कदमों और कार्रवाइयों का भी जिक्र किया गया है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। इसमें कीटनाशकों के छिड़काव के साथ-साथ अन्य मृदा एवं फसल पोषक तत्वों के लिए ड्रोन का उपयोग शामिल है। उन्होंने एक बयान में कहा कि ड्रोन तकनीक को अपनाना समय की जरूरत है और इससे किसानों को फायदा होगा।कृषि में ड्रोन के उपयोग के लिए एसओपी जारी करते हुए, तोमर ने कहा कि वर्ष 2014 से सरकार की नीतियों का उद्देश्य वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और कृषि बुनियादी ढांचा कोष (एआईएफ) के गठन से छोटे किसानों के जीवन में क्रांति आएगी। तोमर ने आगे कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में टिड्डियों के हमलों को रोकने के लिए पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के संदर्भ में स्थायी समाधान प्रदान किया जा सके। मंत्रालय ने इस क्षेत्र के सभी संबंधित पक्षों के परामर्श से कीटनाशक और पोषक तत्वों के अनुप्रयोग में ड्रोन के उपयोग के लिए एसओपी लाया है जो ड्रोन के प्रभावी और सुरक्षित संचालन के लिए संक्षिप्त निर्देश प्रदान करते हैं। मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी), जिन्हें आमतौर पर ड्रोन के रूप में जाना जाता है, में भारतीय कृषि में क्रांति लाने और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के संदर्भ में काफी संभावनाएं हैं। राष्ट्रीय ड्रोन नीति को अधिसूचित कर दिया गया है और ड्रोन नियम 2021 को लोगों और कंपनियों के लिए अब ड्रोन के स्वामित्व और संचालन के लिए काफी आसान बना दिया गया है। अनुमतियों के लिए अपेक्षित शुल्क को भी काफी कम कर दिया गया है।
- नयी दिल्ली। उद्योग मंडल फिक्की के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजीव मेहता ने मंगलवार को कहा कि भारत को लंबी अवधि में आठ प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर बनाए रखने के लिए कारोबारी सुगमता, कर नीति में निरंतरता और पूंजी की कम लागत पर ध्यान देने की जरूरत है। मेहता ने लंबे समय तक उच्च आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहन देने वाले सतत प्रयासों की जरूरत पर भी बल दिया। इसी महीने फिक्की के नए अध्यक्ष चुने गए मेहता ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के अंत में भारतीय अर्थव्यवस्था तीन लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। उन्होंने एक चर्चा में कहा, "हमें लंबी अवधि तक उच्च वृद्धि दर को बनाए रखने की जरूरत है। इस वित्त वर्ष में तो वृद्धि दर नौ प्रतिशत से भी अधिक रहने का अनुमान है लेकिन लगातार इसे आठ प्रतिशत से ऊपर बनाए रखना एक चुनौती होगी।" भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2021-22 में आर्थिक वृद्धि के 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।हिंदुस्तान यूनिलीवर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मेहता ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगातार बढ़ना अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन निजी निवेश अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है लिहाजा सरकार को अर्थव्यवस्था में ज्यादा पैसे लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराए जाने वाली पूंजी की लागत भी कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्द्धी देशों की तुलना में भारत में ब्याज दर कहीं अधिक है। फिक्की अध्यक्ष ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के आर्थिक गतिविधियों पर संभावित असर के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इसका प्रसार चिंता का विषय है और जल्द टीकाकरण से ही इसका मुकाबला किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को टीकाकरण अभियान में तेजी लानी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार को अन्य कंपनी प्रमुखों के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए मेहता ने कहा कि उन्होंने जैव-प्रौद्योगिकी, हरित प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रौद्योगिकी पर विशेष बल के साथ शोध एवं विकास तेज करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "हमें दुनिया का अगुआ बनने के लिए शोध एवं विकास में उत्कृष्टता के केंद्र बनाने होंगे। इसके अलावा भारतीयों को ज्यादा पेटेंट आवेदन भी करने चाहिए।
- नयी दिल्ली। भारत विश्व के उन देशों की सूची में बना हुआ है जहां डोपिंग के सर्वाधिक मामले पाये गये हैं और 2019 में डोपिंगरोधी नियमों का उल्लंघन करने के मामलों के आधार पर वह तीसरे स्थान पर था। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2019 में डोपिंगरोधी नियमों के उल्लंघन के 152 मामले (विश्व के कुल मामलों का 17 प्रतिशत) पाये गये जिसमें डोपिंग के सर्वाधिक आरोपी बॉडीबिल्डिंग (57) में पाये गये। डोपिंगरोधी नियमों का उल्लंघन करने वाले ओलंपिक खेलों में भारोत्तोलन 25 मामलों के साथ सबसे आगे है। उसके बाद एथलेटिक्स (20) और कुश्ती (10) का नंबर आता है। मुक्केबाजी और जूडो में चार – चार ऐसे मामले पाये गये। चार क्रिकेटरों ने भी 2019 में डोपिंगरोधी नियमों का उल्लंघन किया था। भारत इस सूची में केवल रूस (167) और इटली (157) से पीछे है, जबकि ब्राजील (78) चौथे और ईरान (70) पांचवें स्थान पर है। अंतरराष्ट्रीय डोपिंग रोधी नियमों का पालन नहीं करने के कारण रूस तोक्यो ओलंपिक में अपनी राष्ट्रीय टीम को नहीं उतार पाया था और उसके खिलाड़ियों ने रूसी ओलंपिक समिति के तहत हिस्सा लिया था। भारत 2018 में डोपिंगरोधी नियमों के उल्लंघन के मामलों चौथे जबकि 2017 में सातवें स्थान पर था। भारत में 2017 में 57 जबकि 2018 में 107 मामले पाये गये थे। वह 2018 में रूस (144), इटली (132) और फ्रांस (114) के बाद चौथे स्थान पर था। उस रिपोर्ट में डोपिंगरोधी नियमों का उल्लंघन करने वाले सर्वाधिक खिलाड़ी भारोत्तोलन (22) से थे और उसके बाद एथलेटिक्स (16) का नंबर था।
- बलरामपुर। जिले में खलिहान में आग लगने से किसान दंपति की जलकर मौत हो गई । बलरामपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जिले के सामरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमीरापाट गांव के खलिहान में आग लगने से फसल की रखवाली कर रहे किसान मरियानुस बड़ा (57) और उसकी पत्नी विजय बड़ा (55) की जलकर मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मरियानुस और उनका परिवार जमरीपाट गांव में खेती किसानी करता है। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात मरियानुस और उसकी पत्नी विजय खलिहान में धान की रखवाली करने गए थे। क्षेत्र में कड़ाके की ठंड की वजह से किसान दंपति वहीं अलाव जलाकर सो गए। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद खलिहान में आग लग गई और वहां रखे फसल को अपनी चपेट में ले लिया। जब घटना की जानकारी अन्य ग्रामीणों को मिली तब वह और मरियानुस का बेटा अरविंद वहां पहुंचे। लेकिन तब तक विजय की मौत हो चुकी थी। वहीं मरियानुस गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल के लिए पुलिस दल को रवाना कर दिया गया था। बाद में पुलिस दल ने घटनास्थल से किसान की पत्नी का शव बरामद कर लिया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मरियानुस को अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया। रायपुर ले जाते समय रास्ते में मरियानुस की भी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।-file photo
- नोएडा (उप्र)। गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा सेक्टर-39 क्षेत्र स्थित सदरपुर कॉलोनी में रहने वाले एक युवक ने अपनी मां के कथित पुरुष मित्र को मंगलवार को चाकू से गोद कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। नोएडा सेक्टर-39 के थानाध्यक्ष राजीव बालियान ने बताया कि सदरपुर कॉलोनी में रहने वाले युवक ने मां के कथित पुरुष मित्र पर मंगलवार सुबह चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी युवक, पीड़ित के घर आने और रात को रुकने से नाराज था। बालियान ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
- अहमदाबाद। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार को कहा कि गुजरात सरकार ने परीक्षा से पहले एक प्रश्न पत्र के लीक होने के बाद वरिष्ठ लिपिकों की भर्ती के लिए हाल ही में आयोजित लिखित परीक्षा रद्द कर दी है। इस बीच, पुलिस ने कहा कि उन्होंने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ बैठक के बाद संघवी ने गांधीनगर में पत्रकारों से कहा कि ‘‘एक उदाहरण पेश'' करने के लिए परीक्षा पत्र लीक से जुड़े मुकदमे की सुनवाई त्वरित अदालत में की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लगभग 88,000 अभ्यर्थियों के हित में परीक्षा रद्द करने का निर्णय किया है, जिन्होंने परीक्षा दी थी। मंत्री ने कहा, ‘‘ नए सिरे से, अधिक पारदर्शी तरीके से और एक अलग पद्धति के जरिए मार्च 2022 में परीक्षा आयोजित की जाएगी। पिछली परीक्षा के लिए ‘फॉर्म' भरने वाले सभी अभ्यर्थियों को इस परीक्षा के लिए पात्र माना जाएगा।'' गुजरात अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (जीएसएसएसबी) ने 12 दिसंबर को 186 वरिष्ठ लिपिकों की भर्ती के लिए गुजरात के विभिन्न केन्द्रों पर लिखित परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें लगभग 88,000 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। इस बीच, गांधीनगर पुलिस ने परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले के मुख्य आरोपी को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। साबरकांठा के पुलिस अधीक्षक नीरज बडगुजर ने बताया कि आरोपी को साबरकांठा पुलिस के हवाले कर दिया गया, क्योंकि इस मामले के संबंध में प्राथमिकी वहां प्रांतिज थाने में दर्ज की गई है। अधिकारी ने बताया कि परीक्षा देने वाले दो अभ्यार्थियों को भी साबरकांठा पुलिस ने सोमवार रात गिरफ्तार किया। अभी तक इस मामले में राज्यभर से 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रांतिज थाने में एक सप्ताह पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 420 , 409 और 120-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
- नयी दिल्ली। भारत में छत पर लगे सौर पैनल से पैदा होने वाली बिजली की उत्पादन क्षमता जनवरी-सितंबर 2021 में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले तिगुनी होकर 1,300 मेगावॉट हो गई। स्वच्छ ऊर्जा के बारे में जानकारी और परामर्श देने वाली मरकॉम इंडिया की ‘रूफटॉप सोलर मार्केट रिपोर्ट' के मुताबिक, वर्ष 2021 के पहले नौ महीनों में भारत की छतों पर सौर क्षमता 1300 मेगावॉट रही जो वर्ष 2020 की समान अवधि की तुलना में 202 प्रतिशत अधिक है। यह साल के नौ महीनों में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि है। अगर तिमाही प्रदर्शन को देखें तो जुलाई-सितंबर 2021 में छत पर लगे पैनल से पैदा होने वाली सौर बिजली की मात्रा 448 मेगावॉट बढ़ी। लेकिन यह अप्रैल-जून तिमाही में हुई 521 मेगावॉट क्षमता की वृद्धि से करीब 14 प्रतिशत कम है। हालांकि जुलाई-सितंबर 2020 की तुलना में क्षमता वृद्धि 189 प्रतिशत अधिक रही।रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2021 में छतों पर लगी सौर बिजली की स्थापित क्षमता में 54 प्रतिशत हिस्सा आवासीय क्षेत्र का रहा। वाणिज्यिक एवं औद्योगिक परिसरों की छतों पर लगे सौर पैनल का हिस्सा 44 प्रतिशत और सरकारी क्षेत्र का हिस्सा दो प्रतिशत रहा। खास बात यह है कि यह लगातार दूसरी तिमाही है जब रुफटॉप सौर पैनल लगाने के मामले में आवासीय क्षेत्र सबसे आगे रहा है। इसके पहले अप्रैल-जून तिमाही में भी आवासीय क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा था। मरकॉम कैपिटल ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राज प्रभु ने इन आंकड़ों पर कहा, "छतों पर लगने वाले सौर पैनल के बाजार में सुधार दिख रहा है और यह कोविड-पूर्व स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि उपकरणों की लागत बढ़ने और सामग्री की उपलब्धता कम होने से वृद्धि प्रभावित हो रही है।" इस रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2021 के अंत में छतों पर सौर पैनल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 6,700 मेगावॉट हो गई। इसमें सबसे ज्यादा अंशदान गुजरात का है जिसकी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल, हरियाणा और त्रिपुरा भी छतों पर सौर पैनल लगाने के लिए संबंधित कंपनियों को ठेके दिये जा रहे हैं।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की पथकर से होने वाली आय अगले तीन साल में 40,000 करोड़ रुपये सालाना से बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो जायेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है क्योंकि हर साल यातायात में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा, "एनएचएआई की वर्तमान में सालाना पथकर आय 40,000 करोड़ रुपये है। अगले तीन साल में यह बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो जायेगी। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेशकों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए गडकरी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ रहा है। साथ ही स्वाभाविक रूप से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर रिटर्न की दर में भी वृद्धि हो रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुलह समितियों को तीन महीने के भीतर सड़क बुनियादी ढांचा से संबंधित परियोजनाओं पर फैसला करना चाहिए। निर्णय लेने की प्रक्रिया में देरी से लागत में भी बढ़ोतरी हो जाती है। दावों के तेजी से और आपसी सुलह के जरिये निपटान को लेकर एनएचएआई ने तीन सदस्यों वाली स्वतंत्र विशेषज्ञों की तीन समितियों का गठन किया है ताकि प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके। इन समितियों का नेतृत्व न्यायपालिका के सेवानिवृत्त अधिकारी, लोक प्रशासन, वित्त और निजी क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ कर रहे हैं।
- रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक दिव्यांग व्यक्ति पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी पर कथित तौर पर हमला किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने बताया कि लल्ली कोरी (30) रविवार को गुजरात से कुरचलिया थाना क्षेत्र के सेंदुरा गांव में अपने घर वापस लौटी थी। इसके बाद उसका अपने पति आरोपी रामकलेश कोरी से किसी बात पर विवाद हो गया। उन्होंने बताया कि इस बीच आरोपी कोरी ने पत्नी को अपने साथ खेतों पर जाने के लिए मना लिया और आरोपी ने पत्नी पर धारदार हथियार से कथित तौर पर हमला कर उसका एक हाथ और एक पैर काट दिया। उन्होंने बताया कि घायल हालत में महिला को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सोमवार रात को उसका ऑपरेशन किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी रामकलेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह घटना घरेलू कलह के कारण हुई है।
- हल्दिया (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल के पूरब मेदिनीपुर में मंगलवार दोपहर को आईओसी रिफाइनरी में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई और 44 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। 'इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन' (आईओसी) ने एक बयान में कहा कि यह घटना रिफाइनरी की एक इकाई में 'शटडाउन' संबंधी कार्य के दौरान हुई। बयान में कहा गया कि आग लगने की घटना में तीन लोगों की मौत हुई है जबकि 44 लोग घायल हुए हैं। आईओसी के मुताबिक, आग बुझा दिया गया है और अब स्थिति नियंत्रण में है।जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 44 घायलों में से 37 को कोलकाता के एक अस्पताल ले जाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घायलों को जल्द से जल्द कोलकाता पहुंचाने के लिए यातायात को ध्यान में रखते हुए ''ग्रीन कॉरिडोर'' तैयार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि सात अन्य घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस बीच, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रिफाइनरी में आग लगने की घटना में तीन लोगों की मौत पर शोक जताया। बनर्जी ने ट्वीट किया, '' दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए कोलकाता लाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल सरकार घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।'' हल्दिया रिफाइनरी की प्रमुख इकाइयों में मरम्मत कार्य जारी है और इसी दौरान 'मोटर स्पिरिट क्वालिटी' इकाई में अपराह्न तीन बजे आग लग गई। कंपनी ने कहा कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
- चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक के पूर्व प्रमुख दिवंगत एम करुणानिधि के विश्वस्त सहायक एवं सचिव रहे के. षणमुगनाथन का मंगलवार को यहां निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे और बीमारी के चलते एक अस्पताल में भर्ती थे। द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया तथा करुणानिधि के सहायक एवं सचिव के रूप में लगभग 50 वर्षों तक समर्पित सेवाओं के लिए षणमुगनाथन की सराहना की। स्टालिन ने शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि षणमुगनाथन उनके बड़े भाई की तरह थे और वह परिश्रम, सच्चाई, वफादारी तथा समर्पण के प्रतीक थे। अन्य दलों के नेताओं ने भी षणमुगनाथन के निधन पर दुख व्यक्त किया है।-file photo
- बिहाशरीफ। बिहार के नालंदा जिले में सारे थाना क्षेत्र के अलीनगर गांव के निकट मंगलवार को एक हाइवा (एक प्रकार का ट्रक) ने ऑटोरिक्शा को टक्कर मार दी जिससे चार लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस उपाधीक्षक शिबली नोमानी ने बताया कि हाइवा चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस हादसे से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने वाहन को आग के हवाले कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतकों में मिट्ठू पासवान, गुननि खातून और स्नेहलता शामिल हैं जबकि एक अन्य की तत्काल पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि हादसे में घायल लोगों को पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में दी जा रही कोविड-19 रोधी टीके की कुल खुराक का आंकड़ा मंगलवार को 138.89 करोड़ (138,89,29,333) को पार कर गया। आज शाम सात बजे तक टीके की 51,30,949 खुराक दी जा चुकी हैं। मंत्रालय ने कहा कि देर रात तक दिन के लिए अंतिम रिपोर्ट के संकलन के साथ दैनिक टीकाकरण की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। देश भर में कोविड-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों को पहले चरण में टीका लगाया गया था। अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का टीकाकरण दो फरवरी से शुरू हुआ था। टीकाकरण का अगला चरण एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए शुरू हुआ था। देश ने एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। सरकार ने एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को टीकाकरण की अनुमति देकर टीकाकरण अभियान को विस्तार दिया था।
- मुंबई। कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के बढ़ते खतरे के मद्देनजर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कहा है कि अब मुंबई में 200 या उससे अधिक लोगों की मौजूदगी के साथ किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी। बीएमसी की ओर से 20 दिसंबर को जारी सर्कुलर के मुताबिक ऐसे कार्यक्रमों या समारोहों के आयोजन के लिए स्थानीय सहायक नगर आयुक्त की अनुमति लेनी होगी। बीएमसी के मुताबिक इसके अलावा, स्थानीय वार्ड अधिकारियों को अपने ‘प्रतिनिधियों' को यह जांचने के लिए भेजना चाहिए कि क्या ऐसे कार्यक्रमों में कोविड-19 संबंधी मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। इसके अलावा बंद स्थानों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अनुमति दी जाएगी जबकि खुले में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए 25 प्रतिशत लोगों के साथ ही अनुमति प्रदान की जाएगी। बीएमसी के सर्कुलर के मुताबिक इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
- भिंड (मप्र)। पुलिस ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से आ रहे केले से लदे एक ट्रक से मध्य प्रदेश के भिंड में करीब दो करोड़ रुपये कीमत का लगभग 1,000 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को दी है। भिंड जिले के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने संवाददाताओं को बताया कि सोमवार को इस ट्रक में लदे केले के नीचे यह गांजा छिपाया गया था। उन्होंने कहा कि मुखबिर की सूचना पर इस ट्रक को भिंड जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के तिलोरी तिराहे पर रोका गया और उसमें लदे 13 टन केलों के नीचे छिपाकर रखा गया लगभग 1,000 किलोग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। इस गांजे को पुलिस ने जब्त कर लिया है। चौहान ने बताया कि विशाखापट्टनम से लाई जा रही इस खेप को मध्य प्रदेश के पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में बेचा जाना था। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी एवं ट्रक चालक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस कानून) के तहत मामला दर्ज किया गया है।-


























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