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- नयी दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत की योजना अगले साल कोविड टीकों की पांच अरब खुराक का उत्पादन करने और दुनिया को रहने के लिए एक सुरक्षित जगह बनाने में योगदान देने की है। दुनिया में टीकों के सबसे बड़े उत्पादक देश भारत ने अन्य देशों को कोविड टीकों की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी है। इस साल अप्रैल में कोरोनो वायरस संक्रमण में अचानक वृद्धि के बाद देश के लोगों के लिए टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करने के इरादे से निर्यात को निलंबित कर दिया गया था। उद्योग मंडल सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) के भागीदारी शिखर सम्मेलन-2021 को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत ने अपने लोगों का टीकाकरण करने के साथ-साथ बाकी दुनिया को टीके उपलब्ध कराने को लेकर जो कदम उठाये हैं, वे एक मिसाल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम अतीत में निर्यात करते रहे हैं, हम फिर से निर्यात कर रहे हैं। हमने दुनिया के सभी देशों को पेशकश की है। हम अन्य देशों को सभी के लिए सस्ती दरों पर टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत के अनुसार आपूर्ति करने को इच्छुक हैं।'' उन्होंने कहा कि अगले साल भारत की योजना टीकों की पांच अरब खुराक का उत्पादन करने की है।गोयल ने कहा, ‘‘....हम सदी में एक बार होने वाली महामारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में हम दुनिया को रहने के लिए एक सुरक्षित जगह बनाने में योगदान देने की उम्मीद करते हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि भारत अन्य देशों के साथ चिकित्सा आपूर्ति और उपकरणों के साथ उनकी मदद करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को भी कई देशों से मदद मिली है
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नई दिल्ली। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉक्टर भारती पवार ने सोमवार को कहा है कि देश में अब तक 81 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र शुरू हो चुके हैं। नई दिल्ली में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस 2021 समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉक्टर पवार ने कहा कि अगले साल मार्च के अंत तक एक लाख दस हजार स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र खुल जाएंगे।उन्होंने कहा कि एक लचीली स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण की नींव रखता है। मंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विश्वास और सबका प्रयास ने कोविड महामारी से लड़ने में मदद की है। उन्होंने कोविड महामारी के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों के अनुकरणीय कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त किया और प्रशंसा भी की।
- नई दिल्ली। भारत ने सोमवार को ओडिशा में व्हीलर द्वीप से सुपरसोनिक मिसाइल अस्सिटिड टोरपेडो का प्रक्षेपण किया। इस शस्त्र प्रणाली को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डी आर डी ओ ने भारतीय नौसेना के लिए विकसित किया है। यह अगली पीढी की मिसाइल है जो स्टैण्ड ऑफ टोरपेडो डिलीवरी सिस्टम पर आधारित है। इस प्रणाली का डिजाइन, टोरपेडो की पारम्परिक मारक क्षमता से आगे के लिए पनडुब्बी- रोधी युद्धक क्षमता के विस्तार के लिए किया गया है। इस मिसाइल को भूमि पर स्थित मोबाइल लांचर से प्रक्षेपित किया गया और यह विभिन्न प्रकार की दूरियों के क्षेत्र को कवर कर सकती है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टोरपेडो सिस्टम के सफल परीक्षण से जुड़े दल को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली का विकास देश में भविष्य की रक्षा प्रणाली विकसित करने का सही उदाहरण है। डी आर डी ओ के सचिव डॉक्टर जी. सतीश रेड्डी ने भी सफल परीक्षण से संबंधित सभी व्यक्तियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भारतीय नौसेना की शक्ति को और बढाएगी तथा रक्षा, विशेषज्ञता और क्षमता की आत्मनिर्भरता को बढावा देगी।
- नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार ने मौजूदा कोविड प्रतिबंधों को इस महीने की 31 तारीख तक बढा दिया है। विशेषज्ञों की सलाह पर राज्य सरकार ने सभी सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय किया है। 31 दिसम्बर और पहली जनवरी को मनाये जाने वाले पर्व पर लोगों को समुद्र तट पर जाने की अनुमति नहीं होगी। छठी से बारहवीं तक की ऑनलाइन कक्षाएं अगले महीने के तीसरे सप्ताह से वैकल्पिक आधार पर शुरू होंगी। ये नियम सभी कॉलजों और प्रशिक्षण संस्थानों पर भी लागू होगा। लोगों से कोविड दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
- नयी दिल्ली। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा शून्य बजट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने सहित विभिन्न कृषि संबंधी मुद्दों पर विचार के लिए ‘जल्द निकट भविष्य में' एक समिति का गठन किया जायेगा। कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने सोमवार को यह जानकारी दी। अग्रवाल ने यहां मीडिया से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा की है। इसे और शून्य बजट प्राकृतिक खेती को अभियान के रूप में लिया जायेगा। बहुत जल्द निकट भविष्य में इसका (समिति) गठन किया जाएगा।'' अग्रवाल 14 दिसंबर से आणंद, गुजरात में होने वाले प्राकृतिक खेती पर केंद्रित तीन दिन के राष्ट्रीय कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 दिसंबर को वर्चुअल तरीके से इसके समापन समारोह को संबोधित करेंगे। संवाददाता सम्मेलन में गुजरात के मुख्य सचिव पंकज कुमार भी वर्चुअल माध्यम से मौजूद थे।यह पूछे जाने पर कि जल्द गठित होने वाली प्रस्तावित समिति द्वारा प्राकृतिक खेती के कौन से पहलू की चर्चा की जाएगी और क्या इस राष्ट्रीय आयोजन के परिणामों पर भी विचार होगा, सचिव ने कहा कि इस पैनल की रूपरेखा अभी तय नहीं की गई है। मोदी ने 19 नवंबर को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए यह भी कहा था कि सरकार एमएसपी को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ शून्य बजट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के तरीकों पर सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन करेगी। हजारों किसानों, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने इन तीन कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से अधिक समय तक लगातार विरोध-प्रदर्शन किया था। संसद में 29 नवंबर को इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया गया था, लेकिन गतिरोध बना रहा क्योंकि किसानों ने अपनी अन्य मांगों जैसे एमएसपी पर कानूनी गारंटी, आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजे और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी अन्य मांगों पर सरकार से आश्वासन मांगा। सरकार द्वारा उनकी शेष मांगों को पूरा करने का वादा किए जाने के बाद प्रदर्शनकारी किसान 11 दिसंबर को अपना आंदोलन स्थगित करने और अपने घरों को लौटने पर सहमत हुए।-
- गुना/शाजापुर (मप्र)। मध्य प्रदेश के गुना और शाजापुर जिलों में पिछले 12 घंटों के अंतराल में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में राज्य के जनसंपर्क अधिकारी सहित तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गये। चाचौडा के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) मुनीष राजोरिया ने बताया कि गुना के जिला जनसंपर्क अधिकारी केपी दांगी (58) की कार गुना जिले के बीनागंज में पाखरियापुरा टोल नाके के निकट सोमवार सुबह आठ बजे के आसपास डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई, जिसमें उनकी मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि बीनागंज पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची तथा दांगी को वाहन से बाहर निकाल कर पास के राजगढ़ जिले के ब्यावरा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार, हादसे के वक्त दांगी स्वयं वाहन चलाते हुये भोपाल में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद गुना लौट रहे थे। वहीं, मक्सी पुलिस थाना प्रभारी गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि शाजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर मक्सी और शाजापुर के बीच पलवल ढाबे के पास खड़ी कार को कंटेनर ट्रक ने रविवार रात करीब आठ बजे टक्कर मार दी, जिसमें कार में सवार दो लोगों राजीव सिंह (32) एवं शिवजीत सिंह यादव की घटनास्थल पर मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गये। उन्होंने कहा कि तीनों घायलों को उपचार के लिए शाजापुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चौहान ने बताया कि यह कार अशोक नगर से उज्जैन जा रही थी और हादसे के वक्त पंचर लगाने के लिए सड़क किनारे खड़ी थी। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद कंटेनर चालक वाहन छोड़ कर फरार हो गया। चौहान ने बताया कि मक्सी पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।-
- कानपुर (उप्र)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने स्मार्टफोन का उपयोग करके मिट्टी की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए एक नया तरीका ईजाद किया हैं जिसमें एक मोबाइल ऐप के माध्यम से केवल 90 सेकंड में मिट्टी की गुणवत्ता का पता लगाया जा सकता है और इसमें नमूने के रूप में मात्र पांच ग्राम मिट्टी का उपयोग करना पड़ता है। आईआईटी-कानपुर ने यहां जारी एक बयान में बताया कि अपनी तरह का यह पहला आविष्कार इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक पर आधारित है जो स्मार्टफोन पर मृदा विश्लेषण रिपोर्ट प्रदान करता है। 'भू परीक्षक' नामक यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। बयान में कहा गया है कि पोर्टेबल मृदा परीक्षण उपकरण शीर्षक वाली तकनीक ‘भू परीक्षक' में नमूने के रूप में पांच ग्राम सूखी मिट्टी की आवश्यकता होती है। एक बार पांच सेंटीमीटर लंबे बेलनाकार आकार के उपकरण में मिट्टी डालने के बाद, यह ब्लूटूथ के माध्यम से खुद को मोबाइल से जोड़ता है और 90 सेकंड के लिए मिट्टी का विश्लेषण करना शुरू कर देता है। विश्लेषण के बाद परीक्षण के परिणाम एक मृदा स्वास्थ्य रिपोर्ट के रूप में स्क्रीन पर दिखाई देते हैं आईआईटी कानपुर के निदेशक अभय करंदीकर ने कहा, ‘‘किसान हमारी देखभाल करते हैं और उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक कठिनाई उनकी मिट्टी की जांच करवाना और परिणाम के लिए कई दिनों तक इंतजार करना है लेकिन उन्हें अब कोई परेशानी नहीं होगी। मुझे खुशी है हमारी एक टीम ने इस तरह के एक उपकरण को विकसित किया हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता का आकलन करने में किसानों की सहायता करेगी।'
- जयपुर। राजस्थान के अजमेर जिले में एक सड़क हादसे में सीआरपीएफ के एक जवान समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, रविवार रात एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग नसीराबाद-ब्यावर मार्ग से भवानीखेड़ा गांव में अपने घर लौट रहे थे तभी एक ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। नसीराबाद के थाना प्रभारी राजेश मीणा ने बताया कि ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतकों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का जवान कुलदीप रावत भी शामिल है जो छुट्टी पर घर आया था। अन्य दो मृतकों की पहचान योगेंद्र रावत और मुकेंद्र रावत के रूप में हुई। दोनों भाई थे।
- शाहजहांपुर (उप्र)। शाहजहांपुर में सोमवार की सुबह कथित तौर पर बिजली के करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हो गई और परिवार के दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संजीव वाजपेयी ने बताया कि जिले के सिधौली थाने के तहत आने वाले दिवाली गांव में रहने वाली बिट्टा देवी के घर पर लोहे का बड़ा गेट लगा है और उसके पास ही उनकी गाय बांधी जाती है। सुबह गाय की चीख सुनकर वह बाहर गयी तो पता चला कि गाय को करंट लग गया है। उन्होंने बताया कि बिट्टा देवी (50) तथा उनका बेटा गिरजा शंकर (25) गाय को बचाने के लिए गए लेकिन वे दोनों खुद करंट की चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर जब इनके परिजन सुरेंद्र तथा नेहा पहुंचे तो वे भी करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने बिट्टा देवी तथा सुरेंद्र के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है जबकि घायलों को गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।
- हैदराबाद। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 13 कंपनियों के ऋण बकाया के कारण लगभग 2.85 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जबकि बैंक यस बैंक और आईएल एंड एफएस जैसे संकटग्रस्त संस्थानों को उबारने का काम करते रहे हैं। बैंकों के संघ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने सोमवार को यह आरोप लगाया। यूएफबीयू के संयोजक बी रामबाबू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि संगठन ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2021 के विरोध में और सरकारी बैंकों के निजीकरण के केंद्र के कथित कदम का विरोध करते हुए 16 और 17 दिसंबर को पूरे देश में बैंकों की दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। यूएफबीयू द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 13 निजी कंपनियों का बकाया 4,86,800 करोड़ रुपये था और इसे 1,61,820 करोड़ रुपये में निपटाया गया, जिसके परिणामस्वरूप 2,84,980 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, "यह भी एक सच्चाई कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का इस्तेमाल निजी क्षेत्र के संकटग्रस्त बैंकों जैसे ग्लोबल ट्रस्ट बैंक, यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक, बैंक ऑफ कराड, आदि को राहत देने के लिए किया गया है। हाल के दिनों में, यस बैंक को सरकारी बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) ने संकट से निकाला। इसी तरह निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी एनबीएफसी (गैर बैंकिंग वित्त कंपनी), आईएल एंड एफएस, को सार्वजनिक क्षेत्र के एसबीआई और एलआईसी ने संकट से निकाला।
- जयपुर। राजस्थान के जोधपुर में सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने तीन लोगों को परिवादी से 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो द्वारा यहां जारी बयान के अनुसार एसीबी की टीम ने तीन आरोपियों जोधपुर के तहसीलदार के चालक मदन सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भोपाल सिंह एवं निजी व्यक्ति हिम्मत सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया है। परिवादी द्वारा शिकायत की गयी थी कि उसकी एवं उसकी पत्नी की कृषि भूमि की मौका रिपोर्ट तैयार करने की एवज में आरोपी 50 हजार रुपये रिश्वत मांग कर उसे परेशान कर रहे हैं। एसीबी की टीम ने शिकायत के सत्यापन के बाद सोमवार को आरोपी हिम्मत सिंह को परिवादी से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। प्रकरण में आरोपी मदन सिंह एवं आरोपी भोपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में आगे जांच की जा रही है।
- उत्तरी लखीमपुर (असम)। असम के लखीमपुर जिले में एक महिला और उसकी मां उस वक्त झुलस गई, जब कथित तौर पर महिला के पति ने ही 'तेजाब' से हमला किया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। लखीमपुर के पुलिस अधीक्षक बेदांता माधब राजखोवा के मुताबिक घटना रविवार रात उत्तरी लखीमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला के मायके में हुई।पुलिस अधीक्षक ने कहा,''महिला और उसका पति लंबे समय से घरेलू विवादों में लिप्त थे। घटना के समय, महिला अपनी मां के साथ थी और उसका पति उनके घर आया था, जब सभी सो रहे थे। एसपी ने कहा, ''महिला उसी बिस्तर पर सो रही थी जहां उसकी मां सोई थी और आरोपी पति ने उन पर तेजाब डाल दिया। वह मौके से फरार हो गया।'' उन्होंने बताया कि दोनों महिलाओं का लखीमपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज चल रहा है। जोहिंग चौकी पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को पकडऩे के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाओं की पहचान रेहेना बेगम (35) और उनकी मां मुरादा बेगम (62) तथा आरोपी की पहचान मोफिकुल इस्लाम के रूप में हुई है।
- बेंगलूरु। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन से लाखों महिलाओं की आजीविका खतरे में पड़ गई है। एक अध्ययन में यह कहा गया है। कानून में 10 ए (3) उपधारा को शामिल करने से किसी व्यक्ति को किसी भी तंबाकू उत्पाद के निर्माण, बिक्री और वितरण के लिए लाइसेंस, अनुमति और पंजीकरण प्राप्त करना अनिवार्य बना दिया गया है। इससे लाखों महिलाओं की आजीविका खतरे में पड़ गई है। मानवाधिकार वकील विभा वासुकी और मानव विज्ञान (एंथ्रॉपॉलिजी) के वरिष्ठ प्रोफेसर शिव प्रसाद रामभाटला के अध्ययन में कहा गया है, ‘‘यदि कानून में इस उपधारा को लागू किया जाता है, तो यह उन छोटे विक्रेताओं के लिए एक अत्यंत कठोर उपाय साबित होगा, जिनके पास इस तरह का लाइसेंस प्राप्त करने की क्षमता या वित्तीय साधन नहीं है।'' इसमें यह कहा गया है कि तंबाकू उत्पाद ज्यादातर छोटे विक्रेताओं और फेरीवाले बेचते हैं, जिनके पास तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए एक छोटा खोमचा ही होता है। बीड़ी की अधिकांश बिक्री पेड़ों के नीचे और फुटपाथों पर स्थित छोटी दुकानों से होती है, जिन्हें नगर निगमों द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं होगी या लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। बीड़ी बनाने वाली महिलाओं के लिए वैकल्पिक रोजगार योजनाओं की स्थिति पर एक अध्ययन'' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के लेखकों ने यह कहा है। उन्होंने कहा है, इसलिए बीड़ी की पूरी बिक्री अचानक ठप हो जाएगी। अगर बीड़ी की बिक्री ठप हो गई तो पूरा बीड़ी उद्योग ठप हो जाएगा।'' अध्ययन में इस संशोधन का देश में लाखों महिला बीड़ी ‘रोलर्स' पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तक उनकी आजीविका के लिए बड़े पैमाने पर कौशल-निर्माण और वैकल्पिक रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तब तक बीड़ी व्यवसाय में लगी देश की लाखों महिलाओं के लिए यह एकमात्र व्यावहारिक व्यवसाय है। भारत में लगभग 7.7 प्रतिशत वयस्क बीड़ी पीते हैं, जिनकी भारत में सभी धूम्रपान उत्पादों के बाजार में 85 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। अध्ययन में दावा किया गया है कि तंबाकू विरोधी कानून से सबसे अधिक नुकसान बीड़ी उद्योग को होगा। अध्ययन में बताया गया है कि निर्माण प्रक्रिया अत्यधिक श्रम साध्य है। सौ साल से अधिक पुराने इस कुटीर उद्योग में ज्यादातर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को रोजगार मिलता है, जिसमें मुख्य रूप से गरीब घरों की महिला श्रमिक शामिल हैं। कुल बीड़ी श्रमिकों में से 96 प्रतिशत घर पर रहते हैं, जबकि केवल चार प्रतिशत ही कारखानों में काम करते हैं। अध्ययन के अनुसार, इसमें बहुसंख्यक (84 प्रतिशत) घरेलू कामगार महिलाएं हैं जबकि केवल 16 प्रतिशत पुरुष हैं।
- मुंबई। मुंबई अपराध शाखा की सामाजिक सेवा इकाई ने अंधेरी स्थित एक बार पर छापा मारा और 11 लोगों को गिरफ्तार किया व 17 महिलाओं को मुक्त कराया गया। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि छापेमारी रविवार की रात को हुई और बार की दीवार को तोड़ा गया जिनमें महिलाओं को छिपाकर रखा गया था। उन्होंने बताया, “सूचना मिली थी कि बार में महिलाओं से डांस करवाया जाता है। किसी भी छापेमारी से अंदर लोगों को सतर्क करने के लिए बार के पास एक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम स्थापित किया गया था। हमें एक बेसमेंट मिला है जिसमें बेड और एयर कंडीशनर लगा हुआ है। अंधेरी थाने में मामला दर्ज किया गया है।
- अक्करा (घाना)। घाना कोविड-19 के खिलाफ पूर्ण टीकाकरण कराए बिना देश आने वाले हर यात्री के लिए विमानन कंपनियों से 3,500 डॉलर जुर्माना वसूलेगा। सरकारी ‘घाना एयरपोर्ट कंपनी' ने सोमवार को घोषणा की कि विमानन कंपनियों से हर उस यात्री के आने पर भी समान जुर्माना वसूला जाएगा, जिसने कोटोका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आने के लिए विमान में सवार होने से पहले स्वास्थ्य संबंधी घोषणा पत्र नहीं भरा होगा। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने घोषणा की कि हालांकि घाना के नागरिकों को अनिवार्यताएं पूरी किए बिना देश में प्रवेश की अनुमति होगी और उन्हें 14 दिन पृथक-वास में रहना होगा, लेकिन विदेशियों को प्रवेश देने से इनकार किया जा सकता है। इससे एक दिन पहले घाना ने 18 साल से अधिक सभी यात्रियों के लिए पूर्ण टीकाकरण के साक्ष्य मुहैया कराना अनिवार्य कर दिया था। उसने कहा कि हालिया दो सप्ताह में देश में सामने आए संक्रमण के कुल मामलों में से 60 प्रतिशत मामले हवाई अड्डे पर पाए गए हैं। महामारी की शुरुआत से अब तक घाना में 1,32,000 लोग संक्रमित पाए गए हैं और 1,243 लोगों की मौत हो गई है।
- तिरुवनंतपुरम। वरिष्ठ पार्श्व गायक पी जयचंद्रन को मलयालम सिनेमा में बहुमूल्य योगदान के लिए केरल सरकार के सर्वोच्च सम्मान प्रतिष्ठित जे सी डेनियल पुरस्कार देने की सोमवार को घोषणा की गई। सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने कहा कि मलयालम सिनेमा की पहली मूक फिल्म बनाने वाले जे सी डेनियल के नाम पर दिए जाने वाले वार्षिक सम्मान में पांच लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका शामिल है। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन की अध्यक्षता में एक चयन मंडल ने पुरस्कार के लिए जयचंद्रन का नाम तय किया। चयन मंडल ने एक बयान में कहा कि जयचंद्रन ने संगीत के इतिहास में पांच दशकों से अधिक समय तक मधुर आवाज से अपना स्थान बनाया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन 23 दिसंबर को पुरस्कार प्रदान करेंगे। वर्ष 1965 में मलयालम फिल्म उद्योग में प्रवेश करने वाले जयचंद्रन ने विभिन्न भाषाओं में 10,000 से अधिक गाने गाए हैं। जयचंद्रन ने 1985 में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था। पिछले साल जे सी डेनियल पुरस्कार पार्श्व गायक हरिहरन को दिया गया था।
- भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाऊखेड़ी इलाके में सोमवार को एक सीवेज लाइन के मैनहोल के अंदर इसकी गहराई नापने गये एक निजी कंपनी के एक इंजीनियर सहित दो कर्मचारियों की मौत हो गई। गांधी नगर थाने के प्रभारी अरुण शर्मा ने बताया कि इंजीनियर दीपक कुमार सिंह (28) एवं उनके सहायक भरत सिंह (22) की मौत हो गयी, दीपक उत्तरप्रदेश के कुशीनगर का था, जबकि भरत मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले का निवासी था। उन्होंने कहा कि ये दोनों इस सीवेज लाइन के मैनहोल के अंदर इसकी गहराई नापने उतरे थे।ये दोनों गुजरात की अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी थे। इस कंपनी ने 2018 में सीवेज लाइन को बिछाने के लिए भोपाल नगर निगम से अनुबंध किया था। शर्मा ने कहा कि कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि एक आदमी खुले मैनहोल में पड़ा है और जवाब नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम तुरंत वहां पहुंचे और दीपक को आसपास के लोगों की मदद से 20 फीट गहरे गड्ढे से निकाला।'' उन्होंने कहा,‘‘ लेकिन मैनहोल की किनारे हमने दो जोड़ी जूते देखे, जिससे हमें शक हुआ कि इसमें एक व्यक्ति और हो सकता है। इसलिए हमने मैनहोल के अंदर जाकर तलाशी की और भरत को भी वहां मृत पाया और उसे बाहर निकाला।'' उन्होंने कहा कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनके मौत का सही कारण पता चलेगा।शर्मा ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। कुछ पुलिस कर्मिया का अनुमान है कि मैनहोल में जहरीली गैस से दम घुटने से दोनों की मौत हुई होगी। इसी बीच, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने संभागायुक्त एवं प्रशासक नगर निगम भोपाल को अमृत योजना में भोपाल निगम की स्वीकृत सीवेज परियोजना के लाऊखेड़ी क्षेत्र में हुए हादसे की जाँच कराने के निर्देश दिये हैं। सिंह ने कहा, ‘‘प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए हादसा/दुर्घटना के कारणों की जाँच आयुक्त नगर निगम भोपाल से करवा कर 24 घंटे के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
- बेरहामपुर (ओडिशा)। ओडिशा के गंजम जिले में तारा तारिणी मंदिर में सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जब लगभग नौ महीने बाद जनता के लिए इस मंदिर को फिर से खोला गया। रुशिकुल्या नदी के तट पर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस मंदिर को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा दर्शन करने के एक दिन बाद खोला गया था। पुजारियों में से एक बापूजी राणा ने कहा कि पहले दिन, देवी तारा और तारिणी की एक झलक पाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ेगी।” देश के चार आदि शक्ति पीठों में से एक, इस मंदिर को कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर आने के तुरंद बाद, अप्रैल के मध्य में अन्य पूजा स्थलों के साथ सार्वजनिक प्रवेश के लिए बंद कर दिया गया था। बाद में वर्ष के अंतिम महीनों में, प्रशासन ने अन्य धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने की अनुमति दी, लेकिन मंदिर परिसर में चल रहे काम के कारण लोगों को तारा तारिणी मंदिर में जाने से रोक दिया गया था। जिलाधिकारी विजय कुलंगे ने कहा कि आगंतुकों के वाहनों को अभी भी एक खास स्थान से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है क्योंकि "मंदिर के चारों ओर बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए तीसरे चरण का काम प्रगति पर है।” कुलांगे ने बताया, “आगंतुकों को मुख्य द्वार से मंदिर तक ले जाने के लिए कम से कम तीन बसों को सेवा में लगाया जाएगा। उन्हें मंदिर तक ले जाने के लिए उड़न खटौलों का संचालन भी किया जा रहा है।
- वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ गलियारे के निर्माण कार्य में शामिल रहे श्रमिकों के एक समूह पर सोमवार को फूल बरसाए और यहां काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रमिकों, इंजीनियरों और शिल्पकारों ने काशी गलियारे के निर्माण और प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को नया रूप देने में योगदान दिया है, जिस पूरे क्षेत्र को अब काशी विश्वनाथ धाम के नाम से जाना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा में डुबकी लगाने और मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में गलियारे का लोकार्पण किया। मोदी ने पूजा अर्चना के बाद श्रमिकों के एक समूह से मुलाकात की जो मंदिर के नजदीक एक बरामदानुमा गैलरी में बैठे हुए थे। उनके बीच से फूलों की एक टोकरी लेकर गुजरते हुए प्रधानमंत्री ने उन पर फूल बरसाये। वे लोग निर्माण स्थल के जैकेट पहने हुए थे, उन्होंने तालियां बजाई और हाथ जोड़ कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री उनके साथ बैठे भी। वहां लाल कालीन बिछाई हुई थी। उन्होंने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। इसकी पृष्ठभूमि में मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला एक विशाल पोस्टर लगा हुआ था और काशी के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया गया था। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि काशी (वाराणसी का पुराना नाम) आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘और अब भव्य स्वरूप में काशी इस चेतना में ऊर्जा का संचार करेगा। '' उन्होंने यह भी कहा कि वाराणसी कई महान हस्तियों की कर्मभूमि और जन्मभूमि रहा है तथा उन्होंने करीब 1780 में मंदिर का निर्माण कराने को लेकर महारानी अहिल्याबाई होल्कर की सराहना की। बिहार के रहने वाले राजमिस्त्री और परियोजना स्थल पर पांच-छह महीने से काम कर रहे रामचंद कुमार ने प्रधानमंत्री के हाव-भाव की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘हम, आम लोगों से उनका मिलना, महत्व देना अच्छा लग रहा है।''करीब 339 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना के प्रथम चरण में सोमवार को कुल 23 भवनों का उद्घाटन किया गया। इनमें श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं होंगी, जैसे कि यात्री सुविधा केंद्र, वेद केंद्र, भोगशाला, नगर संग्रहालय, दर्शक दीर्घा, फूड कोर्ट आदि। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद परियोजना का कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया गया।
- मदुरई । तमिलनाडु के प्रसिद्ध मदुरई मीनाक्षी मंदिर आज से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। राज्य के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग ने कल अपनी घोषणा में कोविड टीकाकरण प्रमाण पत्र के साथ मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी है।मीनाक्षी मंदिर में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करते हैं। राज्य सरकार ने कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए विभिन्न स्थानों पर जागरूकता संदेश लगाए हैं।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मध्य कोलकाता में ओज़ोन का स्तर 60 फीसदी हो गया जो सुरक्षित स्तर से ज्यादा है। इसके बाद जन स्वास्थ्य और विक्टोरिया मेमोरियल को इसके खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि विक्टोरिया मेमोरियल क्षेत्र में रविवार को ओज़ोन का आठ घंटे का औसत स्तर 160 मिलीग्राम/घन मीटर था ।विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, आठ घंटे का ओज़ोन का औसत स्तर 100 मिलीग्राम/घन मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि ओज़ोन के उच्च स्तर का कारण सर्दी की स्थिति और निचले वातावरण में वाहनों के उत्सर्जन कणों का जमा होना है। उन्होंने कहा कि कोहरे की स्थिति में सुधार होने पर ओज़ोन का स्तर भी कम हो जाएगा। पर्यावरणविद सोमेंद्रनाथ घोष ने कहा कि शहर के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र में ओज़ोन के स्तर में वृद्धि के कारणों का पता लगाने के लिए उचित निगरानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि रविवार दोपहर को ओज़ोन का स्तर, पीएम 2.5 के स्तर (144) से भी अधिक हो गया। उन्होंने चेताया, “ डीजल से संचालित अनेक पुराने वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। इस प्रदूषण के कारण विक्टोरिया मेमोरियल के सफेद मार्बल पीले हो सकते हैं और भविष्य में कई दीवारों से प्लास्टर गिर सकता है।”
- वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का लोकार्पण किया। इस अवसर पर तीन हजार से अधिक संत और पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री पहले काल भैरव मंदिर पहुंचे, जिसे काशी का रक्षक माना जाता है। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उसके बाद प्रधानमंत्री गंगा जल लेकर काशी विश्वनाथ गलियारे से होते हुए काशी विश्वनाथ धाम गए।श्री काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का निर्माण कार्य तीन अरब 39 करोड रुपये की लागत से पूरा किया गया है। यह परियोजना पांच लाख वर्ग फुट के व्यापक क्षेत्र में फैली हुई है। इससे पहले यह परिसर मात्र तीन हजार वर्ग फुट में था।काशी विश्वनाथ धाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री ने मार्च 2019 में काशी विश्वनाथ धाम परियोजना की आधारशिला रखी थी। इस परियोजना से काशी विश्वनाथ मंदिर को सीधे गंगा घाट से जोड़ा गया है। परियोजना के पहले चरण में 23 भवनों का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना के तहत यात्री सुविधा केन्द्र, पर्यटक सुविधा केन्द्र, वैदिक केन्द्र, संग्रहालय, दर्शक दीर्घा, फूडकॉर्ट इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां रैंप, एस्कलेटर, और अन्य सुविधओं का भी प्रावधान किया गया है, ताकि दिव्यांगजन और बुजुर्ग भी आसानी से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें।उद्धाटन समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्ममंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और प्रेरणा के तहत यह पावन दिन आया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण महारानी अहिल्या बाई होल्कर ने कराया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी जब वाराणसी आए, तो उन्होंने भी काशी को स्वच्छ बनाने का सपना देखा था और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह सपना साकार किया है।
- वाराणसी (उप्र)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहाँ अगर औरंगजेब आता है, तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं। इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है।प्रधानमंत्री ने वाराणसी की सभ्यता और विरासत की प्रशंसा की और कहा कि कई सल्तनतों का उदय और पतन हुआ, लेकिन बनारस बना रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ आतातायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किए! औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है, जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की, लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यहाँ अगर औरंगजेब आता है, तो (मराठा शासक छत्रपति) शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं ! अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है, तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं और अंग्रेजों के दौर में भी, हेस्टिंग का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं। ’’धानमंत्री मोदी ने कहा, ‘विश्वनाथ धाम का ये पूरा नया परिसर एक भव्य भवन भर नहीं है, ये प्रतीक है, हमारे भारत की सनातन संस्कृति का! ये प्रतीक है, हमारी आध्यात्मिक आत्मा का! ये प्रतीक है, भारत की प्राचीनता का, परम्पराओं का! भारत की ऊर्जा का, गतिशीलता का।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसर जो पहले मात्र 3,000 वर्ग फुट का था, वह बढ़कर अब करीब पांच लाख वर्ग फुट हो गया है। अब 50 से 70 हजार श्रद्धालु मंदिर परिसर में आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ नया इतिहास बना है और हमारा सौभाग्य है कि हम इसके गवाह बने हैं।’’प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान स्थानीय बोली का भी इस्तेमाल किया। अपने निर्वाचन क्षेत्र आने के बाद प्रधानमंत्री ने काल भैरव मंदिर में पूजा अर्चना की और गंगा नदी में डुबकी लगाई। वह वहां से पवित्र गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर आए। प्रधानमंत्री मोदी का काफिला जब शहर से गुजर रहा था, तब लोग मंत्रोच्चार कर रहे थे। प्रधानमंत्री भी कुछ स्थानों पर रुके और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन से पहले मोदी ने एक प्रार्थना समारोह में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने इस परियोजना में कार्य करने वाले मजदूरों पर उनके कार्य के लिए आभार व्यक्त करने के लिए गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। उन्होंने उनके साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और देशभर से आए साधु संत भी मौजूद थे।
- देहरादून। देहरादून के कैंट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हरबंस कपूर का सोमवार को निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश ईकाई के उपाध्यक्ष देवेंद्र भसीन ने बताया कि कपूर की पत्नी जब सुबह उन्हें जगाने गयीं तो वह नहीं उठे। उसके बाद चिकित्सक को बुलाया गया जिसने उन्हें मृत घोषित कर दिया।आठ बार के विधायक कपूर उत्तराखंड विधानसभा के वरिष्ठतम सदस्य थे। वह 2001-02 में भगत सिंह कोश्यारी मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री रहे। कपूर 2007—2012 के दौरान भुवन चंद्र खंडूरी के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे थे। वह 1985 में पहली बार विधानसभा चुनाव हारने के बाद देहरा खास और बाद में देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र से लगातार आठ बार चुनाव जीते। विधायक के निधन का समाचार मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। धामी ने उनके शोकसंतप्त परिजनों को दुख की घडी में ढांढस बंधाया। उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए धामी ने कहा कि वह राजनीतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा मुखर रहे। उन्होंने कहा कि लगातार आठ बार चुनाव जीतना उनकी लोकप्रियता को साबित करता है।राज्य सरकार ने कपूर की अंत्येष्टि पुलिस सम्मान के साथ किए जाने तथा सोमवार को देहरादून जिले के सभी सरकारी कार्यालय बंद रखे जाने का आदेश दिया है।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी कपूर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके निधन को पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया । प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि कौशिक के निर्देश पर पार्टी के राज्यभर में सोमवार को होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
- जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि हिमालय में अमरनाथ के 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर की वार्षिक यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए ‘आरामदायक, आधुनिक और सुरक्षित' बनाने के वास्ते निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन पवित्र गुफा की यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के अलावा ‘लंगरों और भंडारों (सामुदायिक रसोई सेवा प्रदाता) की सुविधा के लिए भी प्रतिबद्ध है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि उपराज्यपाल ‘लंगरों और भंडारों' के विभिन्न संघों के सदस्यों के साथ बातचीत कर रहे थे, जो यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं। यात्रा गर्मियों में दक्षिण कश्मीर में पहलगाम और मध्य कश्मीर के गंदेरबल जिले के बालटाल के मार्गों से होती है। अधिकारी ने बताया कि श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन (एसएबीएलओ) और श्री अमरनाथ यात्रा भंडारा संगठन (एसएवाईबीओ) का प्रतिनिधित्व करने वाले 20 सदस्यों ने दिल्ली में उपराज्यपाल से मुलाकात की और यात्रा के सुचारू संचालन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘पवित्र यात्रा करुणा, आध्यात्मिकता, सेवा और शांति का प्रतीक है। यात्रा को अधिक आरामदायक, आधुनिक और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।'' प्रवक्ता ने बताया कि सिन्हा ने पिछले दो वर्षों में यात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में संघों के प्रतिनिधियों को सूचित किया। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने इस बात पर गौर किया कि तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर में जाने के लिए बेहतर भोजन और ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिए तीन यात्री निवास बनाए जा रहे हैं।



















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