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0 रूपे कार्ड भी जारी किया
अबु धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यं ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया। मोदी दो दिवसीय फ्रांस दौरा पूरा करने के बाद शुक्रवार देर रात यूएई पहुंचे। मोदी ने शनिवार को रूपे कार्ड भी जारी कर दिया। उन्होंने यहां व्यापारी वर्ग से मुलाकात की और उनसे भारत में निवेश करने का आग्रह किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता, अनुमानित नीतिगत ढांचा भारत को निवेश के लिए आकर्षक बाजार बनाता है।
मोदी को ऑर्डर ऑफ जायदसे भी नवाजे जाने की घोषणा इस साल अप्रैल में हुई थी। इसका मकसद भारत और दुबई के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देना है। यह सम्मान दुबई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यां के नाम पर रखा गया है।
कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बता चुका है यूएई
भारत में यूएई के राजदूत अहमद अल बन्ना कश्मीर मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बता चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि यूएई को मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले में कुछ भी गलत नहीं लगा है। यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। हम नहीं मानते हैं कि इसका मकसद राज्य की क्षेत्रीय विभिन्नता को कम करना है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मामले पर दुनियाभर में भारत के खिलाफ माहौल बनाने में जुटा हुआ है। हालांकि अभी तक इस मामले में उसे चीन को छोड़कर किसी का साथ नहीं मिला है। ऐसे में एक इस्लामिक राष्ट्र का मोदी को सम्मानित करना इस पक्ष को और कमजोर करेगा।
दुबई सबसे बड़ा बिजनेस हब
बीते चार सालों में यह तीसरा मौका है जब प्रधानमंत्री मोदी यूएई के दौरे पर हैं। खाड़ी देशों में दुबई को सबसे बड़ा बिजनेस हब माना जाता है। यहां बड़ी तादात में भारतीय पर्यटक भी पहुंचते हैं। यही कारण है कि बीते कुछ वर्षों में दोनों देशों ने बिजनेस बढ़ाने को लेकर लगातार बातचीत की है। -
वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता के अधिकार को खत्म करने की तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि वह अमेरिका में जन्म लेने वाले उन बच्चों के नागरिकता के अधिकार को खत्म करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रहे हैं, जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। ट्रंप अगर इस अधिकार को समाप्त कर देते हैं तो इससे बड़ी संख्या में भारतीय भी प्रभावित होंगे। ट्रंप ने कहा, हम इस पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहे हैं। साफ तौर पर कहूं तो यह बकवास है। अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में अमेरिका में जन्म लेने वाले ऐसे बच्चों को भी देश की नागरिकता देने की गारंटी दी गई है, जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। ट्रंप प्रशासन नेएक नियम का एलान किया, जिससे अमेरिका के इमिग्रेशन अधिकारियों को शरणार्थी परिवारों को अनिश्चितकाल तक बंदी बनाए रखने का अधिकार मिल जाएगा। नए नियमों से शरणार्थी परिवारों के बच्चों को 20 दिन से ज्यादा हिरासत में रखने का प्रावधान भी खत्म हो गया है।



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