न्यायमूर्ति और न्यायाधीश भी समाज के अंग है : टीपी शर्मा प्रमुख लोकायुक्त
सरयूपारीण ब्राम्हण सभा का सम्मान समारोह संपन्न
रायपुर/न्यायिक क्षेत्र में कार्यरत जज एवं जस्टीज समाज के ही अंग हैं, वे भी समाज के ही हिस्से हैं। भले वो न्याय करने की जिम्मेदारी लिए हैं,उन्हें भी समाज के कार्यक्रमों में शिरकत करनी चाहिए। उक्त बातें न्यायमूर्ति टीपी शर्मा प्रमुख लोकायुक्त ने सरयूपारीण ब्राम्हण सभा के वरिष्ठों व विशेष उपलब्धि प्राप्त सदस्यों के सम्मान समारोह में कही। समाज के सैकड़ों सदस्यों की उपस्थिति में न्यायमूर्ति श्री टीपी शर्मा ने कहा कि न्याय की कुर्सी में बैठा व्यक्ति किसी प्रलोभन में नहीं आता, उसे समाज में सक्रियता दिखानी चाहिए। कार्यक्रम राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदर दास (पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष गो सेवा आयोग) विशेष अतिथि के सानिध्य में संपन्न हुआ। डॉ. सुरेश शुक्ला समाज अध्यक्ष ने कहा कि उनकी कार्यकारिणी ने 2वर्ष में अनेक आयोजन किये व भवन विस्तार भी हुवा।वैवाहिक पत्रिका का प्रकाशन भी किया गया। नियमावली भी संशोधित कराई गई अब सदस्यता जांच की जा रही। कार्यक्रम में समाज के तीन पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षकों का सहस्त्रचंद्र दर्शन करने पर श्री शारदा प्रसाद तिवारी, टी.डी. त्रिपाठी, रमाकांत शुक्ला का अभिनंदन किया गया। संस्कृत वेद वेदांत व ज्योतिष के क्षेत्र में आचार्य डॉ. दादू भाई त्रिपाठी, यदुवंश मणि त्रिपाठी, मुक्ति नारायण पाण्डेय तथा न्यायिक छेत्र में डॉ. सौरभ कुमार पाण्डेय, रमाकांत मिश्रा तथा सामाजिक क्षेत्र में मनोज शुक्ला, डॉ. विकास द्विवेदी के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में श्री मोहन तिवारी, अनिरुद्ध दुबे, जेपी त्रिपाठी, गौरव शुक्ला, अनिल तिवारी, ब्रिजेश द्विवेदी, अभिषेक शुक्ल, कमलकांत शुक्ल आदि का सम्मान किया गया।











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