उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अंडमान में 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत की
श्री विजय पुरम। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने रविवार को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह से 'हर घर तिरंगा अभियान' की शुरुआत करते हुए कहा कि 'भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।' उन्होंने इस ऐतिहासिक द्वीप समूह से जुड़ी राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और बलिदान की भावना पर जोर दिया।यहां डीबीआरएआईटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने तमिल राष्ट्रवादी कवि सुब्रमण्यम भारती के शब्दों को याद करते हुए कहा, ''मेरा सिर कभी नहीं झुकेगा, मेरा सिर केवल भारत माता के राष्ट्रीय ध्वज के सामने झुकेगा।'' उन्होंने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान इसी भावना को आगे बढ़ाता है और हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और एक साझा भविष्य के संकल्प के साथ जोड़ता है। कार्यक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल एडमिरल (सेवानिवृत्त) डी. के. जोशी , मुख्य सचिव चंचल यादव, श्री विजयपुरम नगर परिषद की अध्यक्ष एम. वसंता और दक्षिण अंडमान जिला परिषद के अध्यक्ष पी. उमर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। राधाकृष्णन ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से यह शुरुआत बहुत महत्वपूर्ण है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह से इस अभियान की शुरुआत बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आठ अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के 'करो या मरो' के आह्वान की याद में मनाए जाने वाले भारत छोड़ो आंदोलन दिवस के साथ हो रही है। उपराष्ट्रपति ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत श्री विजयपुरम के फ्लैग प्वाइंट पर राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया। उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की विशेष पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह "लघु भारत" है, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग आबादी वाले 31 द्वीपों में मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश "विविधता में एकता" और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की भावना का उदाहरण है।










Leave A Comment