पीएम मोदी ने साझा की ताशकंद दौरे की झलकियां, योग से संस्कृति तक दिखी भारत-उज्बेकिस्तान दोस्ती
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे के दौरान ताशकंद में हुए प्रमुख कार्यक्रमों की झलकियां साझा करते हुए कहा कि यात्रा का हर पड़ाव भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत होते संबंधों और गहरी मित्रता को दर्शाता है। उन्होंने भारतीय समुदाय से मुलाकात, ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ पर पुष्पांजलि और विशेष योग सत्र का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ताशकंद में बिताए समय का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि विशेष स्वागत, ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ पर पुष्पांजलि अर्पित करने, भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात और अन्य प्रमुख कार्यक्रमों की खास झलकियां वीडियो में शामिल हैं।
ताशकंद में भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान ‘मोदी-मोदी’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए गए। भारतीय समुदाय की कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री को राखी भी बांधी। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसे प्रधानमंत्री ने ध्यान से देखा और कार्यक्रम के बाद बच्चों से मुलाकात भी की। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के स्नेह के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु की तरह काम कर रहे हैं और दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत बना रहे हैं।
स्वागत समारोह में भारतीय और उज्बेक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की संगीत परंपराओं का मेल उनके गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने तबला प्रस्तुति की एक झलक भी साझा की। इसमें तबले के साथ उज्बेकिस्तान के पारंपरिक वाद्ययंत्र डोइरा और चांग का इस्तेमाल किया गया। प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय और उज्बेक संगीत परंपराओं का मनमोहक संगम बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ का दौरा किया और वहां पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह स्मारक उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति का प्रतीक है। इसके बाद दोनों नेताओं ने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियों का भी अवलोकन किया।
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को ताशकंद में आयोजित विशेष योग सत्र में भी शामिल हुए। उन्होंने उज्बेकिस्तान के 52 योग साधकों की प्रस्तुति देखी और सभी उम्र के लोगों की भागीदारी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उज्बेकिस्तान को योग से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष योग सत्र में उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन के छह सदस्य भी शामिल हुए। इन साधकों ने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में कुल 18 पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण, 14 रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। अहमदाबाद में उज्बेकिस्तान की पूरी टीम ने विभिन्न श्रेणियों में कुल 25 पदक हासिल किए थे। इसके बाद ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में इन खिलाड़ियों का योग प्रदर्शन भारत और उज्बेकिस्तान के बीच खेल, योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मजबूत होती कड़ी के रूप में सामने आया।
उज्बेकिस्तान में योग के प्रति बढ़ती रुचि भारत और वहां के लोगों के बीच विकसित हो रहे सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाती है। अहमदाबाद में 4 से 8 जून 2026 तक आयोजित पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में विभिन्न देशों की भागीदारी ने योगासन को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान दी। उज्बेकिस्तान के खिलाड़ियों का चैंपियनशिप में प्रदर्शन और इसके बाद ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी के सामने उनका योग सत्र में शामिल होना दोनों देशों के बीच खेल और सांस्कृतिक सहयोग की निरंतरता को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के तहत ताशकंद पहुंचे थे। राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव स्वयं हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने पहुंचे। प्रधानमंत्री ने इस विशेष सम्मान के लिए राष्ट्रपति का आभार जताते हुए कहा कि यह उज्बेकिस्तान की उनकी चौथी यात्रा है और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की गहराई तथा बढ़ती गति को दर्शाती है। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच राजनीतिक एवं आर्थिक संबंधों के साथ-साथ लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी लगातार मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय की भागीदारी और योग तथा संगीत से जुड़े कार्यक्रमों ने इस रिश्ते के मानवीय और सांस्कृतिक पक्ष को प्रमुखता से सामने रखा।









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