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- दुर्ग / सेवा और विकास के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा नेहरू नगर पार्क, जोन क्रमांक 1 भिलाई में एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम शाम 6 बजे शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम में रेडियो जॉकी (आरजे) श्री अनिमेश जैन एवं उनकी टीम ने रोचक गतिविधियों का संचालन किया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और जीवंतता बनी रही। मंच पर स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य, गायन और कविता पाठ जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शासकीय योजनाओं पर आधारित क्विज एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता को रोचक बनाने के लिए खेल-खेल में प्रश्न पूछे गए, जिसमें गीत के साथ एक गेंद प्रतिभागियों के बीच पास की जाती रही। गीत बंद होने पर जिसके पास गेंद आती, वह एक चिट निकालता और उसमें लिखे शब्द या योजना को हाथों के इशारों से समझाता। इसके माध्यम से प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।प्रश्नोत्तरी में महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कृषि से जुड़ी प्रमुख योजनाओं पर आधारित प्रश्न शामिल किए गए। सुशासन तिहार के अवसर पर विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इन योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक और वास्तविक बदलाव लाए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता को सुशासन के महत्व से जोड़ना, शासन की योजनाओं की जानकारी देना तथा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा। प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को स्थानीय दुकानों एवं स्टॉल्स की ओर से डिस्काउंट वाउचर और कूपन प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से जनसंपर्क विभाग ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को सरल और मनोरंजक तरीके से आमजन तक पहुँचाने का सफल प्रयास किया।
- महासमुंद / वन खेल परिसर महासमुंद में आयोजित लोकसभा स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का आज सुबह 11 बजे समापन अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ भारत के निर्माण की मजबूत नींव है। सुबह पाली के कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा, खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।अपने संबोधन में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूरे देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव तीन स्तरों पर आयोजित हो रहा है, जिसमें ग्राम और शहरों से अनेक प्रतिभाएं उभरकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि आज 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा ने कहा कि प्रारंभ में लोगों के मन में यह भ्रांति थी कि इस तरह का खेल आयोजन कैसे होगा, लेकिन सांसद खेल महोत्सव ने सभी शंकाओं को दूर कर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। गांव से लेकर संसदीय क्षेत्र तक खेलों का आयोजन होने का अर्थ है जनता की व्यापक भागीदारी। यह आयोजन सीखने, खेलने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। आयोजन ने खेल के माध्यम से सामाजिक समरसता, अनुशासन और स्वस्थ जीवन शैली का संदेश दिया। खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए खेल अत्यंत आवश्यक हैं। सांसद खेल महोत्सव बच्चों और युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने का एक बेहतर मंच है। उन्होंने कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिवस है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। आज देश और राज्य तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने आज के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में याद करते हुए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर श्री महेंद्र सिक्का, श्री आनंद साहू, श्री राहुल चंद्राकर, श्री महेंद्र जैन, श्री इंद्रजीत सिंह गोल्डी, श्री देवीचंद राठी, श्री अरविंद प्रहरे, श्री श्याम साहू, एसडीएम श्रीमती अक्षा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। द्वितीय पाली में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
- -सांसद विजय बघेल ने किया भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का किया लोकार्पण-अटल जी की वाणी, कविताएँ और विचार आज भी राष्ट्र को दिशा दे रहे हैं - सांसद श्री बघेलरायपुर।पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती और सुशासन दिवस के पावन अवसर पर दुर्ग शहर को एक ऐतिहासिक सौगात मिली। शहर के सुवा चौक स्थित जेल तिराहा अब अटल परिसर चौक के नाम से जाना जाएगा। इस अवसर पर अटल परिसर प्रांगण में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का भव्य लोकार्पण दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल के करकमलों से संपन्न हुआ।उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर प्रदेश के 115 शहरों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी एवं श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सौंदर्यीकरण के तहत विकसित यह अटल परिसर चौक अब शहर की पहचान का नया केंद्र बनेगा।कार्यक्रम में सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, कविता और राष्ट्रभावना के प्रतीक थे। उनकी वाणी और दूरदर्शी सोच आज भी देश को मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि अटल - आडवाणी का कमल निशान मांग रहा है हिंदुस्तान जैसे नारों के साथ अटल जी ने देश को छह वर्षों तक सशक्त नेतृत्व दिया और भारत को विश्व पटल पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने यह भी बताया कि आज देशभर में 115 स्थानों पर अटल जी की प्रतिमाओं का अनावरण किया जा रहा है।सांसद श्री बघेल ने हाल ही में सम्पन्न सांसद खेल महोत्सव का उल्लेख करते हुए बताया कि इस आयोजन में लगभग पंद्रह सौ खिलाड़ियों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की सीख देता है।महापौर अलका बाघमार ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी एक महान राष्ट्रनेता, संवेदनशील कवि और निर्भीक पत्रकार थे। उन्होंने मानवीय मूल्यों के साथ राष्ट्रसेवा की। उनके निर्णय कठोर हो सकते थे, लेकिन उनका उद्देश्य सदैव जनकल्याण रहा। उन्होंने आधारभूत संरचना और परिवहन विकास में अटल जी की दूरदर्शी पहल को स्मरण करते हुए कहा कि भविष्य में यह चौक अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृतियों का जीवंत केंद्र बनेगा।कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, सभापति श्री श्याम शर्मा, एमआईसी सदस्यगण, पार्षदगण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन अटल जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धा और संकल्प के साथ किया गया।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बोड़ला में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में नवनिर्मित अटल परिसर का किया लोकार्पणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती पर 25 दिसम्बर को राज्य के 115 शहरों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी बोड़ला से वर्चुअली इस कार्यक्रम में जुड़े। कबीरधाम जिले के नगर पंचायत बोड़ला में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विजय पाटिल, उपाध्यक्ष श्री लव निर्मलकर, जनपद अध्यक्ष श्रीमति बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री अनिल ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्री राजकुमार मेरावी, श्री अमित वर्मा, डॉ. रूपनाथ मानिकपुरी, श्री संदीप गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर का निर्माण किया गया है, जिसका शुभारंभ आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से किया गया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता हैं। उनका छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव था। उन्होंने वर्ष 1998 में रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि हम नए राज्य का निर्माण करेंगे। अटल जी ने अपना यह संकल्प पूरा कर छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी जी देश के प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की। इसके परिणामस्वरूप गाँव-गाँव तक सड़कें पहुँचीं। सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवागमन में उल्लेखनीय सुधार हुआ। यह सब अटल जी की दूरदर्शी सोच और विकासशील दृष्टिकोण का परिणाम था।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की। इस योजना से किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध हुआ और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में यदि किसी ने ठोस और ऐतिहासिक कार्य किया, तो वह श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ही थे। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार भी अटल विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि अटल परिसर आने वाली पीढ़ियों को अटल जी के विचारों, उनके योगदान और उनके द्वारा दिखाए गए विकास के मार्ग की निरंतर याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष एवं उनकी पूरी टीम बोड़ला नगर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। नगर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तक, हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम आज बोड़ला के विकास में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
- रायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर अटल परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उनका छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्र को एक नए राज्य का स्वरूप देकर प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे एक महान राजनेता, कुशल प्रशासक, संवेदनशील कवि और दूरदर्शी नेता थे, जिनका योगदान देश और प्रदेश के विकास में अविस्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू एवं श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री राजेंद्र चन्द्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सभापति श्री रामकुमार भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री पीयूष ठाकुर, श्री सुरेश दुबे, श्री विजय पटेल, मनीराम साहू, श्री जसविंदर बग्गा, श्री सनत साहू, श्री सुनील दोषी, श्री पन्ना चंद्रवंशी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, श्री सानु साहू, श्री राजा द्विवेदी, श्री संजीव कुर्रे, श्री अजय ठाकुर, श्री बिहारी धुर्वे, श्री दुर्गेश अवस्थी, श्री केशरीचंद सोनी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -अटल जी के विचार युवाओं के लिए हैं प्रेरणास्रोत - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मारायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर कवर्धा के भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में उनके जीवनवृतांतों पर आधारित छाया चित्र प्रदर्शनी का आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए अटल जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि श्री अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने सिद्धांतों, संवेदनशीलता और दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से देश को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यह छाया चित्र प्रदर्शनी न केवल अटल जी के राजनीतिक जीवन को दर्शाती है, बल्कि उनके मानवीय दृष्टिकोण और राष्ट्र के प्रति समर्पण को भी प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।प्रदर्शनी में अटल जी के सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों, विकासोन्मुखी निर्णयों, कूटनीतिक उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी पहलों को चित्रों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। आगंतुकों ने प्रदर्शनी को अत्यंत प्रेरणादायी बताते हुए सराहना की।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री राजेंद्र चंद्रवंशी, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।
- महासमुंद / जिले के विकासखण्ड पिथौरा अंतर्गग्राम पंडरीखार निवासी श्री महेश राम टंडन 45 वर्ष की आयु में 80 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांग हैं। दिव्यांगता के कारण उन्हें कहीं भी नियमित काम नहीं मिल पा रहा था, जिससे परिवार के भरण-पोषण में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सीमित साधनों और आवागमन की समस्या के कारण उनकी आजीविका के विकल्प भी बहुत कम थे।श्री महेश राम टंडने बताते है कि ऐसे समय में समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें मोटराईज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई। यह साधन उनके जीवन में बदलाव का माध्यम बना। मोटराईज्ड ट्रायसायकल मिलने के बाद उनके लिए आने-जाने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई। अब वे आसानी से बाजार जाकर किराना सामान ला सकते हैं और अपने घर पर ही छोटी दुकान के रूप में बिक्री करने लगे हैं। इससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हुई है। नियमित आय होने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज श्री महेश राम टंडन अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर रहे हैं और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में पहचान बना चुके हैं। इस सहायता ने उन्हें नई दिशा दी है और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाया है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन तथा समाज कल्याण विभाग का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर शत प्रतिशत धान की खरीदी करने एवं धान की अवैध खरीदी-बिक्री की रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देशधान खरीदी केन्द्र खैरकट्टा के समिति प्रबंधक को कारण बताओे नोटिस और खेरथा एवं राणा खुज्जी के समिति प्रबंधकों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की दी चेतावनीबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज डौण्डीलोहरा विकासखण्ड के ग्राम कोड़ेकसा, भंवरमरा, खैरकट्टा, राणा खुज्जी एवं खेरथा के धान खरीदी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर संपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर शत प्रतिशत धान की खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि कोई भी पात्र कृषक अपनी वास्तविक रकबे के अनुसार धान की बिक्री करने से वंचित न रहे। इसके अलावा उन्होंने मौके पर उपस्थित नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं अन्य सभी अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी केन्द्रों में धान की अवैध खरीदी-बिक्री की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना को राज्य शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं विशेष प्राथमिकता वाले योजना बताते हुए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरते जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र खैरकट्टा में बिना कलर के सुतली से धान बोरों की सिलाई किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कलेेक्टर ने इसके लिए उन्होंने समिति प्रबंधक की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने धान खरीदी केन्द्र खेरथा एवं राणा खुज्जी के समिति प्रबंधकों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी भी दी। इस दौरान उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया, तहसीलदार श्री हिंसाराम नायक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी श्री सीआर रावटे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रोें के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों का अवलोकन कर धान खरीदी केन्द्रांें में अब तक खरीदे गए धान की कुल मात्रा, ग्रामवार औसत पैदावार, रकबा समर्पण की स्थिति आदि का सूक्ष्मता से पड़ताल किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कोचियों, व्यापारी आदि से धान की अवैध खरीदी न की जाए। श्रीमती मिश्रा ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों में रकबा समर्पण कराने वाले किसानों की कुल संख्या की जानकारी लेते हुए रकबा समर्पण के कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने धान बिक्री करने के पश्चात् जिन कृषकों के पास धान शेष नही रह जाता उनका अनिवार्य रूप से रकबा समर्पण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पहले टोकन के पश्चात किसानों के रकबा के आधार पर पात्रतानुसार उनका दूसरा एवं तीसरा टोकन काटे जाने पर भौतिक सत्यापन के उपरांत ही संबंधित कृषकों की धान की खरीदी करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने दूसरा एवं तीसरा टोकन जारी करने की स्थिति में निगरानी दल में शामिल हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव आदि अधिकारी-कर्मचारियों को संबंधित किसानों के घरों में भेजकर उनके पास उपलब्ध धान की भौतिक सत्यापन कराने को कहा। जिससे कि केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक धान की खरीदी सुनिश्चित होने के साथ-साथ व्यापारियों एवं कोचियों के द्वारा की जाने वाली धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र में उपस्थित किसानों से चर्चा कर धान खरीदी केन्द्र की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने किसानों को धान खरीदी केन्द्र में केवल साफ-सुथरे एवं गुणवत्तायुक्त धान ही बिक्री हेतु लाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में धान बोरों के तौल का अवलोकन किया। उन्होंने नमी मापक यंत्र के माध्यम से धान की नमी की भी जांच कराया। सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान में नमी की मात्रा समुचित पाई गई। उन्होंने समिति प्रबंधकों एवं अधिकारी-कर्मचारियों को सभी धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए शुद्ध पेयजल, छांव, शौचालय आदि की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
- विद्यार्थियों से बातचीत कर अध्ययन-अध्यापन एवं शाला के व्यवस्थाओं का जाना हाल, पूरे मनायोग से विद्या अध्ययन कर जीवन में आगे बढ़ने की दी सीखबालोद/जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता मानिटरिंग के तहत गत दिनों बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक शाला पिरीद एवं भेंगारी का निरीक्षण कर इन शालाओं में जरूरी सुविधाओं की उलपब्धता एवं शिक्षा गुणवत्ता की स्थिति का मूल्यांकन किया। इस दौरान श्री ठाकुर ने विद्यालय के सभी कक्षाओं में पहुँचकर बच्चों से बातचीत कर शाला में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं जरूरी सुविधाओं की उलपब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई-लिखाई के अलावा उनके दैनिक दिनचर्या एवं अन्य गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली। श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को समझाईश देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई-लिखाई बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी काम असंभव नही है, कठिन परिश्रम, लगन, धैर्य एवं त्याग से सभी उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे मनोयोग से विद्या अध्ययन कर जीवन में खूब प्रगति करते हुए अपने माता-पिता, परिवार, स्कूल एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का नाम रोशन करने को कहा। श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को निरंतर ज्ञानार्जन करने के साथ-साथ सदाचारी एवं व्यवहार कुशल बनने तथा नशापान आदि बुराईयों से जीवन भर दूर रहने की सीख दी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत निर्धारित बिंदुओं के अनुसार शाला के भौतिक वातावरण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का समुचित क्रियान्वयन, स्कूल में बच्चों की सीखने की स्तर की स्थिति आदि विभिन्न बिंदुओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका भी उपस्थित थे।
- बालोद/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में किसान हितैषी नीतियों और सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव धरातल पर दिखने लगा है। बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सनौद के युवा किसान श्री भोलाराम निषाद ने आज धान खरीदी केंद्र सनौद में अपनी उपज विक्रय कर शासन की व्यवस्थाओं के प्रति संतोष खुशी जाहिर किया है। धान बेचने पहुंचे भोलाराम निषाद ने बताया कि इस वर्ष खरीदी केंद्रों पर किसानों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के लिए स्वच्छ पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम है। धान की तौलाई प्रक्रिया सुगम और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता से कार्य में कोई रुकावट नहीं आ रही है। धान खरीदी केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी किसानों के साथ संवेदनशीलता से कार्य कर रहे हैं और हर कदम पर सहयोग कर रहे हैं। युवा किसान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि कृषक उन्नति योजना और किसान सम्मान निधि के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में बेहतर सुधार आया है। इन योजनाओं से मिलने वाली राशि का उपयोग किसान अपनी खेती को उन्नत बनाने और परिवार की खुशहाली के लिए कर रहे हैं। इससे हम किसानों की उन्नति हुई है। शासन की योजनाओं से मिली आर्थिक मजबूती ने हमें खेती को और बेहतर बनाने का हौसला दिया है। भोलाराम ने धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था और समय पर भुगतान की प्रक्रिया के लिए शासन-प्रशासन का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। किसान भोलाराम ने कहा कि सरकार की इन दूरगामी नीतियों के कारण आज का युवा किसान खेती को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में देख रहा है।
- डबरी निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज के साथ खेतों के लिए मिलेगी सिंचाई की सुविधाबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिसके अंतर्गत ’वीबी-जी राम जी’ के तहत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 300 ’आजीविका डबरी’ निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के समन्वय (अभिसरण) से संचालित की जा रही है। जिसमें ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। उल्लेखनीय है कि आजीविका डबरी के निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों में आवश्यक सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित होगी इससे खरीब एवं रबी दोनो फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही पशुपालन एवं मत्स्यपालन के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पात्र हितग्राहियों का चयन कर कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा है कि आजीविका डबरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी मॉडल है। जिले में 300 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और साथ ही जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से ’वीबी जी राम जी’ योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक आजीविका डबरी निर्माण के लिये आगे आएं और योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
- स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिलहितग्राहियों को किया गया शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित, शिविर में प्राप्त 244 आवेदनों में 167 निराकृतबालोद/ जिला प्रशासन द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जयंती के अवसर पर 19 से 25 दिसंबर तक आयोजित सुशासन सप्ताह 2025 के अंतर्गत आज जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सनौद में आयोजित ’प्रशासन गांव की ओर’ शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आम नागरिकगण शामिल हुए। सनौद में आयोजित ’प्रशासन गांव की ओर’ में जनप्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। समारोह में जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू सहित तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे के अलावा, जनपद सदस्य श्री आशीष साहू, श्री गुलाब सिंह, श्रीमती संध्या अमलेन्द्र साहू के अलावा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री आनंद शर्मा, श्री खेमलाल देवांगन, श्री तुकेश्वर प्रसाद एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा शिविर में उपस्थित हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी कराया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के द्वारा शिविर में उपस्थित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित भी की गई। उल्लेखनीय है कि सनौद शिविर में आज विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 244 आवेदनों में से 167 आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया।शिविर स्थल विभिन्न विभागों के द्वारा स्टाॅल लगाकर अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में आज जनपद पंचायत गुरूर को 170 आवेदन, विद्युत विभाग को 32 आवेदन, श्रम विभाग, पशु विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को 03-03, तहसीलदार गुरूर को 19, कृषि विभाग को 02 एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं एवं लोक निर्माण विभाग को 01-01 आवेदन प्राप्त हुआ। शिविर में लोक कलाकारों के द्वारा रंगारंग सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई।
- कृषकों को फसल चक्र परिवर्तन के संबंध में दी गई विस्तारपूर्वक जानकारीबालोद/राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत उद्यानिकी विभाग के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र अरौद में घटक कृषक संगोष्ठी के तहत बालोद जिले के पाँचों विकासखण्डों के 100 कृषकों का फसल चक्र परिवर्तन के संबंध में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर सहित कृषि सभापति श्री तेजराम साहू तथा कृषि विज्ञान केन्द्र अरौद के वरिष्ठ एवं प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. खुबीराम साहू (कीट विज्ञान), विषय वस्तु विशेषज्ञ उद्यानिकी डॉ. बलदेव अग्रवाल, विषय वस्तु विशेषज्ञ मृदा विज्ञान डॉ. अलख गौर, विषय वस्तु विशेषज्ञ पादप विज्ञान डॉ. दीपशिखा चन्द्राकर तथा सहायक संचालक उद्यान श्री डिकलेश कुमार एवं उद्यान अधीक्षक श्री अनिल महिलांग उपस्थित थे। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा कृषकों को फसल चक्र परिवर्तन से होने वाले लाभ के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
- राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजितबालोद/राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की नई दिल्ली में तैयारी हेतु प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 28 दिसंबर को 2025 को दोपहर 12 बजे से 02 तक किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि रोल नंबर 20250001 से 20250386 तक केवल बालिका अभ्यर्थी हेतु प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय तिलक नगर गुढ़ियारी रायपुर में तथा रोल नंबर 30250001 से 30250701 तक केवल बालक अभ्यर्थी हेतु प्रयास बालक आवासीय विद्यालय सड्डू रायपुर में निर्धारित की गई है। इसके साथ ही उक्त प्राक्चयन परीक्षा हेतु जिन अभ्यर्थियों को अभिलेखों के अभाव से परीक्षा में बैठने हेतु अपात्र किया गया है, उन्हें प्रावधिक रूप से उक्त प्राक्चयन परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही परीक्षा के उपरांत पुनः अभिलेख अपूर्ण पाए जाने पर अभ्यर्थिता निरस्त की दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in तथा https://hmstribal.cg.nic.in/ से परीक्षा केन्द्र, रोल नंबर की जानकारी के साथ प्रवेश पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।
- दावा, आपत्ति 22 जनवरी तक लिए जाएंगे21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशनबिलासपुर/निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के एसआईआर कार्यक्रम के तहत मंगलवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। इसके तत्काल बाद सूची पर दावा एवं आपत्तियां लेने का काम शुरू हो गया है जो कि 22 जनवरी तक लिया जायेगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने अपने कक्ष में राजनीतिक दलों की बैठक लेकर इसकी प्रक्रिया से उन्हें अवगत कराया।कलेक्टर ने बैठक में बताया कि दावा एवं आपत्तियां स्वीकार करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कुछ केन्द्र निर्धारित किये गये हैं। दावा, आपत्तियों की नोटिस, सुनवाई एवं सत्यापन का कार्य साथ-साथ चलेगा। सुनवाई की अंतिम तिथि 14 फरवरी 2026 तय की गई है। वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जायेगा। बैठक में राजनीतिक दलों को विगत मतदाता सूची एवं वर्तमान मतदाता सूची में हुए अंतर की तुलनात्मक जानकारी दी गई। उन्हें निर्वाचक नामावलियों की दो प्रतियां भी उपलब्ध कराई गई। दावा आपत्तियों की सुनवाई के लिए नियत स्थल की सूची भी उन्हें दी गई। ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपने नाम की जांच करने और नाम नहीं मिलता है तो क्या करें इसकी भी जानकारी से उन्हें अवगत कराया गया। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी सहित इण्डियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, मार्कसवादी कम्यूनिस्ट पार्टी एवं छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- बिलासपुर/स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत जल संसाधन परिसर स्थित प्रार्थना सभाकक्ष में प्लास्टिक अपशिष्ट एवं फिकल स्लज अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में बिलासपुर संभाग के सभी आठ जिलों बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला समन्वयक, जिला सलाहकार, विकासखंड व क्लस्टर समन्वयक, संबंधित ग्रामों के सरपंच-सचिव तथा स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधि शामिल हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्री संजय कुमार अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ ने किया। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में नागरिकों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाजार में खरीददारी करते समय अपने साथ कपड़े के थैले रखें। हमने फेस 1 में गांव को खुले में शौचमुक्त किया क्योंकि उससे बीमारी फैलती थी, साथ ही उन्होंने फिकल स्लज को स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम बताते हुए इसके सुरक्षित प्रबंधन की आवश्यकता रेखांकित की। प्रशिक्षण सत्रों में राज्य सलाहकार डॉ. रूपेश राठौर ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा श्री पुरुषोत्तम पंडा ने फिकल स्लज प्रबंधन पर पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। वहीं, राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह ने स्वच्छता के लाभों पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को स्वच्छता शपथ दिलाई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला समन्वयक श्रीमती पूनम तिवारी ने सभी प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
- राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए में चार सड़क खंडों के निर्माण के लिए 64.80 करोड़ की निविदा को मंजूरीउप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद निविदा स्वीकृति का पत्र जारीबिलासपुर/ राज्य शासन ने बिलासपुर-पंडरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए में रिहायशी क्षेत्र वाले चार सड़क खंडों में सड़क और नाली के निर्माण के लिए निविदा को मंजूरी दे दी है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निविदा स्वीकृति का पत्र राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र रायपुर के मुख्य अभियंता को जारी कर दिया है। इन सड़क खंडों के निर्माण की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे।विभाग द्वारा आज स्वीकृत निविदा के अनुसार 64 करोड़ 80 लाख रुपए की अनुमानित लागत से तखतपुर, मुंगेली, पंडरिया और पोंडी में कुल 15 किमी से अधिक लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क खंडों का निर्माण किया जाएगा। इस राशि से बिलासपुर-पंडरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए के अंतर्गत तखतपुर में 5.52 किमी, मुंगेली में 3.57 किमी, पंडरिया में 4.55 किमी तथा पोंडी में 1.59 किमी लंबाई के आबादी वाले क्षेत्रों में सीसी रोड, नाली और डामरीकृत सड़कें बनाई जाएंगी।
- बिलासपुर/राज्य शासन द्वारा 1 जनवरी से ई-ऑफिस व्यवस्था के तहत काम करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। जिले में 2334 अधिकारी एवं कर्मचारियों की आईडी एवं पासवर्ड बना लिए गए हैं। इन सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस में ऑनबोर्डिंग किया जा चुका है। विभिन्न कार्यालयों में 3411 से अधिक फाईलों का संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है। वर्तमान में बिलासपुर जिला ई-ऑफिस के संचालन के संबंध में राज्य में 9 वें रैक पर है। विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को एनआईसी के द्वारा कई चरणों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रति सप्ताह इसकी टीएल बैठक में समीक्षा की जा रही है। ई-ऑफिस व्यवस्था से सरकारी काम में तेजी आयेगी और लोगों का काम भी जल्दी होगा।
- बिलासपुर/ई-ऑफिस के कामकाज के संबंध में 26 दिसम्बर को सवेरे 11 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्हें 1 जनवरी से शुरू हो रहे ई-ऑफिस व्यवस्था के बारे में विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। मालूम हो कि प्रशासन को सरल, उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस के जरिए काम करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर बिलासपुर ने जिले के सभी कार्यालय प्रमुखों को एक अधिकारी और एक कर्मचारी को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- बिलासपुर/प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला बिलासपुर द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र मार्च 2026 से जून 2026 तक के लिए आवेदन 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मंगाये गये हैं। बिलासपुर संभाग अधिनस्थ समस्त कार्यालय प्रमुखों से अपेक्षा है कि वे कार्यालय में पदस्थ लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिन्होनें तीन वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके, लेखा प्रशिक्षण हेतु इच्छुक लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, तृतीय तल बिलासपुर को प्रेषित करें। आवेदन पत्र इस प्रकार भेजने की व्यवस्था करें कि 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित कार्यालयीन समय में इस कार्यालय को प्राप्त हो जाये। पूर्व में आवेदन कर चुके सभी कर्मचारियों को भी इस सूचना के प्रकाशन उपरांत प्रवेश हेतु पुनः आवेदन करना अनिवार्य है।
- -छत्तीसगढ़ के श्रेष्ठ प्रशासनिक नवाचारों को मिलेगा सम्मान-लोक प्रशासन में उत्कृष्टता को मान्यता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा-जिलों और विभागों से प्राप्त 312 प्रविष्टियों में से 10 नवाचारों का चयन — तकनीक, परिणाम और नागरिक-केंद्रित सेवा पर विशेष जोर-“नागरिकों की बेहतर सेवा के लिए शासन का निरंतर विकसित होना आवश्यक है” — मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में हो रहे परिवर्तन और प्रशासनिक संस्कृति के सुदृढ़ होते स्वरूप को रेखांकित करते हुए आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की । यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए उन नवाचारों को सम्मानित करने हेतु दिए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा स्थापित ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आँका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहाँ तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं।उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर हो रहे नवाचारों से साकार होता है। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जनहित को केंद्र में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के विजेताओं की घोषणा की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रणालियों को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ निरंतर स्वयं को ढालना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नवाचारों के सम्मान की आज घोषणा की गई है, वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि भविष्य-उन्मुख शासन के लिए अनुकरणीय और दोहराने योग्य मॉडल हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए एक सुदृढ़ और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य समावेशिता और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिलों से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे। यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि शासन के प्रत्येक स्तर पर समस्या-समाधान की नवाचारी सोच विकसित हो रही है। यह प्रवृत्ति समाधान-केंद्रित प्रशासन की ओर हो रहे सांस्कृतिक बदलाव को भी दर्शाती है।मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 13 नवाचारों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया और अंततः 10 विजेता नवाचारों का चयन किया गया, जिनमें जिला और विभागीय श्रेणियों से समान संख्या में प्रविष्टियाँ शामिल रहीं। मूल्यांकन के दौरान परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि सम्मान केवल विचारों पर नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली परिणामों पर आधारित हो।जिला श्रेणी के विजेताओं में दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया। एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटिकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये पुरस्कार छत्तीसगढ़ में जनकल्याण केंद्रित नवाचारों और सुशासन को प्रोत्साहन देने की एक नई शुरुआत हैं। यह इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ का भविष्य विस्तार-योग्य, नागरिक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम शासन में निहित है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी एवं टीमें एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में नेतृत्व विकास कार्यक्रम में भाग लेंगी, जिससे आज के नवाचार आने वाले समय में शासन के मानक बन सकें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोक प्रशासन में नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख सेवाएँ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए शासन को निरंतर विकसित होना होगा और मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार की पहल यह सिद्ध करती हैं कि किस प्रकार विस्तार-योग्य, डेटा-आधारित और नागरिक-केंद्रित समाधान सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास को मजबूत करते हैं।मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ शासन सार्वजनिक सेवा के मूल मूल्य के रूप में नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि शासन व्यवस्था को भीतर से रूपांतरित करते हुए प्रत्येक नागरिक तक मापनीय और सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।
- बिलासपुर/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी फसल वर्ष 2025-26 के लिए जिले में फसल बीमा के अंतर्गत प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है। योजना अंतर्गत जिले के कुल 88 ग्राम अधिसूचित किए गए हैं, जिनमें गेहूं, चना, सरसों एवं अलसी फसलें अधिसूचित है। अधिसूचित फसलों हेतु प्रति हेक्टेयर ऋणमान एवं कृषक प्रीमियम गेहूं (सिंचित) के लिए ऋणमान 30 हजार एवं प्रीमियम 450 रू, गेहूं (असिंचित) हेतु ऋणमान 25 हजार एवं प्रीमियम 375 रू, चना हेतु ऋणमान 32 हजार एवं प्रीमियम 480 रू, सरसों हेतु ऋणमान 22 हजार एवं प्रीमियम 330 रू तथा अलसी हेतु ऋणमान 18 हजार एवं प्रीमियम 270 रू निर्धारित किया गया है।ऋणी कृषक अपने संबंधित सहकारी समिति अथवा बैंक के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। वहीं अऋणी कृषक बुवाई प्रमाणपत्र, खसरा (बी-1, पी-2), आधार कार्ड, नवीनतम बैंक पासबुक एवं बटाईदार, कास्तकार घोषणापत्र के माध्यम से लोक सेवा केंद्र, सहकारी समिति, बैंक अथवा स्वयं के मोबाइल नंबर से क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए भी फसल बीमा करा सकते हैं। उप संचालक कृषि द्वारा जिले के समस्त ऋणी एवं अऋणी कृषकों से अपील की गई है कि अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करते हुए समय पूर्व फसल बीमा कराएं, क्योंकि रबी फसल बीमा की अंतिम तिथि में अब केवल 7 दिवस शेष हैं। रबी फसल वर्ष 2025-26 में बीमा कराते समय मोबाइल ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा, अतः अऋणी कृषक बीमा कराते समय मोबाइल साथ लेकर आएं। आगामी रबी मौसम में संभावित प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों को दृष्टीगत रखते हुए किसानों से अनुरोध है कि अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त औसत उपज में कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य लें।
- बिलासपुर/जिले के कोटा तहसील के ग्राम अमाली में नहर निर्माण के लिए भूमि का अर्जन किया जाना है। सामाजिक समाघात दल ने ग्राम अमाली में भू-अर्जन से पड़ने वाले प्रभाव का आंकलन किया।मूल्यांकन में पाया गया कि अमाली गांव में भू-अर्जन से 0.80 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है जिसका समाघात दल ने किसानों से भी सहमति लिया और पाया कि अर्जित भूमि से कोई मकान आदि प्रभावित नहीं हो रहा है और न ही किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना है। सामाजिक समाघात दल द्वारा यह पाया गया है कि अधोसंरचना पर कोई बाधा नहीं है तथा अधोसंरचना का कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। समाघात दल इस बात से संतुष्ट है कि जल संसाधन विभाग को जितनी भूमि की आवश्यकता है उतनी ही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। समाघात दल ने ग्राम अमाली तहसील कोटा के अंतर्गत जल संसाधन संभाग कोटा के नहर निर्माण हेतु ग्राम अमाली में रकबा 0.80 एकड़ भूमि का अर्जन लोकहित में किए जाने की अनुशंसा की है। ग्राम अमाली में सलका व्यपर्वतन योजना अंतर्गत नहर निर्माण होने से 11 गांवों की लगभग 1960 हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
- दुर्ग/जिले में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन पंजीयन की तिथि बढ़कर 15 जनवरी 2026 हो गई है। पात्र विद्यार्थी postmatric-scholarship.cg.nic.in पोर्टल के माध्यम से नवीन अथवा नवीनीकरण आवेदन कर सकते हैं।संस्था द्वारा प्रस्ताव लॉक कर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को प्रेषित करने की अंतिम तिथि 5 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। वहीं जिला कार्यालय स्तर पर सेक्शन लॉक, भुगतान प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथियां फरवरी 2025 तक निर्धारित हैं। निर्धारित तिथि के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। समय पर प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने पर छात्रवृत्ति से वंचित होने की जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की होगी।
- दुर्ग/ एकीकृत बाल विकास परियोजना जामगांव-एम.(पाटन-02) दुर्ग के अंतर्गत परिक्षेत्र सिकोला के आंगनबाड़ी केन्द्र आमापेण्ड्री के रिक्त कार्यकर्ता पद हेतु नियुक्ति किया जाना है। भर्ती की पूर्ण शर्ते एवं आवेदन अवलोकन हेतु परियोजना कार्यालय जामगांव एम एवं कार्यालय जनपद पंचायत पाटन में चस्पा किया गया है। पात्र इच्छुक आवेदिका 7 जनवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक बंद लिफाफा (डाकघर से) या स्वयं उपस्थित होकर कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना जामगांव एम. (पाटन-02) दुर्ग में कार्यालयीन समय में जमा किया जा सकता है।



























