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- - सरकार जनहित को ध्यान में रखकर कर रही कार्य - विधायक ललित चन्द्राकर- उपलब्ध संसाधनों का अधिक से अधिक करें संचय - कलेक्टर अभिजीत सिंहदुर्ग/ भारत सरकार के सुशासन सप्ताह (गुड गर्वनेंस वीक) के अवसर पर जिले में प्रशासन गांव की ओर के तहत बुधवार 24 दिसम्बर को दुर्ग विकासखण्ड के गांव मचान्दुर में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर में प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर भी शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारियों द्वारा विभाग से संबंधित आम जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। इस दौरान विभागों को प्राप्त कुल 210 आवेदनों में से 102 का मौके पर निराकरण किया गया। शेष आवेदनों के निराकरण हेतु एक सप्ताह की समय निर्धारित की गई है।समाज कल्याण विभाग द्वारा ग्राम बोरीगारका निवासी श्री बिसाहू राम गजपाल को उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभाग की ओर से व्हीलचेयर उपलब्ध कराया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 03 नवनिहालों का अन्नप्रासन्न संस्कार तथा 03 नवविवाहिता महिलाओं की गोदभराई रस्म की अदायगी की गई। बीज प्रक्रिया केन्द्र द्वारा आरबीकेवाय रफ्तार योजना अंतर्गत क्षेत्र के 05 कृषकों को रागी किस्म बीएल-376 की मिनी किट वितरण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 400 केवी पावरग्रिड प्रभावित किसान क्रमशः श्री मोहन लाल, श्री जयराम, श्री हरिराम, श्री बिसेलाल, श्री शिवनंदन एवं श्री होमलाल को मुआवजा राशि का चेक वितरण किया गया। ग्राम के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 01,02,03 के सहायिका एवं स्वच्छाग्राही दीदियों क्रमशः श्रीमती हितेश्वरी, श्रीमती रिटावन, श्रीमती कौशिल एवं श्रीमती झरयारिन बाई को विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसी प्रकार जल संरक्षण पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता के प्रतिभागी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। शिविर में अधिकारियों ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीणजनों को अवगत करायें।विधायक श्री चन्द्राकर ने अपने कर-कमलों से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया एवं विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने शिविर स्थल पर जिला पंचायत द्वारा जल संरक्षण हेतु बनाये गये प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने समस्त विभागीय स्टॉलों में भ्रमण कर अधिकारियों से जनता से प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में जानकारी ली। शिविर के संबंध में विचार व्यक्त करते हुए विधायक श्री ललित चन्द्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप एक निश्चित अंतराल पश्चात् जिला प्रशासन द्वारा जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जनता को जुड़ने का अच्छा अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजना से लाभान्वित करना शिविर का उद्देश्य रहा है। विधायक श्री चन्द्राकर ने बताया कि आज पात्र हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से अनुदान राशि मिल रही है। डीबीटी की देन प्रधानमंत्री जी की सोच है। उन्होंने केन्द्र सरकार की जन-धन खाता, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान चिकित्सा सुविधा को विस्तारपूर्वक रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य में किसानों का धान खरीदने वाला पहला राज्य है। प्रदेश सरकार ने भूमिहीन खेतिहर कृषकों के लिए 10 हजार रूपए अनुदान राशि और वेंडरों को बिना ब्याज के व्यापार सुविधा उपलब्ध करायी है। महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के साथ सरकार समाज के हर वर्ग के हित में कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार के वोकल फॉर लोकल की तर्ज पर स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देने का काम कर रही है। विधायक श्री चन्द्राकर ने प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने, प्रदेश को भी विकसित बनाने में आम जनता से सहयोग की अपेक्षा की।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने अवगत कराया कि प्रशासन गांव की ओर अभियान विगत 19 तारीख से लगातार जारी है। जिसके अंतर्गत जनपद एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों में शिविर आयोजित किय जा रहे हैं और आज यहां पर जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किये गया है। जिसमें विभागीय अधिकारियों द्वारा आम जनता की समस्याओं का समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का अधिक से अधिक संचय किया जाए, इसे व्यर्थ न करें। संसाधनों के संचय के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिकलसेल की रोकथाम हेतु पहल किया जा रहा है। चिन्हांकित व्यक्ति नियमित ईलाज सुनिश्चित करें। क्योंकि नियमित उपचार ही सिकलसेल से बचाव का माध्यम है। इसी प्रकार पोलियों की रोकथाम के लिए भी हमें सतर्कता बरतनी होगी। बच्चों को पोलियों की खुराक अवश्य पिलायें। कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा किसानों के धान खरीदी हेतु पहल करते हुए टोकन की ऑनलाईन व्यवस्था अब चौबीसों घंटे उपलब्ध करायी जा रही है। वही खरीदी हेतु लिमिट बढ़ा दी गई है। दिक्कतें आने पर इसे और बढ़ायी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं को वार्षिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर पूर्ण करायें। शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण के पश्चात् एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। शिविर के समापन अवसर पर विधायक श्री चन्द्राकर ने अधिकारी, कर्मचारी एवं आम जनता को जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की शपथ दिलायी। इस अवसर पर सरपंच श्री युगलकिशोर साहू एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधि, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्यगण, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, जनपद सीईओ श्री रूपेश पाण्डेय सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर ।राज्यपाल रमेन डेका ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदनमोहन मालवीय के जन्म दिवस पर उन्हें नमन किया है। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने छायाचित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर श्री वाजपेयी और मालवीय जी को नमन किया।राज्यपाल ने कहा है कि श्री वाजपेयी जी एक महान राजनेता, सशक्त वक्ता, कवि और बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। श्री वाजपेयी के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। श्री डेका ने सुशासन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि श्री वाजपेयी जी के आदर्शों को हम जीवन में उतारने का संकल्प लें।श्री डेका ने कहा है कि पंडित मदनमोहन मालवीय ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति एवं अथक प्रयासों से बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की और शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उनके आदर्श एवं चरित्र हम सभी के लिए प्रेरक है।इस अवसर पर राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर नमन किया।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने बुधवार 24 दिसम्बर को धान उपार्जन केन्द्र मचान्दुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां पर धान के स्टेग, प्रत्येक स्टेग में बोरों की संख्या, अब तक खरीदे गये धान और उठाव के साथ ही किसानों की टोकन व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने वाहन एन्ट्री पंजी एवं अन्य पंजी संधारण सही नहीं पाये जाने पर समिति प्रबंधक को फटकार लगायी। साथ ही धान पंजीयनों का व्यवस्थित ढंग से संधारण करने के कड़े निर्देश दिये। इस अवसर पर एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी और तहसीलदार श्रीमती काश्मा यदु भी मौजूद थे। ज्ञात हो कि उपार्जन केन्द्र मचान्दुर में 29139.60 क्विंटल धान की खरीदी हुई। जिसमें मोटा धान की मात्रा 15061.60 क्विंटल, पतला धान की मात्रा 2055.20 क्विंटल एवं सरोना धान की मात्रा 12322.80 क्विंटल शामिल है। खरीदे गये धान की कुल लागत राशि 6 करोड़ 90 लाख 72 हजार 816 रूपए है। जिसमें किसानों को 4 करोड़ 70 लाख 9 हजार 595 रूपए का भुगतान किया जा चुका है। धान खरीदी से 617 किसानों को लाभान्वित किया गया है। उपार्जन केन्द्र में खरीदे गये धान का उठाव भी किया जा रहा है। अब तक मिलर्स द्वारा 11 हजार क्विंटल का धान उठाव किया जा चुका है।
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राजनांदगांव । भारत सरकार द्वारा 26 दिसम्बर को दसवें सिक्ख गुरू गोविन्द सिंह जी के पुत्रों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी के शहादत को राष्ट्रीय दिवस घोषित करते हुए 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। वीर बाल दिवस मनाये जाने का प्रमुख उद्देश्य साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा फतेह सिंह जी की शहादत को याद करना एवं उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करना है। राज्य शासन द्वारा वीर बाल दिवस मनाए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
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- बेहतर कार्य करने वाले बीमा सखियों को किया गया सम्मानित
राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में बीमा सखी योजना की समीक्षा बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि बीमा सखियों को विभिन्न बीमा योजनाओं की पहुंच प्रत्येक हितग्राही तक बढ़ाने एवं मृत्यु दावा की कार्रवाई को त्वरित बनाने पर जोर दिया एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली बीमा सखियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने बताया कि जिले में बीमा सखी योजना चल रही है। बीमा सखी योजना से महिलाओं को कमिशन के अतिरिक्त 3 वर्षों तक 7 हजार रूपए, 6 हजार रूपए एवं 5 हजार रूपए प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है।बैठक में महिलाओं को आय बढ़ाने एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीमा सखी योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। बीमा सखियों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। भारतीय जीवन बीमा निगम राजनांदगांव शाखा ने बीमा सखी योजना की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया गया। जिला राजनांदगांव प्रत्येक मानक में बीमा सखी योजना में मध्य क्षेत्र (छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश) में अग्रणी स्थान पर है। बीमा सखियों को योजना के लाभ एवं कार्य के दौरान आ रही चुनौतियों एवं समाधान के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला मिशन प्रबंधक श्री पिनाकी डे सरकार, श्री देवेंद्र सेन, श्री सुशील श्रीवास्तव, श्री धनंजय गंजीर, श्री चंद्रभान मन्नाडे एवं श्री वीरेंद्र ध्रुव, श्री प्रशांत श्रीवास्तव उपस्थित थे। - राजनांदगांव । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव में अन्न उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने वाले किसानों को समर्पित किसान दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में विकसित भारत जी-राम-जी योजना के संबंध में किसानों को जानकारी प्रदान की गई।कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा तिलहन फसल उत्पादन, मशरूम उत्पादन, चना एवं गेहूं की खेती एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम में किसानों के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया। विजेता किसानों को फलदार आम, आंवला, अमरूद के पौधे वितरित किए गए। विससित कृषि संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया। किसानों को मनरेगा में 100 दिवस के स्थान पर 125 दिवस व विकसित भारत जी राम जी योजना की जानकारी दी गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेंद्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 10 से 25 फरवरी 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के क्रियान्वयन के संबंध में जिला अंतर-विभागीय टास्क समिति की बैठक ली। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने लिम्फेटिक फाइलेरिया एवं हाइड्रोसिल प्रकरण, फाईलेरिया रात्रिकालीन सर्वे की स्थिति, फाइलेरिया नियंत्रण संबंधी गतिविधि के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि घर के सदस्यों एवं पड़ोसियों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करें। दवा खाने से इनकार करने वाले परिवारों को समझाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ता की मदद करें। फाईलेरिया (हाथी पांव) जैसे गंभीर बीमारी से बचाव के लिए (2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर बीमार व्यक्ति को छोड़कर) फाईलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय एवं सहयोग करने के निर्देश दिए।सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने सभी विभागों को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने कहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि 10 से 12 फरवरी 2026 तक आंगनबाड़ी, स्कूल, कॉलेज एवं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर दवा का सेवन कराया जाएगा। 13 से 22 फरवरी 2026 तक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा समुदाय स्तर पर गृह भेंट कर तथा 23 से 25 फरवरी 2026 तक छूटे हुए लाभार्थियों को मॉप-अप राऊंड अंतर्गत दवा का सेवन कराया जाएगा। 10 से 25 फरवरी 2026 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एमडीए कार्नर में लाभार्थियों को दवा सेवन कराया जाएगा। फाइलेरिया की दवा खाली पेट ना खिलाया जाए। डब्ल्यूएचओ एनटीडी प्रतिनिधि डॉ मनोज कुमार ने बताया की पूर्व वर्षो में जिले में एमडीए में शतप्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया है जो जिले की विशेष उपलब्धि रही है। इस अवसर पर, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, स्वास्थ्य विभाग से जिला कार्यक्रम प्रबन्धक श्री संदीप ताम्रकार, डॉ. त्रिशाल डांडेकर, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती स्वाति बख्शी, श्री राकेश निर्मलकर, मलेरिया पर्यवेक्षक एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे
- - अब तक जिले में 58641 पंजीकृत किसानों से 720 करोड़ 44 लाख 45 हजार रूपए मूल्य का 3034230.80 क्विंटल धान की खरीदी- अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 491592.28 क्विंटल धान का उठावराजनांदगांव । जिले में धान खरीदी अभियान से किसानों में हर्ष व्याप्त है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 58641 पंजीकृत किसानों से 720 करोड़ 44 लाख 45 हजार रूपए मूल्य का 3034230.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। धान का उठाव भी लगातार जारी है। अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 491592.28 क्विंटल धान का उठाव किया गया है।
- राजनांदगांव । आयुक्त कृषि उत्पादन श्रीमती शहला निगार ने केन्द्र एवं राज्य शासन के कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा फसल चक्र परिवर्तन कार्यक्रम की प्रगति का अवलोकन करने जिले के ग्राम सोमनी, पार्रीखुर्द, मोखला, जंगलेसर, बरगा के प्रवास पर रही। इस दौरान कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, संभागीय संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती गोपिका गभेल उपस्थित रहे।आयुक्त कृषि उत्पादन श्रीमती शहला निगार ने सेवा सहकारी समिति सोमनी में धान खरीदी एवं पीएम-आशा योजनान्तर्गत खरीफ सोयाबीन, मूंग, उड़द एवं अरहर तथा रबी में दलहन-तिलहन फसलों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन की तैयारी का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कर फसलों का उपार्जन करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पीएम-आशा योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। आयुक्त कृषि उत्पादन ने ग्राम पार्रीखुर्द में किसानों की आय बढ़ाने, फसल चक्र परिवर्तन कार्यक्रम अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया और किसानों से चर्चा की। उन्होंने नेशनल मिशन ऑन इंडिबल ऑयल योजनांतर्गत 100 एकड़ क्षेत्र में सरसों फसल के साथ द्वि-फसलीय क्षेत्र विस्तार योजना अंतर्गत 40 एकड़ में तिवड़ा एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले गेहूं एवं मक्का फसल प्रदर्शन का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को कम पानी की खपत वाली फसलें लेने के लिए किसानों को प्रेरित करने एवं लाभ के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए। ग्राम मोखला में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत जिले के 400 हेक्टेयर क्लस्टर में संचालित गतिविधियों, कृषि सखी श्रीमती नीता देवनाथ साहू एवं अन्य सहयोगियों द्वारा तैयार किए जा रहे जैव आदान सामग्री वितरण, कृषि सखियों को योजना अंतर्गत प्रदाय किए जाने वाले मानदेय, मृदा नमूना संकलन कर प्रत्येक किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इन कार्यों को रबी सीजन में भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। आयुक्त कृषि उत्पादन ने ग्राम जंगलेसर में ग्रीष्म ऋतु में धान के बदले 6 एकड़ में उद्यानिकी फसल खीरा एवं धनिया की फसल लेने वाले कृषक श्री दौलतराम साहू एवं 17 एकड़ में अनुबंध खेती के तहत पॉपकार्न मक्का की खेती करने वाले कृषक श्री देवराम पटेल के फसल का अवलोकन किया एवं कृषकों से चर्चा कर प्रोत्साहित किया।आयुक्त कृषि उत्पादन श्रीमती शहला निगार ने मिशन जल रक्षा अंतर्गत ग्राम बरगा में सामूहिक प्रयास से जल संरक्षण हेतु किए जा रहे रिचार्ज सॉफ्ट, इंजेक्शन वेल एवं लाईन्ड फार्म पॉण्ड का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे इस अभिनव पहल की सराहना की। उन्होंने मिशन जल रक्षा के लिए जिला पंचायत की टीम की सराहना की। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अनुप चटर्जी, सहायक संचालक उद्यान श्री रविन्द्र मेहरा, सहायक संचालक मत्स्य पालन श्री सुदेश साहू, एपीओ मनरेगा श्री फैज मेनन, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री संतलाल देशलहरे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अविनाश दुबे एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री याजवेन्द्र कटरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । विभागीय निर्देशानुसार वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद एनीकट एवं स्टापडेम के गेटों को बंद किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसी क्रम में 13 नवंबर 2025 को हरदी एनीकट के सभी गेट बंद कर दिए गए थे, जिससे एनीकट में पर्याप्त जल भराव हो गया था। यह जानकारी जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने दी।उन्होंने बताया कि इस बीच असामाजिक तत्वों द्वारा रात्रि के समय एनीकट के गेटों को क्षतिग्रस्त कर खोल दिए जाने की सूचना प्राप्त हुई, जिससे जल स्तर कम होने की स्थिति बनी। सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी, जल प्रबंध उपसंभाग क्रमांक-4, रायपुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जल की बर्बादी को रोकने के लिए पुनः एनीकट के जल द्वार बंद करवाए।साथ ही इस घटना की जानकारी थाना आरंग पुलिस को दी गई, ताकि दोषी असामाजिक तत्वों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके और भविष्य में एनीकट की सुरक्षा एवं जल भराव प्रभावित न हो।जल द्वार बंद किए जाने के पश्चात् वर्तमान में दिनांक 22 दिसंबर 2025 की स्थिति में एनीकट की कुल 8 फीट ऊंचाई में से लगभग 5 फीट तक जल भराव उपलब्ध है।
- -आंगनबाड़ी केंद्रों में रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोररायपुर। रायपुर जिले में दिनांक आज को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईसीसीई वार्षिक मेले का सफल आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता तथा सीखने की प्रक्रिया को खेल-खेल में प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम में जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर द्वारा मन्दिर हसौद परियोजना के भानसोज, सुन्डी, नारा, सिवनी एवं गोढी स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित मेले का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव एवं संचालक महोदया द्वारा अभनपुर परियोजना के निमोरा केंद्र में आयोजित मेले का निरीक्षण किया गया।मेले में शैक्षणिक खेल, रचनात्मक गतिविधियाँ, चित्रकला, कहानी-कथन, बाल गीत, नृत्य एवं सीखने से संबंधित विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनका बच्चों ने भरपूर आनंद लिया।इस अवसर पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों एवं परियोजना अधिकारियों ने ईसीसीई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों की प्रतिभा निखारने में सहायक बताया।कार्यक्रम के अंत में बच्चों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की गई तथा भविष्य में भी इस तरह के रचनात्मक एवं शिक्षाप्रद आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की बात कही गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- -ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का फसल अपनाने पर जताई प्रसन्नतारायपुर / कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव कृषि उत्पादन श्रीमती शहला निगार ने आज जिले के विकासखंड आरंग अंतर्गत ग्राम नकटा, चटौद एवं नरदहा का निरीक्षण कर विभिन्न कृषि योजनाओं के अंतर्गत संचालित फसलों का अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान ग्राम नकटा में राष्ट्रीय विकास योजनांतर्गत 2.50 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी मक्का फसल का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार ग्राम चटौद में बीज ग्राम योजना के अंतर्गत 6 हेक्टेयर में गेहूं तथा 3 हेक्टेयर में चना फसल का अवलोकन किया गया। ग्राम नरदहा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत 40 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का फसल की स्थिति का जायजा लिया गया।निरीक्षण के दौरान श्रीमती निगार ने कृषकों से संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। ग्राम चटौद में ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का फसल लगाए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की तथा अन्य ग्रामों के कृषकों को भी ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का एवं अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने एवं हरा चारा लगाने के लिए प्रेरित किया।कृषि उत्पादन आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कृषकों को योजनाओं के मापदंड की विस्तृत जानकारी दें तथा निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रदर्शन आयोजित करें। साथ ही उन्होंने गत वर्ष के ग्रीष्मकालीन धान, दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबे की जानकारी प्राप्त कर उसके आधार पर फसल परिवर्तन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर संयुक्त संचालक कृषि श्री गयाराम, उप संचालक कृषि श्री सतीश अवस्थी, सहायक संचालक कृषि श्रीमती ममता पाटिल, सहायक संचालक कृषि श्री रविंद्र मून, कृषि विकास अधिकारी श्री मानस चौधरी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर ।मुंगेली जिले के ग्राम लालाकापा निवासी श्री तिलक प्रसाद के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मजदूरी करने जीवन-यापन करने वाले तिलक प्रसाद को योजना के अंतर्गत सुरक्षित और स्थायी आवास प्राप्त हुआ है। पक्का घर मिलने पर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।पूर्व में श्री तिलक प्रसाद अपने परिवार के साथ एक छोटे कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात के दिनों में परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जीवन व्यतीत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर पुराने कच्चे मकान को तोड़कर नए पक्के आवास का निर्माण किया गया। निर्माण पूर्ण होने के बाद अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें न केवल पक्का घर दिया है, बल्कि सुरक्षित भविष्य और आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पशु चिकित्सा परिषद द्वारा आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कैम्पस समेती लभाण्डी रायपुर में एक दिवससीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण बोवाईन मेस्टाईटिस (BOVINE MASTITIS) पर किया गया। बोवाईन मेस्टाईटिस गायों एवं भैंसों में होने वाला एक आम और महंगा बीमारी है, इस बीमारी से पशुपालकों को भारी आर्थिक हानि होता है। इस बीमारी में स्तन ग्रंथि में संक्रमण और सूजन होता है, जो विभिन्न प्रकार के जीवाणु, विषाणु एवं कवक से होता है। पोषक तत्वों की कमी के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण स्तन पर सूजन एवं संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. विवेक शंकर अवस्थी एवं डॉ. एस. के. दीवान के द्वारा रोग प्रबंधन, खानपान, निदान एवं उपचार के बारे में विस्तारी से बताया गया। पोषक तत्वों के महत्व एवं शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने के बारे में भी जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण में रायपुर संभाग के पांच जिलों से लगभग 50 पशु चिकित्सा अधिकारी, समेती के संचालक श्री बी.के. बिजनौरिया, पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. दीपक चन्द्राकर, संयुक्त संचालक समेती डॉ. पी.के. शिन्दे उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त उप संचालक पशु चिकित्सा परिषद डॉ. अशोक कुमार पटेल, तथा डॉ. रश्मि लता राकेश के द्वारा किया गया।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अपने संकल्प के अनुसार राज्य के किसानों को प्रति क्विंटल के मान से धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रूपए दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। अम्बिकापुर जिले के ग्राम मुड़ेसा निवासी किसान श्री अखिलेश कुमार शासन की पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था की सराहना की है।श्री अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से मोबाइल द्वारा घर बैठे ही धान विक्रय हेतु टोकन कटवाया, जिससे समय की बचत हुई और समिति कार्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े। डिजिटल टोकन व्यवस्था से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक हुई है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्रों में नाप-तौल एवं खरीदी की व्यवस्था सुचारू है तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। श्री अखिलेश कुमार ने बताया कि गत वर्ष धान विक्रय कर उन्हें अच्छा लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने ट्रैक्टर की खरीदी की। इससे कृषि कार्यों में तेजी आई है और लागत में भी कमी हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान विक्रय कर अन्य कृषि उपकरण एवं आवश्यक संसाधन क्रय करने की योजना है।किसान श्री अखिलेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को धान का उचित एवं सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर सुधर रहा है।
- रायपुर। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 7 सहकारी समितियों एवं छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत 2 एफपीओ (FPO) को वर्ष 2025 के क्षेत्रीय सहकारी उत्कृष्टता एवं योग्यता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।यह पुरस्कार कार्यक्रम रायपुर में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सचिव, सहकारिता उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता समितियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की।कार्यक्रम में श्री कुलदीप शर्मा , आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, श्री किंचित जोशी, क्षेत्रीय निदेशक, NCDC रायपुर, श्री के.एन. कांडे, प्रबंध संचालक, एपेक्स बैंक रायपुर सहित NCDC के अधिकारी उपस्थित थे।इस अवसर पर श्री किंचित जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की स्थापना वर्ष 1963 में किसानों और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई थी। NCDC कृषि विपणन, भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य पालन, हथकरघा, महिला एवं कमजोर वर्गों की सहकारी समितियों के विकास के लिए कार्य कर रहा है। अब तक निगम द्वारा देशभर की सहकारी संस्थाओं को लगभग 4.33 लाख करोड़ रुपये का वित्तपोषण किया गया है।पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रमुख समितियांसर्वश्रेष्ठ प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां (PACS) के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार (उत्कृष्टता): सेवा सहकारी समिति मर्यादित, बोरीगारका, जिला दुर्ग को 35 हजार रुपए एवं प्रशस्ति पत्र और द्वितीय पुरस्कार (योग्यता) वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित, सुरगी, जिला राजनांदगांव को 25 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसी तरह राज्य के एक प्रमुख क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्राथमिक सहकारी समितियां (विपणन क्षेत्र) के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार बिल्हा सहकारी विपणन संस्था मर्यादित, सरगांव, जिला मुंगेली को 35 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र और द्वितीय पुरस्कार गौरेला सहकारी विपणन संस्था मर्यादित, पेंड्रारोड, जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही को 25 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।इसी तरह सहकारिता मंत्रालय की पहल को अपनाने वाली समितियां में प्रथम पुरस्कार वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित, उतई, जिला दुर्ग को 35 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र और द्वितीय पुरस्कार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, नवागांव, जिला बालोद को 25 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सर्वश्रेष्ठ महिला सहकारी समिति के अंतर्गत तिब्बतन रिफ्यूजी मल्टीपरपज को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, मैनपाट, जिला सरगुजा को प्रथम पुरस्कार 35 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ एफपीओ (FPO) के लिए प्रथम पुरस्कार किसान कल्याण उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, बलौदाबाजार को 35 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र और द्वितीय पुरस्कार बिहान प्रगतिशील महिला बहुद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित, गुल्लू, जिला रायपुर को 25 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने विजेता समितियों के अध्यक्षों, प्रबंधकों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि NCDC द्वारा शुरू किए गए ये पुरस्कार सहकारी आंदोलन को नई दिशा देंगे और अन्य सहकारी संस्थाओं को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करेंगे।कार्यक्रम के अंत में श्री वैभव कुमार, सहायक निदेशक, NCDC रायपुर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन भी श्री वैभव कुमार द्वारा किया गया।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में करेंगे लोकार्पण, वर्चुअल लोकार्पण के लिए 114 निकाय जुड़ेंगे-छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटलजी की स्मृतियों को चिरस्थायी रखने उनके जन्म शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसरों का निर्माणरायपुर,। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर 25 दिसम्बर को राज्य के 115 शहरों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इनका लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम से अन्य 114 नगरीय निकाय वर्चुअली जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय 25 दिसम्बर को दोपहर साढ़े 12 बजे रायपुर के अटल एक्सप्रेस-वे में फुंडहर चौक पर स्थापित अटलजी की मूर्ति का अनावरण और अटल परिसर का लोकर्पण करेंगे।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बुधवार को रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में 115 निकायों में अटल परिसरों के लोकार्पण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता और देश के विकास को नई दिशा देने वाले कई योजनाओं के प्रणेता पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 25 दिसम्बर को 101वीं जयंती है। अटलजी के जन्म शताब्दी वर्ष को छत्तीसगढ़ सरकार अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण व इसके विकास में उनके योगदान को रेखांकित करने तथा उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने उनके जन्म शताब्दी वर्ष में राज्य के हर नगरीय निकाय में अटल परिसर का निर्माण किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि अटलजी के 101वीं जयंती पर एक साथ राज्य के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा रहा है। 11 नगर निगमों, 28 नगर पालिकाओं और 76 नगर पंचायतों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण होगा। उन्होंने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद वर्ष 2024 में अपने प्रथम विधानसभा सत्र में ही सरकार ने सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण की घोषणा की थी। इसके निर्माण के लिए राज्य के 14 नगर निगमों को 50-50 लाख रुपए, 56 नगर पालिकाओं को 30-30 लाख रुपए तथा 122 नगर पंचायतों को 20-20 लाख रुपए दिए गए हैं। 192 नगरीय निकायों में कुल 46 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से अटल परिसरों का निर्माण किया जा रहा है।श्री साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले वर्ष 25 दिसम्बर को मुख्यमंत्री तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अटलजी की 100वीं जयंती पर एक साथ 163 नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा 60 निकायों में अटल परिसर का लोकार्पण पहले ही किया जा चुका है। शेष नगरीय निकायों में भी अटल परिसर के निर्माण का काम प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि शहरों में अटल परिसर का निर्माण प्रमुख स्थलों तथा उद्यानों में किया गया है। इसमें अटलजी की प्रतिमा की स्थापना के साथ-साथ परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण एवं विकास भी किया जा रहा है। अटल परिसर से नागरिकों को एक आकर्षक, मनोरंजक एवं सक्रिय सामाजिक-सांस्कृतिक स्थल की सुविधा मिलेगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।
- बिलासपुर /प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला बिलासपुर द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र मार्च 2026 से जून 2026 तक के लिए आवेदन 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मंगाये गये हैं। बिलासपुर संभाग अधिनस्थ समस्त कार्यालय प्रमुखों से अपेक्षा है कि वे कार्यालय में पदस्थ लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिन्होनें तीन वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके, लेखा प्रशिक्षण हेतु इच्छुक लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, तृतीय तल बिलासपुर को प्रेषित करें। आवेदन पत्र इस प्रकार भेजने की व्यवस्था करें कि 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित कार्यालयीन समय में इस कार्यालय को प्राप्त हो जाये। पूर्व में आवेदन कर चुके सभी कर्मचारियों को भी इस सूचना के प्रकाशन उपरांत प्रवेश हेतु पुनः आवेदन करना अनिवार्य है।
- बिलासपुर /प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी फसल वर्ष 2025-26 के लिए जिले में फसल बीमा के अंतर्गत प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है। योजना अंतर्गत जिले के कुल 88 ग्राम अधिसूचित किए गए हैं, जिनमें गेहूं, चना, सरसों एवं अलसी फसलें अधिसूचित है। अधिसूचित फसलों हेतु प्रति हेक्टेयर ऋणमान एवं कृषक प्रीमियम गेहूं (सिंचित) के लिए ऋणमान 30 हजार एवं प्रीमियम 450 रू, गेहूं (असिंचित) हेतु ऋणमान 25 हजार एवं प्रीमियम 375 रू, चना हेतु ऋणमान 32 हजार एवं प्रीमियम 480 रू, सरसों हेतु ऋणमान 22 हजार एवं प्रीमियम 330 रू तथा अलसी हेतु ऋणमान 18 हजार एवं प्रीमियम 270 रू निर्धारित किया गया है।ऋणी कृषक अपने संबंधित सहकारी समिति अथवा बैंक के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। वहीं अऋणी कृषक बुवाई प्रमाणपत्र, खसरा (बी-1, पी-2), आधार कार्ड, नवीनतम बैंक पासबुक एवं बटाईदार, कास्तकार घोषणापत्र के माध्यम से लोक सेवा केंद्र, सहकारी समिति, बैंक अथवा स्वयं के मोबाइल नंबर से क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए भी फसल बीमा करा सकते हैं। उप संचालक कृषि द्वारा जिले के समस्त ऋणी एवं अऋणी कृषकों से अपील की गई है कि अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करते हुए समय पूर्व फसल बीमा कराएं, क्योंकि रबी फसल बीमा की अंतिम तिथि में अब केवल 7 दिवस शेष हैं। रबी फसल वर्ष 2025-26 में बीमा कराते समय मोबाइल ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा, अतः अऋणी कृषक बीमा कराते समय मोबाइल साथ लेकर आएं। आगामी रबी मौसम में संभावित प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों को दृष्टीगत रखते हुए किसानों से अनुरोध है कि अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त औसत उपज में कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य लें।
- बिलासपुर /बहतराई गांव की महिला किसान श्रीमती भूरी बाई ने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच खेती कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है। पारिवारिक दायित्वों के बीच खेती जैसा अथक श्रम का काम करना चुनौतीपूर्ण रहा। लेकिन कड़ी मेहनत और सरकार से मिल रहे सहयोग ने उनकी राह आसान बना दी और वे अब आर्थिक रूप से न केवल सशक्त बन चुकी हैं बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा दे रही हैं।इस वर्ष भूरी बाई ने पूरे परिश्रम और लगन से धान की खेती की। फसल तैयार होने के बाद उन्होंने 38 क्विंटल धान सहकारी समिति के माध्यम से बेचा। धान विक्रय प्रक्रिया को लेकर उनके मन में पहले आशंकाएं थीं, लेकिन टोकन कटने से लेकर तौल और भुगतान तक सभी कार्य पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरे हुए। कहीं कोई भटकाव नहीं, न ही किसी तरह की परेशानी।सबसे बड़ी राहत तब मिली जब धान बिक्री की राशि कुछ ही दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो गई। मेहनत की कमाई समय पर मिलने से भूरी बाई काफी खुश है। अपनी मेहनत की कमाई निकालने के लिए वे सरकंडा स्थित सहकारी बैंक पहुंचीं,जहां उन्हें सम्मान और सहयोग के साथ सेवा मिली और राशि आहरण में कोई दिक्कत नहीं हुई। भूरी बाई बताती हैं कि इस प्राप्त राशि से वे अपने घर की मरम्मत कार्य करवाएंगी।भूरी बाई कहती है किसान हितैषी योजनाओं और पारदर्शी व्यवस्था ने छोटे किसानों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। उन्हें किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है जिससे उन्हें खेती किसानों के खर्च में मदद मिल जाती है। सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी से वे खुद को पहले से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं।भूरी बाई प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहती है कि सरकार की नीतियों और योजनाओं ने किसानों को सम्मान, सुरक्षा और समय पर मेहनत का फल दिया है।
- -हरित समृद्धि की ओर मजबूत कदमरायपुर l किसानों एवं स्थानीय युवक- युवतियों को उद्यानिकी क्षेत्र में सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन सप्ताह पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जो भविष्य में जिले की उद्यानिकी को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा। सूरजपुर जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल की गई है। जिला खनिज न्यास डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग से उद्यानिकी के क्षेत्र में किया जा रहा है lग्राफ्टिंग के माध्यम से एक ही पौधे में बैंगन और टमाटर पैदा करने की एक नवीन तकनीक अंतर-विशिष्ट ग्राफ्टिंग, जैविक और अजैविक तनावों के प्रति सहनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ सब्जियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक आशाजनक रूप में उभरी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप एवं कलेक्टर सूरजपुर के निर्देशन में सूरजपुर जिले में ग्राफ्टेड टमाटर, बैंगन एवं अन्य उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु विशेष प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के तहत किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सब्जियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में किसानों को नई ताकत मिलेगी।अब तक जिले के किसानों को ग्राफ्टेड पौधों के लिए बाहरी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय, लागत और उपलब्धता की समस्याएं सामने आती थीं। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में ही ग्राफ्टेड पौधे तैयार करने के लिए कौशल विकास आधारित माली प्रशिक्षण योजना लागू की है, जिससे किसानों की बाहरी निर्भरता कम होगी।इस उद्देश्य से कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन द्वारा डीएमएफ निधि से उद्यानिकी विभाग को माली प्रशिक्षण हेतु राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अंतर्गत जिले की दो प्रमुख शासकीय उद्यान रोपणियां शासकीय उद्यान दतिमा, विकासखंड सूरजपुर और शासकीय उद्यान खोरमा, विकासखंड प्रतापपुर में 30-30 कुल 60 हितग्राहियों (किसान एवं स्थानीय युवक-युवतियां) को निःशुल्क माली प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को कटिंग, बडिंग एवं ग्राफ्टिंग द्वारा पौधा तैयार करने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात उद्यानिकी टूल-किट भी प्रदान की जाएगी, ताकि प्रशिक्षित हितग्राही तुरंत अपने कार्य की शुरुआत कर सकें।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में रोजगार सृजन, उत्पादन वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवक-युवतियों के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही ग्राफ्टेड पौधों की सुलभ उपलब्धता, लागत में कमी, गुणवत्ता में सुधार और उद्यानिकी उत्पादन में वृद्धि जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
- -छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर बनेगी विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलरायपुर। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा।1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवनभोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का समग्र विकास होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे। भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा।स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूतीभोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।
- -5 लाख तक पहुँची सालाना आयरायपुर ।जिला नारायणपुर के विकासखण्ड ओरछा अंतर्गत ग्राम कुरूषनार की निवासी शांति दुग्गा आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। रोशनी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य और प्रतीज्ञा ग्राम संगठन से जुड़ी शांति दुग्गा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की बिहान योजना के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।शांति दुग्गा 19 अगस्त 2019 को स्व सहायता समूह से जुड़ीं। इससे पहले उनके परिवार की आजीविका कृषि कार्य और वनोपज संग्रहण पर निर्भर थी, जिससे आय सीमित रहती थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की शुरुआत की। शासन द्वारा समूह को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि एवं 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश कोष राशि प्राप्त हुई, जिससे वित्तीय अनुशासन और आपसी लेन-देन की समझ विकसित हुई।बैंक लिंकेज के माध्यम से शांति दुग्गा ने पहली बार 1 लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़ा व्यवसाय प्रारंभ किया। बाजार-हाट के कार्य को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने एक पिकअप वाहन भी खरीदा। नियमित आय के चलते वे समय पर ऋण की किश्तें और ब्याज का भुगतान करती रहीं।लगातार बढ़ते व्यवसाय और आत्मविश्वास के साथ शांति दुग्गा ने तीसरे चरण में 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। आज उनके परिवार की वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे परिवार का जीवन स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरा है।शांति दुग्गा का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हैं। उनकी सफलता कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।
- -इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से 30 जनवरी तक आवेदन आमंत्रितमहासमुंद / वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय (पीएम-अजय) योजनांतर्गत जिला महासमुंद को 518 हितग्राहियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को बैंकों के माध्यम से स्वरोजगार एवं आर्थिक विकास हेतु ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से 30 जनवरी 2026 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति ने बताया कि पीएम-अजय योजना के तहत इकाई लागत की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। योजना अंतर्गत किराना, मनिहारी, कपड़ा व्यवसाय, नाई सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैंसी स्टोर, मोटर मैकेनिक, साइकिल मरम्मत, टीवी-रेडियो एवं मोबाइल रिपेयरिंग, वेल्डिंग, मुर्गी पालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोना-पत्तल निर्माण, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित स्थानीय आवश्यकता अनुसार अन्य आयजनक व्यवसायों के लिए ऋण हेतु आवेदन किया जा सकता है।योजना के लिए आवेदक का जिले का मूल निवासी होना अनिवार्य है तथा वह अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए। आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 50 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु प्रमाण हेतु स्कूल द्वारा जारी दस्तावेज दाखिल-खारिज/5वीं, 8वीं, 10वीं की अंकसूची या मूल दस्तावेज के साथ शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवेदक की वार्षिक आय 2,50,000 तक होनी चाहिए। आवेदन के साथ सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र मान्य होंगे। इसके अतिरिक्त मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक या बिजली बिल संलग्न करना आवश्यक है। आवेदक पर किसी शासकीय योजना के अंतर्गत पूर्व का ऋण बकाया नहीं होना चाहिए, जिसके लिए संबंधित विभाग/बैंक द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र या शपथ पत्र देना होगा।योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार स्वीकृत ऋण राशि का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50,000 तक (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। आवेदन पत्र जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति महासमुंद तथा जनपद पंचायतों से कार्यालयीन समय में प्राप्त किए जा सकते हैं।
- महासमुंद / राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना से लाभान्वित होकर महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम कसहीबाहरा निवासी कृषक श्री दशरथ पटेल ने अपनी खेती की दिशा बदलकर एक प्रेरणादायक सफलता प्राप्त की है। 47 वर्षीय श्री दशरथ पटेल, जो 12वीं तक शिक्षित हैं, पूर्व में परंपरागत रूप से धान की खेती किया करते थे। उनकी भूमि रेतीली होने के कारण धान की खेती में अधिक लागत लगती थी, जबकि उत्पादन अपेक्षाकृत कम प्राप्त होता था। सीमित भूमि होने के कारण आय भी कम थी, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार कर पाना कठिन हो रहा था।आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्री पटेल ने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत अनुदान प्राप्त कर सब्जी फसल के रूप में करेले की खेती अपनाई। उन्होंने 0.60 हेक्टेयर भूमि पर ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए करेले की खेती प्रारंभ की। इस परिवर्तन के बाद उनकी खेती में सुधार देखने को मिला।धान की खेती के दौरान लगभग 21 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था, जिसे लगभग 31 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया जाता था। इसमें लागत अधिक होने के कारण कुल आय सीमित रह जाती थी। वहीं करेले की खेती से लगभग 100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसे औसतन 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया गया। इस प्रकार श्री पटेल को लगभग 2 लाख रुपये की कुल आय प्राप्त हुई, जबकि लागत अपेक्षाकृत कम रही। परिणामस्वरूप उन्हें धान की तुलना में लगभग चार गुना अधिक शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।करेले की खेती से श्री दशरथ पटेल की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। वे वर्तमान में अपनी खेती से संतुष्ट हैं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस सफलता को देखकर ग्राम कसहीबाहरा सहित आसपास के क्षेत्रों के अन्य कृषक भी उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।




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