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- रायपुर ।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से रायपुर जिले के अंतर्गत सिलतरा संचारण एवं संधारण संभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता एवं पंजीयन शिविर का आयोजन 16 जनवरी से किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर मुफ्त बिजली प्राप्त करने तथा शासन द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाने की पूरी जानकारी दी जा रही है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता श्री संजीव सिंह ने बताया कि अधिकृत सोलर एजेंसियां शिविरों में उपस्थित रहकर योजना की प्रक्रिया समझाएंगी रतथा मौके पर ही ऑनलाइन पंजीयन भी किया जाएगा।सिलतरा संचारण एवं संधारण संभाग के अंतर्गत 16 जनवरी को सिलतरा में, 20 को अकोली में, 22 को कन्हेरा में , 23 को बहेसर, 27 को गिरौद, 29 को धनेली, 30 जनवरी को गिधौरी तथा 03 फरवरी को निमोरा ग्राम पंचायत में पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत जागरूकता एवं पंजीयन शिविर आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत केन्द्र सरकार 70 हजार रूपए के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अतिरिक्त सब्सिडी 30 हजार रूपए प्रदान की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को सोलर सिस्टम लगाने में बहुत कम खर्च आता है और उनका बिजली बिल शून्य तक हो सकता है।उन्होने ग्रामीण उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने गांव में निर्धारित तिथि को आयोजित शिविर में पहुँचकर योजना की जानकारी प्राप्त करें और स्वच्छ एवं सस्ती सौर ऊर्जा का लाभ उठाएं।
- - कर्मियों की दक्षता में होगी वृद्धि, अतिउच्च दाब टावर निर्माण में आएगी तेज़ीरायपुर, । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों ने अपने अनुभव, कौशल और नवाचार का उपयोग करते हुए लगभग 60 साल पुरानी जर्मन निर्मित रेडियल ड्रिल मशीन को सफलतापूर्वक पुनः कार्यशील बना दिया है। यह मशीन 1965 में जर्मनी से आयातित की गई थी और राज्य गठन के कुछ वर्षों बाद तकनीकी खराबी के कारण अनुपयोगी हो गई थी।इस मशीन को सुधारने के लिए पहले विशेषज्ञों की तलाश की गई थी, परंतु इसकी अत्यधिक पुरानी तकनीक के कारण मरम्मत संभव नहीं हो सकी। इसके पश्चात पॉवर कंपनी के अनुभवी तकनीकी कर्मचारियों ने अपने स्तर पर इसके यांत्रिक एवं विद्युत घटकों का परीक्षण कर चरणबद्ध तरीके से इसे पुनः दुरुस्त करने का कार्य प्रारंभ किया और अंततः इसे पूर्ण रूप से कार्यशील बना दिया गया।इस उल्लेखनीय तकनीकी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह एवं प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बिजलीकर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उदाहरण विभागीय दक्षता, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग का परिचायक है। श्री शुक्ला ने कहा कि आऊटसोर्सिंग के बढ़ावा देने के युग में इनहाउस टैलेंट पर विश्वास करना एक अच्छी पहल है।कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री वीके दीक्षित ने बताया कि रेडियल ड्रिल मशीन के पुनः चालू होने से अब अति उच्च दाब ट्रांसमिशन टावरों के निर्माण में प्रयुक्त मोटे स्टील एंगल, प्लेट एवं भारी संरचनात्मक सामग्री में सटीक और तीव्र ड्रिलिंग संभव हो सकेगी। इससे जहां काम की गति बढ़ेगी, वहीं अब यह कार्य कम कर्मचारियों में ही पूरा किया जा सकेगा, जिससे मानव संसाधन की दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि होगी।अधीक्षण अभियंता श्री केके यादव ने बताया कि यह मशीन जर्मनी की प्रसिद्ध हेवी इंडस्ट्रियल कंपनी बाटलीबाई ट्रांसमिशन टावर के हैवी एंगल व प्लेट की ड्रिलिंग के लिए डिजाइन की गई थी। यह साधारण ड्रिलिंग मशीन नहीं, ब्लकि एक यूरोपियन ग्रेड हेवी इंडस्ट्रियल सिस्टम है, जिसमें 60 एमएम तक की स्टील की कटिंग, पंचिंग और नाचिंग तीनों काम एक साथ होता है। यह मशीन भिलाई-03 के वर्कशॉप में रखी थी, जो लगभग 20 वर्षों से बंद थी। इसे बनाने के लिए निर्माता कंपनी बाटलीबाई कंपनी जर्मनी से संपर्क किया गया, लेकिन 60 वर्ष पुरानी तकनीक होने के कारण इसके स्पेयर पार्ट की उपलब्धता नहीं होने के कारण रूचि नहीं ली।श्री यादव ने बताया कि कार्यपालन अभियंता श्रीमती बरखा दुबे, सहायक अभियंता श्री आकाश सिन्हा, तकनीकी कर्मचारी श्री शाहजहां शाह, टी. सिम्हाचलम् सहित कर्मियों की टीम ने इसे खोलकर, समझकर और सुधारकर फिर से जीवन दे दिया है। इस काम में लगभग दो साल का समय लगा। इस रेडियल ड्रिल मशीन का फायदा यह है कि यह 16 एमएम मोटाई के लोहे के एंगल को दो दिशा (2-डी) में एक साथ छेद कर सकता है। यह 180 डिग्री में घूमकर काम करता है, जिससे काम जल्दी पूरा हो सकेगा। इसके पहले यह काम बाहरी एजेंसियों से कराना पड़ता था, जिससे इस कार्य में अधिक समय लगता और अधिक राशि भी लगती थी।
- बालोद । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में 16 जनवरी को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही के प्राचार्य ने बताया कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में मीटर इंस्टालर एव सुपरवाइजर के पद हेतु 16 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दसवीं, बारहवीं एवं किसी भी ट्रेड में आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्लेसमेंट कैंप में शामिल हो सकते है। इसके साथ ही प्लेसमेंट सहायक अधिकारी श्री सुशील कुमार दुबे के मोबाईल नंबर 8103206225 से संपर्क कर उक्त संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त किया जा सकता है।
- -अनुशासन, त्याग एवं कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की दी सीखबालोद। जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर ने अपने जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर आज जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम सिवनी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को न्योता भोज देकर विद्यार्थियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। अपने जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस न्योता भोज के दौरान श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को स्वयं भोजन भी परोसा। इस दौरान उन्होंने अपने जन्मदिवस के समारोह में शामिल होकर आयोजन को गरिमामय बनाने के लिए विद्यार्थियों तथा न्योता भोज में शामिल जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों से चर्चा कर उनके अध्ययन-अध्यापन के संबंध में भी जानकारी ली। श्री ठाकुर ने जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अस्त्र बताते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, त्याग एवं कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की सीख भी दी। उन्होेंने कहा कि दुनिया में कोई भी कार्य असंभव नही है बस आवश्यकता है दृढ़ ईच्छा शक्ति, सकारात्मक सोंच एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण की। श्री ठाकुर ने बच्चों को समझाईश देते हुए कहा कि मुफ्त में कोई चीज नही मिलती। जीवन में उपलब्धि हासिल करने के लिए अनुशासन एवं त्याग भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव अनुशासित रहने एवं नशापान तथा गलत चीजों का परित्याग करने को कहा। श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों के साथ आज बिताए पल को अपने जीवन के महत्वपूर्ण पल में से एक बताते हुए विद्यार्थियों के सफल, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय, जनपद पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जेएस राजपूत, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू सहित जिला जनसंपर्क कार्यालय के सोशल मीडिया समन्वयक श्री तनवीर खान, सहायक ग्रेड 03 श्री मनीष यादव, श्री कृष्णशरण साहू, श्री घनश्याम चन्द्राकर, श्री हुलेश रजक एवं श्री सुरेन्द्र साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -15 नेशनल सर्टिफिकेट व फ्लैग के साथ राष्ट्रीय मंच पर श्रेष्ठता साबित किया-रोवर्स रेंजर्स के अनुशासन, समर्पण और सांस्कृतिक कौशल ने दिलाई बड़ी सफलताबालोद । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का आयोजन 09 से 13 जनवरी तक बालोद जिले के ग्राम दुधली में किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से आए रोवर्स एवं रेंजर्स के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हर गतिविधि में अनुशासित, संगठित और प्रभावी प्रदर्शन दर्ज कराया। प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी दुधली में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ को 09 ए ग्रेड एवं 06 बी ग्रेड सहित कुल 15 नेशनल सर्टिफिकेट एवं फ्लैग प्राप्त हुए। कुल ग्रेडिंग के अनुसार रोवर्स को 5, रेंजर्स को 4 तथा संयुक्त वर्ग को 6 ग्रेडिंग प्राप्त हुई। ए ग्रेड में रोवर्स, रेंजर्स और संयुक्तकृतीनों वर्गों को 3-3 सफलताएं, जबकि बी ग्रेड में रोवर्स को 2, रेंजर्स को 1 और संयुक्त वर्ग को 3 सफलताएं मिलीं। यह उपलब्धि रोवर्स रेंजर्स के कठिन परिश्रम, निश्छल समर्पण, त्याग की भावना और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम है। जंबूरी के दौरान आयोजित स्टेट गेट, कैम्प क्राफ्ट एवं कैम्प फायर प्रतियोगिता में रोवर्स एवं रेंजर्स दोनों वर्गों ने ए ग्रेड अर्जित कर छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन किया। पायोनियरिंग एवं मार्च पास्ट में दोनों वर्गों को बी ग्रेड प्राप्त हुआ। संयुक्त वर्ग में बैंक वुडमेन एवं एक्जीबिशन एवं एथनिक फैशन शो में ए ग्रेड तथा फोक डांस एवं कलर पार्टी में बी ग्रेड मिला। इस राष्ट्रीय मंच पर रोवर्स, रेंजर्स एवं संयुक्त वर्ग में संतुलित सफलता के साथ छत्तीसगढ़ ने यह प्रमाणित किया कि राज्य स्काउटिंग गतिविधियों में नेतृत्व, कौशल और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है।
- दुर्ग / जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा ने जिले के दुर्ग एवं पाटन विकासखण्ड के 50 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणामफल वाले विभिन्न शालाओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान सेजेस देवादा पाटन में पदस्थ व्याख्याता एल.बी. गण एस. विश्वास, खुशबु सिंह, स्मृति कुशवाहा, तनुजा चन्द्राकर विलम्ब से शाला पहुंचे 10.30 बजे तक एक कक्ष मे ताला लगा पाया गया। उक्त अनियमितता के लिए संबंधित संस्था प्राचार्य को कार्य प्रति लापरवाही माना जाकर नोटिस जारी किया गया हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोंडपेन्ड्री के निरीक्षण दौरान ममता चन्द्रवंशी शिक्षक कक्षा में मोबाईल से बात करते पाई गई। उक्त कार्य लिए नोटिस जारी किया गया हैं। शासकीय उच्चर माध्यमिक विद्यालय तर्रा के निरीक्षण दौरान जयश्री ठाकुर व्याख्याता का आनलाईन अवकाश नहीं पाया गया। सेजेस घुघवा पाटन, सेक्टर-07 का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान सभी प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक शाला के संस्था प्रमुखों को मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू अनुसार प्रदाय करने, बारहखड़ी, पहाड़ा पुस्तक वाचन के नियमित अभ्यास कराने, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने तथा नियत समय पर अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिये। इसी प्रकार हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्राचार्यों को नियमित प्रायोगिक कार्य करने, ब्लू प्रिंट के अनुरूप 05 वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल कराने, तिमाही, छमाही परीक्षा के आधार पर चिन्हांकित विद्यार्थियों को सीमित पाठ्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराने एवं प्रायोगिक परीक्षा के बाद भी बोर्ड परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व तक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के निर्देश भी दिये गये।
- दुर्ग/ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि संस्थान के शोधकर्ताओं ने एसपीएसआई मैक्रो 2025– अठारहवें अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विगत 15 से 18 दिसंबर 2025 के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर द्वारा आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन स्थल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर अनुसंधान उद्यान, न्यू टाउन, कोलकाता रहा। इस सम्मेलन में पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों और तकनीकी विकासों पर विचार-विमर्श हेतु विश्वभर से प्रमुख वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा औद्योगिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। आईआईटी भिलाई के रसायन विज्ञान विभाग के तीन शोधार्थियों को, जो डॉ. संजीब बैनर्जी के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रहे हैं, उनकी उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। शोधार्थी स्वरूप माईती को उनके शोध कार्य “समायोज्य कंपन अवशोषण और प्रभाव सहनशीलता वाले स्व-उपचारक इलास्टोमरों के लिए गतिशील गैर-सहसंयोजक नेटवर्क का विकास” विषय पर सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्रदान किया गया। यह शोध प्रभाव सुरक्षा एवं कंपन अवशोषण के लिए उन्नत इलास्टोमेरिक सामग्रियों पर केंद्रित है। निशिकांत को उनके पोस्टर “अत्यंत सूक्ष्म सल्फर-बिंदुओं द्वारा मध्यस्थित सरल प्रकाश-प्रेरित बहुलकीकरण के माध्यम से त्रि-आयामी मुद्रण हेतु स्मार्ट इंजेक्टेबल स्याही का निर्माण” विषय पर सम्मानित किया गया, जिसमें अगली पीढ़ी की योगात्मक विनिर्माण तकनीकों के लिए नवीन बहुलकीकरण रणनीतियाँ प्रस्तुत की गई हैं। वहीं सुदीप्त पॉल को उनके शोध कार्य “स्मार्ट खिड़की और सुरक्षा अनुप्रयोगों हेतु पराबैंगनी किरण अवरोधक ताप-संवेदी बहुक्रियात्मक पॉलिमरिक संरचना” के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह शोध स्मार्ट एवं ऊर्जा-कुशल तकनीकों के लिए पॉलिमर आधारित समाधान प्रस्तुत करता है। यह उपलब्धि उन्नत पॉलिमरिक सामग्रियों एवं सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में आईआईटी भिलाई की बढ़ती अनुसंधान पहचान को दर्शाती है तथा संस्थान में हो रहे उच्च-गुणवत्ता वाले शोध एवं नवाचार को रेखांकित करती है। इन शोध कार्यों में मौलिक रसायन विज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोगोंजैसे स्मार्ट सामग्री, विनिर्माण प्रौद्योगिकी एवं ऊर्जा-कुशल प्रणालियों का सशक्त अंतर्विषयक समन्वय देखने को मिलता है। संस्थान के संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ आईआईटी भिलाई को उच्च प्रभाव वाले वैज्ञानिक अनुसंधान के एक उभरते केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करती हैं।
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सिद्धार्थ चौक टिकरापारा से लेकर संतोषी नगर चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य स्थगित करते हुए उसके स्थान पर संतोषी नगर चौक से भाठागांव चौक के बीच अंडर ब्रिज बनाये जाने आवेदन वहाँ के स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने आज रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के महापौर कक्ष पहुंचकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मिलकर उन्हें दिया है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे से वहाँ के 15-20 स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने रायपुर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी और पूर्व पार्षद श्री समीर अख्तर, अखिल भारतीय मजदूर अधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरविंदर सिंह चड्डा, रहवासी सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री दीपक गुप्ता सहित मिलकर उन्हें बुके प्रदत्त कर नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा सिद्धार्थ चौक टिकरापारा से संतोषी नगर चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण स्थगित करते हुए उसके स्थान पर संतोषी नगर चौक से भाठागांव चौक के बीच अंडरब्रिज बनाये जाने का आवेदन दिया है.
- बिलासपुर/ महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण अभियान को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग संबंधी संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में संभाग के सभी जिलों के पर्यवेक्षक मौजूद रहे।प्रार्थना सभा भवन में आयोजित कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर सुश्री रूपल जायसवाल एवं श्री पलाश जायसवाल द्वारा प्रतिभागियों को तकनीकी तथा व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, मुंगेली, बिलाईगढ़-सारंगढ़, सक्ती गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही,एवं जांजगीर-चांपा जिलों से आए सेक्टर पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।दो सत्रों में हुए प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर श्री पलाश जायसवाल द्वारा पोषण ट्रैकर ऐप में हितग्राहियों का वर्गवार पंजीयन, शत-प्रतिशत फेस कैप्चर सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तथा रेडी-टू-ईट (आरटीई) / टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण की सटीक गणना के लिए साप्ताहिक प्रविष्टि की अनिवार्यता पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी भी कारणवश जो हितग्राही लाभ से वंचित रह जाते हैं, उन्हें केंद्र पर आमंत्रित कर फेस कैप्चर कराया जाए, साथ ही, विशेष अथवा विषम परिस्थितियों में केंद्र पर उपस्थित न हो पाने वाले हितग्राहियों के लिए नामिनी विकल्प के माध्यम से वितरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पोषण ट्रैकर ऐप में शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित प्रविष्टि सुनिश्चित हो सके। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित पर्यवेक्षकों द्वारा उठाई गई ऐप से संबंधित तकनीकी समस्याओं एवं प्रश्नों के उतार मास्टर ट्रेनरों द्वारा दिए गए।कार्यशाला का समापन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री सूर्यकान्त गुप्ता द्वारा व आभार प्रदर्शन परियोजना अधिकारी श्री मिलिन्द द्विवेदी द्वारा किया गया।
- -नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ई चालान कार्यवाही प्रभावी तरीके से करने दिये निर्देश-बड़े बकायेदारों और सोसायटियों से बकाया राजस्व नियमानुसार सख्ती के साथ वसूलने निर्देश- दिये गये निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली नहीं होने पर संबंधितो पर कड़ी कार्यवाही होगीरायपुर - आज संध्या नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम राजस्व विभाग और नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की आवश्यक बैठक नगर निगम मुख्यालय में लेकर कार्य समीक्षा कर नगर निगम के हित में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।आयुक्त श्री विश्वदीप ने निर्देशित करते हुए कहा कि एसआईआर का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता वाला है, उसी तरह नगर निगम के लिए राजस्व वसूली का कार्य भी सर्वोच्च प्राथमिकता का है। एसआईआर के प्रशासनिक कार्य दायित्व का निर्वहन करने के साथ नगर निगम रायपुर के लिए अधिकाधिक राजस्व वसूली सुनिश्चित करना सभी जोन कमिश्नर एवं जोन सहायक राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें।आयुक्त श्री विश्वदीप ने कहा कि दिये गये निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नगर निगम रायपुर हेतु राजस्व वसूली कार्य सभी अधिकारी व कर्मचारीगण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हर हाल में सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में जवाबदेही तय कर नियमानुसार संबंधितो पर कडी कार्यवाही की जायेगी। राजस्व वसूली में कोई कोताही कदापि सहन नहीं की जायेगी।आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निवेश विभाग के अभियंताओं को सी एण्ड डी वेस्ट ग्रीन नेट, सड़क बाधा व अन्य कार्यों में प्रभावी तरीके से ई चालान कार्यवाही तेज गति से करने के आवश्यक निर्देश दिये। आयुक्त ने जोन कमिश्नरो एवं जोन सहायक राजस्व अधिकारियों को जोन अंतर्गत बड़े बकायेदारो और सोसायटी से नियमानुसार सख्ती के साथ कार्यवाही कर उनसे बकाया राजस्व वसूली प्राथमिकता के साथ किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरो को राजस्व वसूली कार्य पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर कार्यवाही प्रतिदिन किये जाने निर्देशित किया।नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा की गई कार्य समीक्षा के दौरान अपर आयुक्त राजस्व श्रीमती कृष्णा खटीक, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू, सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारीगण उपस्थित थे।
- दुर्ग / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन का कार्य 31 जनवरी 2026 तक की जानी है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी, पर्यवेक्षण एवं धान के पुर्नचक्रण पर नियंत्रण हेतु राईस मिलों और उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। राज्य स्तरीय कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर से प्राप्त अलर्ट के अनुक्रम में 14 जनवरी 2026 को जिले की 02 राईस मिलों श्री श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट ग्राम गाड़ाडीह, तहसील पाटन एवं सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी उतई, तहसील दुर्ग की जांच राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।खाद्य नियंत्रक दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर से प्राप्त अलर्ट अनुसार श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट तथा सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी को जारी 180 क्विंटल के डीओ के आधार पर उपार्जन केन्द्र द्वारा उपरोक्त मात्रा के धान का परिदान किया गया। इस संबंध में आरटीओ से प्राप्त जानकारी अनुसार जिन वाहनों में धान का उठाव किया गया था उनकी क्षमता 80 क्विंटल थी। इस प्रकार वाहन की क्षमता से अधिक धान परिवहन किये जाने के संबंध में राईस मिलों की जांच में वाहन की क्षमता से अधिक धान का परिवहन किया जाना पाया गया। इसके अतिरिक्त सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी की जांच में धान निर्धारित मात्रा से 1210 क्विंटल कम तथा चावल 410 क्विंटल अधिक पाया गया। इसी प्रकार श्री श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट की जांच में 379 क्विंटल धान निर्धारित मात्रा से कम प्राप्त हुआ। इस प्रकार छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के तहत अनियमितता पाये जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत राईस मिल के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए मिल सील करने की कार्यवाही की गई। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए भविष्य में भी अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर निगरानी रखते हुए सतत रूप से जांच जारी रहेगी तथा अनियमितता पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। file photo
- - उपार्जन केन्द्रों से 1,65,789.30 मे. टन धान का उठाव- किसानों को 91,959.17 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान- धान खरीदी की व्यवस्था से किसान संतुष्ट- उपज का वाजिब दाम मिलने से 78518 किसान लाभान्वित- धान बेचने के बाद 43238 किसानों ने किया 1,142.38 हेक्टेयर रकबा समर्पणदुर्ग /राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी और उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 98,678.53 लाख रूपए की लागत से 4,16,363.36 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 78518 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,40,735.14 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,65,789.30 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 43238 कृषकों ने 1,142.38 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 24,34,039 बारदाने उपलब्ध है।
- बिलासपुर, /जिले में संचालित सभी पालतू पशु दुकानों को संचालन दिनांक से 60 दिवस के भीतर तथा डॉग ब्रीडिंग सेंटरों को पशु प्रजनन एवं विपणन नियम 2017 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड में पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। पालतू पशु दुकान नियम 2018 की कंडिका 2(अ) के अनुसार पालतू पशुओं की श्रेणी में श्वान, बिल्ली, खरगोश, गिनी पिंग, हैमस्टर, मूसक या चूहिया एवं पिंजरा बंद पक्षी (एक्जोटिक रंगीन चिड़िया) शामिल हैं। पंजीयन हेतु आवेदन कार्यालय संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ, बिलासपुर में जमा किए जाएंगे, जिन्हें छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड, रायपुर को पंजीयन के लिए प्रेषित किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड, रायपुर द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि जिले में संचालित अपंजीकृत पालतू पशु दुकानों एवं डॉग ब्रीडिंग सेंटरों, जिनके द्वारा पंजीयन हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध सीलबंदी की कार्यवाही की जाए। जिले में संचालित अपंजीकृत पालतू पशु दुकानों एवं डॉग ब्रीडिंग सेंटर संचालकों को 5 दिवस के भीतर कार्यालय संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग में संपर्क कर पंजीयन हेतु विधिवत आवेदन प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित अवधि के पश्चात अपंजीकृत पालतू पशु दुकानों एवं डॉग ब्रीडिंग सेंटरों को सीलबंद किए जाने की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
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-एससी-एसटी अत्याचार निवारण प्रकरणों की समीक्षा
बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। यह समिति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित की गई है। बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। पीड़ितों को समयबद्ध न्याय एवं राहत सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में जिले में अधिनियम के अंतर्गत पंजीबद्ध प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि कुल 16 प्रकरणों में कुल 14 लाख 80 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों में निष्पक्ष, संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारों की सुरक्षा एवं सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय चंदेल, पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। - रायपुर ।महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज गांव–बस्ती चलो अभियान के अंतर्गत भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम महावीरपुर एवं संजय नगर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जनसमस्याओं का समाधान सीधे जनता के बीच जाकर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।प्रवास के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ग्राम महावीरपुर में नाली निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं तथा ग्राम संजय नगर में नवनिर्मित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के ये विकास कार्य ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ जनजीवन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस अवसर पर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री मनमत बछाड़, महिला मोर्चा सूरजपुर जिला अध्यक्ष श्रीमती नूतन विश्वास, मंडल अध्यक्ष श्री हरीश राजवाड़े सहित दोनों ग्रामों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठजन, भाजपा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत करते हुए क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।
- -19 जनवरी तक आवेदन आमंत्रितमहासमुंद / भारत शासन की महत्वाकांक्षी योजना समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिला एवं विकासखंड स्तर पर संसाधन स्त्रोत केंद्रों की स्थापना की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा ने बताया कि इन संसाधन स्त्रोत केंद्रों में 01 फिजियो थैरेपिस्ट एवं 01 स्पीच थैरेपिस्ट के पदों पर 31 मार्च 2026 तक कार्य हेतु नियुक्ति की जानी है। उक्त पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस संबंध में इच्छुक अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर विस्तृत जानकारी का अवलोकन कर सकते हैं।
- महासमुंद / जिले में ग्राम पंचायतों की समग्र एवं आवश्यकता आधारित विकास योजना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मॉडल ग्राम पंचायत विकास योजना (मॉडल जीपीडीपी) को लेकर व्यापक प्रशिक्षण प्रक्रिया संचालित की जा रही है। जिला पंचायत द्वारा दिए गए निर्देश के तहत महासमुंद जिले के सभी 551 ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।इसी क्रम में आज महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली विकासखंडों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मॉडल जीपीडीपी के क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत योजना निर्माण समिति की भूमिका तथा सभी विभागों और समुदाय के सहयोग से नीड-बेस्ड जीपीडीपी योजना का निर्माण कर ग्राम सभा से पारित कराने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान पीएआई इंडिकेटर्स के अनुरूप 9 एलएसडीजीएस थीम के आधार पर योजनाओं के निर्माण, समावेशी योजना प्रक्रिया तथा पंचायत स्तर पर समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया।महासमुंद विकासखंड में आयोजित प्रशिक्षण में 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, शिक्षक एवं पीएचई मैकेनिक शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों को विभागीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से प्रदान किया जा रहा है। फाउंडेशन की ओर से महेंद्र आर्य ने वीडियो माध्यम से मॉडल जीपीडीपी की अवधारणा, इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया, फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका एवं पंचायत की सामूहिक सहभागिता को सरल रूप में समझाया। साथ ही प्रतिभागियों की समझ को मजबूत करने के लिए एक इंटरैक्टिव गतिविधि भी कराई गई।
- -सुरक्षा एवं श्रम कानूनों के उल्लंघन पर नोटिस जारीमहासमुंद / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। संयुक्त निरीक्षण दल में प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री शशिकांत सिंह, सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार भाटापारा सुश्री दिशा शुक्ला, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, श्रम उप निरीक्षक श्री बेलारसन बघेल सहित श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान मेसर्स न्यूट्रीक्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बिरकोनी का परीक्षण किया गया। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। वहीं औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में संस्थान में श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना, अग्नि सुरक्षा उपकरण का अभाव तथा सुरक्षा संबंधी सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं होना पाया गया। इन कमियों को लेकर प्रबंधन को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।श्रम विभाग द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 एवं वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के अंतर्गत जांच की गई। जांच में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं पाया गया, जिस पर तत्काल समिति का गठन कराया गया। इसके अतिरिक्त ओवरटाइम कराया जाना पाया गया, परंतु उसका रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। सूचना बोर्ड एवं अन्य आवश्यक अभिलेख भी प्रदर्शित नहीं थे। इस संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।इसी क्रम में मेसर्स जमा इंडस्ट्रीज प्रा.लि. बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने की कमी पाई गई, जिस पर प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में यहां भी कोई अनियमितता नहीं पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 एवं बाल श्रम अधिनियम 1986 के अंतर्गत जांच की गई। निरीक्षण में बाल श्रम निषेध बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया तथा ओवरटाइम का रिकार्ड भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर संबंधित प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
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-छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बना
-खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने ली पत्रकार वार्ता
रायपुर। सचिव खनिज संसाधन श्री पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 2 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यों के संपादन का सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान में कार्यरत् है।श्री दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN -Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।श्री दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी - माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक - सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री के कुशल मार्ग निर्देशन में विगत वर्षों से लंबित केरवा कोल परियोजना के लिए अब सफलता प्राप्त हुई है। सटीक कार्ययोजना के माध्यम से पारदर्शी नीलामी से 15.85 प्रतिशत प्रिमियम में MDO का चयन हो चुका है। यह ब्लॉक MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से कोयला मंत्रालय भारत शासन द्वारा आबंटित है।क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकमत उत्पादन की स्थिति में राज्य शासन को लगभग 150 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी एवं MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से 53 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्त होगी। सी.एम.डी.सी. के द्वारा मुख्य खनिजों के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर खनन/व्यापार हेतु गौण खनिज को भी शामिल किया गया है। इस क्रम में जिला सक्ती के ग्राम छितापंडरिया में डोलोमाईट खनिज रकबा 326.167 हे. क्षेत्र को राज्य शासन द्वारा सी.एम.डी.सी. हेतु आरक्षित किया गया है। इसके अनुक्रम में सी.एम.डी.सी. द्वारा माईनिंग/मार्केटिंग के लिए MDO चयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके के MSTC के माध्यम से प्रचलन में है।कोरण्डम खनिज के क्षेत्र में जिला बीजापुर के ग्राम कुचनुर में सी.एम.डी.सी. को उत्खनिपट्टा क्षेत्र में वर्षांे बाद उत्पादन प्रारंभ हो गया है, 1 टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता का पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है। उत्पादित कोरण्डम में आधारित स्थानीय लोगों को जीविकोपार्जन एवं समाजिक/आर्थिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए कोरण्डम कटिंग/पॉलिशिंग का प्रशिक्षण दिया जा कर जीविकोपार्जन की व्यवस्था की जा रही है। कॉपर की उपस्थिति की पुष्टि एवं भविष्य में खनन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ कॉपर लिमिटेड का गठन किया जा चुका है। इस हेतु राष्ट्रीय खनिज एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के माध्यम से अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति हो चुकी है एवं अन्वेषण का कार्य प्रगति पर है। यह अन्वेषण क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा मोहला-मानपुर जिले में हिदर ब्लॉक 28.60 वर्ग कि.मी. एवं बोदल ब्लॉक में 21.75 वर्ग कि.मी. 03 वर्ष के लिए अधिसूचित किया गया है।भविष्य की कार्ययोजना - पिछले 02 वर्षों में सी.एम.डी.सी. के द्वारा नवीन आयाम स्थापित किये है एवं भविष्य के परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए सटिक कार्ययोजना तैयार कर क्रमशः आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सी.एम.डी.सी. भी सहभागीता निभाने का प्रयास कर रही है।टिन खनिज के लिए नॉन ऑपरेशन खदान को लैप्स घोषित किया गया एवं केन्द्र सरकार के माध्यम से नीलामी की कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी 2 से 3 वर्षों में खदान प्रारंभ होने से भविष्य में खनन एवं निकासी से राज्य शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है। नवीन क्षेत्रों का चयन कर MSTC के माध्यम से क्रिटिकल मिनरल के लिए अन्वेषण/खनन की कार्ययोजना पर आगे कार्यवाही की जाएगी।लौह अयस्क में वर्तमान उत्पादन क्षमता 5 लाख मिट्रिक टन से 20 लाख मिट्रिक टन किया जा रहा है इससे राज्य शासन को राजस्व के रूप मंे लगभग 250 करोड़ रूपये एवं सी.एम.डी.सी. को 768.4 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी। बाक्साईट खनिज में पथरई खदान में उत्पादन क्षमता 2 लाख टन होने से एवं अन्य संचालित परियोजना में अधिकतम उत्पादन/निकासी की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को अतिरिक्त राजस्व में लगभग 10 करोड़ रूपये की वृद्धि होगी है।क्रिटिकल मिनरल में भविष्य में कोल इण्डिया के साथ नये ग्रेफाईट युक्त क्षेत्र का चयन कर संयुक्त रूप से अन्वेषण/उत्खनन का कार्य किया जाएगा। टिनस्लैग/एल्यूमिनियम स्लैग से क्रिटिकल मिनरल का निष्कर्षण किया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल का सेमिनार आयोजित एवं रिसर्च पेपर आमंत्रित किये जाएंगे।डोलोमाईट में 2 मिलियन टन उत्पादन क्षमता आगामी 03 वर्षों में प्राप्त करने की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को 20 करोड़ रूपये का लाभ होगा एवं राज्य शासन को 32 करोड़ प्राप्त होगा।हीरा क्षेत्र में प्रचलित पूर्वेक्षण से चिन्हित् हीरा धारित क्षेत्र में हीरा की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर शासन को लाभ मिलेगा।सी.एम.डी.सी. द्वारा खनन से संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सेवा दिया जाकर अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति का प्रयास किया जाएगा। जैसे - प्री एम्बेडेड क्लियरेन्स की कार्यवाही से नीलामी हेतु ब्लॉक जल्दी उपलब्ध हांगे, इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति एवं सी.एम.डी.सी. को सेवा शुल्क प्राप्त होगा। इसी तरह खनन योजना तैयार करने, अन्वेषण एजेंसी के रूप में कार्य करने एवं ड्रोन से संबंधित कार्य,चेक गेट, वेब्रिज सेवा, बंद पड़ी खदानों का पुर्नउद्धार एवं ग्रेनाईट माईनिंग एवं कटिंग/पॉलिशिंग उद्योग, सैण्ड माईनिंग पर भी कार्ययोजना तैयार किया गया है। - -17 जनवरी तक कर सकते हैं पंजीयनमहासमुंद / जिले के ग्रामीण युवकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा निःशुल्क 30 दिवसीय मोबाईल रिपेयरिंग प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। निदेशक बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए 17 जनवरी 2026 तक पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के लिए बी.पी.एल. राशन कार्ड की प्रतिलिपि, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 4 फोटो एवं न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण अंकसूची आवश्यक है। पंजीयन एवं प्रशिक्षण की जानकारी के लिए कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर 79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर 83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नंबर 91310-65767 पर प्रातः 10ः00 बजे से शाम 6ः00 बजे तक संपर्क कर सकते है।
- -किसान तुंहर टोकन ऐप ने धान विक्रय प्रक्रिया बनाई सरल और पारदर्शीरायपुर। छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों का व्यापक लाभ किसानों को मिल रहा है। किसान तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा ने धान विक्रय प्रक्रिया को आसान, समयबद्ध और व्यवस्थित बना दिया है।अंबिकापुर के ग्राम पंचायत करजी के लघु सीमांत किसान श्री धर्मसाय ने बताया कि उनके पास कुल 84 क्विंटल धान का रकबा है और उन्होंने ऐप के माध्यम से घर बैठे 64 क्विंटल धान के लिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुविधा ने समिति कार्यालय की भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ समाप्त कर दी है, जिससे किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।निर्धारित तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर श्री धर्मसाय को गेट पास, धान की नमी जांच और बारदाना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित है और धान विक्रय में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। उपार्जन केन्द्रों पर पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था तथा समिति कर्मचारियों द्वारा सहयोग जैसे प्रबंध किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इस कदम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। साथ ही किसान धान के साथ गेहूं, तिलहन और सब्जी उत्पादन की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं, जिससे आय के स्रोत विविध हो रहे हैं।श्री धर्मसाय ने धान खरीदी व्यवस्था को किसान हितैषी बताते हुए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल पारदर्शिता, बेहतर मूल्य और सुविधाजनक खरीदी व्यवस्था के कारण किसान आत्मविश्वास से भर रहे हैं और प्रदेश का ग्रामीण कृषि तंत्र मजबूत हो रहा है।
- - कोच एवं खिलाडिय़ों ने भोजन की गुणवत्ता के प्रति संतुष्टि जाहिर कीराजनांदगांव । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता 2026 में एसजीएफआई के निर्देशानुसार खिलाडिय़ों, कोच एवं अन्य स्टॉफ के लिए कॉमन मेस की बेहतर व्यवस्था की गई है। जिसमें एसजीएफआई द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार खिलाडिय़ों को भोजन दिया जा रहा है। चण्डीगढ़ के कोच श्री नरेन्दर सिंह द्वारा स्वयं एवं खिलाडिय़ों को भोजन से पूरी तरह संतुष्ट बताया गया है। जम्मू-कश्मीर के दल प्रबंधक श्री बिलाल अहमद भट्ट ने भी बताया है कि वे पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में आते रहें हैं, यहां की मेजबानी सदैव से ही अच्छी रही है। भोजन के संबंध में उन्होंने जानकारी दी कि वे और उनके खिलाड़ी भोजन की गुणवत्ता से पूर्ण रूप से संतुष्ट हैं। ओडि़सा के कोच एवं दल प्रबंधक श्री देवा ने बताया कि वे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहली बार आए हुए हैं और यहां की आवास, भोजन एवं परिवहन व्यवस्था उत्तम दर्जे की है। प्रतियोगिता में संचालित कॉमन मेस में कुल 16 टीमें भोजन ग्रहण कर रहीं है। कुल 36 टीमों में से 20 टीमें अपने भोजन की व्यवस्था स्वयं वहन कर रहीं है।
- -पी.एम. विश्वकर्मा योजना से कुम्हार कला को मिली नई पहचान और रोजगाररायपुर। राज्य एवं केंद्र शासन की योजनाएं पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोरबा जिले के रामकुमार प्रजापति इसका उदाहरण हैं, जिन्होंने पी.एम. विश्वकर्मा योजना के माध्यम से अपने पारंपरिक कुम्हार व्यवसाय को नई दिशा और पहचान दी है।रामकुमार प्रजापति वर्षों से अपने पारंपरिक कुम्हार कार्य से जुड़े हुए हैं। मिट्टी को आकार देने की कला उन्हें पारिवारिक परंपरा में विरासत के रूप में मिली है। हालांकि समय के साथ बाजार की मांग, आधुनिक डिज़ाइन और तकनीकी संसाधनों के अभाव के कारण उनका व्यवसाय सिमट गया था। ऐसे समय में शासन की पी.एम. विश्वकर्मा योजना उनके लिए परिवर्तनकारी साबित हुई।योजना के अंतर्गत रामकुमार प्रजापति ने लाइवलीहुड कॉलेज, कोरबा में कुम्हार ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक चाक के उपयोग की तकनीक सीखी, जिससे विभिन्न प्रकार के सुंदर, आकर्षक और टिकाऊ मिट्टी के पात्रों का निर्माण संभव हो सका। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से उनके कार्य में गुणवत्ता, गति और डिज़ाइन की विविधता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।प्रशिक्षण अवधि के दौरान शासन द्वारा प्रदत्त 4,000 रुपये की स्टाइपेंड राशि भी मिली। इसके अतिरिक्त, बिना गारंटर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्होंने आवश्यक उपकरण क्रय कर अपने व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में वे पाली क्षेत्र के बाजारों में नियमित रूप से अपनी दुकान लगाकर स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं।
- रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर अभियान चलाकर नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, उप अभियंता श्री अक्षय भारद्वाज की उपस्थिति में अभियान चलाकर नगर निगम जोन क्रमांक 3 क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय सम्पति पर अपना अवैध प्रचार विज्ञापन चस्पा कर शासकीय सम्पति का विरुपण किये जाने पर सम्बंधित विभिन्न 6 संस्थानों फिजियो केयर पर 5000 रूपये, ओम मोटर गैरेज पर 3000 रूपये, हैंड्स अप पर 2000 रूपये, कॉस्मो एक्सपो पर 4000 रूपये, रिवाज पर 7000 रूपये और आरम्भ प्री स्कूल पर 8000 रूपये इस प्रकार कुल 6 संस्थानों के सम्बंधित संचालकों पर कुल 29000 रूपये का जुर्माना उन्हें प्रक्रिया के अंतर्गत नियमानुसार नोटिस जारी jकरते हुए भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए करने की कार्यवाही की गयी.
- रायपुर/ प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से रैनबसेरा पंडरी, रेल्वे स्टेशन, जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार, सरोना बस्ती मुख्य मार्ग, परमानन्द नगर कोटा, सत्यम विहार कॉलोनी रायपुरा, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर, बड़ा अशोक नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध चौक के समीप, शंकर नगर, अवन्ति विहार कॉलोनी सहित राजधानी शहर में लगभग 35 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. नगर निगम रायपुर द्वारा विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने की व्यवस्था देने से इससे शहर के निवासी प्रतिदिन सैकड़ों आमजनों को लगातार बढ़ती शीतलहर से सहज बचाव सहित त्वरित राहत मिल रही है.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा श्री हनुमान मन्दिर के समीप और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, भाठागांव चौक के समीप, कुकरीपारा, दूधाधारी मठ मार्ग, सरोना, चंदनीडीह, कबीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-2, हीरापुर चौक सुलभ शौचालय काम्प्लेक्स के समीप , कबीर चौक रामनगर, गीतांजलि नगर शंकर नगर, जगन्नाथ चौक रामनगर, प्रियदर्शिनी नगर, भाठागांव, नगर पालिक निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा, नगर निगम जोन 10 कार्यालय और अन्य लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.



























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