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- -हजारों यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत-मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से दिल्ली में की सौजन्य मुलाकातरायपुर । आदिम जाति और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लोगों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से आज सुबह दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मांग पत्र प्रेषित कर बलरामपुर जिला मुख्यालय में शीघ्र रेलवे रिजर्वेशन काउंटर प्रारंभ कराने का आग्रह किया है। मंत्री श्री रामविचार नेताम की मांग पर केन्द्रीय रेल मंत्री ने सहमति प्रदान करते हुए जल्द मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। रेल्वे काउंटर बनने से हजारों यात्रों को राहत मिलेगी।मंत्री श्री नेताम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों तथा मरीजों सहित हजारों यात्रियों को टिकट आरक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है तथा आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोलने की मांग लगातार की जा रही है। जनसंख्या, बढ़ती यात्रा आवश्यकताओं तथा क्षेत्रीय विकास को देखते हुए अब यह सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।श्री नेताम ने केंद्रीय रेल मंत्री से आग्रह किया है कि जनहित एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिला मुख्यालय में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोले जाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। इससे जिले के हजारों यात्रियों को बेहतर रेलवे सेवाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें आरक्षण के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
- रायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी व गोढ़ी के असामाजिक तत्वों का गुट बीते रविवार - सोमवार के दरम्यानी रात टेकारी में भिड गये । टेकारी के एक आपराधिक रिकार्ड धारी असामाजिक तत्व के कथित चुनौती को स्वीकार कर गोढ़ी के 19 वर्षीय आरोपी विवेक उर्फ राउडी आत्मज देवनारायण वर्मा की अगुवाई में पहुंचे गोढ़ी गुट टेकारी गुट पर भारी पड़ गया और गोढ़ी गुट के चाकू -तलवार के वार से टेकारी के दो आपराधिक रिकार्ड धारी अंगेश्वर उर्फ प्रेम आत्मज संतोष वर्मा व योगेश आत्मज टीकाराम साहू को जानलेवा चोटें पहुंची ।घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय थाना अमला ने लगातार दबिश पर दबिश दे आरोपी विवेक सहित गोढ़ी के ही 20 वर्षीय राजा आत्मज पवन साहू , 20 वर्षीय विक्रम उर्फ भौंकलू पिता तेजराम यादव , 19 वर्षीय प्रशांत पिता सुरेश प्रजापति व 22 वर्षीय ओमप्रकाश पिता दुकालू पाल को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 109/ 191(1--2--3 ) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 /27 के अपराध के आरोप में गिरफ्तार कर बीते कल मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग , रायपुर अजय सिंह मीणा के न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें आगामी 25 अगस्त तक के लिये न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।मिली जानकारी के अनुसार बीते 9-10 अगस्त की दरमियानी रात लगभग 11 बजे के आसपास जब टेकारी के जख्मी दोनों पुलिसिया रिकार्ड धारी अपने साथियों के साथ ग्राम के बाहर टेकारी से कठिया जाने वाले सड़क मार्ग के किनारे स्थित शनि मंदिर के पास बैठे थे तभी कथित चुनौती को स्वीकार कर लेने की बात कह आरोपीगण कुछ ही समय बाद मोटरसाइकिल से पहुंच गये । गाली गलौच व धक्का मुक्की के बाद अचानक चाकू - तलवार के हमले से अंगेश्वर व योगेश जख्मी हो गये व उनके साथी भाग निकले । सूचना मिलते ही सक्रिय थाना अमला रात से ही दबिश दे आरोपियों की धर-पकड़ शुरू कर दी । दूसरे दिन ग्राम के कशियाही तालाब में डूबे विक्रम यादव के पिता के नाम की मोटरसाइकिल व तलवार तथा चाकू जप्त की गयी ।इधर ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को दोपहर समय ग्राम के बंधवा तालाब पार में महिलाओं की मौजूदगी में गाली गलौच करते पाये गये इस घटना में जख्मी हुये अंगेश्वर उर्फ प्रेम व एक अन्य पुलिसिया रिकार्ड धारी मिथिलेश उर्फ़ सड्डे को ग्रामीणों ने वहां से भगाया था और दोपहर बाद इनके साथ ग्राम व बाहर के असामाजिक तत्वों के स्वागत द्वार के पास इकट्ठा होने की सूचना पर थाना प्रभारी आशीष यादव द्वारा भेजे गये पुलिस अमला के पहुंचने के पूर्व अधिकांश भाग निकले थे लेकिन सपड़ में आये तीन आरोपी के खिलाफ की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर कार्यपालन दंडाधिकारी मंदिर हसौद के न्यायालय में पेश किये जाने पर एक दिन बाद ही आसन्न स्वतंत्रता दिवस पर्व पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश की कीमत पर रिहा कर दिये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है ।
- रायपुर/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने बुधवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान श्री संतोष ने श्री देव का कुशलक्षेम जाना और उनके चल रहे इलाज एवं स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने श्री देव के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की।
- -13 अगस्त को सुकमा के दुर्गम इलाकों से गुजरेगी तिरंगा यात्रा-’हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेशरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 13 अगस्त को सुकमा जिले में होने वाली इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना हैमोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।सुकमा के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा हैयात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।महिला बाइकर्स भी होंगी शामिलबस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत होगा पौधरोपणयात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
- -उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगा-उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने फूंका विकास का बिगुल, किया विकास के आगाज का संदेशरायपुर ।बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से 'बस्तर तिरंगा यात्रा 2026' का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए, जिसे क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्री द्वय ने उनके बीच पहुंच कर आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और विकास का संदेश दिया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली घटनाओं ने लोगों को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को यह संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर नियत तिथि पर 31 मार्च 2026 में नक्सलवाद राज्य के साथ साथ देश से समाप्त किया गया है। आज के बाद हर राष्ट्रीय पर्व एवं स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का मतलब बाबा साहब के द्वारा लिखा संविधान अब राज्य के कोने कोने पर लागू होगा।श्री शर्मा ने कहा कि आज जब मैं बस्तर के अलग अलग गांवों में जाता हूँ तो बस्तरवासी कहते हैं कि वे खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज को नकार सके। पहले राष्ट्रीय पर्वों पर माओवादियों का फरमान होता था कि अपने घरों में काला झंडा लगाया जाए, आज हर घर में तिरंगा फहर रहा है। इसमें बस्तर के लोगों ने अपने मनोबल और जवानों का अदम्य साहस सहयोग रहा, जिससे नक्सलावाद से मुक्ति पाई है। अब समय आ गया है कि दुनिया के लोग बस्तर को जानें, अब बस्तर के लोग दुनिया में छाने वाले हैं। बस्तर के लोग आगे चलकर नया इतिहास लिखने वाले हैं।गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, विकास कार्य और सुरक्षा का वातावरण मिल रहा है। शासन बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज के प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। वहीं विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक श्री केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा उन स्थानों की मिट्टी एकत्रित करेगी, जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी।आज पहले दिन यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया श्रीमती संध्या पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, एसपी श्री संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ डीएफओ सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
- पारंपरिक खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गयाविश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी हरेली तिहार आयोजितरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ का प्रमुख कृषि पर “हरेली तिहार” हर्षोल्लास से मनाया गया। कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में पारंपरिक तरीके से आयोजित हरेली तिहार उत्सव के मुख्य अतिथि कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने बैलों, हलों एवं अन्य कृषि यंत्रों एवं उपकरणों की पूजा-अर्चना की और अच्छी फसल की कामना की। इसके उपरांत कृषि महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में विभिन्न पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं - गेड़ी दौड़, कुर्सी दौड़, फुगड़ी, पिठ्ठुल, नारियल फेंक, रस्साकशी (रस्सा-कासी) एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और वहां उत्सव का माहौल निर्मित हो गया। कुलपति डाॅ. चंदेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हरेली तिहार की प्रासंगिकता तथा कृषि एवं पर्यावरण के संबंध में इसके वैज्ञानिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होनें कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व किसानों, गौ-वंश, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की हमारी समृद्ध परंपरा का प्रतीक है।डा. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं पारंपरिक कृषि विरासत से जोड़ना महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर पारंपरिक हरेली प्रसाद तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों- खुरमी, ठेठरी, अईरसा, बड़ा, पीढ़िया, गुलगुला आदि का वितरण किया गया। स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय की अधिष्ठाता डाॅ. आरती गुहे ने दिया। इस अवसर पर संचालक अनुसंधान, निदेशक विस्तार, निदेशक शिक्षण, निदेशक प्रक्षेत्र, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय सहित अनेक विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, वैज्ञानिकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी हरेली तिहार का आयोजन किया गया।
- बिलासपुर/आदर्श वैली आवासीय सहकारी समिति मर्यादित बोदरी का निर्वाचन कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार संचालक मंडलों के सदस्यों के निर्वाचन के लिए 18 अगस्त को नामांकन पत्र प्राप्त किये जाएंगे। 25 अगस्त को आमसभा आहूत कर निर्वाचन हेतु मतदान एवं मतगणना और 2 सितंबर को अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन सम्पन्न किया जाएगा।
- ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दिखने लगी तकनीक और पारदर्शिता की नई तस्वीरबिलासपुर/कभी राशन लेने के लिए लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सरकंडा में शुरू हुई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की नई व्यवस्था में राशन लेने की प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो रही है। तकनीक से जुड़ी इस पहल की शुरुआत के साथ ही हितग्राहियों को समय की बचत, सटीक तौल और पारदर्शी वितरण का अनुभव मिलने लगा है।चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी के लिए राशन लेने का अनुभव अब पहले से अलग है। वह बताती हैं कि अब लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ता। मशीन के माध्यम से राशन मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है और तौल को लेकर भी किसी तरह की चिंता नहीं रहती। इसी तरह हितग्राही दुर्गेश कुमार यादव बताते हैं कि ग्रेन एटीएम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार मिलने वाले राशन की मात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। पुष्टि करने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है। उनके लिए यह अनुभव न केवल आसान है, बल्कि राशन की मात्रा को लेकर भरोसा भी बढ़ाता है। ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर बताती हैं कि नई व्यवस्था से राशन वितरण का काम अधिक व्यवस्थित हो रहा है। मशीन आधारित प्रक्रिया के कारण भीड़ को नियंत्रित करने, समय बचाने और निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है।तकनीक के साथ बढ़ रहा भरोसा -‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के उपयोग की दिशा में एक नई पहल है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से लेकर स्क्रीन पर पात्रता की जानकारी और निर्धारित मात्रा में राशन के स्वचालित वितरण तक पूरी प्रक्रिया हितग्राही के सामने होती है। इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है। अभी इस नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है, लेकिन शुरुआती अनुभवों में ही इसका सबसे महत्वपूर्ण असर दिखाई देने लगा है। राशन लेने में लगने वाला समय कम हुआ है और हितग्राहियों का भरोसा बढ़ा है। आने वाले समय में यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।छत्तीसगढ़ शासन की यह अभिनव पहल तकनीक को जनसुविधा से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
- रायपुर/महान शिव भक्तिनी, कुशल प्रशासिका, लोकप्रिय समाज सुधारिका देवी अहिल्या बाई होल्कर की पुण्यतिथि दिनाक 13 अगस्त 2026 गुरूवार को क्रमशः प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर के राजातालाब में लोटस हॉस्पिटल के सामने कैनाल लींकिंग रोड के किनारे स्थित महान शिव भक्तिनी, कुशल प्रशासिका, लोकप्रिय समाज सुधारिका देवी अहिल्या बाई होल्कर के मूर्ति स्थल के समक्ष उनका सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।दिनांक 13 अगस्त 2026 गुरूवार को प्रातः 11 बजे आयोजित महान शिव भक्तिनी, कुशल प्रशासिका, लोकप्रिय समाज सुधारिका देवी अहिल्या बाई होल्कर की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में राजातालाब में लोटस हॉस्पिटल के सामने कैनाल लींकिंग रोड के किनारे स्थित उनके मूर्ति स्थल और उसके आसपास की विशेष सफाई, स्थल की पुष्पसज्जा सहित अन्य सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थायें रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 4 के सहयोग से की जावेंगी |
- रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर को 150 एम एल डी जल शुद्धिकरण संयंत्र हेतु स्वीकृति प्राप्त है । शहर में भविष्य की जल प्रदाय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण एवं जल आपूर्ति योजनाओं के प्रभावी नियोजन के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के ऐसे नागरिकों से नवीन जल कनेक्शन की संभावित मांग का विवरण आमंत्रित किया गया है, जिनके पास वर्तमान में नगर पालिक निगम का जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है।इच्छुक नागरिक निर्धारित आवेदन प्रपत्र में आवश्यक जानकारी भरकर इस सर्वे मे भाग ले सकते हैँ।इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल भविष्य की जलापूर्ति योजना तैयार करने, मांग का आकलन (डिमांड असेसमेंट ) करने तथा आवश्यक अधोसंरचना के नियोजन हेतु जानकारी एकत्रित करना है।महत्वपूर्णयह आवेदन/पंजीयन केवल संभावित मांग के आकलन हेतु है। आवेदन जमा करने मात्र से जल कनेक्शन स्वीकृत अथवा प्रदान किया जाना सुनिश्चित नहीं माना जाएगा। जल कनेक्शन प्रदान किया जाना संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी व्यवहार्यता, अधोसंरचना, प्रचलित नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अधीन होगा।
- अब तक 1 लाख 81 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए संचालित ”प्रोजेक्ट धड़कन“ के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम ए द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला नयापारा में 123 बच्चों, अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला धोंधरा में 119 बच्चों, आरंग टीम ए द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला पिरदा एवं शासकीय प्राथमिक शाला कुलीपोटा में 90 बच्चों, आरंग टीम सी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला सदर रोड में 111 बच्चों, धरसींवा टीम ए द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला मलौद में 107 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला डोमा में 130 बच्चों, तिल्दा टीम ए द्वारा शासकीय प्राथमिक एवं आंगनबाड़ी में मादाडीह में 75 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला चूना भट्टी एवं केन्द्रीय नं. 1 में 137 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला सोनडोन्गरी में 189 बच्चों, अर्बन टीम सी द्वारा प्राथमिक शाला आदर्शनगर में 95 बच्चों तथा अर्बन टीम डी द्वारा माध्यमिक शाला सरोरा में 210 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 1386 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें एक संदिग्ध हृदय रोग का प्रकरण चिन्हित हुआ।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में 1 लाख 81 हजार 4 सौ 6 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- हर जनपद में एक स्वस्थ पंचायत विकसित करने का सुझावप्रोजेक्ट धड़कन, स्मृति पुस्तकालय और प्रोजेक्ट दधीचि की श्रीमती शर्मा ने की सराहनाप्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने ली समीक्षा बैठकरायपुर/ जिले की प्रभारी सचिव एवं अपर उप सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों को शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन और नवाचार के क्षेत्र में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। नागरिकों को सेवा-सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जनसुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों को सतही तौर पर न लिया जाए, बल्कि उनका वास्तविक रूप से निराकरण किया जाए।उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेजों के अभाव में किसी प्रकरण को निरस्त किया जा रहा है तो इसके लिए वीएलसी एवं सेवा-सेतु केंद्रों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि हितग्राहियों के सभी आवश्यक दस्तावेजों को सही तरीके से अपलोड कराया जा सके।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए श्रीमती शर्मा ने कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग फौती एवं खाता विभाजन के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करे। साथ ही, लंबे समय से लंबित संयुक्त खाता विभाजन के प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ प्राप्त हो सके।उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट धड़कन, स्मृति पुस्तकालय एवं प्रोजेक्ट दधीचि की सराहना करते हुए कहा कि इन नवाचारों के प्रति अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता लाई जाए।स्वास्थय विभाग की समीक्षा के दौरान श्रीमती शर्मा ने कहा कि बारिश के मौसम में विभिन्न बीमारियों एवं महामारी की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मितानिनों की दवा पेटियों को समय-समय पर रीफिल कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक जनपद में एक स्वस्थ पंचायत विकसित की जाए, जहां सभी महिलाओं और बच्चों का नियमित स्वास्थय परीक्षण कराया जाए।शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने पीएम श्री स्कूलों में निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रायपुर राजधानी होने के कारण यहां परख पोर्टल (प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण) में उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखा जाए।श्रीमती शर्मा ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांवों के तालाबों में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो, यह सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि रायपुर जिले में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के परिणामों में वृद्धि हुई है। अगले वर्ष श्रेणीगत परिणामों में और बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखा जाए।श्रीमती शर्मा ने पीएम सूर्यघर योजना का लक्ष्य जल्द पूरा करने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजना के प्रति प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों को ऊर्जा ऑडिट कराने के लिए भी कहा।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि जिले के सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में वीएनआर सीड्स के साथ जिला प्रशासन द्वारा अनुबंध किया गया है। इसके तहत सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में अमरूद और लौकी के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने ‘आओ बांटें खुशियां’ प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में जिले के लोगों में न्योता भोज के प्रति जागरूकता कम थी, लेकिन इस प्रोजेक्ट के बाद अब तक 7 हजार से अधिक लोगों ने अपना जन्मदिन अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में मनाया है।बैठक में एसीएस श्रीमती रिचा शर्मा ने प्रोजेक्ट धड़कन एवं प्रोजेक्ट दधीचि के हितग्राहियों व स्मृति पुस्तकालय के दानदाताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसीपी श्री अमित तुकाराम काम्बले, रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता सिन्हा, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- -पारंपरिक खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया-विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी हरेली तिहार आयोजितरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ का प्रमुख कृषि पर “हरेली तिहार” हर्षोल्लास से मनाया गया। कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में पारंपरिक तरीके से आयोजित हरेली तिहार उत्सव के मुख्य अतिथि कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने बैलों, हलों एवं अन्य कृषि यंत्रों एवं उपकरणों की पूजा-अर्चना की और अच्छी फसल की कामना की। इसके उपरांत कृषि महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में विभिन्न पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं - गेड़ी दौड़, कुर्सी दौड़, फुगड़ी, पिठ्ठुल, नारियल फेंक, रस्साकशी (रस्सा-कासी) एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और वहां उत्सव का माहौल निर्मित हो गया। कुलपति डाॅ. चंदेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हरेली तिहार की प्रासंगिकता तथा कृषि एवं पर्यावरण के संबंध में इसके वैज्ञानिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होनें कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व किसानों, गौ-वंश, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की हमारी समृद्ध परंपरा का प्रतीक है। डाॅ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं पारंपरिक कृषि विरासत से जोड़ना महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर पारंपरिक हरेली प्रसाद तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों- खुरमी, ठेठरी, अईरसा, बड़ा, पीढ़िया, गुलगुला आदि का वितरण किया गया। स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय की अधिष्ठाता डाॅ. आरती गुहे ने दिया। इस अवसर पर संचालक अनुसंधान, निदेशक विस्तार, निदेशक शिक्षण, निदेशक प्रक्षेत्र, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय सहित अनेक विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, वैज्ञानिकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी हरेली तिहार का आयोजन किया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार के पावन अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को गाड़ा-गाड़ा बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मंत्री श्री चौधरी ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। यह पर्व किसानों के जीवन में विशेष महत्व रखता है और खेती-किसानी में उपयोग होने वाले कृषि औजारों एवं पशुधन की पूजा के माध्यम से अन्नदाता के प्रति सम्मान की भावना को अभिव्यक्त करता है।हरियाली, सुख-समृद्धि और खुशहाली का संदेश लेकर आता है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हरेली का पावन पर्व प्रदेश में हरियाली, सुख-समृद्धि और खुशहाली का संदेश लेकर आता है। उन्होंने कामना की कि भगवान सभी किसान भाई-बहनों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली प्रदान करें तथा उनकी मेहनत से खेत-खलिहान सदैव लहलहाते रहें।
- -तकनीक और पारदर्शिता की नई तस्वीर: अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएमरायपुर । कभी राशन लेने के लिए लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सरकंडा में शुरू हुई ”अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम” की नई व्यवस्था में राशन लेने की प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो रही है। तकनीक से जुड़ी इस पहल की शुरुआत के साथ ही हितग्राहियों को समय की बचत, सटीक तौल और पारदर्शी वितरण का अनुभव मिलने लगा है।चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी के लिए राशन लेने का अनुभव अब पहले से अलग है। वह बताती हैं कि अब लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ता। मशीन के माध्यम से राशन मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है और तौल को लेकर भी किसी तरह की चिंता नहीं रहती। इसी तरह हितग्राही दुर्गेश कुमार यादव बताते हैं कि ग्रेन एटीएम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार मिलने वाले राशन की मात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। पुष्टि करने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है। उनके लिए यह अनुभव न केवल आसान है, बल्कि राशन की मात्रा को लेकर भरोसा भी बढ़ाता है।ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर बताती हैं कि नई व्यवस्था से राशन वितरण का काम अधिक व्यवस्थित हो रहा है। मशीन आधारित प्रक्रिया के कारण भीड़ को नियंत्रित करने, समय बचाने और निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है।तकनीक के साथ बढ़ रहा भरोसा”अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम” सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के उपयोग की दिशा में एक नई पहल है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से लेकर स्क्रीन पर पात्रता की जानकारी और निर्धारित मात्रा में राशन के स्वचालित वितरण तक पूरी प्रक्रिया हितग्राही के सामने होती है। इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है। अभी इस नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है, लेकिन शुरुआती अनुभवों में ही इसका सबसे महत्वपूर्ण असर दिखाई देने लंगा है। राशन लेने में लगने वाला समय कम हुआ है और हितग्राहियों का भरोसा बढ़ा है। आने वाले समय में यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।छत्तीसगढ़ शासन की यह अभिनव पहल तकनीक को जनसुविधा से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
- -30वीं किस्त मिलने पर बोलीं इंदरानी-हमारे विष्णु भइया ने तिहार से पहले दिया उपहाररायपुर। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। बहनें जहां अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधने की तैयारी करती हैं, वहीं इस बार कबीरधाम जिले की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त भी खुशियों का एक खास उपहार लेकर आई है। रक्षाबंधन से ठीक पहले खाते में पहुंची एक हजार रुपये की राशि ने ग्राम राजानवागांव की इंदरानी मरकाम के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त मिलने की खुशी जाहिर करते हुए इंदरानी मरकाम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को आत्मीयता से ‘विष्णु भइया’ कहती हैं। वे कहती हैं कि हमारे विष्णु भइया ने रक्षाबंधन तिहार के पहले ही महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त हमारे खाते में डालकर हम बहनों को तोहफा दिया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को धन्यवाद देती हूं।इंदरानी के लिए यह राशि सिर्फ बैंक खाते में आई एक हजार रुपये की रकम नहीं, बल्कि अपनी छोटी-छोटी जरूरतें बिना किसी से मदद मांगे पूरी करने का भरोसा है। वे बताती हैं कि घर का जरूरी सामान लेना हो, बच्चों की छोटी जरूरतें पूरी करनी हों या अचानक कोई घरेलू खर्च सामने आए, महतारी वंदन की राशि काफी मददगार होती है। वे कहती हैं कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी किसी से पैसे मांगने पड़ते थे। अब हर महीने खाते में राशि आ जाती है, तो अपने जरूरी सामान के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती।रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से इंदरानी की खुशी और बढ़ गई है। वे कहती हैं कि अब किसी खास दिन या त्यौहार का इंतजार नहीं करना पड़ता। हर महीने राशि आती है, इसलिए जरूरत के समय उसका उपयोग कर लेती हूं। अब तो हर महीना ही तिहार जैसा लगता है। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाती है। नियमित आर्थिक सहयोग से महिलाएं अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के साथ परिवार की आवश्यकताओं में भी योगदान दे पा रही हैं और उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
- -जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने उत्साह के साथ लिया हिस्सा, घर-घर तिरंगा फहराने का किया आह्वानरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना के साथ मनाने के उद्देश्य से गौरेला पेन्ड्रा मरवाही में ’हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत मंगलवार को‘ भव्य तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया। जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कलेक्टोरेट परिसर से तिरंगा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तिरंगा हाथों में थामे बाइक और स्कूटी सवारों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रैली के दौरान गूंजते देशभक्ति के नारों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।तिरंगा बाइक रैली में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देश के प्रति सम्मान, समर्पण और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।तिरंगा बाइक रैली का शुभारंभ कलेक्टोरेट परिसर से हुआ। यहां से रैली दुर्गा चौक पेंड्रा होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम, थाना गौरेला तक पहुंचा। मार्ग में लोगों ने उत्साह के साथ रैली का स्वागत किया। बाइक और स्कूटी पर सवार प्रतिभागियों के हाथों में लहराता तिरंगा स्वतंत्रता दिवस के उल्लास और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनकर दिखाई दिया। रैली के दौरान ’भारत माता की जय’ सहित देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से जिलेवासियों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया गया। रैली में शामिल लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान सपूतों को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाने का संकल्प लिया।प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने जिलेवासियों से ’हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है तथा इसे सम्मानपूर्वक अपने घरों पर फहराकर प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के प्रति अपनी भावना को अभिव्यक्त कर सकता है।रैली में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों की सहभागिता ने अभियान को व्यापक जनभागीदारी प्रदान की। विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक साथ तिरंगा लेकर रैली में भागीदारी की और ’एकता में विविधता तथा भाईचारे’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।इस अवसर पर मरवाही विधायक एवं उपाध्यक्ष, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका गौरेला अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। रैली के माध्यम से जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को देशभक्ति, उत्साह और गरिमा के साथ मनाने का संदेश दिया गया। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत जिले में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का यह आयोजन राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का प्रेरक संदेश बनकर सामने आया।
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-छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने विद्यार्थियों एवं पालकों को किया सतर्क
रायपुर ।छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा समाप्त होने के उपरांत वर्तमान में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रचलन में है। विगत वर्षों 2024 एवं 2025 में भी बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के पूर्व एवं पश्चात कुछ विद्यार्थियों एवं पालकों को फर्जी फोन कॉल प्राप्त होने की शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें फर्जी कॉलरों द्वारा परीक्षा परिणाम में सुधार करने, अंक बढ़ाने अथवा अनुत्तीर्ण विद्यार्थी को उत्तीर्ण कराने के नाम पर अनुचित रूप से धनराशि की मांग की गई थी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आमजन, छात्र-छात्राओं एवं पालकों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा परीक्षा परिणाम में सुधार, अंक बढ़ाने अथवा उत्तीर्ण कराने के नाम पर फोन कॉल अथवा किसी अन्य माध्यम से संपर्क किया जाता है, तो ऐसे भ्रामक एवं फर्जी कॉल पर किसी भी स्थिति में विश्वास न करें तथा किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन न करें। ऐसे फर्जी कॉल प्राप्त होने पर तत्काल अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकार के फर्जी कॉल अथवा धनराशि की मांग का मण्डल से कोई संबंध नहीं है। अतः छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से अपील है कि वे ऐसे फर्जी कॉल से भ्रमित न हों, किसी के झांसे में न आएं तथा सतर्क एवं सावधान रहें। - रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रोद्योगिकी मंत्री श्री राम विचार नेताम ने 12 अगस्त को मनाये जा रहे छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेशवासियों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। हरियाली अमावस्या को मनाई जानी वाली हरेली त्यौहार का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव देखा जा सकता है। इस दिन किसान भाई नांगर (हल) एवं कृषि औजार की पूजा करते हैं, जो हमारे कृषि प्रधान संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो हरेली पर्व का महत्व धरती को हरा-भरा बनाये रखने के लिए पेड़-पौधे की महत्ता को भी प्रदर्शित करता है। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने नागरिकों एवं किसानों की खुशहाली की कामना की है।
- -निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, विलंबित परियोजनाओं में सुधारात्मक कार्ययोजना के साथ तय होगी जवाबदेहीरायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में मंगलवार को पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने राज्य में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत केंद्रीय पर्यटन परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वदेश दर्शन योजना 2.0, चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी), स्पेशल असिस्टेंस स्कीम फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) तथा प्रसाद योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की कार्य प्रगति, पूर्णता की समय-सीमा, लंबित तकनीकी प्रक्रियाओं तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई।सचिव पर्यटन डॉ. एस. भारतीदासन ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटन परियोजनाओं के निर्माण में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने परियोजनावार कार्य प्रगति की नियमित निगरानी, प्रत्येक कार्य की पूर्णता की समय-सीमा निर्धारित करने तथा लंबित कार्यों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में कार्य निर्धारित समय-सीमा से पीछे चल रहे हैं, उनके विलंब के कारणों की स्पष्ट समीक्षा की जाए तथा सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक कार्य घटक के लिए स्पष्ट समय-सारणी निर्धारित की जाए। निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्य में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करते हुए अनुबंधीय प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में तकनीकी स्वीकृति, स्ट्रक्चर वेटिंग सहित अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। सचिव पर्यटन ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर इन प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित न हों।प्रसाद योजना के अंतर्गत डोंगरगढ़ में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए डॉ. भारतीदासन ने परियोजना को पूर्णता के निकट देखते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों को शेष कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण करने को कहा।बैठक में जशपुर जिले के बगीचा स्थित मयाली पर्यटन परियोजना तथा भोरमदेव कॉरिडोर पर्यटन परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सचिव पर्यटन ने इन परियोजनाओं में स्ट्रक्चर वेटिंग एवं तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।उन्होंने स्थल पर किए गए प्रारंभिक कार्यों का तकनीकी परीक्षण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि आगे के निर्माण कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों एवं स्वीकृत कार्ययोजना के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।डॉ. भारतीदासन ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों का मापन, मूल्यांकन तथा भुगतान की प्रक्रिया वास्तविक भौतिक प्रगति के अनुरूप और नियमानुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित तकनीकी निगरानी तथा गुणवत्ता परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।सचिव पर्यटन ने छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को प्रत्येक केंद्रीय पर्यटन परियोजना के लिए बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारी निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी परियोजना की नियमित निगरानी करेंगे और प्रत्येक माह की प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। इससे परियोजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की नियमित समीक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।सचिव पर्यटन ने केंद्रीय पर्यटन परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक परियोजना की प्रगति के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई और परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की जाए, ताकि लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा, पर्यटन विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अभियंता, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत स्वदेश दर्शन योजना 2.0, चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी), स्पेशल असिस्टेंस स्कीम फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) तथा प्रसाद योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों से संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों, सलाहकारों, वास्तुविदों तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
- -जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता-अधोसंरचना विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान, धनपुर में मिली दुर्लभ मूर्तियों के संरक्षण के निर्देशरायपुर। गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अरपा सभा कक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन, लक्ष्य एवं उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए उनका लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे।बैठक में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले में चल रहे अधोसंरचना एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।समीक्षा के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को तीसरी किश्त की राशि समय पर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकानों, मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय निर्माण जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने कहा।उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से बालिका शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए विद्यालयों में सुरक्षित एवं स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराना शिक्षा के अनुकूल वातावरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।मंत्री श्री अग्रवाल ने जिले को टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। साथ ही सभी पात्र परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिलाने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन की सुविधा उपलब्ध हो सके।मंत्री ने जिले में स्वीकृत विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत सुविधाओं के विस्तार से लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ विकास की गति भी तेज होगी।शिक्षा एवं आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने जिले के छात्रावासों में आवश्यकता के अनुसार सीटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मार्गों से गांवों और महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले छोटे-छोटे पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र भेजने कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर हो सके।मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बकरी पालन एवं मछली पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को अधिक से अधिक लोगों को इन व्यवसायों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक आजीविका से जुड़े व्यवसायों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।मंत्री श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पीपल के पौधे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए पौधों के संरक्षण और उनके वृक्ष बनने तक देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।बैठक के दौरान कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले में पर्यटन विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने धार्मिक एवं पुरातात्विक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ’धनपुर’ में खुदाई के दौरान प्राप्त दुर्लभ मूर्तियों की जानकारी भी मंत्री श्री अग्रवाल को दी। उन्होंने इन प्राचीन मूर्तियों की पहचान, सर्वेक्षण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।कलेक्टर के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारी से चर्चा की और ’धनपुर‘ में खुदाई से प्राप्त मूर्तियों के सर्वेक्षण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी धरोहरों को संरक्षित कर उन्हें पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए।बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने क्रमवार प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने-अपने विभाग की योजनाओं, निर्धारित लक्ष्यों, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने विभागवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए अधिकारी योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए मैदानी स्तर पर उनकी प्रभावी पहुंच और परिणाम सुनिश्चित करें।
- -संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की है कि हरेली का यह पावन पर्व छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर-परिवार में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली लेकर आए तथा प्रदेश में हरियाली और विकास की नई ऊर्जा का संचार करे।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और प्रकृति के प्रति गहरे जुड़ाव का पर्व है। यह तिहार हमारे किसान जीवन की उस परंपरा को अभिव्यक्त करता है, जिसमें कृषि उपकरणों, पशुधन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव निहित है। हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी, मेहनत और लोकजीवन से जुड़ी हमारी सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं में प्रकृति और कृषि का विशेष स्थान रहा है। किसान परिवार हरेली के अवसर पर अपने कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं और अच्छी फसल, सुख-समृद्धि तथा स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। गौवंश और कृषि उपकरणों के प्रति सम्मान की यह परंपरा हमारी ग्रामीण संस्कृति की संवेदनशीलता और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन का संदेश देती है।श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि तेजी से बदलते समय में हमारी लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। हरेली जैसे लोकपर्व हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, अपनी मिट्टी और अपनी संस्कृति से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।उन्होंने प्रदेशवासियों से हरेली तिहार को पारंपरिक उल्लास एवं उत्साह के साथ मनाने तथा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराओं और प्रकृति संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हरेली का पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण, कृषि के सम्मान और सामूहिक खुशहाली का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि हरेली की हरियाली से छत्तीसगढ़ का प्रत्येक गांव और शहर समृद्ध हो तथा प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली का विस्तार हो।उन्होंने पुनः प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता, लोकपरंपराओं और सामाजिक सौहार्द को और अधिक मजबूत करे।
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-हरेली तिहार पर किसानों को बड़ा उपहार: औषधि पौधों की खेती के लिए 54.36 लाख रुपये की अग्रिम प्रोत्साहन राशि वितरित
रायपुर, / पारंपरिक फसलों की तुलना में औषधीय पौधों की खेती में कम लागत, कम पानी और कम रासायनिक खादों की आवश्यकता होती है, जबकि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उच्च मांग के कारण किसानों को कई गुना अधिक मुनाफा मिलता है। अश्वगंधा, शतावर, एलोवेरा, तुलसी और लेमनग्रास जैसी फसलें कम जोस और खर्च में किसानों की आय बढ़ाने का बेहतरीन विकल्प हैं।हरेली तिहार की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ शासन ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया। वन विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नारायणपुर (अबूझमाड़) और धमतरी जिले के किसानों तथा स्व-सहायता समूहों को कुल 54 लाख 36 हजार रुपये की अग्रिम प्रोत्साहन राशि वितरित की गई।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज राजधानी स्थित राज्य वन अनुसंधान भवन जीरो पॉइंट में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने की और उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला तथा विधायक श्री अनुज शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि औषधि पौधों की खेती किसानों के लिए कम लागत और अधिक लाभ वाला विकल्प बनकर उभर रही है। इसमें पानी की आवश्यकता कम होती है, कीटनाशकों पर खर्च नहीं के बराबर होता है और खेत की मेड़ों पर औषधीय पौधे लगाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीन और कृषि संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इस अवसर पर किसानों को औषधि पौधों की खेती के लिए अग्रिम राशि देना वास्तव में हरेली तिहार का उपहार है, जो किसानों को नई आर्थिक ताकत देगा। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप का स्वागत बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार खुमरी की माला और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बोर्ड वनौषधियों के संरक्षण, संवर्धन, पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, वैद्यों के क्षमता विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी लगभग 50 दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने कहा कि वनौषधियों का महत्व हमारी पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली का आधार है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग प्राकृतिक औषधीय पौधों का उपयोग करते हैं और यही हमारी स्वास्थ्य परंपरा की सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव ने बताया कि बोर्ड औषधीय पौधों की खेती को मिशन मोड में बढ़ावा दे रहा है। किसानों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं और उपज की खरीद की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाती है, जिससे उन्हें खेती में किसी प्रकार की विपणन कठिनाई का सामना न करना पड़े।कार्यक्रम में नारायणपुर (अबूझमाड़) के 25 किसान, धमतरी जिले के 18 किसान और 43 स्व-सहायता समूहों को कुल 54.36 लाख रुपये की अग्रिम प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि बोर्ड द्वारा अनुबंधित संस्थाओं मेसर्स स्टीविया और इंस्टा हर्ब्स के माध्यम से दी गई, ताकि किसान बिना आर्थिक कठिनाई के औषधीय पौधों की खेती शुरू कर सकें। यह पहल न केवल औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक स्वास्थ्य परंपराओं को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। -
-75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन
रायपुर । बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। -
-नाम में त्रुटि सुधरने से बैंक खाता खुलने और छात्रवृत्ति प्राप्त करने की राह हुई आसान
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नागरिक सेवाओं को सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से दस्तावेज संबंधी समस्याओं के निराकरण सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं से जुड़ी सुविधाएं नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे लोगों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में आ रही कठिनाइयों का स्थानीय स्तर पर समाधान मिल रहा है।इसी क्रम में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर निवासी सुश्री डॉली गंधर के आधार कार्ड में दर्ज नाम की त्रुटि का निराकरण सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से किया गया। आधार कार्ड में नाम गलत दर्ज होने के कारण उन्हें बैंक खाता खुलवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बैंक खाता नहीं होने से छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी।अपनी समस्या के समाधान के लिए डॉली गंधर ने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन प्रस्तुत किया। आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर उनके आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि को सुधारा गया। नाम में सुधार होने के बाद अब उनके लिए बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया आसान हो गई है। साथ ही छात्रवृत्ति प्राप्त करने में आ रही दस्तावेज संबंधी बाधा भी दूर हो गई है।डॉली गंधर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आधार कार्ड में नाम की त्रुटि के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। बैंक खाता नहीं खुल पाने के कारण छात्रवृत्ति का लाभ लेने में भी दिक्कत आ रही थी। सेवा सेतु केंद्र में आवेदन देने के बाद उनकी समस्या का समाधान हो गया है। अब वे आसानी से बैंक खाता खुलवा सकेंगी और छात्रवृत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा सकेंगी। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से समस्या का समाधान होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा से नागरिकों को दस्तावेज संबंधी समस्याओं के निराकरण में काफी मदद मिल रही है। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।सेवा सेतु केंद्र नागरिकों के लिए विभिन्न शासकीय सेवाओं तक आसान पहुंच का माध्यम बन रहे हैं। दस्तावेजों में त्रुटि के कारण बैंकिंग, छात्रवृत्ति और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ लेने में आने वाली कठिनाइयों के समाधान में इन केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। डॉली गंधर का मामला इसका उदाहरण है, जहां आधार कार्ड में नाम की त्रुटि सुधरने के बाद उनके लिए बैंक खाता और छात्रवृत्ति से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने का मार्ग सुगम हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप सेवा सेतु केंद्र नागरिकों को सुविधाजनक, पारदर्शी और सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवा व्यवस्था के विस्तार से आमजन को शासकीय सेवाओं का लाभ लेने में समय और परेशानी दोनों से राहत मिल रही है।


















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