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भुवनेश्वर. ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक व्यक्ति को अपने दो नाबालिग बेटों की इस हफ्ते की शुरूआत में हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हत्या की घटना को अंजाम देने में मदद करने को लेकर आरोपी की मां को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी व्यक्ति को इस हफ्ते की शुरूआत में हिरासत में लिया गया था। घटना 9 मार्च को फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में हुई और पुलिस ने अगले दिन सुबह दोनों नाबालिगों के शव उनके घर पर एक बंद कमरे से बरामद किए थे। मृतकों की पहचान आकाश मोहंती (14) और विकास मोहंती (9) के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक एस सुश्री ने बताया, ‘‘दो साल पहले अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद, आरोपी दूसरी शादी की तैयारी कर रहा था। लेकिन, उसके दोनों बेटे, खास तौर पर बड़ा बेटा, इस फैसले का विरोध कर रहा था। इसलिए, आरोपी ने अपनी मां की मदद से दोनों लड़कों की गला घोंटकर हत्या कर दी और उनके शवों को छत से लटका दिया।'' इससे पहले, दोनों नाबालिगों के मामा अंतर्मयी मोहंती ने आरोप लगाया था कि बच्चों की हत्या परिवार के ही सदस्यों ने की है, क्योंकि वे अपने पिता की दूसरी शादी का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने नाबालिगों की नानी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत का हवाला देते हुए कहा था, "बच्चे दूसरी शादी के सख्त खिलाफ थे।" -
नयी दिल्ली. गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 59 साल के व्यक्ति को बचाने की लिए उसकी 80 वर्षीय मां ने अपना गुर्दा देकर उसे नया जीवन दिया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली में रोहिणी निवासी व्यवसायी राजेश ने अपनी मां दर्शना जैन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा, “मेरी मां ने मुझे दूसरा जन्म दिया।” राजेश ने बताया कि दो साल पहले जब उन्हें गुर्दे की बीमारी का पता चला तो उनकी मां और बेटा दोनों गुर्दा दान करने के लिए आगे आए। चिकित्सा परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उनकी मां का गुर्दा प्रतिरोपण के लिये उपयुक्त है।
राजेश ने बताया, “उस समय मैं झिझक रहा था। मेरी मां बुजुर्ग हैं और मुझे उनका गुर्दा लेने में चिंता हो रही थी, क्योंकि मुझे लग रहा था कि समाज क्या कहेगा? इसलिए, मैंने प्रतिरोपण न करवाने का फैसला किया।” हालांकि, समय बीतने के साथ उनकी हालत खराब होती गई और वे कमजोर होते गए, तब राजेश के परिवार के सदस्यों ने उन्हें निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए राजी किया और अंततः वे प्रतिरोपण के लिए सहमत हो गए। यह सर्जरी बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में की गई।राजेश की मां दर्शना जैन को ऑपरेशन के चौथे दिन छुट्टी दे दी गई। राजेश को ऑपरेशन के छठे दिन छुट्टी दी गई। राजेश ने बताया कि उनकी मां अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी हालत में सुधार है, जबकि उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए डॉक्टर की सलाह पर तीन महीने तक आराम करना होगा। -
नयी दिल्ली. चिली ने भारत के साथ कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तीव्र इच्छा व्यक्त की है। कृषि मंत्रालय ने यह जानकारी दीं बुधवार को वर्चुअल तरीके से आयोजित कृषि पर पहली भारत-चिली संयुक्त कार्यसमूह की बैठक में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों ने बाजार पहुंच, बागवानी क्षेत्र में सहयोग, विस्तार के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और अनुसंधान सहयोग सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।'' चिली के कृषि अध्ययन और नीति ब्यूरो (ओडीईपीए) में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विभाग के निदेशक गेब्रियल लेसेका ने कहा, ‘‘चिली, भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और कृषि और संबद्ध क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की तीव्र इच्छा व्यक्त करता है।'' उन्होंने कहा कि कृषि में अपने समृद्ध अनुभव के साथ दोनों देशों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और किसानों के कल्याण में सुधार करने में एक-दूसरे के पूरक होने की क्षमता है। लेसेका ने आगे कहा कि यह बैठक भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में और भी अधिक सहयोग के लिए मंच तैयार करता है। कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अजीत कुमार साहू ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल कृषि मिशन, लखपति दीदी कार्यक्रम और कृषि सखी जैसी महिला-नेतृत्व वाली विकास पहल जैसी कई अभिनव पहल पर प्रकाश डाला। बैठक में कृषि और किसान कल्याण विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पशुपालन और डेयरी विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि हर्ष एवं उल्लास से भरा यह पावन-पर्व भारतवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे। देशभर में शुक्रवार को होली का त्योहार मनाया जाएगा।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं। हर्ष और उल्लास से भरा यह पावन-पर्व हर किसी के जीवन में नयी उमंग और ऊर्जा का संचार करने के साथ ही देशवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे, यही कामना है।'' - नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों से भारत की गाथा को दुनिया तक पहुंचाने तथा आर्थिक वृद्धि में और योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने काम के केंद्र में विश्वास और प्रामाणिकता रखने और अपने कार्यों के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही लेने की भी बात कही। गोयल ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कम लागत वाले डेटा (इंटरनेट) तक पहुंच इस सरकार की डिजिटल इंडिया नीति के प्रमुख स्तंभों में से एक रही है। इसने भारत को वैश्विक स्तर पर डेटा का सबसे बड़ा उपभोक्ता बना दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे डेटा की लागत यूरोप, अमेरिका या किसी अन्य विकसित देश की तुलना में बहुत कम है। जब हम कम लागत वाले डेटा को भारत के पास मौजूद उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा के साथ जोड़ते हैं, तो हमारे पास रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक क्रांति होती है और यह हमारा इंतजार कर रही है।'' मंत्री ने भारत के रचनात्मक क्षेत्र में व्यापक अवसरों का भी जिक्र किया। यह फिल्म, नाटक और थिएटर जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर गेमिंग, एआई (कृत्रिम मेधा)-संचालित सामग्री निर्माण और डिजिटल मीडिया को शामिल करने के लिए तेजी से विकसित हो रहा है।
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नई दिल्ली। भारत में वन क्षेत्र बढ़कर 8,27,357 वर्ग किलोमीटर हो गया है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। वन क्षेत्र में यह बढ़ोतरी 2015 में दर्ज 7,94,245 वर्ग किलोमीटर (24.16%) की तुलना में अधिक है। यह जानकारी हाल ही में जारी “ISFR 2023” रिपोर्ट में दी गई है। वन सर्वेक्षण विभाग देहरादून, हर दो साल में वन क्षेत्र का आकलन करता है। यह विभाग केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
गौरतलब है कि राज्य वन विभाग वनों की सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय करते हैं। इनमें वन क्षेत्रों का सर्वेक्षण, सीमा निर्धारण, सुरक्षा के लिए स्तंभ (pillars) स्थापित करना और नियमित गश्त करना शामिल है। इसके अलावा, केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है ताकि वनों को संरक्षण और प्रबंधन किया जा सके।वहीं वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए सरकार ने नेशनल मिशन फॉर ए ग्रीन इंडिया, वाइल्डलाइफ हैबिटेट डेवलपमेंट और नगर वन योजना जैसी कई योजनाएं चलाई हैं। इसके अलावा, प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) के तहत भी वनीकरण किया जा रहा है।पिछले पांच वर्षों में इन योजनाओं के तहत सरकार ने बड़ी धनराशि जारी की है। ग्रीन इंडिया मिशन के लिए 624.69 करोड़ रुपये, वन्यजीव आवास विकास के लिए 452.04 करोड़ रुपये, नगर वन योजना के लिए 308.87 करोड़ रुपये और CAMPA की वार्षिक योजना (Annual Plan of Operations) के तहत 38,502.21 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन निधियों का उपयोग वनों के पुनर्स्थापन, आवास सुधार, मृदा एवं जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के लिए किया जाता है।वन क्षेत्र में हुई वृद्धि सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री, कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के रूप में दी। - नयी दिल्ली. भारत के स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने बुधवार को हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल ‘अस्त्र' का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर तट पर किया गया। मंत्रालय ने कहा, "इस परीक्षण में उड़ते लक्ष्य पर मिसाइल के सीधे प्रहार का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।" मंत्रालय ने कहा, ‘‘सभी उप-प्रणालियों ने सभी मिशन मापदंडों और उद्देश्यों को पूरा करते हुए सटीक प्रदर्शन किया।" अस्त्र मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में दांडी यात्रा में हिस्सा लेने वालों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी और इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में निर्णायक अध्याय बताया। गांधी ने नमक पर ब्रिटिश कर के विरोध में आज ही के दिन साबरमती आश्रम से दांडी तक यात्रा शुरू की थी।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज, हम उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने ऐतिहासिक दांडी यात्रा में भाग लिया, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक अध्याय है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में, इस मार्च ने आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन को प्रज्वलित किया।'' उन्होंने कहा कि दांडी यात्रा में भाग लेने वाले सभी लोगों का साहस, बलिदान और सत्य और अहिंसा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है। इस यात्रा को बड़े पैमाने पर लोगों का समर्थन मिला। इसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। -
नयी दिल्ली. क्यूएस विषयवार रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 50 में नौ भारतीय विश्वविद्यालय और संस्थान शामिल हैं जबकि सूची में शामिल कुछ शीर्ष संस्थानों जैसे तीन आईआईटी, दो आईआईएम और जेएनयू के स्थान में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आई है। लंदन स्थित क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा बुधवार को घोषित विषयवार विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग के 15वें संस्करण के अनुसार, भारत ने विषयवार रैंकिंग और व्यापक संकाय क्षेत्रों में शीर्ष 50 में 12 स्थान हासिल किए हैं। इस मामले में भारतीय खनन विद्यालय (आईएसएम), धनबाद अग्रणी रहा है जो इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए विश्व स्तर पर 20वें स्थान पर है। क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) एक उच्च शिक्षा विश्लेषक और सेवा प्रदाता है। यह दुनियाभर के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी करता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई और खड़गपुर को इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए 28वें एवं 45वें स्थान पर रखा गया है। हालांकि, दोनों संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट देखी गई है। आईआईटी दिल्ली और मुंबई, जो इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विषय के लिए 45वें स्थान पर थे, ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए क्रमशः 26वां और 28वां स्थान प्राप्त किया है। दोनों संस्थानों ने इंजीनियरिंग-इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक में भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है और शीर्ष 50 की सूची में प्रवेश किया है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद और बेंगलुरु व्यवसाय और प्रबंधन अध्ययन विषय के लिए दुनिया के शीर्ष 50 में बने हुए हैं, लेकिन उनकी रैंकिंग में पिछले वर्ष के मुकाबले गिरावट आई है। आईआईएम अहमदाबाद की रैंकिंग 22 से गिरकर 27 पर आ गई जबकि आईआईएम बेंगलुरु की रैंकिंग 32 से गिरकर 40 पर आ गई। आईआईटी मद्रास (पेट्रोलियम इंजीनियरिंग) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (विकास अध्ययन) विश्व के शीर्ष 50 में बने रहे, लेकिन उनकी रैंकिंग में कुछ गिरावट भी आई। क्यूएस विषय-विशिष्ट रैंकिंग के नवीनतम संस्करण में, भारत में नयी प्रविष्टियों की संख्या चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और कोरिया के बाद पांचवें स्थान पर है तथा कुल प्रविष्टियों की संख्या के मामले में 12वें स्थान पर है। शीर्ष 100 में भारत के नए प्रवेशकों में डाटा विज्ञान और कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए आईआईटी मद्रास और वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए आईआईएससी बेंगलुरु और आईआईटी कानपुर शामिल हैं। क्यूएस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेसिका टर्नर ने कहा कि भारत ने एआई, हरित और डिजिटल कौशल जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा दिखाई है, लेकिन स्थिरता और उद्यमशीलता क्षमताओं में महत्वपूर्ण अंतर बना हुआ है। विषयवार 2025 ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग' में 79 भारतीय विश्वविद्यालयों से 533 प्रविष्टियां शामिल थीं जबकि पिछले वर्ष 424 प्रविष्टियां थीं। इनमें से 156 प्रविष्टियों में सुधार हुआ, 101 में गिरावट आई और 154 स्थिर रहीं जबकि 122 नयी प्रविष्टियां इस संस्करण में पहली बार शामिल हुईं। कंप्यूटर विज्ञान और सूचना प्रणाली विषय भारत का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला विषय बना हुआ है। इसमें पिछले वर्ष 28 प्रविष्टियां थीं जो इस वर्ष बढ़कर 42 प्रविष्टियां हो गई हैं।
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नयी दिल्ली. देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बुधवार को दोहरी राहत मिली। एक तरफ खाने के सामान के दाम में नरमी से खुदरा महंगाई फरवरी में भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर चार प्रतिशत से नीचे 3.61 प्रतिशत पर आ गयी। वहीं दूसरी तरफ, विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जनवरी में बढ़कर पांच प्रतिशत पर पहुंच गयी। मुद्रास्फीति में तेज गिरावट से इस बात की संभावना बढ़ी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नौ अप्रैल को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में एक और कटौती कर सकता है। अगर आरबीआई अगले महीने प्रमुख ब्याज दर में कटौती करता है, तो यह दो महीने के भीतर दूसरी ब्याज दर कटौती होगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्य रूप से सब्जियों, अंडों और अन्य प्रोटीन युक्त वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में सात महीने के निचले स्तर 3.61 प्रतिशत पर आ गई। खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी माह में 4.26 प्रतिशत और फरवरी, 2024 में 5.09 प्रतिशत रही थी।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर नवंबर, 2024 से ही रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे में बनी हुई है। आरबीआई को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ खुदरा महंगाई को चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। केंद्रीय बैंक ने महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलने से पिछले महीने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। खुदरा मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडे, मांस और मछली, दाल और उत्पादों, और दूध और दूध उत्पादों की मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण हुई है। फरवरी में सालाना आधार पर जिन वस्तुओं के दाम में प्रमुख रूप से कमी आई, उनमें अदरक (-35.81 प्रतिशत), जीरा (-28.77 प्रतिशत), टमाटर (-28.51 प्रतिशत), फूलगोभी (-21.19 प्रतिशत), लहसुन (-20.32 प्रतिशत) थीं। दूसरी तरफ, जिन वस्तुओं के दाम सबसे ज्यादा बढ़े, उनमें नारियल तेल (54.48 प्रतिशत), नारियल (41.61 प्रतिशत), सोना (35.56 प्रतिशत), चांदी (30.89 प्रतिशत) और प्याज (30.42 प्रतिशत) शामिल हैं। इसके साथ, देश में औद्योगिक उत्पादन में तेजी आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन में इस साल जनवरी में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन जनवरी, 2024 में 4.2 प्रतिशत बढ़ा था। सरकार ने दिसंबर, 2024 में 3.2 प्रतिशत वृद्धि के अस्थायी अनुमान को संशोधित कर 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह (अप्रैल-जनवरी) के दौरान आईआईपी की वृद्धि दर कम होकर 4.2 प्रतिशत रही, जो कि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में छह प्रतिशत थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी, 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 5.5 प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 3.6 प्रतिशत रहा था। खनन उत्पादन में वृद्धि घटकर 4.4 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने में छह प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन में वृद्धि जनवरी, 2025 में सुस्त होकर 2.4 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.6 प्रतिशत थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी से खुदरा मुद्रास्फीति में उम्मीद से अधिक गिरावट आई है और यह सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की मध्यम-अवधि लक्ष्य सीमा के मध्य बिंदु (चार प्रतिशत) से काफी कम है। नायर ने कहा कि फरवरी में मुद्रास्फीति के आंकड़े चार प्रतिशत के नीचे आने से एमपीसी की अगली बैठक में लगातार दूसरी बार 0.25 प्रतिशत की दर कटौती की उम्मीद बढ़ी है। इसके बाद जून या अगस्त की समीक्षा बैठकों में 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती हो सकती है। औद्योगिक उत्पाद सूचकांक पर एमपी फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज एलएलपी के संस्थापक और प्रबंध साझेदार महेंद्र पाटिल ने कहा कि आंकड़े खासकर विनिर्माण और खनन में औद्योगिक गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत देते हैं। उन्होंने कहा ‘‘यह वृद्धि, फरवरी 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति के 3.61 प्रतिशत पर कम होने के साथ मिलकर अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक गति का संकेत देती है।'' इस बीच, बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 72.56 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,029.76 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 27.40 अंक यानी 0.12 प्रतिशत फिसलकर 22,470.50 अंक पर बंद हुआ। -
नई दिल्ली। मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राजधानी पोर्ट लुइस में देश के सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी को मिला यह 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
पीएम मोदी ने भारत से सदियों पहले मॉरीशस आए पूर्वजों और उनकी सभी पीढ़ियों को समर्पित किया पुरस्कारप्रधानमंत्री ने पूर्ण विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करते हुए पुरस्कार को भारत से सदियों पहले मॉरीशस आए पूर्वजों और उनकी सभी पीढ़ियों को समर्पित किया।पीएम मोदी ने कहा- यह सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को सम्मानमॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान सम्मानित प्रधानमंत्री ने हार्दिक आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और मॉरीशस के बीच के रिश्ते के सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को सम्मान है। साथ ही प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया कि भारत-मॉरीशस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का हर संभव प्रयास करते रहेंगे।मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने की थी पीएम मोदी को सम्मानित करने की घोषणामॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम ने कल एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी को उनके देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी सम्मान के वास्तविक अधिकारी हैं। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत सरकार की ओर से राष्ट्रपति और उनकी पत्नी मीना को ‘ओवरसीज सिटिजन आफ इंडिया’ (ओसीआई) कार्ड प्रदान किया था। यह कार्ड भारत में आवाजाही की वीजा सुविधा प्रदान करता है और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को दिया जाता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत मॉरीशस में संसद की नई बिल्डिंग बनाने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि यह ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ की ओर से मॉरीशस को भेंट होगी। प्रेस मीट कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “भारत-मॉरीशस का संबंध, केवल हिंद महासागर से नहीं बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा है, हम आर्थिक और सामाजिक प्रगति की राह पर एक दूसरे के साथी हैं, प्राकृतिक आपदा हो या कोविड विपदा हमने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है, रक्षा हो या शिक्षा, स्वास्थ्य हो या स्पेस हम हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। पिछले दस वर्षों में हमने अपने संबंधों में कई नए आयाम जोड़े हैं।”
पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल साउथ हो या हिंद महासागर या अफ्रीका भू-भाग, मॉरीशस हमारा महत्वपूर्ण साझेदार है। दस वर्ष पहले, विजन सागर यानि ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ की आधारशिला यहीं मॉरीशस में रखी गई थी। पीएम मोदी ने कहा, “अगले पांच वर्षों में भारत में मॉरीशस के 500 सिविल सर्वेंट को को ट्रेनिंग दी जाएगी। हमारे बीच लोकल करेंसी में आपसी व्यापार का सेटलमेंट करने पर भी सहमति बनी है।”पीएम मोदी ने मॉरीशस के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि मुझे दोबारा मॉरीशस के नेशनल डे पर आने का अवसर मिल रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम जी और मॉरीशस सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। बता दें कि पीएम मोदी 11-12 मार्च तक मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। बुधवार को ही उन्हें पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र के राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना है। पीएम मोदी ने मंगलवार को पोर्ट लुइस में अपने मॉरीशस समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और भारत-मॉरीशस के बीच विशेष बंधन को बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशने पर विचार-विमर्श किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावनात्मक अनुभव बताया। दरअसल, पीएम ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया।पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।”
गंगा तालाब की मान्यतागंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया।इससे पहले पीएम मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, “मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।” यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे।समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा पीएम मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है। - भोपाल। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट वर्ष 2024-25 के 3.65 लाख करोड़ रुपये के बजट से 15 फीसदी अधिक राशि का है। बजट में न तो कोई नया कर लगाया गया है और न ही किसी पुराने कर की दर में इजाफा करने का प्रस्ताव रखा गया है।बजट में राजकोषीय घाटा 78,902 करोड़ रुपये रहने का अनुमान पेश किया गया है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 4.66 फीसदी के बराबर है। प्रदेश में राजस्व अधिशेष की स्थिति बनी हुई है। वर्ष 2025-26 में राजस्व अधिशेष की राशि 618 करोड़ रुपये तक अधिक रहने का अनुमान है।वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से मौजूद औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा 14,500 एकड़ भूभाग में विकसित किए जा रहे 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 30,000 करोड़ रुपये मूल्य के प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।लाड़ली बहना योजना का आवंटन नहीं बढ़ाप्रदेश में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत महिलाओं को दी जाने वाली राशि नहीं बढ़ाई जा रही है लेकिन महिलाओं को केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना से जोड़ने की घोषणा की गई।सरकार ने गृह विभाग के लिए 12,876 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,585 करोड़ रुपये अधिक है। प्रदेश में सामाजिक क्षेत्र की उत्थान की योजनाओं के लिए करीब दो लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है।देश में सबसे ज्यादा GDP ग्रोथ रेटवित्त मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि की दर देश में सबसे अधिक है और इसमें गत 22 सालों में 17 गुना का इजाफा हुआ है। वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विकसित मध्य प्रदेश 2047 नामक विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है जिसके तहत प्रदेश के जीडीपी को 2047 तक 250 लाख करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय को बढ़ाकर 22 लाख 35 हजार रुपये से अधिक करने का लक्ष्य तय किया गया है।
- नयी दिल्ली. लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें होली की पूर्व संध्या पर 13 मार्च को नहीं होंगी। इस संबंध में दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समितियों के निर्णय लेने के बाद यह तय किया गया। दोनों सदनों ने 14 मार्च 2025 को होली के त्योहार को लेकर पहले ही अवकाश घोषित कर दिया है।राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, सदस्यों को सूचित किया गया है कि जैसा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया और सदन में घोषणा की गई, बृहस्पतिवार अर्थात् 13 मार्च 2025 को निर्धारित राज्यसभा की बैठक रद्द कर दी गई है। बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘इसके अनुसार, उस दिन सदन की कोई बैठक नहीं होगी।''लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने भी 13 मार्च को सदन की बैठक रद्द करने का निर्णय लिया है। इसने सदन के कामकाज को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए लोकसभा की बैठक शनिवार अर्थात् 29 मार्च को कराने की सिफारिश की है।
- नयी दिल्ली. अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड, कनाडा के खुफिया प्रमुख डैनियल रॉजर्स और ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई-6 के प्रमुख रिचर्ड मूर उन शीर्ष वैश्विक खुफिया प्रमुखों में शामिल हैं, जो भारत में इस सप्ताहांत होने वाले सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल 16 मार्च को भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें आतंकवाद और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, न्यूजीलैंड और भारत के कई अन्य मित्र देशों के खुफिया प्रमुखों के भी नयी दिल्ली में होने वाले विचार-विमर्श में शामिल होने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, गबार्ड जापान, थाईलैंड और फ्रांस के बहु-देशीय दौरे के हिस्से के रूप में भारत आ रही हैं। यह अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की भारत की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा होगी। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया प्रमुखों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के अलावा गबार्ड रायसीना डायलॉग को संबोधित करने और एनएसए डोभाल के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी संभावना है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) गबार्ड थाईलैंड की अपनी यात्रा के बाद 15 मार्च को भारत आएंगी। गबार्ड ने पिछले महीने अमेरिका की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एवं खुफिया प्रमुखों के सम्मेलन में लगभग 20 देशों की खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख एवं उप प्रमुखों के जुटने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श में खुफिया प्रमुखों के रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में संघर्ष के प्रभावों सहित अन्य वैश्विक चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा और खुफिया प्रमुख आतंकवाद के वित्तपोषण के साथ-साथ साइबर अपराधों से निपटने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) के प्रमुख रॉजर्स की भारत यात्रा हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में जारी तनाव के बीच हो रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में आरोप लगाया था कि कनाडा की धरती पर निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट का हाथ हो सकता है, जिसके बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में दरार आ गई थी। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” बताकर खारिज कर दिया था। पिछले साल की दूसरी छमाही में दोनों देशों के बीच संबंध और भी खराब हो गए, जब कनाडा ने उच्चायुक्त संजय वर्मा समेत कई भारतीय राजनयिकों पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। अक्टूबर 2024 में कनाडा ने वर्मा और पांच अन्य भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में नयी दिल्ली ने भी कनाडा के उच्चयोग प्रभारी स्टीवर्ट व्हीलर और पांच अन्य राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। माना जा रहा है कि रॉजर्स के साथ डोभाल की बातचीत में इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों के मुताबिक, सम्मेलन के दौरान डोभाल कई प्रमुख देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
- गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने शराब की दुकानों के पास सड़कों पर शराब पीने वाले शराबियों के खिलाफ छह जनवरी से चलाये गये अपने विशेष अभियान के दौरान 28,682 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने एक बयान के जरिये यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान इस साल छह जनवरी को शुरू किया गया था। हर दिन शाम छह बजे से 10 बजे तक शराब की दुकानें बंद होने तक हर थाने की पुलिस ऐसे स्थानों पर छापेमारी कर रही थी, जहां लोग अपनी गाड़ियों में शराब पीते थे। कुछ जगहों पर कुछ हुड़दंगियों को अपनी कार की बोनट या डिग्गी पर शराब पीते और खाते हुए भी देखा गया। इन सभी पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मिश्र ने कहा कि पुलिस ने यह सख्त कार्रवाई सिटी, ग्रामीण और ट्रांस हिंडन जोन में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए की है। कानून व्यवस्था की स्थिति और हत्या व अन्य गैर इरादतन हत्या जैसे अपराधों में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शराबियों के खिलाफ यह अभियान आगामी महीनों में भी जारी रहेगा।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया है। योगी ने मंगलवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “मानवता के महायज्ञ, महाकुम्भ-2025, प्रयागराज ने संपूर्ण विश्व को 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सनातन भाव से दीप्त कर दिया है।” उन्होंने इसी पोस्ट में प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा, “विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज मॉरीशस के राष्ट्रपति को मां गंगा, मां यमुना एवं मां सरस्वती के आशीर्वाद स्वरूप पावन त्रिवेणी संगम का पवित्र जल व बनारसी साड़ी जैसे अनेक अद्वितीय उपहार भेंट किए हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने हेतु हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी!” मॉरीशस दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के राष्ट्रपति को संगम का पवित्र जल समेत अनेक उपहार भेंट किए हैं।
- नयी दिल्ली/ सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि मशीनीकृत स्वच्छता पर राष्ट्रीय कार्य योजना (नमस्ते) के तहत लाभार्थी के रूप में 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 66,961 सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों का चयन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ओडिशा और तमिलनाडु, उपलब्ध आंकड़ों को केंद्रीय ‘नमस्ते' डाटाबेस में एकीकृत करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 66,961 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों (एसएसडब्ल्यू) को मान्यता दी गई है। आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों के लिए कुल 45,292 पीपीई किट और 354 सुरक्षा उपकरण किट की आपूर्ति की गई है।'' सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के साथ मिलकर सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जुलाई 2023 में यह योजना शुरू की थी।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता संबित पात्रा ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार द्वारा गिरवी रखा गया देश का सोना 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनते ही वापस लाया गया था। वह लोकसभा में 2024-25 के लिए दूसरे बैच के अनुदानों की अनुपूरक मांगों, 2021-22 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों और 2025-26 के लिए मणिपुर राज्य के बजट पर चर्चा में भाग ले रहे थे। पात्रा ने दो अखबारों की खबरों का जिक्र करते हुए कहा, "संप्रग ने देश का सोना गिरवी रख दिया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मई 2024 में एक लाख किलोग्राम सोना भारत वापस लाया गया।" उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों में यही अंतर है। पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संप्रग सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जुलाई 2012 में उसके कार्यकाल में एक साथ तीन पावर ग्रिड फेल हो गए थे और देश की बड़ी आबादी अंधेरे में डूब गई थी। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, जब भाजपा के शासन में 2024 में देश में बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, तो कोई ग्रिड फेल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संप्रग के समय ऐसा दौर था जब "अनियोजित" खर्च होता था और नीतिगत पंगुता के साथ अर्थव्यवस्था पर "लापरवाही से" बोझ डाला गया था। पात्रा ने कहा, "इसके विपरीत, हमारे कार्यकाल में...राजकोष से बाहर जाने वाला प्रत्येक रुपया एटीसी की निगरानी में रहता है...एटीसी का मतलब है ए से अकाउंटेबिलिटी या जवाबदेही, टी से ट्रांसपेरेंसी या पारदर्शिता और सी से क्लियर विजन यानि विकास का स्पष्ट दृष्टिकोण।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मणिपुर में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को राहत प्रदान कर रही है। पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष किया और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की।
- नयी दिल्ली. स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाली शोध कंपनी मेरकॉम कैपिटल ने कहा है कि भारत में बीते साल सौर क्षमता में रिकॉर्ड 25.2 गीगावाट की वृद्धि हुई। इसका कारण कंपनियों ने उन परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी दिखायी है, जिसमें देरी हो रही थी। अमेरिकी कंपनी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि भारत में 2023 के दौरान 8.3 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) सौर क्षमता जोड़ी गयी थी। मेरकॉम इंडिया सोलर मार्केट रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘विलंबित परियोजनाओं के चालू होने से 2024 में सौर ऊर्जा क्षमता में वृद्धि हुई।'' मेरकॉम के अनुसार, बड़े पैमाने की सौर परियोजनाओं (सोलर ओपन एक्सेस सहित) ने कुल क्षमता वृद्धि में 87 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया, जबकि छतों पर लगने वाले सौर प्रणाली (रूफटॉप) ने लगभग 13 प्रतिशत का योगदान दिया। ‘ओपन एक्सेस मॉडल' के तहत स्थापित क्षमता का योगदान बड़े पैमाने पर सौर क्षमता वृद्धि में 31 प्रतिशत से अधिक है। ‘ओपन एक्सेस मॉडल' के तहत बिजली के बड़े उपभोक्ताओं को सीधे स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से विद्युत खरीदने की सुविधा मिलती है। राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र 2024 में बड़े पैमाने पर सौर क्षमता वृद्धि में अगुवा रहे। इनकी हिस्सेदारी क्रमशः लगभग 32 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और आठ प्रतिशत रही। मेरकॉम कैपिटल ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राज प्रभु ने कहा, ‘‘भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र ने 2024 में रिकॉर्ड क्षमता वृद्धि देखी गयी। हालांकि, पारेषण मुद्दे और आपूर्ति श्रृंखला में देरी के मामले नहीं होते तो आंकड़े और अधिक हो सकते थे।'' उन्होंने कहा कि आयात शुल्क और महंगे घरेलू मॉड्यूल के कारण बढ़ती लागत उद्योग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 35 गीगावाट से अधिक वार्षिक सौर क्षमता की जरूरत है। इसके लिए, उद्योग को स्पष्ट, स्थिर नीतियों की आवश्यकता है जो स्थानीय विनिर्माण को निर्बाध परियोजना विकास के साथ संतुलित करे। देश में 2024 में कुल 34.7 गीगावाट की नई बिजली क्षमता जोड़ी गयी। इसमें सौर ऊर्जा का योगदान लगभग 73 प्रतिशत था।
- मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि वह जल्द ही गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर वाले 100 और 200 रुपये के बैंक नोट जारी करेगा। रिजर्व बैंक ने बयान में कहा, ‘‘इन नोटों का डिजाइन महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला के 100 और 200 रुपये के बैंक नोटों के समान है।'' इस बीच, रिजर्व बैंक द्वारा पहले जारी किए जा चुके 100 और 200 रुपये के सभी बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। मल्होत्रा ने दिसंबर, 2024 में शक्तिकान्त दास की जगह आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14 मार्च को होली के त्योहार पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं अपराह्न 2:30 बजे से रात 10:30 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम लिमिटेड की ओर से जारी एक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गयी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम लिमिटेड के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि होली के त्योहार के दिन 14 मार्च, 2025 को मेट्रो ट्रेन सेवाएं अपराह्न 2:30 बजे से रात 10:30 बजे तक उपलब्ध होंगी। बयान के अनुसार दोनों टर्मिनलों यानी सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन और मुंशीपुलिया मेट्रो स्टेशन से ट्रेन सेवाएं अपराह्न 2:30 बजे शुरू होंगी और उसके बाद सामान्य रूप से रात 10:30 बजे तक चलेगी।
- वाराणसी (उप्र)। काशी के मणिकर्णिका घाट पर मंगलवार को श्रद्धालुओं और नागा साधुओं ने जलती चिताओं के बीच ‘चिता भस्म' की होली खेलने की अनूठी परंपरा मनाई। महाश्मशान में चिता भस्म की होली के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि इस दौरान नागा साधुओं ने त्रिशूल और तलवार लिये नृत्य किया और एक नागा साधु ने गले में नर मुंडों की माला डालकर तांडव किया। चिता भस्म की राख और गुलाल से सभी सराबोर रहे। काफी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने भी इस अनोखी होली को देखा। कपूर ने बताया कि काशी के मणिकर्णिका घाट पर मंगलवार को जलती चिताओं के बीच लगभग एक घंटे चिता भस्म की होली खेली गयी। हालांकि, इस बार काशी विद्वत परिषद सहित कुछ अन्य संगठन महाश्मशान की होली को शास्त्र विरुद्ध बता कर इसका विरोध कर रहे थे। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी ने कहा, ‘‘हमारे शास्त्रों में गृहस्थों द्वारा महाश्मशान की होली खेलने का कोई प्रमाण नहीं है। लोग भ्रमित होकर इस परंपरा से जुड़ रहे हैं जो कि शास्त्र विरुद्ध है।'' उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए इस शास्त्र विरुद्ध आयोजन को परंपरा का नाम दे रहे हैं।गुलशन कपूर ने बताया कि रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन मंगलवार को अपराह्न में बाबा महाश्मशान नाथ की भव्य आरती के बाद 12 से एक बजे के बीच चिता भस्म की होली खेली गयी। कपूर ने बताया, ‘‘पिछले 24 वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है और महाश्मशान की होली की तैयारी छह माह पहले से शुरू हो जाती है। प्रतिदिन श्मशान से दो से तीन बोरी चिता राख उठाई जाती है।'' कपूर ने कहा कि इस बार महाश्मशान नाथ मंदिर समिति ने भारी भीड़ और हुड़दंग के कारण महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए उनको महाश्मशान के होली उत्सव में न आने का अनुरोध किया था। गुलशन कपूर ने कहा, ‘‘काशी में मान्यता है कि रंगभरी एकादशी के दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना (विदाई) कराकर अपने धाम काशी लाते हैं जिसे उत्सव के रूप में काशीवाशी मनाते है।'' इस पारंपरिक उत्सव को काशी के मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं के बीच मनाया जाता हैं जिसे देखने दुनिया भर से लोग काशी आते हैं।
- नयी दिल्ली ।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि विकसित भारत के निर्माण में पूर्वोत्तर क्षेत्र का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होगा। शाह ने यहां ‘स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इंटर-स्टेट लिविंग' (एसईआईएल) द्वारा आयोजित पूर्वोत्तर छात्र एवं युवा संसद को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार पूर्वोत्तर के विकास, एकता और शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के दिल के बहुत करीब है।उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर को केंद्र सरकार के हर कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बनाया है। विकसित भारत के निर्माण में पूर्वोत्तर का योगदान सबसे अहम होगा।'' गृह मंत्री ने इस क्षेत्र में विशेष रूप से पर्यटन के नजरिए से वैश्विक ध्यान आकर्षित करने की विपुल क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्वोत्तर के युवाओं की भारत में सबसे अधिक आईक्यू (मेधा विलक्षणता) होने के लिए प्रशंसा की और कहा कि यह क्षेत्र कुछ सबसे अधिक मेहनती जनजातियों की रिहायश है। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर विविधताओं की भूमि है, जिसमें 220 से अधिक आदिवासी समूह, 160 जनजातियां, 200 बोलियां और भाषाएं, 50 अनूठे त्यौहार और 30 से अधिक विश्व प्रसिद्ध नृत्य शैलियां हैं। उन्होंने माना कि अपनी कई अनूठी विशेषताओं के बावजूद पूर्वोत्तर विकास में पिछड़ गया, क्योंकि उस समय विभिन्न भ्रमों और विवादों के माध्यम से उग्रवाद और अलगाववाद को बढ़ावा दिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हिंसा, बंद, नशीले पदार्थ, नाकेबंदी और क्षेत्रवाद ने इस पूरे क्षेत्र को खंडित कर दिया , जिससे न केवल पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों के बीच विभाजन पैदा हुआ है, बल्कि क्षेत्र के भीतर राज्यों के बीच भी विभाजन पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र को विकास में 40 वर्षों की देरी का सामना करना पड़ा तथा इस दौरान आतंकवाद और अलगाववादी संगठन मुख्य बाधाएं रहे। गृह मंत्री ने कहा कि जब भी भाजपा सत्ता में आई है, उसने हमेशा पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी है।उन्होंने कहा कि पहले इतने बड़े और अविकसित क्षेत्र के लिए कोई अलग मंत्रालय नहीं था, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान अलग (पूर्वोत्तर मामले) मंत्रालय बनाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के हर कार्यक्रम में पूर्वोत्तर पर बल दिया गया । उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि इस क्षेत्र और शेष भारत के बीच की दूरी को कम करना है। शाह ने घोषणा की कि 2027 तक पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल, हवाई और सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच इस क्षेत्र में हिंसा की 11,000 घटनाएं हुईं, जबकि 2014 से 2024 तक यह संख्या लगभग 70 प्रतिशत घटकर 3,428 रह गई। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने सभी उग्रवादी संगठनों के साथ समझौते किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 10,500 से अधिक उग्रवादियों ने अपने हथियार सौंप दिए और मुख्यधारा में लौट आये। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 10 वर्षों में उग्रवादी संगठनों के साथ 12 महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास शांति के बिना संभव नहीं है, जो प्रगति के लिए एक मूलभूत शर्त है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।























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