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नई दिल्ली। रूस के स्टेट ड्यूमा (रूस की संसद का निचला सदन) के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन भारत दौरे पर हैं। अपने भारत की यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एशिया में भारत रूस का प्रमुख साझेदार है। भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से वोलोडिन कल देर रात भारत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय संसद के दोनों सदनों का भी दौरा किया।
भारत और रूस के बीच विशेष संबंधउपराष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान वोलोडिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष संबंध हैं, जो मित्रता, संप्रभुता के सम्मान और परस्पर लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के नेता रूस-भारत वार्ता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वोलोडिन ने जोर देकर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के पीएम मोदी द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने के लिए संसद को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कार्यकारी स्तर पर मजबूत सहयोग है और इसे संसदीय स्तर पर भी जारी रखना जरूरी है ताकि द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाया जा सके।भारत-रूस व्यापार में पांच गुना वृद्धिवोलोडिन ने यह भी कहा कि भारत एशिया में रूस के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में भारत-रूस व्यापार में पांच गुना वृद्धि हुई है और यह लगातार बढ़ रहा है। जनवरी से नवंबर 2024 के बीच इसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने इसे दोनों देशों और उनके नागरिकों के लिए फायदेमंद बताया।भारत और रूस के बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चाउपराष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि बैठक के दौरान भारत और रूस के बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने संसदीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-रूस संबंध पहले से ही काफी मजबूत हैं और उन्हें बनाए रखने में सांसदों की महत्वपूर्ण भूमिका है।दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारीउपराष्ट्रपति धनखड़ ने यह भी याद दिलाया कि पिछले सात महीनों में पीएम मोदी दो बार रूस का दौरा कर चुके हैं, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस वैश्विक मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, जी-20 और एससीओ में अपने रुख का तालमेल बैठाते हैं और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मिलकर काम करते हैं।वोलोडिन ने भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और राज्यसभा के सदस्यों को रूस आने का निमंत्रण दिया। उनके साथ आए रूसी प्रतिनिधिमंडल में स्टेट ड्यूमा के उपसभापति अलेक्जेंडर बाबाकोव, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रूस (एलडीपीआर) के नेता लियोनिद स्लटस्की, नोवी ल्यूदी पार्टी के नेता एलेक्सी नेचायेव, आर्थिक नीति समिति के अध्यक्ष मैक्सिम टोपिलिन, कृषि समिति के अध्यक्ष व्लादिमीर काशिन और संस्कृति समिति की अध्यक्ष ओल्गा काजाकोवा शामिल थे। -
नई दिल्ली। महाकुंभ के तीसरे और आखिरी अमृत स्नान में बसंत पंचमी पर प्रयागराज संगम तट पर 2.35 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। सोमवार को अमृत स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुओं की 10 किलोमीटर लंबी लाइन संगम से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक देखी गयी। सुबह पांच बजे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और शंभु पंचायती अटल अखाड़े के महामंडलेश्वर व संतो ने सबसे पहले बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। इसके बाद पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार निरंजनी अखाड़ा, पंच दशनाम जूना अखाड़े के साथ आवाहन और पंच अग्नि अखाड़े के नागा साधुओं ने स्नान किया।
संन्यासी अखाड़ों के बाद वैष्णव और उदासीन अखाड़ों का अमृत स्नान हुआ और सबसे आखिर में निर्मल अखाड़े ने स्नान किया, जिसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रयागराज महाकुंभ का सोमवार में 22 वां दिन था और अब तक करीब 35 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। बसंत पंचमी पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार से ही आनी शुरू हो गयी थी। रविवार को जहां एक करोड़ लोगों ने स्नान किया था वहीं सोमवार को यह संख्या दो करोड़ पार कर गयी।मौनी अमावस्या को अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ और मौतों के बाद प्रदेश सरकार ने सोमवार के लिए चौक चौबंद व्यवस्थाएं की थी। खुद मुख्यमंत्री सोमवार तड़के तीन बजे से राजधानी लखनऊ में उनके आवास पर स्थापित वार रूम में बैठ कर मॉनिटरिंग कर रहे थे। बसंत पंचमी का स्नान सकुशल निपटाने के लिए हेलीकॉप्टरों से भीड़ की मॉनिटरिंग की गयी जबकि 2750 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। कुंभ मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 60000 पुलिस के जवान लगाए गए थे वहीं 100 से ज्यादा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को भी उतारा गया था।महाकुंभ 2025 के अंतिम अमृत स्नान बसंत पंचमी पर्व में संगम तट पर डुबकी लगाने पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं पर योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई। हेलीकॉप्टर से सभी घाटों और अखाड़ों पर स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई। पुष्प वर्षा की शुरुआत सुबह 6.30 बजे से ही हो गई और तक चलती रही जब तक अखाड़ों का अमृत स्नान जारी ।प्रयागराज महाकुंभ में मंगलवार को भूटान नरेश भी जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भूटान नरेश के साथ कल प्रयागराज जाएंगे। भूटान नरेश के साथ योगी कल सुबह 10:30 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे और दोपहर 12:10 बजे संगम नोज और किला घाट का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद वह भूटना नरेश के साथ दोपहर 12:25 बजे अक्षयवट के दर्शन और पूजन करेंगे और दोपहर 12:45 बजे लेटे हुए हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगे। दोनों लोग 1:05 बजे डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरियंस सेंटर का भ्रमण करेंगे। जिसके बाद त्रिवेणी संकुल जाएंगे। - बरेली (उप्र). जिले के भोजीपुरा थाना इलाके में कथित तौर पर बार-बार की धमकी से तंग आकर एक विवाहित महिला ने शारीरिक संबंध बनाते समय पड़ोसी युवक की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि 30 जनवरी की सुबह थाना भोजीपुरा के गांव घुर समसपुर में इकबाल (32) का शव मिला था। इकबाल की पत्नी शाहनाज ने पति की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। शाहनाज ने पड़ोसी इदरीश और उसकी पत्नी आरोपी रबीना पर इकबाल की हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने इदरीश और आरोपी रबीना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पहले तो आरोपी महिला पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन बाद में उसने इकबाल की हत्या करने का जुर्म कबूल किया। उन्होंने कहा कि 35 वर्षीय आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया कि उसकी इक़बाल से फोन पर बात होती थी और युवक कॉल रिकॉर्ड करके उसे ब्लैकमेल करके जबरन शारीरिक सबंध बनाता था। इसी से तंग आकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
- नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि देश में लाखों की संख्या में अवैध प्रवासी नहीं रह सकते और चुनावी राजनीति को जनसांख्यिकीय अव्यवस्थाओं से प्रभावित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी के साथ उन्होंने युवाओं से राष्ट्र विरोधी बयानों को समाप्त करने की अपील की। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने संसद में बार-बार होने वाले व्यवधान पर भी चिंता जाहिर की।राष्ट्रीय राजधानी में ‘वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स' (डब्ल्यूओएफए) सम्मेलन के दौरान धनखड़ ने कहा कि युवाओं को अस्तित्व संबंधी चुनौतियों के बारे में चिंतित होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में लाखों अवैध प्रवासी नहीं रह सकते... हम अपनी चुनावी राजनीति को जनसांख्यिकीय अव्यवस्थाओं से प्रभावित नहीं होने दे सकते। ये चीजें आपके लिए मायने रखती हैं क्योंकि ये ऐसी चुनौतियां हैं जिनका आपको सामूहिक रूप से जवाब देना होगा।'' धनखड़ ने विस्तार से बताए बिना कहा, ‘‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है...कहा जाता है कि समझदार को इशारा काफी होता है।'' उपराष्ट्रपति ने इस बात पर चिंता जाहिर कि कुछ लोग और संस्थाएं देश की विकास यात्रा से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश में सनसनी फैलाने और कहानी गढ़ने का चलन जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘कहानियों में भारतीयता को भूल जाते हैं, राष्ट्रवाद को भूल जाते हैं और राष्ट्रहित को भी भुला दिया जाता है।'' धनखड़ ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इन राष्ट्र-विरोधी कहानियों को समाप्त करने तथा भारत विरोधी ताकतों को हराने की शक्ति उनके हाथ में है। ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' (आईसीएआई) द्वारा आयोजित सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक राष्ट्रवाद की भावना को आत्मसात करने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसा दृष्टिकोण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होगा।
- कोलकाता. पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में एक महिला ने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए रुपये जुटाने के वास्ते पहले पति को कथित तौर पर 10 लाख रुपये में किडनी बेचने को मजबूर किया और फिर पूरा नकद पैसा लेकर प्रेमी संग फरार हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। सांकराइल में रहने वाले पति के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है।शिकायत के मुताबिक, महिला पिछले एक साल से अपने पति पर किडनी बेचने और कुछ पैसे कमाकर अपना घर बेहतर तरीके से चलाने और अपनी 12 साल की बेटी को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए दबाव डाल रही थी। इसके बाद पत्नी ने किडनी के लिए एक खरीदार के साथ 10 लाख रुपये का अनुबंध किया। अपनी पत्नी पर विश्वास करते हुए पति किडनी देने के लिए सर्जरी कराने को तैयार हो गया। पिछले महीने हुई सर्जरी के बाद पति पैसे घर ले आया, तो उसकी पत्नी ने उसे जल्दी ठीक होने के लिए आराम करने और बाहर न निकलने के लिए कहा। पति ने कहा, ‘‘फिर एक दिन वह घर से चली गई और वापस नहीं लौटी। बाद में मुझे पता चला कि अलमारी से 10 लाख रुपये नकद के साथ कुछ और चीजें गायब हैं।'' पति ने कहा कि उसके परिवार ने अंततः अपने परिचितों की मदद से हावड़ा से बहुत दूर, कोलकाता के उत्तरी उपनगर बैरकपुर में उस घर का पता लगा लिया जहां उसकी पत्नी रह रही थी। उस घर में वह उस आदमी के साथ रह रही थी जिसके साथ वह कथित तौर पर भागी थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला फेसबुक पर उस व्यक्ति से मुलाकात के बाद कथित तौर पर पिछले एक साल से उसके साथ प्रेम संबंध में थी। हालांकि, जब उसके पति, सास और बेटी उस आदमी के बैरकपुर स्थित घर पहुंचे तो उसने बाहर आने से इनकार कर दिया। पति के परिवार से महिला के प्रेमी ने कथित तौर पर कहा कि वह (महिला) अपने ससुरालियों पर वैवाहिक जीवन के 16 वर्षों के दौरान शारीरिक और मानसिक यातना देने का आरोप लगाते हुए तलाक का मुकदमा दायर करेगी। पत्रकारों से बातचीत में उस व्यक्ति (कथित प्रेमी) ने इस बात से इनकार किया कि उसने सांकराइल स्थित अपने ससुराल के घर से कोई नकदी ली है और दावा किया कि वह केवल वही पैसे लेकर आई जो उसने बचाए थे। पुलिस ने कहा कि वे कोई भी कार्रवाई शुरू करने से पहले महिला और उसके कथित प्रेमी से पूछताछ करेंगे।
- प्रयागराज। महाकुंभ की तीसरा अमृत स्नान बसंत पंचमी के अवसर पर सोमवार तड़के से शुरू हो गया, जिसमें देश दुनिया से लाखों की संख्या में लोग गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने आ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे तक 62 लाख से अधिक लोगों ने डुबकी लगा ली है। मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘संगम घाट पर नागा साधु संतों और आम श्रद्धालुओं के स्नान के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। हर कोई अमृत स्नान का अलौकिक आनंद ले रहा है और चारों ओर हर हर गंगे का घोष सुनाई दे रहा है।’’उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महाकुंभ में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं में पवित्र अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई।’’सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि योगी आदित्यनाथ लखनऊ में अपने आधिकारिक आवास पर प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) के साथ मिलकर तड़के साढ़े तीन बजे से ही महाकुंभ में स्नान संबंधी व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमृत स्नान निर्विघ्न रूप से जारी है और संन्यासी अखाड़ों के साथु संतों का अमृत स्नान संपन्न होने के साथ अब बैरागी अखाड़े घाट पर पहुंच रहे हैं। क्रम में सबसे पहले संन्यासी अखाड़ों में महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के साधु संतों और पीठाधीश्वर ने संगम घाट पर पहुंचकर स्नान किया।इसके बाद, निरंजनी और आनंद अखाड़ा और जूना एवं आवाहन अखाड़ा के साधु संतों ने अमृत स्नान किया। मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ की घटना के बाद यह अमृत स्नान हो रहा है। मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी तथा 60 लोग घायल हो गए थे। संगम तट पर भीड़ से बचने के लिए बहुत से लोग दारागंज में बने पक्के घाट दशाश्वमेध घाट पर स्नान के लिए जुटे हैं।सरकार का अनुमान है कि सोमवार को पांच करोड़ लोग स्नान करेंगे। महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान पर्व बसंत पंचमी पर मेला प्रशासन और पुलिस को ‘‘शून्य त्रुटि’’ के साथ सकुशल स्नान संपन्न कराने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर स्वयं मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को देख रहे हैं।पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी पुलिस) (महाकुंभ) वैभव कृष्ण ने ‘ बताया कि 29 जनवरी की घटना के मद्देनजर अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। आज सबकुछ सुचारू ढंग से जारी है। सरकार ने बसंत पंचमी पर ‘ऑपरेशन इलेवन’ से भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई है। सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को एकल मार्ग की व्यवस्था लागू रहेगी। वहीं, त्रिवेणी के घाटों पर अत्यधिक दबाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाए गए हैं।
- अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें सांस लेने में कठिनाई महसूस होने पर तुरंत श्री राम अस्पताल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें पहले ट्रामा सेंटर और फिर लखनऊ पीजीआई रेफर किया गया।अयोध्या सिटी के न्यूरो सेंटर के डॉक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आचार्य सत्येंद्र दास की स्थिति थोड़ी नाजुक है। सीटी स्कैन में पता चला कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ है और यह कई सेगमेंट्स में है। डॉक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हमने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया है ताकि वहां पर उन्हें और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।शुरुआती जानकारी के मुताबिक आचार्य सत्येंद्र दास को सांस लेने में कठिनाई महसूस होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। राम मंदिर के सहायक पुजारी प्रदीप दास ने भी इस बारे में जानकारी दी थी।राम जन्मभूमि परिसर में पूजा अर्चना करने वाले आचार्य सत्येंद्र दास की तबीयत बिगड़ने से मंदिर प्रशासन और उनके भक्तों में चिंता का माहौल है। उनकी हालत स्थिर है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। आचार्य सत्येंद्र दास को राम मंदिर निर्माण के आरंभ से ही मुख्य पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था और वह श्री राम जन्मभूमि के पूजा कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
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नई दिल्ली। बसंत पंचमी के अवसर पर स्नान के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट ने आज (सोमवार) को जिले के सरकारी कार्यालयों में स्थानीय अवकाश घोषित किया है।
जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के एक आदेश के अनुसार, इसमें कहा गया है कि लाखों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की निरंतर आमद के कारण मुख्य स्नान के दिनों में प्रयागराज जिले की सीमा के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में छुट्टी घोषित करना आवश्यक हो गया है। महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए देश-विदेश से लोग उमड़ रहे हैं।आदेश में कहा गया है कि सूचित किया जाता है कि 3 फरवरी को बसंत पंचमी के मुख्य स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं स्नानार्थियों की भारी भीड़ एवं यातायात प्रतिबंध के कारण शांति और कानून और व्यवस्था बनाये रखने हेतु जनपद प्रयागराज में सरकारी कार्यालयों में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।इससे पहले, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश द्विवेदी ने रविवार को आश्वासन दिया कि पवित्र आयोजन की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय प्रणाली लागू की जा रही है। समाचार एजेंसी से बात करते हुए द्विवेदी ने कहा, “यहां एक त्रिस्तरीय प्रणाली काम कर रही है। सभी वरिष्ठ अधिकारी समन्वय कर रहे हैं ताकि इस तरह की कोई घटना न हो और चीजें सुचारू रूप से चलें।” उन्होंने कहा, ” हम भीड़ की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।”शनिवार तक 330 मिलियन (33 करोड़) से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में पवित्र स्नान किया है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनाता है। उसी दिन 200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय भक्तों ने प्रयागराज में प्रार्थना और भजन कीर्तन में भाग लिया और कार्यक्रम की आध्यात्मिक ऊर्जा और असाधारण संगठन के लिए अपनी सराहना व्यक्त की।उत्तर प्रदेश सरकार ने इस आयोजन के लिए विस्तृत व्यवस्था की है, जिसकी भक्तों ने प्रशंसा की है। कई लोगों ने तीर्थयात्रियों के लिए एक सहज और सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करने में सरकार के प्रयासों की सराहना की है। -
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने 5 फरवरी सुबह सात बजे से शाम 6:30 बजे तक एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने एक आदेश भी जारी किया है।
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, “जनसाधारण विशेष रूप से न्यूज ब्यूरो, मीडिया हाउसेज, रेडियो और टेलीविजन चैनलों इत्यादि का ध्यान भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना संख्या 576/एक्जिट /2025/ एसडीआर/खण्ड-1 दिनांक 22 जनवरी, 2025 की ओर आकर्षित किया जाता है कि प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या किसी भी अन्य तरीके, जो कोई हो, में एग्जिट पोल, ओपिनियन पोल या किसी अन्य चुनाव सर्वेक्षण के परिणामों पर प्रतिबंध रहेगा।”एक्जिट पोल के परिणाम के प्रकाशन एवं प्रसार पर होगा प्रतिबंधउन्होंने कहा, “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के विधानसभा के साधारण निर्वाचन की घोषणा निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट संख्या ई.सी.आई/पी.एन/169/2025 दिनांक 07 जनवरी 2025, के द्वारा घोषित की जा चुकी है और यतः लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (संक्षेप में लो. प्र. अधिनियम, 1951) की धारा 126क के प्रावधानों के अनुसार इस संबंध में निर्वाचन आयोग द्वारा यथा अधिसूचित, इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के संचालन और उसके परिणामों तथा ऐसे एक्जिट पोल के परिणाम के प्रकाशन एवं प्रसार पर प्रतिबंध होगा।”चुनाव आयोग ने बताया, “अब, इसलिए, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126क की उप-धारा (1) के अधीन -शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत निर्वाचन आयोग, उक्त धारा की उप-धारा (2) के उपबंधों के दृष्टिगत, -05 फरवरी 2025 (बुधवार) को सुबह 7:00 बजे से शाम 06:30 बजे के बीच की अवधि को, ऐसी अवधि के रूप में अधिसूचित करता है, जिसके दौरान वर्तमान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा आम चुनाव 2025 के संबंध में किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल का आयोजन करने तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके परिणाम के प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रचार-प्रसार करने पर प्रतिबंध होगा।”ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण पर इस अवधि में रहेगा प्रतिबंधआयोग ने कहा कि यह भी स्पष्ट किया जाता है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 (1) (ख) के अधीन उपर्युक्त आम चुनाव के संबंध में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाली 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम को आईसीसी टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई दी और कहा कि यह जीत बेहतरीन ‘टीम वर्क' के साथ-साथ दृढ़ संकल्प और धैर्य का परिणाम है। भारत ने रविवार को कुआलालंपुर में महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता। मोदी ने रविवार को ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हमें अपनी नारी शक्ति पर बहुत गर्व है! आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप 2025 में विजयी होने के लिए भारतीय टीम को बधाई।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत हमारे बेहतरीन ‘टीम वर्क' के साथ-साथ दृढ़ संकल्प और धैर्य का परिणाम है। यह जीत कई उभरते एथलीट को प्रेरित करेगी। टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।
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मुंबई. ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने रविवार को दक्षिण मुंबई स्थित पारसी जिमखाना का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलने का लुत्फ उठाया और कहा कि उन्हें खुशी है कि वह ज्यादा बार आउट नहीं हुए। सुनक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, “टेनिस बॉल से क्रिकेट खेले बिना मुंबई की कोई यात्रा पूरी नहीं मानी जाती।" उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “पारसी जिमखाना क्लब के स्थापना दिवस समारोह में आप सभी के बीच होकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। यह एक असाधारण उपलब्धि है। इतने सारे इतिहास और इतनी सारी रोमांचक चीजों का गवाह बना। मैं आज सुबह ज्यादा बार आउट नहीं हुआ।” सुनक ने कहा कि वह इस तरह की और यात्राएं करने के इच्छुक हैं।
पारसी जिमखाना की स्थापना 25 फरवरी 1885 को की गई थी और सर जमशेदजी जेजीभॉय को इसका संस्थापक अध्यक्ष, जबकि जमशेदजी टाटा को अध्यक्ष नियुक्ति किया गया था। 1887 में पारसी जिमखाना को उसके वर्तमान स्थान सुरम्य मरीन ड्राइव पर स्थानांतरित कर दिया गया था। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, “बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! शिक्षा और ज्ञान से जुड़े इस खुशी के अवसर और त्योहार पर मैं सभी देशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और बुद्धि की कामना करती हूं।”
भारत दुनियाभर में ज्ञान के केंद्र के रूप में स्थापित होसरस्वती पूजा के दिन का महत्व बताते हुए उन्होंने आगे लिखा, “मैं मां सरस्वती से प्रार्थना करती हूं कि वे भारत को दुनिया के ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “सभी देशवासियों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”वसंत पंचमी होली की तैयारियों की शुरुआत का प्रतीकसरस्वती पूजा देवी सरस्वती को समर्पित है, जो वसंत ऋतु के आगमन की घोषणा करता है। इसे विभिन्न भारतीय क्षेत्रों में अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार होलिका और होली की तैयारियों की शुरुआत का भी प्रतीक है, जो चालीस दिन बाद मनाई जाती हैं।बसंत पंचमी का संबंध पूरी तरह खिले हुए पीले सरसों के खेतों से भी है। इस दिन, लोग पारंपरिक रूप से पीले रंग के परिधान – साड़ी, शर्ट या अन्य सामान पहनते हैं और पीले रंग के व्यंजनों का लुत्फ उठाते हैं। इस दिन चावल के व्यंजनों में अक्सर केसर मिलाया जाता है, जिससे वे उत्सव के पीले रंग में बदल जाते हैं और इन व्यंजनों को दावत में परोसा जाता है।मंदिर और शैक्षणिक संस्थानों में सरस्वती पूजा की घूममंदिर और शैक्षणिक संस्थानों में सरस्वती देवी की मूर्तियों को पीले वस्त्र पहनाकर और विशेष प्रार्थना करके उनका सम्मान किया जाता है। कई स्कूल और कॉलेज ज्ञान और बुद्धि के लिए सरस्वती का आशीर्वाद लेने के लिए सुबह की पूजा का आयोजन करते हैं। विद्या और कला की देवी के प्रति श्रद्धा में काव्य और संगीत समारोहों सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को घोषणा की कि सरकार पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अतिरिक्त बुनियादी ढांचा का निर्माण करेगी और बिहार की राजधानी पटना स्थित आईआईटी का विस्तार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार स्कूलों और उच्च शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं की पुस्तकों को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने के लिए ‘भारतीय भाषा पुस्तक' योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में 23 आईआईटी में छात्रों की कुल संख्या 65,000 से 1.35 लाख तक 100 प्रतिशत बढ़ी है। 2014 के बाद शुरू किए गए पांच आईआईटी में अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि 6,500 और छात्रों को शिक्षा मिल सके। आईआईटी पटना में छात्रावास और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षमता का भी विस्तार किया जाएगा।'' आईआईटी पटना के विस्तार की घोषणा इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुई है।
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में आईआईटी और आईआईएससी में प्रौद्योगिकी अनुसंधान के लिए 10,000 फेलोशिप प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे और अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी ताकि युवाओं के मन में वैज्ञानिक सोच पैदा की जा सके।'' सीतारमण ने कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2023 में कृषि, टिकाऊ शहरों और स्वास्थ्य के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) में उत्कृष्टता के तीन केंद्रों की घोषणा की थी। अब, शिक्षा के लिए एआई में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का परिव्यय होगा।'' उन्होंने कहा कि स्कूल तथा उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं की डिजिटल पुस्तकों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय भाषा पुस्तक परियोजना का कार्यान्वयन किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को उभरते उद्यमियों के वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स' योजना के एक और दौर की घोषणा की। यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अब तक 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है। स्टार्टअप इंडिया की कार्ययोजना 16 जनवरी 2016 को पेश की गई थी। उसी वर्ष स्टार्टअप की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स' (एफएफएस) योजना लाई गई थी। डीपीआईआईटी एक निगरानी एजेंसी है और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) एफएफएस के लिए संचालन एजेंसी है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को 2025-2026 के बजट में 99,858.56 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2024-2025 के बजट (संशोधित अनुमान) के 89,974.12 करोड़ रुपये से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में ‘डे केयर' कैंसर केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की है। इनमें से दो सौ ‘डे केयर' कैंसर केंद्र वित्त वर्ष 2025-26 में ही स्थापित किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 2025-26 का बजट पेश करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट जोड़ने के लक्ष्य की दिशा में अगले वर्ष मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीट जोड़ी जाएंगी। औषधियों/दवाइयों के आयात पर राहत के रूप में, कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए 36 जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) से पूरी तरह छूट दी गई है। इसके अलावा 37 दवाओं के साथ-साथ 13 नई दवाओं और रोगी सहायता कार्यक्रमों के अंतर्गत आने वाली दवाओं को बीसीडी से छूट दी गई है, बशर्ते कि वे मरीजों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएं। वित्त मंत्री ने कहा कि ‘गिग वर्कर्स' को पीएम जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे लगभग एक करोड़ ऐसे श्रमिकों को लाभ होगा। ‘गिग वर्कर्स' उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्थायी होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो ये किसी काम को अस्थायी तौर पर करते हैं और फिर बेहतर अवसर मिलने पर ये अपने काम को बदल लेते हैं। स्विगी, जोमैटो, उबर जैसे ऐप के जरिये सामान पहुंचाने वाले ‘वर्कर्स' इसका उदाहरण हैं। सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि क्षमता निर्माण और आसान वीजा मानदंडों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में चिकित्सा पर्यटन और 'हील इन इंडिया' को बढ़ावा दिया जायेगा। आयुष मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन 3,497.64 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,992.90 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 14.15 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए आवंटित 99,858.56 करोड़ रुपये में से 95,957.87 करोड़ रुपये स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए और 3,900.69 करोड़ रुपये स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिए निर्धारित किए गए हैं। केंद्र प्रायोजित योजनाओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 2024-25 में 36,000.00 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 37,226.92 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के लिए आवंटन 7,605.54 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 9,406.00 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए बजटीय आवंटन 45 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79.60 करोड़ रुपये कर दिया गया है जबकि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में 225 करोड़ रुपये से 340.11 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्वायत्त निकायों के लिए बजटीय आवंटन 2024-25 में 18978.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 20,046.07 करोड़ रुपये कर दिया गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के लिए आवंटन 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि आईसीएमआर को वित्त वर्ष 2024-25 में 2,869.99 करोड़ रुपये की तुलना में 3125.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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नयी दिल्ली. देश में डिजिटल, ऑनलाइन और कागज रहित निचली अदालतें स्थापित करने की महत्वाकांक्षी ई-अदालत परियोजना के तीसरे चरण के लिए केंद्रीय बजट में 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। परियोजना के लिए धनराशि ‘ न्याय प्रदान करने एवं कानूनी सुधार राष्ट्रीय मिशन' के तहत आवंटित की गई है। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत भारतीय न्यायपालिका को सूचना एवं प्रौद्योगिकी के लिहाज से सक्षम बनाने के लिए ई-अदालत परियोजना 2007 से ही क्रियान्वित की जा रही है। परियोजना का दूसरा चरण 2023 में समाप्त हुआ। ई-अदालत परियोजना का तीसरा चरण 2023 से शुरू हुआ। इसका उद्देश्य पुराने रिकॉर्ड सहित अदालत के संपूर्ण रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के माध्यम से डिजिटल, ऑनलाइन और कागज रहित अदालतों की ओर बढ़ते हुए अधिक सुलभ न्याय व्यवस्था की शुरुआत करना है। तीसरे चरण का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी मंच बनाना है जो अदालतों, वादियों और अन्य हितधारकों के बीच एक सहज और कागज रहित ‘इंटरफेस' प्रदान करेगा। सरकार ने कहा कि जिन नागरिकों के पास प्रौद्योगिकी तक पहुंच नहीं है, वे ई-सेवा केंद्रों से न्यायिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जिससे डिजिटल विभाजन को कम किया जा सकेगा। अदालत के अभिलेखों का डिजिटलीकरण कागज-आधारित मुकदमेबाजी कम करके और दस्तावेजों के रख रखाव को कम करके प्रक्रियाओं को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सक्षम बनाता है। इसके अलावा, अदालती कार्यवाही में डिजिटल भागीदारी से इन कार्यवाहियों से जुड़ी लागतों को कम किया जा सकता है, जैसे गवाहों, न्यायाधीशों और अन्य हितधारकों के लिए यात्रा व्यय, जबकि अदालती शुल्क, जुर्माना और दंड का भुगतान कहीं से भी, कभी भी किया जा सकता है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्यों को 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 को पेश करते हुए कहा कि 2021 में घोषित पहली परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना की कामयाबी के बाद 2025-30 की अवधि के लिए दूसरी योजना शुरू की जाएगी। इसमें नई ढांचागत परियोजनाओं पर 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी लगाई जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना का समर्थन करने के लिए नियामकीय एवं राजकोषीय कदमों को दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे से संबंधित प्रत्येक मंत्रालय इन परियोजनाओं को तीन साल की अवधि में लागू करने का प्रस्ताव लेकर आएगा। इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये लागू किया जा सकता है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा, ‘‘राज्यों को भी इस दिशा में कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य इससे जुड़ा पीपीपी प्रस्ताव तैयार करने के लिए आईआईपीडीएफ (भारत अवसंरचना परियोजना विकास कोष) योजना से मदद ले सकते हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत उच्च उपज वाले बीजों पर एक राष्ट्रीय मिशन शुरू करेगा। संसद में शनिवार को अपना लगातार आठवां बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण में सुधार के लिए बिहार में ‘मखाना बोर्ड' की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) और समुद्र में मत्स्य पालन क्षेत्र को बनाए रखने के लिए सक्षम ढांचा लाएगी। उन्होंने कपास उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पांच साल के मिशन की भी घोषणा की।
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नयी दिल्ली. सरकार ने कर संग्रह में सुधार की उम्मीद के बीच अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध आधार पर कर्ज के अनुमान घटाकर 11.54 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दिनांकित प्रतिभूतियां जारी कर कर्ज लेना पड़ता है। हालांकि, सकल बाजार उधारी को चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुमानित 14.01 लाख करोड़ रुपये से संशोधित कर 14.82 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘ 2025-26 तक, कर्ज के अलावा कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 34.96 लाख करोड़ रुपये और 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। शुद्ध कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।'' वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जबकि चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इसके 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा 15,68,936 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सीतारमण ने कहा, ‘‘ राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार कर्ज 11.54 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। शेष वित्तपोषण लघु बचत व अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है। सकल बाजार उधारी 14.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
- नयी दिल्ली। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) नवीन चावला का शनिवार को निधन हो गया। चावला 79 वर्ष के थे। चावला के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई सुधार किए जिसमें तृतीय लिंग के मतदाताओं को ‘पुरुष' या ‘महिला' के रूप में मतदान करने के लिए बाध्य करने के बजाय ‘अन्य' की नयी श्रेणी में मतदान करने की प्राथमिकता देना शामिल है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि 16वें सीईसी के तौर पर चावला ने निर्वाचन आयुक्तों को हटाने की प्रक्रिया को सीईसी के समान बनाने के लिए संवैधानिक सुधारों की वकालत की थी। बयान में कहा गया, ‘‘चुनावी प्रक्रिया के प्रति उनका नेतृत्व और प्रतिबद्धता भारत निर्वाचन आयोग में हमें प्रेरित करती रहेगी।''अन्य पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने बताया कि वह चावला से करीब 10 दिन पहले मिले थे, उस समय चावला ने उन्हें बताया था कि उन्हें ब्रेन सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। कुरैशी ने कहा, ‘‘आज सुबह अपोलो अस्पताल में उनका निधन हो गया।'' उन्होंने कहा कि जब वह आखिरी बार उनसे मिले थे, तब वह काफी खुश थे। चावला भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश कैडर (एजीएमयूटी) कैडर के 1969 बैच के अधिकारी थे।
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नयी दिल्ली। केंद्रीय बजट 2025-26 में शनिवार को गृह मंत्रालय को 2,33,210.68 करोड़ रुपये आवंटित किये गए, जिसमें से 1,60,391.06 करोड़ रुपये सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों को दिये जाएंगे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) आंतरिक सुरक्षा, सीमा की रखवाली और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। केंद्रीय बजट 2024-25 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को 2,19,643.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू कश्मीर को 41,000.07 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बन गया। बजट में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को 6,212.06 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 6,187.48 करोड़ रुपये, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को 2,780 करोड़ रुपये, लद्दाख को 4,692.15 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,586.16 करोड़ रुपये तथा पुडुचेरी को 3,432.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बजट में जनगणना से जुड़े काम के लिए मात्र 574.80 करोड़ रुपये (2024-25 में 572 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस कवायद में और देरी होगी। जनगणना 2020-21 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ को 35,147.17 करोड़ रुपये ,बीएसएफ को 28,231.27 करोड़ रुपये, सीआईएसएफ को 16,084.83 करोड़ रुपये, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को 10,370 करोड़ रुपये, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को 10,237.28 करोड़ रुपये और असम राइफल्स को 8,274.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। खुफिया ब्यूरो (आईबी) को 3,893.35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ) को 1,922.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।सीमा अवसंरचना एवं प्रबंधन के लिए 5,597.25 करोड़ रुपये, पुलिस अवसंरचना के विकास के लिए 4,379.20 करोड़ रुपये, महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 960.12 करोड़ रुपये, सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 4,876.34 करोड़ रुपये और (सीमावर्ती क्षेत्रों में) ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के लिए 1,056.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में मंत्रिमंडल को 1,024.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके अंतर्गत मंत्रिपरिषद, कैबिनेट सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), सरकार के आतिथ्य पर होने वाले व्यय आते हैं। वहीं, प्राकृतिक आपदाओं के कारण राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए 2,721.20 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। सुरक्षित शहर परियोजना के लिए 215.34 करोड़ रुपये, राज्य सरकारों को अनुदान सहायता 3,494.39 करोड़ रुपये, केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को अनुदान सहायता 1,515.02 करोड़ रुपये तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर पूंजीगत परिव्यय के लिए 810.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। - नयी दिल्ली। जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज और उन्हें प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रमुख योजना ‘खेलो इंडिया' को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को यहां पेश किये गये केंद्रीय बजट में सबसे ज्यादा फायदा हुआ। खेलों के लिए आवंटन में 351.98 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की गयी है जिसका सबसे बड़ा हिस्सा खेलो इंडिया कार्यक्रम को मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह 2024-25 के 800 करोड़ रुपये के अनुदान से 200 करोड़ रुपये अधिक है। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय को कुल मिलाकर 3,794.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह रकम पिछले साल की तुलना में 351.98 करोड़ रुपये अधिक है। यह बढ़ोतरी इस बात को ध्यान में रखते हुए अधिक है कि अगले वर्ष ओलंपिक, राष्ट्रमंडल या एशियाई खेलों जैसा कोई बड़ा खेल आयोजन नहीं है। राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता के लिए निर्धारित राशि को भी 340 करोड़ रुपये से मामूली तौर पर बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। भारत वर्तमान में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए एक महत्वाकांक्षी बोली की तैयारी कर रहा है। भारत ने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को एक आशय पत्र प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय शिविरों के संचालन और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए साजो-सामान व्यवस्था के लिए नोडल निकाय भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के लिए आवंटन 815 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 830 करोड़ रुपये कर दिया गया। साइ देश भर में स्टेडियमों के रखरखाव और उपयोग के लिए भी जिम्मेदार है।राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला के लिए भी इसी तरह की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। उसे वित्तीय वर्ष में 23 करोड़ रुपये मिलेंगे जो 2024-25 के 18.70 करोड़ रुपये से अधिक है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी का बजट 20.30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 24.30 करोड़ रुपये कर दिया गया।राष्ट्रीय खेल विकास कोष में योगदान लगातार दूसरे वर्ष 18 करोड़ रुपये जारी रहेगा।सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए अनुदान को 42.65 करोड़ रुपये से घटा कर 37 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। इसी तरह की कटौती की घोषणा राष्ट्रीय युवा एवं किशोर विकास कार्यक्रम और युवा छात्रावास के कोष में भी की गयी है। बहुपक्षीय निकायों और युवा विनिमय कार्यक्रमों के लिए योगदान को हालांकि 11.70 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 55 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए 20 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी गई है, जो पिछले साल से 14 करोड़ रुपये ज्यादा है। बढ़े हुए बजट का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को दिया जाएगा। इसे 450 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो पिछले वर्ष से 200 करोड़ रुपये अधिक है। राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य ‘स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं के चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करना' है। यह एक ऐसी योजना है जो सामाजिक कार्य और सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवाओं को आकार देने की दिशा में काम करती है।
- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए आम बजट को सर्वजनहिताय एवं सर्वजन सुखाय के साथ ही ‘विकसित भारत' बनाने के सरकार के संकल्प की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। मध्यम वर्ग को राहत देते हुए सीतारमण ने अपने सुधारवादी बजट के हिस्से के रूप में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट दी और कर स्लैब में भी फेरबदल की घोषणा की। नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार का आम बजट सर्वजनहिताय एवं सर्वजन सुखाय के साथ ही ‘विकसित भारत' निर्माण के संकल्प की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह आम बजट सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के नवनिर्माण को दिशा प्रदान करेगा। इसमें महिला, मजदूर, गरीब, किसान, युवा, व्यापारी, कृषि, मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक राहत, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, उद्योग, निवेश और निर्यात समेत सभी क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा गया है।'' नड्डा ने ‘विकसित भारत' की संकल्पना को ‘चरितार्थ करते' हुए इस बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को बधाई दी।
- नयी दिल्ली।.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए ब्याज सहायता योजना की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की। शनिवार को संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण गारंटी कवर बढ़ाएगी ताकि उनकी कर्ज तक पहुंच में सुधार हो सके। इसके अलावा, सरकार सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा वाले ‘कस्टमाइज्ड' क्रेडिट कार्ड पेश करेगी। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से संचालित निर्यातोन्मुख एमएसएमई को 20 करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण प्रदान किया जाएगा।
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नयी दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सरकार एक करोड़ ‘गिग' श्रमिकों की सहायता के लिए ई-श्रम मंच पर पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी। ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए डिलिवरी सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारी आदि गिग कर्मियों की श्रेणी में आते हैं। केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि शहरी श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ ऑनलाइन मंच के ‘गिग' वर्कर ‘न्यू एज' सेवा अर्थव्यवस्था को बहुत गतिशीलता प्रदान करते हैं। उनके योगदान को मान्यता देते हुए हमारी सरकार ई-श्रम पोर्टल पर उनके पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी।'' सीतारमण ने कहा कि ऐसे श्रमिकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और इस उपाय से करीब एक करोड़ श्रमिकों को सहायता मिलने की संभावना है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि अगले वर्ष तक मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 सीट जोड़ी जाएंगी, जबकि उसके अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट और जोड़ी जाएंगी। सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में ‘डेकेयर' कैंसर केंद्रों की स्थापना की सुविधा भी प्रदान करेगी।






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