ब्रेकिंग न्यूज़

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बजटीय आवंटन में लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी

 नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को 2025-2026 के बजट में 99,858.56 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2024-2025 के बजट (संशोधित अनुमान) के 89,974.12 करोड़ रुपये से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में ‘डे केयर' कैंसर केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की है। इनमें से दो सौ ‘डे केयर' कैंसर केंद्र वित्त वर्ष 2025-26 में ही स्थापित किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 2025-26 का बजट पेश करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट जोड़ने के लक्ष्य की दिशा में अगले वर्ष मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीट जोड़ी जाएंगी। औषधियों/दवाइयों के आयात पर राहत के रूप में, कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए 36 जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) से पूरी तरह छूट दी गई है। इसके अलावा 37 दवाओं के साथ-साथ 13 नई दवाओं और रोगी सहायता कार्यक्रमों के अंतर्गत आने वाली दवाओं को बीसीडी से छूट दी गई है, बशर्ते कि वे मरीजों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएं। वित्त मंत्री ने कहा कि ‘गिग वर्कर्स' को पीएम जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे लगभग एक करोड़ ऐसे श्रमिकों को लाभ होगा। ‘गिग वर्कर्स' उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्‍थायी होता है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो ये किसी काम को अस्थायी तौर पर करते हैं और फिर बेहतर अवसर मिलने पर ये अपने काम को बदल लेते हैं। स्विगी, जोमैटो, उबर जैसे ऐप के जरिये सामान पहुंचाने वाले ‘वर्कर्स' इसका उदाहरण हैं। सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि क्षमता निर्माण और आसान वीजा मानदंडों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में चिकित्सा पर्यटन और 'हील इन इंडिया' को बढ़ावा दिया जायेगा। आयुष मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन 3,497.64 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,992.90 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 14.15 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए आवंटित 99,858.56 करोड़ रुपये में से 95,957.87 करोड़ रुपये स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए और 3,900.69 करोड़ रुपये स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिए निर्धारित किए गए हैं। केंद्र प्रायोजित योजनाओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 2024-25 में 36,000.00 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 37,226.92 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के लिए आवंटन 7,605.54 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 9,406.00 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए बजटीय आवंटन 45 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79.60 करोड़ रुपये कर दिया गया है जबकि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में 225 करोड़ रुपये से 340.11 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्वायत्त निकायों के लिए बजटीय आवंटन 2024-25 में 18978.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 20,046.07 करोड़ रुपये कर दिया गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के लिए आवंटन 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि आईसीएमआर को वित्त वर्ष 2024-25 में 2,869.99 करोड़ रुपये की तुलना में 3125.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english