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नई दिल्ली। . सरकार ने वर्ष 2030 तक सौ मीट्रिक टन कोयला गैसीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड को, दो कोयला गैसीकरण संयंत्र की स्थापना की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सोनपुर बाजारी क्षेत्र में कोयले से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस बनाने संबंधी परियोजना पर 13 हजार 52 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह कोल इंडिया लिमिटेड और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। श्री जोशी ने बताया कि ओडिसा के झारसुगडा जिले में महानदी कोलफील्डस लिमिटेड में अमोनियम नाइट्रेट बनाने संबंधी परियोजना पर 11 हजार 782 करोड रुपये का निवेश होगा। यह कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने कहा कि 2028-29 तक यह परियोजनाएं चालू हो जाएंगी। सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के जरिए कोयले से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस बनाने संबंधी परियोजना की स्थापना के लिए इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है। कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के जरिए कोयले से अमोनियम नाइट्रेट बनाने संबंधी परियोजना की स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई है।श्री जोशी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सरकारी उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कोयला तथा लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की संवर्धन योजना को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन के रूप में इस योजना का परिव्यय आठ हजार पांच सौ करोड़ रुपये रखा गया है। -
श्रीनगर। श्रीनगर के बख्शी मैदान सहित समूची कश्मीर घाटी में बुधवार को गणतंत्र दिवस परेड के लिए ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' आयोजित की गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बख्शी मैदान में ही मुख्य समारोह होगा।अधिकारियों ने बताया कि समूची घाटी के जिला मुख्यालयों पर ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' आयोजित की गई।
बख्शी स्टेडियम में मुख्य समारोह के परेड की ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' मंडलायुक्त (कश्मीर) वी.के. बिधूड़ी की देखरेख में हुई और इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) वी.के. बिरदी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्तों ने अपने-अपने जिला मुख्यालयों में ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि रिहर्सल के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और बख्शी स्टेडियम को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया था। मंडलायुक्त बिधूड़ी ने जनता से समारोह में भाग लेने की अपील की और कहा, ‘‘लोगों ने इस समारोह के लिए बहुत मेहनत की है और हम आप सभी से इसमें शामिल होने का अनुरोध करते हैं।'' बिरदी ने रिहर्सल से इतर संवाददताओं से कहा कि श्रीनगर और अन्य जिलों में सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस अन्य बलों के साथ भी समन्वय स्थापित कर रही है। सुरक्षा बल सतर्क और सक्रिय हैं।'' उन्होंने कहा कि यद्यपि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है, लेकिन सुरक्षा बलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि समारोह में आने वाले आम लोगों को कोई असुविधा न हो। यह पूछे जाने पर कि क्या मोबाइल इंटरनेट पर या कोई अन्य प्रतिबंध होगा, घाटी के पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि ऐसे हालात बनेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह 26 जनवरी है, इसलिए सभी को आमंत्रित किया गया है और लोग स्वतंत्र रूप से समारोह में भाग लेने आ सकते हैं।'' समारोहों को बाधित करने की कोशिश कर रहे देश-विरोधी तत्वों के बारे में किसी विशेष जानकारी होने के एक सवाल पर बिरदी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां हमेशा ऐसी स्थितियों की बारीकी से जांच करती रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर पुलिस ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। -
मुंबई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के सदस्य फरवरी के पहले हफ्ते में अयोध्या की यात्रा करेंगे और वहां के नव निर्मित राम मंदिर में प्रार्थना करेंगे। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पांच फरवरी को होने की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिपरिषद में कुल मंत्रियों की संख्या 29 है जिनमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार शामिल हैं। अयोध्या स्थित मंदिर में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा गत सोमवार को की गई थी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। प्राण प्रतिष्ठा के एक दिन बाद भव्य मंदिर के कपाट जनता के लिए खोल दिये गये।
इसके पहले शिंदे ने रविवार को कहा था कि उनकी योजना अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों, राज्य के विधायकों और लोकसभा सांसदों को दर्शन के लिए अयोध्या स्थित राम मंदिर ले जाने की है। उन्होंने कहा था कि इसलिए वह 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होंगे। फडणवीस ने भी संवाददाताओं से कहा था कि वह फरवरी में राम मंदिर में दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे।
- लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को केंद्र सरकार द्वारा ‘भारत रत्न’ दिए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए बसपा संस्थापक काशीराम को भी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने की मांग की है।मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किये गये सिलसिलेवार पोस्ट में यह मांग रखी।उन्होंने कहा, ‘देश में खासकर अति-पिछड़ों को उनके संवैधानिक हक के लिए आजीवन कड़ा संघर्ष करके उन्हें सामाजिक न्याय एवं समानता का जीवन दिलाने वाले जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जी को आज उनकी 100 वीं जयंती पर अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।’बसपा प्रमुख ने इसी सिलसिले में एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे देश के ऐसे महान व्यक्तित्व श्री कर्पूरी ठाकुर जी को देर से ही सही, अब भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करने के केन्द्र सरकार के फैसले का स्वागत है।’उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम को भी भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते हुए एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘इसी प्रकार, दलितों एवं अन्य उपेक्षितों को आत्म-सम्मान के साथ जीने एवं उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बसपा के संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी का योगदान ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय है, जिन्हें करोड़ों लोगों की चाहत अनुसार भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करना जरूरी है।’ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने बिहार के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
- भोपाल । केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबियाई मादा चीता ‘ज्वाला’ ने चार शावकों को जन्म दिया है। पहले तीन शावकों के जन्म की जानकारी दी गयी थी। यादव ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि ज्वाला ने तीन शावकों को जन्म दिया है।केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को एक पोस्ट में कहा, ‘‘वन्यजीवन का अचरज! अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले वन्यजीव योद्धा किसी तरह ज्वाला के करीब पहुंच पाए, उन्होंने पाया कि उसने तीन के बजाय चार शावकों को जन्म दिया है। इसने हमारी खुशी कई गुना बढ़ा दी है। सभी को बधाई!’’उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रार्थना करते हैं कि ये शावक भारत में अपने घर में फले-फूले और समृद्ध हों।’’अधिकारियों के अनुसार, ज्वाला ने 20 जनवरी को इन शावकों को जन्म दिया था। यह 10 महीने के अंतराल के बाद दूसरी बार है जब ज्वाला ने शावकों को जन्म दिया है।ज्वाला (नामीबियाई नाम सियाया) ने पिछले साल मार्च में भी चार शावकों को जन्म दिया था। हालांकि, उनमें से केवल एक शावक ही जीवित बचा।यादव ने तीन जनवरी को नामीबियाई मादा चीता आशा के तीन शावकों के जन्म की सूचना दी थी।इसके साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शावकों की संख्या अब सात हो गयी है जिनमें से छह का जन्म इसी महीने हुआ है।भारत की चीता परियोजना के लिए यह मिला-जुला महीना है जब सात शावकों का जन्म हुआ। नामीबियाई चीता शौर्या की 16 जनवरी को मौत हो गयी थी।मार्च 2023 से लेकर अब तक विभिन्न वजहों से कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में शौर्या समेत सात वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही केएनपी में तीन शावकों समेत 10 चीतों की मौत हो चुकी है।केएनपी में मरने वाले सात वयस्क चीतों – तीन मादा और चार नर में साशा, उदय, दक्ष, तेजस, सूरज, धात्री और शौर्या शामिल हैं। पहले छह चीतों की मौत पिछले साल मार्च से अगस्त के दौरान छह महीने में हुई जबकि शौर्या की मौत पिछले सप्ताह हुई।नामीबियाई चीता ज्वाला के चार में से एक शावक की मौत 23 मई 2023 को और दो अन्य की मौत दो दिन बाद हुई थी।अब केएनपी में कुल चीतों की संख्या 21 है जिसमें छह नर, सात मादा और आठ शावक हैं।ज्वाला और आशा वे चीता हैं जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत नामीबिया से भारत लाया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य स्वतंत्र भारत में विलुप्त हुई इस बड़ी मांसाहारी प्रजाति की संख्या में वृद्धि करना है। भारत में सितंबर 2022 को आठ चीतों का पहला समूह और पिछले साल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों का दूसरा समूह लाया गया था।
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कटक. ओडिशा के पुनर्विकसित कटक रेलवे स्टेशन पर शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और 'बाली जात्रा' की झलक दर्शायी जाएगी। पूर्व तट रेलवे ने यह जानकारी दी। स्टेशन का पुनर्विकास पिछले साल अप्रैल में शुरू हुआ था और यह अगले वर्ष तक पूरा हो जाएगा।
पूर्व तट रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) के मुख्य अभियंता (निर्माण) अजय कुमार सामल ने कहा, " 'बाली जात्रा' शहर की एक समृद्ध प्राचीन परंपरा है और हमने इसे मुख्य स्टेशन की इमारत में प्रमुख स्थान देने का फैसला किया है।'' ओडिशा के लोग पुराने समय में व्यापार के लिए महानदी के किनारे से बाली, जावा, सुमात्रा और श्रीलंका जैसे स्थानों की ओर जाते थे। शहर से जुड़े इस समुद्री इतिहास का जश्न मनाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर एक मेले का आयोजन कर 'बाली जात्रा' आयोजित की जाती है। सामल ने कहा, "एक बड़ी नाव, जिसे स्थानीय रूप से 'बोइता' कहा जाता है, को महानदी में उतारा जाता है और यह परंपरा का प्रतीक है। मुख्य स्टेशन की इमारत इसकी (बाली जात्रा की) झलक को संजोएगी।'' अधिकारी ने कहा, "इसके अलावा, स्टेशन की भीतरी दीवारों जैसे प्रतीक्षालय आदि में स्थानीय आदिवासी पेंटिंग होंगी जो शहर की परंपरा को दर्शाती है।" कटक स्टेशन का पुनर्विकास भारतीय रेलवे की 'अमृत स्टेशन योजना' के तहत किया जा रहा है। - केंद्रपाड़ा. ओडिशा के केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में कई माता-पिता ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन पैदा हुए अपने बच्चों का नाम राम और सीता रखा है। केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के सरकारी और निजी अस्पतालों में 22 जनवरी को पैदा हुए कम से कम छह शिशुओं का नाम उनके माता-पिता ने भगवान राम और देवी सीता के नाम पर रखा था। शिशुओं में पुत्र और पुत्री दोनों शामिल है। हालांकि ओडिशा में परंपरा और प्रथा है कि जन्म के 21वें दिन पूजा के बाद बच्चे का नाम रखा जाता है लेकिन सोमवार को राम मंदिर 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह से अभिभूत माता-पिता ने नवजात शिशुओं का नाम राम और सीता रख दिया। बेटी को जन्म देनी वाली प्रियंका मलिक (24) ने कहा, "यह सनातन धर्म के सभी अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन हमारे परिवार में एक नए मेहमान के आगमन के कारण हमारी खुशी दोगुनी हो गई।'' केंद्रपाड़ा शहर के एक निजी नर्सिंग होम में सोमवार को एक बेटे को जन्म देने के बाद रेनूबाला राउत (24) बहुत खुश है। रेनूबाला के पति अजय ने कहा, "मैं राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन एक बेटे का पिता बन गया हूं। पुत्र के शुभ दिन पर जन्म लेने से हम बहुत प्रसन्न हैं। हमने अपने बेटे का नाम राम रखने का फैसला किया है।" राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी माता-पिता ने इस दिन जन्मे शिशुओं के नाम राम और सीता रखे हैं।
- गाजियाबाद (उप्र) .दिल्ली मेरठ राजमार्ग पर मोटरसाइकिल से जा रहे एक पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसआई रविंदर सिंह बालियान दिल्ली-मेरठ राजमार्ग पर मुरादनगर में आईटीएस इंस्टीट्यूट के पास एक पुलिस चौकी के प्रभारी थे। अधिकारियों ने बताया कि वह आधिकारिक काम के लिए जिला अदालत जा रहे थे, पुलिस चौकी से एक किलोमीटर दूर उनकी मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) विवेक चंद्र यादव ने बताया कि ट्रक का चालक मौके से भाग गया लेकिन उसके सहायक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया गया है। यादव ने कहा, ‘शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।''
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नयी दिल्ली. शुक्रवार को 75वीं गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय टुकड़ियों के साथ कर्तव्य पथ पर मार्च करने वाले फ्रांसीसी दल में छह भारतीय भी शामिल होंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत परेड में मिसाइलों, ड्रोन जैमर, निगरानी प्रणाली, वाहन पर लगे मोर्टार और पैदल सेना के बीएमपी-2 लड़ाकू वाहनों जैसे घरेलू हथियारों और सैन्य उपकरणों की एक श्रृंखला प्रदर्शित करेगा, जो काफी हद तक “महिला केंद्रित” होगी। अधिकारियों ने कहा कि पहली बार सेना के तीनों अंगों की महिलाओं की टुकड़ी देश के सबसे बड़े समारोह का हिस्सा होगी। सेना के दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल सुमित मेहता ने कहा, “परेड में 80 प्रतिशत गतिविधियां महिलाओं द्वारा की जाएंगी।” फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। वह इस प्रतिष्ठित वार्षिक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले फ्रांस के छठे नेता बनेंगे। परेड में फ्रांस से 95 सदस्यीय मार्चिंग दस्ता और 33 सदस्यीय बैंड दस्ता हिस्सा लेगा। समारोह में दो राफेल लड़ाकू विमान और फ्रांसीसी वायुसेना से एक एयरबस ए330 मल्टी-रोल टैंकर परिवहन विमान भी शामिल होंगे। फ्रांसीसी विदेशी सेना कोर से संबंधित फ्रांसीसी मार्चिंग दल के कमांडर कैप्टन नोएल लुईस ने कहा, “छह भारतीय फ्रांसीसी टीम का हिस्सा होंगे।” विदेशी सेना कोर फ्रांस की एक विशिष्ट सैन्य कोर है जो कुछ शर्तों के साथ फ्रांसीसी सेना में सेवा करने के लिए विदेशियों के लिए खुली है।
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फरीदाबाद (हरियाणा). फरीदाबाद के कल्याणपुरी इलाके में पिछले डेढ़ साल से एक महिला के साथ ‘लिव इन रिलेशन' में रह रहे 30 वर्षीय एक युवक की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। वहीं, मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मृतक धर्मेंद्र के भाई रविंद्र ने सूचित किया कि उसे पड़ोसियों से घटना की जानकारी मिली और जब वह मौके पर पहुंचा तो धर्मेंद्र का शव जमीन पर पड़ा था और शरीर से कपड़े उतरे हुए थे। रविंद्र ने बताया कि उसके भाई की शादी 2010 में फरीदाबाद की ही रहने वाली निशा से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र एक कंपनी मे काम करता था और डेढ़ साल से एक अन्य महिला के साथ ‘लिव इन रिलेशन' में रह रहा था और उनका एक बेटा भी है। रविंद्र ने धर्मेंद्र की हत्या की आशंका जताई है और पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि धर्मेंद्र के साथ रह रही महिला से पूछताछ की जा रही है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। - नयी दिल्ली. सरकार पर्वतमाला परियोजना के तहत परियोजनाओं की संख्या अगले पांच साल में बढ़ाकर कम-से-कम 400 करने की योजना बना रही है। पर्वतमाला परियोजना या राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम बुनियादी ढांचा विकास का हिस्सा है।सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमने पर्वतमाला परियोजना शुरू की है। यह परियोजना देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमने इसके तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की पहचान की है और ऐसी परियोजनाओं की संख्या 400 या उससे अधिक हो सकती है।'' पिछले साल सरकार ने कहा था कि वह इस कार्यक्रम के तहत पांच साल में 1,200 किलोमीटर से अधिक की लंबाई वाले रापवे के लिए 250 से अधिक परियोजनाएं विकसित करने की योजना बना रही है। सरकार ‘मेक इन इंडिया' पहल के तहत रोपवे उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दे रही है।उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसको देखते हुए देश में एक बहुत अच्छा बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत है। मंत्री ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के लिहाज से आज हम पांचवें स्थान पर है...और अगले पांच साल में हम तीसरे स्थान पर होंगे...यही कारण है कि हम देश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित कर रहे हैं।'' गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में धौला कुआं-मानेसर खंड पर यातायात की भीड़-भाड़ पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि यदि स्काई बस को चलाया जाता है या फिर इस खंड पर डबल डेकर बस सेवा शुरू की जाती है, तो न केवल यातायात कम होगा बल्कि लोग भी समय पर अपने गंतव्य पर भी पहुंच सकेंगे।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उन दंपतियों और एकल तथा अविविवाहित महिलाओं का आंकड़ा मांगा है जिन्होंने सरोगेसी अधिनियम-2021 लागू होने के बाद से सरोगेसी का सफलतापूर्वक लाभ उठाया है। कानून के कामकाज का आकलन करने के लिए केंद्र ने यह कदम उठाया है। सरोगेसी से आशय किसी दंपति या महिला के बच्चे का किसी अन्य महिला की कोख में पलने से है। सरोगेसी को आम बोलचाल में ‘किराये की कोख' की भी कहा जाता है। पिछले महीने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य)/ सचिव (स्वास्थ्य) को भेजे गए एक पत्र में मंत्रालय ने उन दंपतियों और एकल महिलाओं (तलाकशुदा/विधवाओं) की कुल संख्या पर श्रेणी-वार आंकड़ा मांगा था, जिन्होंने एआरटी अधिनियम, 2021 के अस्तित्व में आने के बाद सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) के विकल्प का सफलतापूर्वक लाभ उठाया। पत्र में कहा गया है कि सरोगेसी अधिनियम, 2021 और एआरटी अधिनियम 2021 के उचित कामकाज के संबंध में निष्कर्ष निकालने के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उपर्युक्त आंकड़ों का भेजा जाना अनिवार्य है। भारत में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) क्लीनिकों को विनियमित करने और वाणिज्यिक सरोगेसी पर रोक लगाने के लिए सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 दो साल पहले पारित किए गए थे। केवल संतान सुख पाने में असमर्थ विवाहित दंपत्ति और महिलाओं की कुछ श्रेणियों (एकल और अविवाहित) को ही एआरटी और सरोगेसी का लाभ उठाने की अनुमति है। सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम के तहत सरोगेसी को केवल परोपकारी कारणों से अनुमति दी गई है। देश में वर्ष 2015 से वाणिज्यिक सरोगेसी पर प्रतिबंध है। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेज करने के मकसद से 25 जनवरी से देश भर में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बूथ से लेकर राज्य स्तर तक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों में जोश भरने का प्रयास करेंगे। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘हमारे कार्यकर्ता हमारी पार्टी की रीढ़ हैं। 2024 के चुनावों के लिए कांग्रेस आने वाले कुछ हफ्तों में विभिन्न राज्यों में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेगी, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी बूथ से लेकर राज्य स्तर तक पदाधिकारियों की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे।'' वेणुगोपाल के मुताबिक, 25 जनवरी को तेलंगाना, 28 जनवरी को उत्तराखंड, 29 जनवरी को ओडिशा, तीन फरवरी को दिल्ली, चार फरवरी को केरल, 10 फरवरी को हिमाचल प्रदेश, 11 फरवरी को पंजाब, 13 फरवरी को तमिलनाडु, 15 फरवरी को झारखण्ड में यह सम्मेलन आयोजित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस बूथ स्तर तक एक जोरदार अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है!'' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इस साल के राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की और इस दौरान उन्होंने संगीत के बारे में अपनी रुचि से उन्हें अवगत कराया तथा बताया कि कैसे इससे उन्हें ध्यान लगाने में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रत्येक पुरस्कार विजेता को स्मृति चिह्न भेंट किए और उनके साथ बातचीत की। बच्चों ने अपनी उपलब्धियों का विवरण भी प्रधानमंत्री से साझा किया, जिसके कारण उन्हें पुरस्कार के लिए चुना गया है। पीएमओ ने कहा, ‘‘संगीत, संस्कृति, सौर ऊर्जा, बैडमिंटन, शतरंज जैसे खेलों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।'' बच्चों ने प्रधानमंत्री से कई सवाल भी पूछे, जिनमें से एक का जवाब देते हुए उन्होंने सभी प्रकार के संगीत में अपनी रुचि के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि यह कैसे ध्यान में उनकी मदद करता है। ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना' की शुरुआत की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों को याद किया। उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि इस योजना से लोगों को कैसे लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ 23 जनवरी के दिन के महत्व के बारे में भी चर्चा की और उन्हें पराक्रम दिवस के बारे में बताया। पीएमओ के मुताबिक, ‘‘प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत का सम्मान कर रही है।'' भारत सरकार सात श्रेणियों-कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, खेल और पर्यावरण में असाधारण उपलब्धि के लिए बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती रही है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाणपत्र और प्रशस्ति पत्र पुस्तिका दी जाती है। इस वर्ष, विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर के 19 बच्चों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। पुरस्कार पाने वालों में 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के नौ लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं। -
चंडीगढ़. रामलीला में भगवान हनुमान का किरदार निभा रहा व्यक्ति जब भगवान राम का किरदार निभा रहे व्यक्ति के चरणों में गिरा तो माहौल तालियों से गूंज उठा। दर्शकों को लगा बहुत बढ़िया दृश्य प्रस्तुत किया गया लेकिन जब व्यक्ति को गिरे-गिरे बहुत लंबा समय हो गया तो मालूम हुआ कि 62 वर्षीय कलाकार की मौत हो चुकी है। रामलीला कलाकार हरीश के बेटे सुमांश ने बताया कि हरियाणा के भिवानी जिले में सोमवार को रामलीला मंचन के दौरान उनके पिता की मंच पर मौत हो गयी। अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को राज्य भर में कई जगहों पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसका हिस्सा रामलीला का मंचन भी था। हरीश को अपनी प्रस्तुति के दौरान, भगवान राम का किरदार निभा रहे व्यक्ति के चरणों में झुकना था। इस दृश्य का मंचन करते समय हरीश भगवान राम का किरदार निभा रहे व्यक्ति के पैरों पर गिर पड़े। प्रस्तुति के हिस्से के रूप में एक गाना बजा और हरीश गिरते हुए दिखाई दिये।
सभी को लगा हरीश भगवान राम का आशीर्वाद ले रहे हैं और दर्शकों ने तालियां बजानी शुरू कर दीं। लेकिन कुछ क्षण बाद लोगों को अहसास हुआ कि हरीश को दिल का दौरा पड़ा है। हरीश पिछले 25 वर्षों से हनुमान का किरदार निभाते आ रहे थे।
उन्हें हनुमान की वेशभूषा में ही एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। न्यू बासुकीनाथ रामलीला समिति के प्रमुख संजय पंवार ने कहा कि इस घटना ने सभी को सदमे में डाल दिया।
हरीश का मंगलवार को भिवानी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर भिवानी से पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक घनश्याम सर्राफ व पार्षद प्रतिनिधि विनोद चावला सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंवार ने बताया कि हरीश हरियाणा सरकार के बिजली विभाग से सेवानिवृत हो चुके थे। - पटना। देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘‘भारत रत्न'' के लिए मनोनीत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रसिद्ध समाजवादी नेता दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक न्याय के लिए अथक संघर्ष करने वाले और भारतीय राजनीति में एक प्रेरणादायक शख्सियत के रूप में याद किया जाता है। अत्यंत पिछड़े वर्ग ‘‘नाई'' समुदाय से आने वाले ठाकुर का जन्म समस्तीपुर जिले के एक गरीब परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल किया जिससे उन्हें ‘‘जननायक'' की उपाधि मिली। ठाकुर की जयंती से एक दिन पहले देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा में समाजवादी नेता के “समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन समर्पण और सामाजिक न्याय के लिए उनके अथक संघर्ष” की सराहना की गई। वर्ष 1924 में जन्मे ठाकुर 1970 के दशक में बिहार के मुख्यमंत्री बने और उनके कार्यकाल को पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने के अलावा राज्य में पहली बार शराबबंदी लागू करने के लिए याद किया जाता है। वर्ष 1988 में उनका निधन हो गया। वर्तमान युग के नेताओं में शामिल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद ठाकुर को अपना मार्गदर्शक मानते हैं और दोन दल ‘‘जननायक'' कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर बुधवार को समारोह आयोजित करने जा रहे हैं।
- -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की "सहकार से समृद्धि" की परिकल्पना को साकार करने के लिए गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय ने बहुत ही कम समय में ही 54 से अधिक महत्वपूर्ण पहल की हैं- प्राथमिक कृषि ऋण समितियों ("PACS) का कम्प्यूटरीकरण" इनमें से एक प्रमुख पहल है जिसके तहत 2,516 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ 63,000 PACS को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है-गणतंत्र दिवस परेड देखने के बाद शाम को विशेष अतिथि "भारत पर्व" में शामिल होंगेनई दिल्ली। देशभर के 24 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 250 लाभार्थी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के अध्यक्ष और उनके परिजन भारत सरकार के "विशेष अतिथि" के रूप में इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड 2024 के साक्षी बनेंगे। रक्षा मंत्रालय के सहयोग से सहकारिता मंत्रालय गणतंत्र दिवस परेड 2024 में विशेष अतिथियों की मेजबानी कर रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की "सहकार से समृद्धि" की परिकल्पना को साकार करने के लिए गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय ने बहुत ही कम समय में 54 से अधिक महत्वपूर्ण पहल की हैं। "PACS का कम्प्यूटरीकरण" इनमें से एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत 2,516 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ 63,000 PACS को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है। अब तक, 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 12,000 से अधिक पैक्स को कम्प्यूटरीकृत किया जा चुका है और वे राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा विकसित ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) सॉफ्टवेयर पर ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं।राजधानी दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान विशेष अतिथि 25 जनवरी को सहकारिता राज्य मंत्री श्री बी एल वर्मा के साथ मुलाक़ात और रात्रि भोज करेंगे। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड देखने के बाद शाम को वे "भारत पर्व" में शामिल होंगे।सहकारिता मंत्रालय गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित इन विशेष अतिथियों के दिल्ली प्रवास को एक यादगार अनुभव बनाने और PACS कम्प्यूटरीकरण परियोजना की सफलता को प्रदर्शित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह आयोजन सहभागी पैक्स को 'सहकार से समृद्धि' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक नए जोश के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा।file photo
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नयी दिल्ली. भारत में प्रौद्योगिकी उद्योग नई पीढ़ी के छात्रों का पसंदीदा क्षेत्र बनकर उभर रहा है और करीब 77 प्रतिशत युवा इस क्षेत्र के प्रति रुचि दिखा रहे हैं। सोमवार को एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया। सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने इनडीड के साथ संयुक्त रूप से तैयार इस रिपोर्ट में कहा है कि भारत में तकनीकी कार्यबल में 'मिलेनियल्स' और 'जेन जेड' वाली पीढ़ी का योगदान लगभग 90 प्रतिशत है। यह उच्च पीढ़ीगत विविधता को सक्षम बनाता है और प्राथमिकताओं को भी बदलता है। 'जेन जेड' का संबोधन 1990 के दशक के अंतिम और 2000 के दशक के अंतिम वर्षों में जन्म लेने वाली पीढ़ी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं 'मिलेनियल्स' की श्रेणी में 1980 के दशक के शुरुआती और 1990 के दशक के मध्य तक पैदा होने वाले युवा रखे जाते हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, "सीखना एवं वृद्धि के साथ संस्कृति एवं नैतिकता किसी भी संगठन का चयन करते समय मिलेनियल्स और जेन जेड दोनों के लिए शीर्ष मानदंड हैं। यह मौजूदा कामकाजी माहौल से निपटने और अपने वांछित करियर राह तैयार करने के लिए कौशल एवं क्षमता विकास पर नियोक्ताओं की सतत अहमियत को रेखांकित करता है।" रिपोर्ट कहती है कि भारत में प्रौद्योगिकी उद्योग जेन जेड छात्रों के लिए पसंदीदा उद्योग बना हुआ है और 77 प्रतिशत छात्र इस उद्योग को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।" नैसकॉम और इनडीड के इस संयुक्त सर्वेक्षण में 185 नियोक्ताओं के साथ वर्तमान और भावी कार्यबल के 2,500 से अधिक सदस्य शामिल थे। इस रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 84 प्रतिशत नियोक्ता ‘गिग मॉडल' की तलाश में हैं या उसके लिए तैयार हैं। इसमें स्टार्टअप और व्यवसाय प्रक्रिया प्रबंधन (बीपीएम) क्षेत्र इस खंड में नियुक्ति में आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा संगठनों के नई प्रौद्योगिकियां अपनाने से कृत्रिम मेधा (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) वैज्ञानिक, क्वांटम कंप्यूटिंग शोधकर्ता, क्वांटम एआई डेवलपर और ब्लॉकचेन विशेषज्ञ जैसी विशेषज्ञ भूमिकाओं की मांग बढ़ रही है। सबसे अधिक मांग वाली नौकरियों में डेटा और एनालिटिक्स में भूमिकाएं अग्रणी हैं। इसके बाद ग्राहक अनुभव, स्वचालन और दक्षता को बढ़ाने वाले काम आते हैं। नैसकॉम की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य रणनीति अधिकारी संगीता गुप्ता ने कहा, "स्वचालन से दक्षता में सुधार और निरंतर नवाचार से उत्पन्न रचनात्मकता की व्यापक क्षमता के बीच संतुलन से काम के भविष्य को परिभाषित किया जाएगा।"
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नयी दिल्ली.उत्तरी दिल्ली के शास्त्री नगर इलाके के एक सरकारी स्कूल में वरिष्ठ छात्रों द्वारा कथित तौर पर पिटाई किये जाने के कुछ दिन बाद 12 वर्षीय एक लड़के की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना 11 जनवरी को हुई थी और इलाज के दौरान 20 जनवरी को बच्चे की मौत हो गई।
मृतक के पिता राहुल शर्मा ने बताया कि उनके बेटे के साथ स्कूल में वरिष्ठ छात्रों ने मारपीट की थी, जिससे उसके पैर में चोटें आई थीं। शर्मा ने कहा, ‘‘कक्षा छठी में पढ़ने वाला मेरा बेटा 11 जनवरी को जब सरकारी स्कूल से घर लौटा तो वह लंगड़ा रहा था और उसे काफी दर्द भी हो रहा था। मैंने उससे इस बारे में पूछा, लेकिन वह चुप रहा।'' शर्मा ने कहा, ‘‘हम उसे एक अस्पताल ले गए जहां उसे कुछ दवाएं दी गईं और कुछ दिन तक आराम करने के लिए कहा गया। लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई और फिर हम उसे रोहिणी के एक अस्पताल में ले गए।'' शर्मा ने बताया कि 20 जनवरी को अस्पताल में इलाज के दौरान उनके बेटे की मौत हो गई।पिता ने कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि उसके साथ मारपीट क्यों की गई। वह सेना में भर्ती होना चाहता था। उसके सारे सपने टूट गये।'' संपर्क करने पर पुलिस उपायुक्त (उत्तर) मनोज कुमार मीणा ने घटना की पुष्टि की और कहा, ‘‘हम चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करा रहे हैं। उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -
अयोध्या. अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में स्थापित ‘रामलला' की मूर्ति को बनाने वाले मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने सोमवार को कहा कि वह खुद को पृथ्वी पर सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानते हैं और मानते हैं कि भगवान राम ने उन्हें इस कार्य के लिए चुना। अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पाने वाले योगीराज ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘मैंने हमेशा महसूस किया है कि भगवान राम मुझे और मेरे परिवार को हर बुरे समय से बचाते रहे हैं तथा मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह वही हैं, जिन्होंने मुझे इस शुभ कार्य के लिए चुना।'' पांचवीं पीढ़ी के मूर्तिकार योगीराज आज यहां भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित लोगों में शामिल थे। मूर्तिकार ने कहा, ‘‘मैंने कई रात जागकर मूर्ति पर बारीकी से काम किया क्योंकि ऐसा करना आवश्यक था। मुझे लगता है कि मैं पृथ्वी पर सबसे भाग्यशाली व्यक्ति हूं और आज मेरे जीवन का सबसे अच्छा दिन है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मूर्ति बनाने की कला अपने पिता से सीखी। आज मेरी मूर्ति को यहां देखकर उन्हें बहुत गर्व होता।'' इस ऐतिहासिक घटना को व्यक्तिगत रूप से देखना योगीराज के लिए गर्व का क्षण था, लेकिन मैसूरु में उनके परिवार ने इस समारोह को टीवी पर देखा। उनकी पत्नी विजेता ने पिछले हफ्ते पीटीआई-भाषा से कहा था, ‘‘उन्होंने (योगीराज) कई रात जागकर रामलला की मूर्ति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। ऐसे भी दिन थे जब हम मुश्किल से ही बात कर पाते थे और वह परिवार को मुश्किल से समय देते थे।'' मैसूरु विश्वविद्यालय से एमबीए अरुण योगीराज ने एक निजी कंपनी के मानव संसाधन विभाग में छह महीने तक प्रशिक्षण लिया था। मूर्तिकार ने कहा, ‘‘लेकिन, मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और निजी क्षेत्र की नौकरी छोड़ दी तथा पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मैसूरु लौट आया।'' योगीराज ने पूर्व में आदि शंकराचार्य की 12 फुट ऊंची मूर्ति बनाई थी, जिसे केदारनाथ में स्थापित किया गया है। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी बनाई है, जिसे दिल्ली में इंडिया गेट के पास स्थापित किया गया है।
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संभल/फिरोजाबाद . अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन सोमवार को फिरोजाबाद में एक मुस्लिम परिवार में जन्मे बच्चे का नाम भगवान राम के नाम पर रखा गया। वहीं संभल जिले के चंदौसी में एक अस्पताल के प्रसूति कक्ष में भगवान राम का एक लघु मंदिर बनाया गया है। फिरोजाबाद के महिला अस्पताल में मुस्लिम परिवार के यहां जन्मे एक बच्चे का नाम 'राम रहीम' रखा गया है।
महिला अस्पताल के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर नवीन जैन ने बताया, “ प्रसूता का नाम फरज़ाना है और आज उसने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की दादी हुस्न बानो ने उसका नाम राम रहीम रखा है।” बानो ने कहा कि उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश देने के लिए बच्चे का नाम राम रहीम रखा है।
वहीं प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर संभल जिले के चंदौसी में स्थित एक निजी नर्सिंग होम के प्रसूति कक्ष में एक लघु राम मंदिर बनाया गया है। सोमवार को गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले भगवान राम के दर्शन कराए गये। नर्सिंग होम की डॉक्टर वंदना सक्सेना ने बताया, “ आज अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर उन्होंने अपने नर्सिंग होम के प्रसूति कक्ष, नवजात शिशु कक्ष को भगवा रंग से सजाया है। साथ ही नवजात कक्ष में एक लघु भगवान श्री राम का मंदिर भी बनाया गया है।” उन्होंने बताया कि हिन्दू गर्भवती महिलाओं को प्रसूति से पहले श्री राम की पूजा-अर्चना कराई जा रही है तथा उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ भी कराया जा रहा है। डॉक्टर वंदना ने बताया, “अस्पताल में सोमवार को कुल छह बच्चों का जन्म हुआ जिनमें तीन लड़के हैं। उनके नाम भगवान राम के नाम पर रखे गए हैं। साथ ही कन्याओं के नाम जानकी और सीता रखे गए हैं।” एक नवजात शिशु के पिता मान सिंह ने बताया, “ आज बड़ी खुशी का दिन है। उनके घर तो बेटे के रूप में भगवान राम आए हैं। इसीलिए उन्होंने अपने बेटे का नाम राम रखा है ।” इस बीच, कानपुर से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नगर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में सोमवार को जन्मे 25 बच्चों में से कई के नाम भगवान राम के नाम पर रखे गए। मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की कार्यवाहक प्रभारी सीमा द्विवेदी ने कहा कि सोमवार को जन्मे 25 शिशुओं में से 10 लड़कियां हैं जबकि बाकी 15 लड़के हैं और सभी स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि भारती मिश्रा नामक महिला ने एक बेटे को जन्म दिया है और उन्होंने यह विश्वास करते हुए कि अपने बच्चे का नाम राम रखा है कि नाम का उसके व्यक्तित्व पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। द्विवेदी ने बताया कि कई अन्य माताओं ने अपने बच्चों का नाम भगवान राम के पर्यायवाची जैसे राघव, राघवेंद्र, रघु और रामेंद्र रखे हैं। उन्होंने बताया कि कई गर्भवती माताओं ने उनसे 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक समारोह के अवसर पर प्रसव कराने का अनुरोध किया था। भदोही से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, जिला अस्पताल में सोमवार को 33 बच्चों ने जन्म लिया।
भदोही के मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष कुमार चक ने बताया कि इनमें से कई माओं ने अस्पताल प्रशासन से इच्छा जाहिर की थी कि वे 22 जनवरी को ही प्रसव की तारीख दें, ताकि वे खुद को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से जोड़ सकें और अपने बच्चों का नाम राम या सीता के नाम पर रख सकें।
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प्रयागराज. अयोध्या में भगवान राम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के साथ संगम नगरी प्रयागराज सोमवार को राम रंग से सराबोर हो गई। सुबह से कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर वासियों के उत्साह और उल्लास में कोई कमी नहीं आई। ‘सनातन एकता मिशन' के अध्यक्ष अशोक पाठक ने कहा, “ भगवान राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने से पूरे प्रयागराज में हर्ष एवं उल्लास का माहौल है। जगह जगह पटाखे फोड़े जा रहे हैं, मिठाइयां बंट रही हैं और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।” सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन में हस्त निर्मित राम मंदिर मॉडल का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के आयोजक लालू मित्तल ने बताया कि हनुमान मंदिर में सुंदरकांड के आयोजन के साथ ही दीपदान और भंडारे का आयोजन किया गया। साथ ही प्राण प्रतिष्ठा के सीधे प्रसारण को राम भक्तों ने देखा। इलाहाबाद की सांसद रीता बहुगुणा जोशी के एक प्रवक्ता ने बताया, “ सांसद महोदया ने मुट्ठीगंज में श्री राम जानकी मंदिर में एलईडी स्क्रीन पर लोगों के साथ प्राण प्रतिष्ठा देखी।” इसी तरह, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने विश्व की सबसे बड़ी 3डी रंगोली विश्व हिंदू परिषद के शिविर में प्रदर्शित की जो 30 फुट चौड़ी और 50 फुट लंबी है। एबीवीपी के प्रदेश मीडिया संयोजक अभिनव मिश्र ने बताया, “ इस रंगोली को बनाने में कुल 321 किलो प्राकृतिक रंग का उपयोग किया गया। यह रंगोली प्रभु राम और अयोध्या के मंदिर पर आधारित है।” मिश्र ने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों में भी विद्यार्थियों ने टीवी पर प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक क्षण देखा और शाम को छात्रावासों को दीपक जलाकर रोशन किया। दारागंज स्थित परकाला स्वामी मठ में विशेष पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
परकाला मठ के जनसंपर्क अधिकारी अनंत सयनम ने बताया कि प्रयागराज के अलावा अयोध्या में भी परकाला मठ में विशेष पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया और प्रसाद वितरण किया गया। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके चौक लोकनाथ चौराहे से झंडेवाला तिराहे तक 3100 दीपों की श्रृंखला बनाई गई और दीप जलाए गए। चौक में मिठाई की दुकानों को छोड़कर लगभग सभी दुकानें बंद रहीं और दुकानदार रामोत्सव में सहभागी बने। चौक स्थित माया शॉपिंग कांप्लेक्स में देवरहाहंस बाबा सिद्धाश्रम की ओर से सुंदरकांड और भंडारे का आयोजन किया गया। पूरे चौक क्षेत्र में जगह जगह हलवा पूड़ी, दमालू और बूंदी प्रसाद के तौर पर बांटे गए। इसके अलावा, लोगों ने आतिशबाजी भी की। आरएसएस के पदाधिकारी डॉक्टर मुरार जी त्रिपाठी ने बताया, “ यमुना नगर में आज हजारों मंदिरों में कीर्तन भजन और भंडारे का आयोजन किया गया। यहां 11 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्राण प्रतिष्ठा का सीधा प्रसारण दिखाया गया जिसे लाखों लोगों ने देखा।” उन्होंने बताया कि यमुनानगर में 3984 स्थानों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें जसरा में 480, शंकरगढ़ में 436, करछना में 542, कौंधियारा में 493, कोरांव में 542, मांडा में 535, मेजा में 502, उरुवा में 410 स्थानों पर ये कार्यक्रम किए गए। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता अश्वनी मिश्रा ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान, विहिप के प्रांत कार्यालय केसर भवन स्थित महर्षि भारद्वाज वेद विद्यालय के आचार्यों और विद्यार्थियों ने मिलकर भगवान राम का अभिषेक किया। पथरचट्टी रामलीला कमेटी द्वारा नगर में भगवान राम और सीता की झांकियां निकाली गईं जिसमें लोग बढ़चढ़कर शामिल हुए। इसी प्रकार नगर में अलग अलग जगहों पर शोभा यात्राएं निकाली गईं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नौ वर्षीय एक पर्वतारोही, एक कृत्रिम मेधा (एआई) वैज्ञानिक, एक दिव्यांग चित्रकार और ‘गूगल ब्वॉय' समेत 19 बच्चों को सोमवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया। मुर्मू ने इन बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए यह पुरस्कार दिया।
इन पुरस्कार विजेताओं में आदित्य विजय ब्रम्हणे (मरणोपरांत), अनुष्का पाठक, अरिजीत बनर्जी, अरमान उबरानी, हेतवी कांतिभाई खिमसुरिया, इश्फाक हामिद, मोहम्मद हुसैन, पेंड्याला लक्ष्मी प्रिया, सुहानी चौहान, आर्यन सिंह, अवनीश तिवारी, गरिमा, ज्योत्सना अख्तर, सैयाम मजूमदार, आदित्य यादव, चार्वी ए, जेसिका नेई सरिंग, लिन्थोई चनंबम और आर सूर्य प्रसाद शामिल हैं। इन बच्चों में, दो आकांक्षी जिलों समेत 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नौ लड़के तथा 10 लड़कियां शामिल हैं। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, 2024 छह श्रेणियों- कला और संस्कृति, वीरता , नवाचार , विज्ञान और प्रौद्योगिकी , सामाजिक सेवा और खेल के क्षेत्र में योगदान के लिए दिए गए। इस पुरस्कार के सम्मानित बच्चों में महाराष्ट्र के आदित्य विजय ब्रम्हणे (12) शामिल हैं, जिन्हें उनके असाधारण साहस के लिए मरणोपरांत पुरस्कृत किया गया। आदित्य ने रिश्ते के अपने भाइयों हर्ष और श्लोक को नदी में डूबने से बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। राजस्थान के 17 वर्षीय आर्यन सिंह ने कृत्रिम मेधा (एआई)-संचालित रोबोट एग्रोबॉट विकसित किया, जिसका उद्देश्य इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को एकीकृत करके किसानों के जीवन को सरल बनाना है। ‘गूगल ब्वॉय' के नाम से प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के अरमान उबरानी को गणित और विज्ञान में उत्कृष्ट कौशल के लिए सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की आठ वर्षीय अनुष्का पाठक को सम्मानित किया गया जिन्होंने 'कथा वाचन' के क्षेत्र में खुद को स्थापित किया है। पारंपरिक पखावज बजाने में माहिर पश्चिम बंगाल के 13 वर्षीय अरिजीत बनर्जी ने सांस्कृतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है। सेरेब्रल पाल्सी (ऐसी विकारों का समूह जो किसी व्यक्ति की चलने-फिरने और शारीरिक संतुलन बनाए रखने की क्षमता को प्रभावित करता है) से पीड़ित गुजरात की 13 वर्षीय हेतवी कांतिभाई खिमसुरिया को उनकी असाधारण चित्रकारी के लिए पुरस्कृत किया गया। वे दिव्यांग बच्चों की सहायता के लिए अपनी मासिक पेंशन दान कर अपना योगदान दे रही हैं। जम्मू-कश्मीर के 12 वर्षीय इश्फाक हामिद रबाब और मटका के उस्ताद हैं और उन्हें 2020 में भाई मर्दाना राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बिहार के 16 वर्षीय मोहम्मद हुसैन ने हस्तशिल्प कला में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं जीती हैं। उन्होंने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने स्वदेशी खिलौने भी भेंट किए। तेलंगाना की 14 वर्षीय पेंड्याला लक्ष्मी प्रिया एक कुचिपुड़ी नृत्यांगना हैं, जिन्होंने शास्त्रीय नृत्य श्रेणी में कला उत्सव राष्ट्रीय पुरस्कार 2023 जीता है और 'लास्याप्रिया' जैसे खिताब अपने नाम किए हैं। दिल्ली की 16 वर्षीय सुहानी चौहान ने सौर ऊर्जा से संचालित कृषि वाहन 'एसओ-एपीटी' विकसित किया है, जो टिकाऊ खेती के लिए एक प्रभावशाली समाधान पेश करता है। मध्य प्रदेश के नौ वर्षीय अवनीश तिवारी ने डाउन सिंड्रोम से जुड़ी बाधाओं के बावजूद सात साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट आधार शिविर की चढ़ाई की और अपनी असाधारण सामाजिक सेवा के लिए 2022 में श्रेष्ठ दिव्यांग बाल पुरस्कार प्राप्त किया। हरियाणा की नौ वर्षीय गरिमा नेत्रहीन होने के बावजूद 'साक्षर पाठशाला' नामक अपनी पहल के माध्यम से वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही हैं। त्रिपुरा की 16 वर्षीय ज्योत्सना अख्तर बाल विवाह के खिलाफ, शिक्षा के अधिकार के लिए और अपने समुदाय की अन्य लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए मुहिम चला रही हैं ।
असम के 15 वर्षीय सैयाम मजूमदार सांपों को बचाने का प्रयास करने वाले भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं और वे आवारा जानवरों की देखभाल भी करते हैं। उत्तर प्रदेश के 12 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्य यादव को दिव्यांग होने के बावजूद उत्कृष्ट खेल उपलब्धियां हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया। अंडर-8 विश्व शतरंज चैंपियन कर्नाटक की नौ वर्षीय चार्वी ए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर कई खिताब हासिल कर चुकी हैं। अरुणाचल प्रदेश की नौ वर्षीय जेसिका नेयी सारिंग एक अत्यधिक कुशल बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और कई पुरस्कार जीत चुकी हैं। मणिपुर की 17 वर्षीय लिन्थोई चनंबम किसी भी आयु वर्ग में जूडो चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय हैं, जिन्होंने साराजेवो में 2022 विश्व जूडो कैडेट्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। आंध्र प्रदेश के नौ वर्षीय आर सूर्य प्रसाद ने पांच साल की उम्र में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने नौ साल की उम्र में किलिमंजारो पर्वत चोटी फतह की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य पांच से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को पहचानना तथा उन्हें पुरस्कृत करना है। -
सूरत. अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के विग्रह पर सुशोभित बहुमूल्य रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट और मंदिर की चांदी की दो प्रतिकृति गुजरात के सूरत में तैयार की गईं। प्रधानमंत्री ने नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में सोमवार को जब विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई तब रामलला के सिर पर वह मुकुट उनकी शोभा बढ़ा रहा था। यह जानकारी पूरे घटनाक्रम से परिचित लोगों ने दी। उन्होंने बताया कि तीन किलोग्राम वजनी मंदिर की रजत प्रतिकृतियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के बाद मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत को उपहार में दिया जिन्हें सूरत के जौहरी ने बनाया है। सूरत स्थित उद्योगपति और ग्रीनलैब डायमंड्स के प्रमुख मुकेश पटेल ने भगवान राम की मूर्ति के लिए 11 करोड़ रुपये का स्वर्ण मुकुट उपहार में दिया, जो कीमती रत्नों से जड़ा हुआ है और इसका वजन छह किलोग्राम है। सूरत के डी खुशालदास ज्वैलर्स के मालिक दीपक चोकसी ने बताया कि तीन किलोग्राम वजनी मंदिर की चांदी की प्रतिकृतियां उनके प्रतिष्ठान ने लगभग चार महीने पहले बनाई गई थीं, जब राम मंदिर में विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख की घोषणा की गई थी। चोकसी ने कहा, ‘‘सूरत सोने, चांदी और हीरे के लिए प्रसिद्ध है, और डी खुशालभाई ज्वैलर्स द्वारा तैयार की गई दो चांदी की मंदिर प्रतिकृतियां प्रधानमंत्री मोदी और भागवत जी को उपहार में दी गई थीं। चार महीने पहले, हम मंदिर के मॉडल के साथ (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) योगीजी से मिले थे। उन्होंने सुझाव दिया था कि हम रामलला को मंदिर मॉडल में स्थापित करेंगे और कुछ अन्य बदलाव करेंगे।'' उन्होंने कहा कि दोनों मॉडल को तैयार करने में कारीगरों को साढ़े तीन महीने लगे और हाथ से उनकी प्रतिकृति बनाई गई। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश नावदिया ने कहा कि रामलला के लिए सोने और कीमती पत्थरों से बना स्वर्ण मुकुट सूरत के ग्रीनलैब डायमंड्स द्वारा बनाया गया और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को उपहार में दिया गया। नवदिया ने बताया कि सूरत की कंपनी के दो कर्मचारियों को रामलला की मूर्ति के सिर का माप लेने और उसके अनुसार मुकुट तैयार करने के लिए पांच जनवरी को एक विमान से अयोध्या भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सोने के मुकुट में साढ़े चार किलोग्राम सोना लगा है और इसमें छोटे और बड़े आकार के हीरे, माणिक, मोती और नीलम सहित अन्य कीमती रत्न जड़े गए हैं।
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अयोध्या. अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित रामलला की मूर्ति के आभूषण अध्यात्म रामायण, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और अलवंदर स्तोत्रम जैसे ग्रंथों के व्यापक शोध और अध्ययन के बाद तैयार किए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट ने यह जानकारी दी। आभूषण अंकुर आनंद के लखनऊ स्थित हरसहायमल श्यामलाल ज्वेलर्स द्वारा तैयार किए गए हैं।
ट्रस्ट के एक सदस्य ने कहा, ‘‘रामलला को बनारसी कपड़े से सजाया गया है, जिसमें एक पीली धोती और एक लाल पटका/अंगवस्त्रम शामिल है। ये अंगवस्त्रम शुद्ध सोने की ‘जरी' और धागों से सजाए गए हैं, जिनमें शुभ वैष्णव प्रतीक - शंख, पद्म, चक्र और मयूर शामिल हैं।'' उन्होंने कहा कि ये परिधान दिल्ली के डिजाइनर मनीष त्रिपाठी द्वारा बनाए गए थे, जिन्होंने इस परियोजना के लिए अयोध्या धाम से काम किया। ट्रस्ट के सदस्य ने कहा, ‘‘इन दिव्य आभूषणों का निर्माण अध्यात्म रामायण, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और अलवंदर स्तोत्रम जैसे ग्रंथों में श्रीराम की शास्त्रोक्त महिमा के वर्णन के एक व्यापक शोध और अध्ययन पर आधारित है।




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