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- सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के देवबंद थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद खुद को फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि युवक की जेब से मिले सुसायड नोट में उसने लिखा है कि वह पत्नी की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।पुलिस अधीक्षक (देहात) अतुल शर्मा ने बताया कि जिले के देवबंद थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुर सरागवी के रहने वाले दलीप कुमार (26) ने गृहक्लेश से परेशान होकर पत्नी प्रतिभा (23) की गला घोंट कर हत्या कर दी और अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि दलीप उत्तराखंड की किसी कंपनी में सुरक्षागार्ड का काम करता था और 15 दिन पहले ही उसे बेटा हुआ था। अधिकारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- फतेहपुर (उप्र)। फतेहपर जिले में बुधवार रात कच्चे मकान गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लड़कियों की मौत हो गयी। सुल्तानपुर घोष थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अरविंद कुमार गौतम ने गुरुवार को बताया कि बुधवार आधी रात दरियापुर मजरे मोहम्मदपुर गौंती गांव में कच्चा मकान गिरने से उसके मलबे में दबकर राकेश लोधी की बेटियों तीया (18) और मुस्कान (तीन) की मौके पर मौत हो गयी। इस बीच, कल्यानपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि महरहा गांव में बुधवार रात भिखारी लाल (35) अपनी पत्नी सुनीता (30) एवं दो साल की बेटी कोमल के साथ अपने घर में सो रहा था, तभी करीब दो बजे उसका कच्चा मकान गिर गया। मलवा में तीनों दब गए। एसएचओ ने बताया कि मकान गिरने की आवाज सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे और तीनों को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक कोमल की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि घायल दंपत्ति (भिखरी लाल और सुनीता) को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
- गाजियाबाद । गाजियाबाद में ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के कासिम विहार कॉलोनी में एक फर्नीचर निर्माता और उसका बेटा अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना बुधवार और बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात की है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान नईम-उल-हसन और उसके बेटे ओवेश के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि शवों को हसन के भतीजे अरबाज ने देखा, जिसने घर के अंदर दोनों को खून से लथपथ पाया।उन्होंने बताया कि इस संबंध में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।कुमार ने बताया कि हमलावरों ने पीड़ितों का गला रेत दिया और उन पर चाकुओं से भी हमला किया।अधिकारी ने बताया कि हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई हैं। यह लूट का मामला नहीं है क्योंकि घर से कुछ भी चोरी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि हसन की पत्नी अन्य बच्चों के साथ मायके गई थी।एक अन्य घटना में इंदिरा पुरम के कनवानी गांव के पास एक सुनसान इलाके में 30 वर्षीय एक महिला का शव पड़ा मिला। पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उसकी हत्या की गई और उसके शव को यहां फेंक दिया गया, उसकी पहचान करने के प्रयास जारी हैं। एसएसपी ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।-file photo
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान क्वाड समूह के नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे तथा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन एवं समूह के अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को साप्ताहिक संवादददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को वाशिंगटन में क्वाड समूह की बैठक में उपस्थित रहेंगे । इसके बाद 25 सितंबर को वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 76वें सत्र के एक उच्च स्तरीय खंड को भी संबोधित करेंगे । '' उन्होंने बताया कि वाशिंगटन में प्रधानमंत्री मोदी जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे ।प्रधानमंत्री मोदी 24 सितंबर को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उल्लेखनीय है कि क्वाड समूह में अमेरिका, भारत, आस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। अमेरिका क्वाड समूह की बैठक कर रहा है जिसमें समूह के नेता हिस्सा लेंगे। इसके जरिये अमेरिका हिन्द प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और समूह के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने का मजबूत संकेत देना चाहता है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 की बूस्टर खुराक इस समय वैज्ञानिक चर्चा के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्रीय विषय नहीं है और दो खुराक प्राप्त करना मुख्य प्राथमिकता है। एक प्रेस ब्रीफिंग में सवाल का जवाब देते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि दोनों खुराक देना नितांत आवश्यक है और इसमें किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए। भार्गव ने कहा, “हमें एक बात बहुत स्पष्ट रूप से याद रखने की जरूरत है कि बूस्टर खुराक इस समय वैज्ञानिक चर्चा के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्रीय विषय नहीं है। दो खुराक प्राप्त करना अहम प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा, “कई एजेंसियों ने अनुशंसा की है कि एंटीबॉडी के स्तर को नहीं मापा जाना चाहिए...लेकिन महत्वपूर्ण समझ यह है कि दोनों खुराक का पूर्ण टीकाकरण नितांत जरूरी है और इसे किसी तरह बाधित नहीं होना चाहिए।” केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत की 20 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं जबकि 62 प्रतिशत को टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। इसके साथ ही 99 प्रतिशत स्वास्थ्य देखभालकर्मियों को टीके की पहली खुराक और 82 प्रतिशत पात्र स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी है। भूषण ने कहा कि अग्रिम पंक्ति के शत प्रतिशत कर्मियों को पहली खुराक दी जा चुकी है जबकि 78 प्रतिशत को दूसरी खुराक भी मिल चुकी है। अब तक पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों – सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, गोवा, चंडीगढ़ और लक्ष्यद्वीप- की संपूर्ण वयस्क आबादी को टीके की कम से कम पहली खुराक दी जा चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, एक महीने में दी जाने वाली टीके की औसत दैनिक खुराक मई में 19.69 लाख से बढ़कर जून में 39.89 लाख, फिर जुलाई में 43.41 लाख और अगस्त में 59.19 लाख हो गई है। भूषण ने कहा कि सितंबर के पहले 15 दिनों में औसत दैनिक टीकाकरण प्रतिदिन 74.40 लाख रहा है।-
- नई दिल्ली। देश में इस वर्ष मानसून लंबे समय तक जारी रह सकता हैं, क्योंकि सितंबर के अंत तक उत्तर भारत में बारिश में कमी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून उत्तर पश्चिम भारत से तभी वापस होता है जब लगातार पांच दिनों तक इलाके में बारिश नहीं होती है। निचले क्षोभ मंडल में चक्रवात रोधी वायु का निर्माण होता है और आद्र्रता में भी काफी कमी होना आवश्यक है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ''अगले दस दिनों तक उत्तर भारत से मॉनसून की वापसी के संकेत नहीं दिख रहे हैं।'' आईएमडी ने पिछले वर्ष भी उत्तर पश्चिम भारत से मानसून की वापसी की तारीख संशोधित की थी। पिछले कुछ वर्षों से मानसून की वापसी में विलंब होने के रूख को देखते हुए यह किया गया था। दक्षिण पश्चिम मानसून पहले राजस्थान से वापस होना शुरू होता है। संशोधित तिथि के अनुसार, यह 17 सितंबर से जैसलमेर से वापस होना शुरू होता है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने 2017, 2018, 2019 और 2020 में विलंब से वापसी शुरू की। मानसून के विलंब से वापस जाने का मतलब होता है कि ठंड भी देर से पड़ती है। आधिकारिक रूप से दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून से शुरू होता है और 30 सितंबर तक रहता है।---
- नयी दिल्ली। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की हाल में हुई एक बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि फ्लू एवं कोविड-19 के लक्षण एक जैसे हैं और दिल्ली सरकार को कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रण में रखने के लिए व्यापक जांच जारी रखनी चाहिए। उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली में महामारी की स्थिति पर चर्चा की गई और परामर्श दिया गया कि राष्ट्रीय राजधानी में महामारी रोधी रणनीति जारी रखी जानी चाहिए। बैठक के विवरण के अनुसार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक डॉक्टर सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले पिछले कुछ समय से 100 से कम रहे हैं। सिंह ने 27 अगस्त को हुई बैठक में कहा कि शाहदरा जिले में मामलों की वृद्धि की वजह का पता लगाया जाना चाहिए। बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वी के पॉल ने कहा कि इन्फ्लुएंजा और कोविड-19 के लक्षण लगभग एक जैसे हैं, इसलिए संपर्कों का पता लगाने एवं इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी और गंभीर श्वसन बीमारी से संबंधित सर्वेक्षण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। वहीं, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने भी कहा कि दिल्ली में व्यापक जांच जारी रखी जानी चाहिए क्योंकि इन्फ्लुएंजा और कोविड-19 के लक्षण एक जैसे हैं।
- मधेपुरा (बिहार) । जिले के चौसा थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव में बृहस्पतिवार दोपहर मवेशी के लिए चारा काटने गए पांच बच्चों की पानी भरे खड्ड में डूबने से मौत हो गई। चौसा के अंचल अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान ललित कुमारी (10), नैंसी कुमारी (12), कृष्ण कुमार (10), लक्ष्मी कुमारी (12) और अस्मिता कुमारी (10) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि मृतक बच्चों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
- बलिया (उप्र) । उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक तालाब में डूबने से दो किशोरों की मौत हो गयी। दोनों के शव बृहस्पतिवार सुबह बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले चेतन किशोर गांव में दो दोस्त तेजस कुमार (14) और विशाल चौहान (12) एक तालाब में नहाते समय डूब गए। दोनों के शव बृहस्पतिवार सुबह तालाब में मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तथा दोनों शवों को पंचायत नामा कर परिजनों को सौंप दिया।-file photo
- नयी दिल्ली। आगामी त्योहारी मौसम के मद्देनजर सरकार ने बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण में वृद्धि के प्रति आगाह करते हुए वैक्सीन स्वीकृति, कोविड-19 अनुकूल आचरण, जिम्मेदार के साथ यात्रा और जिम्मेदारीपूर्वक त्योहार मनाने का आह्वान किया। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक अधिकारी ने कहा, “कुल मिलाकर कोविड-19 मामलों में स्थिरता है और केरल में भी मामलों में गिरावट दर्ज की गई है...आने वाले दो-तीन महीनों में, हमें सतर्क रहने की जरूरत है कि कोई उछाल न आए... यह त्योहारों का भी वक्त है और वह समय भी है जब संक्रामक जुकाम के मामले भी बढ़ते हैं…हम सभी से अनुरोध करते हैं कि सतर्क रहें और उस लाभ को बरकरार रखें जो हमनें (महामारी प्रबंधन में) हासिल किया है।” आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा, अचानक से जनसंख्या घनत्व बढ़ना वायरस के प्रसार के लिए बेहद अनुकूल अवस्था होती है। यदि जनसंख्या घनत्व में अचानक वृद्धि होती है तो वायरस इसे प्रसार के लिहाज से बहुत उपयोगी पाता है, इसलिए समय की मांग है- वैक्सीन स्वीकृति, कोविड-उपयुक्त व्यवहार, जिम्मेदार यात्रा और जिम्मेदारीपूर्वक उत्सव मनाना।” सरकार ने कहा कि भारत की 20 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं जबकि 62 प्रतिशत को टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। सरकार के मुताबिक देश के 34 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ज्यादा है जबकि 32 जिलों में यह आंकड़ा पांच से 10 प्रतिशत के बीच है। सरकार ने कहा कि भारत में पिछले हफ्ते सामने आए कोविड-19 के कुल मामलों में से 67.79 प्रतिशत केरल से सामने आए और यह देश का एक मात्र राज्य है जहां संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से ज्यादा है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा, “कुल मिलाकर स्थिरता है और केरल में भी मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। मिजोरम को लेकर जरूर चिंता है लेकिन हमें उम्मीद है कि तेजी से टीकाकरण से स्थिति में सुधार होगा तथा महामारी प्रतिक्रिया प्रभावी है।” उन्होंने कहा, “आने वाले दो-तीन महीनों में हमें सतर्क रहने की जरूरत है कि कोई बढ़ोतरी न हो और पता चलने पर इसे कम किया जा सके। जब लोग अनुमान लगाते हैं कि चुनौती कब बढ़ेगी तो वे अक्टूबर और नवंबर को उन महीनों के रूप में इंगित करते हैं और यह त्योहारों का मौसम है तथा इसके साथ ही इस समय संक्रामक जुकाम के मामले भी बढ़ते हैं… तो आने वाली तिमाही में हम सभी से सावधान रहने और उस लाभ को बरकरार रखने का अनुरोध करते हैं जो हमने हासिल किया है।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 30,570 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,33,47,325 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 3,42,923 रह गई है। मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में 431 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,43,928 हो गई।
- राजगढ़ (मध्य प्रदेश) । जिले में तेज रफ्तार ऑटो रिक्शा अनियंत्रित हो पलटकर सामने आ रही जीप से टकरा गयी। दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि हादसा जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 पर कोतवाली थाना क्षेत्र के किशनगढ़ गांव के पास हुआ। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, एक आवारा कुत्ते को बचाने के प्रयास में ऑटो रिक्शा चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और वह पलट कर विपरीत दिशा से आ रही जीप से टकरा गया। एसपी ने बताया कि ऑटो रिक्शा में सवार पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान पार्वतीबाई (60), संतरा बाई (45), मोहर सिंह (50), प्रभु लाल तंवर (45) और पन्नालाल (65) के रुप में हुई है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल हुए दो लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि हादसे में हताहत हुए सभी लोग राजगढ़ के रहने वाले हैं।
- इंदौर। मध्यप्रदेश में इंदौर के एक व्यस्त चौराहे के ट्रैफिक सिग्नल पर एक युवती के नाचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर परेशानी उत्पन्न करने वाला काम करने के आरोप में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने युवती के इस कृत्य को गलत ठहराते हुए पुलिस अफसरों को उचित कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। विजय नगर पुलिस थाने के प्रभारी तहजीब काजी ने गुरुवार को बताया कि शहर के व्यस्त रसोमा चौराहे पर हाल में नाचते हुए वीडियो बनाने वाली श्रेया कालरा के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 290 (सार्वजनिक स्थान पर परेशानी उत्पन्न करने वाला काम करने) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि इस कानूनी प्रावधान के तहत मुजरिम पर महज 200 रुपये तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह संबंधित वीडियो 30 सेकंड का है। इसमें काला मास्क, टोपी और इसी रंग के कपड़े पहनी युवती रसोमा चौराहे के ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती के समय जेबरा क्रॉसिंग पर खड़ी होकर अंग्रेजी गाने "लेट मी बी योअर वुमन" के एक हिस्से पर नाचती दिखाई दे रही है। मामले के तूल पकडऩे के बाद कालरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी है।युवती ने कहा, रसोमा चौराहे पर नृत्य का वीडियो बनाने के पीछे मेरा मुख्य मकसद यातायात के इस नियम के बारे में जागरुकता फैलाना था कि लाल बत्ती के समय वाहन चालक ट्रैफिक सिग्नल पर नियत स्थान पर रुकें ताकि पैदल चल रहे लोग जेबरा क्रॉसिंग के जरिये आसानी से सड़क पार कर सकें।" कालरा ने कहा, "मेरे वीडियो पर मुझे कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं, तो कुछ लोग इसे गलत तरीके से भी पेश कर रहे हैं।"राज्य के गृह मंत्री मिश्रा ने बुधवार को ट्वीट किया था कि ट्रैफिक सिग्नल पर वीडियो बनाने के पीछे युवती का भाव भले ही कुछ भी रहा हो, लेकिन उसका तरीका गलत था और इस तरह के चलन को आगे बढऩे से रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई जरूरी है। सोशल मीडिया पर कई लोग यह भी कह रहे हैं कि ट्रैफिक सिग्नल पर नाचते हुए वीडियो बनाने के बाद इसे सोशल मीडिया पर डालकर युवती ने प्रचार पाने की कोशिश की है। इस बीच, महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई की अध्यक्ष अर्चना जायसवाल ने इस वीडियो को लेकर युवती पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने को प्रदेश सरकार का गलत कदम करार दिया है। उन्होंने कहा, "युवती ने ट्रैफिक सिग्नल पर वीडियो बनाकर कोई संगीन अपराध नहीं किया। पुलिस को उसे हिदायत देकर छोड़ देना चाहिए था।--
- नयी दिल्ली। मिजोरम और केरल सहित कुछ राज्यों में दस साल से कम उम्र के बच्चों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच विशेषज्ञों ने गुरुवार को कहा कि यदि बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाएं, लेकिन उनमें बीमारी के लक्षण न हों एवं संक्रमण की स्थिति गंभीर न हो तो फिर ज्यादा चिंता की बात नहीं है। उन्होंने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि अधिक संख्या में बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत पडऩे सहित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जानी चाहिए और इंतजाम दुरुस्त किए जाने चाहिए।आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस साल मार्च से कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मामलों में दस साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मिजारेम, मेघालय, मणिपुर और केरल सहित कुछ राज्यों में बच्चों में संक्रमण के काफी मामले सामने आ रहे हैं। मिजोरम में मंगलवार को कोविड-19 के अब तक सर्वाधिक 1,502 नए मामले सामने आए जिनमें 300 बच्चे भी शामिल हैं। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी परामर्श समूह (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष डॉक्टर एन के अरोड़ा ने कहा, ''यदि बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाते हैं, लेकिन उनमें लक्षण (बीमारी के) नहीं हैं तो यह ज्यादा घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि देश में हुए विभिन्न सीरो सर्वेक्षण के अनुसार बच्चे भी बड़ों जितने ही प्रभावित होते हैं।'' अरोड़ा ने कहा कि बच्चों में लक्षणयुक्त मामलों का अनुपात बहुत कम है और गंभीर संक्रमण का जोखिम भी बहुत सामान्य नहीं है। वहीं, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जैसे ही प्रतिबंध हटाए जाते हैं और परिवार अपने बच्चों के साथ बाहर घूमना शुरू करते हैं, तो कोविड से मुक्त रहे बच्चे संक्रमित होंगे तथा ''यह संख्या में दिखेगा।'' उन्होंने कहा, ''लेकिन इसका मतलब बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पतालों में भर्ती होने या कोविड-19 की वजह से मौत नहीं है। अधिकतर बच्चों में लक्षण नहीं होंगे और उनमें मामूली बीमारी होगी। इसलिए बढ़ती संख्या चिंता की बात नहीं है। हालांकि, हमें अधिक संख्या में बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत पडऩे सहित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
- नई दिल्ली। वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी यूट्यूब ने कहा कि भारत में इस साल मई में दो करोड़ से अधिक लोगों ने अपने टीवी स्क्रीन पर यूट्यूब को देखा, जो पिछले साल की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है।गूगल के स्वामित्व वाले मंच ने यह भी बताया कि यूट्यूब के दर्शकों की बढ़ती संख्या हिंदी, तमिल, तेलुगु और अन्य भारतीय भाषाओं में कंटेंट देखना पसंद करती है। गूगल इंडिया कंट्री मैनेजर और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा, पहले ही दो करोड़ से अधिक ऐसे उपभोक्ता हैं, जो कनेक्टेड टीवी पर कंटेंट देख रहे हैं। इसलिए, कंटेंट की खपत, सामग्री की विविधता, सामग्री निर्मात ... की यह क्रांति केवल मोबाइल फोन तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी परिघटना है, जो मोबाइल फोन और कनेक्टेड टीवी, दोनों पर घटित हो रही है। उन्होंने कहा कि गूगल भारत को एक अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, और यूट्यूब तथा डिजिटल वीडियो इस यात्रा को आकार देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।यूट्यूब पार्टनरशिप के निदेशक सत्य राघवन ने कहा कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता भरोसेमंद कंटेंट/ सूचना के स्रोतों के लिए और नए कौशल सीखने के लिए वीडियो का उपयोग करते हैं। राघवन ने कहा कि भारत में 85 प्रतिशत वीडियो दर्शकों ने कहा कि कोविड-19 के बाद से उन्होंने पहले से कहीं अधिक यूट्यूब का उपयोग किया है।
- गांधीनगर। गुजरात विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी और भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष जीतू वघानी समेत 24 मंत्रियों ने गुरुवार को यहां गुजरात सरकार के मंत्रियों के तौर पर शपथ ग्रहण की।पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व वाले पूर्ववर्ती मंत्रिमंडल के किसी मंत्री को नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 10 कैबिनेट मंत्रियों और 14 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई, जिनमें पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री शामिल हैं। राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ग्रहण करने वाले भूपेंद्र पटेल राजभवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान रूपाणी के साथ मौजूद थे।कैबिनेट मंत्रियों के रूप में राजेंद्र त्रिवेदी, जीतू वघानी, ऋषिकेश पटेल, पूर्णेश मोदी, राघवजी पटेल, कनुभाई देसाई, किरीट सिंह राणा, नरेश पटेल, प्रदीप परमार और अर्जुन सिंह चौहान ने शपथ ली। उल्लेखनीय है कि इनमें त्रिवेदी, राणा और राघवजी पटेल पहले भी मंत्री रहे हैं।वहीं, नौ राज्य मंत्रियों में मुकेश पटेल, निमिशा सुतार, अरविंद रैयानी, कुबेर डिंडोर, कीर्ति सिंह वाघेला, गजेंद्र सिंह परमार, आर सी मकवाना, विनोद मोरादिया और देव मालम शामिल हैं। शपथ ग्रहण से पहले ये कयास लगाये जा रहे थे कि नितिन पटेल, भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा, कौशिक पटेल, प्रदीपसिंह जाडेजा और आर सी फल्दू जैसे रूपाणी मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों को नये मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सकता है।भाजपा ने पुराने मंत्रियों को न दोहराने का फार्मूला अपनाते हुए रूपाणी मंत्रिमंडल के किसी सदस्य को नहीं शामिल किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नया दिखने वाले मंत्रिमंडल के साथ 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले एक प्रभाव छोडऩा चाहती है।पाटीदार समुदाय के नेता भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री पद के लिए चुनने के बाद भाजपा ने पटेल और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) में प्रत्येक से छह, अनुसूचित जाति से चार, अनुसूचित जनजाति से तीन, ब्राह्मण और क्षत्रिय से दो-दो तथा जैन समुदाय से एक सदस्य को मंत्री पद दिया है।
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नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को केंद्र द्वारा संचालित राममनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) का औचक निरीक्षण कर विभिन्न विभागों के कामकाज की जानकारी ली। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री दोपहर करीब दो बजकर 15 मिनट से ढाई घंटे तक यहां रहे और आपात विभाग, ट्रॉमा केंद्र, ओपीडी भवन, मरीज वॉर्ड, दवाखाना और कैंटीन समेत अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें दूर करने के उपायों पर बातचीत की। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में मंत्री नियमित मरीज की तरह साउथ एवेन्यू के सीजीएचएस चिकित्सालय गए और वहां ड्यूटी पर तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तारीफ करते हुए बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने उनकी दिक्कतों को सुना और उनका अच्छे से इलाज किया। इससे पहले मंत्री ने एम्स और सफदरजंग अस्पताल का भी निरीक्षण किया था। -
नई दिल्ली। दिल्ली से गोंडा जा रही एक प्राइवेट बस बुधवार रात 1 बजे इटावा जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस में सवार 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 यात्री घायल हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि हादसा थाना सैफई क्षेत्र में तिमारुआ कट पर हुआ है। हादसे के कारण दो घंटे तक एक्सप्रेस वे पर आवागमन बंद रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों के समुचित इलाज के लिए अफसरों को निर्देश दिया है। बस में 65 यात्री सवार थे। हादसे में मृतकों की शिनाख्त बस ड्राइवर प्रतापगढ़ के दिलीप शुक्ला और गोंडा के किशन शुक्ला के रूप में हुई है। घायलों को सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। 6 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मृतकों के परिवार वालों को सूचित कर दिया गया है। -
नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा में आज सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली छात्रा का कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। मामला बादलपुर थाना क्षेत्र का है। जिस लड़की का अपहरण हुआ है वो बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा है।
पुलिस ने बताया कि एक शख्स ने बताया कि उनकी दो बेटियां सुबह 5 बजे घर से मॉर्निंग वॉक पर निकली थी। रेलविहार अच्छेजा के पास लगभग 6 बजे एक सफेद रंग की वैन में सवार लोगों ने उन्हें रोका और छेड़छाड़ करने लगे। जब लड़की ने शोर मचाया तो वैन सवार बदमाशों ने पहले उनकी छोटी बेटी को किडनैप करने की कोशिश की, लेकिन छोटी बेटी बदमाशों के चंगुल से छूटकर भाग खड़ी हुई। तभी 20 वर्षीय बड़ी बेटी को वैन सवार बदमाशों ने वैन में खींच लिया और उसका अपहरण करके ले गए। अपहरण की सूचना मिलने पर परिजनों ने नेशनल हाईवे-91 को जाम कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को जैसे तैसे शांत कराया और इस मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीडि़त की तरफ से बादलपुर कोतवाली में अपहरण का केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।-file photo
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पटना। झारखंड के रामगढ़ में धनबाद-रांची हाईवे पर हुए हादसे में चार जिंदा जले फुलवारी शरीफ के 2 दोस्त के गांव में बुधवार को चूल्हे नहीं जले।
पुलिस ने बताया कि फुलवारी शरीफ बोचाचक से आलोक कुमार की वैगनआर कार से ब्रह्मपुर से राज किशोर राय एवं मुन्ना राय और रानीपुर से गोलू कुमार मंगलवार की दोपहर रजरप्पा मंदिर के लिए निकले थे। इस बीच धनबाद सड़क हादसे की सूचना बुधवार की सुबह इनके घरों पर पहुंची। सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ के बोचाचक, रानीपुर और ब्रह्मपुर गांवों में मातमी सन्नाटा छा गया। ब्रह्मपुर के 35 वर्षीय राज किशोर राय फुलवारी शरीफ के आसपास जमीन का कारोबार करते थे। पिता की मौत की खबर सुनकर राज किशोर राय के दोनों बेटे सुमित कुमार और साहिल कुमार पूरी तरह टूट गए। अबोध बच्चों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। राज किशोर राय के भाई विकास कुमार ने बताया कि मंगलवार को जब रजरप्पा के लिए निकले थे, तो सब बहुत खुश थे।
पुलिस के अनुसार मृतक मुन्ना राय के साला ने बताया कि उनकी दो बेटी चुलबुली, स्नेहा कुमारी, जबकि दो बेटे रवि शंकर 5 वर्ष और गौरी शंकर 2 वर्ष बार-बार पिता को याद करके बेहोश हो जा रहे हैं। चारों तरफ चीख-पुकार से पूरा गांव गम के माहौल में डूबा है। गांव के लोगों ने बताया कि मुन्ना राय प्राइवेट गाड़ी के ड्राइवर था। अपनी छोटी कमाई से ही मुन्ना राय अपने और अपने परिवार का भरण-पोषण करते था। परिवार को संभालने वाला अब कोई नहीं है। - चेन्नई। तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में रहने वाली व एमबीबीएस की पढ़ाई करने की इच्छुक 17 वर्षीय छात्रा ने बुधवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक छात्रा को डर था कि वह राष्ट्रीय अर्हता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) उत्तीर्ण नहीं कर पाएगी। इसके साथ ही राज्य में गत चार दिन में नीट के तनाव से आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों की संख्या तीन हो गई है।12 सितंबर को सबसे पहले धनुष नामक उम्मीदवार ने आत्महत्या की थी जिस दिन राष्ट्रीय स्तर की यह परीक्षा हुई थी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और विभिन्न दलों के नेताओं ने मृतक छात्रा के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और विद्यार्थी समुदाय से अपील की है कि वे ऐसे कदम नहीं उठाएं। इसके साथ ही सरकार ने चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश को इच्छुक और नीट देने वाले विद्यार्थियों को परामर्श देने के लिए समर्पित टोल फ्री नंबर 104 की शुरुआत की है। पुलिस ने बताया कि वेल्लोर जिले के कटापड़ी के नजदीक थलयारामपट्टू गांव की रहने वाली सौंदर्या रविवार को आयोजित नीट में शामिल हुई थी और उसे डर था कि वह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएगी। कटापड़ी के पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की ने सुबह करीब साढ़े नौ बजे कमरे में साड़ी का फंदा बना फांसी लगा ली। उल्लेखनीय है कि नीट लागू होने के बाद से गत चार साल में सौंदर्या तमिलनाडु में 17वीं चिकित्सा पाठ्यक्रम की उम्मीदवार है जिसने आत्महत्या की है। स्टालिन ने कहा कि वह आत्महत्या की खबर सुनकर टूट गए हैं और केंद्र सरकार पर 'पत्थर दिल' होने का आरोप लगाया जो कथित तौर पर तमिलनाडु को नीट के दायरे से बाहर करने को तैयार नहीं है।
- नई दिल्ली। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को कहा कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर 17 सितंबर को चक्रवात बनने से पूर्वी भारत में भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने कहा कि उत्तर और मध्य भारत में गुरुवार तक काफी बारिश होने की संभावना है।आईएमडी ने कहा, ''उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर 17 सितंबर को एक चक्रवात विकसित होने की संभावना है। इसके 18-19 सितंबर को पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर ओडिशा-पश्चिम बंगाल के व्यापक क्षेत्रों में बारिश होने तथा छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश करने की संभावना है। '' इस हफ्ते की शुरूआत में, एक गहरे अवदाब से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई।आईएमडी ने कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और गुजरात में 16 सितंबर तक अधिक बारिश होने और उसके बाद इसमें कमी आने की संभावना है। विभाग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश को छोड़ कर उत्तर-पश्चिम भारत में 15 से 17 सितंबर तक छिटपुट या व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। हरियाणा में 16 सितंबर को, पश्चिम राजस्थान में 17-18 सितंबर को छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 सितंबर को छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
- नयी दिल्ली । भारत के शहरों में अमीरों और गरीबों के बीच खाई और गहरी हो रही है। एक सरकारी सर्वे के अनुसार, देश के शीर्ष 10 प्रतिशत शहरी परिवारों के पास औसतन 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि निचले वर्ग के परिवारों के पास औसतन सिर्फ केवल 2,000 रुपये की संपत्ति है। सरकार की तरफ से किया गया सर्वे दर्शाता है कि शहरों में गरीबों और अमीरों के बीच की वित्तीय अंतर लगातार बढ़ रहा है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा किए गए अखिल भारतीय ऋण और निवेश सर्वेक्षण-2019 के अनुसार ग्रामीण इलाकों में स्थिति शहरों की तुलना में थोड़ी बेहतर है। ग्रामीण इलाकों में शीर्ष दस प्रतिशत परिवारों के पास औसतन 81.17 लाख रुपये की संपत्ति है। वही निचले वर्ग के पास औसत के तौर पर केवल 41 हजार रुपये की संपत्ति है। सर्वेक्षण में कहा गया कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की स्थिति बेहतर है। शहरों में निचले वर्ग के घरों की औसत संपत्ति का आकार सिर्फ 2,000 रुपये है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) के 77वें दौर के तहत अखिल भारतीय ऋण और निवेश सर्वे किया गया है। यह सर्वे जनवरी-दिसंबर, 2019 के बीच किया गया था। इससे पहले यह 70वें के तौर पर 2013, 59वें दौर के तौर पर 2003 और 26वें दौर के रूप में 1971-72 में किया गया था। इस ऋण और निवेश सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य 30 जून, 2018 तक परिवारों की संपत्ति और देनदारियों को लेकर बुनियादी मात्रात्मक जानकारी एकत्र करना था। यह सर्वेक्षण ग्रामीण क्षेत्र के 5,940 गांवों में 69,455 परिवारों और शहरी क्षेत्र के 3,995 ब्लॉकों में 47,006 परिवारों के बीच किया गया।
- नयी दिल्ली । कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में नर्सो के योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि भारत में एक दिन में एक करोड़ से अधिक लोगों के टीकाकरण का अहम पड़ाव नर्सिंग कर्मियों के समर्पण और अथक प्रयासों के कारण ही संभव हुआ है । राष्ट्रपति ने नर्सिंग कर्मियों को डिजिटल माध्यम से नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान करने के अवसर पर यह बात कही । कोविंद ने कहा, ‘‘ नर्सों द्वारा निरंतर दी गयी मदद ने कोविड-19 महामारी से लड़ने में हमारी सहायता की। उनके निरंतर प्रयासों के कारण ही हमने अपनी आबादी के एक बड़े हिस्से का टीकाकरण करने का गौरव हासिल किया है।'' उन्होंने कहा कि हमारी कई नर्सो ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवायी और पुरस्कार प्राप्त करने वालों में से एक ने कोविड-19 के रोगियों का इलाज करते हुए अपनी जान गंवासी । राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ इस बलिदान के लिये देश हमेशा उनका (नर्सो) ऋृणी रहेगा ।''राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि सेवाओं और बलिदान का मूल्यांकन किसी भी आर्थिक लाभ के लिहाज से नहीं किया जा सकता है, फिर भी सरकार ने महामारी के दौरान नर्सों के योगदान का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिये सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को 50 लाख रुपये का एक व्यापक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवरेज देने के उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी): कोविड-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना' शुरू की है। राष्ट्रपति ने कहा कि नर्स और मिड वाइफ (दाई)अक्सर लोगों और स्वास्थ्य प्रणाली के बीच संपर्क का पहला बिंदु होती हैं। उन्होंने कहा कि नर्स और दाई न केवल स्वास्थ्य संबंधी सतत विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) को पूरा करने में योगदान करती हैं, बल्कि शिक्षा, लिंग संवेदीकरण और राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देती हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश में नर्सिंग कर्मी नवोन्मेषी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए खुद को ढाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब, जो लोग नर्सिंग में लगे हैं, वे विशिष्ट कौशल और दक्षता विकसित कर सकते हैं। सरकार ने दाइयों का नया कैडर बनाने के लिए 'मिडवाइफरी सर्विस इनिशिएटिव' शुरू की है। उन्हें नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफ (एनपीएम) कहा जाएगा जो अपेक्षित ज्ञान और दक्षताओं से लैस होंगी।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में मणिमहेश के चार तीर्थयात्री मृत मिले हैं। राज्य आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि तीन मृतकों की पहचान चम्बा के मोहल्ला माई का बाग निवासी अमन कुमार, गुजरात की हिमांगी, पंजाब के लुधियाना निवासी विनोद के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। मोख्ता ने बताया कि मणिमहेश झील के कुगाती कैलाश परिक्रमा मार्ग पर कमल कुंड के निकट ये तीर्थयात्री मृत मिले। भरमौर के एसडीएम ने बताया कि चार और सात सदस्यों वाले तीर्थ यात्रियों के दो समूह मणिमहेश झील की परिक्रमा के लिए गए थे। चार सदस्यों वाले पहले समूह के तीर्थयात्री कमल कुंड में मृत पाए गए और उनके शव को तलाश एवं बचाव दल ने बरामद किया। उनकी मौत की सटीक वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि दूसरे समूह का पता ढांचो में मिला और वे सभी सुरक्षित हैं।
- गोरखपुर (उप्र)। गोरखपुर जिले में बुधवार को मोटरसाइकिल और ऑटो रिक्शा के बीच हुई जबरदस्त टक्कर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुशीनगर जिले के निवासी फारुख अंसारी (35) अपनी पत्नी नगमा (29) और बेटी नूरजहां तथा पांच वर्षीय बेटे फैजल को लेकर मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पिपराइच-गोरखपुर मार्ग पर सुभान अली गांव के पास उनकी मोटरसाइकिल की एक ऑटो रिक्शा से जबरदस्त टक्कर हो गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे में फारुख, नगमा और नूरजहां की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल फैजल को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत स्थिर बताई जाती है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और ऑटो रिक्शा चालक की तलाश की जा रही है।














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