- Home
- विदेश
-
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ ‘‘न्यायसंगत व्यापार समझौते'' पर पहुंचने के ‘‘काफी करीब'' है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह भारत पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) को ‘‘एक समय'' कम कर देंगे। यह दो हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बार है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर मुहर लगने की उम्मीद जताई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उक्त बयान ट्रंप का सामान्य अतिशयोक्तिपूर्ण बयान था या दोनों पक्षों के बीच बहुप्रतीक्षित समझौते के लिए वार्ता में कुछ प्रगति हुई है। ट्रंप ने सोमवार को कहा, ‘‘हम भारत के साथ एक समझौता कर रहे हैं, यह पहले की तुलना में बहुत अलग है। इसलिए अभी वे मुझे पसंद नहीं करते लेकिन वे हमें फिर से पसंद करेंगे।'' उन्होंने ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान ये टिप्पणियां कीं, जहां उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका के नये राजदूत के रूप में शपथ दिलाई। ट्रंप ने भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा साझेदार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अमेरिका के “शानदार” संबंध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री मोदी के साथ शानदार संबंध हैं और सर्जियो गोर ने इस रिश्ते को और मजबूत किया है क्योंकि वह पहले से ही प्रधानमंत्री के साथ दोस्ताना संबंध रखते हैं। जब उन्हें पता चला कि सर्जियो भारत के राजदूत बनने वाले हैं तो वे लगातार संपर्क में रहते थे कि ‘आइए, इस व्यक्ति को जानें।' और उन्हें सर्जियो पसंद आए।'' ट्रंप ने कहा, ‘‘हम एक उचित समझौता कर रहे हैं, सिर्फ एक न्यायसंगत व्यापार सौदा। पहले हमारे पास काफी अनुचित व्यापार समझौते थे। भारत के लोग बहुत अच्छे वार्ताकार हैं, सर्जियो, इसलिए इस पर ध्यान रखना होगा।'' उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से कहा, ‘‘लेकिन हम काफी करीब पहुंच चुके हैं। स्कॉट, मेरा मानना है कि हम एक ऐसा सौदा करने के बहुत करीब हैं, जो सबके लिए अच्छा होगा।'' इस पर स्कॉट बेसेंट ने जवाब दिया, ‘‘बिल्कुल सही।''
ट्रंप ने कहा, “पहले क्या (पूर्व राष्ट्रपति जो) बाइडन ऐसा सवाल पूछते? मुझे नहीं लगता। वह पूछते कि ‘भारत के साथ क्या स्थिति है?' उन्हें भारत के बारे में कुछ पता नहीं था। खैर, कोई बात नहीं।'' जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह भारत के साथ व्यापार समझौते के तहत शुल्क कम करने पर विचार करेंगे, तो उन्होंने कहा, ‘‘अभी भारत पर बहुत भारी शुल्क लागू है, क्योंकि उन्होंने रूसी तेल खरीदा था। लेकिन अब उन्होंने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। रूसी तेल की खरीद में काफी कमी आई है। हां, हम जल्द ही इन शुल्कों को कम करने जा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी समय हम इन्हें कम करेंगे। बिना शुल्क के हमारा देश बहुत मुश्किल में पड़ जाएगा, जैसे कि पहले कई वर्षों तक रहा था।'' भारत और अमेरिका के संबंध हाल के महीनों में तनावपूर्ण रहे हैं क्योंकि ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिसमें रूसी तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क शामिल है। भारत ने इस कदम को ‘‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक'' बताते हुए कहा था कि उसकी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित पर आधारित है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर अब तक पांच दौर की वार्ताएं पूरी हो चुकी हैं। पिछले महीने नयी दिल्ली में एक अधिकारी ने बताया था कि दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं, क्योंकि अधिकतर मुद्दों पर दोनों पक्षों की सहमति बन चुकी है। अधिकारी ने कहा था कि अब दोनों देश समझौते के शब्दों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। ट्रंप ने कहा कि सर्जियो भारत में शानदार काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच संबंध ‘‘बेहद महत्वपूर्ण'' हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती मध्यवर्गीय आबादी वाला देश है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह वाकई एक अद्भुत देश है, 1.5 अरब की आबादी वाला। चीन के पास 1.4 अरब लोग हैं। ये दो बड़े देश हैं। राजदूत के रूप में सर्जियो हमारे देशों के रिश्ते को मजबूत करने, प्रमुख अमेरिकी उद्योगों और तकनीकों में निवेश बढ़ाने, ऊर्जा निर्यात में वृद्धि करने और सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए काम करेंगे।'' अक्टूबर में अमेरिकी सीनेट ने गोर की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। अगस्त में ट्रंप ने उन्हें भारत के अगले राजदूत और दक्षिण तथा मध्य एशिया मामलों के विशेष दूत के रूप में नामित किया था। -
बीजिंग/वाशिंगटन. अमेरिका, चीन, श्रीलंका, मालदीव, इजराइल, आयरलैंड और नेपाल ने मंगलवार को कहा कि भारत की राजधानी दिल्ली में विस्फोट में कम से कम 12 लोगों की जान चले जाने और कई अन्य के घायल होने से उन्हें ‘गहरा दुख' हुआ है। सोमवार शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से चल रही एक कार में यह शक्तिशाली विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में 12 लोगों की जान चली गयी जबकि कई अन्य घायल हो गये। इस घातक विस्फोट पर संवेदना व्यक्त करते हुए, अमेरिका ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
विदेश विभाग के दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने सोमवार को ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘नयी दिल्ली में हुए भयानक विस्फोट से प्रभावित लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति हमारी गहरी संवेदना है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।'' चीन ने दिल्ली में हुए बम विस्फोट पर दुख जताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम इस घटना से स्तब्ध हैं।'' उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने सोशल मीडिया पर लिखा, “दिल्ली में कल रात हुए विस्फोट की खबर से गहरा दुख हुआ। श्रीलंका भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। हमारी संवेदनाएं सभी प्रभावितों के साथ हैं।” मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा कि उन्हें विस्फोट में लोगों की मौत पर गहरा दुख हुआ है।
उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, “हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। मालदीव इस कठिन समय में भारत के लोगों और सरकार के साथ खड़ा है।” नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। नेपाल दुख की इस घड़ी में भारत के साथ खड़ा है।” इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत के लोगों, विशेषकर विस्फोट में मारे गए निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘इजराइल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है।''
आयरलैंड के उप-प्रधानमंत्री साइमन हैरिस ने कहा कि दिल्ली में हुए दुखद विस्फोट से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा, हमारी संवेदनाएं इस हमले में मारे गये लोगों के परिवारों, घायलों और उनके परिवारों के साथ हैं। इस कठिन समय में हम भारत के लोगों और सरकार के साथ अपना पूरा समर्थन एवं एकजुटता व्यक्त करते हैं।'' श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने भी भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “दिल्ली में कल रात हुए विस्फोट से उन्हें गहरा दुख हुआ। श्रीलंका भारत के लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है। हमारी संवेदनाएं सभी प्रभावितों के साथ हैं।” श्रीलंका में नेता प्रतिपक्ष सजित प्रेमदास ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि सभी को “आतंकवाद के इस जघन्य दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा, ‘‘ इस कायराना हमले से प्रभावित हुए लोगों के प्रति हमारी संवेदना है।'' -
काठमांडू। नेपाल में पर्यटक के रूप में आए और पिछले महीने से लापता एक भारतीय व्यक्ति और उसकी बेटी के शव रविवार को एक मठ के पास पहाड़ी इलाके से बरामद किए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के उप प्रवक्ता शैलेंद्र थापा ने बताया कि एपीएफ ने मनांग जिले के दिसयांग स्थित मालेरिपा मठ के पास से 52 वर्षीय जिग्नेस कुमार लल्लूभाई पटेल और उनकी 17 वर्षीय बेटी के शव बरामद किए। दोनों 20 अक्टूबर को दिसयांग स्थित ग्यालसेन होटल से कर्मचारियों को यह बताकर निकले थे कि वे मालेरिपा मठ जा रहे हैं। जब वे वापस नहीं लौटे, तो होटल के कर्मचारियों ने मनांग स्थित नेपाल पर्वतीय बचाव प्रशिक्षण स्कूल को सूचित किया और उन्हें ढूंढने में सहायता मांगी। प्रशिक्षण स्कूल द्वारा किए गए शुरुआती तलाशी अभियान से कोई नतीजा नहीं निकलने पर, डीएसपी हीरा बहादुर के नेतृत्व में एक प्रशिक्षित पर्वतीय बचाव दल को आवश्यक उपकरणों के साथ भेजा गया। टीम को मठ से लगभग 100 मीटर ऊपर बर्फ के नीचे दबे शव मिले। पुलिस ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि पर्यटक मठ में घूमने आए थे और फिर बेहतर दृश्य देखने के लिए पहाड़ी पर गए और दुर्घटना का शिकार हो गए।
- वाशिंगटन/ओटावा. दुनिया भर में भारतीय दूतावासों ने देश के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक समारोहों के साथ प्रवासी भारतीयों में एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रतिबिंबित किया। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित, वंदे मातरम को सबसे पहले उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया गया था और बाद में यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक नारा बन गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को इसकी 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में साल भर जारी रहने वाले स्मरणोत्सव का उद्घाटन किया। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सात नवंबर को भारतीय प्रवासी छात्रों द्वारा सामूहिक गायन के साथ इस मील के पत्थर को चिह्नित किया गया।ओटावा में, उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने भारतीय प्रवासी सदस्यों और उच्चायोग के अधिकारियों के साथ ‘वंदे मातरम' गायन का नेतृत्व किया। इस कार्यक्रम में ओडिसी नृत्य का प्रदर्शन भी किया गया। मिशन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस अमर स्तुति का सम्मान करते हुए, हम एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के प्रति अपने संकल्प की पुष्टि करते हैं।'' दोहा में, राजदूत विपुल ने एक कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन का नेतृत्व किया, जिसे दूतावास ने राष्ट्र को जोड़ने वाली देशभक्ति और एकता की भावना के प्रति एक सम्मान बताया। रियाद में, राजदूत सुहेल एजाज खान ने भारतीय समुदाय के साथ ‘वंदे मातरम' गायन में भाग लिया और कहा कि उन्हें मातृभूमि की भावना को महसूस करने पर ‘‘गर्व'' हो रहा है।कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने पर्थ में एक सामुदायिक सभा का आयोजन किया, जहां उच्चायुक्त डी. पी. सिंह ने राष्ट्रगीत गायन का नेतृत्व किया। मिशन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘इस सामूहिक गायन में आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार तीनों सेनाओं के अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा' की सभी महिला दल की सदस्य भी शामिल हुईं - जो समुद्र के पार भारत की भावना, एकता और नारी शक्ति के प्रति एक सम्मान है।'' लंदन में, उच्चायोग के अधिकारियों ने राष्ट्रगीत गाकर इसे मातृभूमि के लिए एक सम्मान बताया, जो भारत के लिए एकता, गौरव और प्रेम को प्रेरित करती रहती है। इसी तरह नेपाल, पेरू, चिली, अर्जेंटीना, कोलंबिया, दुबई, सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका सहित कई अन्य देशों के भारतीय मिशन ने भी राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गायन और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। भारत की संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को आधिकारिक तौर पर ‘वंदे मातरम' को राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को अपने भाषण में कहा कि वंदे मातरम ‘‘हमें हमारे इतिहास से जोड़ता है और हमारे भविष्य को नया साहस देता है''। इस गीत को हर युग में प्रासंगिक बताते हुए मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘जब दुश्मन ने आतंकवाद का इस्तेमाल करके हमारी सुरक्षा और सम्मान पर हमला करने का दुस्साहस किया, तो दुनिया ने देखा कि भारत दुर्गा का रूप धारण करना जानता है।''
- ह्यूस्टन. अमेरिका में अरकंसास राज्य की गवर्नर सारा हकाबी सैंडर्स और सैन एंटोनियो की मेयर जीना ऑर्टिज जोन्स ने इस महीने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ अलग-अलग समारोहों में दिवाली मनायी, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती सांस्कृतिक विविधता एवं बढ़ते संबंधों पर प्रकाश डाला गया। गवर्नर सैंडर्स ने चार नवंबर को लिटिल रॉक स्थित गवर्नर आवास में दिवाली कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत डी सी मंजूनाथ और समुदाय के सदस्य शामिल हुए। मंजूनाथ ने गवर्नर का आभार व्यक्त करते हुए भारत और अरकंसास के बीच ‘‘मजबूत और लोगों के बीच बढ़ते संपर्क, व्यापार और निवेश संबंधों'' पर जोर दिया। इससे पहले एक नवंबर को सैन एंटोनियो में वार्षिक दिवाली उत्सव आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में दीवाली रिवर परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शन और भारतीय व्यंजनों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। मेयर ऑर्टिज जोन्स ने कहा कि सांस्कृतिक उत्सव ‘‘एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।''
- न्यूयॉर्क. रत में जन्मी एवं अमेरिकी राजनीतिज्ञ गजाला हाशमी वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई हैं। वह राज्य के इस शीर्ष राजनीतिक पद पर निर्वाचित होने वाली पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई अमेरिकी बन गई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की हाशमी (61) को 1,465,634 वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के उनके प्रतिद्वंद्वी जॉन रीड को 1,232,242 वोट मिले। सामुदायिक संगठन ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड' ने वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर हाशमी को बधाई दी। वहीं, एबिगेल स्पैनबर्गर ऐतिहासिक रूप से पहली बार वर्जीनिया की गवर्नर चुनी गईं। डेमोक्रेटिक पार्टी की एबिगेल स्पैनबर्गर ने मंगलवार को वर्जीनिया के गवर्नर पद का चुनाव जीत लिया। उन्होंने रिपब्लिकन लेफ्टिनेंट गवर्नर विंसम अर्ल-सियर्स को शिकस्त दी है। न्यूजर्सी में भी गवर्नर पद के लिए चुनाव हुए जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के मिकी शेरिल ने रिपब्लिकन पार्टी के जैक सियाटारेली को हराया। सियाटारेली को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। शेरिल, सीमित कार्यकाल वाले डेमोक्रेटिक गवर्नर फिल मर्फी का स्थान लेंगे। 1961 के बाद यह पहली बार होगा जब न्यू जर्सी के गवर्नर के पद पर किसी एक पार्टी ने लगातार तीन बार जीत हासिल की हो।
-
न्यूयॉर्क. अमेरिका के कई राज्यों के प्रमुख शहरों में मंगलवार को मेयर पद के लिए चुनाव हुए जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने पसंदीदा नेता को चुना लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के लिए हुए चुनाव में देखने को मिला जिसमें भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने विजयी होकर इतिहास रच दिया। वह अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर पद पर आसीन होने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं। ममदानी ने 9,48,202 वोट (50.6 प्रतिशत) प्राप्त कर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर का चुनाव जीता, जिसमें 83 प्रतिशत वोट पड़े। वह कई महीनों से न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव की दौड़ में सबसे आगे थे और मंगलवार को उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा तथा दिग्गज नेता एवं न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराया, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। कुओमो को चुनाव की पूर्व संध्या पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त हुआ था। कुओमो को 7,76,547 वोट (41.3 प्रतिशत) मिले जबकि स्लिवा को 1,37,030 वोट मिले।
उनकी प्रचार टीम ने कहा था, ‘‘जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के कामकाजी वर्ग के लोगों के लिए जीवनयापन की लागत कम करने के वास्ते मेयर पद का चुनाव लड़ रहे हैं।'' युवा नेता ममदानी को युवाओं और कामकाजी वर्ग के न्यूयॉर्कवासियों के बीच भरपूर समर्थन मिला, जो देश में कठिन आर्थिक और राजनीतिक माहौल के बीच महंगाई और नौकरी की असुरक्षा के बोझ तले दबे हुए हैं। भारतीय मूल के ममदानी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं। उनका जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ था और सात साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क सिटी आ गए थे। ममदानी 2018 में ही अमेरिकी नागरिक बने थे। ओहायो के सिनसिनाटी शहर के मेयर पद के लिए भी मंगलवार को चुनाव हुए जिनमें डेमोक्रेट आफताब पुरेवैल ने रिपब्लिकन उम्मीदवार कोरी बोमैन को शिकस्त दी और इस पद पर अपना वर्चस्व बरकरार रखा। कोरी बोमैन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के सौतेले भाई हैं। पुरेवैल पहली बार 2021 में मेयर चुने गए थे। उन्होंने मई में सर्वदलीय नगरपालिका प्राइमरी में 80 प्रतिशत से ज़्यादा मतों से जीत हासिल की थी। मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने वकील के तौर पर सेवाएं दी थीं। जॉर्जिया राज्य की राजधानी अटलांटा के मेयर पद के लिए भी मंगलवार को चुनाव हुए जिसमें आंद्रे डिकेंस ने जीत हासिल की है। यह मेयर पद पर उनकी दूसरी जीत है। अटलांटा का मेयर पद दशकों से डेमोक्रेट्स के पास रहा है। डिकेंस ने तीन प्रतिद्वंद्वियों को हराकर 50 प्रतिशत से अधिक मतों के साथ यह पद जीता। वर्ष 2022 में पदभार ग्रहण करने से पहले, डिकेंस अटलांटा नगर परिषद में और एक तकनीक-आधारित गैर-लाभकारी संस्था के मुख्य विकास अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। पेनसिल्वेनिया राज्य के पिट्सबर्ग शहर के मेयर पद पर हुए चुनाव में डेमोक्रेट कोरी ओ'कॉनर ने जीत हासिल की है। ओ'कॉनर ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार टोनी मोरेनो को हराकर पिट्सबर्ग के मेयर का चुनाव जीता। एलेघेनी काउंटी के नियंत्रक ओ'कॉनर ने इस साल की शुरुआत में डेमोक्रेटिक प्राइमरी में मौजूदा मेयर एड गेनी को हराया था। वह पिट्सबर्ग के पूर्व मेयर बॉब ओ'कॉनर के बेटे हैं। वहीं, मैरी शेफ़ील्ड मिशिगन राज्य के डेट्रॉइट शहर की पहली महिला मेयर चुनी गई हैं। नगर परिषद अध्यक्ष मैरी शेफ़ील्ड डेट्रॉइट की नयी मेयर और शहर का नेतृत्व करने वाली पहली महिला होंगी। शेफ़ील्ड ने मंगलवार के आम चुनाव में लोकप्रिय मेगाचर्च पादरी रेव. सोलोमन किनलोच को हराया। वह जनवरी में पदभार ग्रहण करेंगी और तीन बार मेयर रह चुके माइक डुग्गन का स्थान लेंगी, जिन्होंने पिछले साल घोषणा की थी कि वह दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे। -
मनीला. मध्य फिलीपीन में कालमेगी तूफान के कारण 66 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 26 लापता हैं। अधिकतर लोगों की मौत भीषण बाढ़ में फंसने और तेज बहाव में बह जाने के कारण हुईं है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सेना ने बताया कि मृतकों में छह वैसे लोग भी शामिल हैं जो कालमेगी से प्रभावित प्रांतों को मानवीय सहायता पहुंचाने जा रहे फिलीपीन वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मंगलवार को मारे गये थे। यह हेलीकॉप्टर दक्षिणी अगूसन डेल सूर प्रांत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि इसके कारणों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। नागरिक सुरक्षा कार्यालय के उप प्रशासक और प्रांतीय अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश लोगों की मौत मध्य प्रांत सेबू में हुई, जहां मंगलवार को कालमेगी के कारण अचानक बाढ़ आ गई और नदियां उफान पर पहुंच गईं। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ के कारण आवासीय क्षेत्र जलमग्न हो गए, जिसकी वजह से घबराए निवासियों को अपनी छतों पर चढ़ना पड़ा। फिलीपीन के रेड क्रॉस को बचाव के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए, लेकिन आपातकालीन कर्मचारियों के जोखिम को कम करने के लिए जलस्तर घटने तक इंतजार करना पड़ा। नागरिक सुरक्षा कार्यालय ने बुधवार को बताया कि सेबू में कम से कम 49 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकतर बाढ़ में डूब गए तथा कुछ अन्य भूस्खलन और मलबे के गिरने से मारे गए। छब्बीस लोगों में से 13 लापता बताए गए हैं। सेबू की गवर्नर ने पामेला बारिकुआट्रो ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि तूफान से बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन इस दौरान अचानक बाढ़ आ गई। सेबू में आपदा से निपटने के लिए आपातकालीन कोष के तेजी से वितरण को ध्यान में रखते हुए आपदा की स्थिति घोषित कर दी गई है। सेबू 24 लाख से अधिक आबादी वाला प्रांत है। यह शहर अब भी 30 सितंबर को आए 6.9 तीव्रता के भूकंप से उबर रहा था, जिसमें कम से कम 79 लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। गवर्नर बारिकुआट्रो ने बताया कि भूकंप से विस्थापित उत्तरी सेबू के हजारों निवासियों को तूफान आने से पहले अस्थायी तंबुओं से निर्मित आश्रय स्थलों तक ले जाया गया था और भूकंप से तबाह हुए उत्तरी कस्बों में कालमेगी के कारण आई बाढ़ का असर कम हुआ।
- काठमांडू. नेपाल में हिमस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में दो नेपाली गाइड सहित कम से कम नौ पर्वतारोहियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस उपाधीक्षक ज्ञान कुमार महतो ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे गौरीशंकर ग्राम पालिका के अंतर्गत माउंट यालुंग री (6,920 मीटर) के निकट चोटी पर चढ़ने का प्रयास करते समय हुए हिमस्खलन में सात पर्वतारोही दफन हो गए। उन्होंने बताया कि सात पर्वतारोहियों के शव निकालने के लिए संयुक्त बचाव अभियान चलाया गया है।मृत पर्वतारोहियों में दो नेपाली, दो इतालवी- पाओलो कोको और मार्को डि मार्सेलो, एक कनाडाई, एक फ्रांसीसी और एक जर्मन शामिल हैं। तीन नेपाली और दो फ्रांसीसी नागरिक घायल भी हुए हैं और उन्हें हेलीकॉप्टर से काठमांडू के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मामूली रूप से घायल चार अन्य पर्वतारोहियों को भी घटनास्थल से निकाल लिया गया। एक अलग घटना में, दो इतालवी पर्वतारोही, स्टेफानो फैरोनाटो और एलेसेंड्रो कैपुटो 28 अक्टूबर को भारी बर्फबारी के बाद से लापता थे और वे मनास्लू क्षेत्र में माउंट पनबारी (6,887 मीटर) के कैंप में अपने तम्बू में मृत पाए गए। पुलिस ने बताया कि उनके शव मंगलवार को 5,242 मीटर की ऊंचाई से बरामद किये गये।उनके साथ फंसे एक अन्य इतालवी पर्वतारोही वेल्टर पैरालियन को रविवार को बचा लिया गया।इस बीच, नेपाल पर्यटन बोर्ड ने नेपाल के हिमालय में पर्वतारोहियों की मौत पर शोक संदेश जारी किया है।बोर्ड ने कहा, “हिमस्खलन में हुई दुखद जनहानि से हम बेहद दुखी हैं। यालुंग री पर्वत के सात पीड़ितों के परिवारों और मित्रों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं।
- मनीला. । फिलीपीन में चक्रवात ‘कालमेगी' के कारण कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से अधिकतर लोगों की जान चक्रवात के चलते आई बाढ़ की वजह से गई। आपदा प्रतिक्रिया विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह चक्रवात मंगलवार को देश के मध्य भाग में तेजी से आगे बढ़ा और व्यापक तबाही मचाई। चक्रवात के चलते बाढ़ के पानी से घिर जाने के बाद कई लोग अपनी-अपनी छतों पर फंसे हुए हैं, जबकि कई कारें पानी में डूब गईं। एक अलग घटना में पांच सैन्यकर्मियों को लेकर जा रहा फिलीपीन की वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर दक्षिणी अगुसन देल सुर प्रांत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हेलीकॉप्टर ‘कालमेगी' से प्रभावित प्रांतों में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए उड़ान भर रहा था। सेना की पूर्वी मिंडानाओ कमान ने एक बयान में कहा, ‘‘सुपर ह्युए हेलीकॉप्टर दक्षिणी अगुसन डेल सुर प्रांत के लोरेटो शहर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर सवार वायुसेना के उन कर्मचारियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं, जिन्हें तूफान से प्रभावित प्रांतों में मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैनात किया गया था।'' सैन्य अधिकारियों ने दुर्घटना के बारे में अन्य विवरण तुरंत नहीं दिए, जिसमें हेलीकॉप्टर में सवार वायुसेना के पांच कर्मचारियों की स्थिति और दुर्घटना के संभावित कारण शामिल हैं। ‘कालमेगी' के कारण अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है और व्यापक स्तर पर बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण कुछ गांवों में लोग छतों पर फंसे हैं। ‘कालमेगी' को आखिरी बार मध्य गुइमारास प्रांत के जॉर्डन शहर के तटीय जलक्षेत्र में 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली निरंतर हवा और 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज गति वाले झोंके के साथ देखा गया। पश्चिमी प्रांत पलावन से टकराने के बाद मंगलवार देर रात या बुधवार तड़के इसके दक्षिण चीन सागर की तरफ बढ़ जाने का अनुमान था। नागरिक सुरक्षा कार्यालय के उप-प्रशासक बर्नार्डो राफेलिटो एलेजांद्रो चतुर्थ ने बताया कि कम से कम 26 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें से कई लोग सेबू प्रांत और अन्य मध्य द्वीपीय प्रांतों में आई बाढ़ के कारण मारे गए हैं। यह ‘कालमेगी' चक्रवात इस साल फिलीपीन द्वीपसमूह पर आया 20वां उष्णकटिबंधीय चक्रवात था। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी लेयटे में एक वृद्ध ग्रामीण बाढ़ के पानी में डूब गया। वहां पूरे प्रांत में बिजली गुल होने की खबर है, जबकि मध्य बोहोल प्रांत में एक गिरे हुए पेड़ की चपेट में आने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। मध्य सेबू प्रांत में तीन अन्य लोगों की मौत हो गई, जहां अधिकारियों ने कई कस्बों और गांवों में बाढ़ आने की जानकारी दी है। फिलीपीन में रेड क्रॉस के महासचिव ग्वेन्डोलिन पैंग ने कहा कि सेबू के तटीय शहर लिलोन में बाढ़ के पानी के कारण अनिश्चित संख्या में निवासी अपनी छतों पर फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि कारें या तो बाढ़ में डूब गईं या बहकर सेबू के अन्य इलाके में चली गई हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें बहुत सारी कॉल आ रही हैं। लोग छतों और घरों से बचाव की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन फिलहाल यह संभव नहीं है। चारों तरफ मलबा है और गाड़ियां तैर रही हैं। हमें बाढ़ का पानी कम होने का इंतज़ार करना होगा।'' इससे पहले नवंबर 2013 में आए ‘हैयान' चक्रवात में 7,300 से अधिक लोग मारे गए थे या लापता हो गए थे और लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि समुद्री चक्रवात के तट पर पहुंचने से पहले पूर्वी फिलीपीन के प्रांतों में 1.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने तीन मीटर तक ऊंची समुद्री लहरें, भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
-
लंदन/ नयी दिल्ली. हिंदुजा समूह के चेयरमैन जी.पी. हिंदुजा वास्तव में और ब्रिटिश-भारतीय समुदाय के सच्चे शुभचिंतक एवं मार्गदर्शक थे और उनका निधन एक युग का अंत है। उनके एक करीबी सहयोगी ने मंगलवार को एक शोक संदेश में यह बात कही। हिंदुजा का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद लंदन में निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे।
हिंदुजा के करीबी सहयोगी लॉर्ड रामी रेंजर ने कहा, “बहुत दुख के साथ यह साझा कर रहा हूं कि हमारे प्रिय मित्र जी.पी. हिंदुजा अब हमारे बीच नहीं रहे। वह अत्यंत विनम्र, उदार और समुदाय के सच्चे शुभचिंतक थे। उनका जाना वास्तव में एक युग का अंत है।” व्यापार जगत में जी.पी. हिंदुजा के नाम से चर्चित रहे गोपीचंद परमानंद हिंदुजा ब्रिटेन के सबसे समृद्ध भारतीय मूल के उद्योगपतियों में शामिल थे। ‘संडे टाइम्स' की अमीर लोगों की सूची में हिंदुजा परिवार लगातार चौथे वर्ष शीर्ष पर रहा। उसकी अनुमानित संपत्ति 35.3 अरब पाउंड (लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई थी। जी.पी. हिंदुजा भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संबंधों की मजबूती के पैरोकार थे। वह अक्सर व्यावसायिक मंचों पर भारतीय बाजार में निवेश को बढ़ावा देने की अपील करते थे। उनके बड़े भाई और समूह के सह-चेयरमैन एस.पी. हिंदुजा का मई, 2023 में निधन हो गया था। -
काबुल. उत्तरी अफगानिस्तान में रविवार देर रात 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया जिससे कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक अन्य लोग घायल हो गए। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के खुल्म से 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में 28 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप स्थानीय समयानुसार रविवार रात 12 बजकर 59 मिनट पर आया। सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान ने बताया कि भूकंप में कम से कम 20 लोग मारे गए और 320 लोग घायल हो गए। अफगानिस्तान की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया कि अधिकतर घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें प्रारंभिक उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बचाव और आपातकालीन सहायता दल रविवार रात आए भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित बल्ख और समांगन प्रांतों में पहुंच गए हैं तथा उन्होंने घायलों को निकालने और प्रभावित परिवारों की सहायता करने सहित बचाव कार्य शुरू कर दिया है। बल्ख और समांगन प्रांतों में सबसे अधिक क्षति हुई है। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक ‘पोस्ट' के जरिए बताया कि भूकंप ने अफगानिस्तान के बल्ख, समांगन और बगलान प्रांतों को प्रभावित किया, जिससे लोग हताहत हुए और वित्तीय नुकसान हुआ। उन्होंने भूकंप में हुए नुकसान को लेकर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित सरकारी संगठन भूकंप से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं। अफगान अधिकारियों के अनुसार, भूकंप उत्तरी बल्ख प्रांत की राजधानी मजार-ए-शरीफ में भी महसूस किया गया।
सोशल मीडिया पर प्रसारित फुटेज से पता चला कि भूकंप से मजार-ए-शरीफ में ऐतिहासिक ‘ब्लू मॉस्क' (नीली मस्जिद) को कुछ नुकसान पहुंचा है। दीवारों से कई ईंटें गिर गईं लेकिन मस्जिद सुरक्षित है। सदियों पुराना यह स्थल अफगानिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है और इस्लामी एवं सांस्कृतिक उत्सवों के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं। भूकंप अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कई अन्य प्रांतों में भी महसूस किया गया।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि चट्टान खिसकने से काबुल को मजार-ए-शरीफ से जोड़ने वाला एक मुख्य पर्वतीय राजमार्ग कुछ देर के लिए अवरुद्ध हो गया लेकिन बाद में सड़क को फिर से खोल दिया गया। मंत्रालय ने कहा कि राजमार्ग पर फंसे और घायल हुए कुछ लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र ने ‘एक्स' के जरिए कहा कि पूर्वी अफगानिस्तान में आए एक घातक भूकंप के कुछ ही सप्ताह बाद फिर भूकंप आया है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उनके दल जमीनी स्तर पर जरूरतों का आकलन कर रहे हैं और तत्काल सहायता पहुंचा रहे हैं। उसने कहा, ‘‘हम प्रभावित समुदायों के साथ हैं और जरूरी मदद मुहैया कराएंगे।'' हाल के वर्षों में अफगानिस्तान में कई भूकंप आए हैं और देश को, खासकर दूरदराज के इलाकों में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में अक्सर कठिनाई का सामना करना पड़ता है। अफगानिस्तान में इमारतें आमतौर पर कम ऊंचाई वाली होती हैं। ये अधिकतर कंक्रीट और ईंटों से बनी होती हैं जबकि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में घर कच्चे होते हैं या लकड़ी से बने होते हैं। तालिबान सरकार के अनुसार, 31 अगस्त 2025 को पूर्वी अफगानिस्तान में पाकिस्तान सीमा के पास 6.0 तीव्रता के भूकंप के कारण 2,200 से अधिक लोग मारे गए थे। इससे पहले सात अक्टूबर 2023 को 6.3 तीव्रता के भूकंप के बाद आए तेज झटकों में कम से कम 4,000 लोगों की मौत हो गई थी। - जिउक्वान (चीन)। चीन ने शनिवार को घोषणा की कि उसका ‘शेनझोउ 21' अंतरिक्ष यान देश के अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ गया है। सफल प्रक्षेपण के बाद यान क्रमवार तैनात किए जाने वाले चालक दल के तीन सदस्यों के साथ रिकॉर्ड गति से चीन के अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गया। ‘चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी' के अनुसार अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने की प्रक्रिया करीब साढ़े तीन घंटे में पूरी हुई जो पिछले अभियान से तीन घंटे कम है। ‘शेनझोउ 21' यान ने तय समय पर शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 11 बजकर 44 मिनट पर उत्तर पश्चिम चीन में जिउक्वान प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरी। ‘शेनझोउ 21' के ये तीन अंतरिक्षयात्री अब अंतरिक्ष स्टेशन के ‘तियान्हे कोर मॉड्यूल' में प्रवेश करेंगे। चालक दल के सदस्यों में पायलट एवं अभियान के कमांडर झांग लू शामिल हैं जो दो साल पूर्व अंतरिक्ष केंद्र के लिए ‘शेनझोउ 15' के अभियान का भी हिस्सा थे। पहली बार अंतरिक्ष केंद्र की यात्रा का हिस्सा बन रहे अन्य दो सदस्यों में वू फी (32) एक इंजीनियर और अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे देश के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री हैं। वहीं, झांग होंगझांग एक पेलोड विशेषज्ञ हैं, जो अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले नयी ऊर्जा और नयी सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित करने वाले शोधकर्ता थे।झांग ने कहा कि अपने पूर्ववर्ती अंतरिक्ष यात्रियों की तरह ये लोग भी लगभग छह महीने तक अंतरिक्ष केंद्र पर रहेंगे। अंतरिक्ष में रहते हुए अंतरिक्ष यात्रियों ने जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष चिकित्सा, पदार्थ विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में 27 वैज्ञानिक और अनुप्रयुक्त परियोजनाएं संचालित करने की योजना बनाई है। चीन पहली बार अपने अंतरिक्ष स्टेशन पर चूहे भेज रहा है। चीनी विज्ञान अकादमी के एक इंजीनियर हान पेई ने कहा कि कुल चार चूहों, दो नर और दो मादा पर निगरानी रखी जाएगी ताकि यह अध्ययन किया जा सके कि भारहीनता और सीमितता उनके व्यवहार के तरीकों को कैसे प्रभावित करती है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, 60 दिनों से अधिक के गहन प्रशिक्षण के बाद 300 उम्मीदवारों में से अंतरिक्ष भेजे जाने वाले चूहों का चयन किया गया। सरकारी मीडिया चाइना नेशनल रेडियो ने खबर दी है कि चूहों के अंतरिक्ष स्टेशन में पांच से सात दिन तक रहने तथा शेनझोउ 20 से सवार होकर पृथ्वी पर वापस आने की उम्मीद है। चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी के प्रवक्ता झांग जिंगबो ने कहा कि चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजने की एजेंसी की योजना के लिए अनुसंधान और विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है। पाकिस्तान के साथ सहयोग करते हुए चीन दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण के लिए चीन भेजने की प्रक्रिया में है। अंतरिक्ष एजेंसी की योजना उनमें से एक को पेलोड विशेषज्ञ के रूप में एक अल्पकालिक मिशन पर भेजने की है, जो किसी विदेशी अंतरिक्ष यात्री की अंतरिक्ष स्टेशन की पहली यात्रा होगी।
- कंपाला। तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन ने देश के विवादित चुनाव में 97 प्रतिशत से अधिक मतों से जीत हासिल की है। शनिवार को आधिकारिक तौर पर चुनाव नतीजे की घोषणा की गई जिसमें हसन को विजेता घोषित किया गया।हसन, प्रशासनिक राजधानी डोडोमा में एक कार्यक्रम में चुनाव अधिकारियों से विजेता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पहुंचीं। उन्हें 97 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बाद में कहा कि परिणाम दर्शाते हैं कि तंजानियावासियों ने एक महिला नेता के लिए पूरे जोर-शोर से मतदान किया। हसन ने चुनाव के बाद कहा, “यह हमारे देश को एकजुट करने का समय है न कि छह दशकों से भी अधिक समय में हमने जो बनाया है उसे नष्ट करने का।” उन्होंने कहा, “हम देश में शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे और सभी सुरक्षा एजेंसियों को इसमें शामिल करेंगे।” हसन 2021 में राष्ट्रपति बनी थीं।वर्ष 2021 में राष्ट्रपति जॉन पोम्बे मैगुफुली की अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ महीनों बाद ही मौत हो गई थी, जिसके बाद उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रहीं सामिया सुलुहू हसन पदोन्नत होकर राष्ट्रपति बन गई थीं। चुनाव के नतीजे से आलोचकों, विपक्षी दलों और अन्य लोगों की चिंताएं बढ़ने की संभावना है।विशेषज्ञों ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव कोई मुकाबला नहीं, सिर्फ और सिर्फ ताजपोशी है क्योंकि हसन के दो मुख्य प्रतिद्वंद्वियों को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। उनके (हसन के) सामने बस छोटे दलों के 16 उम्मीदवार थे।देश में 29 अक्टूबर को मतदान हिंसा के कारण प्रभावित रहा।मतदान का विरोध करने एवं मतगणना रोकने के लिए प्रदर्शनकारी प्रमुख शहरों की सड़कों पर उतर आए।दंगों को शांत करने में पुलिस की मदद के लिए सेना को तैनात किया गया था।तंजानिया में इंटरनेट कनेक्टिविटी बार-बार बंद होती रही है, जिससे यात्रा और अन्य गतिविधियां बाधित हो रही हैं। तंजानियाई अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि हिंसा में कितने लोग मारे गए या घायल हुए हैं।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता सेफ मगांगो ने शुक्रवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र को केन्या से वीडियो के जरिए सूचना दी कि वाणिज्यिक राजधानी दार-ए-सलाम के साथ-साथ शिन्यांगा और मोरोगोरो कस्बों में 10 लोगों की मौत की खबर है। चाडेमा विपक्षी समूह के नेता टुंडू लिस्सू महीनों से जेल में बंद हैं। उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया है क्योंकि उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सुधारों की मांग की थी। वहीं, अन्य विपक्षी नेता, एसीटी-वज़ालेंडो समूह के लुहागा म्पिना को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया।
-
ग्योंगजू (दक्षिण कोरिया) . व्यापार युद्ध पर अस्थायी विराम लगाने को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच सहमति बनने के कुछ दिन बाद, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग पर जोर देने वाले एक बयान के साथ शनिवार को अपने वार्षिक आर्थिक शिखर सम्मेलन का समापन किया। दक्षिण कोरियाई शहर ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के दो दिनों के बाद ‘एपेक' नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव से बुरी तरह प्रभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था की साझा चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक सहयोग करने का वादा किया गया। एशियाई और प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेताओं ने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और साझा चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को अपना वार्षिक शिखर सम्मेलन शुरू किया था। इससे एक दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने व्यापार के मामले में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई थी। इस वर्ष दक्षिण कोरियाई शहर ग्योंगजू में आयोजित दो-दिवसीय एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन पर ट्रंप-शी बैठक का काफी प्रभाव पड़ा है। ट्रंप ने बृहस्पतिवार को चिनफिंग के साथ हुई आमने-सामने की मुलाकात को बेहद सफल बताते हुए कहा था कि वह चीन पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) में कटौती करेंगे, जबकि बीजिंग ने दुर्लभ धातुओं के निर्यात की अनुमति देने और अमेरिका से सोयाबीन खरीदने पर सहमति जतायी है। ट्रंप एवं चिनफिंग के बीच बनी सहमति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार संबंधी तनाव को कम करने में विफलता से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और बढ़ेंगी। ट्रंप, शी चिनफिंग के साथ समझौते करने के तुरंत बाद दक्षिण कोरिया से चले गए थे।
बढ़ते वैश्वीकरण के दौर में 1989 में स्थापित एपेक वैश्विक व्यापार के आधे से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह मंच क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण में तेजी लाने के लिए मुक्त एवं खुले व्यापार और निवेश का समर्थन करता है। एपेक के संयुक्त वक्तव्य में घोषणा की गई कि एपेक नेता स्वीकार करते हैं कि ‘‘वैश्विक व्यापार प्रणाली अब भी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है''। इसमें कहा गया है, ‘‘हम अपनी इस साझा मान्यता की पुष्टि करते हैं कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए मजबूत व्यापार और निवेश महत्वपूर्ण हैं।'' संयुक्त घोषणापत्र में यह भी कहा गया कि एपेक सदस्य ‘पुत्रजया विजन 2040' को लेकर प्रतिबद्ध हैं, जो 2020 में अपनाया गया एक नया 20-वर्षीय विकास विजन है। यह व्यापार के लिए एक ऐसे वातावरण का आह्वान करता है जो ‘‘मुक्त, खुला, निष्पक्ष, भेदभाव रहित एवं पारदर्शी'' हो। शी ने शुक्रवार को एपेक शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि चीन वैश्विक मुक्त व्यापार और आपूर्ति शृंखला स्थिरता का समर्थन करेगा। यह उनके देश को ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के विकल्प के रूप में स्थापित करने का एक स्पष्ट प्रयास है। एपेक के साथ आयोजित सीईओ शिखर सम्मेलन में भेजी गई लिखित टिप्पणी में शी ने कहा, ‘‘चीन में निवेश करना भविष्य में निवेश करना है।'' चिनफिंग ने शुक्रवार को एपेक शिखर सम्मेलन से इतर जापान, कनाडा और थाईलैंड के अपने समकक्षों से द्विपक्षीय मुलाकात की। - वाशिंगटन। अमेरिका और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति के तहत चीन हर साल अमेरिका से 2.5 करोड़ टन सोयाबीन खरीदेगा। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। बेसेंट ने एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा कि समझौते के पहले चरण में चीन जनवरी तक अमेरिका से 1.2 करोड़ टन सोयाबीन खरीदेगा जबकि शेष मात्रा अगले तीन वर्षों में खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारे महान अमेरिकी किसानों को पहले चीन ने राजनीतिक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह समझौता उनके लिए समृद्धि का मार्ग खोलेगा।” बेसेंट ने कहा कि सोयाबीन खरीद का यह समझौता तीन वर्ष तक लागू रहेगा।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच दक्षिण कोरिया के बुसान में हुई बैठक के दौरान यह सहमति बनी है। अमेरिका एवं चीन के बीच सोयाबीन व्यापार लंबे समय से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों का अहम हिस्सा रहा है। लेकिन 2018 के व्यापार युद्ध के दौरान चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की खरीद घटा दी। उस समय चीन ने ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे देशों से आयात बढ़ा दिया था जिससे अमेरिकी सोयाबीन उत्पादकों को खासा नुकसान उठाना पड़ा।
- कोलंबो। श्रीलंका की कुल जनसंख्या में महिलाओं की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से अधिक है। देश की 2024 की जनगणना के परिणाम बृहस्पतिवार को जारी किए गए। जनगणना एवं सांख्यिकी विभाग के अनुसार, “देश की कुल जनसंख्या दो करोड़ 17 लाख 81 हजार 800 है, जिनमें 51.7 प्रतिशत महिलाएं और 48.3 प्रतिशत पुरुष हैं।” रिपोर्ट में कहा गया है, “शहरी क्षेत्रों में महिलाओं का प्रतिशत 51.9 और पुरुषों का 48.1 है। ग्रामीण और एस्टेट ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी क्रमशः 51.7 और 51.4 प्रतिशत, जबकि पुरुषों की हिस्सेदारी 48.3 और 48.6 प्रतिशत दर्ज की गई है।” जनगणना के अनुसार, 15 वर्ष से कम उम्र की आबादी का प्रतिशत 2012 से 2024 के बीच 25.2 से घटकर 20.7 प्रतिशत हो गया है। वहीं, 65 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की आबादी 7.9 प्रतिशत बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई है — यानी 4.7 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज हुई है। 15 से 64 वर्ष आयु समूह की जनसंख्या 2024 में 66.7 प्रतिशत रही, जबकि 2012 में यह 66.9 प्रतिशत थी।जातीय संरचना के अनुसार, 74.1 प्रतिशत आबादी सिंहली, 12.3 प्रतिशत श्रीलंकाई तमिल, 10.5 प्रतिशत मुस्लिम और 2.8 प्रतिशत भारतीय मूल के तमिल हैं। वहीं बरघर, मलय, श्रीलंकाई चेट्टी, भरत और वेद्दा समुदायों की संयुक्त हिस्सेदारी 0.3 प्रतिशत है।धार्मिक आधार पर, बौद्ध समुदाय बहुसंख्यक है जिसकी हिस्सेदारी 69.8 प्रतिशत है। इसके बाद हिंदू (12.6 प्रतिशत), मुस्लिम (10.7 प्रतिशत), रोमन कैथोलिक (5.6 प्रतिशत) और ईसाई (1.3 प्रतिशत) हैं।
-
वाशिंगटन. ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में प्रवेश पाने वाले शरणार्थियों की संख्या घटाकर 7,500 करने का फैसला किया है। इनमें ज्यादातर श्वेत दक्षिण अफ्रीकी होंगे। प्रशासन ने बृहस्पतिवार को संघीय रजिस्टर (फेडरल रजिस्ट्री) में जारी एक अधिसूचना में इस निर्णय की जानकारी दी। यह संख्या निर्धारित करने के लिए कोई कारण नहीं बताया गया है, जो पिछले वर्ष बाइडन प्रशासन द्वारा निर्धारित 1,25,000 की सीमा की तुलना में बेहद कम है। इसमें केवल इतना कहा गया है कि 2026 वित्तीय वर्ष के दौरान 7,500 शरणार्थियों को प्रवेश देने का निर्णय “मानवीय कारणों से उचित है या यह राष्ट्रीय हित में है।”
-
मॉस्को. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को कहा कि रूस ने असीमित दूरी तक मार करने में सक्षम व परमाणु ऊर्जा से संचालित सबमर्सिबल ड्रोन का सफल परीक्षण किया है। एक सैन्य अस्पताल के दौरे के दौरान सैन्यकर्मियों के साथ टेलीविज़न पर बातचीत में पुतिन ने कहा कि ‘पोसाइडन' नामक परमाणु ऊर्जा संचालित स्वचालित मानव-रहित सबमर्सिबल यान जो रूस की सबसे उन्नत संभावित ‘सारमैट' बैलिस्टिक मिसाइल से भी कहीं अधिक शक्तिशाली है, का मंगलवार को सफल परीक्षण किया गया। पुतिन ने कहा कि पोसाइडन ड्रोन को एक मुख्य पनडुब्बी से प्रक्षेपित किया गया था और यह एक रणनीतिक पनडुब्बी के रिएक्टर से 100 गुना छोटे परमाणु ऊर्जा संयंत्र से लैस है। पुतिन ने यह भी कहा कि सारमैट मिसाइल जल्द ही युद्धक सेवा में शामिल हो जाएगी।
उन्होंने कहा, ''दुनिया में सारमैट जैसी कोई और प्रणाली नहीं है। यह अभी सेवा में नहीं है, लेकिन जल्द ही परिचालन में आ जाएगी।” - मेलबर्न. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के युद्धक्षेत्रों की यात्रा के कुछ दिनों बाद दो ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों द्वारा बोतल में लिखे गए संदेश, एक शताब्दी से भी अधिक समय बाद ऑस्ट्रेलिया के तट पर पाए गए हैं। समुद्र तट से कचरा साफ करने के लिए ब्राउन परिवार को यह बोतल मिली।डेब ब्राउन ने मंगलवार को बताया कि उनके पति पीटर और बेटी को नौ अक्टूबर को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य के एस्परेंस के पास व्हार्टन बीच पर पानी की सतह के ठीक ऊपर श्वेप्स ब्रांड की यह बोतल मिली। डेब ब्राउन ने कहा, "साफ, मोटे शीशे के अंदर 27 वर्षीय प्राइवेट मैल्कम नेविल और 37 वर्षीय विलियम हार्ले द्वारा पेंसिल से लिखे गए 15 अगस्त, 1916 के खुशनुमा पत्र थे।" उनका सैन्य जहाज एचएमएटी ए70 बैलारेट उसी साल 12 अगस्त को दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की राजधानी एडिलेड से पूर्व की ओर दुनिया के उस पार की लंबी यात्रा पर निकला था जहां उसके सैनिक यूरोप के पश्चिमी मोर्चे पर 48 वीं ऑस्ट्रेलियाई इन्फैंट्री बटालियन को मजबूती प्रदान करेंगे। नेविल एक साल बाद युद्ध में शहीद हो गए। हार्ले दो बार घायल हुए, लेकिन युद्ध में बच गए। 1934 में एडिलेड में कैंसर से उनकी मृत्यु हो गई। उनके परिवार का कहना है कि यह कैंसर जर्मनों द्वारा खाइयों में गैस के हमले के कारण हुआ था।
-
लंदन. ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला ने बुधवार को लंदन में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर, जिसे नेसडेन मंदिर के नाम से जाना जाता है, की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। महाराजा (76) का स्वागत मुख्य पुजारी साधु योगविवेकदास स्वामी द्वारा पारंपरिक नादचड़ी या शांति और मैत्री के प्रतीक पवित्र धागा बांधने की रस्म के साथ किया गया। प्रवेश द्वार पर अपने जूते उतारने वाले राजपरिवार के सदस्यों को मोतियों से बंधे फूलों की माला पहनाई गई, जिसके बाद उन्हें अलंकृत मंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया - यह यूरोप का पहला पारंपरिक हिंदू पत्थर मंदिर है, जिसका उद्घाटन अगस्त 1995 में हुआ था। मंदिर के प्रमुख देवता भगवान स्वामीनारायण की पवित्र प्रतिमा पर 11 वर्षीय स्कूली छात्र देव पटेल ने पुष्पांजलि अर्पित की, जबकि महाराजा ने हाथ जोड़कर नमस्कार किया। उन्होंने दक्षिण-पूर्व लंदन से आए पटेल परिवार द्वारा भगवान स्वामीनारायण के किशोर रूप श्री नीलकंठ वर्णी महाराज के अभिषेक समारोह का अवलोकन करने के बाद आभार व्यक्त किया और उपस्थित लोगों को “ दिवाली की शुभकामनाएं” दीं। दिवाली का त्योहार 20 अक्टूबर को था। साधु योगविवेकदास ने अपने स्वागत भाषण में कहा, “यह मंदिर ईश्वर का घर है। पिछले 30 वर्षों में, यह हमारे महान राष्ट्र के धार्मिक, सांस्कृतिक परिदृश्य का एक अभिन्न अंग बन गया है; न केवल अपनी साझेदारी के लिए, बल्कि अपनी पहचान - भक्ति, शिक्षा और सेवा के एक जीवंत केंद्र - के लिए भी प्रशंसनीय है।” बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था ब्रिटेन के अध्यक्ष जीतू पटेल के साथ अपने दौरे के दौरान, महाराजा और महारानी ने 10 मीटर ऊंचे केंद्रीय गुंबद को रुककर निहारा और उसकी तारीफ। केंद्रीय गुंबद अपनी जटिल नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के “हवेली” प्रांगण में राजपरिवार ने पेरिस में निर्माणाधीन नए बीएपीएस मंदिर का प्रारूप देखा। यह मंदिर अगले वर्ष खुलने पर फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर बन जाएगा।
- वाशिंगटन. एलन मस्क ने ग्रोकिपीडिया नामक एक क्राउडसोर्स्ड ऑनलाइन विश्वकोश शुरू किया है, जिसे वह विकिपीडिया के प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मस्क ने कहा कि “ग्रोकिपीडिया डॉट कॉम संस्करण 0.1 अब लाइव है” और वादा किया कि “संस्करण 1.0 (शुरुआती संस्करण से) 10 गुना बेहतर होगा।” उन्होंने कहा कि ग्रोकिपीडिया का लक्ष्य “सत्य, संपूर्ण सत्य और केवल सत्य” पेश करना है।मस्क ने पहले भी विकिपीडिया की आलोचना करते हुए कहा था कि यह “दुष्प्रचार” से भरा हुआ है और लोगों से इस साइट को दान देना बंद करने का आह्वान किया था। सितंबर में मस्क ने घोषणा की थी कि उनकी कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) कंपनी ‘एक्स एआई' ग्रोकिपीडिया पर काम कर रही है। ग्रोकिपीडिया साइट दिखने में बेहद साधारण है। इसमें एक सर्च बार के अलावा ज्यादा कुछ नहीं है, जहां उपयोगकर्ता अपने सवाल टाइप कर सकते हैं। वेबसाइट के अनुसार, ग्रोकिपीडिया में 885,279 लेख हैं। इस बीच, विकिपीडिया का कहना है कि उस पर अंग्रेजी में 70 लाख से अधिक लेख हैं।विकिपीडिया की तरह, उपयोगकर्ता ग्रोकिपीडिया पर भी टेलर स्विफ्ट, बेसबॉल वर्ल्ड सीरीज या बकिंघम पैलेस जैसे विभिन्न विषयों पर लेख खोज सकते हैं। हालांकि, विकिपीडिया स्वयंसेवकों द्वारा लिखा और संपादित किया जाता है, यह स्पष्ट नहीं है कि ग्रोकिपीडिया के लेख वास्तव में कैसे तैयार किए जाते हैं। खबरों से पता चलता है कि यह साइट उसी एक्स एआई मॉडल पर आधारित है, जो मस्क के ग्रोक चैटबॉट का आधार है, लेकिन कुछ लेख विकिपीडिया से लिए गए प्रतीत होते हैं।
-
तोक्यो. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपनी एशिया यात्रा के सबसे व्यस्त दिनों में से एक की शुरुआत में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मुलाकात की और दोनों देशों को ‘‘सबसे मजबूत स्तर पर सहयोगी'' करार दिया। ट्रंप की तोक्यो के निकट एक अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर खड़े विमानवाहक पोत ‘यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन' पर अमेरिकी सैनिकों से बात करने और व्यापारिक नेताओं से मुलाकात करने भी योजना है। ट्रंप एशिया में अमेरिका के सबसे मजबूत सहयोगियों में शामिल जापान की यात्रा कर रहे हैं, फिर भी उनकी यात्रा के दौरान कई बातों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति है। कुछ ही दिन पहले देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं साने ताकाइची को अपने देश के आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए ट्रंप के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने होंगे। ट्रंप एक व्यापार समझौते के तहत 550 अरब अमेरिकी डॉलर का जापानी निवेश हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे अमेरिकी शुल्क कम होंगे। ट्रंप के साथ मंगलवार को मुलाकात के दौरान ताकाइची ने बताया कि जापान अगले साल अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाशिंगटन को चेरी के 250 पेड़ देगा और चार जुलाई के इस समारोह के लिए अकिता प्रांत से आतिशबाजी भी करेगा। उन्होंने अपनी शुरुआती टिप्पणियों में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री और अपने गुरु शिंजो आबे का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘दरअसल (पूर्व) प्रधानमंत्री आबे मुझे आपकी बेहतरीन कूटनीति के बारे में अक्सर बताते थे।'' ट्रंप ने जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका को ‘‘बड़ी बात'' बताया और जापान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। ट्रंप ने कहा, ‘‘हम जापान की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। हम सबसे मजबूत स्तर पर सहयोगी हैं।''
दोनों नेताओं ने अपने राष्ट्रों के गठबंधन के ‘स्वर्णिम युग' के कार्यान्वयन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते की विषयवस्तु स्पष्ट नहीं है। इसके बाद ट्रंप और ताकाइची ने एक अन्य समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रूपरेखा तैयार की गई। ट्रंप सोमवार को तोक्यो पहुंचे थे जहां उन्होंने औपचारिक यात्रा के तहत सम्राट से मुलाकात की। इससे पहले वह मलेशिया के कुआलालंपुर में थे, जहां उन्होंने दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। - मॉस्को. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने असीमित रेंज वाली अद्वितीय परमाणु ऊर्जा संचालित ‘बुरेवेस्त्निक' क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण की रविवार को घोषणा की और सशस्त्र बलों को इसकी तैनाती के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने का आदेश दिया। पुतिन ने ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ' और अन्य सैन्य कमांडरों के साथ अपनी बैठक में उल्लेख किया कि हाल में परमाणु शक्तियों के अभ्यास के दौरान ‘बुरेवेस्त्निक' क्रूज मिसाइल 15 घंटे तक हवा में रही और उसने सफल परीक्षणों के दौरान 14,000 किलोमीटर की दूरी तय की। इस बैठक का टेलीविजन का प्रसारण किया गया। रूस के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूप में पुतिन ने इससे पहले सुबह यूक्रेन में सैन्य अभियानों के संयुक्त स्टाफ का दौरा किया और चीफ जनरल स्टाफ जनरल वालेरी गेरासिमोव के नेतृत्व में बल कमांडरों के साथ बातचीत की। गेरासिमोव ने पुतिन को दो महत्वपूर्ण दिशाओं में 10,000 से अधिक यूक्रेनी सैनिकों की घेराबंदी किए जाने के जानकारी दी। गेरासिमोव ने कहा, ‘‘31 बटालियन वाले यूक्रेनी सशस्त्र बलों के एक बड़े समूह को अवरुद्ध कर दिया गया है।''
-
कुआलालंपुर. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में रविवार को थाईलैंड और कंबोडिया ने संघर्ष विराम समझौते की अवधि बढ़ाने से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप ने इस साल जुलाई में सीमा पर टकराव के कारण दर्जनों लोगों की मौत और हजारों लोगों के विस्थापित होने के बाद दोनों देशों पर शुल्क लगाने की चेतावनी देकर संघर्ष विराम में मदद की थी। समझौते के पहले चरण के तहत थाईलैंड कंबोडिया के कैदियों को रिहा करेगा जबकि कंबोडिया भारी हथियारों को हटाना शुरू करेगा। क्षेत्रीय पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करने के लिए स्थिति की निगरानी करेंगे कि टकराव दोबारा शुरू न हो। संघर्ष विराम समझौते की अवधि बढ़ाने के लिए आयोजित समारोह में ट्रंप ने कहा, “हमने कुछ ऐसा किया जिसके बारे में बहुत से लोगों का कहना था कि यह कर पाना संभव नहीं है।” कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत ने इसे एक ऐतिहासिक दिन बताया जबकि थाईलैंड के प्रधानमंत्री एनुटिन चर्नविराकुल ने कहा कि समझौते से दीर्घकालिक शांति स्थापित होगी। ट्रंप कुआलालंपुर में आयोजित दक्षिण एशियाई देशों के संघ (आसियान) के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने मलेशिया आए हैं। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 800 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर दशकों से विवाद बना हुआ है, हालांकि इससे पहले दोनों देशों के बीच छिटपुट टकराव हुआ करता था।










.jpg)


.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpeg)


.jpeg)





.jpg)