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काठमांडू. नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि बचाव दलों ने प्रभावित जिलों से अन्य शवों को बरामद किया, जिसके बाद मृतकों की संख्या में इजाफा हुआ। तिब्बत से अचानक आयी भीषण बाढ़ ने बुधवार को मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ के तेज बहाव में महत्वपूर्ण पुल बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गईं।
बाढ़ का पानी कई जिलों में फैल गया। नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रसुवा, धादिंग, नुवाकोट और चितवन समेत बाढ़ प्रभावित जिलों में खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभि नारायण काफले के अनुसार, चितवन जिले से सबसे अधिक 132 शव बरामद किए गए हैं। बाढ़ रसुवा और अन्य जिलों से होते हुए त्रिशूली और नारायणी नदी के रास्ते निचले इलाकों में पहुंची, जिससे जलविद्युत परियोजनाओं, बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के आंकड़ों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ में करीब 826 लोग लापता हैं, जिनमें से 590 पर्यटक हैं। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि लापता लोगों में 288 भारतीय शामिल हैं।
नेपाल के अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के संशोधित विश्लेषण के अनुसार, ग्लेशियर के ढहने या हिमस्खलन के कारण यह विनाशकारी बाढ़ आई। हिमस्खलन के कारण भोटे कोशी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में रुकावट पैदा होने के बाद यह बाढ़ आई और सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में बाढ़ का कहर टूटा। -
-133 भारतीय समेत 750 से अधिक लापता
काठमांडू/ तिब्बत की सीमा के निकट मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और करीब 160 लोगों की मौत हो गई तथा 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया और उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी। अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में पानी बढ़ने और चट्टानें खिसकने के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में भोटे कोशी के जरिए त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों में फैल गया तथा राजधानी काठमांडू से लगभग 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि अचानक आई बाढ़ में 157 लोगों की मौत हुई है।
नेपाल सरकार ने कहा कि करीब 500 लोग लापता हैं, जबकि चीन के सरकारी न्यूज चैनल ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों के वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे से भरा पानी तेज रफ्तार से सीमावर्ती क्षेत्र में बहता दिखाई दिया। तेज बहाव को इमारतों और वाहनों की ओर बढ़ते देख लोग भागते नजर आए। एक वीडियो में चार मंजिला इमारत को तेज बहाव में बहते देखा गया, जबकि एक अन्य वीडियो में रसुवा में एक कार बाढ़ के तेज पानी में बहती नजर आई। एक और वीडियो में पानी के जबरदस्त दबाव से एक लंबा पुल दो हिस्सों में टूटता दिखाई दिया। एक अन्य वीडियो में तेज बहाव के कारण पुल ढहते और बहते नजर आए। धादिंग जिले के एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल से टकराया, जिसके बाद वह ढहकर बह गया।
एक अन्य वीडियो में कीचड़ भरा पानी तेजी से एक पुल को अपनी चपेट में लेता और करीब 30 सेकंड में उसे बहाकर ले जाता नजर आया। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 100 लोगों को बचाया गया है। इनमें से 30 लोगों का इलाज काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की और उन्हें हालात से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय मदद का भरोसा दिलाया। नयी दिल्ली ने पड़ोसी देश को राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए। 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा गया है कि लोग +977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास ने 'एक्स' पर एक और पोस्ट में कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के शीघ्र बचाव और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। साथ ही, नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बचाव और राहत कार्यों को और मजबूत किया जा रहा है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस का नंबर 9851289445 जारी किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन नंबर 0086 185 1428 4905 जारी किया है, जिस पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि लापता हुए करीब 500 लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। इनमें से कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं।
गैर-लाभकारी संस्था ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य लापता हैं, जो एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद थे। इसके संस्थापक सद्गुरु ने कहा, आव्रजन कार्यालय में मौजूद लोगों में से किसी के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।'' उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं। बाद में नेपाल सरकार ने कहा कि इस आव्रजन केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। तमिलनाडु के अधिकारियों ने बताया कि लापता 37 पर्यटक तंजावुर के रहने वाले हैं।
उत्तर प्रदेश और केरलम समेत कई अन्य भारतीय राज्यों ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि नेपाल में फंसे लोगों में उनके राज्य के निवासी भी हो सकते हैं। भारतीयों और अप्रवासी भारतीयों के अलावा लापता हुए बाकी पर्यटक दो दर्जन से ज्यादा देशों से हैं, जिनमें अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड शामिल हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रतिनिधि सभा को बताया कि अलग-अलग जगहों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हो गए हैं, जिनमें नेपाल सेना के 44 जवान भी शामिल हैं। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (आईपीपीएएन) के एक बयान के अनुसार, अचानक आई बाढ़ से नुवाकोट और रसुवा जिलों में कुल 354 मेगावाट क्षमता वाली आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं और पांच निर्माणाधीन परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रमुख चालू जलविद्युत परियोजनाओं में रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना (111 मेगावाट), संजेन खोला जलविद्युत परियोजना (78 मेगावाट) और अपर त्रिशूली-3ए (60 मेगावाट) शामिल हैं। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में बारिश की वजह से नहीं आई।
नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने दोपहर में 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''चीन से मिली जानकारी के मुताबिक, नदी के बहाव में रुकावट वाली जगह पर बनी झील का पानी अभी पूरी तरह से नहीं निकला है, इसलिए भोटे कोशी और त्रिशूली इलाकों में खतरा बना हुआ है।'' उसने लोगों से नदियों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा।
एनडीआरआरएमए ने बाद में 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''भोटे कोशी और त्रिशूली इलाकों में खतरा बना हुआ है। लोगों से अपील की जाती है कि वे नदी से दूर रहें और अगली सूचना मिलने तक सुरक्षित जगहों पर ही रहें।'' 'काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से नुवाकोट के बेत्रावती को रसुवा के रसुवागढ़ी सीमा चौकी से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क बह गई। सरकार ने बाद में बताया कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ में 19 पुल बह गए।
हालात का जायजा लेने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री शाह की अध्यक्षता में हुई एक आपात बैठक के बाद प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शाह ने जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई, साथ ही इन दुखद घटनाओं में घायल हुए लोगों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर जरूरी मदद देने का निर्देश दिया। नेपाल सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए।
नेपाल सेना के एक बयान के अनुसार, रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मैलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। नेपाल सेना ने त्रिशूली स्थित सैन्य प्रशिक्षण केंद्र संख्या एक में एक उपचार केंद्र भी स्थापित किया है, जहां सेना के चिकित्साकर्मी प्रभावित लोगों को आपात चिकित्सा सहायता दे रहे हैं। बयान में कहा गया कि आपात चिकित्सा बचाव दल से लैस सेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने लापता लोगों की तलाश और बचाव के लिए हरसंभव प्रयास करने का आदेश दिया। आपातकालीन राहत कार्यों में मदद के लिए पीपुल्स आर्म्ड पुलिस की शिगाजे टुकड़ी के कुल 145 अधिकारियों और जवानों को प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्र में भेजा गया है। शी ने खतरे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को समय पर इलाज मुहैया कराने को कहा ताकि जनहानि कम से कम हो। उन्होंने निगरानी और अग्रिम चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने, वैज्ञानिक तरीके से बचाव अभियान चलाने और बाढ़ के बाद पैदा होने वाली अन्य आपदाओं से बचाव पर भी जोर दिया। -
संयुक्त राष्ट्र. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सामूहिक रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया और कहा कि सुरक्षित व सुचारु समुद्री व्यापार मार्ग खाद्य पदार्थों, उर्वरकों और ईंधन की निर्बाध आवाजाही के लिए बेहद जरूरी हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा, ''खाद्य असुरक्षा सशस्त्र संघर्षों के सबसे गंभीर मानवीय परिणामों में से एक है। आज के संघर्षों का असर उस इलाके से कहीं दूर तक पड़ता है, जहां वास्तव में युद्ध या संघर्ष चल रहा होता है।'' पर्वतनेनी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 'फूड अंडर फायर: वैश्विक और स्थानीय खाद्य संकटों को कम करने में सुरक्षा परिषद की भूमिका' शीर्षक वाली आम चर्चा को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा बाजारों, उर्वरक आपूर्ति, समुद्री परिवहन, मानवीय सहायता और कृषि व्यापार में व्यवधान ने दिखाया है कि क्षेत्रीय संघर्ष किस तरह पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इसका सबसे अधिक असर उन विकासशील देशों पर पड़ता है, जो खाद्य और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए आयात पर काफी निर्भर हैं। भारत ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ''तत्काल प्राथमिकता'' संघर्षों के मानवीय प्रभावों को कम करना होनी चाहिए। इसके लिए सुरक्षित, तेज और बिना किसी बाधा के मानवीय सहायता पहुंच सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सुरक्षा परिषद के अपने उपाय, जिनमें प्रतिबंध व्यवस्था भी शामिल है, अनजाने में मानवीय सहायता या वैध खाद्य एवं कृषि व्यापार में बाधा न बनें। वाणिज्यिक जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए पर्वतनेनी ने कहा, ''सुरक्षित और सुचारू समुद्री व्यापार मार्ग खाद्य पदार्थों, उर्वरकों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही के लिए अनिवार्य हैं।'' उन्होंने कहा कि इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और समुद्री बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहिए, साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वैध वाणिज्यिक व्यापार और मानवीय सहायता की खेप बिना किसी अनुचित बाधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सके। चर्चा में भाग लेते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि 2025 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सशस्त्र संघर्षों की संख्या सबसे अधिक रही। इसी दौरान दुनिया में गंभीर खाद्य संकट का स्तर भी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब रहा और कम से कम 26.6 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2025 इस सदी का पहला ऐसा वर्ष भी रहा, जब सूडान और गाजा में एक साथ दो अकाल की पुष्टि हुई। गुतारेस ने इसे ''शर्मनाक'' बताया। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध जारी रहने का उल्लेख करते हुए गुतारेस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की करीब पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति और वैश्विक उर्वरक व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, ''प्रतिबंधों और मार्गों के बंद होने से वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं और उनकी उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले खाद्य और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए और खतरा पैदा कर रहे हैं।''
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नई दिल्ली। नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और आसपास के जिलों में बुधवार तड़के भोटे कोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई बस्तियों में भारी तबाही हुई। बाढ़ से आठ चालू और पांच निर्माणाधीन समेत 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन तिब्बत की ओर भारी बारिश, हिमस्खलन या ग्लेशियर से जुड़ी घटना की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और धादिंग के साथ काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला भी प्रभावित हुआ। रसुवा में बाढ़ स्थानीय बारिश के कारण नहीं आई, बल्कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन को संभावित कारण माना जा रहा है।
बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं प्रवक्ता के अनुसार, नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका से तीन पुरुषों और एक महिला के शव बरामद किए गए हैं। बाढ़ के तुरंत बाद उनके शव त्रिशूली नदी के पास मिले। काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तिब्बत सीमा के पास स्थित रसुवा सबसे अधिक प्रभावित जिला है। नेपाल सेना के अनुसार, तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में अचानक जलस्तर बढ़ने से वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से बहुत अधिक था और दोनों बस्तियों में काफी नुकसान हुआ है।रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना के अनुसार, सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बाढ़ में बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी नष्ट हो गया। यह इलाका तिब्बत के साथ नेपाल के व्यापारिक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के सूचना अधिकारी दिनकर कायस्थ ने कहा कि रसुवा में हुई बारिश से बाढ़ आने की संभावना नहीं दिखती। उन्होंने किसी नए हिमनद के बनने या पुराने ग्लेशियर के फटने की आशंका जताई। अधिकारियों के मुताबिक, वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। ‘द हिमालयन टाइम्स’ के अनुसार, अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि यह घटना ग्लेशियर झील के फटने से आई बाढ़ (GLOF) या किसी अन्य कारण से हुई।नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों को अगली सूचना तक हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तिब्बत की ओर से बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (आईपीपीएएन) के अनुसार, बाढ़ से नुवाकोट और रसुवा में 354 मेगावाट की कुल क्षमता वाली आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं और निर्माणाधीन पांच परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रमुख प्रभावित परियोजनाओं में 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना, 78 मेगावाट की संजेन खोला जलविद्युत परियोजना और 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली-3ए शामिल हैं।‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मेलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पाइरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार समेत करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।नेपाल सेना ने बताया कि बाढ़ के बाद खोज एवं बचाव अभियान के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। सेना ने रसुवा के स्याफ्रुबेसी से छह, मेलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को सुरक्षित निकाला। त्रिशूली में सैन्य प्रशिक्षण केंद्र नंबर-1 में उपचार केंद्र भी स्थापित किया गया है, जहां सेना के चिकित्सा कर्मी प्रभावित लोगों को आपात चिकित्सा सुविधा दे रहे हैं।स्थानीय मीडिया के अनुसार, तिमुरे स्थित क्षेत्र पुलिस कार्यालय, स्याफ्रुबेसी की पुलिस चौकी और रसुवागढ़ी की पुलिस चौकी भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि बाढ़ के बाद रसुवा से सशस्त्र पुलिस बल के चार जवान लापता हैं। घायलों के इलाज के लिए पांच चिकित्सकों समेत 16 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम रसुवा के प्रभावित क्षेत्र में भेजी गई है। सेना के एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को आपात चिकित्सा बचाव दल के साथ त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है।धादिंग जिले के गजुरी में बाढ़ से एक पुल बह गया है। बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए पांच ड्रोन तैनात किए गए हैं। लापता लोगों का पता लगाने के लिए तीन स्निफर डॉग भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं।भोटे कोशी नदी में पिछले साल भी बाढ़ आई थी, जिससे रसुवा में भारी तबाही हुई थी। उस घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी। इस बार भी अचानक आई बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। -
न्यूयॉर्क. न्यूयॉर्क स्थित 'टाइम्स स्क्वायर' उस वक्त भारतीय साड़ियों के रंगों और विविध रूपों से सराबोर हो उठा प्रवासी भारतीय समुदाय की महिलाओं ने एक विशेष आयोजन में साड़ी की कालजयी खूबसूरती, समृद्ध विरासत और भारत की सांस्कृतिक विविधता को गर्व के साथ पेश किया। 'टाइम्स स्क्वायर' पर रविवार को 'साड़ी गोज ग्लोबल' कार्यक्रम का तीसरा संस्करण आयोजित किया गया। न्यूयॉर्क स्थित परोपकारी संस्था उमा ग्लोबल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों ने कढ़ाई, चित्रकारी और आकर्षक सजावट वाली साड़ियों में अपनी खूबसूरती बिखेरी। इनमें असम की पारंपरिक बुनाई, लखनऊ की चिकनकारी, बनारसी रेशम और शानदार कांजीवरम जैसी साड़ियां शामिल थीं। अलग-अलग रंगों और शिल्प की इन साड़ियों ने भारत के कोने-कोने में मौजूद इस नौ गज के परिधान की समृद्ध विविधता को खूबसूरती से सामने रखा। खूबसूरत कढ़ाई, नायाब डिजाइनों और अलग-अलग तरह के कपड़ों से सजी रंग-बिरंगी साड़ियों में महिलाएं अपनी पारंपरिक पोशाक को गर्व के साथ प्रदर्शित करती नजर आईं। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे उन्होंने साथ मिलकर नृत्य किया, तस्वीरें खिंचवाईं और अपनी साड़ियों से जुड़ी कहानियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने अपनी संस्कृति और समृद्ध विरासत के रंग भी बिखेरे। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल ने कार्यक्रम में पढ़े गए अपने संदेश में कहा कि यह आयोजन उन महिलाओं के सम्मान और उत्सव का अवसर है, जो "टाइम्स स्क्वायर में अपनी विरासत का गर्व के साथ जश्न मनाते हुए साड़ी पहनकर हमारे समुदायों में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।" होकुल ने उमा ग्लोबल की सराहना करते हुए उसे महिलाओं, अल्पसंख्यकों और कारोबारी पेशेवरों के लिए "बेहद महत्वपूर्ण सहारा" बताया। उनके संदेश में कहा गया, "विविधता और समावेशन से जुड़े कार्यक्रमों, कारोबारी परामर्श और मार्गदर्शन के अवसरों के जरिए उमा लोगों और संस्थानों को अपने लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने में मदद करती है। जब हम हर व्यक्ति और हर पृष्ठभूमि के पेशेवरों को आगे बढ़ने और सफल होने का अवसर देते हैं, तो हम ऐसा भविष्य बनाने में मदद करते हैं, जो हम सभी के लिए बेहतर हो।" इस मौके पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में वाणिज्य दूत (व्यापार) राजलक्ष्मी अप्पासाहेब कदम ने अपने संदेश में कहा कि साड़ी भारतीय कला, परंपरा, संस्कृति और मेहनती बुनकरों की जीवंत विरासत है। कदम ने कहा, "साड़ी हमारी ऐसी पेशाक है जिसे सिलाई की जरूरत नहीं होती और यह हमारी विरासत का सम्मान करने के पारंपरिक और सतत हथकरघा परंपराओं के जरिए स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाती है। यह समृद्ध होती आधुनिक फैशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है। साथ ही, यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हमारे पूर्वजों की समृद्ध कहानियों को भी संजोए रखती है।"
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बीजिंग. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल सोमवार को बीजिंग पहुंचेंगे और सीमा विवाद पर भारत-चीन के विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हिस्सा लेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, डोभाल और वांग मंगलवार को विशेष प्रतिनिधि वार्ता के 25वें दौर में शामिल होंगे। डोभाल और वांग दोनों ही सीमा वार्ता प्रक्रिया के लिए तय विशेष प्रतिनिधि हैं। यह प्रक्रिया 2003 में 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा के जटिल मुद्दे को पूरी तरह से सुलझाने के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, सीमा विवाद को सुलझाने में इसे सफलता नहीं मिली, लेकिन दोनों तरफ के अधिकारी इस व्यवस्थित प्रक्रिया को अलग-अलग मोर्चों पर दोनों देशों के बीच बार-बार होने वाले तनाव को दूर करने के लिए एक उपयोगी साधन मानते हैं। यह बातचीत इसलिए भी अहम है क्योंकि यह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा से ठीक पहले हो रही है। वह 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने आ रहे हैं। शी की यात्रा के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों तरफ के अधिकारी चीनी नेता के शामिल होने को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं। शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी बैठक भी हो सकती है, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की पहलों पर चर्चा हो सकती है। दोनों नेता पिछले साल अगस्त में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।
बीजिंग में डोभाल-वांग की बातचीत से पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को फिर कहा कि चीन के साथ अच्छे संबंधों के लिए सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता जरूरी है। उनकी यह टिप्पणी हाल के हफ्तों में अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी इलाके में चीनी सैनिकों के आक्रामक रवैये की खबरों के बीच आई है। जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में 'इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम' में कहा, ''मुझे लगता है कि हमने 2020 की गर्मियों और 2024 की शरद ऋतु के बीच एक बहुत मुश्किल दौर देखा, और यह मुख्य रूप से सीमावर्ती इलाकों की स्थिति का नतीजा था।'' उन्होंने कहा, ''आखिरकार, सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता अच्छे संबंधों के लिए जरूरी है, और सीमा की स्थिति ही काफी हद तक संबंधों की स्थिति तय करेगी।'' अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों की खबरों पर, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने 12 अगस्त को कहा कि चीन-भारत सीमा की स्थिति ''फिलहाल आम तौर पर स्थिर'' है। गुओ ने कहा कि चीन और भारत ने चीन-भारत सीमा मामलों पर बातचीत और तालमेल के लिए कार्य प्रणाली की 36वीं बैठक की। उन्होंने कहा, ''दोनों पक्ष कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिए बातचीत बनाए रखने और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए सहमत हुए।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को कहा कि भारत चीन के साथ सीमावर्ती इलाकों से जुड़े मामलों को 'बहुत गंभीर' मानता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना ''सबसे जरूरी'' है, क्योंकि सीमा की स्थिति ही दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करेगी। इससे पहले, नई दिल्ली ने अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक नामों से औपचारिक रूप से पहचानने के अपने फैसले पर बीजिंग की आलोचना को भी खारिज कर दिया था। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि यह राज्य भारत का ''अटूट और अभिन्न'' हिस्सा है तथा कोई भी चीज इस ''निर्विवाद वास्तविकता'' को बदल नहीं सकती। -
जोहानिसबर्ग. पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज ज़ोलानी टेटे की दक्षिण अफ्रीका में स्थित उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका के खेल, कला और संस्कृति मंत्री गेयटन मैकेंजी ने कहा कि 38 वर्षीय टेटे की उनकी कार में ही हत्या कर दी गई। उनके साथ वाहन में मौजूद 27 वर्षीय महिला को कई गोलियां लगीं और वह अस्पताल में भर्ती है। टेटे ने 2007-2008 में डब्ल्यूबीएफ फ्लाईवेट श्रेणी में और 2017 और 2019 में डब्ल्यूबीओ बैंटमवेट श्रेणी में विश्व मुक्केबाजी खिताब जीते थे। पुलिस ने बताया कि यह घटना तब घटी जब टेटे पूर्वी केप के मडांटसेन में अपने आवास पर गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। उसी समय दो नकाबपोश व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया।
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नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ लंबी दूरी के हमलों को जारी रखने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात यूक्रेनी हमलों में रूस की पर्म तेल रिफाइनरी, मैरिनोवका सैन्य हवाई अड्डे और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”हम युद्ध के परिणामों को वहीं वापस पहुंचाने के लिए अपनी लंबी दूरी वाली प्रतिबंध और जवाबी कार्रवाई की रणनीति जारी रखे हुए हैं, जहां से यह युद्ध शुरू हुआ था। बीती रात हमारे लंबी दूरी के हमलों ने सीमा से 1,600 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित ‘पर्म’ की तेल रिफाइनरी और रूस के वोल्गोग्राद क्षेत्र में मौजूद ‘मैरिनोवका’ सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया। काला सागर के क्षेत्र में भी हमें कुछ परिणाम मिले हैं।”
उन्होंने बताया कि हमें पहले किए गए हमलों के भी पुष्टि किए गए नतीजे मिले हैं। ‘अख्तुबिंस्क’ हवाई अड्डे पर रूस का एक एसयू-34 लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। यह स्थान अग्रिम मोर्चे से लगभग 600 किलोमीटर दूर है। जेलेंस्की ने कहा कि इसके अलावा, प्रिमोर्स्को-अख्तार्स्क में, जो लगभग 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, हमला करने वाले ड्रोन के भंडारण, तैयारी और लॉन्च केंद्र को निशाना बनाया गया। रूस इन्हीं ड्रोन का इस्तेमाल हमारे लोगों पर हमले करने के लिए करता है।उन्होंने बताया कि रूस के घातक हमले लगातार जारी हैं। बुधवार देर रात भी रूस ने यूक्रेन में भारी तबाही मचाई। उन्होंने बताया कि रूस लंबे समय से इसकी तैयारी कर रहा था और उसने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन जैसे अलग-अलग हथियारों का एक साथ इस्तेमाल किया, ताकि नागरिक बुनियादी ढांचे को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके। कीव और उसके आसपास के इलाके, साथ ही ओडेसा और चेर्निहीव क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है। जेलेंस्की ने रूस से संबंध रखने वाले लोगों पर कार्रवाई की। राष्ट्रपति ने रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे और रूस का समर्थन करने वाले लोगों के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ तालमेल में आगे बढ़ाएगा। -
नई दिल्ली। अमेरिका में ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास की इच्छा रखने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने ‘पब्लिक चार्ज’ (सरकार पर निर्भरता) की परिभाषा को व्यापक बना दिया है, जिससे सरकार से स्वास्थ्य सेवा, ‘फूड स्टैम्प’ (मुफ्त राशन) या किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता लेने वाले आवेदकों के आवेदन खारिज किए जा सकेंगे।
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) द्वारा अंतिम रूप दिया गया यह नया नियम 18 सितंबर से प्रभावी होगा। इस फैसले का असर ग्रीन कार्ड पाने की उम्मीद लगाए भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ेगा। इससे पहले लागू नियम के तहत केवल दो तरह के सरकारी लाभों को ग्रीन कार्ड आवेदन खारिज करने का आधार माना जाता था, जिनमें गुजारा भत्ते के लिए नकद सरकारी सहायता और सरकारी खर्चे पर लंबे समय तक किसी सरकारी संस्थान या आश्रम में रहना शामिल है।एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘पब्लिक चार्ज के आधार पर अयोग्यता तय करने के लिए यूएससीआईएस अधिकारी आवेदक की स्थिति का आकलन करेंगे। इसमें आवेदक द्वारा नकद सहायता, आवास सहायता, मुफ्त राशन, कॉलेज के लिए वित्तीय मदद या ऐसी ही अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने की संभावना पर विचार किया जाएगा।’’यह दिशानिर्देश गृह सुरक्षा विभाग द्वारा बाइडन प्रशासन के 2022 के ‘पब्लिक चार्ज’ नियमों को रद्द करने के फैसले के बाद आए हैं। इस नियम को 16 जुलाई को घोषित किया गया था और 20 जुलाई को ‘फेडरल रजिस्टर’ में प्रकाशित किया गया था। यह नया नियम 18 सितंबर को या उसके बाद डाक द्वारा भेजे जाने वाले या ऑनलाइन जमा किए जाने वाले ‘फॉर्म आई-485’ (स्थायी निवास या स्थिति के समायोजन के आवेदन) पर लागू होगा।नए नियमों के तहत अधिकारियों को आवेदक की उम्र, स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति, वित्तीय स्थिति, शैक्षणिक योग्यता और यहां तक कि आवेदक के आश्रितों द्वारा ली जाने वाली सरकारी सुविधाओं को भी आवेदन खारिज करने का आधार बनाने का अधिकार होगा। यदि कोई अधिकारी यह पाता है कि आवेदक के भविष्य में सरकार सहायता पर निर्भर बनने की संभावना है, तो वह आवेदक को ‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’ जमा करने के लिए कह सकता है।आव्रजन वकीलों साइरस मेहता और दमीरा जानातोवा के विश्लेषण के अनुसार, ‘‘यह नया नियम अधिकारियों को ग्रीन कार्ड आवेदनों को खारिज करने के लिए और अधिक अधिकार प्रदान करेगा।’’ -
बुडापेस्ट. हंगरी में रविवार तड़के राजमार्ग पर जा रही एक यात्री बस सड़क से फिसल कर खाई में गिर गई जिससे 12 लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पोलैंड के पर्यटकों के एक समूह को ले जा रही बस रविवार देर रात करीब एक बजे हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से लगभग 140 किलोमीटर पूर्व में एम3 मोटरवे पर मेजोकेरेज्त्स शहर के पास पूर्व की ओर जाने वाली सड़क पर पलट गई। पुलिस ने एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसा संभवत: चालक को नींद आ जाने के कारण हुआ। उसने बताया कि चालक को हिरासत में ले लिया गया है। हंगरी के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन निदेशालय ने बताया कि हादसे के समय बस में 57 यात्री और दो चालक सवार थे। बस पलटने के बाद कई यात्री उसके नीचे फंस गए थे। पोलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैसिएज वेवियर ने रविवार को पोलिश समाचार एजेंसी पीएपी को बताया कि बस में सवार सभी लोग पोलैंड के नागरिक थे। हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर मग्यार ने फेसबुक पर एक बयान में कहा कि हादसे में कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटनास्थल पर भेजे गए बचावकर्मियों का आभार जताया। पोलैंड के राष्ट्रपति कारोल नावरोकी ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा "मैं पीड़ितों के परिवारों और उनके चाहने वालों के साथ प्रार्थना और गहरी संवेदना में शामिल हूं"।
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लीबिया में बनाया विश्व कीर्तिमान
दुबई. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)में रहने वाले तीन भारतीय उन 65 'स्काईडाइवर्स' में शामिल थे, जिन्होंने 13,000 फुट की ऊंचाई पर एक विमान से छलांग लगाई और अपने-अपने देश का झंडा फहराकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है। शनिवार को 'गल्फ न्यूज' अखबार में शनिवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक सात अगस्त को लीबिया में इस आयोजन में केवल तीन भारतीयों, केरल के कन्नूर से जमशीर थनालोट, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से अभिषेक रावत और बिहार के पटना से ईशा राज ने हिस्सा लिया था। खबर के मुताबिक 65 लोगों के पूरे समूह ने एक ही विमान से राष्ट्रीय झंडों के साथ एक साथ कूदने वाले सबसे ज़्यादा स्काईडाइवर्स का नया रिकॉर्ड बनाया। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 14 अगस्त को आधिकारिक तौर पर इस कीर्तिमान की पुष्टि की। अखबार के मुताबिक सेना के इल्यूशिन आईएल-76टीडी विमान से छलांग लगाते समय हर स्काईडाइवर ने अपने-अपने देश का झंडा साथ लिया हुआ था। खलीज टाइम्स की खबर के मुताबिक इस समूह में करीब 38 देशों के स्काईडाइवर्स शामिल थे। -
नई दिल्ली। स्थानीय अधिकारियों और मीडिया ने शुक्रवार सुबह बताया कि गुरुवार शाम को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के दो जहाजों पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में, यूएई के विदेश मंत्रालय ने ईरान के हमलों की निंदा की और ईरान से इन हमलों को रोकने की जरूरत पर जोर दिया।विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन है, जिसमें नेविगेशन की आजादी के महत्व की पुष्टि की गई थी और कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा डालने को अस्वीकार किया गया था।मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के हथियार के तौर पर करना, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा समुद्री डकैती जैसा काम है। साथ ही, यह क्षेत्र की स्थिरता, वहां के लोगों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।मंत्रालय ने आगे कहा, “यूएई ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान को बिना उकसावे के किए गए हमलों को रोकना चाहिए, सभी तरह की शत्रुता को तुरंत खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होना चाहिए और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और बिना किसी शर्त के फिर से खोलना चाहिए।” सरकारी समाचार एजेंसी ‘एमिरेट्स न्यूज एजेंसी’ के हवाले से सिन्हुआ ने बताया कि कंपनी ने पुष्टि की है कि किसी के घायल होने की खबर नहीं है और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है। एक बयान में, एडीएनओसी ने नाविकों की सुरक्षा और भलाई की रक्षा करने के साथ-साथ नेविगेशन की आजादी और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। रिपोर्ट में शामिल विशिष्ट जहाजों या हमलों से हुए नुकसान की सीमा के बारे में और जानकारी नहीं दी गई। सरकारी स्वामित्व वाली एडीएनओसी दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनियों में से एक है और यूएई की अर्थव्यवस्था को चलाने में मुख्य भूमिका निभाती है।(
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नई दिल्ली। कोलंबिया में सोमवार को आए भूकंप से तबाही मची हुई है। नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट के डायरेक्टर डेविड तमायो ने बताया कि सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 273 हो गई है।तामायो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारे पास 40,753 प्रभावित परिवारों, 97,515 प्रभावित लोगों और 273 मौतों की रिपोर्ट है। उन 273 मौतों में से 250 शव चिकित्सा विभाग में आ चुके हैं, 227 की पहचान की जा चुकी है और 189 को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि भूकंप में 3,824 लोग घायल हुए और 377 लोग लापता हो गए।
बुनियादी ढांचे के संदर्भ में, तामायो ने कहा कि 12,584 घर नष्ट हो गए और 74,873 क्षतिग्रस्त हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि भूकंप के कारण 172 इमारतें ढह गईं और 2,198 स्कूल और शैक्षणिक संस्थान, 825 सामुदायिक केंद्र, 216 स्वास्थ्य केंद्र और पांच हवाई अड्डे प्रभावित हुए।कोलंबिया भूकंप से हुए नुकसान की निगरानी के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी और हाई-रिजॉल्यूशन इमेज का उपयोग किया जा रहा है। जमीन पर, खोज और बचाव दल मलबे के नीचे लापता लोगों का पता लगाने के लिए डॉग स्क्वायड के साथ काम करते रहे। कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सेवा ने कहा कि चोको के उत्तर-पश्चिमी विभाग में सैन जोस डेल पालमार में गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9:42 बजे 4.2 तीव्रता का एक नया झटका दर्ज किया गया, जो सोमवार के भूकंप का केंद्र था। इस बीच, मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) और उसके सहयोगी कोलंबिया में विनाशकारी भूकंप के लिए सरकार के नेतृत्व वाली प्रतिक्रिया का समर्थन किया। ओसीएचए ने अपने दैनिक समाचार अपडेट में कहा कि घरों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। -
न्यूयॉर्क. अमेरिका के विभिन्न राज्य 15 अगस्त 2026 को भारत के स्वतंत्रता दिवस (भारत दिवस) के रूप में मनाने के लिए घोषणाएं कर रहे हैं जो भारत की विरासत, विविधता और अमेरिकी ताने-बाने में इसके प्रवासी समुदाय के बढ़ते योगदान प्रदर्शित करता है। न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और मैसाचुसेट्स के बाद अब डेलावेयर राज्य ने भारत के स्वतंत्रता दिवस को मनाने की घोषणा की है। डेलावेयर ने 15 अगस्त 2026 को 'भारत दिवस' घोषित किया है। डेलावेयर के गवर्नर मैथ्यू मेयर द्वारा हस्ताक्षरित इस घोषणा में कहा गया है कि राज्य के विभिन्न समुदायों में मौजूद अनेक संस्कृतियों और परंपराओं से डेलावेयर ''मजबूत'' हुआ है। इनमें तेजी से बढ़ता भारतीय-अमेरिकी समुदाय भी शामिल है, जिसकी मौजूदगी ने राज्य के स्वरूप को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। घोषणा में कहा गया, ''भारतीय विरासत वाले डेलावेयरवासियों ने पूरे राज्य के समुदायों में अपने काम, नेतृत्व और सेवा के जरिए हमारे राज्य को समृद्ध किया है। उन्होंने हमारी साझा समृद्धि में योगदान दिया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर पैदा किए हैं।'' इसमें कहा गया है, ''भारत का इतिहास भाषाओं, परंपराओं, आस्थाओं और रीति-रिवाजों की असाधारण विविधता में निहित है। भारतीय-अमेरिकियों की पीढ़ियों ने अमेरिका में अपना जीवन और समुदाय बसाने के साथ-साथ इन परंपराओं को आगे बढ़ाया है।'' घोषणा में कहा गया है कि 'भारत दिवस' भारत की स्वतंत्रता का सम्मान करने, डेलावेयर के भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विरासत और उपलब्धियों का उत्सव मनाने तथा समुदायों और भारत के लोगों के बीच कायम मजबूत संबंधों को पहचानने का अवसर प्रदान करता है। मेयर ने इस घोषणा के जरिए सभी नागरिकों से 'भारत दिवस' मनाने, डेलावेयर के भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को पहचानने और ''हमारे समुदायों तथा भारत के लोगों के बीच कायम मजबूत और स्थायी संबंधों का सम्मान करने'' का आह्वान किया। इससे एक दिन पहले न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल और न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने भी 15 अगस्त 2026 को अपने-अपने राज्यों में 'भारत के स्वतंत्रता दिवस' के रूप में मान्यता देने की घोषणा जारी की थी। इस महीने की शुरुआत में मैसाचुसेट्स की गवर्नर माउरा हीली ने भी 15 अगस्त को 'भारत दिवस' घोषित किया था और राज्य में भारतीय प्रवासी समुदाय के योगदान को मान्यता दी थी। हर साल 15 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए अमेरिका के विभिन्न राज्यों और शहरों में भारतीय दूतावास, वाणिज्य दूतावासों तथा संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में ध्वजारोहण समारोह, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष आयोजन किए जाते हैं।
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वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि 'व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट महीने के अंत में अपना पद छोड़ देंगी। लेविट (28) इस पद पर आसीन होने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति हैं। वह मई में अपने दूसरे बच्चे के जन्म के लिए थोड़े समय के अवकाश के बाद हाल में अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' लौटी थीं। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान प्रेस सहायक के रूप में काम कर चुकीं लेविट राष्ट्रपति के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (अमेरिका को फिर से महान बनाओ) अभियान की सबसे प्रमुख समर्थकों में से एक रही हैं। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लेविट के पद छोड़ने की जानकारी देते हुए उन्हें अपने ''सबसे भरोसेमंद सहयोगियों'' में से एक बताया। उन्होंने कहा कि लेविट ''महीने के अंत में अपना पद छोड़ रही हैं, ताकि वह अपने छोटे बच्चों और परिवार के साथ अधिक समय बिता सकें।
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लंदन. भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर को ''सांख्यिकीय यांत्रिकी में उनके महत्वपूर्ण योगदान'' को लेकर प्रतिष्ठित '2026 डिराक पदक' से सम्मानित किया गया है। यह सैद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख सम्मानों में एक है। इटली स्थित अंतरराष्ट्रीय सैद्धांतिक भौतिकी केंद्र (आईसीटीपी) ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इस वर्ष धर समेत चार भौतिक विज्ञानियों को यह पदक प्रदान किया गया है। धर बेंगलुरु स्थित 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च' के 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल साइंसेज' (आईसीटीएस-टीआईएफआर) में प्रोफेसर हैं। वर्ष 1985 में स्थापित 'डिराक पदक' सैद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदानों को मान्यता देता है। इस पुरस्कार को पाने वाले ऐसे कई वैज्ञानिक हैं जिन्हें बाद में नोबेल पुरस्कार और फील्ड्स मेडल समेत दुनिया के सर्वोच्च वैज्ञानिक सम्मान मिले । धर को 2026 का यह 'पदक' फ्रांस के बर्नार्ड डेरिडा, इटली के मार्क मेजार्ड और इजराइल एवं अमेरिका के हैम सोमपोलिंस्की के साथ संयुक्त रूप से मिला है। इन चारों वैज्ञानिकों को उनके उन कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है, जिनसे जटिल प्रणालियों को समझने में वैज्ञानिकों को मदद मिली है। इनके शोध का उपयोग जीव विज्ञान, वित्तीय बाजारों, कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भी होता है। धर ने 'कैलिफ़ोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी' से अपनी पीएचडी पूरी की और 2016 में 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च' से जुड़ने से पहले, कई दशकों तक मुंबई के 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च' में काम किया था। धर को 2023 में पद्म भूषण, 2022 में नोबेल पुरस्कार विजेता जॉन हॉपफील्ड के साथ संयुक्त रूप से बोल्ट्ज़मैन मेडल और 1991 में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार भी मिला था।
- लंदन. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम देशभर के दौरे पर निकलेंगे, जहां वह लोगों से जीवन-यापन की लागत से जुड़ी उनकी चिंताओं को सुनेंगे और उन्हें कुछ ''राहत'' देने के लिए उपायों के एक पैकेज की घोषणा करेंगे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पिछले महीने केअर स्टार्मर की जगह प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालने वाले बर्नहम अगस्त के पूरे संसदीय ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान देशभर का दौरा करते हुए ''लोगों की बात सुनने'' पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वह जीवन-यापन की लागत संबंधी समस्याओं को जानने के उद्देश्य से किए जा रहे इस दौरे के दौरान मतदाताओं को ब्रिटेन के लिए अपनी 10 वर्षीय योजना के बारे में भी बताएंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यालय एवं आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने कहा, ''वह (बर्नहम) मानते हैं कि वेस्टमिंस्टर (ब्रिटेन की सरकार या राजनीतिक व्यवस्था) इस बात का आदी हो गया है कि रोजमर्रा की परेशानियों जैसे छिपी हुई कीमतें और उपभोक्ताओं से अनुचित तरीके से अधिक पैसे वसूलने को जीवन का हिस्सा मानकर स्वीकार कर लिया जाए।'' प्रवक्ता ने कहा, ''वह इसे सही नहीं मानते। यही कारण है कि वह उपभोक्ता हितैषी जीवन-यापन लागत संबंधी कई उपाय लागू करना शुरू करेंगे, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके।'' बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती लागत ब्रिटेन के लोगों की प्रमुख चिंताओं में बनी हुई है। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर दुनिया भर में पड़ रहा है और इसका प्रभाव भी ब्रिटेन पर पड़ रहा है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर बर्नहम ने स्थानीय निकायों को अधिक अधिकार देने की अपनी प्रमुख नीति के तहत अपने गृह नगर में 'नंबर 10 नॉर्थ' की शुरुआत करके अपने पूर्ववर्ती से अलग दृष्टिकोण अपनाने की कोशिश की है। उन्होंने अधिक सहज और लोगों के करीब नजर आने तथा निराश मतदाताओं के बीच समर्थन वापस हासिल करने के उद्देश्य से कई जनसंपर्क कार्यक्रम भी किए हैं। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री की नयी योजनाओं की आलोचना की है, जबकि कारोबारी जगत सरकार की ''करों में बढ़ोतरी और लालफीताशाही'' से जूझने का दावा किया है।
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काठमांडू. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह 'बालेन' सोमवार को नेपाल में भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। शाह के पद संभालने के 100 से ज़्यादा दिनों के बाद यह उनकी इस तरह की पहली आमने-सामने की कूटनीतिक वार्ता होगी। पहले भारतीय राजदूत और फिर चीनी समकक्ष से मिलने के बाद, शाह मंगलवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (चार्ज डी' अफेयर्स) से भी मुलाकात करेंगे। अलग-अलग मुलाकातों की पुरानी परंपरा से हटते हुए शाह ने आठ अप्रैल को यहां प्रधानमंत्री कार्यालय 'सिंह दरबार' में 17 राजदूतों और राजनयिक मिशनों के प्रमुखों के साथ एक संयुक्त शिष्टाचार मुलाकात की थी तथा उनमें भारत और चीन के प्रतिनिधि भी शामिल थे। शाह ने 27 मार्च को भारी जीत के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने रविवार को बताया कि शाह सोमवार सुबह भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से और उसी दिन दोपहर बाद चीनी राजदूत झांग माओमिंग से मुलाकात करेंगे। इसके बाद, मंगलवार को प्रधानमंत्री की अमेरिकी दूतावास के प्रभारी स्कॉट अर्बोम और अन्य राजनयिकों के साथ बैठक होगी। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'द काठमांडू पोस्ट' को बताया, ''भारतीय राजदूत को पहले और उसके बाद चीनी राजदूत को आने के लिए कहा गया है। यानी दोनों राजदूत एक ही दिन प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं, लेकिन पहले और बाद का समय सरकार की विदेश नीति की प्राथमिकता को भी दर्शाता है।'' 'द पोस्ट' ने प्रधानमंत्री के एक सलाहकार के हवाले से बताया कि विदेश मंत्रालय ने संबंधित दूतावासों को मुलाकात के लिए दिये गये समय की जानकारी दे दी है। खबर के अनुसार, बैठक का एजेंडा मुख्य रूप से परिचय-संबंधी होगा, जिसमें राजदूत शाह को द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति के बारे में जानकारी देंगे और अपनी-अपनी सरकारों की ओर से कोई संदेश पहुंचाएंगे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने आमने-सामने की मुलाकातों से परहेज किया था और यहां तक कि दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री स्टेट समीर पॉल कपूर तथा दक्षिण और मध्य एशिया के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत सर्जियो गोर से मिलने से भी इनकार कर दिया था। शाह ने एशियाई विकास बैंक के अध्यक्ष मासातो कांडा के साथ आमने-सामने की बैठक करके अपने ही बनाए नियम को तोड़ा था। कांडा छह जुलाई को तीन दिनों के लिए नेपाल के दौरे पर आए थे।
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लंदन. भारतीय मूल के एक लेखक को ब्रिटेन के 'नेशनल लॉटरी कम्युनिटी फंड' के बोर्ड में नियुक्त किया गया है। यह देश की प्रमुख वित्तपोषण संस्थाओं में से एक है, जो आकर्षक अनुदानों के जरिए सामुदायिक परियोजनाओं के लिए वित्तीय मदद करती है। थिंक टैंक 'ब्रिटिश फ्यूचर' के संस्थापक सुंदर कटवाला ने इस सप्ताह अपनी नई जिम्मेदारी संभाली है। इसमें सामुदायिक निधि की रणनीति और उसके कामकाज को प्रभावी ढंग से लागू करना शामिल है। 'हाउ टू बी ए पैट्रियट' के 52 वर्षीय लेखक चार साल के कार्यकाल के दौरान अध्यक्ष डेम जूलिया क्लेवरडन और बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करेंगे। ब्रिटेन के डिजिटल, संस्कृति, मीडिया और खेल विभाग (डीसीएमएस) ने नयी नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा कि सुंदर कटवाला 'ब्रिटिश फ्यूचर' के निदेशक हैं। 'ब्रिटिश फ्यूचर' एक स्वतंत्र, गैर-दलीय थिंक टैंक और परमार्थ संस्था है। यह संस्था पहचान, आव्रजन और एकीकरण से जुड़े मुद्दों पर काम करती है। इसका उद्देश्य बदलते ब्रिटेन में लोगों के बीच भरोसा और साझा समझ को बढ़ावा देना है।
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न्यूयॉर्क. बोस्टन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय भारत के स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह के साथ मनाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। इस अवसर पर भव्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी को भी प्रदर्शित करेंगे। 'फाउंडेशन ऑफ इंडियन-अमेरिकन्स' (एफआईए)- न्यू इंग्लैंड द्वारा नौ अगस्त को बोस्टन में 5वीं 'इंटरनेशनल इंडिया डे परेड' आयोजित की जाएगी। इसे न्यू इंग्लैंड क्षेत्र में भारत के स्वतंत्रता दिवस, उसकी सांस्कृतिक विरासत और भारत-अमेरिका की स्थायी मित्रता के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जाता है। एफआईए-न्यू इंग्लैंड ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि भारत की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस वर्ष की परेड का विषय 'स्वतंत्रता का उत्सव एवं अमेरिका-भारत मित्रता' रखा गया है। परेड में 15 आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। इसके साथ ही एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सामुदायिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों और न्यू इंग्लैंड के भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाले हजारों लोगों की भागीदारी होगी। इस समारोह के ग्रैंड मार्शल कर्नल इंदर प्रीत सिंह (युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित पूर्व सैनिक) और अमेरिकी नौसेना की खुफिया विशेषज्ञ मैगी लेहमन होंगे। उन्हें देश की सेवा और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बोस्टन में भारत के पहले महावाणिज्यदूत रघुराम शास्त्री होंगे। उनकी उपस्थिति भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और न्यू इंग्लैंड में तेजी से बढ़ते भारतीय-अमेरिकी समुदाय के समर्थन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है। एफआईए-न्यू इंग्लैंड के कार्यकारी निदेशक दीपक राठौर ने कहा कि इस वर्ष की परेड अब तक का सबसे बड़ा और सबसे रंगारंग आयोजन होगा, जिसमें स्वतंत्रता, लोकतंत्र, सांस्कृतिक विविधता और भारत-अमेरिका की मजबूत साझेदारी के मूल्यों का उत्सव मनाया जाएगा।
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कीव/ यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों में रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई तथा 42 अन्य लोग घायल हो गए। यूक्रेन की सरकारी आपातकालीन सेवा ने बुधवार को यह जानकारी दी। रूस ने मंगलवार रात से बुधवार तड़के तक ये हमले किए। रूस यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले कर रहा है। इस साल गर्मियों से ऐसे हमले लगभग नियमित हो गए हैं। यूक्रेन के पास अमेरिका निर्मित 'पैट्रियट' प्रणालियों की मिसाइलों का सीमित भंडार है। उसके पास मौजूद हवाई रक्षा प्रणालियों में केवल 'पैट्रियट' ही बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। इस बीच, यूक्रेन ने भी रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन की आपातकालीन सेवा ने बताया कि राजधानी के आसपास के क्षेत्र में 14 लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य घायल हो गए। ब्रोवरी, बुचा और फास्तिव जिलों में कई स्थानों पर आग लग गई। कीव नगर सैन्य प्रशासन ने बताया कि राजधानी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।
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वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों के आग्रह पर उन्होंने ईरान के खिलाफ हमले करने का फैसला फिलहाल टाल दिया। ट्रंप ने बताया कि रविवार को अमेरिकी सेना की ''द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला'' करने की योजना तैयार थी लेकिन सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान सहित प्रमुख खाड़ी नेताओं से बातचीत और कुछ अज्ञात ईरानी अधिकारियों के अनुरोध के बाद उन्होंने इस योजना को रद्द कर दिया और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए थोड़ा और समय देने का निर्णय लिया। ट्रंप ने न्यू जर्सी के बेडमिन्स्टर स्थित अपने गोल्फ क्लब से वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, ''मैंने क्राउन प्रिंस से पूछा कि आप क्या चाहते हैं? क्या आप चाहेंगे कि हम हमला करें या नहीं? उन्होंने कहा कि हम हमले के बजाय समझौता करना ज्यादा पसंद करेंगे, क्योंकि आपको नहीं पता कि ऐसे हमले कहां जाकर रुकेंगे।'' ट्रंप और सऊदी अरब के शहजादे के बीच शनिवार को बातचीत हुई थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों ने पांच महीने पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। यह ट्रंप के रुख में एक और बड़ा बदलाव था। एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि उन्हें ईरान के साथ बातचीत पर भरोसा कम होता जा रहा है और चेतावनी दी थी कि अमेरिकी सेना ''ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगी।'' ट्रंप ने रविवार को दोहराया कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल होगा।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब किसी भी कीमत पर 28 फरवरी, यानी युद्ध शुरू होने से पहले जैसी नहीं होगी। उन्होंने ईरान के सरकारी टेलीविजन से बातचीत में कहा कि ईरान होर्मुज के दूसरी ओर स्थित ओमान के साथ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर चर्चा कर रहा है, लेकिन फिलहाल इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने पर कोई बातचीत नहीं हो रही है। ट्रंप इससे पहले भी कई बार ईरान पर हमले रोकने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन बाद में हालात बिगड़ने पर संघर्ष फिर शुरू हो गया। -
बोगोटा. यूरोपीय पर्यटकों को प्रसिद्ध नाज्का लाइन्स ले जा रहा एक विमान पेरू के नाज्का शहर के बाहर खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार 13 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नाज्का नगर प्रशासन ने बताया कि विमान ने शनिवार को पास के इका शहर से उड़ान भरी थी और इसका संचालन पेरू की विमानन कंपनी एरोडियाना कर रही थी। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि वह पिछले 14 वर्षों से सेसना ग्रैंड कैरावान विमानों के माध्यम से ऐसी उड़ानों का संचालन कर रही है जिसमें पर्यटकों को हवाई मार्ग से प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल नाज्का लाइन्स दिखाया जाता है। नाज्का लाइन्स रेगिस्तान की सतह को खुरचकर बनाई गई विशाल भू-आकृतियों का समूह है, जिन्हें सैकड़ों वर्ष पहले पेरू के आदिवासी समुदायों ने बनाया था। ये आकृतियां विभिन्न जानवरों की हैं और इन्हें पूरी तरह केवल विमान या विशेष टावरों से ही देखा जा सकता है। पेरू के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में 18 से 54 वर्ष के सात इतालवी नागरिक, 52 वर्ष के दो स्पेनिश नागरिक और 77 तथा 78 वर्ष के दो जर्मन नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा विमान के पायलट अमेरिको सालाजार और सह-पायलट इरेन्का गुआनिलो डेल कार्पियो की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई। राष्ट्रपति केइको फुजीमोरी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि हवाई अड्डे को ''अस्थायी रूप से बंद करने'' पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय संबंधित मंत्रालयों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जाएगा। पेरू के अधिकारियों ने बताया कि विमान दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, एरोडियाना कंपनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
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कीव/ रूस ने शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला किया, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यूक्रेन की सरकारी आपातकालीन सेवा के अनुसार, कीव के सोलोमियांस्की जिले में मलबा गिरने से पांच मंजिला रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें आग लग गई। बचावकर्मियों ने इमारत की ऊपरी मंजिलों से 35 लोगों को सुरक्षित निकाला। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई और दो बच्चों सहित आठ लोग घायल हुए हैं। आपातकालीन सेवा ने बताया कि दारनित्स्की जिले में हमले के कारण मकानों, वाहनों, एक प्रशासनिक भवन और अन्य गैर-आवासीय इमारतों में आग लग गई तथा भारी नुकसान हुआ। इस इलाके में सात लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। राजधानी के शेवचेंकिव्स्की जिले में भी आपातकालीन कर्मियों ने एक गैर-आवासीय इमारत में लगी आग पर काबू पाया। हालांकि, जिले के महापौर द्वारा पहले दी गई इस सूचना पर कि एक अन्य रिहायशी इमारत में कुछ लोग फंसे हो सकते हैं, कोई नई जानकारी नहीं मिली है। शहर के दो अन्य जिलों में भी व्यावसायिक और रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की लगातार अमेरिका और अन्य पश्चिमी सहयोगी देशों से रूस के मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए पैट्रियट हवाई रक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। जेलेंस्की ने शुक्रवार देर रात बताया कि उनकी अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने इस सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक पर भी चर्चा की, जिसे उन्होंने 'सकारात्मक और सार्थक' बताया। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच 'टेलीग्राम' पर लिखा, ''हमारे देश पर रूस के हवाई हमले लगातार जारी हैं। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए पैट्रियट प्रणाली के इंटरसेप्टर और हवाई रक्षा क्षमता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।'' जुलाई में अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट प्रणाली के निर्माण का लाइसेंस देगा। हालांकि, शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैम्प डेविड में मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। कीव पर यह हमला ऐसे समय हुआ है जब महज दो दिन पहले रूस ने पूरे यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया था। उस हमले में 10 नागरिकों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। साथ ही, एक रूसी मिसाइल पोलैंड के हवाई क्षेत्र में भी प्रवेश कर गई थी। दूसरे हवाई हमले की चेतावनी के दौरान तहखाने में बने शरणस्थल में छिपीं 64 वर्षीय ल्यूडमिला नाकोनेचना ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे तेज धमाकों की आवाज से उनकी नींद खुल गई। उन्होंने कहा, ''मैं भागकर गलियारे में पहुंची ही थी कि बाथरूम का दरवाजा जोरदार धमाके से उखड़कर मेरे पैर से टकरा गया। चारों ओर शीशे टूटने की आवाज आ रही थी। मेरी बालकनी पूरी तरह कांच से भर गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मेरे शयनकक्ष की खिड़कियां भी टूट गईं।'' कैंसर का उपचार करा चुकीं नाकोनेचना ने बताया कि रूस के 24 फरवरी 2022 को पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से उन्होंने कभी शरणस्थल का सहारा नहीं लिया था, लेकिन अब लगातार हमलों के कारण मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि उन्हें वहां जाना पड़ा। उन्होंने कहा, ''स्थिति हर दिन खराब होती जा रही है। पहले दो सप्ताह में एक बार या सप्ताह में एक बार हमला होता था, लेकिन अब लगभग हर दिन हमले हो रहे हैं। मानसिक रूप से इसे सहना बेहद कठिन होता जा रहा है।'' -
अमेरिका और सऊदी अरब ने ईरान समर्थित लड़ाकों पर किए हमले
काहिरा. जॉर्डन की सेना ने कहा कि देश की हवाई रक्षा प्रणाली ने बुधवार तड़के ईरान से दागी गईं पांच मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया। यह घटना अमेरिकी सेना द्वारा पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर दागी गईं ईरानी मिसाइलों को निष्क्रिय करने और इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के ठिकानों पर सऊदी अरब के साथ संयुक्त हवाई हमले किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई। जॉर्डन की सेना ने कहा कि 'सभी पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया गया।'
इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के हवाले से कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन स्थित मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस और अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि उसकी सेनाएं 'पूरी तरह सतर्क और उच्च स्तर की तैयारी' में हैं। सेंटकॉम ने यह भी बताया कि अमेरिकी और सऊदी बलों ने इराक में उन ठिकानों पर हमले किए, जिनका इस्तेमाल ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हाल के दिनों में हमले करने के लिए कर रहे थे। अमेरिका ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सैनिकों या सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर आगे भी हमले हुए, तो और कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने इन हमलों पर चर्चा के लिए बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से अपेक्षाकृत शांति का दौर था। लगभग तीन दिनों तक दोनों देशों की ओर से किसी नए हमले की घोषणा नहीं हुई थी। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कई सप्ताह तक तनाव बना हुआ था। यह वही रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार होता है। यह संघर्ष ऐसे समय फिर भड़क उठा है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मोर्चों पर दबाव का सामना कर रहे हैं। हाल के सप्ताहों में संघर्ष में चार अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि पेंटागन ने युद्ध की बढ़ती लागत के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त धन की मांग की है। सेंटकॉम ने कहा, "पिछले 72 घंटों में आईआरजीसी के निर्देश पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में अमेरिकी और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकवादी संगठनों के कई रसद और हथियार भंडारण ठिकानों पर हमला किया।" सेंटकॉम ने चेतावनी दी कि "आईआरजीसी और उससे जुड़े आतंकवादी समूहों को ये हमले बंद करने होंगे, अन्यथा अमेरिका आगे भी सैन्य कार्रवाई करेगा।" सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया पर हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि "सऊदी अरब तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देगा।" 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज' (पीएमएफ), जो मुख्य रूप से शिया और ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों का गठबंधन है तथा औपचारिक रूप से इराकी सेना के अधीन है, ने दावा किया कि रातभर चले हवाई हमलों में उसके 20 लड़ाके मारे गए और 32 घायल हुए। सऊदी अरब ने मंगलवार को कहा था कि उसने लगातार दूसरे दिन इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा दागे गए ड्रोन मार गिराए। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उसने नाकाबंदी करके एक सऊदी तेल टैंकर को रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया। इराक के प्रधानमंत्री अल-ज़ैदी ने सोमवार के कथित ड्रोन हमले के बाद जांच के आदेश दिए। इराकी सेना ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इराक की भूमि का उपयोग किसी भी मित्र या पड़ोसी देश पर हमला करने के लिए न किया जाए। हालांकि, इराकी मिलिशिया समूहों ने ड्रोन हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।



























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