बिलासपुर क्षेत्र के विद्युत विकास में महिला कर्मियों की अहम भूमिका
ऊर्जा क्षेत्र के जोखिमपूर्ण कार्यों में महिलाओं की समान भागीदारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के विद्युत विकास की गाथा में पुरूश कर्मियों के साथ- साथ महिला कर्मियों की भी अहम भूमिका रही है। वे निरंतर कंधे से कंधा मिलाकर जोखिमपूर्ण कार्यों का निश्पादन बडी सहजता के साथ कर रही हैं। वह कार्य चाहे डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी, ट्रांसमिषन कंपनी या उत्पादन कंपनी की हो। सभी कंपनी में महिला कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र अथवा दूर्गम पहाडी क्षेत्रों में भी दिन-रात उपस्थित होकर सदैव विद्युत उपभोक्ताओें की सेवा में तत्पर रहकर कार्य करती हैं।
छत्तीसगढ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड बिलासपुर क्षेत्र में महिलाओं के कर्तव्य और भूमिकाएं सामान्यतः विद्युत क्षेत्र के नियमों, कंपनी के दिषा-निर्देषों और विभागीय नीतियों के तहत होते हैं, जिसमें तकनीकी, प्रषासनिक और ग्राहक सेवा के क्षेत्र षामिल हैं, बिजली वितरण, रखरखाव, और नए कनेक्षन से जुडे़ कार्यों में महिला इंजीनियर और तकनीषियन षामिल हो सकती हैं। कार्यालयीन कार्यों, बिलिंग, ग्राहक सेवा, मानव संसाधन और प्रबंधन में महिला अधिकारी/कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी जानकारी देना, षिकायतों का निवारण करना और योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही बिजली बचाने और नई तकनीकों (जैसे स्मार्ट मीटर) के उपयोग के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करना।
पॉवर कंपनी में महिलाओं के कर्तव्य कंपनी के कार्यक्षेत्र और उनकी विषेशज्ञता पर निर्भर करते हैं। सरकार की विभिन्न महिला सषक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से, महिलाएं न केवल सषक्त हो रही हैं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाकर राज्य के विकास में योगदान दे रही हैं।
बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेषक श्री ए.के.अम्बस्ट ने बताया कि बिलासपुर रीजन के विभिन्न कार्यालयों तथा मैदानी क्षेत्रों में लगभग 230 से अधिक महिला विद्युत कर्मी जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, कनिश्ठ अभियंता तथा अन्य कार्यालयीन स्टॉफ षामिल हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र के विकास एवं जोखिमपूर्ण कार्यों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन बडी निश्ठा एवं मेहनत के साथ कर रही हैं।

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