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 महिला दिवस विशेष : सशक्तिकरण की राह पर आगे बढ़ती बिलासपुर की महिलाएं, योजनाओं ने बढ़ाया आत्मविश्वास

बिलासपुर. बदलते दौर में महिलाएं अब केवल घर की जिम्मेदारियोंद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और विकास की मजबूत भागीदार बनकर उभर रही हैं।  जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन, सामाजिक भागीदारी और मातृत्व सम्मान को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाएं और पहलें संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और जीवन के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रथम संतान के जन्म पर महिलाओं को दो किश्तों में 5 हजार रुपये तथा द्वितीय बालिका संतान के जन्म पर 6 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। 
अप्रैल 2024 से दिसंबर 2025 तक जिले में 22 हजार 392 हितग्राहियों को लगभग 10 करोड़ 78 लाख 78 हजार रुपये की राशि से लाभान्वित किया जा चुका है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना भी प्रभावी रूप से लागू है। इस योजना के तहत जिले की लगभग 4 लाख 20 हजार महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में दी जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सामूहिक गतिविधियों और संवाद का मंच प्रदान करने के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 11 महतारी सदनों की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 8 का निर्माण पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाएंगे। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में 9 और महतारी सदनों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अधिकांश कार्य प्रगति पर हैं। महिलाओं और बालिकाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा बिलासा गर्ल्स कॉलेज मैदान में प्रदेश का पहला पिंक प्ले ग्राउंड विकसित किया गया है। लगभग 4 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से तैयार इस मैदान में एथलेटिक ट्रैक, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी मैदान, इंडोर जिम और मल्टीएक्टिविटी हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मातृत्व और कार्य के बीच संतुलन के लिए वात्सल्य कक्ष महिलाओं के मातृत्व और कार्यस्थल के बीच संतुलन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्टोरेट परिसर में “वात्सल्य कक्ष” की शुरुआत की है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2025 को प्रारंभ किए गए इस कक्ष में महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित और स्नेहिल वातावरण उपलब्ध कराया गया है। यहां बच्चों के लिए खिलौने, शैक्षणिक सामग्री और आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बच्चों की देखरेख करती हैं, जिससे महिला कर्मचारी निश्चिंत होकर अपने कार्यों का निर्वहन कर पा रही हैं।
इन योजनाओं और पहलों के माध्यम से बिलासपुर जिले में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक संबल, सामाजिक मंच और मातृत्व सम्मान मिलने से महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
 

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