नारायणपुर :- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज
0- अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने किया जमीनी निरीक्षण..
नारायणपुर. प्रदेश की अपर मुख्य सचिव (वन एवं जलवायु परिवर्तन) श्रीमती ऋचा शर्मा ने शनिवार को नारायणपुर जिले के दूरस्थ एवं पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों—बोरपाल, ईरकभट्टी, कानागांव और कुतुल का दौरा कर निर्माण कार्यों एवं तेंदूपत्ता खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
निरीक्षण की शुरुआत बोरपाल के तेंदूपत्ता खरीदी केंद्र से हुई, जहां उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बिजली स्थित खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों को अधिक से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। नारायणपुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भी उन्होंने भंडारण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए उचित रखरखाव के सुझाव दिए।
कानागांव, जो हाल ही में नक्सल मुक्त हुआ है, वहां पहली बार तेंदूपत्ता खरीदी केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान ईरकभट्टी से कानागांव तक 3 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग सामने आई, जिस पर उन्होंने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ईरकभट्टी में नवनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने पत्तल निर्माण एवं इमली खरीदी के लिए शेड निर्माण की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर नम्रता जैन ने जल्द स्वीकृति देने की बात कही। इस दौरान महिलाओं को साड़ी वितरण कर उन्हें तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए प्रोत्साहित भी किया गया। इसके बाद कुतुल पहुंचकर उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। आकाबेड़ा के तेंदूपत्ता खरीदी केंद्र का अवलोकन करते हुए भी उन्होंने ग्रामीणों को अधिक आय अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती रंजीता गुप्ता, कलेक्टर नम्रता जैन, वनमंडलाधिकारी डॉ. वेंकटेशा एमजी, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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