उत्साही बच्चों ने स्वयं बनाकर बांटा भेल
0- महाराष्ट्र मंडल के बाल संस्कार शिविर का दूसरा दिन रहा बेहद मजेदार व स्वादिष्ट भी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल परिसर में चल रहे आध्यात्मिक समिति के बाल संस्कार शिविर में दूसरा दिन भी बच्चों के लिए मनोरंजक के साथ स्वादिष्ट भी रहा। पहले दिन की तुलना में शनिवार को बच्चों की संख्या में उत्साहजनक बढ़ोत्तरी हुई। अब सोमवार से गुरुवार तक यही बाल संस्कार शिविर ऑनलाइन मोड पर चलेगा।
शनिवार सुबह संध्या खंगन, मंजुषा वैशंपायन ने बच्चों के साथ विविध मंत्रोच्चार किया। तत्पश्चात सभी ने सस्वर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। आस्था काले और वर्षा चोपकर ने योग के आसन के रूप में अनुलोम- विलोम और प्राणायाम करवाया। साथ ही इसका अर्थ भी समझाया। वार्मअप के बाद बच्चों ने बिना थके रस्सी कूद, एनिमल वॉक, मंकी वॉक, डक वॉक, भालू वॉक करवाया और जोश से भरे बच्चों ने कूद- कूदकर इन योग को किया भी। खेल-खेल में आसन, सर्वांगासन, शशांक आसन, पश्चिमोत्तानासन भी शिविरार्थी बच्चों ने योग प्रशिक्षिकाओं की देखरेख में सीखा।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था के अनुसार ब्रेन एक्टिविटी और माइंड गेम रचना ठेंगड़ी, सुमिता रायज़ादा और सोनाली कुलकर्णी ने करवाया। इसमें क्रास वर्ड से लेकर कलर पहचानने के रंग जैसे अनेक मजेदार गेम शामिल रहे। आज शिविर में सबसे दिलचस्प सेगमेंट्स फायरलैस कुकिंग का रहा। इसमें सभी बच्चों ने अपने-अपने घरों में विभिन्न सामग्रियां लाकर और अपने प्रशिक्षिकाओं अक्षता पंडित के साथ मिलकर स्वादिष्ट भेल बनाया। जिसे सभी में आपस में मिल बांटकर खाया भी। महत्वपूर्ण बात यह है कि भेल बनाने की पूरी प्रक्रिया बच्चों ने सीखकर स्वयं प्याज, टमाटर, धनिया पत्ती काटकर मुरमुरे में मिलाया।
इस बीच सुप्रिया शेष ने सभी बच्चों को फ्रूटी दी गई। आकांक्षा गद्रे ने प्रत्येक बच्चे का टीका लगाकर शिविर में स्वागत किया। समूचे आयोजन में मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन का विशेष सहयोग रहा। अवनी महेश्वरी, श्रावणी महेश्वरी, आरोही भुजाणे, मानसी चोपकर, आरव जोशी, अर्णव भुजाणे, अभिज्ञा अभिनव शुक्ला, युक्ता रोकड़े, अनघा शेष, अक्षदा किरवई, विदिका पंडित, प्राची शेंडे, आरुषि कांबलकर, अर्णव कुसरे, प्रशस्ति आकांत, धैर्या थानवी सहित अनेक शिविर में शामिल हुए।










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