सुरभि गोधाम लाखासार में पशुओं के संरक्षण एवं प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था
बिलासपुर. जिले के लाखासार स्थित सुरभि गोधाम में संरक्षित पशुओं के देखभाल एवं प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। फिलहाल 205 पशुओं को गोठान में संरक्षण मिला हुआ है। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी, आवास एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।पशुधन विकास विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
गोधाम परिसर में लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में नेपियर घास एवं 1 एकड़ में सुडान चारा लगाया गया है, जिससे पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता बनी हुई है। इसके अलावा सूखा चारा, कुट्टी एवं पशु आहार का भी पर्याप्त भंडारण किया गया है। संयुक्त संचालक वेटेरिनरी के अनुसार गोठान में वर्तमान में संरक्षित पशुओं के लिए आवश्यकतानुसार चारा-पानी उपलब्ध है। पशुओं के सुरक्षित आवास हेतु गोठान में तीन शेड निर्मित हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 3740 वर्गफुट है। इन शेडों में पशुओं के ठहराव और सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया गया है।
पशुओं के स्वास्थ्य एवं देखरेख के लिए गोठान में एक चरवाहा एवं एक निजी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान गोठान में संरक्षित पशु स्वस्थ पाए गए।पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के संयुक्त संचालक डॉक्टर जीएसएस तंवर ने बताया कि जिले में गौवंश संरक्षण एवं प्रबंधन को लेकर शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित गोठानों के माध्यम से पशु संरक्षण के साथ-साथ चारा विकास एवं बेहतर प्रबंधन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
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