जीवनदायिनी तांदुला नदी को वास्तविक स्वरूप में वापस लाने की जाएगी अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही
-नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि से हटाए जाएगा अतिक्रमण
-तहसीलदार द्वारा सभी 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का जारी किया गया नोटिस
बालोद। बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी को उसके वास्तविक स्वरूप में वापस लाने प्रशासन द्वारा निरंतर ही कार्य किया जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिला मुख्यालय के समीप ग्राम सिवनी और देउरतराई क्षेत्र में तांदुला नदी के तट पर किए गए अवैध कब्जे पर कार्यवाही की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार तांदुला नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। बालोद तहसीलदार द्वारा सभी 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया है। कुछ महीने पहले इस क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगी होने के कारण अवैध कब्जा हटाने की इस मुहिम को रोक दिया गया था। अब चूंकि धान की फसल कट चुकी है, प्रशासन पुनः अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर रहा है। राजस्व विभाग की जांच में सामने आया है कि अधिकांश अतिक्रमणकारियों के पास अन्य जगहों पर भी जमीन है, और वे किराना दुकान, सेलून आदि व्यवसाय चलाते हैं। कुछ लोगों द्वारा इस अवैध कब्जे वाली भूमि को दूसरों को रेगहा पर दिए जाने की जानकारी भी मिली है। ड्रोन सर्वे से पता चला है कि 220 मीटर चौड़ी तांदुला नदी कई जगहों पर सिकुड़कर मात्र 80-90 मीटर चौड़ी ही रह गई है। अवैध कब्जा हटाने का यह कदम तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन का मुख्य संकल्प तांदुला नदी को उसके पुराने और वास्तविक स्वरूप में वापस लाना है, जो इस त्वरित कार्रवाई से साकार होता दिख रहा है।













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