ब्रेकिंग न्यूज़

300 रुपये की नौकरी... फिर भी ठुकरा दिया 50 हजार रुपये, कार और फ्लैट का ऑफर

प्रकाश मेहरा की जयंती 13 जुलाई पर विशेष
पचास हज़ार रुपये, एक फिएट कार, एक फ्लैट... बस हमारी फिल्म डायरेक्ट कर दीजिए।
ये ऑफर एक निर्माता ने प्रकाश मेहरा को दिया था। उस समय तक प्रकाश मेहरा ने बतौर निर्देशक अपना सफर शुरू भी नहीं किया था, हालांकि वह अपनी पहली फिल्म की तैयारी में जुटे हुए थे।
जिस निर्माता ने यह आकर्षक प्रस्ताव रखा था, वह 'अमर सिंह राठौड़' नाम की फिल्म बनाना चाहता था। फिल्म में निरूपा रॉय और पी. जयराज मुख्य भूमिकाओं में थे। जाहिर है, इतना बड़ा ऑफर किसी के भी कदम डगमगा सकता था।
साल 1957 में, जब प्रकाश मेहरा महज़ 300 रुपये महीने की नौकरी कर रहे थे, तब 50 हजार रुपये, एक फिएट कार और एक फ्लैट का प्रस्ताव किसी सपने से कम नहीं था। लेकिन उन्होंने तुरंत हामी नहीं भरी। क्योंकि वे पहले ही तय कर चुके थे कि निर्देशन की शुरुआत अपनी पसंद की फिल्म से ही करेंगे।
उन्होंने निर्माता से तीन-चार दिन का समय मांगा। उन दिनों प्रकाश मेहरा, निर्देशक मोहन सहगल के सहायक थे। वहीं एक असिस्टेंट कैमरामैन थे—सरदार बलदेव सिंह। प्रकाश मेहरा ने उनसे इस ऑफर का ज़िक्र किया।
बलदेव सिंह जानते थे कि प्रकाश मेहरा सामाजिक विषयों पर फिल्में बनाना चाहते हैं। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा,
"गलती से भी हां मत कहना। यह माइथोलॉजिकल फिल्म है। एक बार इस जॉनर में चले गए, तो फिर उसी में सीमित होकर रह जाओगे।"
उन्होंने आगे कहा, "अगले साल तुम्हारी फिल्म 'हसीना मान जाएगी' शुरू होगी। थोड़ा सब्र करो।"
प्रकाश मेहरा ने अपने साथी की सलाह पर भरोसा किया और इतना बड़ा ऑफर ठुकरा दिया।
जब निर्माता को उनके इंकार की खबर मिली, तो वह बेहद नाराज़ हुआ। उसने कई लोगों से कहा,
"बेवकूफ तो बहुत देखे हैं, लेकिन ऐसा बेवकूफ नहीं देखा। 300 रुपये महीने की नौकरी करने वाला आदमी 50 हजार रुपये, कार और फ्लैट का ऑफर ठुकरा रहा है!"
लेकिन उस निर्माता को नहीं पता था कि प्रकाश मेहरा कोई छोटा फैसला नहीं ले रहे थे। उनका लक्ष्य सिर्फ एक फिल्म निर्देशित करना नहीं, बल्कि लंबी पारी खेलना था।
आखिरकार, 1968 में रिलीज़ हुई 'हसीना मान जाएगी' से प्रकाश मेहरा ने निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने एक से बढ़कर एक सफल फिल्में दीं और हिंदी सिनेमा के सबसे सफल और प्रभावशाली निर्देशकों में अपनी जगह बना ली।
आज, 13 जुलाई को प्रकाश मेहरा की जयंती है। उनका जन्म 13 जुलाई 1939 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित अपने ननिहाल में हुआ था।
मुंबई में मिली उनकी सफलता रातों-रात नहीं आई थी। इसके पीछे वर्षों का संघर्ष, धैर्य, सही फैसले लेने की क्षमता और अपने सपनों पर अटूट विश्वास था। यही वजह है कि प्रकाश मेहरा का सफर आज भी हर उस इंसान को प्रेरित करता है, जो अपने बड़े सपनों के लिए छोटे-छोटे लालच ठुकराने का साहस रखता है।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english