भगवान बालाजी, श्रीदेवी-भूदेवी की भव्य शोभायात्रा से भिलाई भक्तिमय रंग में रंगा
-टी सहदेव
भिलाई नगर। आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में सेक्टर-05 स्थित बालाजी मंदिर की 52वीं वर्षगांठ पर शनिवार को भगवान बालाजी एवं माताओं श्रीदेवी-भूदेवी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पंडित गोपालाचारी, द्वारिका तिरुमला तथा तिरुमला के अतिथि पंडितों के सान्निध्य में पारंपरिक आस्था, वैदिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच संपन्न इस दिव्य आयोजन में दक्षिण भारतीय समाज सहित विभिन्न समुदायों के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। समिति के अध्यक्ष पीवी राव एवं सचिव पीएस राव के नेतृत्व में निकली शोभायात्रा रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक झालरों, झूमरों और सतरंगी रोशनी से सजे वाहन पर विराजमान भगवान बालाजी और दोनों देवियों के उत्सव विग्रहों के साथ प्रारंभ हुई। शेषनाग आसन पर देवियों श्रीदेवी और भूदेवी संग विराजमान इष्टदेव के अलौकिक दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
धूम-धड़ाके के साथ निकली बालाजी की सवारी
ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, गाजे-बाजों और आतिशबाजी के बीच निकली शोभायात्रा बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर सेंट्रल एवन्यू रोड, 2.5 मिलियन टन चौक, सेक्टर 04 के मुख्य मार्गों से होते हुए रात को पुनः बालाजी मंदिर लौटी, जहां भगवान को एकांत सेवा अर्पित की गई। शोभायात्रा के स्वागत में महिलाओं एवं युवतियों ने मार्गों पर पारंपरिक और आधुनिक रंगोलियां सजाईं। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का अभिनंदन किया। जगह-जगह आरती उतारी गई तथा श्रद्धालुओं के लिए शीतलपेय तथा फलाहार की व्यवस्था की गई। इस दौरान आंध्र महिला मंडली की महिलाओं ने गरबा की तर्ज पर दक्षिण भारतीय पारंपरिक लोकनृत्य ‘कोलाटम’ की रास्ते भर मनोहारी प्रस्तुति दी। युवक-युवतियां, बच्चे और बुजुर्ग ढोल की थाप पर भगवान की भक्ति में झूमते नजर आए।
सुप्रभातम से हुआ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ
धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में ‘सुप्रभातम’ से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान बालाजी से तीनों लोकों के कल्याण की प्रार्थना की गई। इसके पश्चात पंडित गोपालाचारी ने पंचामृत एवं शिवनाथ नदी से लाए गए पवित्र अभिमंत्रित जल से भगवान का अभिषेक कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान की कृपा प्राप्ति हेतु सहस्रनामार्चना में भाग लिया। अष्टोत्तर शत कलशाभिषेकम के अंतर्गत भगवान बालाजी को 108 पवित्र कलशों से जलाभिषेक किया गया। इस अवसर पर भिलाई नादस्वरम ग्रुप के पीवी दयाकर व विनोद कुमार ने नादस्वरम, पीवी स्वामी ने ढोल और पी प्रवलिका ने झांझ पर संगत देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सनातन परंपराओं के साथ हुआ कल्याणोत्सव
सहस्रनामार्चना के पश्चात भगवान बालाजी एवं माताओं श्रीदेवी-भूदेवी का भव्य कल्याणोत्सव (विवाहोत्सव) संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और सनातन विधि-विधान के बीच भगवान बालाजी को वर तथा श्रीदेवी-भूदेवी को वधू स्वरूप अलंकृत किया गया। स्वर्णाभूषणों और नवीन वस्त्रों से सुसज्जित दिव्य विग्रहों के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने गोदान, वस्त्रदान एवं कन्यादान जैसी सनातन रस्में निभाईं। पंडितों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से देवियों को मंगलसूत्र अर्पित किया गया। इस पावन आयोजन में टीवीएन शंकर तथा के लक्ष्मीनारायण दंपति मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। दोपहर को श्रद्धालुओं में महाप्रसाद एवं भोग वितरण किया गया।












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