आजीविका डबरी बनी ग्रामीणों की आय का नया आधार
0- मनरेगा के तहत 24 हितग्राहियों के खेतों में तैयार हुई डबरियां
रायपुर. जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (म.गा. नरेगा) के अंतर्गत जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सफल होती नजर आ रही है। इसी के तहत ग्राम टेकारी की श्रीमती गैंदी बाई साहू एवं ग्राम चरौदा के श्री फगनी धीवर सहित कुल 24 हितग्राहियों के निजी भूमि पर निर्मित आजीविका डबरियों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।
निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इन डबरियों की उपयोगिता की तकनीकी जांच भी की गई। इन डबरियों में मत्स्य पालन, सिंघाड़ा उत्पादन और ढेस सब्जी की खेती जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है, जिससे हितग्राहियों को अतिरिक्त आय हो सके और उनका जीवनयापन सुचारू रूप से हो समके।
मत्स्य विभाग द्वारा संचालित ‘फिंगरलिंग संचयन योजना’ के तहत सभी 24 हितग्राहियों को 4 हजार रुपये मूल्य के मछली बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। मछली बीज मिलने के बाद हितग्राही अपनी डबरियों में मत्स्य पालन शुरू कर सकेंगे और कम लागत में बेहतर आय अर्जित कर पाएंगे।




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