महिंद्रा समूह भी पुराने ट्रकों और बसों को बदलने पर छूट प्रदान करने वाली केंद्र की योजना में शामिल
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने की भारत सरकार की योजना के तहत, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड और एसएमएल महिंद्रा के बीच शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत, मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) योजना के अंतर्गत खरीदे जाने वाले पात्र ट्रकों और बसों के एक्स-शोरूम मूल्य पर 8 प्रतिशत की छूट प्रदान करेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह छूट की सीमा उतनी ही होगी जितनी उसी सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) श्रेणी के आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहन पर मिलती है। इसमें शामिल ओईएम की ओर से दी जाने वाली 8% छूट के अलावा, केंद्र सरकार 5 वर्ष तक 5% ब्याज सब्सिडी और प्रति माह निश्चित मासिक ईंधन वाउचर प्रदान करेगी। इस योजना में शामिल राज्य सरकारें पात्र लाभार्थियों के लिए 10 वर्ष तक मोटर वाहन कर में 100% तक छूट देंगी और पंजीकरण शुल्क में छूट प्रदान करेंगी। इस सप्ताह की शुरुआत में, अशोक लेलैंड, स्विच मोबिलिटी और टाटा मोटर्स ने भी इस योजना को लागू करने के लिए सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन पांच कंपनियों का ट्रकों और बसों के बाज़ार में लगभग 75% हिस्सा है, जिससे इस योजना को लागू करने के लिए काफ़ी कवरेज मिलता है।









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