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  नैनो उर्वरकों से किसान रामकुमार श्रीवास ने घटाई लागत, बढ़ाया उत्पादन

 बिलासपुर ।तखतपुर विकासखंड के ग्राम सैदा निवासी किसान श्री रामकुमार श्रीवास ने यह साबित कर दिया है कि खेती में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी है नई तकनीक पर भरोसा। 10 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले रामकुमार बढ़ती लागत और उत्पादन की चिंता से परेशान थे। ऐसे समय में कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग शुरू किया। आज यही निर्णय उनकी खेती की सफलता की नई पहचान बन गया है।
 शुरुआत में उन्हें नई तकनीक को अपनाने में संकोच था। मन में कई सवाल थे कि क्या छोटे पैक में मिलने वाले ये नैनो उर्वरक वास्तव में प्रभावी होंगे। लेकिन कृषि विभाग के विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने के बाद उनकी सभी शंकाएं दूर हो गईं। फसल की बढ़वार पहले से बेहतर हुई, पौधे अधिक हरे-भरे और स्वस्थ नजर आए तथा पोषक तत्वों का प्रभावी उपयोग होने से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हो गई। इसका सीधा लाभ खेती की लागत में कमी के रूप में मिला। रामकुमार श्रीवास बताते हैं कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ और उत्पादन भी बेहतर मिला। उनका अनुभव है कि यदि किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार इन उर्वरकों का उपयोग करें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इससे खेती न केवल लाभकारी बनती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है।
आज रामकुमार अपने गांव ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। वे अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि जब किसान नई तकनीक को खुले मन से अपनाता है, तो खेतों में केवल फसल ही नहीं, समृद्धि भी लहलहाने लगती है।

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