भिलाई निगम का वर्षाजल संरक्षण से भू-जल स्तर बढ़ाने पर जोर
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में भू-जल स्तर को संरक्षित एवं बढ़ाने के उद्देश्य से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर लगातार जागरूकता एवं प्रोत्साहन अभियान चलाया जा रहा है। निगम द्वारा भवन एवं भूमि मालिकों से अपने परिसरों में वर्षाजल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने की अपील की जा रही है, ताकि आने वाले समय में जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
निगम अधिकारियों ने बताया कि लगातार गिरते भू-जल स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए वर्षा जल का संचयन सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक उपाय है। वर्षा के पानी को सीधे जमीन में पहुंचाकर जलभृत को पुनर्भरित किया जा सकता है, जिससे भू-जल की उपलब्धता में वृद्धि होती है और प्राकृतिक जल स्रोत लंबे समय तक सुरक्षित बने रहते हैं। नगर निगम के अनुसार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सरकारी भवनों, निजी संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संस्थाओं तथा आवासीय परिसरों में आसानी से स्थापित किया जा सकता है। यह प्रणाली अपेक्षाकृत कम लागत वाली, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है, जो भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा जल स्वाभाविक रूप से अपेक्षाकृत स्वच्छ एवं बैक्टीरिया रहित होता है, इसलिए इसके उपयोग के लिए अत्यधिक जल शुद्धिकरण की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके माध्यम से भू-जल का पुनर्भरण होने से सूखे की स्थिति का प्रभाव कम होता है, नदियों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के प्रवाह को बनाए रखने में सहायता मिलती है तथा जल प्रदूषण की समस्या में भी कमी आती है। निगम ने बताया कि सतही जल की तुलना में भू-जल स्वास्थ्य की दृष्टि से अधिक सुरक्षित माना जाता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से जल का वाष्पीकरण भी कम होता है, जिससे जल का संरक्षण बेहतर तरीके से हो पाता है और जलभृत की उत्पादक क्षमता में भी वृद्धि होती है। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहरवासियों से अपील की है कि वे वर्षा ऋतु का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने घरों, भवनों और संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही जल संरक्षण का यह अभियान सफल होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त भू-जल संसाधन सुरक्षित रखे जा सकेंगे।













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