संत ज्ञानेश्वर स्कूल में मनाया गया ओणम उत्सव
0- महाराष्ट्र मंडल के विद्यालय में संस्कृति से परिचय कराने के लिए हुई ओणम से जुड़ी नाट्य प्रस्तुति
रायपुर। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में ओणम पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। उत्सव का आयोजन हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान और आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया। उत्सव का संचालन 12वीं की छात्रा हिमांशी लोधा ने किया। ओणम के महत्व और उसके पीछे की पौराणिक कथा को विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया।
नाटक में बताया गया कि राजा बली एक न्यायप्रिय, उदार और प्रजा-प्रिय राजा थे। उनके राज्य में सभी लोग सुखी और समान थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखकर देवताओं को चिंता हुई। तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा महाबली से तीन पग भूमि मांगी। महाबली ने अपनी उदारता दिखाते हुए उनकी इच्छा स्वीकार कर ली। वामन देव ने विराट रूप धारण कर पहले पग में पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत कर दिया। उनकी भक्ति, त्याग और उदारता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे हर वर्ष अपनी प्रजा से मिलने के लिए पृथ्वी पर लौट सकेंगे। इसी खुशी में केरल के लोग ओणम का पर्व मनाते हैं।
इस नाट्य प्रस्तुति में कैरवी 12वीं-सी, ओजस सेन 12वीं-बी, वेदांत साहू और गीतेश 10वीं, दुष्यंत रेगे और शुभम साहू 9वीं, ऋत्विक अग्रवाल और समर्थ नाथवानी 8वीं ने प्रस्तुति दी। नाट्य प्रस्तुति के बाद विद्यार्थियों ने पारंपरिक और मनमोहक ओणम नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य में पावना लस्या छठवीं, अरिधि जैन और लावण्या आठवीं और 10वीं की इशिका ने अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।
आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने ओणम की पौराणिक कथा के साथ- साथ प्रेम, समानता, त्याग, विनम्रता और एकता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की विविधता को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय में आयोजित यह ओणम उत्सव ज्ञान, संस्कृति और मनोरंजन का सुंदर संगम रहा। सभी के लिए यह एक यादगार अनुभव बन गया।











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