सेवा की कहानी: छात्रवृत्ति से तारा के सपनों को मिलेगा संबल, सीमित संसाधनों के बीच जारी रहेगी पढ़ाई
-कृषि और छोटे व्यवसाय से चलता है परिवार, शिक्षा से जुड़ी जरूरतों के लिए किया छात्रवृत्ति का आवेदन
- पेन-कॉपी, अध्ययन सामग्री और आवागमन के खर्च में मिलेगी मदद, आगे की पढ़ाई और भविष्य की तैयारी होगी आसान
रायपुर। आगे पढ़ने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देख रहीं सरगुजा जिले की तारा राजवाड़े के लिए छात्रवृत्ति आर्थिक संबल का माध्यम बनेगी। अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत भिट्ठी कला के झुमरपारा निवासी तारा सीमित पारिवारिक आय के बावजूद अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखना चाहती हैं। शिक्षा से जुड़े खर्चों में सहयोग के लिए उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है। छात्रवृत्ति मिलने पर पेन-कॉपी, अध्ययन सामग्री, आवागमन और आगे की पढ़ाई की तैयारी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें मदद मिलेगी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत तारा की यह ‘सेवा की कहानी’ शिक्षा के प्रति उनके संकल्प और आगे बढ़ने की आकांक्षा को सामने लाती है। परिवार की सीमित आय के बीच छात्रवृत्ति से मिलने वाली सहायता उनकी पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने के साथ परिवार के आर्थिक भार को भी कम करने में सहयोगी होगी।
तारा के परिवार में माता-पिता और भाई-बहन हैं। उनके पिता कृषि कार्य करने के साथ छोटा व्यवसाय भी करते हैं और इसी आय से परिवार की आवश्यकताएं पूरी होती हैं। उनकी माता गृहिणी हैं। परिवार की आय के सीमित साधनों के बीच बच्चों की शिक्षा सहित घर की अन्य जिम्मेदारियों को भी पूरा करना होता है। इन परिस्थितियों के बावजूद तारा अपनी शिक्षा को रुकने नहीं देना चाहतीं। वे आगे भी पढ़ाई जारी रखते हुए भविष्य की तैयारी करना चाहती हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी सहयोग बनेगी।
तारा बताती हैं कि पढ़ाई के दौरान फीस के अलावा पेन, कॉपी और अन्य अध्ययन सामग्री की नियमित जरूरत पड़ती है। इसके साथ ही आने-जाने पर भी खर्च होता है। छात्रवृत्ति मिलने से इन छोटी लेकिन जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी। इससे आवश्यक शैक्षणिक सामग्री जुटाने और आवागमन के खर्च में सहयोग मिलने के साथ तारा अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी। परिवार को भी उनकी शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में कुछ राहत मिलेगी।
तारा के लिए छात्रवृत्ति केवल वर्तमान पढ़ाई के खर्च में मिलने वाली सहायता नहीं, बल्कि आगे की शिक्षा और भविष्य की तैयारी को जारी रखने का संबल भी है। वे अपनी पढ़ाई पूरी कर आगे बढ़ना चाहती हैं। उनका कहना है कि आर्थिक सहयोग मिलने से जरूरी अध्ययन सामग्री की व्यवस्था करने और पढ़ाई की तैयारी जारी रखने में सुविधा होगी। तारा कहती हैं कि छात्रवृत्ति से पेन-कॉपी खरीदने, आने-जाने और आगे की पढ़ाई की तैयारी में मदद मिलेगी। इससे उन्हें अपनी शिक्षा को निरंतर जारी रखने में सहयोग मिलेगा।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत तारा की कहानी बताती है कि सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा जारी रखने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति किस तरह उपयोगी सहयोग बन सकती है। आर्थिक सहायता से शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलने के साथ विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। तारा राजवाड़े ने शिक्षा के लिए मिल रहे सहयोग के प्रति केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति से उनकी आगे की पढ़ाई और भविष्य की तैयारी को जारी रखने में मदद मिलेगी।













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