जितिया व्रत में करें ये सरल उपाय, संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन का मिलेगा आशीर्वाद
जितिया व्रत (जीवित्पुत्रिका व्रत) माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और मंगलकामना के लिए रखती हैं। यह तीन दिनों तक चलने वाला अत्यंत कठिन निर्जला (बिना पानी के) उपवास है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के क्षेत्रों में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। जितिया व्रत आज रखा जा रहा है।
पूजा सामग्री: इसमें गन्ना, धूप, दीप, अक्षत, फल और जिउतिया का धागा शामिल होता है। भोग के लिए तोरई के पत्तों का विशेष महत्व है।
जितिया व्रत के दिन पूजा-पाठ के साथ दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। हालांकि, राशि के अनुसार उपाय अधिक प्रभावी हो सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि, इन उपायों को श्रद्धापूर्वक करने से संतान के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार में सकारात्मकता आती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि जितिया व्रत पर राशि अनुसार किन उपायों को किया जा सकता है।
-मेष राशि की महिलाएं जितिया व्रत की पूजा के दौरान जीमूतवाहन देव को लाल पुष्प और गुड़ अर्पित करें। ऐसा करना शुभ माना जाता है। इससे संतान के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली की कामना की जाती है।
-वृषभ राशि की महिलाओं को पूजा के दौरान जीमूतवाहन देव को सफेद मिठाई का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ ही सफेद रंग की वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना की जाती है।
- मिथुन राशि की महिलाएं जितिया व्रत के दिन हरी वस्तुओं का दान करें। इसके अलावा पूजा के दौरान दूर्वा घास के 21 जोड़े जीमूतवाहन देव को अर्पित करें।
-कर्क राशि की महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से कच्चे दूध और चावल का दान करें।
-सिंह राशि की महिलाएं जितिया व्रत की पूजा में जीमूतवाहन भगवान को लाल चंदन का तिलक लगाएं। इसे शुभ उपाय माना गया है।
-कन्या राशि की महिलाएं जितिया व्रत के दिन सफेद रंग की वस्तुओं का दान करें। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किया गया दान परिवार में सुख-शांति की कामना के लिए शुभ माना जाता है।
- तुला राशि की महिलाएं पूजा के दौरान खीर का भोग लगाएं। इसके बाद खीर को छोटी कन्याओं में प्रसाद के रूप में बांटें।
-वृश्चिक राशि की महिलाएं पूजा के बाद अपने बच्चे की दाहिनी कलाई पर कलावा बांधें। मान्यता के अनुसार, कलावा रक्षा और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है।
-धनु राशि की महिलाएं एक गांठ हल्दी को पीले कपड़े में बांधकर पूजा स्थान पर रखें। पूजा के दौरान संतान के सुखी और मंगलमय जीवन की कामना करें।
-मकर राशि की महिलाएं जितिया व्रत के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय नकारात्मकता दूर करने और परिवार की सुख-शांति की कामना के लिए किया जाता है।
-कुंभ राशि की महिलाएं सरसों के तेल का दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं। इसे शुभ उपाय माना जाता है।
-मीन राशि की महिलाएं जितिया व्रत की पूजा में जीमूतवाहन भगवान को केसर युक्त खीर का भोग लगाएं।
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