बिहान योजना से सविता पटेल के पारंपरिक हुनर को मिली नई पहचान, अचार निर्माण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदम’
-’‘सविता अचार पापड़ उद्योग’ के नाम से शुरू किया स्वरोजगार, आम, मिर्च, नींबू और कटहल के अचार बना रहीं आजीविका का आधार’
-’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बिहान योजना से ग्रामीण महिलाओं को मिल रहे आर्थिक सशक्तीकरण और स्वरोजगार के अवसर’
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना से जुड़कर महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार के नए अवसर विकसित क रही हैं। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत ग्राम परसापाली निवासी श्रीमती सविता पटेल ने अचार निर्माण के पारंपरिक कौशल को व्यवसाय का रूप देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरक पहल की है। जय माँ शारदा स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने ‘सविता अचार पापड़ उद्योग’ के नाम से अपना स्वरोजगार शुरू किया है।
श्रीमती सविता पटेल ने अपने पारंपरिक हुनर और मेहनत के बल पर घर से ही अचार निर्माण का कार्य शुरू किया है। वे आम, मिर्च, नींबू और कटहल के अचार तैयार करती हैं। घरेलू स्तर पर शुरू किया गया उनका यह प्रयास अब स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपने कौशल को केवल घरेलू उपयोग तक सीमित न रखकर उसे व्यवसाय का रूप देने की पहल की है। ‘सविता अचार पापड़ उद्योग’ के माध्यम से वे अपनी अलग पहचान बनाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
जय माँ शारदा स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद श्रीमती सविता पटेल को अपने पारंपरिक कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर मिला है। अचार निर्माण जैसे घरेलू कार्य को स्वरोजगार में बदलने की उनकी पहल ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मविश्वास का उदाहरण है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। उनकी यह पहल दर्शाती है कि महिलाओं को उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी कर सकती हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने और उसे आय अर्जित करने के माध्यम में बदलने के अवसर मिल रहे हैं। श्रीमती सविता पटेल का प्रयास इस बात का उदाहरण है कि पारंपरिक ज्ञान और मेहनत के बल पर छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन सकता है।
श्रीमती सविता पटेल ने बिहान योजना से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्हें अपने पारंपरिक हुनर को व्यवसाय का रूप देने की प्रेरणा मिली है। अब वे घर से ही विभिन्न प्रकार के अचार तैयार कर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं।
श्रीमती सविता पटेल की यह कहानी बताती है कि जब पारंपरिक हुनर को अवसर और प्रोत्साहन मिलता है, तो वही हुनर महिलाओं के आत्मविश्वास, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तीकरण का आधार बन सकता है। बिहान योजना से जुड़ी उनकी यह पहल अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।












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