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  हाथों या पैरों में लगातार झुनझुनी को न करें नजरअंदाज

 क्या आपके हाथों या पैरों में बार-बार झुनझुनी होती है? क्या कभी ऐसा महसूस होता है कि उंगलियां सुन्न हो रही हैं, पैरों में जलन हो रही है या जमीन पर चलते समय पैरों में कुछ अजीब लगता है? कई लोग इन लक्षणों को थकान, कमजोरी या सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन अगर झुनझुनी लगातार बनी रहती है या बार-बार वापस आती है, तो यह शरीर में नसों से जुड़ी किसी समस्या का संकेत भी हो सकती है। ऐसी ही एक स्थिति है पेरिफेरल न्यूरोपैथी, जिसमें शरीर की बाहरी नसें प्रभावित होने लगती हैं।  
 पेरिफेरल न्यूरोपैथी का संकेत
 मारे शरीर में मौजूद पेरिफेरल नर्व्स (Peripheral Nerves) दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से संदेशों को हाथों, पैरों और अन्य अंगों तक पहुंचाने का काम करती हैं। जब ये नसें किसी कारण से डैमेज या कमजोर हो जाती हैं, तो इसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को झुनझुनी, सुन्नपन, जलन, चुभन या सेंसिटिविटी में बदलाव महसूस हो सकता है। कई मामलों में यह समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती लक्षणों को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
 यदि झुनझुनी केवल कुछ मिनटों के लिए होती है और फिर ठीक हो जाती है, तो यह हमेशा गंभीर नहीं होती लेकिन यदि यह रोजाना होने लगे, रात में बढ़ जाए या हाथों और पैरों में लगातार बनी रहे, तो यह नसों के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। पेरिफेरल न्यूरोपैथी में शुरुआत अक्सर पैरों की उंगलियों से होती है और धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ सकती है। यदि झुनझुनी के साथ पैरों या हाथों में सुन्नपन, जलन, तेज दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, बैलेंस बिगड़ना या चलने में कठिनाई महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कुछ मामलों में मरीजों को गर्म और ठंडे तापमान का सही अंदाजा लगाने में भी परेशानी हो सकती है। यह संकेत देते हैं कि नसों का काम प्रभावित हो रहा है और हेल्थ चेकअप की जरूरत है।
 साल 2026 में JAMA Journals में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, पेरीफेरल न्यूरोपैथी दुनिया भर में लगभग 1% वयस्कों को प्रभावित करती है। इसकी वजह से शरीर में सुन्नपन, दर्द, कमजोरी और अंदरूनी अंगों में दिक्कतें आ सकती हैं। पश्चिमी देशों में इसका सबसे मुख्य कारण डायबिटीज है।  अगर समय पर ध्यान दिया जाए, तो इस समस्या और इसके दर्द को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।
 पेरिफेरल न्यूरोपैथी के प्रमुख कारण
 डायबिटीज पेरिफेरल न्यूरोपैथी का सबसे आम कारण है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा विटामिन B12 की कमी, किडनी रोग, थायराइड डिजीज, ज्यादा शराब का सेवन, कुछ इंफेक्शन, ऑटोइम्यून बीमारियां और कुछ दवाओं के नुकसान भी इस समस्या का कारण बन सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर रिजल्ट निकालने के बजाय कारण की पहचान करना जरूरी होता है।
 निष्कर्ष
 हाथों या पैरों में लगातार होने वाली झुनझुनी को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। यह कई बार पेरिफेरल न्यूरोपैथी जैसी स्थिति का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसमें नसें प्रभावित होने लगती हैं। यदि झुनझुनी बार-बार हो रही है, लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ सुन्नपन, कमजोरी और शरीर के बैलेंस संबंधी समस्याएं भी हैं, तो जल्द से जल्द एक्सपर्ट डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से नसों को होने वाले गंभीर नुकसान को रोका जा सकता है।

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